Category: Maharashtra Schemes

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  • मराठा आरक्षण: मर भी जाऊंगा तो नहीं हटूंगा- मनोज जरांगे

    मराठा आरक्षण: मर भी जाऊंगा तो नहीं हटूंगा- मनोज जरांगे

    मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे पाटिल का ऐलान, “मर भी जाऊं तो भी नहीं हटूंगा”। पांच दिन से भूख हड़ताल, सरकार पर दबाव।

    मुंबई: मराठा आरक्षण की माँग को लेकर आज़ाद मैदान में बैठे मनोज जरांगे पाटिल ने आंदोलन को और सख्त करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि चाहे उनकी जान भी क्यों न चली जाए, वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे। पाटिल पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    जरांगे का सख्त ऐलान

    मनोज जरांगे ने मुख्यमंत्री और सरकार को चेतावनी दी है। उनका कहना है कि सरकार उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, “अगर मैं मर भी जाऊं, तो भी इस ज़मीन से नहीं उठूंगा। सोमवार को होने वाले जनआक्रोश का सामना करना सरकार के लिए आसान नहीं होगा।”

    हाईकोर्ट और पुलिस की सख्ती

    मुंबई पुलिस ने आंदोलन को जारी रखने की अनुमति नहीं दी और प्रदर्शनकारियों को आज़ाद मैदान खाली करने का आदेश दिया है।
    बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी सोमवार को सुनवाई के दौरान कहा कि आंदोलनकारियों ने अपने वादे पूरे नहीं किए और इसके चलते शहर ठप पड़ा, जिससे आम जनता को परेशानी हुई।

    कोर्ट ने साफ आदेश दिया कि:

    • आंदोलनकारियों को आज़ाद मैदान से हटाया जाए।
    • मुंबई की सड़कों से ट्रैफ़िक जाम हटाया जाए।
    • नए प्रदर्शनकारियों को शहर में एंट्री न दी जाए।
    • जरांगे पाटिल और समर्थकों को मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

    पाटिल का पलटवार

    मनोज जरांगे पाटिल ने कोर्ट और पुलिस की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि उन्होंने कानून का उल्लंघन नहीं किया है और वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चला रहे हैं।

    उन्होंने दावा किया कि जैसे ही अदालत का आदेश मिला, प्रदर्शनकारियों ने अपनी गाड़ियाँ सड़कों से हटा दीं ताकि ट्रैफ़िक में कोई दिक्कत न हो। पाटिल का कहना है कि वे पिछले दो सालों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और अब जब तक मांगे पूरी नहीं होतीं, वे मुंबई नहीं छोड़ेंगे।

    मराठा आरक्षण की मुख्य मांग

    पाटिल और उनके समर्थकों की मुख्य मांग है कि मराठा समाज को सरकारी नौकरी और शिक्षा में ओबीसी कोटे के तहत 10% आरक्षण मिले।
    उनका कहना है कि जब तक “हैदराबाद राजपत्र” लागू नहीं होता और लिखित आदेश नहीं आता, तब तक वे धरना खत्म नहीं करेंगे। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    सरकार पर बढ़ा दबाव

    इस आंदोलन के चलते महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर दबाव काफी बढ़ गया है। सरकार ने बातचीत के लिए राधाकृष्ण विखे पाटिल की अगुवाई में 10 मंत्रियों की समिति बनाई है। समिति आंदोलनकारियों से बातचीत करने और समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।

    आज़ाद मैदान में भीड़ और माहौल

    मुंबई के आज़ाद मैदान में हजारों की संख्या में मराठा समाज के लोग जुटे हुए हैं। आंदोलन के शुरुआती दिनों में शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक जाम हुआ था, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो रही है।

    हालांकि, मनोज जरांगे पाटिल की सेहत लगातार गिर रही है। मेडिकल टीम समय-समय पर उनकी जांच कर रही है। इसके बावजूद उन्होंने भूख हड़ताल तोड़ने से साफ इनकार कर दिया है।

    निर्णायक मोड़ पर आंदोलन

    मराठा आरक्षण का यह संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। एक तरफ सरकार और अदालत कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मनोज जरांगे पाटिल साफ कह रहे हैं कि वे “न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे, चाहे जान भी क्यों न चली जाए।”

    यह आंदोलन अब महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुका है और आने वाले दिनों में इसका असर राज्य की स्थिरता पर भी पड़ सकता है।

