Category: Maharashtra Schemes

  • BMC की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी को ठंडी प्रतिक्रिया, सिर्फ 855 ने किया डिपॉज़िट पेमेंट

    BMC की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी को ठंडी प्रतिक्रिया, सिर्फ 855 ने किया डिपॉज़िट पेमेंट

    मुंबई में BMC की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी को उम्मीद के मुताबिक रिस्पॉन्स नहीं मिला। 23,704 लोगों ने रजिस्ट्रेशन किया, लेकिन सिर्फ 855 ने ही डिपॉज़िट जमा किया। जानिए क्यों नहीं बिक रहे 55 लाख से 1 करोड़ तक के ये फ्लैट्स।

    मुंबई: बॉम्बे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी 2024 को इस बार कमजोर रिस्पॉन्स मिला है। कुल 23,704 नागरिकों ने रजिस्ट्रेशन किया, लेकिन सिर्फ 855 लोगों ने ही ₹11,000 का डिपॉज़िट पेमेंट किया है। जबकि आवेदन की अंतिम तारीख में अब केवल चार दिन बाकी हैं।
    यह फ्लैट्स डेवलपमेंट कंट्रोल एंड प्रमोशन रेगुलेशन (DCPR), 2034 के तहत विकसित किए गए हैं। कुल 426 फ्लैट्स में से 381 EWS (Economically Weaker Section) और 45 LIG (Low Income Group) के लिए रखे गए हैं।

    🏠 महंगे दामों से खरीदार पीछे हटे

    BMC ने 16 अक्टूबर को इन 426 फ्लैट्स की बिक्री की घोषणा की थी, जिनकी कीमतें ₹55 लाख से ₹1.07 करोड़ के बीच रखी गई हैं।
    इन फ्लैट्स से BMC को करीब ₹308 करोड़ की आमदनी की उम्मीद थी, लेकिन उच्च दामों के कारण खरीदारों की रुचि कम देखी जा रही है।
    BMC के मुताबिक, कीमतें स्थानीय रेडी रेकनर रेट से लगभग 10% ज़्यादा हैं, जो मिडल क्लास और लो-इनकम परिवारों के लिए भारी पड़ रही हैं।

    स्थान:
    इन फ्लैट्स के लोकेशन में मरोल (अंधेरी), मजास गांव (जोगेश्वरी ईस्ट), गोरेगांव वेस्ट, कांदिवली वेस्ट, भांडुप वेस्ट, भायखला, दहिसर और कांजुरमार्ग शामिल हैं।

    📉 BMC कर सकती है फ्लैट के रेट्स में कमी

    एक वरिष्ठ BMC अधिकारी के अनुसार —

    “अगर खरीदार नहीं मिलते हैं, तो हम कीमतों में कमी पर विचार कर सकते हैं। लेकिन उससे पहले हम मार्केट की स्थिति और अन्य सरकारी हाउसिंग इन्वेंटरी का रिव्यू करेंगे।”

    यह फ्लैट्स DCPR 2034 की रेग्युलेशन 15 और 33(20)(b) के तहत डेवेलपर्स से लिए गए हैं, जिसमें उन्हें 4000 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट पर बने प्रोजेक्ट का कुछ हिस्सा अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए देना होता है।

    पहले ऐसे फ्लैट्स MHADA लॉटरी के जरिए अलॉट किए जाते थे, लेकिन इस बार BMC ने खुद यह प्रक्रिया संभाली है।

    🗓️ ऑनलाइन आवेदन और लॉटरी का शेड्यूल

    • अंतिम तारीख: 14 नवंबर 2025 (रात 11:59 बजे तक)
    • योग्य आवेदकों की सूची: 18 नवंबर (शाम 5 बजे)
    • लॉटरी ड्रॉ: 20 नवंबर (शाम 5 बजे)
    • सफल आवेदकों की घोषणा: 21 नवंबर (शाम 5 बजे)
    • आधिकारिक वेबसाइट: https://housing.mcgm.gov.in

    📊 BMC आवेदन डेटा (16 अक्टूबर – 10 नवंबर तक)

    विवरणसंख्या
    कुल रजिस्टर्ड आवेदक23,704
    रजिस्ट्रेशन फीस (₹1,180) भरने वाले1,644
    डिपॉज़िट (₹11,000) जमा करने वाले855

    🧩 क्यों नहीं मिल रही है जनता की रुचि?

