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  • Mumbai Reality Check: ₹30,000 Job vs ₹75,000 Auto Income, Viral Video में बड़ा खुलासा

    Mumbai Reality Check: ₹30,000 Job vs ₹75,000 Auto Income, Viral Video में बड़ा खुलासा

    Mumbai में auto driver की ₹75,000 monthly earning vs corporate job ₹30,000 salary की तुलना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी। Ex-investment banker के वीडियो से सामने आई सच्चाई।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई जैसे महंगे शहर में एक आम auto ride ने success और earning पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
    एक ex-investment banker Utkarsh Sharma के वीडियो में auto driver की कमाई और corporate job salary की तुलना ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया।

    💰 Auto Driver की कमाई सुनकर चौंक जाएंगे

    वीडियो में auto driver ने बताया कि वह रोजाना खर्च निकालकर करीब ₹2,500 कमा लेता है।
    अगर इसका monthly calculation करें, तो यह लगभग ₹75,000 बनता है।

    यह आंकड़ा सुनकर खुद ex-banker ने भी माना कि यह income कई entry-level jobs से ज्यादा है।

    🧑‍💼 Corporate Job vs Street Hustle Comparison

    Utkarsh ने बताया कि मुंबई में कई fresh graduates को शुरुआत में सिर्फ ₹25,000–₹30,000 salary ही मिलती है।
    यानी auto driver की कमाई कई मामलों में corporate employees से ज्यादा हो सकती है।

    उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि “cubicle में बैठने से बेहतर कभी-कभी सड़क पर networking करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।”

    📊 मुंबई में Cost of Living का बड़ा असर

    मुंबई में rent, travel, food और lifestyle खर्च इतना ज्यादा है कि ₹30,000 salary में survival भी मुश्किल हो जाता है।
    इसी वजह से कई लोग side hustle या alternative income options की तलाश करते हैं।

    🎬 दूसरी तरफ सच्चाई भी अलग है

    हालांकि हर auto driver की income इतनी नहीं होती।
    एक और उदाहरण में, Ranveer Singh की फिल्म Dhurandhar 2 में छोटा रोल करने वाले auto driver ने बताया कि वह महीने में सिर्फ ₹2,500 ही बचा पाता है।

    🎟️ ₹500 टिकट भी नहीं खरीद पाया ड्राइवर

    उस ड्राइवर ने कहा कि थिएटर में movie ticket ₹500 तक पहुंच चुका है, जो वह afford नहीं कर सका।
    उसके बच्चे फिल्म देखना चाहते थे, लेकिन कम savings के कारण वह उन्हें नहीं ले जा पाया।

    ⚖️ Income Gap और Reality Check

    यह पूरी कहानी दिखाती है कि मुंबई में income disparity कितनी ज्यादा है।
    कहीं auto driver ₹75,000 कमा रहा है, तो कहीं कोई basic जरूरतों के लिए भी struggle कर रहा है।

    🌐 Career और Earning पर नई बहस

    इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर debate शुरू हो गई है:

    • क्या traditional corporate jobs अब उतनी attractive नहीं रहीं?
    • क्या street hustle ज्यादा profitable हो सकता है?
    • या फिर यह सिर्फ कुछ cases तक ही सीमित है?

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    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या मुंबई में auto driver ₹75,000 कमा सकता है?
    कुछ cases में संभव है, लेकिन यह सभी drivers पर लागू नहीं होता।

    Q2. Corporate job की शुरुआती salary कितनी होती है?
    आमतौर पर ₹25,000–₹30,000 के बीच होती है।

    Q3. क्या street hustle ज्यादा बेहतर है?
    यह पूरी तरह skill, मेहनत और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

    Q4. मुंबई में survival के लिए कितना income जरूरी है?
    कम से कम ₹40,000–₹50,000 monthly income comfortable life के लिए जरूरी मानी जाती है।

  • Mumbai School Row: बालों की लंबाई पर परीक्षा से रोके गए छात्र, Video Viral

    Mumbai School Row: बालों की लंबाई पर परीक्षा से रोके गए छात्र, Video Viral

    Mumbai Charni Road के St Theresa School में hair length को लेकर छात्रों को exam से रोके जाने का मामला सामने आया। Viral video के बाद पुलिस दखल, फिर छात्रों को दी गई एग्जाम देने की अनुमति।

    मुंबई: Charni Road स्थित St Theresa School में परीक्षा के दौरान बड़ा विवाद सामने आया है।
    कुछ छात्रों को सिर्फ बालों की लंबाई (hair length) की वजह से एग्जाम हॉल से बाहर निकाल दिया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

    🎥 Viral Video से मचा हड़कंप

    वायरल वीडियो में एक अभिभावक ने आरोप लगाया कि उनके बेटे समेत कुछ छात्रों को चल रही परीक्षा के बीच में ही रोक दिया गया।
    पिता का कहना था कि उनके बेटे ने पिछले एक महीने में तीन बार बाल कटवाए थे, फिर भी उसे “rules” के नाम पर परेशान किया गया।

    🚓 पुलिस बुलानी पड़ी, मामला बढ़ा

    जब छात्रों को पेपर लिखने से रोका गया, तो अभिभावक ने तुरंत पुलिस को बुलाया।
    V P Road Police Station की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।

    ⚖️ स्कूल प्रशासन ने नियमों का दिया हवाला

    पुलिस के मुताबिक स्कूल प्रशासन ने साफ कहा कि उनके यहां grooming rules और regulations तय हैं, जिनका पालन करना छात्रों के लिए जरूरी है।
    इन्हीं नियमों के आधार पर छात्रों को रोका गया था।

    ✍️ बाद में छात्रों को फिर से एग्जाम देने दिया गया

    पुलिस हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और छात्रों को दोबारा एग्जाम देने की अनुमति दे दी गई।
    हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के कारण छात्रों का काफी समय बर्बाद हो गया।

    🧑‍🏫 टीचर ने भी उठाए सवाल

    स्कूल के एक टीचर (नाम न बताने की शर्त पर) ने कहा कि यह मुद्दा एग्जाम के दौरान उठाना गलत था।
    उनके मुताबिक, “haircut जैसे मुद्दों को अलग से देखना चाहिए था, एग्जाम के बीच में रोकना students के लिए unfair है।”

    📏 क्या है स्कूल का Grooming Rule?

