Category: Finance & Banking

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  • Bombay High Court: लोन डिफॉल्ट पर बैंकों को नहीं मिलेगा एलओसी जारी करने का अधिकार

    Bombay High Court: लोन डिफॉल्ट पर बैंकों को नहीं मिलेगा एलओसी जारी करने का अधिकार

    Bombay High Court: बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सूना दिया, जिसके बाद से बैंक सेक्टर में हाहाकार मच गया है। कोर्ट के फैसले के मुताबिक लोन डिफॉल्ट के मामलों अब कोई भी बैंक एलओसी जारी नहीं कर सकेगा।

    मुंबई- आजकल लोन लेना एक सामान्य प्रक्रिया बन गई है। बैंक अपने ग्राहकों को कर्ज चुकाने के लिए एक निश्चित समय सीमा देती है और इसके साथ ब्याज भी लेती है। यदि कोई व्यक्ति समय पर लोन का भुगतान नहीं करता, तो बैंक उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। हाल ही में, बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस विषय पर एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को यह स्पष्ट कर दिया, कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कर्ज न चुकाने वालों यानी किसी भी लोन डिफॉल्ट के खिलाफ लुकआउट सकुलर (LOC) जारी करने का अधिकार नहीं है। इस निर्णय के बाद, ऐसे बैंकों द्वारा जारी किए गए सभी एलओसी रह्द कर दिए गए हैं। (Bombay High Court’s decision Banks will not get the right to issue LOC in case of loan default)

    अदालत का आदेश और प्रभाव

    न्यायमूर्ति गौतम पटेल और न्यायमूर्ति माधव जामदार की बेंच ने केंद्र सरकार के उस ज्ञापन को भी असंविधानिक घोषित किया, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के चेयरपर्सन को एलओसी जारी करने का अधिकार दिया गया था। केंद्र सरकार की और से पेश हुए वकील आदित्य ठक्कर ने अदालत से अपने आदेश पर रोक लगाने की अपील की, लेकिन पीठ ने इसे अस्वीकार कर दिया। (Bombay High Court’s decision Banks will not get the right to issue LOC in case of loan default)

    बैंकों का लक्ष्य सिर्फ व्यापार

    देखा जाता है कि ज्यादातर बैंक लोन देने की होड़ में उपभोक्ता से कई दस्तावेजों पर सिग्नेचर  करवा कर उसे फंसा कर रखने की कोशिश करती है। बैंकों का लक्ष्य अपना व्यापार करना होता है। जबतक उपभोक्ता अपने किश्त के पैसे जमा करता है और बैंक को मुनाफा मिलता रहता है, तब तक सब ठिक चलता है। लेकिन जैसे ही परिस्थिति बिगड़ती है और उपभोक्ता पैसे देने में असमर्थ होता है वैसे-वैसे बैंक का रुख कड़ा होने लगता है। हालांकि बैंक अपने पैसों के अलावा ब्याज के पैसौं को मिलाकर चक्रवर्ती ब्याज लगाकर वसूली शुरू कर देती है और वैसे में जब उपभोगकर्ता और अधिक समस्या में फंस जाता है तब बैंक लुकाउट नोटिस जारी कर कानूनी कार्यवाही करती है। अब बम्बई हाईकोर्ट के फैसले के बाद ऐसा नही चलेगा। (Bombay High Court’s decision Banks will not get the right to issue LOC in case of loan default)

    अदालत के फैसले में क्या कहा?

    बम्बई हाईकोर्ट की अदालत ने कई याचिकाओं पर अपना निर्णय सुनाया और कहा कि ब्यूरो ऐसे एलओसी पर कोई कार्रवाई नहीं करेगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इसका निर्णय किसी भी चूककर्ता के खिलाफ न्यायाधिकरण या आपराधिक अदालत के आदेशों को प्रभावित नहीं करेगा। (Bombay High Court’s decision Banks will not get the right to issue LOC in case of loan default)