    • फ्लैट्स की कीमतें आमदनी के मुकाबले ज्यादा
    • 269 से 489 वर्गफुट के छोटे आकार
    • EMI और ब्याज दरों में बढ़ोतरी
    • निजी बिल्डर्स के सस्ते ऑफर्स से मुकाबला
    • जगहों की सीमित कनेक्टिविटी

    🏡 EWS और LIG के लिए उम्मीदें अभी बाकी

    हालांकि शुरुआत धीमी रही है, लेकिन BMC को उम्मीद है कि जैसे-जैसे अंतिम तिथि करीब आएगी, आवेदकों की संख्या बढ़ेगी।
    इसके अलावा, अगर कीमतों में कमी की घोषणा होती है, तो यह मिडल क्लास खरीदारों के लिए बड़ा मौका बन सकता है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. BMC की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी क्या है?
    यह एक सरकारी योजना है जिसमें मुंबई के अलग-अलग इलाकों में बने सस्ते घरों को लॉटरी सिस्टम के जरिए पात्र नागरिकों को आवंटित किया जाता है।
    Q2. आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
    14 नवंबर 2025 रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन और डिपॉज़िट किया जा सकता है।
    Q3. किन इलाकों में फ्लैट्स उपलब्ध हैं?
    मरोल, जोगेश्वरी, गोरेगांव, कांदिवली, भांडुप, बायकुला, दहिसर और कांजुरमार्ग में।
    Q4. फ्लैट्स की कीमतें कितनी हैं?
    ₹55 लाख से ₹1.07 करोड़ के बीच, क्षेत्र और साइज के अनुसार।
    Q5. क्या BMC दरें घटा सकती है?
    हां, BMC ने संकेत दिए हैं कि अगर खरीदार नहीं मिलते हैं तो दरों में कमी पर विचार किया जाएगा।

  • राज्य सरकार का बड़ा फैसला: मुंबई के नागरिक अब किसी भी स्टाम्प ऑफिस में करा सकेंगे दस्तावेज़ों की एंट्री

    राज्य सरकार का बड़ा फैसला: मुंबई के नागरिक अब किसी भी स्टाम्प ऑफिस में करा सकेंगे दस्तावेज़ों की एंट्री

    “मुंबई के नागरिक अब किसी भी स्टाम्प ऑफिस में दस्तावेज़ पंजीकरण करा सकते हैं — पहले की क्षेत्रीय बाधा हटी, अब शहर-उपनगर के छह स्टाम्प कार्यालय उपलब्ध।”

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और उसके उपनगरों के नागरिकों को एक बड़ी राहत मिली है — महाराष्ट्र राजस्व विभाग ने घोषणा की है कि अब दस्तावेज़ों (जैसे संपत्ति अनुबंध, पट्टा समझौते, वसीयत व अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज़) की न्यायाधिकरण / पंजीकरण प्रक्रिया किसी भी स्टाम्प कार्यालय में कराई जा सकती है। पहले जहाँ पंजीकरण केवल उस इलाके के स्टाम्प ऑफिस में करना ज़रूरी था, अब वह बाधा पूरी तरह हटाई गई है।

    🏢 कौन-से स्टाम्प कार्यालय हैं चुनने योग्य?

