Category: Finance & Banking

  • बैंक में अब चेक क्लियरिंग के लिए इंतेज़ार करने की जरूरत नहीं, आरबीआई ने पेश किया नया सिस्टम

    बैंक में अब चेक क्लियरिंग के लिए इंतेज़ार करने की जरूरत नहीं, आरबीआई ने पेश किया नया सिस्टम

    भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से बुधवार को चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) को कंटीन्यूअस क्लिरिंग एंड सेटलमेंट ऑन रियलाइजेशन में परिवर्तित करने का ऐलान कर दिया है। इसके पहले चेक क्लियरिंग को लेकर लगभग 2 दिनों का समय लगता था पर अब कुछ ही घंटों में चेक क्लियर हो जाएगा।

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से बुधवार को चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) को कंटीन्यूअस क्लिरिंग एंड सेटलमेंट ऑन रियलाइजेशन में परिवर्तित करने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले के बाद से बैंक में चेक क्लियर होने की अवधि अब दो दिन से घटकर केवल कुछ ही घंटे रह जाएंगे।

    दो चरणों में होगा लागू

    केंद्रीय बैंक आरबीआई की ओर से यह कदम चेक क्लियरिंग सिस्टम को तेज करने के लिए किया जा रहा है। आरबीआई की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि नए सिस्टम को दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहला फेस 4 अक्टूबर, 2025 से 3 जनवरी, 2026 तक के लिए लागू होगा, जबकि दूसरा फेस 3 जनवरी के बाद से लागू होगा। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new system

    सुबह 10 से 4 तक का होगा समय

    आरबीआई ने नए सिस्टम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा, कि इसमें एक सिंगल प्रेजेंटेशन सेशन होगा, जिसमें चेक को सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक पेश करना होगा। इसके तहत चेक प्राप्त करने वाली बैंक को चेक को स्कैन करके क्लिरिंग हाउस को भेजना होगा। इसके बाद क्लिरिंग हाउस की उस चेक की इमेज को राशि अदा करने वाले बैंक के पास भेजे दिया जाएगा। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new system

    10 से 7 तक होगा कंफर्मेशन

    कंफर्मेशन सेशन सुबह 10 बजे से लेक शाम के 7 बज तक होगा। इसमें पैसे अदा करने वाले बैंक को उस चेक पर सकारात्मक या नकारात्मक कंफर्मेशन देना होगा। इसमें खास बात यह है कि हर चेक का एक ‘आइटम एक्सपायरी टाइम’ होगा, इसी समय के बीच पैसा अदा करनेवाली बैंक को कंफर्मेशन देनी आवश्यक है। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new system

    क्या होगा आइटम एक्सपायरी टाइम ?

    आरबीआई ने अपनी जानकारी में बताया कि कंटीन्यूअस क्लिरिंग एंड सेटलमेंट ऑन रियलाइजेशन के पहले चरण में सभी बैंक के लिए चेक के क्लियर करने का ‘आइटम एक्सपायरी टाइम’ शाम सात बजे निर्धारित किया गया है। दूसरे चरण में यह घटकर तीन घंटे का रह जाएगा। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new system

    बैंक को मिलेगा सिर्फ 3 घंटे का समय

    इसका मतलब यह है कि बैंक को चेक पेश होने के तीन घंटे के अंदर क्लियर करना होगा। सीटीएस के आने के बाद चेक के प्रेजेंटेशन की कोई एंट्री नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, आरबीआई ने वित्तीय क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जिम्मेदार और नैतिक सक्षमता के लिए एक ढांचा (फ्रीएआई) विकसित करने के लिए एक समिति की रिपोर्ट पेश की। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new system

    रिपोर्ट मे क्या कहा गया है?

    रिपोर्ट में वित्तीय क्षेत्र में एआई के उपयोग का मार्गदर्शन करने के लिए एक रूपरेखा तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य संबंधित जोखिमों से सुरक्षा करते हुए इसकी क्षमता का दोहन करना है। इसमें समिति ने एआई के इस्तेमाल के लिए 7 सूत्रीय विकसित किया है, जिसमें 6 रणनीतिक स्तंभों के तहत 26 सुझाव दिए गए हैं। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new syste

  • Bigg Boss के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी, मुंबई पुलिस ने किया FIR दर्ज

    Bigg Boss के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी, मुंबई पुलिस ने किया FIR दर्ज

    Bigg Boss 19 सीजन विवादों में घिर गया है। एक डॉक्टर से शो का हिस्सा बनने को लेकर 10 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगा है। मुंबई पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने के बाद इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। 10 lakh rupees fraud in the name of Bigg Boss, Mumbai Police filed FIR

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    देश का सबसे चर्चित टेलिविजन रियलिटी शो बिग बॉस सीज़न 19 शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गया है। हालांकि फैंस शो को लेकर बेहद एक्साइटेड नजर आ रहे हैं, लेकिन शुरू होने से पहले ही शो में भाग लेने को लेकर पैसों के लेन-देन और ठगी का मामला प्रकाश में आ रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो पिछले 2 दिनों से वायरल हो रहा है। इसमें एक डॉक्टर ने बिग बॉस कंटेस्टेंट सिलेक्शन को लेकर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने दावा किया, कि बिग बॉस में आने के नाम पर उनसे पैसे लेकर धोखा दिया गया है। 10 lakh rupees fraud in the name of Bigg Boss, Mumbai Police filed FIR

