Category: Jobs & Education

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  • Aligarh Muslim University में 27 नॉन-टीचिंग पदों पर भर्ती 2026, सैलरी ₹2.18 लाख तक – ऐसे करें अप्लाई

    Aligarh Muslim University में 27 नॉन-टीचिंग पदों पर भर्ती 2026, सैलरी ₹2.18 लाख तक – ऐसे करें अप्लाई

    AMU Non Teaching Vacancy 2026 के तहत Librarian, Registrar, Principal समेत 27 पदों पर भर्ती निकली है। सैलरी ₹56,100 से ₹2,18,200 तक। ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख 04 मार्च 2026। जानें योग्यता, फीस, चयन प्रक्रिया और पूरा आवेदन तरीका।

    नई दिल्ली: देश की प्रतिष्ठित सेंट्रल यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) ने नॉन-टीचिंग स्टाफ के 27 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। अगर आपके पास मास्टर्स डिग्री और संबंधित अनुभव है तो यह मौका हाथ से न जाने दें। यहां सैलरी ₹56,100 से लेकर ₹2,18,200 प्रति माह तक मिलेगी। ऑनलाइन आवेदन 04 मार्च 2026 तक और हार्ड कॉपी 19 मार्च 2026 तक भेजनी होगी।

    AMU Non Teaching Recruitment 2026: मुख्य हाइलाइट्स

    • संस्थान: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (NAAC A+ ग्रेड)
    • कुल पद: 27
    • पोस्ट नाम: Librarian, Deputy Registrar, Assistant Registrar, Principal, Medical Superintendent आदि
    • जॉब लोकेशन: अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
    • सैलरी: ₹56,100 – ₹2,18,200 (7th Pay Commission के अनुसार)
    • ऑनलाइन लास्ट डेट: 04 मार्च 2026
    • हार्ड कॉपी लास्ट डेट: 19 मार्च 2026

    कौन-कौन से पदों पर निकली है भर्ती?

    पद का नामकुल वैकेंसीपे लेवल
    Librarian1AL-14 (₹1,44,200 – ₹2,18,200)
    Deputy Librarian1AL-12
    Assistant Librarian7AL-10
    Deputy Registrar4Level 12
    Deputy Finance Officer2Level 12
    Internal Audit Officer1Level 12
    Assistant Registrar3Level 10
    School Principal5Level 12
    Director Physical Education2AL-10
    Medical Superintendent1Level 12

    नोट: 1 Assistant Librarian पद PwBD (Hearing Handicapped) के लिए आरक्षित है।

    योग्यता क्या चाहिए?

    ✔ Librarian

    • Library Science में 55% के साथ मास्टर्स
    • Ph.D अनिवार्य
    • 10 साल का अनुभव

    Assistant / Deputy Registrar

    • 55% के साथ मास्टर्स डिग्री
    • 5 से 9 साल का प्रशासनिक अनुभव
    • CA/CS/ICWA भी मान्य

    Principal (स्कूल)

    • मास्टर्स + B.Ed
    • 12 साल का शिक्षण अनुभव
    • उम्र 35 से 50 वर्ष

    Medical Superintendent

    • PG Medical Degree
    • 10 साल का प्रोफेसर लेवल अनुभव

    कितनी मिलेगी सैलरी? (In-Hand Salary Details)

    AMU में 7th Pay Commission के अनुसार वेतन दिया जाएगा।

    • Level 10: लगभग ₹75,000 इन-हैंड
    • Level 12: लगभग ₹1,10,000 इन-हैंड
    • AL-14: ₹2 लाख+ सैलरी

    साथ में मिलेगा:

    • DA (महंगाई भत्ता)
    • HRA
    • NPS पेंशन
    • LTC सुविधा
    • मेडिकल बेनिफिट
    • कैंपस में आवास सुविधा

    चयन प्रक्रिया कैसे होगी?

    लिखित परीक्षा (जरूरत पड़ने पर)

    अगर आवेदन ज्यादा आए तो 100 नंबर की स्क्रीनिंग टेस्ट होगी।

    इंटरव्यू

    शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।

    डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

    मूल प्रमाण पत्र दिखाना जरूरी।

    ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन – Step by Step

    1. AMU Careers Portal पर जाएं
    2. नया अकाउंट बनाएं
    3. अलग-अलग पोस्ट के लिए अलग फॉर्म भरें
    4. ₹500 आवेदन शुल्क ऑनलाइन जमा करें (PwBD मुक्त)
    5. सभी डॉक्यूमेंट अपलोड करें
    6. 04 मार्च 2026 से पहले सबमिट करें
    7. प्रिंट निकालकर 19 मार्च 2026 तक स्पीड पोस्ट से भेजें

    पता: Selection Committee Section (Non-Teaching), Registrar’s Office, AMU, Aligarh – 202001

    महत्वपूर्ण तिथियां

    इवेंटतारीख
    नोटिफिकेशन जारी19 जनवरी 2026
    ऑनलाइन अंतिम तिथि04 मार्च 2026
    हार्ड कॉपी अंतिम तिथि19 मार्च 2026

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. AMU Non Teaching Vacancy 2026 की आखिरी तारीख क्या है?
    ऑनलाइन आवेदन 04 मार्च 2026 तक और हार्ड कॉपी 19 मार्च 2026 तक।

    Q2. आवेदन फीस कितनी है?
    ₹500 प्रति आवेदन (PwBD उम्मीदवारों के लिए निशुल्क)।

    Q3. क्या इंटरव्यू होगा?
    हां, शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों का इंटरव्यू होगा।

    Q4. क्या यह सेंट्रल गवर्नमेंट जॉब है?
    हां, AMU एक Central University है, इसलिए वेतन और सुविधाएं केंद्र सरकार के अनुसार मिलेंगी।

  • RTE 25% Admission 2026: मुंबई में 17 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू, 5,939 सीटें उपलब्ध

    RTE 25% Admission 2026: मुंबई में 17 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू, 5,939 सीटें उपलब्ध

    BMC RTE Admission 2026-27 प्रक्रिया 17 फरवरी से शुरू। मुंबई की 323 स्कूलों में 5,939 सीटें। RTE 25% ऑनलाइन फॉर्म, eligibility, last date 10 मार्च, जरूरी दस्तावेज और पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (bmc) ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए RTE 25% एडमिशन प्रक्रिया 17 फरवरी 2026 से शुरू करने का ऐलान किया है। इस बार मुंबई क्षेत्र की 323 स्कूलों में कुल 5,939 सीटें उपलब्ध हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और आखिरी तारीख 10 मार्च 2026 रखी गई है।

    क्या है RTE 25% एडमिशन स्कीम?