  • ‘जो हाल तेरे बाप का हुआ वही तेरा होगा।’ जीशान सिद्दीकी को मिली धमकी

    ‘जो हाल तेरे बाप का हुआ वही तेरा होगा।’ जीशान सिद्दीकी को मिली धमकी

    Zeeshan Siddique Death Threat: जीशान सिद्दीकी को ईमल के जरिए 10 करोड़ रुपये की डिमांड के साथ जान से मारने की धमकी दी गई है। इसके बाद मुंबई की बांद्रा पुलिस जीशान सिद्दीकी के घर पहुंच कर जांच में जुट गई है। (Whatever happened to your father will happen to you, Zeeshan Siddiqui got a threat)

    Zeeshan Siddique Death Threat: एनसीपी अजित पवार गुट के नेता और पूर्व विधायक जीशान बाबा सिद्दीकी को जान से मारने की धमकी मिली है। जीशान को ईमल के जरिए 10 करोड़ रुपये की डिमांड के साथ जान से मारने की धमकी दी गई है। धमकीभरे मेल में लिखा गया कि जो हाल बाबा सिद्दीकी का किया वही तुम्हारा करेंगे। इसके बाद पुलिस अलर्ट हो गई है। (Whatever happened to your father will happen to you, Zeeshan Siddiqui got a threat)

    अंजाम भुगतने की धमकी

    बताया जा रहा है कि धमकी भरा यह मैसेज किसी अज्ञात मेल आईडी से भेजा गया है और इसमें जीशान को धमकी दी गई, कि अगर मांगी गई रकम नहीं दी गई तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। जीशान सिद्दीकी ने तुरंत इसकी सूचना मुंबई पुलिस को दी, जिसके बाद बांद्रा पुलिस स्टेशन की एक टीम उनका बयान दर्ज करने के लिए उनके घर पहुंची। (Whatever happened to your father will happen to you, Zeeshan Siddiqui got a threat)

    सुरक्षा पर सवाल

    मुंबई की बांद्रा पुलिस जीशान सिद्दीकी के घर पहुंच कर जांच में जुट गई है। धमकी में 10 करोड़ रुपये की मांग की गई है, जिससे प्रमुख राजनीतिक हस्ती की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। बता दें कि जीशान सिद्दीकी के पिता और पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की पिछले साल 12 अक्टूबर को हत्या हुई जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया था। उसके बाद से बाबा सिद्दीकी परिवार की सुरक्षा मुंबई पुलिस ने बढ़ा दी गई है। (Whatever happened to your father will happen to you, Zeeshan Siddiqui got a threat)

    साइबर सेल सक्रिय

    मुंबई पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है, साइबर सेल सक्रिय रूप से जांच कर रही है और धमकी भरे संदेश के स्रोत का पता लगाने का प्रयास कर रही है। अधिकारी एक बड़े संगठित जबरन वसूली रैकेट की संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रहे हैं। इस बीच, बांद्रा पुलिस ने जीशान सिद्दीकी के घर का दौरा किया और समानांतर जांच शुरू की। अधिकारी वर्तमान में इसके स्रोत का पता लगाने के लिए ईमेल का विश्लेषण कर रहे हैं। (Whatever happened to your father will happen to you, Zeeshan Siddiqui got a threat)

  • युगांडा के एक नागरिक ने निगला 8 करोड़ रूपये का कोकीन, मुंबई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार

    युगांडा के एक नागरिक ने निगला 8 करोड़ रूपये का कोकीन, मुंबई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार

    युगांडा के एक यात्री को मुंबई एयरपोर्ट पर 785 ग्राम कोकीन के साथ अधिकारियों ने गिरफ्तार किया है। यात्री ने ड्रग्स (Drugs) की तस्करी करने के लिए लगभग 8 करोड़ रुपये की कोकीन की गोलियां निगल लिया था।

    मुंबई- युगांडा के एक यात्री से 785 ग्राम कोरकीन जब्त की गई है। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा  (Mumbai International Airport) पर सीमा शुल्क विभाग (DRI) ने उसे पकड़ा था। जब्त कोकीन की कीमत करीब आठ करोड़ रुपये बताई जा रही है।