  • MHADA Mumbai Lottery 2025: जानें आवेदन और डाक्यूमेंट्स से जुड़ी अन्य डिटेल्स

    MHADA Mumbai Lottery 2025: जानें आवेदन और डाक्यूमेंट्स से जुड़ी अन्य डिटेल्स

    मुंबई में घर और दुकान खरीदने का सपना देखने वाले नागरिकों के लिए महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) प्रशासन ने एक बेहतरीन अवसर लेकर आया है।

    मुंबई: घर और दुकान खरीदने का सपना देखने वाले नागरिकों को मुंबई में महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) प्रशासन ने एक बेहतरीन अवसर लेकर आया है। MHADA ने एक नई योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत अब न केवल घर, बल्कि सस्ते दुकानों और व्यावसायिक गाले भी लोग खरीद सकेंगे। म्हाडा नीलामी करने जा रही है। इस नीलामी में मकानों के साथ दुकानें भी खरीदने का मौका मिलेगा, जिसका आवेदन 19 अगस्त 2025 से शुरू होने जा रहा है। MHADA Mumbai Lottery 2025: Know other details related to application and documents

    कब से शुरू होगा आवेदन प्रकृया?

    MHADA प्रशासन मुंबई में 149 दुकानों की ई-नीलामी करने जा रहा है। इस नीलामी के लिए आवेदन और पंजीकरण प्रक्रिया मंगलवार, 19 अगस्त, 2025 से शुरू हो जाएगी। म्हाडा की जानकारी में कहा गया है, कि आवेदन 25 अगस्त, 2025 तक किए जा सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवारों को अपने सभी दस्तावेज़ पहले से तैयार रखने की सलाह दी गई है, ताकि आवेदन की प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए। आवेदन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को MHADA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। MHADA Mumbai Lottery 2025: Know other details related to application and documents

    29 अगस्त को होगी घोषणा

    इन दुकानों के लिए ऑनलाइन बोली 28 अगस्त, 2025 को सुबह 11 बजे से शुरू होगी, और नीलामी का परिणाम अगले दिन यानी 29 अगस्त, 2025 को घोषित किया जाएगा। इस ई-नीलामी में मुंबई के 17 प्रमुख स्थानों पर स्थित 149 दुकानें शामिल हैं, जिनमें से 124 दुकानें पिछली नीलामी में बिक्री न होने के कारण दोबारा शामिल किया गया हैं। इन दुकानों की बोली की कीमत 23 लाख रुपये से लेकर 12 करोड़ रुपये तक निर्धारित की गई है। MHADA Mumbai Lottery 2025: Know other details related to application and documents

    नीलामी में शामिल दुकानें निम्नलिखित स्थानों पर हैं:

    • मुलुंड गव्हाणपाडा: 6 दुकानें
    • कुर्ला-स्वदेशी मिल: 5 दुकानें
    • तुंगा पवई: 2 दुकानें
    • कोपरी पवई: 23 दुकानें
    • चारकोप: 23 दुकानें
    • पुराना मागाठाणे, बोरीवली पूर्व: 6 दुकानें
    • महावीर नगर, कांदिवली पश्चिम: 6 दुकानें
    • प्रतीक्षा नगर, सायन: 9 दुकानें
    • अँटॉप हिल, वडाला: 3 दुकानें
    • मालवणी, मालाड: 46 दुकानें
    • बिंबिसार नगर, गोरेगांव पूर्व: 17 दुकानें

    शास्त्री नगर (गोरेगांव), सिद्धार्थ नगर, और मजासवाडी (जोगेश्वरी पूर्व): प्रत्येक में 1 दुकान..MHADA Mumbai Lottery 2025: Know other details related to application and documents

  • Ladki Bahin Yojana: देर से ही सही, पर लाडकी बहन योजना धारकों के लिए खुशखबरी!

    Ladki Bahin Yojana: देर से ही सही, पर लाडकी बहन योजना धारकों के लिए खुशखबरी!