    बिग बॉस पर लगे आरोप

    बिग बॉस में कंटेस्टेंट बनकर भेजने के नाम पर जिस व्यक्ति ने ठगी का आरोप लगाया है वह मध्य प्रदेश के भोपाल के रहने वाले पेशे से डॉक्टर हैं। डॉक्टर अभिनीत गुप्ता पेशे से एक स्किन स्पेशलिस्ट यानी डर्माटॉलॉजिस्ट हैं। 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी के बाद उन्होंने पहले भोपाल में शिकायत दर्ज कराई और उसके बाद मुंबई के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज करवाया। 10 lakh rupees fraud in the name of Bigg Boss, Mumbai Police filed FIR

    पहले की थी 1 करोड़ रुपये की मांग

    हाल ही में मुंबई के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होकर भोपाल के रहने वाले हैं डॉक्टर अभिनीत गुप्ता ने इस पूरी ठगी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ये मामला साल 2022 का है। उस दौरान किसी करण सिंह नामक व्यक्ति का उन्हें फोन आया था और उसने बिग बॉस में एंट्री दिलाने के लिए उन्हें लालच दिया था। उस दौरान करण सिंह ने उन्हें कहा था कि बिग बॉस के मेकर्स से उनकी अच्छी पहचान है वो उनकी एंट्री बिग बॉस में करा देगा लेकिन उसके लिए 1 करोड़ रुपये देने होंगे। 10 lakh rupees fraud in the name of Bigg Boss, Mumbai Police filed FIR

    60 लाख में सौदा तय 10 लाख की ठगी

    कॉन्फ़्रेंस के दौरान डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने 1 करोड़ रुपये देने से मना किया, तो सिंह ने उनसे 60 लाख रुपयों की मांग करते हुए उनकी मीटिंग एंडेमोल कंपनी के अध्यक्ष के साथ तय कर दी। मुंबई में बिकेसी स्थित बिग बॉस के ऑफिस में मिटिंग के दौरान कंपनी के सीईओ ने भी करण के बैंक अकाउंट में 10 लाख रुपयों का भुगतान करने को कहा, जबकि डॉक्टर ने बिग बॉस के बैंक अकाउंट में पैसा जमा करना चाहते थे तो, कंपनी के लोगों ने बताया कि उन्हें लोगों को पैसे देने पडते हैं जब कंपनी पेमेंट कर देगी तो उसका भुगतान आप को हो जाएगा। इस वजह से उन्होंने सिंह के बैंक अकाउंट में 10 लाख रुपये ट्रांसफर किए। यह पूरी प्रक्रिया बिग बॉस सीज़न 16 के लिए चल रहा था। लेकिन सीजन 16 के कंटेस्टेंट्स की लिस्ट जब सामने आई तो उसमें उनका नाम नहीं था।

    लगातार देता रहा झांसा

    अभिनीत ने आगे बताते हुए कहा कि जब मैंने करण से पूछा कि लिस्ट में मेरा नाम क्यों नहीं है? तो उसने कहा कि वाइल्ड कार्ड के तौर पर आपकी एंट्री होगी, लेकिन सीजन खत्म हो गया और मेरी एंट्री नहीं हुई। इसके बाद जब मैंने दोबारा पूछा तो वो मुझे फिर से गुमराह करता रहा और उसने कहा कि 17वें सीजन में एंट्री होगी। 17वें सीजन के खत्म होने के बाद भी एंट्री नहीं हुई तब मैंने उससे पैसे वापस मांगे तो उसने नहीं दिए। मैंने पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज की। आप को बता दें, कि साल 2025 में सीजन 19वां आ रहा है। जो 24 अगस्त से जियो हॉटस्टार पर और कलर्स पर देखने को मिलेगा। उससे पहले ही शो को लेकर पैसों की लेनदेन और ठगी के कारण विवादित चर्चा में बना हुआ है।

  • 1 करोड़ की फिरौती मामले में 6 लोगों पर मुकदमा दर्ज हाई प्रोफाइल डॉली गिरफ्तार

    1 करोड़ की फिरौती मामले में 6 लोगों पर मुकदमा दर्ज हाई प्रोफाइल डॉली गिरफ्तार

    मुंबई में एक महिला ने अपने बैंक कर्मचारी दोस्तों के साथ मिलकर अपने एक्स-ब्वॉयफ्रेंड से 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। इसमें निजी डेटा की चोरी कर धमकाया गया, नौकरी छीन ली गई और बदनाम करने की कोशिश से परेशान पीड़ित जब कोर्ट पहुंचा। तब जाकर पुलिस ने किया 6 लोगों पर केस दर्ज.. Case filed against 6 people in 1 crore ransom case, high profile Dolly arrested