    RTE यानी “बालकांचा मोफत व सक्तीच्या शिक्षणाचा अधिकार अधिनियम 2009” के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी और बिना अनुदानित स्कूलों में 25% सीटें आरक्षित दी जाती हैं। इन बच्चों को आठवीं कक्षा तक मुफ्त शिक्षा दी जाती है।

    यह योजना खास तौर पर उन परिवारों के लिए राहत लेकर आती है जो महंगे प्राइवेट स्कूलों की फीस नहीं भर सकते।

    मुंबई में कितनी स्कूलों में कितनी सीटें?

    BMC क्षेत्र में इस साल:

    • महाराष्ट्र राज्य बोर्ड की 252 स्कूलों में – 4,558 सीटें
    • अन्य बोर्ड (CBSE/ICSE आदि) की 71 स्कूलों में – 1,381 सीटें
    • कुल स्कूल – 323
    • कुल उपलब्ध सीटें – 5,939

    यह आंकड़ा मुंबई के पैरेंट्स के लिए बड़ा मौका है।

    आवेदन की तारीख और वेबसाइट

    RTE 25% ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया:

    • शुरूआत: 17 फरवरी 2026
    • आखिरी तारीख: 10 मार्च 2026
    • ऑफिशियल वेबसाइट: https://student.maharashtra.gov.in

    माता-पिता को तय समय सीमा के अंदर फॉर्म भरना अनिवार्य है।

    किन क्लास में मिलेगा एडमिशन?

    RTE के तहत एडमिशन:

    • पहली कक्षा (Class 1)
    • पूर्व-प्राथमिक (Pre-Primary)

    इच्छुक पालकों को पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा।

    जरूरी दस्तावेज क्या-क्या लगेंगे?

    ऑनलाइन आवेदन करते समय जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करना अनिवार्य है। साथ ही प्रवेश के समय मूल और सत्यापित कॉपी तैयार रखनी होगी।

    संभावित जरूरी दस्तावेज:

    • जन्म प्रमाण पत्र
    • निवास प्रमाण पत्र
    • आय प्रमाण पत्र
    • आधार कार्ड
    • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
    • पासपोर्ट साइज फोटो

    1 किलोमीटर के दायरे में ही दिखेंगी स्कूलें

    RTE पोर्टल पर पालकों को उनके घर से 1 किलोमीटर या उससे कम दूरी वाली स्कूलें दिखाई देंगी। इसलिए आवेदन करते समय सही पता भरना बेहद जरूरी है।

    10 स्कूलों का चयन सोच-समझकर करें

    ऑनलाइन फॉर्म भरते समय:

    • अधिकतम 10 स्कूलों का विकल्प चुन सकते हैं
    • पहले से RTE के तहत एडमिशन ले चुके बच्चे दोबारा आवेदन नहीं कर सकते
    • आवेदन प्रक्रिया के बाद ऑनलाइन लॉटरी (सोडत) की तारीख घोषित की जाएगी

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. RTE 25% एडमिशन 2026 की आखिरी तारीख क्या है?

    10 मार्च 2026 आवेदन की अंतिम तारीख है।

    Q2. आवेदन कहां करना होगा?

    ऑफिशियल वेबसाइट https://student.maharashtra.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

    Q3. कितनी सीटें उपलब्ध हैं?

    मुंबई में कुल 5,939 सीटें उपलब्ध हैं।

    Q4. क्या सभी निजी स्कूल इसमें शामिल हैं?

    केवल स्वयं अर्थसहाय्यित और बिना अनुदानित (अल्पसंख्यक स्कूल छोड़कर) स्कूल शामिल हैं।

    Q5. क्या दोबारा RTE से एडमिशन मिल सकता है?

    नहीं। पहले से RTE के तहत एडमिशन लेने वाले बच्चे दोबारा आवेदन नहीं कर सकते।

  • BMC ने साफ किया: मुंबई की किसी भी स्कूल का निजीकरण नहीं हुआ

    BMC ने साफ किया: मुंबई की किसी भी स्कूल का निजीकरण नहीं हुआ

    BMC ने स्पष्ट किया है कि मुंबई में मराठी या किसी भी माध्यम की महानगरपालिका स्कूलों का निजीकरण नहीं किया गया है। छात्रों की संख्या और शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कई योजनाएं जारी हैं।

    मुंबई: मराठी माध्यम की स्कूलों को लेकर चल रही चर्चाओं और आशंकाओं पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। महानगरपालिका प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी माध्यम की स्कूलों का निजीकरण नहीं किया गया है। उल्टे, BMC छात्रों की संख्या बढ़ाने, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे—इस उद्देश्य से लगातार योजनाएं और उपक्रम चला रही है।

    मराठी स्कूलों को लेकर BMC का स्पष्ट रुख

    BMC प्रशासन का कहना है कि:

    • मुंबई की मराठी माध्यम की स्कूलों के मुद्दे पर वह पूरी तरह संवेदनशील है
    • मराठी के साथ-साथ अन्य माध्यमों की स्कूलों को भी मजबूत किया जा रहा है
    • छात्रों की घटती संख्या को रोकने और बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं

    छात्र संख्या बढ़ाने के लिए लगातार पहल

    महानगरपालिका का साफ लक्ष्य है कि:

    • एक भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे
    • इसके लिए पालकों की काउंसलिंग की जाती है
    • स्कूलों में एडमिशन के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं

    पिछले 10–15 वर्षों से BMC इस दिशा में निरंतर काम कर रही है।

    शानदार रिजल्ट: मराठी स्कूलों का 95% पास प्रतिशत

    शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयासों का नतीजा भी सामने आया है:

    • मार्च 2025 की 10वीं परीक्षा
    • BMC मराठी स्कूलों का 95% रिजल्ट
    • कई छात्रों ने 97% तक अंक हासिल किए