    नए नियम के तहत निम्नलिखित छह स्टाम्प कार्यालयों में आप दस्तावेज़ दर्ज करा सकते हैं —

    • बोरीवली (Borivali)
    • कुर्ला (Kurla)
    • अंधेरी (Andheri)
    • मुंबई सिटी (Mumbai City)
    • पुराने कस्टम हाउस के पास मुख्य स्टाम्प कार्यालय (Stamp District Collector, Enforcement 1 & 2)

    इन सभी कार्यालयों में अब क्षेत्रीय जमीनी सीमाएँ नहीं मानी जाएँगी और स्वरूप देखते हुए पंजीकरण किया जाएगा।

    🔄 पुराने नियम vs नया नियम

    पुराने नियम की स्थिति

    पहले, यदि आपका निवास या व्यापार किसी विशिष्ट क्षेत्र में हो, तो दस्तावेज़ आपको उसी क्षेत्र के स्टाम्प कार्यालय में ही दर्ज कराना पड़ता था। इससे समय, मशक्कत और आवागमन जैसी चुनौतियाँ आम थीं।

    नए नियम की लाभ

    • दस्तावेज़ पंजीकरण के लिए अब आपको क्षेत्रीय दायरे की चिंता नहीं होगी
    • अधिक लचीलापन: आप अपने लिए सुविधाजनक कार्यालय चुन सकते हैं
    • सरकारी प्रक्रिया सरल और नागरिक अनुकूल बनी

    ℹ️ सामान्य प्रश्न (FAQ)

    प्रश्न 1: क्या यह नियम केवल मुंबई शहर के लिए है?
    हाँ, यह घोषणा विशेष रूप से मुंबई और उसके उपनगरों (मीडिया लेखों में “Mumbai city and its suburbs”) के लिए है।

    प्रश्न 2: क्या दस्तावेज़ की प्रकारों पर कोई प्रतिबंध है?
    नया नियम संपत्ति अनुबंध, पट्टा (lease) समझौते, वसीयत, उत्तराधिकार (inheritance) और संबंधित दस्तावेज़ों को शामिल करता है।

    प्रश्न 3: क्या शुल्क या प्रक्रिया में कोई बदलाव होगा?
    विज्ञप्ति में शुल्क या प्रक्रिया संबंधी बदलाव का जिक्र नहीं है — मुख्य परिवर्तन क्षेत्रीय प्रतिबंधों का अंत है।

    प्रश्न 4: कब से लागू होगा नया नियम?
    शील बयां तारीख 14 अक्टूबर 2025 को यह जानकारी घोषित की गई है। संभव है कि तुरंत या शीघ्र ही लागू किया जाए।

  • महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: अब दुकानें, मॉल और रेस्टोरेंट्स रहेंगे 24×7 खुले, कारोबारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

    महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: अब दुकानें, मॉल और रेस्टोरेंट्स रहेंगे 24×7 खुले, कारोबारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

    महाराष्ट्र सरकार ने दुकानों, मॉल्स और रेस्टोरेंट्स को हफ्ते के सातों दिन 24×7 खोलने की इजाज़त दी है। कुछ कारोबारी इसे रोजगार और नाइट इकॉनमी के लिए गेमचेंजर बता रहे हैं, तो कुछ ने सुरक्षा और खर्च बढ़ने की आशंका जताई।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को नया सर्कुलर जारी किया जिसमें दुकानों, रेस्टोरेंट्स, मॉल्स, मल्टीप्लेक्स और दूसरे कमर्शियल प्रतिष्ठानों को 24 घंटे खुले रखने की अनुमति दी गई है। हालांकि शराब बेचने वाले या परोसने वाले बार और वाइन शॉप्स को इससे बाहर रखा गया है।

    सरकार का मानना है कि इससे नाइट-टाइम इकॉनमी (Night-time Economy) को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के मौके बढ़ेंगे और मुंबई को असली ग्लोबल सिटी बनाने की दिशा में मदद मिलेगी।

    खुश कारोबारियों ने फैसले को बताया गेमचेंजर

    मुंबई की कई बड़ी एसोसिएशनों ने इस फैसले का स्वागत किया है।

    • Retailers Association of India (RAI) के सीईओ कुमार राजगोपालन ने कहा – “हम लंबे समय से इस पर जोर दे रहे थे। इससे ग्राहकों को जब चाहें खरीदारी की सुविधा मिलेगी और रिटेलर्स भी बेहतर सर्विस दे पाएंगे।”
    • Hotel and Restaurant Association Western India (HRAWI) के प्रवक्ता प्रदीप शेट्टी ने इसे “ऐतिहासिक और मुंबई को ग्लोबल सिटी बनाने वाला कदम” बताया। उनका कहना है कि यह फैसला युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करेगा और टूरिज़्म सेक्टर को मजबूत करेगा।