    महाराष्ट्र सरकार की “लाडकी बहन योजना” के तहत राज्य की लाखों महिलाओं के लिए रक्षाबंधन से पहले बड़ी खुशखबरी है। जुलाई महीने की 13वीं किस्त यानी 1500 रुपये बैंक खातों में 9 अगस्त 2025 से पहले जमा किए जाएंगे। हालांकि की देरी हुई है लेकिन योजना को फिर एकबार जारी रखा गया है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र सरकार की “लाडकी बहन योजना” के तहत राज्य की लाखों महिलाओं के लिए रक्षाबंधन से पहले बड़ी खुशी की खबर है। जुलाई महीने की 13वीं किस्त 1500 रुपये की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 9 अगस्त 2025 से पहले जमा कर दिए जाएंगे। महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने हाल ही में इसको लेकर जानकारी साझा करते हुए बताया कि रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर महिलाओं के खातों में पैसे जमा कर दिए जाएंगे। एक जानकारी के मुताबिक किस्तों के पैसे जारी करने में देरी हुई है। यह देरी इसलिए हुई क्यों कि योजना का लाभ उठाने के लिए लाखों लोगों ने फर्जी तरीके से लाभ उठा लिया था। उसकी जांच मे देरी के कारण पात्र महिलाओं को इंतजार करना पड़ा। Ladki Bahin Yojana: Though late, but good news for Ladki Bahin Yojana holders!

    योजना में पात्रता और लाभ

    महाराष्ट्र सरकार की ओर से “माझी लाडकी बहन योजना” 21 से 65 वर्षीय महिलाओं के लिए चलाई जा रही है। योजना की शुरुआत से अब तक पात्र महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह की दर से अबतक 12 किस्तें दी जा चुकी हैं। सरकारी घोषणा के मुताबिक, अब 13वीं किस्त की राशि जारी किए जायेगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने जरूरतों के खर्चों को आत्मनिर्भरता से पूरा कर सकें।

    Ladki Bahin Yojana में मिले फर्जी खाते

    हालांकि, इस बार सभी महिलाओं को किस्त नहीं मिलेगी। सरकार की जांच में सामने आया है कि 26.34 लाख लोगों ने फर्जी तरीके से योजना का लाभ उठाया है। जिनमें से करीब 14,000 पुरुष भी शामिल थे। ऐसे सभी फर्जी लाभार्थियों को लाभार्थी सूची से हटा दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया, कि आगे से केवल योग्य और सत्यापित महिलाओं को ही योजना का लाभ मिलेगा। यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर इस योजना का लाभ लेता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Ladki Bahin Yojana: Though late, but good news for Ladki Bahin Yojana holders!

    कैसे करें बैलेंस चेक?

    जिन महिलाओं को किस्त मिलने वाली है, वे अपना खाता बैलेंस निम्नलिखित तरीकों से जांच सकते हैं:

    • ATM मशीन के जरिए पता कर सकते हैं।
    • बैंक शाखा कार्यालय जाकर पूछताछ की जा सकती है।
    • मोबाइल बैंकिंग ऐप से बेलेंस चेक कर सकते हैं।
    • कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके भी पता कर सकते हैं।

    आपको जानकारी देते हुए बता दें, कि लाडकी बहन योजना की राशि DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है।

    करोड़ों महिलाओं को मिल रहा है योजना का लाभ

    महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी “माझी लाडकी बहन योजना” के तहत पहले करीब 2.5 करोड़ महिलाओं को लाभ मिल रहा था, लेकिन जांच में गड़बड़ियां सामने आने के बाद आंकड़ा करीब सवा दो करोड़ हो गया। लेकिन इसके बाद एक बार फिर 26.34 लाख फर्जी नामों को हटाया गया, जिससे यह आंकड़ा अब घटकर करीब 2 करोड़ होने की जानकारी मिल रही है। हालांकि सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र महिला तक यह सहायता समय पर पहुंचे, ताकि कोई भी जरूरतमंद महिला इस योजना से वंचित न रह जाए। Ladki Bahin Yojana: Though late, but good news for Ladki Bahin Yojana holders!