    इसके लिए:

    • नियमित सराव परीक्षाएं
    • गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम
    • शिक्षकों के विशेष प्रशिक्षण
      जैसे कदम उठाए गए।

    बिना फीस, 27 तरह की मुफ्त शैक्षणिक सामग्री

    BMC स्कूलों की बड़ी खासियत:

    • किसी भी तरह की फीस नहीं ली जाती
    • छात्रों को 27 प्रकार की शैक्षणिक सामग्री मुफ्त
    • किताबें, यूनिफॉर्म, स्टेशनरी जैसी सुविधाएं

    साथ ही:

    • उपलब्ध जगहों में खेल प्रशिक्षण
    • खेलों में प्रावीण्य हासिल करने के अवसर

    Khan Academy और डिजिटल लर्निंग का सहारा

    छात्रों को और मजबूत बनाने के लिए:

    • Khan Academy के जरिए गणित और विज्ञान का मुफ्त अभ्यास
    • डिजिटल कंटेंट से पढ़ाई आसान
    • छात्रों की प्रगति में बेहतर परिणाम सामने आए

    BMC का उद्देश्य है कि:

    “महानगरपालिका का छात्र निजी स्कूल से भी ज्यादा सक्षम बने।”

    FLN निपुण भारत से मजबूत बुनियाद

    Foundational Literacy & Numeracy (FLN) – निपुण भारत अभियान के तहत:

    • तीसरी कक्षा तक हर माध्यम का छात्र
    • सही से पढ़ने में सक्षम
    • गणित की बुनियादी समझ में निपुण

    इसके लिए विशेष शैक्षणिक रणनीतियां अपनाई गईं, जिनके अच्छे नतीजे अब दिख रहे हैं।

    निजीकरण का दावा पूरी तरह गलत

    BMC ने स्पष्ट किया है कि:

    • मराठी या किसी भी माध्यम की स्कूलों का
      निजीकरण नहीं किया गया
    • सोशल मीडिया या कुछ हलकों में जो
      “गलत तस्वीर” पेश की जा रही है
      वह पूरी तरह भ्रामक है

    मराठी अभ्यास केंद्र के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा

    हाल ही में:

    • मराठी अभ्यास केंद्र के शिष्टमंडल के साथ
    • BMC प्रशासन की विस्तृत बैठक हुई
    • हर मुद्दे पर बिंदुवार चर्चा की गई

    बैठक के बाद:

    • समिति के सदस्यों ने
      संतोष व्यक्त किया

    FAQ

    Q1. क्या BMC ने मराठी स्कूलों का निजीकरण किया है?
    नहीं, BMC ने साफ किया है कि किसी भी माध्यम की स्कूलों का निजीकरण नहीं हुआ है।

    Q2. BMC स्कूलों में फीस लगती है क्या?
    नहीं, छात्रों से किसी भी तरह की फीस नहीं ली जाती।

    Q3. छात्रों को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?
    27 प्रकार की मुफ्त शैक्षणिक सामग्री, खेल प्रशिक्षण और डिजिटल लर्निंग।

    Q4. 10वीं का रिजल्ट कैसा रहा?
    मार्च 2025 में मराठी स्कूलों का 95% रिजल्ट रहा।

    Q5. FLN निपुण भारत का क्या फायदा हुआ?
    तीसरी कक्षा तक के छात्र पढ़ने और गणित में ज्यादा सक्षम बने हैं।

  • UGC नियमों पर देशभर में सवर्ण विरोध, सरकार की मंशा पर उठे सवाल

    UGC नियमों पर देशभर में सवर्ण विरोध, सरकार की मंशा पर उठे सवाल

    UGC के नए नियमों को लेकर देशभर में सवर्ण समाज का विरोध तेज़। शिक्षण संस्थानों में भेदभाव, सरकार की नीयत और राजनीति पर सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

    मुंबई: UGC के नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध की आवाज़ें तेज़ हो गई हैं। खासतौर पर सवर्ण समाज के छात्रों और शिक्षाविदों का कहना है कि यह नियम शिक्षा व्यवस्था में संतुलन के बजाय टकराव और भेदभाव को बढ़ावा देगा। देश भर के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीति से प्रेरित कदम बताया है।

    UGC नियमों पर क्यों भड़का विरोध

    नए यूजीसी नियमों को लेकर आरोप है कि इससे विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रशासनिक निर्णयों पर सरकार का नियंत्रण बढ़ेगा। विरोध करने वालों का कहना है कि इससे शैक्षणिक स्वायत्तता प्रभावित होगी और छात्रों के बीच अविश्वास का माहौल बनेगा।
    सवर्ण संगठनों का दावा है कि नियमों की भाषा और संरचना ऐसी है, जिससे एक विशेष वर्ग को निशाना बनाए जाने की आशंका बढ़ जाती है।

    हिंदू एकता बनाम राजनीतिक ध्रुवीकरण

    आलोचकों का कहना है कि “हिंदू एकता” जैसे नारों का इस्तेमाल सामाजिक एकजुटता के बजाय वोटों के ध्रुवीकरण के लिए किया जा रहा है। उनका आरोप है कि वास्तविक मुद्दों—जैसे शिक्षा, रोजगार, महंगाई और स्वास्थ्य—से ध्यान हटाकर समाज को आपस में बांटा जा रहा है।

    शिक्षा व्यवस्था पर नियंत्रण का आरोप

    लेखक सुरेंद्र राजभर का कहना है कि विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों और नीतियों के जरिए शिक्षा पर वैचारिक नियंत्रण बढ़ाया जा रहा है। उनका सवाल है कि क्या विश्वविद्यालय प्रशासन स्वतंत्र रूप से निर्णय ले पाएगा या फिर हर फैसले में सरकारी दखल बढ़ेगा।

    कानूनों के दुरुपयोग की आशंका

    विरोध करने वालों ने यह भी चिंता जताई कि यदि शिकायतों की जांच और झूठी शिकायत करने वालों पर कार्रवाई की व्यवस्था कमजोर हुई, तो इसका दुरुपयोग हो सकता है। उनका कहना है कि इससे छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है और शिक्षा का माहौल डर का बन सकता है।