    टीचर ने बताया कि स्कूल की policy के अनुसार छात्रों के बाल इतने छोटे होने चाहिए कि उन्हें हाथ से पकड़ा न जा सके।
    इसी नियम के आधार पर कार्रवाई की गई थी।

    🌐 सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

    इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।
    लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या exam के दौरान इस तरह के नियम लागू करना सही है या यह छात्रों पर unnecessary pressure डालता है।

    🔗 सरकारी गाइडलाइन और जानकारी


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. छात्रों को एग्जाम से क्यों रोका गया?
    बालों की लंबाई स्कूल के नियमों के अनुसार नहीं होने के कारण।

    Q2. क्या बाद में छात्रों को एग्जाम देने दिया गया?
    हाँ, पुलिस हस्तक्षेप के बाद उन्हें वापस एग्जाम में बैठने दिया गया।

    Q3. स्कूल का grooming rule क्या है?
    बाल इतने छोटे होने चाहिए कि उन्हें हाथ से पकड़ा न जा सके।

    Q4. क्या इस पर कोई कार्रवाई होगी?
    अभी तक ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

  • कांदिवली के Pawar Public School पर RTE छात्रों से पैसे मांगने का आरोप, विधानसभा में उठा मुद्दा

    कांदिवली के Pawar Public School पर RTE छात्रों से पैसे मांगने का आरोप, विधानसभा में उठा मुद्दा

    Mumbai के Kandivali स्थित Pawar Public School पर RTE छात्रों के parents से books और uniform fees लेने का आरोप। MLA Yogesh Sagar ने विधानसभा में उठाया मामला, free education नियमों का उल्लंघन बताया।

    मुंबई: कांदिवली (Kandivali) के नामी Pawar Public School एक बार फिर विवादों में घिर गया है। Right to Education (RTE) के तहत एडमिशन लेने वाले छात्रों के parents से books, notebooks और school uniform के लिए पैसे मांगे जाने का मामला सामने आया है। इस मुद्दे को लेकर चारकोप के MLA योगेश सागर ने महाराष्ट्र विधानसभा में गंभीर सवाल उठाया है और इसे RTE कानून का खुला उल्लंघन बताया है।

    RTE नियमों का उल्लंघन होने का आरोप

    MLA योगेश सागर ने कहा कि भारत के संविधान के तहत शिक्षा हर बच्चे का मूल अधिकार है। RTE Act के मुताबिक, private schools में 25% सीटें economically weaker section (EWS) के बच्चों के लिए reserved होती हैं। इन छात्रों की पूरी पढ़ाई का खर्च सरकार उठाती है।

    इसके बावजूद Pawar Public School द्वारा parents से पैसे मांगना सीधा कानून का उल्लंघन है। उन्होंने साफ कहा कि RTE students से किसी भी प्रकार की fee लेना illegal है।

    Parents पर दबाव बनाने के आरोप

    इस मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि स्कूल प्रशासन parents को individually बुलाकर उन पर पैसे जमा करने का दबाव बना रहा है।

    Parents का कहना है कि उन्हें कोई written notice नहीं दिया गया, बल्कि principal के cabin में बुलाकर books और uniform के नाम पर पैसे भरने के लिए कहा जा रहा है।

    कई parents ने शिकायत की है कि अगर पैसे नहीं दिए तो बच्चों को indirect तरीके से परेशान किया जा सकता है।

    क्या कहता है RTE Act?

    RTE Act और महाराष्ट्र सरकार के guidelines के अनुसार:

    • RTE छात्रों को free education देना अनिवार्य है
    • इसमें books, notebooks, uniform और study material शामिल हैं
    • स्कूल किसी भी तरह का hidden charges या extra fee नहीं ले सकता

    👉 अधिक जानकारी के लिए सरकारी लिंक:

    स्कूल की छवि पर असर

    Pawar Public School कांदिवली और बोरीवली इलाके की reputed schools में गिनी जाती है। ऐसे में इस तरह के आरोप सामने आने से स्कूल की image पर भी असर पड़ सकता है।

    Parents का कहना है कि “नाम बड़ी चीज है, लेकिन अगर गरीब बच्चों से ही पैसे लिए जाएंगे तो RTE का मकसद ही खत्म हो जाएगा।”

    विधानसभा में उठा मुद्दा

    MLA योगेश सागर ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाते हुए सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि:

    • इस मामले की जांच हो
    • दोषी स्कूल प्रशासन पर action लिया जाए
    • RTE students के rights को protect किया जाए

    शिक्षा विभाग की भूमिका पर सवाल

    इस पूरे मामले के बाद सवाल यह भी उठ रहा है कि education department इस तरह की शिकायतों पर timely action क्यों नहीं लेता।

    अगर parents बार-बार शिकायत कर रहे हैं, तो monitoring system को और मजबूत करने की जरूरत है।

    Parents की बढ़ती चिंता

    मुंबई जैसे महंगे शहर में गरीब और middle-class families के लिए बच्चों की पढ़ाई पहले ही चुनौती है। ऐसे में RTE ही उनके लिए उम्मीद की किरण होती है।

    लेकिन अगर उसी में irregularities हों, तो parents के सामने बड़ा संकट खड़ा हो जाता है।


    FAQ Section

    Q1. क्या RTE छात्रों से स्कूल फीस ली जा सकती है?
    नहीं, RTE Act के तहत किसी भी प्रकार की फीस लेना illegal है।

    Q2. RTE में क्या-क्या free मिलता है?
    Books, notebooks, uniform और basic study material।

    Q3. शिकायत कहां करें?
    आप महाराष्ट्र RTE पोर्टल या स्थानीय शिक्षा अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

    Q4. क्या स्कूल action का सामना कर सकता है?
    हाँ, अगर आरोप सही पाए गए तो स्कूल पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