    छोटे कारोबारियों ने उठाई सुरक्षा और खर्च की चिंता

    जहां बड़े बिज़नेस हब और मॉल मालिक इस फैसले को सराह रहे हैं, वहीं छोटे व्यापारी और होटल मालिक इससे चिंतित हैं।

    • विजय शेट्टी (चेंबूर के होटल मालिक) ने कहा – “हर जगह 24 घंटे दुकानें खुली रखना प्रैक्टिकल नहीं है। खर्च बढ़ेगा लेकिन ग्राहक हर समय नहीं आएंगे। सिर्फ एयरपोर्ट और बड़े हब्स पर ही फायदा होगा।”
    • दादर व्यापारी संघ के सचिव दीपक देवरुखकर ने कहा – “रात में सुरक्षा सबसे बड़ी समस्या है। कोई भी आधी रात को कपड़े खरीदने नहीं आएगा। यहां तक कि अमेरिका में भी ज्यादातर सुपरमार्केट्स आधी रात तक ही बंद हो जाते हैं।”

    ज्वेलरी और बुलियन कारोबारियों की नाराज़गी

    Bombay Bullions Association ने भी चिंता जताई है।

    • एसोसिएशन के प्रवक्ता कुमार जैन ने कहा – “यह कदम सराहनीय है लेकिन ज्वेलरी और बुलियन कारोबारियों के लिए इसका कोई बड़ा फायदा नहीं है। छोटे ज्वेलरी शॉप्स रात में खुले रखना बेहद खतरनाक हो सकता है।”

    उनका कहना है कि केवल मॉल्स में मौजूद ज्वेलरी शॉप्स को ही इसका फायदा मिलेगा, जबकि लोकल दुकानों के लिए यह कदम नुकसानदायक साबित होगा।

    किसको होगा फायदा और किसको नुकसान?

    • फायदा: रेस्टोरेंट्स, मूवी थिएटर, मॉल्स और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर।
    • नुकसान या कोई बड़ा असर नहीं: छोटे व्यापारी, कपड़े/ज्वेलरी शॉप्स और पारंपरिक बिज़नेस।

    FAQ Section

    Q1. महाराष्ट्र सरकार का नया नियम क्या है?
    Ans: दुकानों, मॉल्स, रेस्टोरेंट्स और मल्टीप्लेक्स को 24×7 खुले रखने की इजाज़त दी गई है।

    Q2. क्या शराब बेचने वाले बार और वाइन शॉप्स भी खुल सकेंगे?
    Ans: नहीं, शराब बेचने या परोसने वाले प्रतिष्ठान इसमें शामिल नहीं हैं।

    Q3. इस फैसले से किसे फायदा होगा?
    Ans: रेस्टोरेंट्स, हॉस्पिटैलिटी, टूरिज्म और मॉल्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा।

    Q4. छोटे कारोबारियों की चिंता क्या है?
    Ans: बढ़ते खर्च, सुरक्षा की कमी और ग्राहकों की कमी।

    Q5. क्या इससे रोजगार बढ़ेगा?
    Ans: हाँ, खासकर हॉस्पिटैलिटी और नाइट-टाइम इकॉनमी में युवाओं के लिए अवसर बढ़ेंगे।

  • MHADA Mumbai Lottery 2025: जानें आवेदन और डाक्यूमेंट्स से जुड़ी अन्य डिटेल्स

    MHADA Mumbai Lottery 2025: जानें आवेदन और डाक्यूमेंट्स से जुड़ी अन्य डिटेल्स

    मुंबई में घर और दुकान खरीदने का सपना देखने वाले नागरिकों के लिए महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) प्रशासन ने एक बेहतरीन अवसर लेकर आया है। MHADA Mumbai Lottery 2025: Know other details related to application and documents