    सरकार से जवाबदेही की मांग

    यूजीसी नियमों के खिलाफ उठ रही आवाज़ें अब केवल सवर्ण समाज तक सीमित नहीं हैं। कई शिक्षाविद, छात्र संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता सरकार से पारदर्शिता और संवाद की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी बदलाव से पहले सभी पक्षों से चर्चा जरूरी है।


    FAQ

    Q1. यूजीसी के नए नियमों का विरोध क्यों हो रहा है?
    नियमों से शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता और निष्पक्षता पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

    Q2. विरोध कौन कर रहा है?
    मुख्य रूप से सवर्ण समाज के छात्र, शिक्षाविद और कुछ सामाजिक संगठन।

    Q3. सरकार पर क्या आरोप हैं?
    आरोप है कि शिक्षा नीतियों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ और सामाजिक ध्रुवीकरण के लिए किया जा रहा है।

    Q4. आगे क्या मांग की जा रही है?
    नियमों पर पुनर्विचार, सभी वर्गों से संवाद और पारदर्शी प्रक्रिया की मांग।

  • RIICO भर्ती 2026: राजस्थान में 98 सरकारी पदों पर बंपर भर्ती, ऑनलाइन आवेदन शुरू

    RIICO भर्ती 2026: राजस्थान में 98 सरकारी पदों पर बंपर भर्ती, ऑनलाइन आवेदन शुरू

    RIICO भर्ती 2026 के तहत राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन में 98 पदों पर भर्ती निकली है। 12वीं पास से लेकर ग्रेजुएट उम्मीदवार 20 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    राजस्थान: राजस्थान सरकार के प्रतिष्ठित उपक्रम Rajasthan State Industrial Development and Investment Corporation Limited (RIICO) ने भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत कुल 98 स्थायी पदों पर नियुक्ति की जाएगी। जूनियर असिस्टेंट, असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर, प्रोग्रामर, ड्राफ्ट्समैन, जूनियर लीगल ऑफिसर सहित कई पद शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है और 20 फरवरी 2026 अंतिम तारीख है। चयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतन आयोग के तहत लेवल-5 से लेवल-16 तक वेतन मिलेगा।

    RIICO भर्ती 2026: संगठन और जॉब हाइलाइट्स

    RIICO राजस्थान में औद्योगिक विकास की सबसे बड़ी सरकारी संस्था है। यहां नौकरी का मतलब है स्थिर करियर, अच्छा वेतन और सरकारी सुविधाएं।

    • भर्ती संस्था: राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (RIICO)
    • कुल पद: 98
    • नौकरी स्थान: राजस्थान
    • आवेदन मोड: ऑनलाइन
    • वेतनमान: 7वां वेतन आयोग (Pay Level 5 से 16)

    RIICO Vacancy 2026: पदों का पूरा विवरण

    पद का नामकुल पद
    जूनियर असिस्टेंट54
    असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर ग्रेड-II21
    पर्सनल असिस्टेंट ग्रेड-II08
    ड्राफ्ट्समैन-कम-ट्रेसर (सिविल)08
    जूनियर लीगल ऑफिसर (JLO)04
    प्रोग्रामर01
    असिस्टेंट टाउन प्लानर01
    कंपनी सेक्रेटरी01
    कुल98

    शैक्षणिक योग्यता (Eligibility Criteria)

    जूनियर असिस्टेंट:
    12वीं पास + O Level / COPA / RSCIT / कंप्यूटर डिग्री या डिप्लोमा

    AAO ग्रेड-II:
    B.Com (60% अंक) + RSCIT / O Level / COPA / कंप्यूटर डिप्लोमा

    पर्सनल असिस्टेंट ग्रेड-II:
    12वीं पास + कंप्यूटर योग्यता (शॉर्टहैंड/टाइपिंग स्किल टेस्ट अनिवार्य)

    ड्राफ्ट्समैन:
    डिप्लोमा इन आर्किटेक्चर + AutoCAD या NCVT सर्टिफिकेट (सिविल)

    प्रोग्रामर:
    BE/B.Tech/MCA/M.Sc (IT/CS) / M.Tech

    JLO:
    लॉ ग्रेजुएट (55% अंक) या LLM

    असिस्टेंट टाउन प्लानर:
    B.Arch (60%) + PG इन टाउन प्लानिंग

    कंपनी सेक्रेटरी:
    ICSI फाइनल + मेंबरशिप + 5 साल का अनुभव

    आयु सीमा (20 फरवरी 2026 तक)

    • न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
    • अधिकतम आयु: 40 वर्ष

    आयु में छूट:

    • राजस्थान के SC/ST/OBC/MBC/EWS पुरुष: 5 वर्ष
    • राजस्थान की महिला उम्मीदवार: 10 वर्ष

    वेतन और सरकारी सुविधाएं

    पदप्रोबेशन वेतनरेगुलर पे लेवल
    कंपनी सेक्रेटरी₹47,200लेवल-16
    असिस्टेंट टाउन प्लानर₹39,300लेवल-14
    प्रोग्रामर₹31,100लेवल-12
    AAO ग्रेड-II₹26,500लेवल-11
    JLO / PA₹23,700लेवल-10
    ड्राफ्ट्समैन₹18,500लेवल-8
    जूनियर असिस्टेंट₹14,600लेवल-5

    प्रोबेशन के बाद: DA, HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, मेडिकल सुविधा सहित अन्य सरकारी लाभ।

    चयन प्रक्रिया (Selection Process)

    • लिखित परीक्षा (Part-I और Part-II)
    • स्किल / प्रोफिशिएंसी टेस्ट (पद के अनुसार)
    • इंटरव्यू (कंपनी सेक्रेटरी और टाउन प्लानर)
    • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

    ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

    1. RIICO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
    2. “Recruitment 2026 – Apply Online” पर क्लिक करें
    3. रजिस्ट्रेशन करें
    4. फॉर्म भरें और दस्तावेज अपलोड करें
    5. फीस जमा करें
    6. आवेदन फॉर्म का प्रिंट लें