  • Mumbai Plumber Income: ₹18 लाख सालाना कमाई, Creta और खेत खरीदकर सबको किया हैरान

    Mumbai Plumber Income: ₹18 लाख सालाना कमाई, Creta और खेत खरीदकर सबको किया हैरान

    Mumbai Viral News: Mira Road, Borivali और Kandivali में काम करने वाले एक प्लंबर की ₹18 LPA कमाई वायरल। Hyundai Creta, घर और farmland खरीदकर नेटिज़न्स को चौंकाया, Blue-Collar Jobs की बढ़ती वैल्यू पर चर्चा।

    मुंबई: देश की मायानगरी से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सोशल मीडिया पर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। Mumbai के एक plumber की ₹18 लाख सालाना कमाई और उसका लाइफस्टाइल अब वायरल हो चुका है।

    बताया जा रहा है कि यह प्लंबर Mira Road, Borivali और Kandivali जैसे इलाकों में contracts लेकर काम करता है, और इसी से उसकी कमाई लाखों में पहुंच गई है।

    Reddit पोस्ट से हुआ खुलासा

    यह मामला तब सामने आया जब एक society resident ने Reddit पर “A Plumber in Mumbai is earning Rs 18 LPA” नाम से पोस्ट शेयर की।

    पोस्ट के मुताबिक, जब प्लंबर घर में पाइप ठीक कर रहा था, तब बातचीत के दौरान उसने अपनी annual income करीब ₹18 लाख बताई

    पोस्ट करने वाले ने लिखा, “पहले मुझे लगा वो मजाक कर रहा है, लेकिन जब उसने आंकड़े बताने शुरू किए तो मैं खुद अपनी life choices पर सोचने लगा।”

    Mira Road से Kandivali तक contracts से कमाई

    जानकारी के अनुसार यह प्लंबर Mira Road, Borivali और Kandivali के कई townships में contracts लेकर काम करता है

    Multiple contracts और लगातार काम मिलने की वजह से उसकी monthly और yearly income काफी stable और high हो गई है

    Hyundai Creta, घर और farmland का मालिक

    इस प्लंबर की कमाई सिर्फ income तक सीमित नहीं है, बल्कि उसने अपनी कमाई को सही जगह invest भी किया है।

    रिपोर्ट के अनुसार उसके पास:

    • 2023 model Hyundai Creta SUV
    • अपने गांव में बना हुआ पक्का घर
    • खरीदी हुई farmland (खेती की जमीन)

    यह lifestyle देखकर लोग हैरान हैं कि एक skilled trade से इतना कुछ हासिल किया जा सकता है।

    Blue-Collar Jobs की बढ़ती डिमांड

    इस खबर के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर Blue-Collar Jobs vs White-Collar Jobs पर बड़ी चर्चा शुरू हो गई है।

    कई यूज़र्स का कहना है कि plumber, electrician, carpenter, mechanic जैसे skilled काम कभी खत्म नहीं होंगे, क्योंकि ये jobs AI और automation से कम प्रभावित होती हैं

    “Skill हो तो कमाई unlimited है” – सोशल मीडिया रिएक्शन

    एक यूज़र ने लिखा:
    “Blue-collar jobs हमेशा demand में रहेंगी। अगर skill और experience अच्छा है तो कमाई बहुत ज्यादा हो सकती है।”

    दूसरे यूज़र ने कहा कि AC installation जैसे seasonal काम और farming को combine करके लोग सालभर steady income बना सकते हैं

    एक घंटे का ₹500 से ज्यादा चार्ज

    कुछ लोगों ने यह भी बताया कि मुंबई में plumbers एक घंटे का कम से कम ₹500 या उससे ज्यादा चार्ज करते हैं, और काम के हिसाब से extra पैसे भी लेते हैं।

    यही वजह है कि अगर काम लगातार मिलता रहे तो monthly income आसानी से high level तक पहुंच सकती है

    Skill Development और Financial Planning का सबक

    Experts का मानना है कि यह उदाहरण दिखाता है कि सिर्फ degree ही नहीं, बल्कि practical skills और सही financial planning भी success दिला सकती है

    इस प्लंबर ने:

    • Multiple income sources बनाए
    • Contracts लेकर काम बढ़ाया
    • कमाई को assets (car, house, land) में invest किया

    यही उसकी success की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुई कहानी

    यह कहानी अब viral news बन चुकी है और लोग अपने career choices को लेकर discussion कर रहे हैं।

    कई लोग इसे “eye-opener” बता रहे हैं कि traditional jobs के अलावा भी high income career options मौजूद हैं

    Job Related Useful Links (Skill-Based Careers)

    अगर आप भी ऐसे skill-based jobs में interest रखते हैं, तो इन प्लेटफॉर्म्स पर opportunities देख सकते हैं:


    FAQ

    Q1: मुंबई के प्लंबर की कितनी कमाई है?

    इस प्लंबर की annual income लगभग ₹18 लाख (18 LPA) बताई गई है।

    Q2: वह किन इलाकों में काम करता है?

    वह Mira Road, Borivali और Kandivali में contracts लेकर काम करता है।

    Q3: उसके पास कौन-कौन सी संपत्ति है?

    उसके पास Hyundai Creta, गांव में घर और farmland है।

    Q4: Blue-collar jobs क्यों चर्चा में हैं?

    क्योंकि ये jobs AI और automation से कम प्रभावित होती हैं और skilled लोगों को अच्छी income देती हैं।

    Q5: क्या plumbing जैसे काम में अच्छी कमाई हो सकती है?