  • Ladki Bahin Yojana: लाडकी बहनों को अब बैंक से मिलेगा जीरो इंट्रेस्ट पर कर्ज

    Ladki Bahin Yojana: लाडकी बहनों को अब बैंक से मिलेगा जीरो इंट्रेस्ट पर कर्ज

    महाराष्ट्र की लाडकी बहनों को अब आर्थिक निर्भर बनाने के लिए उन्हें मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक की तरफ से जीरो इंट्रेस्ट पर कर्ज देने की योजना बनाई गई है। बैंक अब उन लाभार्थी महिलाओं को खुद का व्यवसाय करने के लिए लोन देने जा रही है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    Ladki Bahin Yojana:
    राज्य सरकार की लोकप्रिय ‘लाड़की बहन योजना‘ के तहत अब महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज मिलने जा रहा है। यह योजना मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक द्वारा लागू की जा रही है, जिसे राज्य सरकार की ब्याज सब्सिडी योजना के साथ जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। इस बैठक में राज्य सरकार के चार महत्वपूर्ण महामंडलों के निदेशक और संबंधित विभागों के सचिव मौजूद थे। बैठक के बाद बैंक के अध्यक्ष प्रवीण दरेकर ने योजना की जानकारी साझा की।

    बैठक में हुआ फैसला

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में वर्षा निवास पर हुई बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई है। बैठक में चार सरकारी महामंडलों के अधिकारी, संबंधित विभागों के सचिव और मुंबई जिला बैंक के अध्यक्ष प्रवीण दरेकर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा, कि “महिलाओं को बिना ब्याज के कर्ज उपलब्ध कराया जाना चाहिए।”

    मिलेगा ब्याज पर सब्सिडी

    आई योजना (पर्यटन महामंडल), अण्णासाहेब आर्थिक विकास महामंडल, भटक्या विमुक्त महामंडल, ओबीसी महामंडल इन सभी चार महत्वपूर्ण महामंडलों को इस योजना में ब्याज सब्सिडी के लिए शामिल किया गया है। इन योजनाओं से महिलाओं को 12% तक ब्याज की भरपाई की जाएगी। फायदा यह होगा कि इससे महिलाओं को ज़ीरो इंटरेस्ट पर लोन मिलेगा। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    मिलेगा 1 लाख तक का लोन

    एक महिला को 1 लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाएगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए 5 से 10 महिलाओं का समूह बनाकर भी व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। बैंक व्यवसाय की जांच-पड़ताल करने के बाद लोन को पास करेगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को मुंबई जिला बैंक में आवेदन करना होगा। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    12 लाख से अधिक महिलाओं को मिलेगा फायदा

    वर्तमान में 12 से 13 लाख महिलाएं ‘लाड़की बहन’ योजना की लाभार्थी हैं। इनमें से लगभग 1 लाख महिलाएं मुंबई जिला बैंक की सदस्य भी हैं। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

  • मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया।

    मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया।

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण के लिए गुरुवार को “SRA Brihanmumbai” मोबाइल ऐप्लिकेशन को लॉन्च किया। इसके तहत नागरिकों को बिल्डर, आर्किटेक्ट और परियोजनों से प्रभावित व्यक्तियों को योजना की जानकारी मिल सकेगी।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    Mumbai SRA News:
    गुरुवार को राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य अतिथिगृह “सह्याद्री” में झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मुंबई झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) के लिए “SRA Brihanmumbai” नामक मोबाइल ऐप्लिकेशन लॉच किया। इस ऐप से नागरिकों को बिल्डरों को, आर्किटेक्ट वर्ग को और परियोजनाओं से प्रभावित व्यक्तियों को योजना की जानकारी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने एसआरए के अधिकारियों को वेबसाइट पर नागरिकों के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आप इस ऐप्लिकेशन को यहां से भी डायरेक्ट Download कर सकते हैं। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    पहाडों पर बने झोपडों का पुनर्वसन

    इसी बैठक के दौरान मुंबई समेत राज्य के दूसरे शहरों में पहाड़ों पर बनी झोपड़पट्टियों के पुनर्वसन के लिए भी स्वतंत्र नीति बनाने को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र झोपड़ा धारकों को उनके मौजूदा निवास के पास ही पुनर्वसन किया जाना चाहिए। बैठक में उपमुख्यमंत्री तथा गृहनिर्माण मंत्री एकनाथ शिंदे, प्रदेश गृहनिर्माण राज्यमंत्री पंकज भोयर, राज्य की मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, गृहनिर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम गुप्ता, झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेंद्र कल्याणकर आदि उपस्थित थे। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    एसआरए खरीदेगी जमीन

    बैठक में एसआरए की इमारतों के लिए जमीन खरीदने का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई समेत बड़े शहरों में पहाड़ों पर काफी झोपड़े बने हुए हैं। ऐसी झोपड़पट्टियां बारिश के दिनों में भूस्खलन और पत्थर गिरने से धोकादायक हो जाते हैं। इसलिए पहाड़ों पर बनी झोपड़पट्टियों के पुनर्वसन के लिए अलग से नीति बनाएं और जरूरत पड़ने पर जमीन भी खरीदें। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    दिसंबर तक पूरा होगा बायोमेट्रिक सर्वेक्षण