    अधिकारियों ने बताया कि यात्री ने तस्करी के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया टैबलेट निगल लिया था। सीमा शुल्क विभाग के अफसरों ने नौ अप्रैल को संदेह के आधार पर उसे मुंबई एयरपोर्ट पर रोका। पूछताछ के दौरान वह बेचैन दिखा। बाद में उसने स्वीकार किया कि वह कोकीन की तस्करी करने के लिए दि गई बड़ी संख्या में गोलियां निगल ली है। मेडिकल जांच में उसके पेट में संदिश्थ पदार्थ की पुष्टि कोकीन के रूप में हुई। रविवार को उसके पेट से 785 ग्राम नशीला पदार्थ निकाला गया। उसे गिरफ्तार कर मामले की जांच की जा रही है।

  • Mumbai: पुनर्विकास बना आम आदमी की मुसीबत, किराए ने तोड़ा रिकॉर्ड

    Mumbai: पुनर्विकास बना आम आदमी की मुसीबत, किराए ने तोड़ा रिकॉर्ड

    देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में लगातार पुनर्विकास परियोजनाओं के चलते यहां किराए के पैसों में दोगुना इजाफा हो गया है। लेकिन बिल्डरों को मिली मनमानी छूट से आम आदमी की कमरतोड़ नुकसान हो रहा है। सरकार को इसपर विचार करने की जरूरत है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    मुम्बई: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई (Bombay is the financial capital of the country) में चल रहे घरों के पुनर्विकास कार्यों ने एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है। शहर के कई हिस्सों में मकानों के किराए में बेतहाशा वृद्धि देखी जा रही है। बांद्रा, खार, चेंबूर, कांदीवली, बोरिवली और मालाड़ जैसे इलाकों में किराए 50 से 65 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं, जिससे आम लोगों के लिए घर का किराया भरना बेहद मुश्किल हो गया है। साथ ही झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्रकल्पों में बिल्डरों की मनमानी लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    बिना योजना के पुनर्विकास से बढ़ी परेशानी

    मुम्बई में हजारों पुरानी इमारतों को तोड़कर नई इमारतों का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन इनमें रहने वाले किरायेदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। डेवलपर्स द्वारा अस्थायी आवास के लिए जो किराया दिया जाता है, वह बाजार दर से काफी कम होता है। ऐसे में लोग मजबूरी में महंगे और छोटे घरों में रहने को विवश हो रहे हैं। ऐसे ही झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (Slum Rehabilitation Authority) के तहत बन रहे परियोजनाओं में भी झोपड़ा धारकों को दिया जाने वाला वैकल्पिक किराए का पैसा बाजार मूल्यांकन के मुकाबले काफी कम होता है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

    विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार की ढीली नीतियों और पुनर्विकास में बिल्डरों को दी गई खुली छूट ने इस समस्या को और भी गंभीर बना दिया है। कोविड़ महामारी के बाद से घरों की मांग में तेजी आई है, और अब पुनर्विकास की वजह से किराए के मकानों की संख्या घट रही है, जिससे किराए और भी बढ़ रहे हैं। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    बिल्डरों को फायदा, जनता परेशान

    बांद्रा, खार और सांताक्रुज़ जैसे इलाकों में स्टूडियो अपार्टमेंट का किराया 25,000 रुपये से बढ़कर 50,000 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि 1 बेडरूम हॉल किचिन के लिए 75,000 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। प्रॉपर्टी बाजार में रेंटल यील्ड दोगुनी हो चुकी है, जिसका सीधा लाभ बिल्डर्स और मकान मालिकों को मिल रहा है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    क्या आम आदमी के लिए बचेगा कोई विकल्प?