    हाँ, अगर skill और experience अच्छा हो तो monthly और yearly income काफी high हो सकती है

  • BFUHS Staff Nurse Recruitment 2026: 672 पदों पर भर्ती, ₹29,200 सैलरी — 2 अप्रैल तक करें ऑनलाइन आवेदन

    BFUHS Staff Nurse Recruitment 2026: 672 पदों पर भर्ती, ₹29,200 सैलरी — 2 अप्रैल तक करें ऑनलाइन आवेदन

    BFUHS Staff Nurse Vacancy 2026: Baba Farid University of Health Sciences, Faridkot ने 672 Staff Nurse पदों पर भर्ती निकाली है। सैलरी ₹29,200 से ₹92,300 तक। जानिए eligibility, age limit, selection process और apply online link।

    नई दिल्ली: सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे Nursing Diploma (GNM) धारकों के लिए बड़ी खबर है। Baba Farid University of Health Sciences (BFUHS), Faridkot ने Department of Health and Family Welfare, Punjab के तहत Staff Nurse के 672 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है।

    इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है और 2 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं।

    BFUHS Staff Nurse Recruitment 2026 के मुख्य Highlights

    यह भर्ती Punjab Government Health Department के लिए की जा रही है, जिसके तहत राज्य के सरकारी अस्पतालों में स्टाफ नर्स की नियुक्ति होगी।

    • Post Name: Staff Nurse
    • Total Vacancies: 672
    • Pay Level: Level 5
    • Salary Range: ₹29,200 – ₹92,300
    • Job Location: Government Hospitals in Punjab
    • Application Mode: Online
    • Last Date: 2 April 2026

    Category-wise Vacancy Details

    BFUHS द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार 672 पद अलग-अलग श्रेणियों में बांटे गए हैं।

    CategoryMaleVacancies
    General (UR)113187
    OBC5674
    SC (Mazbi & Balmiki)2441
    SC (Ravidasia & Others)1327
    BC2441
    EWS2767
    ESM / LDESM2754
    Sports Quota1117
    Freedom Fighter47
    PwBD1627

    Total Vacancies:
    351 (Male) + 321 (Female) = 672 Posts

    BFUHS Staff Nurse 2026 के लिए Eligibility Criteria

    इस सरकारी भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को कुछ जरूरी योग्यता पूरी करनी होगी।

    Educational Qualification

    • उम्मीदवार Senior Secondary (10+2) पास होना चाहिए
    • Diploma in General Nursing and Midwifery (GNM) मान्यता प्राप्त संस्थान से होना चाहिए
    • Punjab Nursing Registration Council में रजिस्ट्रेशन होना जरूरी
    • Punjabi language proficiency जरूरी है

    उम्मीदवारों को या तो Matriculation में Punjabi subject पास होना चाहिए या भर्ती परीक्षा के साथ होने वाले Punjabi qualifying test में कम से कम 50% अंक लाने होंगे

    Age Limit (1 January 2026 के अनुसार)

    • Minimum Age: 18 Years
    • Maximum Age: 37 Years

    Age Relaxation

    • SC / BC: 5 साल
    • PwBD: 10 साल
    • Punjab Govt Employees: 45 साल तक
    • Widows / Divorcees: 40 साल तक

    BFUHS Staff Nurse Salary 2026

    BFUHS में Staff Nurse पद की सैलरी Punjab Health and Family Welfare Technical (Group C) Service Rules 2025 के तहत दी जाएगी।

    • Basic Pay: ₹29,200 प्रति माह
    • Pay Level: Level 5
    • Salary Range: ₹29,200 – ₹92,300

    Allowances

    • Dearness Allowance (DA)
    • House Rent Allowance (HRA)
    • Transport Allowance (TA)

    इन सभी को मिलाकर In-hand salary लगभग ₹38,000 से ₹48,000 प्रति माह तक हो सकती है।

    अन्य Benefits

    • NPS (National Pension System)
    • Medical reimbursement
    • Leave encashment
    • Punjab Govt employee benefits

    Selection Process और Exam Pattern

    BFUHS Staff Nurse भर्ती में चयन written test और experience marks के आधार पर होगा।

    Stage 1: Written Exam (90 Marks)

    • लिखित परीक्षा BFUHS Faridkot द्वारा आयोजित होगी
    • उम्मीदवारों को कम से कम 33% अंक लाने होंगे

    Stage 2: Punjabi Qualifying Test

    • Matric level Punjabi test अनिवार्य होगा
    • कम से कम 50% अंक जरूरी

    Stage 3: Experience Marks (10 Marks)

    • संबंधित काम के अनुभव के लिए अधिकतम 10 अंक दिए जाएंगे

    Stage 4: Document Verification

    • Original documents verification
    • Police verification
    • Medical fitness test

    Application Fees

    CategoryFee
    General / OBC / BC / EWS / PwBD₹2,360
    SC₹1,180

    Payment Mode: Online

    Important Dates

    EventDate
    Notification Release13 March 2026
    Online Application Start13 March 2026
    Last Date to Apply2 April 2026

    BFUHS Staff Nurse Recruitment 2026 Apply Online

    आवेदन करने से पहले ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें:

    • 10+2 Certificate
    • GNM Diploma
    • Punjab Nursing Registration Certificate
    • Category Certificate (अगर लागू हो)
    • Passport size photo
    • Signature scan

    Apply करने के Steps

    1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
    2. Recruitment Section में Staff Nurse Recruitment 2026 पर क्लिक करें
    3. Email ID और मोबाइल नंबर से Registration करें
    4. Personal details और qualification भरें
    5. Photo और signature upload करें
    6. Application fee online pay करें
    7. Form submit कर confirmation slip download करें

    Online Apply Link


    FAQ

    Q1: BFUHS Staff Nurse Recruitment 2026 में कितनी vacancies हैं?

    इस भर्ती में कुल 672 Staff Nurse पद हैं।

    Q2: BFUHS Staff Nurse की सैलरी कितनी है?

    Basic salary ₹29,200 से ₹92,300 के बीच है।

    Q3: आवेदन की अंतिम तारीख क्या है?

    2 अप्रैल 2026 आवेदन की अंतिम तारीख है।

    Q4: चयन प्रक्रिया क्या है?

    Selection written exam (90 marks) + experience marks (10 marks) के आधार पर होगा।

    Q5: क्या Punjabi language जरूरी है?