    महत्वपूर्ण तिथियां

    • नोटिफिकेशन जारी: 20 जनवरी 2026
    • आवेदन शुरू: 21 जनवरी 2026
    • अंतिम तारीख: 20 फरवरी 2026
    • परीक्षा तिथि: जल्द घोषित होगी

    FAQ

    Q1. RIICO भर्ती 2026 में कौन आवेदन कर सकता है?
    12वीं पास से लेकर ग्रेजुएट और प्रोफेशनल डिग्री वाले उम्मीदवार।

    Q2. आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
    20 फरवरी 2026।

    Q3. क्या ये पद स्थायी हैं?
    हां, प्रोबेशन के बाद स्थायी नियुक्ति होगी।

  • BMC: CBSC स्कूलों से 366 छात्र पहली बार देंगे दसवीं की परीक्षा

    BMC: CBSC स्कूलों से 366 छात्र पहली बार देंगे दसवीं की परीक्षा

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सीबीएसई बोर्ड से जुड़े 10 स्कूलों के 366 छात्र पहली बार कक्षा 10वीं की परीक्षा देंगे। परीक्षा से पहले छात्रों के लिए विशेष अभ्यास और विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के शिक्षा विभाग से संचालित सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के लिए यह साल ऐतिहासिक होने जा रहा है। बीएमसी की 10 सीबीएसई स्कूलों के कुल 366 छात्र पहली बार कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा की तैयारी को लेकर महानगरपालिका की ओर से विशेष अभ्यास कक्षाएं, सराव प्रश्नपत्रिकाएं और निजी स्कूलों के विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन दिया जा रहा है। सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 11 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएगी।

    BMC की 18 सीबीएसई स्कूलें, 10 स्कूल पहली बार परीक्षा में

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका के शिक्षा विभाग के अंतर्गत फिलहाल सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त कुल 18 स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें से 10 स्कूल ऐसे हैं, जिनके छात्र पहली बार कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने जा रहे हैं। इन स्कूलों के 366 छात्रों के लिए परीक्षा से पहले विशेष तैयारी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल हो सकें।

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    परीक्षा से पहले विशेष अभ्यास और मार्गदर्शन

    बीएमसी शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों से नियमित रूप से सराव प्रश्नपत्रिकाएं हल करवाई जा रही हैं। इसके साथ ही गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेज़ी और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
    छात्रों की बेहतर तैयारी के लिए कुछ नामी निजी सीबीएसई स्कूलों के अनुभवी शिक्षकों का भी सहयोग लिया गया है, जो ऑनलाइन माध्यम से उत्तर लिखने की तकनीक और समय प्रबंधन पर मार्गदर्शन दे रहे हैं।

    आयुक्तों के मार्गदर्शन में चल रही तैयारी

    यह पूरा शैक्षणिक उपक्रम महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी तथा अतिरिक्त आयुक्त (पूर्व उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकणे के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि बीएमसी के छात्र भी निजी स्कूलों के छात्रों की तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

    आठ भाषाओं और चार बोर्ड में शिक्षा

    बीएमसी का शिक्षा विभाग मराठी, हिंदी, उर्दू, अंग्रेज़ी, गुजराती, तमिल, तेलुगू और कन्नड़ – इन आठ भाषाओं में शिक्षा प्रदान करता है। इसके साथ ही एसएससी, सीबीएसई, आईसीएसई और आईबी जैसे चार अलग-अलग बोर्ड के पाठ्यक्रम भी महानगरपालिका की शालाओं में उपलब्ध हैं।

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    SSC में 93% तक पहुंचा रिजल्ट, अब सीबीएसई पर नजर

    बीते कई वर्षों से बीएमसी के एसएससी बोर्ड के छात्रों के लिए विशेष मार्गदर्शन और अभ्यास योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका सकारात्मक असर परीक्षा परिणामों पर भी दिखा है। एसएससी बोर्ड का परिणाम 93 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। अब इसी तर्ज पर सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के लिए भी विशेष तैयारी करवाई जा रही है।

    परीक्षा की तारीखें तय

    सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 11 मार्च 2026 तक चलेगी। इस दौरान छात्रों को प्रश्नपत्र हल करने की रणनीति, उत्तर लेखन कौशल और परीक्षा के तनाव से निपटने के तरीकों पर भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

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    FAQ

    Q1. बीएमसी की कितनी सीबीएसई स्कूलों के छात्र परीक्षा दे रहे हैं?
    10 सीबीएसई स्कूलों के कुल 366 छात्र पहली बार दसवीं की परीक्षा देंगे।

    Q2. परीक्षा कब से कब तक होगी?
    परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 11 मार्च 2026 तक चलेगी।

    Q3. छात्रों के लिए क्या विशेष तैयारी करवाई जा रही है?
    सराव प्रश्नपत्र, विशेष कक्षाएं और निजी स्कूलों के विशेषज्ञ शिक्षकों का ऑनलाइन मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

  • मुंबई में एग्जाम पेपर लीक, फर्जी पहचान पत्र देकर छात्र को परीक्षा में बैठाने का आरोप

    मुंबई में एग्जाम पेपर लीक, फर्जी पहचान पत्र देकर छात्र को परीक्षा में बैठाने का आरोप

    मुंबई के बोरीवली में एग्जाम पेपर लीक का मामला सामने आया है। एक ट्यूशन टीचर ने 14 साल के छात्र को फर्जी पहचान से गणित की परीक्षा में बैठाया। पुलिस ने FIR दर्ज की है।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी में परीक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक सामने आई है। बोरीवली की एक ट्यूशन टीचर पर आरोप है कि उसने 14 साल के छात्र को फर्जी पहचान के साथ परीक्षा में बैठाया और उससे गणित का प्रश्नपत्र लीक करवाया। मामला सामने आने के बाद बोरीवली पुलिस ने टीचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    किस परीक्षा में हुआ फर्जीवाड़ा?

    यह मामला एक प्रतिष्ठित मैथ्स फोरम द्वारा आयोजित की जाने वाली मैथ्स प्रॉफिशिएंसी एग्जाम से जुड़ा है।
    यह परीक्षा हर साल
    कक्षा 5, 7 और 8 के छात्रों के लिए आयोजित की जाती है।

    परीक्षा के लिए:

    • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है
    • फीस जमा करनी होती है
    • उम्मीदवार को हॉल टिकट दिया जाता है

    गोराई परीक्षा केंद्र पर कैसे खुला राज?