    अगर यही हालात जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में मुम्बई में मध्यम वर्ग के लिए किफायती घर पाना नामुमकिन हो जाएगा। सरकार को चाहिए कि वह पुनर्विकास के लिए ठोस नीति बनाए और किराएदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, वरना यह संकट और भी गहराता जाएगा। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

  • Mumbai Airport: मुम्बई हवाई अड्डे पर यात्रियों से वसूला जाएगा यूडीएफ

    Mumbai Airport: मुम्बई हवाई अड्डे पर यात्रियों से वसूला जाएगा यूडीएफ

    एयरपोर्ट प्रबंधन ने यात्रियों से उपयोगकर्ता विकास शुल्क (UDF) वसूल करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके मुताबिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से एक्ट्रा टैक्स वसूला जाएगा। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    मुम्बई: एयरपोर्ट से उड़ान भरना अब महंगा होने जा रहा है। मुम्बई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास को लेकर एयरपोर्ट प्रबंधन ने यात्रियों से उपयोगकर्ता विकास शुल्क (UDF) वसूलने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके मुताबिक घरेलू यात्रियों से 325 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 650 रुपये वसूले जाएंगे। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    क्या है जानकारी?

    अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) की सहायक कंपनी और छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) की संचालक मुम्बई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) ने मंगलवार को कहा कि यात्री सुविधाओं में बदलाव के लिए यह फैसला लिया गया है। अभी प्रस्ताव को हवाई अड्डा आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (AERA) को सौंपा गया है। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    पार्किंग शुल्क का लाभ

    वहीं हवाई अड्डा प्रबंधन ने कहा कि एक ओर यूडीएफ वसूला जाएगा तो दूसरी ओर एयरलाइन लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में लगभग 35 प्रतिशत की कमी की जाएगी। इस कटौती से मुम्बई से हवाई किराये पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ताकि एयरलाइन्स कंपनियां लागत का बेहतर प्रबंधन कर सकें। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    कितना पैसा वसूलने की है तैयारी ?

    मौजूदा समय में मुम्बई हवाई अड्डे पर प्रति यात्री लाभ (YPP) 285 रुपये है। प्रस्ताव में इसे बढ़ाकर 332 रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है। मुम्बई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) ने बताया कि अगले पांच साल में हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे के निर्माण में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। अनुमानित 229 मिलियन यात्रियों से 7,600 करोड़ रुपये का कुल कर वसूला जाएगा। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    बताया जा रहा है बुनियादी ढांचे के विकास के तहत मुम्बई एयरपोर्ट पर टर्मिनल 2 पर घरेलू से घरेलू स्थानांतरण सुविधा, समय प्रदर्शन में सुधार और नया टैक्सीवे जेड का निर्माण, टर्मिनल में प्रवेश पर भीड़ का प्रबंधन करने के लिए ई-गेट्स, मुफ्त अंतर-टर्मिनल कोच स्थानांतरण और फास्टैग-सक्षम पार्किंग समेत यात्री सुविधा के लिए तमाम कार्य कराए जाएंगे। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

  • बम्बई में Parle-G कंपनी पर पड़ा इनकम टैक्स का छापा

    बम्बई में Parle-G कंपनी पर पड़ा इनकम टैक्स का छापा

    बम्बई में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने मशहूर पार्लेजी कंपनी पर छापामारी की है। शुक्रवार सवेरे से ही ये छापामारी की प्रक्रिया जारी है। आयकर विभाग की फॉरेन असेट यूनिट और मुम्बई की इनकम टैक्‍स इन्‍वेस्टिगेशन विंग की ओर से सर्च किया जा रहा है। (Income tax raid on Parle-G company in Bombay)

    मुम्बई: शुक्रवार 7 मार्च, पार्ले ग्रुप ऑफ कंपनी पर इनकम टैक्‍स विभाग ने छापेमारी की है। पारले ग्रुप Parle-G, मोनाको और अन्‍य ब्रांड के नाम से बिस्‍कुट बेचने वाली कंपनी है। मुम्बई  में कंपनी के कई स्‍थानों पर छापेमारी की जा रही है, जो सुबह से ही चल रही है। आयकर विभाग की फॉरेन असेट यूनिट और मुम्बई की इनकम टैक्‍स इन्‍वेस्टिगेशन विंग की ओर से सर्च ऑपरेशन जारी है। इसके अलावा अभी तक कोई भी जानकारी नही मिल पाई है। (Income tax raid on Parle-G company in Bombay)