    हाँ, Punjabi language qualifying test में कम से कम 50% अंक जरूरी हैं

  • Social Media Ban: Karnataka में 16 साल से कम बच्चों के लिए Social Media Ban का प्रस्ताव, सरकार ने बजट में किया ऐलान

    Social Media Ban: Karnataka में 16 साल से कम बच्चों के लिए Social Media Ban का प्रस्ताव, सरकार ने बजट में किया ऐलान

    Karnataka सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Ban का प्रस्ताव रखा है। CM Siddaramaiah ने राज्य के ₹4,48,004 करोड़ के बजट में डिजिटल एडिक्शन, स्क्रीन टाइम और बच्चों की मानसिक सेहत को देखते हुए यह बड़ा कदम सुझाया है।

    देश में Digital Addiction और Social Media Use को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच Karnataka सरकार ने एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। राज्य सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Ban लागू करने की योजना पर विचार कर रही है।

    यह प्रस्ताव Siddaramaiah ने शुक्रवार को राज्य का ₹4,48,004 करोड़ का बजट पेश करते समय रखा। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य बच्चों को Smartphone Addiction, Excessive Screen Time और Online Dependency से बचाना है।

    Budget Speech में सामने आया Social Media Ban का प्रस्ताव

    मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने राज्य का 17वां बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार बच्चों में बढ़ती Digital Addiction को लेकर गंभीर है।

    सरकार का मानना है कि Social Media Platforms का अत्यधिक उपयोग बच्चों की पढ़ाई, मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक गतिविधियों पर नकारात्मक असर डाल रहा है।

    इसी कारण 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Access पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।

    Smartphone Addiction और Screen Time बना बड़ी चिंता

    राज्य सरकार के अनुसार आजकल बच्चों में Smartphone Addiction, Online Gaming और Excessive Screen Time तेजी से बढ़ रहा है।

    सरकार को चिंता है कि सोशल मीडिया और मोबाइल गेमिंग के कारण बच्चों की Mental Health, Academic Performance और Physical Fitness पर असर पड़ रहा है।

    Vice-Chancellors Conclave में भी उठाया गया था मुद्दा

    इससे पहले Bengaluru में आयोजित Vice-Chancellors (VC) Conclave के दौरान भी मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने इस मुद्दे को उठाया था।

    उन्होंने वहां भी बच्चों में मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग को लेकर चिंता जताई और इस विषय पर विस्तृत चर्चा की जरूरत बताई थी।

    देश का पहला राज्य बन सकता है Karnataka

    अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो Karnataka भारत का पहला राज्य बन सकता है, जहां 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Ban लागू किया जाएगा।

    इससे पहले राज्य के IT Minister Priyank Kharge ने भी संकेत दिए थे कि सरकार Minors के लिए Social Media Access Restriction पर विचार कर रही है।

    अन्य राज्यों में भी शुरू हुई चर्चा

    केवल Karnataka ही नहीं, बल्कि भारत के कई अन्य राज्यों में भी बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नियंत्रण को लेकर चर्चा शुरू हो चुकी है।

    • Andhra Pradesh सरकार ने पिछले साल स्कूलों में Mobile Phone Ban की संभावना पर चर्चा की थी।
    • वहीं Goa के IT मंत्री ने भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Restriction लागू करने की बात कही थी।

    बच्चों की Online Safety पर फोकस

    सरकार का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को Online Safety Risks, Cyberbullying और Digital Addiction से बचाना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सही तरीके से लागू किया गया तो यह कदम बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।


    FAQ (People Also Ask)

    1. क्या Karnataka में बच्चों के लिए Social Media Ban लागू होगा?

    राज्य सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media Ban का प्रस्ताव रखा है। अभी इस पर विचार चल रहा है।

    2. यह घोषणा किसने की?

    यह प्रस्ताव Karnataka के मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने बजट भाषण के दौरान रखा।

    3. सरकार यह कदम क्यों उठाना चाहती है?

    सरकार का कहना है कि Smartphone Addiction, Screen Time और Mental Health Issues को देखते हुए यह कदम जरूरी है।

    4. क्या भारत में पहले कहीं ऐसा Ban लागू है?

    अगर लागू हुआ तो Karnataka भारत का पहला राज्य होगा जहां ऐसा प्रतिबंध लागू किया जाएगा।

    5. क्या अन्य राज्य भी ऐसा सोच रहे हैं?

    हाँ, Andhra Pradesh और Goa में भी बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को सीमित करने पर चर्चा हो चुकी है।

  • One Teacher, 101 Students: Goregaon Night School Crisis

    One Teacher, 101 Students: Goregaon Night School Crisis

    Mumbai के Goregaon की 75 साल पुरानी night school में 101 students के लिए सिर्फ एक teacher, ना headmaster, ना clerk, ना peon। Teachers Democratic Front (TDF) ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, 21 night schools बंद होने की कगार पर।

    मुंबई: Goregaon इलाके की एक 75 साल पुरानी state-run night school इस समय अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि 101 students के लिए सिर्फ एक ही teacher मौजूद है, जो Classes 8 से 10 तक के सभी subjects पढ़ाने के साथ-साथ पूरी administrative responsibility भी संभाल रहे हैं।

    यह school साल 1950 में स्थापित हुई थी और मुंबई की सबसे पुरानी night schools में गिनी जाती है। यहां पढ़ने वाले ज्यादातर working-class students हैं, जो दिनभर labour या job करने के बाद evening classes में पढ़ने आते हैं, ताकि उन्हें job promotion, salary increment और बेहतर career opportunities मिल सकें।

    101 Students और सिर्फ एक Teacher

    इस academic year में कुल 101 students enrolled हैं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि school में ना कोई headmaster है, ना clerk और ना ही peon। पूरा institution एक ही teacher के भरोसे चल रहा है।

    Students का कहना है कि इससे उनकी पढ़ाई और exam preparation पर बुरा असर पड़ रहा है।

    एक student ने बताया,
    “हम दिन में काम करते हैं और रात को पढ़ाई करने आते हैं ताकि future secure हो सके। लेकिन जब हर subject के लिए सिर्फ एक teacher है, तो proper understanding और doubt solving मुश्किल हो जाता है। Exam में कैसे अच्छा perform करेंगे?”