    मुंबई: कांदीवली पश्चिम के चारकोप इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक प्राइवेट बैंक में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी ने उसके एक्स ब्वॉयफ्रेंड से 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। आरोपी महिला ने धमकी दी कि अगर पैसा नहीं दिए तो वह उसे जेल भिजवा देगी। पीड़ित ने डर के साये में कई दिनों तक यह सब झेला, लेकिन आखिरकार हिम्मत जुटाकर पुलिस को आप बीती सुनाई। लेकिन पुलिस ने भी जब फरियाद नहीं सूनी तब उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और आखिरकार पुलिस ने भरोरे को तार तार कर मानसिक प्रताड़ित कर रही ब्लैकमेलर एक्स गर्लफ्रेंड को गिरफ्तार कर लिया। Case filed against 6 people in 1 crore ransom case, high profile Dolly arrested

    बदनाम कर जेल में सड़ाने की धमकी

    दरअसल, चारकोप पुलिस ने डॉली कोटक नाम की एक प्राइवेट बैंक में काम करने वाली महिला को गिरफ्तार किया है। उस पर अपने एक्स-बॉयफ्रेंड से एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का आरोप है। पीड़ित एक आईटी सेक्टर में काम करता था। लेकिन वह पहले से ही एक झूठे केस में फंसा हुआ था और हाल ही में जमानत पर बाहर आया। तभी कोर्ट के बाहर डॉली ने उसकी बहन को पकड़ लिया और कहा, “भाई को बचाना है तो 1 करोड़ रुपये दो, वरना मैं मीडिया में उसका नाम खराब कर दूंगी और जेल में सड़ने दूंगी।” Case filed against 6 people in 1 crore ransom case, high profile Dolly arrested

    डिजिटल डाटा की चोरी

    खबरों के मुताबिक, डॉली कोटक यहीं नहीं रुकी, उसने तीन अन्य बैंक कर्मचारियों की मदद से पीड़ित के निजी और डिजिटल डाटा तक अपनी पहुंच बनाई। इसमें एचडीएफसी बैंक के हर्ष श्रीवास्तव और अनंत रुइया तथा आईसीआईसीआई बैंक के जयेश गायकवाड़ का नाम भी शामिल है। जिन लोगों ने डॉली की मदद की। इनकी मदद से डॉली ने पीड़ित के ईमेल से लेकर बैंक खाते, लोकेशन और निजी फोटोज तक एक्सेस पा लिया। यहां तक कि पीड़ित के ईमेल से अपना नंबर भी लिंक करा लिया गया। Case filed against 6 people in 1 crore ransom case, high profile Dolly arrested

    नौकरी से निकालवा दिया

    मई 2024 में पीड़ित को डॉली के नंबर से एक धमकी भरा मैसेज आया कि “पैसे दे दो या जेल में मरो, तुम कभी नहीं जीत पाओगे।” इसके कुछ दिन बाद उसने पीड़ित के ईमेल आईडी से कंपनी के एचआर को कई बदनाम करने वाले मेल भेज दिए, जिससे उसकी नौकरी चली गई। पुलिस में शिकायत के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित ने आखिरकार बोरिवली मजिस्ट्रेट कोर्ट का रुख किया। कोर्ट के आदेश पर चारकोप पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 175(3) के तहत मामला दर्ज किया। Case filed against 6 people in 1 crore ransom case, high profile Dolly arrested

    कुल 6 लोगों पर मुकदमा दर्ज

    एफआईआर में डॉली कोटक, उसके भाई सागर कोटक, दोस्त प्रमिला वाज़ और तीन बैंक कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है। इन सभी पर आईटी एक्ट, आइपीसी की कई धाराओं और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वह और डॉली पहले रिलेशनशिप में थे। यह मामला न केवल ब्लैकमेलिंग और निजी रिश्तों के खतरनाक मोड़ की तरफ इशारा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि डिजिटल जानकारी का दुरुपयोग कितना घातक हो सकता है। Case filed against 6 people in 1 crore ransom case, high profile Dolly arrested

  • 17 हजार करोड़ की हेराफेरी, ED ने जारी किया अनिल अंबानी के खिलाफ समन

    17 हजार करोड़ की हेराफेरी, ED ने जारी किया अनिल अंबानी के खिलाफ समन

    रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के मालिक अनिल अंबानी के खिलाफ 17 हजार करोड़ रुपए के लोन फ्रॉड मामले में ईडी ने समन जारी कर दिया है। अंबानी को सुनवाई के लिए 5 अगस्त नई दिल्ली ईडी मुख्यालय मे हाज़िर होना होगा। 17 thousand crore fraud, ED issues summons against Anil Ambani

    न्यूज़ डेस्क
    नई दिल्ली:
    रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन और एमडी अनिल अंबानी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार दिग्गज उद्योगपति अनिल अंबानी की प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 17 हजार करोड़ के लोन फ्रॉड मामले में समन जारी किया है। सूत्रों के मुताबिक अनिल अंबानी को 5 अगस्त को दिल्ली में ईडी के मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। 17 thousand crore fraud, ED issues summons against Anil Ambani

    35 ठिकानों पर छापेमारी

    दरअसल, पिछले हफ्ते, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत रिलायंस ग्रुप से जुड़ी 50 व्यावसायिक संस्थाओं और 25 व्यक्तियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। ये छापे मुंबई में कम से कम 35 जगहों पर मारे गए थे। यह छापेमारी 24 जुलाई को कथित बैंक लोन फ्रॉड से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग केस के अलावा कुछ कंपनियों द्वारा करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के कई अन्य आरोपों के तहत की गई थी।