    हालांकि यह सर्च क्‍यों हो रहा है? इसकी वजह कोई बताने को तैयार नही है। छापेमारी पूरी होने के बाद इसके पीछे के कारणों का खुलासा हो सकता है। फिलहाल इनकम टैक्‍स विभाग कंपनी के दस्‍तावेजों को खंगालने का काम कर रही है। कहा जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2024 में कंपनी ने अचानक उछाल मारा था। (Income tax raid on Parle-G company in Bombay)

    2024 में पारले-जी का प्रॉफिट

    सबसे पहले बात कर लेते हैं Parle-G बिस्कुट को वित्त वर्ष 2023-24 में हुए प्रॉफिट के बारे में, तो खबर के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 24 में इसका मुनाफा दोगुना होकर 1,606.95 करोड़ रुपये रहा, जो कि 23 में 743.66 करोड़ रुपये था। इसके बीते वित्त वर्ष में पारले बिस्कुल की ऑपरेशनल इनकम दो प्रतिशत के इजाफे के साथ बढ़कर 14,349.4 करोड़ रुपये हो गई। अगर रेवेन्यू की बात करें, तो ये 5.31 फीसदी उछलकर 15,085.76 करोड़ रुपये रहा। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि Parle Biscuit की डिमांड अभी भी जोरदार बनी हुई है। (Income tax raid on Parle-G company in Bombay)

    कितनी पुरानी है कंपनी ?

    साल 1929 देश की आजादी के एक साल बाद पारले कंपनी की शुरुआत हुई थी। 90 के दशक के बच्चों को तो अपना वह दौर भी याद होगा, जब चाय के साथ पारले-जी का कॉम्बिनेशन सबसे ज्यादा फेमस हुआ करता था। खबरों की मानें तो ऐसा कहा जाता है कि कंपनी ने पारले नाम बम्बई के विले-पार्ले इलाके से लिया था। (Income tax raid on Parle-G company in Bombay)

    कॉम्पिटीशन का दौर ..

    पारले ने पहली बार 1938 में पारले-ग्‍लूको (Parle-Gluco) नाम से बिस्कुट का प्रोडक्शन शुरू किया। आजादी से पहले पारले-जी (Parle-G) का नाम ग्लूको बिस्किट (Gluco Biscuit) ही हुआ करता था। लेकिन, आजादी के बाद ग्लूको बिस्किट का प्रोडक्शन बंद कर दिया गया। क्योंकि देश में उस समय अन्न संकट का खतरा बन गया था। जबकि इस बिस्कुट को बनाने के लिए गेंहू का इस्तेमाल किया जाता था। जब संकट कम हुआ, तो कंपनी ने इसका प्रोडक्शन फिर से शुरू किया, लेकिन तब तक इस सेक्टर में कॉम्पिटीशन काफी बढ़ गई थी और बाकि कंपनियों की मार्केट में एंट्री हो चुकी थी। खासकर ब्रिटानिया ने ग्लूकोज-डी (Glucose-D) बिस्किट से अपनी धमक जमा ली थी। (Income tax raid on Parle-G company in Bombay)

  • महालक्ष्मी से हाजी अली मिसिंग लिंक जल्द होगा पूरा

    महालक्ष्मी से हाजी अली मिसिंग लिंक जल्द होगा पूरा

    महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच मिसिंग लिंक को लेकर बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने टेंडर जारी किया था जिसे 2026 में पूरे 5 साल होने पर 26 अक्टूबर तक प्रोजेक्ट पूरा करने का निर्देश जारी किया है। मुम्बई के सात रास्ते को जोड़ने वाली है ये सबसे बड़ी परियोजना .. (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    मुम्बई: टेंडर जारी करने के पांच साल बाद बनकर तैयार होगा महालक्ष्मी और हाजी अली को जोड़ने वाला मिसिंग लिंक। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने बुधवार को दक्षिण मुंबई के महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच मिसिंग लिंक परियोजना को पूरा करने के लिए अक्टूबर 2026 तक की समय सीमा तय की। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    इस परियोजना में एक केबल-आधारित रोड ओवर ब्रिज (ROB) और एक फ्लाईओवर शामिल है जो इन दो बिंदुओं को शहर के सात रास्ता वाले सबसे व्यस्त ट्रैफिक जंक्शन के साथ जोड़ेगा। इन दोनों पुल के सेंटर में सात रास्ता जंक्शन होने से महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच एक वी-आकार का रास्ता प्रदान करेंगा। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि “वर्तमान में, मौजूदा महालक्ष्मी पुल महालक्ष्मी से वर्ली हाजी अली तक पहुंचने का एकमात्र 100 साल पुराना लिंक है और वर्तमान यातायात भार के कारण पूरा मार्ग पूरे दिन भीड़भाड़ वाला रहता है। इसलिए, ये दो नए पुल न केवल महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच लापता लिंक कनेक्शन को पूरा करेगा, बल्कि सात रास्ता के साथ डायरेक्ट कनेक्ट भी  करेंगा।” (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    क्यों बनाया जा रहा है प्रोजेक्ट?