    यह situation education crisis का साफ उदाहरण है, जहां government school infrastructure पूरी तरह से collapse की कगार पर है।

    NGO Masoom का Limited Support

    Class 10 के students के लिए NGO Masoom academic support दे रहा है, जिससे कुछ हद तक राहत मिली है। लेकिन students और teachers’ organisations का कहना है कि यह सिर्फ stop-gap arrangement है।

    NGO support permanent solution नहीं हो सकता। Regular teachers, headmaster, clerk और peon की नियुक्ति जरूरी है, तभी school sustainable तरीके से चल पाएगा।

    Mumbai Night School System में बड़ी गड़बड़ी

    Goregaon की यह स्थिति isolated case नहीं है। Teachers Democratic Front (TDF) Mumbai के अनुसार, मुंबई की 92 night schools में से 21 schools closure के कगार पर हैं।

    • 42 schools में सिर्फ एक ही teacher है
    • कई schools में वर्षों से clerk और peon नहीं हैं
    • Evening hours में electricity management जैसी basic operational problems भी unresolved हैं

    यह आंकड़े Mumbai education system की गंभीर हालत को दर्शाते हैं।

    TDF का आरोप: Salary भी नहीं मिली

    TDF Mumbai के president Janardan Jangle ने खुलासा किया कि Goregaon night school के lone teacher को पिछले कुछ महीनों से salary भी नहीं मिली है।

    उन्होंने सवाल उठाया,
    “अगर यही एक teacher बीमार पड़ जाए या किसी वजह से अनुपस्थित हो जाए, तो 101 students का क्या होगा?”

    TDF ने 2024 में government को legal notice भेजा था और 2025 में High Court में public interest litigation (PIL) भी दायर की। Court के निर्देश पर Principal Secretary के साथ meeting भी हुई, लेकिन ground level पर कोई substantial improvement नहीं दिख रहा है।

    Student Strength Norms और Surplus Teacher Issue

    कई night schools prescribed student strength norms पूरी नहीं कर पा रही हैं। इसका नतीजा यह है कि जरूरत होने के बावजूद teachers को surplus mark कर दिया जाता है, बजाय इसके कि उन्हें shortage वाले schools में appoint किया जाए।

    Experts का मानना है कि night schools के लिए separate policy framework होना चाहिए, क्योंकि इनका functioning time और challenges अलग होते हैं।

    Protest की चेतावनी

    Teachers Democratic Front (TDF) ने vacant posts तुरंत भरने की मांग की है — जिसमें teachers, headmaster, clerk और peon शामिल हैं।

    Organisation ने साफ चेतावनी दी है कि अगर government ने urgent corrective steps नहीं उठाए, तो protests किए जाएंगे।

    Conclusion: Mumbai Education System के लिए Alarm Bell

    Goregaon night school का मामला सिर्फ एक school की कहानी नहीं है, बल्कि Mumbai night school education system की ground reality को उजागर करता है।

    जहां एक तरफ Skill Development, Education Reform और Digital India जैसे keywords चर्चा में हैं, वहीं दूसरी तरफ 101 students का भविष्य सिर्फ एक teacher के भरोसे है।

    अब देखना होगा कि Maharashtra Government और Education Department इस गंभीर education crisis पर क्या कदम उठाते हैं।


    FAQ Section

    Q1: Goregaon night school में कितने students enrolled हैं?
    इस academic year में कुल 101 students Classes 8 से 10 में enrolled हैं।

    Q2: School में कितने teachers हैं?
    फिलहाल सिर्फ एक ही teacher पूरे school को संभाल रहे हैं।

    Q3: क्या school में headmaster या clerk मौजूद है?
    नहीं, school में headmaster, clerk और peon कोई भी नियुक्त नहीं है।

    Q4: NGO Masoom की क्या भूमिका है?
    NGO Masoom Class 10 students को academic support दे रहा है, लेकिन यह permanent solution नहीं है।

    Q5: Mumbai में कुल कितनी night schools हैं?
    Mumbai में कुल 92 night schools हैं, जिनमें से 21 closure की कगार पर हैं।

  • Andheri Hotel Sex Racket Busted

    Andheri Hotel Sex Racket Busted

    Mumbai Police ने Andheri East के एक होटल में चल रहे International Sex Racket का भंडाफोड़ किया। दो Ugandan women को Human Trafficking के जरिए लाकर जबरन prostitution में धकेला गया। होटल स्टाफ गिरफ्तार, owner और Kenyan महिला फरार।

    मुंबई: अंधेरी ईस्ट में Human Trafficking और International Sex Racket का बड़ा खुलासा हुआ है। Mumbai Police ने एक होटल में छापा मारकर दो Ugandan महिलाओं को रेस्क्यू किया है, जिन्हें नौकरी का झांसा देकर भारत लाया गया था और फिर जबरन prostitution में धकेल दिया गया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

    Santacruz Police की शिकायत के बाद बड़ी कार्रवाई

    पूरे मामले की शुरुआत Santacruz Police Station में तैनात एक महिला अधिकारी की शिकायत से हुई। उन्हें AK Road स्थित Hotel Villa Palace में संदिग्ध गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी।

    सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने होटल पर अचानक Raid की, जहां से चौंकाने वाले खुलासे हुए। पुलिस को मौके से दो विदेशी महिलाएं मिलीं, जिनकी उम्र 30 और 36 साल बताई जा रही है।

    Andheri-Hotel-Sex-Racket-Busted-news

    Job का झांसा, फिर Forced Prostitution

    जांच में सामने आया कि दोनों Ugandan महिलाओं को India में अच्छी नौकरी दिलाने का वादा करके बुलाया गया था। लेकिन Mumbai पहुंचते ही उनका पासपोर्ट और दस्तावेज कब्जे में लेकर उन्हें होटल में ही confined रखा गया।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, महिलाओं की movement पूरी तरह restricted थी और उन्हें जबरन ग्राहकों से मिलने के लिए मजबूर किया जाता था। यह पूरा मामला International Human Trafficking Network से जुड़ा हो सकता है।