    मुंबई: घर और दुकान खरीदने का सपना देखने वाले नागरिकों को मुंबई में महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) प्रशासन ने एक बेहतरीन अवसर लेकर आया है। MHADA ने एक नई योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत अब न केवल घर, बल्कि सस्ते दुकानों और व्यावसायिक गाले भी लोग खरीद सकेंगे। म्हाडा नीलामी करने जा रही है। इस नीलामी में मकानों के साथ दुकानें भी खरीदने का मौका मिलेगा, जिसका आवेदन 19 अगस्त 2025 से शुरू होने जा रहा है। MHADA Mumbai Lottery 2025: Know other details related to application and documents

    कब से शुरू होगा आवेदन प्रकृया?

    MHADA प्रशासन मुंबई में 149 दुकानों की ई-नीलामी करने जा रहा है। इस नीलामी के लिए आवेदन और पंजीकरण प्रक्रिया मंगलवार, 19 अगस्त, 2025 से शुरू हो जाएगी। म्हाडा की जानकारी में कहा गया है, कि आवेदन 25 अगस्त, 2025 तक किए जा सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवारों को अपने सभी दस्तावेज़ पहले से तैयार रखने की सलाह दी गई है, ताकि आवेदन की प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए। आवेदन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को MHADA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। MHADA Mumbai Lottery 2025: Know other details related to application and documents

    29 अगस्त को होगी घोषणा

    इन दुकानों के लिए ऑनलाइन बोली 28 अगस्त, 2025 को सुबह 11 बजे से शुरू होगी, और नीलामी का परिणाम अगले दिन यानी 29 अगस्त, 2025 को घोषित किया जाएगा। इस ई-नीलामी में मुंबई के 17 प्रमुख स्थानों पर स्थित 149 दुकानें शामिल हैं, जिनमें से 124 दुकानें पिछली नीलामी में बिक्री न होने के कारण दोबारा शामिल किया गया हैं। इन दुकानों की बोली की कीमत 23 लाख रुपये से लेकर 12 करोड़ रुपये तक निर्धारित की गई है। MHADA Mumbai Lottery 2025: Know other details related to application and documents

    नीलामी में शामिल दुकानें निम्नलिखित स्थानों पर हैं:

    • मुलुंड गव्हाणपाडा: 6 दुकानें
    • कुर्ला-स्वदेशी मिल: 5 दुकानें
    • तुंगा पवई: 2 दुकानें
    • कोपरी पवई: 23 दुकानें
    • चारकोप: 23 दुकानें
    • पुराना मागाठाणे, बोरीवली पूर्व: 6 दुकानें
    • महावीर नगर, कांदिवली पश्चिम: 6 दुकानें
    • प्रतीक्षा नगर, सायन: 9 दुकानें
    • अँटॉप हिल, वडाला: 3 दुकानें
    • मालवणी, मालाड: 46 दुकानें
    • बिंबिसार नगर, गोरेगांव पूर्व: 17 दुकानें

    शास्त्री नगर (गोरेगांव), सिद्धार्थ नगर, और मजासवाडी (जोगेश्वरी पूर्व): प्रत्येक में 1 दुकान..MHADA Mumbai Lottery 2025: Know other details related to application and documents

  • Mhada: 13 हजार 91 इमारतों का होगा बायोमेट्रिक सर्वेक्षण

    Mhada: 13 हजार 91 इमारतों का होगा बायोमेट्रिक सर्वेक्षण

    मुंबई में म्हाडा की लगभग 13,091 इमारतों के निवासियों के बायोमेट्रिक सर्वेक्षण के लिए एक निजी एजेंसी की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। MHADA: 13 thousand 91 buildings will be biometrically surveyed

    मुंबई: दक्षिण मुंबई में अवैध निर्माण से प्रभावित इमारतों के पुनर्विकास के दौरान और म्हाडा के मुंबई भवन मरम्मत एवं पुनर्निर्माण मंडल द्वारा तैयार की गई व्यापक सूची के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मकान बेचे जा रहे हैं। कई बार मूल किरायेदार अपने असली मकान से वंचित रह जाते हैं। इस गंभीर मामले को ध्यान में रखते हुए, म्हाडा ने अब इन अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए अवैध निर्माण से प्रभावित इमारतों के साथ-साथ ट्रांजिट कैंप के निवासियों का भी बायोमेट्रिक सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया है।