    10 हजार करोड़ का अनडिस्क्लोज्ड

    इससे जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने ईडी और दो अन्य एजेंसियों को एक रिपोर्ट दी है। यह रिपोर्ट रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा 10 हजार करोड़ के कथित डायवर्जन की जांच से जुड़ी है। सेबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी ने इंटरकॉर्पोरेट डिपॉजिट (ICD) के रूप में एक बड़ी रकम रिलायंस ग्रुप की कंपनियों को भेजी। यह रकम CLE Pvt Ltd के जरिए भेजी गई जो एक अनडिस्क्लोज्ड रिलेटेड पार्टी कंपनी है। 17 thousand crore fraud, ED issues summons against Anil Ambani

    मुंबई की कंस्ट्रक्शन कंपनी

    जांच के दौरान CLE कंपनी के बारे में पता चला था। इस कंपनी के बारे में बहुत अटकलें लगाई जा रही थीं। यह इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन कंपनी है। इसका ऑफिस नेहरू रोड, वाकोला, सांताक्रूज (पूर्व), मुंबई में है। रिलायंस ग्रुप के एक करीबी व्यक्ति ने सेबी की रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। 17 thousand crore fraud, ED issues summons against Anil Ambani

    उन्होंने कहा कि रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर ने इस मामले को 9 फरवरी को सार्वजनिक किया था। सेबी ने कोई नई खोज नहीं की है। रिलायंस इन्फ्रा का एक्सपोजर 6,500 करोड़ था। रिपोर्ट में कहा गया है कि 10 हजार करोड़ डाइवर्ट किए गए। यह सिर्फ सनसनी फैलाने के लिए है और यह तथ्यों पर आधारित नहीं है। 17 thousand crore fraud, ED issues summons against Anil Ambani

    उन्होंने कहा कि जब एक्सपोजर 6,500 करोड़ था, तो डायवर्जन 10,000 करोड़ कैसे हो सकता है? रिलायंस इन्फ्रा ने इस मामले में अपनी बकाया राशि की वसूली के लिए पूरी कोशिश की। रिलायंस इन्फ्रा के करीबी व्यक्ति ने बताया कि कंपनी ने 6,500 करोड़ की पूरी राशि वसूलने के लिए समझौता किया है। यह समझौता सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज द्वारा कराई गई मध्यस्थता के जरिए हुआ। इस समझौते को बॉम्बे हाई कोर्ट में पेश किया गया है। 17 thousand crore fraud, ED issues summons against Anil Ambani

  • प्राइवेट वीडियो वायरल के खौफ से CA ने कर ली आत्महत्या। युवती ने ऐंठ लिए 3 करोड़ रुपये

    प्राइवेट वीडियो वायरल के खौफ से CA ने कर ली आत्महत्या। युवती ने ऐंठ लिए 3 करोड़ रुपये

    मुंबई के सांताक्रूज़ में एक चार्टेड अकाउंटेंट राज मोरे ने अपने घर में कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मोरे ने तीन पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें सबा कुरैशी और राहुल परनवानी को उसकी मौत का जिम्मेदार बताया। CA commits suicide fearing that his private video will go viral. A young woman extorted Rs 3 crore from him

    मुंबई: सांताक्रूज़ इलाके में एक 32 वर्षीय चार्टेड अकाउंटेंट (CA) ने शनिवार को आत्महत्या कर ली। जिसकी जांच में सामने आया है कि युवक को सोशल मीडिया पर उसके दो दोस्तों ने मृतक की अंतरंग वीडियो (Intimate Video) वायरल करने की धमकी दी थी और लंबे समय से ब्लैकमेल करते हुए उससे करीब तीन करोड़ रुपये वसूल लिए। बताया जाता है कि उसने अपनी पूरी जमा पूंजी और जहां काम करता था उस अकाउंट के पैसे भी जालसाजों को दे दिए। मृतक की मां ने बताया, कि मौत से पहले घर पहुंचे थे आरोपी। CA commits suicide fearing that his private video will go viral. A young woman extorted Rs 3 crore from him

    सूसाइड नोट से हुआ खुलासा

    वकोला पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रकाश खांडेकर ने बताया, कि घटना स्थल से सूसाइड नोट मिले हैं। जिसमें सीए ने सबा कुरैशी और राहुल परनवानी को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने कहा, कि सोमवार को दोनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और जबरन वसूली का मामला दर्ज किया है। CA commits suicide fearing that his private video will go viral. A young woman extorted Rs 3 crore from him

    मृतक को जाल में फंसाया

    पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि एक प्रतिष्ठित कंपनी में काम करने वाले राज मोरे ने शनिवार रात सांताक्रूज स्थित अपने घर में कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर लिया है। अबतक की जांच मे सामने आया कि वह सोशल मीडिया के जरिए सबा कुरैशी के संपर्क में आया था। इसके बाद राहुल परनवानी ने कथित तौर पर मोरे की जानकारी के बिना उसके अंतरंग वीडियो रिकॉर्ड किए। सबा और राजा के बीच शारिरीक संबंध की भी जानकारी मिल रही है। फिलहाल दोनों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। CA commits suicide fearing that his private video will go viral. A young woman extorted Rs 3 crore from him