    रविवार को बोरीवली के गोराई स्थित परीक्षा केंद्र पर

    • दोपहर 12 से 2 बजे तक परीक्षा थी
    • चार कमरों में 139 छात्र परीक्षा दे रहे थे

    करीब 1:30 बजे एक कमरे के सुपरवाइजर को
    एक छात्र की हरकतें संदिग्ध लगीं
    वह बार-बार प्रश्नपत्र लेकर वॉशरूम जा रहा था

    तलाशी लेने पर:

    • छात्र के पास मोबाइल फोन मिला
    • मोबाइल में व्हाट्सएप ग्रुप पर दोपहर 12 बजे से प्रश्नपत्र भेजे जा रहे थे

    “राखी बहन” को भेज रहा था पेपर!

    फोन चेक करने पर छात्र ने दावा किया कि
    वह प्रश्नपत्र अपनी “राखी बहन” को भेज रहा है

    लेकिन जब उसकी जानकारी ली गई तो:

    • हॉल टिकट पर नाम फर्जी निकला
    • माता-पिता के फोन नंबर गलत थे
    • स्कूल का नाम भी झूठा बताया
    • जन्मतिथि बताने से इनकार कर दिया

    इसके बाद केंद्र के प्रिंसिपल छात्र को लेकर सीधे बोरीवली पुलिस स्टेशन पहुंचे।

    पुलिस स्टेशन पहुंची ‘मां’, निकली ट्यूशन टीचर

    पुलिस स्टेशन में एक महिला पहुंची और
    खुद को छात्र की मां बताने लगी

    लेकिन जब पुलिस ने

    • आधार कार्ड या पहचान पत्र मांगा
      तो वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सकी।

    जांच में खुलासा हुआ कि:

    • छात्र मालाड के एक स्कूल में कक्षा 9 में पढ़ता है
    • महिला उसकी ट्यूशन टीचर है
    • वह गणित और अंग्रेजी पढ़ाती थी

    टीचर ने रची पूरी साजिश

    पुलिस के मुताबिक:
    ट्यूशन टीचर ने ही छात्र को
    फर्जी पहचान से परीक्षा में बैठने को कहा
    और प्रश्नपत्र बाहर भेजने की योजना बनाई

    चौंकाने वाली बात यह है कि
    छात्र के माता-पिता को इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं थी

    पुलिस की कार्रवाई

    बोरीवली पुलिस ने

    • परीक्षा में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया है
    • मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है
    • व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड की जांच जारी है

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि
    क्या पहले भी इस तरह से परीक्षा में धांधली की गई है।

    शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

    इस घटना ने

    • परीक्षा केंद्र की सुरक्षा
    • पहचान जांच की प्रक्रिया
      पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि
    ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई
    और तकनीकी निगरानी जरूरी है।


    FAQ

    Q1. मामला कहां का है?
    मुंबई के बोरीवली इलाके का।

    Q2. छात्र की उम्र कितनी है?
    14 साल।

    Q3. किस परीक्षा का पेपर लीक हुआ?
    मैथ्स प्रॉफिशिएंसी एग्जाम।

    Q4. आरोपी कौन है?
    छात्र की ट्यूशन टीचर।

  • WordCamp Bhopal 2025: सेंट्रल इंडिया में WordPress कम्युनिटी का सबसे बड़ा टेक इवेंट

    WordCamp Bhopal 2025: सेंट्रल इंडिया में WordPress कम्युनिटी का सबसे बड़ा टेक इवेंट

    WordCamp Bhopal 2025 भोपाल में आयोजित होने वाला सेंट्रल इंडिया का प्रमुख WordPress सम्मेलन है, जहां 400+ डेवलपर्स, डिज़ाइनर्स और डिजिटल प्रोफेशनल्स एक मंच पर जुटेंगे।

    मध्यप्रदेश: सेंट्रल इंडिया के टेक इकोसिस्टम के लिए एक बड़ी खबर है। WordCamp Bhopal 2025 इस साल भोपाल में आयोजित होने जा रहा है, जो WordPress कम्युनिटी के लिए एक खास और बहुप्रतीक्षित इवेंट माना जा रहा है। यह एक volunteer-driven WordPress conference है, जहां टेक्नोलॉजी, ओपन-सोर्स और कम्युनिटी की ताकत एक ही मंच पर देखने को मिलेगी।

    WordCamp-Bhopal-2025-The-largest-tech-event-for-the-WordPress-community-in-Central-India-news

    इस साल के WordCamp Bhopal में 400 से ज्यादा प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें डेवलपर्स, डिज़ाइनर्स, ब्लॉगर, स्टार्टअप फाउंडर्स, डिजिटल एंटरप्रेन्योर और WordPress के शौकीन लोग शामिल होंगे।

    WordPress: दुनिया का सबसे लोकप्रिय CMS

    WordPress आज दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला open-source content management system है, जो लाखों वेबसाइट्स को पावर करता है। ब्लॉगिंग से लेकर बड़े कॉर्पोरेट पोर्टल, ई-कॉमर्स साइट्स और सरकारी वेबसाइट्स तक — WordPress हर जगह मौजूद है।

    WordCamp जैसे इवेंट्स इसी ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म की ताकत और कम्युनिटी स्पिरिट को सेलिब्रेट करने के लिए आयोजित किए जाते हैं।

    कौन-कौन होंगे शामिल?