    Kenyan महिला Jasmine की अहम भूमिका

    पुलिस जांच में एक Kenyan नागरिक Jasmine का नाम सामने आया है, जिसने कथित तौर पर दोनों महिलाओं को Mumbai लाने, होटल में ठहराने और clients से संपर्क कराने में अहम भूमिका निभाई।

    जांच एजेंसियों का मानना है कि Jasmine इस Sex Racket की key link है। फिलहाल वह फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

    होटल मैनेजमेंट की बड़ी लापरवाही और साजिश

    पुलिस ने पाया कि होटल प्रबंधन ने Foreign Nationals से जुड़े नियमों का गंभीर उल्लंघन किया।

    • होटल रजिस्टर में महिलाओं के नाम दर्ज नहीं थे
    • Mandatory Form C जमा नहीं किया गया
    • Foreign Guest Records में भारी गड़बड़ी पाई गई

    Form C वह दस्तावेज है, जिसे भारत में किसी भी विदेशी नागरिक के होटल में ठहरने पर अनिवार्य रूप से ऑनलाइन जमा करना होता है। इसकी गैरहाजिरी से साफ संकेत मिलता है कि सब कुछ जानबूझकर छिपाया जा रहा था।

    चार कर्मचारी गिरफ्तार, Owner फरार

    छापेमारी के दौरान होटल के मैनेजर विवेककुमार वैद्यनाथ यादव (26) और तीन स्टाफ – अनिलकुमार जोकू पुष्पाकर (24), धीरज मधुकर जावले (35) और महेश राजपाल राजवारिया (45) को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    वहीं होटल मालिक अक्षय दिलीप शेडगे और Kenyan महिला Jasmine अभी फरार हैं। पुलिस CCTV फुटेज जब्त कर चुकी है और डिजिटल एविडेंस की जांच की जा रही है।

    International Network का शक

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला सिर्फ एक होटल तक सीमित नहीं हो सकता। इस मामले के तार बड़े International Sex Racket और Human Trafficking Syndicate से जुड़े हो सकते हैं।

    आने वाले दिनों में और खुलासे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। Mumbai Crime Branch और अन्य एजेंसियां भी इस एंगल से जांच कर रही हैं।


    FAQ Section

    Q1. यह सेक्स रैकेट कहां पकड़ा गया?

    अंधेरी ईस्ट के AK Road स्थित Hotel Villa Palace में।

    Q2. कितनी महिलाओं को रेस्क्यू किया गया?

    दो Ugandan महिलाओं को रेस्क्यू किया गया।

    Q3. कितने लोग गिरफ्तार हुए?

    चार होटल कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है।

    Q4. कौन-कौन फरार है?

    होटल मालिक अक्षय दिलीप शेडगे और Kenyan महिला Jasmine फरार हैं।

    Q5. क्या यह मामला International Network से जुड़ा है?

    पुलिस को शक है कि यह बड़ा International Human Trafficking Network हो सकता है।

  • मुंबई में कॉलेज के नाम को लेकर बवाल! गुजराती बोर्ड को लेकर ठाकरे गुट की चेतावनी

    मुंबई में कॉलेज के नाम को लेकर बवाल! गुजराती बोर्ड को लेकर ठाकरे गुट की चेतावनी

    कांदिवली के बालभारती कॉलेज के गुजराती साइनबोर्ड पर बवाल। मराठी अनिवार्य नियम की अनदेखी का आरोप, युवा सेना ने प्रशासन को दी सीधी चेतावनी। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में एक कॉलेज के नाम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांदिवली (पश्चिम) स्थित बालभारती कॉलेज ऑफ कॉमर्स का नामफलक पूरी तरह गुजराती भाषा में होने का मामला सामने आते ही राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में हलचल मच गई है। मराठी भाषा अनिवार्य होने के बावजूद कॉलेज ने अब तक मराठी में साइनबोर्ड नहीं लगाया, जिस पर ठाकरे गुट की युवा सेना ने आक्रामक रुख अपनाया है।

    क्या है पूरा साइनबोर्ड विवाद?

    राज्य सरकार के नियम के अनुसार महाराष्ट्र में सभी शैक्षणिक और व्यावसायिक संस्थानों को सबसे पहले मराठी भाषा में नामफलक लगाना अनिवार्य है।

    इसके बावजूद कांदिवली (पश्चिम) के इस कॉलेज का बोर्ड पूरी तरह गुजराती में लिखा हुआ है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह मराठी भाषा कानून (Marathi Language Law Maharashtra) का सीधा उल्लंघन है।

    मुंबई विश्वविद्यालय के आदेश का हवाला

    ठाकरे गुट की युवा सेना का कहना है कि मुंबई विद्यापीठ के परिपत्र क्र. संलग्नता/आय सी सी/(2021-22)/2022 के अनुसार महाविद्यालयों के नाम मराठी में होना अनिवार्य है।

    सवाल यह उठ रहा है कि जब विश्वविद्यालय का स्पष्ट आदेश है, तो फिर कॉलेज प्रशासन ने अब तक मराठी नामफलक क्यों नहीं लगाया?

    युवा सेना की आक्रामक एंट्री

    मामले ने तूल पकड़ा तो युवा सेना के पदाधिकारी सीधे कॉलेज पहुंच गए।

    युवा सेना के सिनेेट सदस्य प्रदीप सावंत, शशिकांत झोरे, पूर्व सिनेेट सदस्य राजन कोळंबेकर और कार्यकारिणी सदस्य अभिषेक शिर्के ने कॉलेज के प्राचार्य से मुलाकात की और तुरंत मराठी में साइनबोर्ड लगाने की मांग की।

    उनका कहना था कि “राज्य में मराठी भाषा को प्राथमिकता देना कानूनन अनिवार्य है। संस्थान का यह रवैया अस्वीकार्य है।”

    Mumbai-college-name-row-Thackeray-faction-issues-warning-regarding-Gujarati-board-news

    विश्वविद्यालय प्रशासन से भी मुलाकात

    युवा सेना के प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. अजय भामरे (प्र-कुलगुरु) और डॉ. प्रसाद कारंडे (कुलसचिव) से भी मुलाकात की।

    उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि संबंधित कॉलेज को तत्काल मराठी नामफलक लगाने का निर्देश दिया जाए और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।

    स्थानीय नागरिकों में नाराज़गी

    कांदिवली इलाके के कई स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जब राज्य सरकार ने स्पष्ट कानून बनाया है, तो उसका पालन हर संस्था को करना चाहिए।

    सिर्फ गुजराती भाषा में बोर्ड रखना कानून का खुला उल्लंघन बताया जा रहा है।

    कॉलेज प्रशासन का क्या कहना है?