    इंस्टाग्राम से हुई थी दोस्ती

    मुंबई पुलिस के मुताबिक, मृतक सीए राज मोरे की पिछले साल इंस्टाग्राम के माध्यम से इन दोनों आरोपियों से पहचान हुई थी। धीरे-धीरे सबा कुरैशी से दोस्ती आखिर निजी रिश्ते में बदल गई। कथित तौर पर दोनों के बीच अलग-अलग स्थानों पर शारीरिक संबंध बने। इस दौरान आरोपियों ने मोरे का एक अंतरंग वीडियो बना लिया। इसके बाद वे उसे लगातार वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे वसूलते रहे। CA commits suicide fearing that his private video will go viral. A young woman extorted Rs 3 crore from him

    घर आकर दी थी धमकी

    मृतक राज मोरे की मां के मुताबिक, कुछ समय से उनका बेटा तनाव में रह रहा था और 7 जून को जब दोनों आरोपी उनके घर आए और फिर से धमकियां दीं, तब से उनके बेटे की हालत और बिगड़ गई। उन्होंने जब बेटे से सच जानने की कोशिश की तो उसने सारी बात कबूल की। उसने कहा कि कैसे वह ब्लैकमेलिंग के चलते अपनी सेविंग और कंपनी के खातों से रकम निकालकर दोनों को दे रहा है। CA commits suicide fearing that his private video will go viral. A young woman extorted Rs 3 crore from him

    मां को किया था फोन

    शनिवार रात जब युवक सोने गया, तो कुछ देर बाद उसने अपनी मां को फोन किया। मां कमरे में पहुंची तो उसने बेटे को उल्टी करते हुए पाया। पड़ोसियों की मदद से उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। CA commits suicide fearing that his private video will go viral. A young woman extorted Rs 3 crore from him

    पुलिस को मिले तीन सूसाइड नोट

    मुंबई पुलिस को मौके से तीन सुसाइड नोट मिले हैं। राज मोरे ने एक नोट अपनी मां, दूसरा उसकी कंपनी के लिए लिखा था, जबकि तीसरे नोट में उसने दोनों आरोपियों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। अब पुलिस मृतक की कंपनी के अकाउंट्स की भी जांच कर रही है, ताकि वसूली गई रकम के ट्रांजेक्शन का पूरा रिकॉर्ड सामने आ सके। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और जांच जारी है। CA commits suicide fearing that his private video will go viral. A young woman extorted Rs 3 crore from him

  • अपनी परिस्थितियों से तंग आकर माता-पिता ने नवजात बच्ची को छोड़ा

    अपनी परिस्थितियों से तंग आकर माता-पिता ने नवजात बच्ची को छोड़ा

    पनवेल में एक आश्रम के बाहर एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। टोकरी में इस बच्ची के साथ एक चिट्ठी भी मिली। इसे पढने के बाद लोगों का दिल छलक गया। कईयों ने बहा दिए आंसू.. Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी बम्बई से सटे नवी मुंबई के पनवेल इलाके से एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां तक्का नामक परिसर में स्थित स्वप्नालय आश्रम के बाहर फुटपाथ पर एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में पाई गई है। रात के सन्नाटे में किसी ने इस मासूम बच्ची को एक प्लास्टिक की टोकरी में दूध की बोतल, सेरेलैक और कुछ कपड़ों के साथ छोड़ दिया था। Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    बच्ची के साथ एक चिट्ठी भी लोगों को बरामद हुई है। अंग्रेजी में लिखी इस चिट्ठी को जिसने भी पढ़ा, उसका दिल भर आया। चिट्ठी पढ़ने वालों ने बताया, कि यह कोई क्रूरता नहीं, बल्कि मां-बाप की मजबूरी है जो इस नवजात बच्ची को ऐसे सूनसान में छोड़कर जाना पड़ा है। मां-बाप के दिल की इस टीस ने सभी की आंखों में आंसू ला दिया। Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    चिट्ठी में क्या लिखा था?

    मौके पर बच्ची के पास से मिली चिट्ठी उनके परिवार की बेबसी की कहानी बयां कर रही थी। चिट्ठी में बच्ची के माता-पिता ने अंग्रेजी में लिखा था, कि “हमें बहुत दुख है, कि हमें यह करना पड़ रहा। हमारे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है। हम इस बच्ची का मानसिक और आर्थिक रूप से पालन-पोषण नहीं कर सकते। प्लीज इसे किसी के साथ न जोड़ें या मामले को बढ़ाएं नहीं। हम नहीं चाहते कि वह उन मुश्किलों का सामना करे, जो हमें झेलनी पड़ रही हैं। हम आपसे बिनती करते हैं, कि इसकी जिंदगी को बचाएं। हम उम्मीद करते हैं, कि एक दिन हम इसे वापस ले सकेंगे। हम उसके करीब हैं। हमें माफ करें।” Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    चश्मदीदों ने क्या कहा?