    WordCamp Bhopal 2025 में हिस्सा लेने वालों में शामिल होंगे:

    • WordPress Developers
    • Web & UI/UX Designers
    • Bloggers और Content Creators
    • Digital Entrepreneurs
    • Educators और Students
    • Open-source Contributors

    यह इवेंट टेक एक्सपर्ट्स और नए सीखने वालों — दोनों के लिए फायदेमंद रहेगा। यह इवेंट टेक एक्सपर्ट्स और नए सीखने वालों — दोनों के लिए फायदेमंद रहेगा। इस इवेंट को बुक करने के लिए यहां क्लिक करें — https://bhopal.wordcamp.org/

    टॉक्स, वर्कशॉप्स और नेटवर्किंग का शानदार मौका

    इस सम्मेलन में inspiring talks, hands-on workshops और real-world case studies पेश की जाएंगी। WordPress सिक्योरिटी, परफॉर्मेंस, SEO, थीम और प्लगइन डेवलपमेंट जैसे अहम विषयों पर एक्सपर्ट्स अपने अनुभव साझा करेंगे।

    इसके अलावा, यह इवेंट नेटवर्किंग के लिहाज से भी बेहद खास है, जहां लोग इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स से सीधे जुड़ सकते हैं।

    भोपाल की बढ़ती WordPress कम्युनिटी

    भोपाल की WordPress कम्युनिटी पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है। WordCamp Bhopal 2025 इसी बढ़ती हुई कम्युनिटी की ताकत को दिखाता है। यह इवेंट पूरी तरह inclusive और welcoming atmosphere में आयोजित किया जाएगा, जहां हर किसी को सीखने और जुड़ने का मौका मिलेगा।

    सेंट्रल इंडिया के टेक इकोसिस्टम को मिलेगा फायदा

    WordCamp Bhopal 2025 सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं, बल्कि सेंट्रल इंडिया के डिजिटल और टेक इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने का एक मजबूत कदम है। इससे नए स्टार्टअप्स, फ्रीलांसर्स और टेक टैलेंट को पहचान मिलेगी।


    FAQ

    Q1. WordCamp Bhopal 2025 क्या है?
    यह एक WordPress-focused टेक कॉन्फ्रेंस है, जो भोपाल में आयोजित होगी।

    Q2. इसमें कितने लोग शामिल होंगे?
    लगभग 400+ प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।

    Q3. यह इवेंट किसके लिए है?
    डेवलपर्स, डिज़ाइनर्स, ब्लॉगर, एंटरप्रेन्योर और WordPress यूजर्स के लिए।

    Q4. WordCamp क्यों खास होता है?
    क्योंकि यह पूरी तरह कम्युनिटी-ड्रिवन और ओपन-सोर्स स्पिरिट पर आधारित होता है।

  • मालाड में स्कूल विवाद: बच्चों को क्लासरूम की जगह हो रही है गलियारे में पढ़ाई

    मालाड में स्कूल विवाद: बच्चों को क्लासरूम की जगह हो रही है गलियारे में पढ़ाई

    मालाड पूर्व के स्वामी विवेकानंद हाईस्कूल में ट्रस्टी विवाद के चलते कई क्लासरूम बंद कर दिए गए। छात्रों को चार दिनों से स्कूल की गैलरी में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। अभिभावक और शिक्षक नाराज़, प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग।

    मुंबई: मालाड पूर्व में स्थित स्वामी विवेकानंद हाईस्कूल में छात्रों को बीते चार दिनों से क्लासरूम के बजाय गलियारे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि स्कूल के दो ट्रस्टियों के बीच विवाद बढ़ने के बाद कुछ क्लासरूम को ताला लगा दिया गया, जिसके कारण सैकड़ों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस घटना से अभिभावकों, छात्रों और शिक्षकों में भारी नाराज़गी है।

    क्या है पूरा मामला?

    स्वामी विवेकानंद हाईस्कूल, आप्पा पाड़ा (मालाड पूर्व) के दो ट्रस्टियों के बीच पिछले कुछ दिनों से कब्जे और प्रशासनिक अधिकारों को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद बढ़ते-बढ़ते इतना गंभीर हो गया कि एक ट्रस्टी ने स्कूल के कई क्लासरूम पर ताले जड़ दिए

    इसके बाद स्कूल के पास कोई विकल्प न बचने के कारण कई कक्षाओं के छात्रों को खुले गलियारे, मेन हॉल और खुले प्रांगण में बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है।

    छात्रों और अभिभावकों की परेशानी

    अभिभावक संघ का कहना है कि—

    “बच्चे पढ़ाई के लिए आते हैं, न कि बदइंतज़ामी झेलने के लिए। यह स्कूल है या राजनीतिक अखाड़ा?”

    छात्रों का कहना है कि गलियारे में—

    • शोर होता है
    • ठंडी हवा लगती है
    • बैठने की व्यवस्था खराब है
    • ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो रहा है

    परीक्षाओं का समय क़रीब होने के कारण यह स्थिति उनकी पढ़ाई को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है।

    शिक्षक और प्रिंसिपल ने प्रशासन को बुलाया

    शिक्षकों और स्कूल प्रशासन ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। स्कूल प्रिंसिपल ने कहा—

    “हमारा उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई और भविष्य सुरक्षित रखना है, लेकिन ट्रस्टी विवाद के चलते हालात हाथ से बाहर हो रहे हैं।”

    मामला अब कहाँ पर है?

    सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्टी विवाद की शिकायत चैरिटी कमिश्नर कार्यालय में पहले से लंबित है।

    अब इस नई स्थिति को देखते हुए कमिश्नर ऑफिस को आपात बैठक बुलानी पड़ सकती है।

    सोशल मीडिया पर गरमा गया मुद्दा

    यह खबर सोशल मीडिया पर फैलते ही कई स्थानीय लोग, पालक मंडल और राजनीतिक संगठन स्कूल के बाहर इकठ्ठा हुए।
    लोगों का कहना है—

    “शिक्षा बच्चों का अधिकार है, ट्रस्टियों का अहंकार नहीं।”


    FAQ

    प्रश्नउत्तर
    क्या स्कूल ने आधिकारिक नोटिस जारी किया है?अभी तक किसी आधिकारिक नोटिस की जानकारी सामने नहीं आई है।
    बच्चों को गलियारे में क्यों पढ़ाया जा रहा है?ट्रस्टियों के विवाद के चलते कई क्लासरूम बंद कर दिए गए हैं।
    क्या शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की?अब तक विभाग की ओर से जांच शुरू होने की संभावना जताई गई है।
    क्या स्कूल बंद कराया जा सकता है?अगर स्थिति नहीं सुधरी तो प्रशासन अस्थायी बंदिश लगा सकता है।
  • गोरेगांव कॉलेज में हिजाब विवाद, 3 छात्रों पर FIR दर्ज, कॉलेज बोला — हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं

    गोरेगांव कॉलेज में हिजाब विवाद, 3 छात्रों पर FIR दर्ज, कॉलेज बोला — हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं

    मुंबई के गोरेगांव स्थित विवेक कॉलेज में कथित हिजाब प्रतिबंध को लेकर छात्रों और AIMIM कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन। कॉलेज प्रशासन ने जारी किया लिखित स्पष्टीकरण—”हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं”। पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर तीन छात्रों पर FIR दर्ज की।

    मुंबई: गोरेगांव वेस्ट स्थित विवेक विद्याालय एंड जूनियर कॉलेज में हिजाब को लेकर विवाद ने गुरुवार को तूल पकड़ लिया। कुछ छात्राओं और AIMIM मुंबई यूनिट के सदस्यों ने कॉलेज प्रशासन पर हिजाब पहनने पर रोक लगाने का आरोप लगाते हुए कॉलेज के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मामला बढ़ने पर पुलिस ने तीन छात्रों के खिलाफ बिना अनुमति प्रदर्शन और सरकारी आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में FIR दर्ज की। वहीं कॉलेज प्रबंधन ने लिखित बयान जारी कर स्पष्ट किया कि हिजाब पहनने पर कोई रोक नहीं है और पूरा मामला “गलतफहमी” के कारण हुआ।

    कैसे शुरू हुआ विवाद?

    सूत्रों के मुताबिक, कुछ छात्राओं ने AIMIM से शिकायत की कि कॉलेज में उन्हें कक्षा में प्रवेश करने से पहले हिजाब उतारने के लिए कहा गया। छात्राओं ने इसे धार्मिक आस्था का उल्लंघन बताते हुए आपत्ति जताई।

    इसके बाद AIMIM मुंबई अध्यक्ष फ़ारूक मक़बूल शबदी छात्रों के साथ कॉलेज आए और उन्होंने कॉलेज गेट पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला सुर्खियों में आ गया।

    कॉलेज प्रबंधन का स्पष्टीकरण

    विवाद बढ़ता देख कॉलेज की प्रिंसिपल शीजा मेनन ने लिखित बयान जारी करते हुए कहा:

    “हमारे संस्थान में छात्राओं के हिजाब पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। ऐसा कोई आदेश कॉलेज की तरफ से जारी नहीं किया गया है। शायद कुछ गलतफहमी के कारण यह विवाद खड़ा हुआ, जिसकी आवश्यकता नहीं थी।”

    कॉलेज प्रशासन ने यह भी कहा कि वे विविध समुदायों का सम्मान करते हैं और संस्थान में सभी छात्रों के लिए समान और सुरक्षित माहौल बनाए रखना उनका उद्देश्य है।

    पुलिस की कार्रवाई

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    गोरेगांव पुलिस स्टेशन ने बताया कि प्रदर्शन बिना अनुमति के किया गया था, इसलिए तीन छात्रों के खिलाफ BNSS की धारा 35(3) के तहत FIR दर्ज की गई। हालांकि किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।

    बाद में पुलिस स्टेशन में बैठक हुई, जिसमें:

    • प्रबंधन का लिखित स्पष्टीकरण पढ़ा गया
    • AIMIM प्रतिनिधियों और छात्राओं को जानकारी दी गई
    • सभी पक्ष सहमत हुए कि मामला समझौते के साथ शांतिपूर्वक समाप्त किया जाए

    पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में कोई तनाव या सांप्रदायिक असहमति नहीं है

    राजनीतिक प्रतिक्रिया

    विवाद की जानकारी मिलते ही पूर्व बीजेपी पार्षद ज्ञानमूर्ति शर्मा अपने कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे। पुलिस ने उन्हें स्थिति समझाई, जिसके बाद वे वापस लौट गए।

    सोशल मीडिया में बहस

    यह मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा। कुछ उपयोगकर्ताओं ने इसे “धार्मिक आज़ादी का मामला” बताया, जबकि कुछ ने छात्रों द्वारा बिना परमिशन प्रदर्शन करने पर सवाल उठाए।

    जमीनी हकीकत

    जबकि प्रदर्शन से पहले जिसमें बुर्का पहनकर कॉलेज पहुंची छात्राओं को गेट पर रोका जाता हुआ वीडियो सामने आया। वीडियो में छात्राओं और कॉलेज प्रशासन के बीच बहस होती भी दिखाई दी। कुछ छात्राओं का दावा है कि जब उन्होंने इस नियम पर सवाल उठाया, तो कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि अगर नियम पसंद नहीं है, तो प्रवेश रद्द करा दें।

    1 दिसंबर को एआईएमआईएम की एडवोकेट जाहानारा शेख के साथ कई छात्राएं गोरगांव वेस्ट के टीन डोंगरी स्थित गोरेगांव पुलिस स्टेशन पहुंचीं और शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद कॉलेज की प्रिंसिपल को बातचीत के लिए थाने बुलाया गया।

    एडवोकेट जाहानारा शेख के मुताबिक, “हमने नियम वापस लेने की मांग रखी है, लेकिन प्रिंसिपल ने कहा कि वह प्रबंधन से बात करने के बाद ही फैसला लेंगी।” इसके बाद कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नही किया गया। उसके बाद ही छात्रों ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।


    FAQs

    Q1: विवाद किस कॉलेज में हुआ?
    ➡ गोरेगांव वेस्ट स्थित विवेक कॉलेज में।

    Q2: FIR क्यों दर्ज की गई?
    ➡ बिना अनुमति प्रदर्शन करने और सरकारी आदेश की अवहेलना के आरोप में।

    Q3: क्या कॉलेज ने हिजाब पर प्रतिबंध लगाया था?
    ➡ कॉलेज ने लिखित में स्पष्ट किया—हिजाब पर कोई प्रतिबंध नहीं।

    Q4: क्या किसी को गिरफ्तार किया गया है?
    ➡ नहीं, सिर्फ नोटिस देकर मामला शांतिपूर्वक सुलझाया गया।

    Q5: प्रदर्शन कौन आयोजित कर रहा था?
    ➡ AIMIM कार्यकर्ताओं और कुछ छात्राओं ने भाग लिया।