    सूत्रों के मुताबिक कॉलेज प्रशासन ने जल्द ही मराठी में नामफलक लगाने को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। हालांकि, अभी तक जमीनी स्तर पर कोई बदलाव दिखाई नहीं दिया है।

    युवा सेना ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत मराठी साइनबोर्ड नहीं लगाया गया, तो तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।

    मराठी भाषा कानून क्या कहता है?

    महाराष्ट्र शासन के नियमों के अनुसार:

    • सभी स्कूल, कॉलेज और संस्थानों को सबसे पहले मराठी भाषा में नामफलक लगाना अनिवार्य है।
    • मराठी को प्राथमिकता देना कानूनी रूप से बाध्यकारी है।
    • उल्लंघन की स्थिति में प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है।

    इसी आधार पर इस पूरे विवाद ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. विवाद किस कॉलेज को लेकर है?
    कांदिवली (पश्चिम) स्थित बालभारती कॉलेज ऑफ कॉमर्स।

    Q2. विवाद की वजह क्या है?
    कॉलेज का नामफलक पूरी तरह गुजराती भाषा में है, जबकि मराठी अनिवार्य है।

    Q3. किस संगठन ने विरोध किया?
    ठाकरे गुट की युवा सेना ने विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की।

    Q4. विश्वविद्यालय का क्या आदेश है?
    मुंबई विश्वविद्यालय के परिपत्र के अनुसार कॉलेज का नाम मराठी में होना चाहिए।

    Q5. आगे क्या हो सकता है?
    अगर मराठी नामफलक नहीं लगाया गया तो आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

  • BMC Budget 2026-27: 25 फरवरी को पेश हुआ बीएमसी का बजट, शिक्षा विभाग का प्रस्ताव पहले हुआ पेश

    BMC Budget 2026-27: 25 फरवरी को पेश हुआ बीएमसी का बजट, शिक्षा विभाग का प्रस्ताव पहले हुआ पेश

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 25 फरवरी 2026 को पेश किया गया। शिक्षा विभाग का बजट सुबह 11 बजे और मुख्य बजट दोपहर 2 बजे स्थायी समिति में प्रस्तुत किया गया।

    मुंबई: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका मानी जाने वाली Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 25 फरवरी 2026 को पेश किया। बजट प्रस्तुति को लेकर मनपा मुख्यालय में दिनभर महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं।

    सुबह 11 बजे शिक्षा विभाग का बजट पेश

    सबसे पहले अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्व उपनगर) Dr. Avinash Dhakane ने शिक्षा विभाग का बजट अनुमान 25 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे शिक्षा समिति सभागृह, दूसरे मंजिल, मुख्य इमारत, मनपा मुख्यालय में पेश किया।

    उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के शिक्षा विभाग के ‘ई’ बजट अनुमान को शिक्षा समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।

    शिक्षा समिति अध्यक्ष को सौंपा गया प्रस्ताव

    डॉ. अविनाश ढाकणे ने यह बजट प्रस्ताव शिक्षा समिति की अध्यक्ष Rajeshree Shirwadkar को सौंपा।

    इस दौरान शिक्षा समिति के सदस्य, उप आयुक्त (शिक्षण) Dr. Prachi Jambecker, महानगरपालिका सचिव Manjiri Deshpande सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

    दोपहर 2 बजे स्थायी समिति में मुख्य बजट पेश

    इसके बाद महानगरपालिका आयुक्त Bhushan Gagrani ने 25 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजे स्थायी समिति सभागृह, पहली मंजिल, मुख्य इमारत, मनपा मुख्यालय में वर्ष 2026-27 का संपूर्ण बजट स्थायी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।

    मुंबईकरों के लिए यह बजट महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें बुनियादी सुविधाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी सप्लाई, सड़क, स्वच्छता और विकास परियोजनाओं के लिए प्रावधान शामिल हैं।

    दोपहर 3:30 बजे मीडिया से संवाद

    महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी ने बजट पेश करने के बाद दोपहर 3:30 बजे आयुक्त सभागृह, दूसरे मंजिल, मनपा मुख्यालय, महापालिका मार्ग, मुंबई-400001 में मीडिया से संवाद किया।

    इस दौरान उन्होंने बजट के मुख्य बिंदुओं और आगामी वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं पर जानकारी दी।

    क्यों अहम है BMC Budget 2026-27?

    मुंबई महानगरपालिका का बजट देश में सबसे बड़े नगर निकाय बजट में गिना जाता है। हर साल की तरह इस बार भी शिक्षा, जल आपूर्ति, बुनियादी ढांचा और नागरिक सुविधाओं को लेकर अहम घोषणाओं की उम्मीद की जा रही है।

    मुंबईकरों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले साल में शहर के विकास और सुविधाओं को लेकर क्या नई योजनाएं लागू होंगी।


    FAQ

    Q1: BMC का बजट कब पेश किया गया?
    25 फरवरी 2026 को।

    Q2: शिक्षा विभाग का बजट किसने पेश किया?
    अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त डॉ. अविनाश ढाकणे ने।

    Q3: मुख्य बजट किसके द्वारा पेश किया गया?
    महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी ने स्थायी समिति में पेश किया।

    Q4: मीडिया से संवाद कब हुआ?
    25 फरवरी 2026 को दोपहर 3:30 बजे।

    Q5: यह बजट क्यों महत्वपूर्ण है?
    क्योंकि इसमें शिक्षा, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए वित्तीय प्रावधान तय किए जाते हैं।