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बायोमेट्रिक पद्धति पर आधारित घर-घर सर्वेक्षण का काम दिसंबर तक पूरा हो जाना चाहिए। झोपड़पट्टी के जो घर बंद हैं, ऐसे घरों का रिकॉर्ड तैयार किए जाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि मुंबई महानगर पालिका के सेवानिवृत्त अधिकारियों का सेल तैयार करें। इसके माध्यम से समूह विकास (क्लस्टर) योजना को गति मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि घाटकोपर के रमाबाई आंबेडकर नगर झोपड़पट्टी पुनर्वसन के काम को गति से पूरा किया जाना अतिआवश्यक है। उन्होंने आदेश देते हुए यह भी कहा, कि “समुद्र के पास की जगह का पुनर्वसन के लिए उपयोग करें।” Chief Minister launched mobile app for SRA project

    पुणे के नागरिकों को पुनर्वसन का आदेश

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पुणे शहर के परियोजना से प्रभावित नागरिकों को स्थायी रूप से पुनर्वसन करें। उन्हें किराया अथवा अन्य विकल्प खोजकर घर देने की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि पुणे शहर के नदी किनारे बसे झोपड़ा धारकों को बाढ़ का सामना करना पड़ता है। ऐसे झोपड़ों का गृहनिर्माण विभाग की योजना के जरिए पुनर्वसन करें। Chief Minister launched mobile app for SRA project

  • Maharashtra: अब इलेक्ट्रिक वाहनों पर टोल नहीं वसूला जाएगा। एक्सप्रेस हाईवे और समृद्धि महामार्ग सब फ्री

    Maharashtra: अब इलेक्ट्रिक वाहनों पर टोल नहीं वसूला जाएगा। एक्सप्रेस हाईवे और समृद्धि महामार्ग सब फ्री

    महाराष्ट्र ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई नीति पेश की गई है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख मार्गों पर इलेक्ट्रिक कारों और बसों को टोल में 100% छूट मिलेगी। राज्य सरकार राजमार्गों पर हर 25 किमी पर चार्जिंग स्टेशन बनाएगी। भारी डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने के लिए सब्सिडी देगी।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025 की घोषणा कर दी है। इसके तहत मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, समृद्धि महामार्ग और अटल सेतु पर इलेक्ट्रिक कारों व ई-बसेस को आगामी 5 वर्षों के लिए 100% टोल माफी का ऐलान कर दिया गया है। जल्द ही राज्य के सभी सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) अंतर्गत हाइवे पर भी टोल माफी लागू कर दी जाएगी। Maharashtra: Now toll will not be charged on electric vehicles. Express Highway and Samruddhi Highway all free

    महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुक्रवार को जारी जीआर में कहा गया है कि टोल माफी की राशि को परिवहन विभाग PWD को पूरक प्रावधानों के माध्यम से कर देगा। यह निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित संचालन समिति द्वारा लिया जाएगा।

    चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण

    मुंबई-पुणे और मुंबई-नागपुर रूट पर लागू सरकार की योजना के तहत राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर हर 25 किमी पर एक EV चार्जिंग स्टेशन बनाना अनिवार्य किया गया है। सभी मौजूदा और नए पेट्रोल पंपों पर कम से कम एक EV चार्जिंग सुविधा होगी। इसके लिए तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और परिवहन विभाग के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) किया जाएगा। एसटी के प्रत्येक बस डिपो और स्टेशन पर भी फास्ट चार्जिंग सुविधा अनिवार्य की जाएगी। यह नीति मुंबई-पुणे और मुंबई-नागपुर मार्गों के बीच सतत परिवहन मॉडल को भी प्रोत्साहित करेगी।

    इलैक्ट्रिक वाहन में तब्दील के लिए मिलेगी सब्सिडी

    नई नीति में ट्रक, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, निर्माण कार्य में उपयोग होने वाले जटिल वाहन, एंबुलेंस और कचरा परिवहन के वाहनों को भी शामिल किया गया है। इन वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए राज्य सरकार विशेष सब्सिडी प्रदान करेगी, क्योंकि ये वाहन सामान्य कारों की तुलना में 67 गुना अधिक प्रदूषण करते हैं। Maharashtra: Now toll will not be charged on electric vehicles. Express Highway and Samruddhi Highway all free