    सर्वेक्षण में हुइ देरी

    हालाकि, इस सर्वेक्षण में देरी हुई। लेकिन अब अवैध निर्माण से प्रभावित इमारतों का बायोमेट्रिक सर्वेक्षण शुरू किया जाएगा। लगभग 13,091 इमारतों के निवासियों के बायोमेट्रिक सर्वेक्षण के लिए एक निजी एजेंसी की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। एजेंसी की नियुक्ति के लिए अगस्त में निविदाएँ जारी की जाएँगी। MHADA: 13 thousand 91 buildings will be biometrically surveyed

    पात्रता में गडबडी

    आप को बता दें कि अत्यधिक खतरनाक या ढह गई इमारतों के निवासियों को पुनर्वास बोर्ड द्वारा संक्रमणकालीन शिविरों में स्थानांतरित कर दिया जाता है। चूंकि सभी इमारतें खतरनाक हैं, इसलिए अब नई पुनर्विकास नीति के तहत इन इमारतों के पुनर्विकास में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में, प्रभावित इमारतों के निवासियों की पात्रता निर्धारित करने में कई त्रुटियां पाई जाती हैं, और पात्रता निर्धारित करने में अनियमितताएं भी होती हैं।

    कैसे होती है प्रक्रिया?

    इसी वजह से लगातार आरोप लग रहे हैं कि पुनर्विकास के तहत घरों को तोड़ा जा रहा है। वहीं, अत्यधिक खतरनाक या ढह गई इमारतों में संक्रमणकालीन शिविरों में स्थानांतरित किए गए निवासियों के मूल भवनों का किसी कारणवश पुनर्विकास नहीं किया जा सकता है। उन निवासियों की एक विस्तृत सूची तैयार की जाती है और पुनर्वास बोर्ड द्वारा निवासियों को घर वितरित किए जाते हैं।

    म्हाडा की वेबसाइट से मिलेगी जानकारी

    इन निवासियों को पुनर्विकास के माध्यम से मरम्मत बोर्ड के पास उपलब्ध आवासो के भंडार से आवास प्रदान किए जाते हैं। हालॉकि, यह भी देखा गया है कि इस व्यापक सूची में शामिल आवासों को तोड़ा जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में, लगभग 13,091 उपकरित घरों के निवासियों और पारगमन शिविरों के निवासियों का बायोमेट्रिक सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया गया है। बायोमेट्रिक सर्वेक्षण सहित पात्रता निर्धारण की पूरी प्रक्रिया कम्प्यूटरीकृत की जाएगी। भवनों की जानकारी भी कम्यूटरीकृत रूप से एकत्रित करके म्हाडा की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। पात्र निवासियों की सूची भी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। MHADA: 13 thousand 91 buildings will be biometrically surveyed

    अधिकारियों ने क्या कहा?

    2024 में उपकरित भवनों का बायोमेट्रिक सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया गया था। हालॉकि, यह निर्णय अभी तक लागू नहीं हुआ है। लेकिन अब, सुधार बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि बायोमेट्रिक सर्वक्षण का काम शुरू किया जाएगा। इस काम के लिए एक निजी संस्था की नियुक्ति की जाएगी और अगस्त में इसके लिए निविदाएँ जारी की जाएँगी। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद, वास्तविक बायोमेट्रिक सर्वेक्षण शुरू किया जाएगा।

    फर्जी दस्तावेजों का खेल खत्म

    इस सर्वेक्षण के आधार पर निवासियों की पात्रता निर्धारित की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि केवल पात्र निवासियों को ही पुनर्विकास और व्यापक सूची के तहत घर दिए जाएंगे। इस बीच, इस सर्वेक्षण के बाद और चूंकि पात्रता निर्धारण कंप्यूटर आधारित होगा, इसलिए अब पुनर्विकास के तहत या व्यापक सूची के तहत फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से घरों की बिक्री नहीं होगी, मानवीय हस्तक्षेप से बचा जा सकेगा और घरों के वितरण में पारदर्शिता आएगी।

  • मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया।

    मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया।

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण के लिए गुरुवार को “SRA Brihanmumbai” मोबाइल ऐप्लिकेशन को लॉन्च किया। इसके तहत नागरिकों को बिल्डर, आर्किटेक्ट और परियोजनों से प्रभावित व्यक्तियों को योजना की जानकारी मिल सकेगी। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    Mumbai SRA News:
    गुरुवार को राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य अतिथिगृह “सह्याद्री” में झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मुंबई झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) के लिए “SRA Brihanmumbai” नामक मोबाइल ऐप्लिकेशन लॉच किया। इस ऐप से नागरिकों को बिल्डरों को, आर्किटेक्ट वर्ग को और परियोजनाओं से प्रभावित व्यक्तियों को योजना की जानकारी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने एसआरए के अधिकारियों को वेबसाइट पर नागरिकों के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। आप इस ऐप्लिकेशन को यहां से भी डायरेक्ट Download कर सकते हैं। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    पहाडों पर बने झोपडों का पुनर्वसन

    इसी बैठक के दौरान मुंबई समेत राज्य के दूसरे शहरों में पहाड़ों पर बनी झोपड़पट्टियों के पुनर्वसन के लिए भी स्वतंत्र नीति बनाने को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र झोपड़ा धारकों को उनके मौजूदा निवास के पास ही पुनर्वसन किया जाना चाहिए। बैठक में उपमुख्यमंत्री तथा गृहनिर्माण मंत्री एकनाथ शिंदे, प्रदेश गृहनिर्माण राज्यमंत्री पंकज भोयर, राज्य की मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, गृहनिर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम गुप्ता, झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेंद्र कल्याणकर आदि उपस्थित थे। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    एसआरए खरीदेगी जमीन

    बैठक में एसआरए की इमारतों के लिए जमीन खरीदने का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई समेत बड़े शहरों में पहाड़ों पर काफी झोपड़े बने हुए हैं। ऐसी झोपड़पट्टियां बारिश के दिनों में भूस्खलन और पत्थर गिरने से धोकादायक हो जाते हैं। इसलिए पहाड़ों पर बनी झोपड़पट्टियों के पुनर्वसन के लिए अलग से नीति बनाएं और जरूरत पड़ने पर जमीन भी खरीदें। Chief Minister launched mobile app for SRA project

    दिसंबर तक पूरा होगा बायोमेट्रिक सर्वेक्षण

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बायोमेट्रिक पद्धति पर आधारित घर-घर सर्वेक्षण का काम दिसंबर तक पूरा हो जाना चाहिए। झोपड़पट्टी के जो घर बंद हैं, ऐसे घरों का रिकॉर्ड तैयार किए जाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि मुंबई महानगर पालिका के सेवानिवृत्त अधिकारियों का सेल तैयार करें। इसके माध्यम से समूह विकास (क्लस्टर) योजना को गति मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि घाटकोपर के रमाबाई आंबेडकर नगर झोपड़पट्टी पुनर्वसन के काम को गति से पूरा किया जाना अतिआवश्यक है। उन्होंने आदेश देते हुए यह भी कहा, कि “समुद्र के पास की जगह का पुनर्वसन के लिए उपयोग करें।” Chief Minister launched mobile app for SRA project

    पुणे के नागरिकों को पुनर्वसन का आदेश

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पुणे शहर के परियोजना से प्रभावित नागरिकों को स्थायी रूप से पुनर्वसन करें। उन्हें किराया अथवा अन्य विकल्प खोजकर घर देने की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि पुणे शहर के नदी किनारे बसे झोपड़ा धारकों को बाढ़ का सामना करना पड़ता है। ऐसे झोपड़ों का गृहनिर्माण विभाग की योजना के जरिए पुनर्वसन करें। Chief Minister launched mobile app for SRA project