    स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्ची के रोने की आवाज सुनकर कुछ लोग दौड़े और बास्केट में लिपटी हुई नवजात को देखकर हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत पनवेल शहर पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को अपने कब्जे में लिया और उसे पास के अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की हालत स्थिर है, और उसे अलीबाग में आगे की मेडिकल जांच के लिए भेजा जाएगा। Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    समाज से सवाल ?

    इस घटना ने हमारे समाज के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसी क्या परिस्थिति रही होगी, जहां माता-पिता को अपने ही कलेजे के टुकड़े को छोड़ने का इतना कठोर फैसला लेना पड़ा होगा? सोचकर ही दिल कमजोर पड़ जाता है। Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यह सोचकर ही आंखें नम हो जाती है कि कोई मां-बाप अपनी बच्ची को इस तरह छोड़ने को मजबूर कैसे हुए होंगे? हमें समाज के रूप में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कुछ करना होगा।” Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    उस चिट्ठी में लिखा हर शब्द माता-पिता के दर्द और उनकी मजबूरी को बयां करता है। जहां पुलिस बच्ची के माता-पिता की तलाश में जुटी है, वहीं समाज के सामने यह सवाल है कि क्या हम ऐसी परिस्थितियों को रोकने के लिए तैयार हैं? Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

  • महाराष्ट्र में जनता के पैसों की बर्बादी, एक बार में खा गए 27 लाख रुपये का खाना।

    महाराष्ट्र में जनता के पैसों की बर्बादी, एक बार में खा गए 27 लाख रुपये का खाना।

    महाराष्ट्र में जनता के पैसों को बर्बाद किए जाने को लेकर राजनैतिक गलियारों में हंगामा मच गया है। पिछले दिनों महाराष्ट्र विधान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान चांदी की प्लेटों में खाना परोसा गया था। जिसका 27 लाख रुपये खर्च आया है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    नेशनल डेस्क: मुंबई के विधान भवन में बीते कुछ दिनों पहले संसद की अनुमान समिति की ‘हीरक जयंती’ पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन पर खाने-पीने को लेकर भारी-भरकम खर्च किया गया। जिसको लेकर घमासान बहस छिड़ गई है। इस आयोजन में परोसे गए भोजन की कीमत, आलिशान मेहमान नवाज़ी और जिस थाली में खाने को परोसा गया? इन सबके चलते आम लोगों के टैक्स के पैसों से 27 लाख रुपये का खर्च अब राज्य में चर्चा का विषय बन गया है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    समाजसेवक विजय कुंभार ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में इसको लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पोस्ट में कहा, कि “यह वही समिति है, जो सादगी और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने की बात करती है। लेकिन वही समिति खुद 27 लाख रुपये सिर्फ खाने पर खर्च कर दिए।” कुंभार ने इसे जनता के पैसों की बर्बादी बताया है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    गटक लिया जनता के पैसे

    विजय कुंभार ने अपनी पोस्ट में विस्तार से लिखते हुए बताया, कि मुंबई के विधान भवन में पूरे देश से आए बजट समिति के सदस्यों के लिए “राजाओं जैसे दावत” का आयोजन किया गया। इस दावत में प्रति व्यक्ति लागत 4,500 रुपये बताई गई है। खाने को चांदी की प्लेटों में परोसा गया, जिनकी प्रति प्लेट कीमत 550 रुपये बताई जा रही है। करीब 600 मेहमानों के लिए कुल खर्च 27 लाख रुपये हो गया। कुंभार ने कटाक्ष करते हुए कहा, यह वही समिति है जो सादगी का पाठ पढ़ाती है लेकिन खुद जनता के पैसों की बर्बादी कर गटक रही है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    600 मेहमानों के ठाठ-बाठ

    विजय कुंभार ने आगे कहा कि इस सम्मेलन में देशभर से 600 मेहमान (अध्यक्ष, सदस्य और अधिकारी) शामिल हुए थे। उनके स्वागत में विधान भवन के बाहर 40 फुट ऊंचा बोर्ड लगाया गया, मानो यह कोई शाही स्वागत समारोह मनाया जा रहा हो। अध्यक्षों और सदस्यों के लिए होटल ताज पैलेस में ठहरने की सुविधा की गई और बाकि अधिकारियों के लिए होटल ट्राइडेंट में व्यवस्था की गई थी। इतना ही नहीं विधान सभा परिसर में मलमल के कपड़े से डाइनिंग मंडप बनाए गया। बड़े-बड़े झूमर लगाए गए और हॉल से लेकर डाइनिंग एरिया तक लाल कालीन बिछाई गई। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    कुंभार ने सवाल उठाया, कि इस शाही व्यवस्था को देखकर आम आदमी के टैक्स के पैसे को इस तरह लूटने वाले इन समूहों को शर्म कैसे नही आई? क्या जनता के पैसों को इस तरह बर्बाद करने वाले वाकई किफायत की भाषा समझते हैं? यह सवाल अब हर नागरिक के मन में पनपने लगा है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    महाराष्ट्र में दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला’