  • Mhada : किफायती घर खरीदना होगा आसान, म्हाडा बनाएगी 19,497 सस्ते घर

    Mhada : किफायती घर खरीदना होगा आसान, म्हाडा बनाएगी 19,497 सस्ते घर

    महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Mhada) की और से राज्यभर में कुल 19,497 घरों के निर्माण की योजना बनाई है। मुंबई और कोकण मंडलों के अलावा नाशिक, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) और नागपुर में भी घर बनाए जाएंगे। इसका लाभ निश्चित रूप से आम जनता को मिलेगा।

    मुम्बई: महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Mhada) की ओर से राज्य में सर्व सामान्य नागरिकों के घर के सपने को साकार करने की योजना बनाई है। लॉटरी पद्धति के जरिए लोगों को सस्ते दामों पर म्हाडा हमेशा से घर मुहैया कराते आई है। इसी कड़ी में म्हाडा अगले एक वर्ष के भीतर मुंबई में 5,199 घरों का निर्माण करेगी। इसके लिए म्हाडा का मुंबई मंडल नागरिकों को किफायती घर उपलब्ध कराने के लिए 5,749.49 करोड़ रुपये खर्च करने का मन बना लिया है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

    कोकण मंडल ने बनाया 140.85 करोड़ रुपये का बजट 

    मुंबई के अलावा ठाणे, कल्याण, डोंबिवली, मीरा रोड और विरार जैसे इलाकों में घर खरीदने का सपना देखने वालों के लिए कोकण मंडल 2025-26 में कुल 9,902 घर बनाएगी, जिस पर 140.85 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी प्राप्त हो रही है। मुंबई मंडल के कई प्रोजेक्ट्स पहले से ही चल रहे हैं और बजट के माध्यम से इन सभी योजनाओं को गति देने का प्रयास किया गया है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

    बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना

    मुंबई मंडल को प्राप्त कुल धन राशि में से सबसे बड़ी धन राशि बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना के लिए आवंटित की गई है। इस ऐतिहासिक और 100 साल पुरानी बीडीडी चॉलों के पुनर्विकास के लिए बजट में 2,800 करोड़ रुपये की विशेष व्यवस्था की गई है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

    राज्यभर में किफायती घरों की श्रंखला

    म्हाडा ने इस बजट में राज्यभर में कुल 19,497 घरों के निर्माण की योजना बनाई है। मुंबई और कोकण मंडल के अलावा नाशिक, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) और नागपुर में भी घर बनाए जाने की जानकारियां प्राप्त हो रही है। राज्यभर में किफायती घरों की श्रंखला तैयार होने से, इसका लाभ निश्चित रूप से आम जनता को मिलेगा। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

  • प्रयागराज के बाद महाराष्ट्र के नासिक में कुंभ मेले की तैयारी

    प्रयागराज के बाद महाराष्ट्र के नासिक में कुंभ मेले की तैयारी

    लोक निर्माण विभाग (PWD) की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा पाटनकर म्हैसकर ने नासिक का दौरा किया और स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की।

    मुम्बई: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में महाकुंभ मेला 2025 समाप्त होने के साथ ही, महाराष्ट्र में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों ने जोर पकड़ ली है, यहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर आईएएस अधिकारियों ने भव्य आयोजन की व्यवस्थाओं का आकलन करने के लिए नासिक का दौरा करना शुरू कर दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा पाटनकर म्हैसकर ने नासिक का दौरा किया और स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    कैसा रहेगा प्रबंधन?

    स्थानीय पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, कुंभ मेले के समय निजी वाहनों को नासिक के बाहरी इलाके में कुछ किलोमीटर जैसे 7 से 12 किमी. पार्किंग स्थल की व्यवस्था के आधार पर रोक दिया जाएगा। वाहनों को मुख्य कुंभ स्थल से दूर रखा जाए। “धार्मिक स्थल और शहर की ओर जाने वाली सभी सड़कों पर पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। इन पार्किंग स्थलों से, तीर्थयात्रियों के परिवहन के लिए तैनात विशेष बसों का उपयोग करके कुंभ स्थल तक पहुँचाया जाएगा। एक अधिकारी ने कहा, “इसका उद्देश्य भीड़भाड़ को कम करना और भीड़ प्रबंधन में सुधार करना है।

    हाल ही में उत्तर प्रदेश में हुए महाकुंभ मेले में ट्रैफिक जाम की खबरों के बाद यह दृष्टिकोण और योजना महत्वपूर्ण हो गई है, जहां तीर्थयात्री घंटों तक वाहनों में फंसे रहे और ट्रैफिक जाम की स्थिति लगभग 60 से 100 किलोमीटर तक फैल गया। 17 जनवरी को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक कुंभ की तैयारियों की समीक्षा के लिए मंत्रालय में एक बैठक बुलाई। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    मुख्यमंत्री ने बताई अपनी योजना ..

    बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को नासिक को वैश्विक कुंभ के मौके पर आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की अपनी योजना के बारे में स्पष्ट किया और प्रशासन से आग्रह किया कि वह नासिक कुंभ में आने वाले नागरिकों और पर्यटकों के आवास, आवागमन और सुरक्षा के मामले में तैयारियों को प्राथमिकता दे। आप को बता दें कि 2003 में नासिक कुंभ के मौके पर हुई भगदड़ के कारण 39 लोगों की जान चली गई थी। इस बार खास ध्यान रखने के लिए कहा गया है। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    धार्मिक स्थलों की यात्रा

    नासिक कुंभ मेला 2027 में लाखों तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के आने की उम्मीद है। हर 12 साल में होने वाला यह आयोजन आखिरी बार 2015 में हुआ था। नासिक के अलावा, प्रशासन को उम्मीद है कि कुंभ के लिए आने वाले कई पर्यटक सर्पशृंगी, शिरडी और शनि शिंगणापुर जैसे अन्य नजदीकी धार्मिक स्थलों की यात्रा करेंगे। मनीषा पाटनकर म्हैसकर के दौरे के समय पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने कुंभ के तीर्थयात्रियों द्वारा कुंभ के आसपास के धार्मिक स्थलों और कुछ मामलों में नासिक से परे शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने की संभावना पर चर्चा की।

    सड़कों की होगी मरम्मत

    अधिकारी ने कहा, “ऐसे पर्यटकों के लिए यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए, पीडब्ल्यूडी और अन्य संबंधित सरकारी एजेंसियां नासिक और आस-पास के क्षेत्रों में अन्य धार्मिक स्थलों पर सड़क संपर्क और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।” अधिकारी ने यह भी कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कुंभ स्थल तक पहुंचने वाली और नासिक को जोड़ने वाली सभी सड़कें (चाहे आंतरिक हों या बाहरी) उचित स्थिति में हों। अधिकारी ने कहा, “राज्य राजमार्ग से संबंधित मुद्दों को सुलझाया जाएगा और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरणों से संबंधित मुद्दों को विभाग और संबंधित अधिकारियों को बताया जाएगा।

    इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय के करीबी लोगों ने कहा कि फडणवीस जल्द ही यातायात प्रबंधन, नदी की सफाई, भीड़ प्रबंधन और सिंहस्थ कुंभ मेले में भाग लेने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के प्रावधान से संबंधित मुद्दों की समीक्षा के लिए कई दौर और बैठकें करेंगे। अधिकारी ने कहा, “जनवरी में अपनी बैठक के दौरान फडणवीस ने उल्लेख किया था कि अगली बैठक एक महीने के भीतर होगी। इस बैठक के दौरान, अधिकारियों से उनके इनपुट और योजनाएँ प्रस्तुत करने के लिए कहा जाएगा।

    कुंभ मेले का महत्व

    26 फरवरी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ का समापन के बाद नासिक कुंभ मेले का महत्व भी आप को बताते चलें। नासिक शहर महाराष्ट्र के उत्तर-पश्चिमी भाग में मुंबई से 168 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। गोदावरी नदी के तट पर बसा यह शहर पवित्र माना जाता है, खासकर भगवान राम के इस स्थान से जुड़े होने और यहाँ मौजूद त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर और कालाराम मंदिर सहित कई धार्मिक मंदिरों के कारण रामकुंड को एक दिव्य स्थान कहा जाता है। जहाँ भगवान राम स्नान करते थे और कुंभ मेले के दौरान इस तालाब में डुबकी लगाना शुभ माना जाता है। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)