    इस मुद्दे पर कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर सबसे बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए निशाना साधा है। कांग्रेस विधायक ने सरकार पर “दोहरे मानदंड” अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास गरीबों के लिए कोई पैसा नहीं है लेकिन साथ ही सत्तारूढ़ गठबंधन राजनीतिक अभिजात वर्ग पर खर्च करने में कोई संयम नहीं दिखा रहा है। वहीं शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस भोज समारोह को लेकर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है, कि “महाराष्ट्र में हो रहे भ्रष्टाचार की तुलना दुनिया के किसी भी घोटाले से नहीं की जा सकती। यह बहुत ही उच्च स्तरीय घोटाला है।” Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

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    आप को बता दें कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब देश में आर्थिक व्यवस्था को लेकर किफायती और सार्वजनिक धन के सदुपयोग पर लगातार बहस चल रही है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

  • Mumbai: पाकिस्तानी जासूस के नाम पर 22.4 लाख रुपये की ठगी

    Mumbai: पाकिस्तानी जासूस के नाम पर 22.4 लाख रुपये की ठगी

    साइबर जालसाजों ने एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करते हुए मुंबई की एक 64 वर्षीय महिला पर “पाकिस्तानी जासूस” होने का झूठा आरोप लगाकर 22.4 लाख रुपये की उगाही की है। इस सिलसिले में मुंबई पुलिस की सायबर सेल ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।

    मुंबई: साइबर जालसाजों ने एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करते हुए दक्षिण मुंबई की एक 64 वर्षीय महिला पर “पाकिस्तानी जासूस” होने का झूठा आरोप लगाकर 22.4 लाख रुपये की उगाही की है। जालसाजों ने वरिष्ठ नागरिक को गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। इसके लिए अपराधियों ने विडियो कॉल का भी इस्तेमाल किया और फर्जी दस्तावेजों की फोटो कॉपी दिखाई।

    कैसे किया मजबूर?

    जब महिला ने वीडियो कॉल मे सायबर जालसाजों को सरकारी वर्दी पहने हुए देखा तो वह घबरा गई और पहले तो वो उन्हें विश्वास दिलाने की कोशिश करती रही कि शायद उनसे कोई चूक हुई है। लेकिन जालसाज उनके कनेक्शन पाकिस्तान से बताने के नकली प्रमाणित दस्तावेज दिखाकर धमकाने लगे और सीधे-सीधे केस से बचने के लिए उन्हें 22.4 लाख रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया।

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    फर्जी जासूसी घोटाला

    आखिरकार घबराहट के मारे पीड़ित महिला ने उनके कहे अनुसार पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर किए और राहत की सांस ली। घटना के बारे में पता चलने पर, दक्षिण साइबर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारी इस व्यापक फर्जी जासूसी घोटाले में शामिल जालसाजों का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं।

  • Mumbai: बोरीवली पुलिस ने रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी को किया गिरफ्तार

    Mumbai: बोरीवली पुलिस ने रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी को किया गिरफ्तार

    पुलिस भर्ती के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले 59 वर्षीय रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी को बोरीवली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के और भी कई अपराधिक मामले दर्ज है। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

    मुंबई: पुलिस भर्ती 2021 में नौकरी दिलाने के बहाने 59 वर्षीय मुंबई पुलिस के सेवानिवृत्त पुलिस कर्मचारी ने शिकायतकर्ता से 6 लाख 99 हजार 500 रुपये ऐठ लिए। जबकि सारा लेनदेन महाराष्ट्र सुरक्षा बल (MSF) में कार्यरत 34 वर्षीय फरियादी वैभव रोहिदास ने बैंक खाते के जरिए किया था। वाद विवाद के बाद आरोपी ने फरियादी को बैंक का चेक देकर मामले को सुलझाने की कोशिश की। लेकिन बाद में चेक भी बाउंस हो गया। आखिरकार फरियादी ने इसकी शिकायत बोरीवली पुलिस से कर दी। जिसमें फरियादी ने बताया, कि आरोपी रामसिंग बाळा डोलगे और हसमुख विनोदभाई वाघेला इन दोनों ने मिलकर पुलिस भर्ती 2021 के माध्यम से नौकरी दिलाने के बहाने पैसों की ठगी की। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

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    बोरीवली पुलिस टीम के साथ गिरफ्तार आरोपी की तस्वीर

    उच्च अधिकारियों का मिला था निर्देश

    बोरीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मालोजी शिंदे ने बताया, कि फरियादी वैभव रोहिदास तरे महाराष्ट्र सुरक्षा बल में कार्यरत है। जो पालघर जिला, सफाळे तालुका के उबंरपाडे का मुल निवासी हैं। पुलिस भर्ती के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जांच कर गुनाह दर्ज करने के लिए उच्च अधिकारियों द्वारा निर्देश दिये गये थे। उसी आधार पर 20/09/2024 को बोरीवली पुलिस थाने में गु.र.क्र 707/2024 भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) के साथ ही साथ डिजिटल लेनदेन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66 (ड) के तहत मामला दर्ज किया गया था। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

    जांच मे नही मिला सहयोग

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि तत्पश्चात जांच में सहयोग के लिए आरोपी को नोटिस दिया गया था। लेकिन आरोपी ने कभी भी जांच मे सहयोग नही किया और ना ही पुलिस थाने में हाजिर हुआ। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जांच में सहयोग नही करने के कारण बोरीवली पुलिस ने गिरफ्तारी की मांग करते हुए मुंबई पुलिस जोन 11 के पुलिस उपायुक्त के समक्ष अर्जी की। जिसके बाद उन्हें ऑर्डर मिल गए। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

    गुनाह कबूल कर लिया

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने बताया कि ऑर्डर मिलते ही 12 जुन 2025 को दादर स्थित आरोपी की जांच के लिए एक टीम को भेजा गया। पुलिस ने बताया कि 59 वर्षीय आरोपी रामसिंग बेळा डोलगे, रुम नं 08, बी डी डी चाल के 10/ए का रहने वाला है। जो पुलिस मैदान के पास नायगांव, दादर पुर्व में स्थित है। वहां से जब आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो उसने अपना गुनाह कबूल किया। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

    आरोपी के खिलाफ और भी मामले हैं दर्ज

    बोरीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मालोजी शिंदे ने अधिक जानकारी देते हुए यह भी बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी के बेटे पंकज डोलगे को फोन कर इसकी जानकारी दी गई और न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से 16 जून तक की पुलिस कस्टडी में जांच के निर्देश मिले हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ 2016 में मिरारोड पुलिस थाने, 2022 में बोरीवली पूर्व के कस्तूरबा मार्ग पुलिस थाने और 2017 में जोगेश्वरी पूर्व के मेघवाडी पुलिस थाने अंतर्गत इसी तरह के धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

  • Mumbai: सरकारी विभागों में स्टाम्प पेपर मांगना गैर कानूनी – मंत्री बावनकुले

    Mumbai: सरकारी विभागों में स्टाम्प पेपर मांगना गैर कानूनी – मंत्री बावनकुले

    महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इसे गैर कानूनी करार दिया है। जबकि स्टाम्प पेपर देने के नियम को रद्द कर दिया गया है। Mumbai: Asking for stamp papers in government departments is illegal – Minister Bawankule

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    प्रदेश के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सरकारी ई-सेवा केंद्रों में विभिन्न शैक्षणिक प्रमाणपत्र और न्यायालय में प्रतिज्ञापत्र दाखिल करने के लिए सौ रुपए और पांच सौ रुपए के स्टाम्प पेपर मांगने को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा, जबकि स्टाम्प पेपर की मांग को रद्द कर दिया गया है तो अनावश्यक लोगों से अधिकारी स्टाम्प पेपर कैसे मांग सकते हैं? Mumbai: Asking for stamp papers in government departments is illegal – Minister Bawankule

    गैरकानूनी है स्टाम्प पेपर की मांग

    उन्होंने स्टाम्प पेपर की मांग करने वाले अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इसको गैर कानूनी करार दिया है। बावनकुले ने इस संबंध में राज्य के सभी विभागीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों, उपविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों को पत्र भी जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि नागरिकों को अनावश्यक परेशान करने वाले अधिकारियों को माफ नहीं किया जाएगा। Mumbai: Asking for stamp papers in government departments is illegal – Minister Bawankule

    स्टाम्प पेपर की आवश्यकता नहीं

    बावनकुले ने कहा कि दो महीने पहले ही विद्यार्थियों, अभिभावकों, पक्षकारों और किसानों को जाति पड़ताल प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, रहिवासी प्रमाणपत्र, नॉन क्रिमी लेयर सर्टिफिकेट, राष्ट्रीयता प्रमाणपत्र और न्यायालय में प्रतिज्ञापत्र के लिए स्टाम्प पेपर देने के नियम को रद्द कर दिया गया है। इससे सरकारी कार्यालयों में प्रमाणपत्र और न्यायालय में शपथपत्र जमा करने के लिए स्टाम्प पेपर की आवश्यकता नहीं होती है। Mumbai: Asking for stamp papers in government departments is illegal – Minister Bawankule

    नॉन क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट क्या है?

    नॉन-क्रीमी लेयर (NCL) सर्टिफिकेट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी के अंतर्गत आने वाले व्यक्तियों को सरकारी नौकरियों, शिक्षा और छात्रवृत्तियों में आरक्षण के लाभ लेने में मदद करता है। यह प्रमाणपत्र उन्हें प्रमाणित करता है कि वे ‘क्रीमी लेयर’ (जो अपेक्षाकृत समृद्ध हैं) में नहीं आते हैं, बल्कि वे ‘नॉन-क्रीमी लेयर’ से संबंधित हैं। Mumbai: Asking for stamp papers in government departments is illegal – Minister Bawankule

    किसे मिला फायदा?

    बावनकुले ने कहा, केवल कागज पर स्वयं-प्रमाणित शपथपत्र जमा करना होता है। उन्होंने कहा, कि स्टाम्प पेपर जमा नहीं करने के फैसले का आर्थिक रूप से कमजोर तबके के नागरिकों को फायदा हो रहा है। लेकिन कई जगहों पर नागरिकों से स्टाम्प पेपर मांगने की शिकायतें मिल रही हैं। इसलिए अधिकारियों को स्टाम्प पेपर मांगना बंद कर देना चाहिए। Mumbai: Asking for stamp papers in government departments is illegal – Minister Bawankule