    दक्षिण मुंबई में यातायात की आवाजाही को आसान बनाने के लिए, बीएमसी ने 2019 में मौजूदा महालक्ष्मी पुल से लोड को कम करने और महालक्ष्मी ईस्ट की ओर सात रास्ता तक कनेक्टिविटी का विस्तार करने का प्रस्ताव रखा था, जिसमें हाजी अली और महालक्ष्मी के बीच गायब लिंक को भी पूरा करने का प्रस्ताव शामिल है। इसमें देखा गया कि मौजूदा महालक्ष्मी पुल को ठोस विकल्प के बिना नहीं गिराया जा सकता। इसलिए बीएमसी ने इन दो नए फ्लाईओवरों के निर्माण का प्रस्ताव रखा। इस परियोजना को स्थायी समिति द्वारा मंजूरी मिलने के बाद 2020 में टेंडर निकाला गया था। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    कैसी होगी योजना?

    केबल-रुका हुआ आरओबी ब्रिज महालक्ष्मी स्टेशन के पश्चिमी (West) हिस्से के पास केशव राव खद्ये मार्ग से निकलेगा और रेलवे ट्रैक के ऊपर से पूर्व (East) की ओर गुजरेगा और फ्लाईओवर सात रास्ता से जुड़ेगा। चार लाईन लंबाई वाला यह आरओबी 803 मीटर लंबा होगा, जिसकी चौड़ाई 23 मीटर होगी, जबकि जमीन से ऊंचाई 63 मीटर होगी। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    इस बीच, दूसरा फ्लाईओवर सात रास्ता से निकलेगा और रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा और पश्चिम की ओर बढ़ेगा, अंत में महालक्ष्मी रेस कोर्स से सटे हाजी अली के पास डॉ. ई मूसा रोड के पास जुड़ जाएगा। यह फ्लाईओवर 639 मीटर लंबा होगा और इसमें चार वाहन लेन होंगे। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि पुल का संरेखण (Alignment) मौजूदा हरित क्षेत्र को न्यूनतम क्षति सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    लगभग 500 करोड़ की लागत

    दोनों परियोजनाओं की कुल लागत 497 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें केबल स्टे ब्रिज की लागत 400 करोड़ रुपये है, जबकि दूसरे फ्लाईओवर की लागत 97 करोड़ रुपये है। अक्टूबर 2026 की समय सीमा तय होने पर बुधवार सुबह पुल विभाग के वरिष्ठ बीएमसी अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने साइट का निरीक्षण किया। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजनाएं) अभिजीत बांगर ने कहा कि केबल स्टे ब्रिज की नींव को सहारा देने के लिए 78 मीटर लंबा स्तंभ बनाया जाएगा और इस स्तंभ का निर्माण अगले सात महीनों में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा पुल के मुख्य मार्ग के शुभारंभ और निर्माण का कार्य भी एक साथ किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इन दोनों फ्लाईओवरों के निर्माण का मूल विचार विकास योजना (डीपी) 2034 मॉडल में रखा गया था। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

  • Maharashtra Budget Session: क्या ठेकेदारों का बकाया बजट सत्र में गूंजेगा?

    Maharashtra Budget Session: क्या ठेकेदारों का बकाया बजट सत्र में गूंजेगा?

    महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार संघ (MSCA) के अध्यक्ष मिलिंद भोसले ने दावा किया कि अकेले PWD के बकाया बिलों की राशि जुलाई 2024 से लगभग 46,000 करोड़ रुपये हो गई है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    मुम्बई: महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान विपक्ष ठेकेदारों के मुद्दे को उठाने की जोर शोर से तैयारी कर रहा है। राज्य के ठेकेदार आरोप लगा रहे हैं कि उनका एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान नहीं किया जा रहा है। सबसे ज्यादा सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) का काम करने वाले ठेकेदार परेशान है। ठेकेदारों के भुगतान पर PWD ने जानकारी देते हुए कहा कि सड़क और इमारत उपक्षेत्र के लंबित भुगतानों को निपटाने के लिए साल 2024-25 में अब तक 15,091 करोड़ रुपये की निधि वितरित की जा चुकी है। विभाग ने फरवरी 2025 में कुल 683 करोड़ 72 लाख रुपये की निधि वितरित की। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    PWD ने क्या कहा?

    सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लंबित भुगतानों की दी गई जानकारी में कहा, कि विभिन्न योजनाओं के लिए बजट में बकाया राशि वितरित करने का कार्य प्रगति पर है। ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंट सिस्टम (TReDS) प्रणाली का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में वित्त विभाग को प्रस्ताव पेश किया गया और कार्यवाही प्रगति पर है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक

    बता दें कि ठेकेदारों के बकाया भुगतान के निपटारे के लिए सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्र सिंह राजे भोसले की अध्यक्षता में हाल ही में एक बैठक आयोजित की गई थी। विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार विभाग द्वारा कार्यवाही की जा रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    64 करोड़ रुपये वितरित

    मंत्रालय और मंत्रियों के आवासों के रखरखाव का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और इसके लिए फरवरी माह में 64 करोड़ रुपये से अधिक की निधि वितरित की गई है। 18 करोड़ रुपये से अधिक की निधि वितरित करने की प्रक्रिया जारी है। बजट में अवितरित प्रावधान वितरित करने के बाद, लंबित भुगतानों के निपटारे के लिए वित्तीय वर्ष के बचे हुए समय में आवश्यक निधि उपलब्ध कराने के लिए सरकार के पास विभिन्न विकल्प खुले हैं और इसी के मुताबिक, कार्यवाही की जा रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    प्रचार पर अतिरिक्त खर्च

    महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार संघ (MSCA) के अध्यक्ष मिलिंद भोसले ने दावा किया कि अकेले PWD के बकाया बिलों की राशि जुलाई 2024 से लगभग 46,000 करोड़ रुपये है। बुनियादी ढांचे और विकास क्षेत्रों में लगभग 4 लाख ठेकेदार और 4 करोड़ कर्मचारी वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। भोसले ने आरोप लगाया कि हमारी चिंताओं को दूर करने के बजाय, सरकार प्रचार के लिए मुफ्त चीजें बांटने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    किश्तों में होगा भुगतान

    मुंबई ठेकेदार संघ के कार्यकारी अध्यक्ष दादा इंगले का कहना है कि मुंबई सर्कल के तीन डिवीजनों में 600 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। विभिन्न विभागों के पास कुल 1,09,300 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं। इसमें लोक निर्माण विभाग (46,000 करोड़ रुपये), जल जीवन मिशन (18,000 करोड़ रुपये), ग्रामीण विकास (8,600 करोड़ रुपये), सिंचाई विभाग (19,700 करोड़ रुपये) और शहरी विकास को 17,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना बाकी है। लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने कहा कि वित्त विभाग लंबित बिलों को किस्तों में निपटाने पर काम कर रहा है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

  • Mumbai: अपने ही घर में बेटे ने की 3.5 करोड़ रुपये की चोरी

    Mumbai: अपने ही घर में बेटे ने की 3.5 करोड़ रुपये की चोरी

    दक्षिण मुम्बई के एक हिरा व्यापारी के घर तिजोरी से 3.5 करोड़ रुपए की चोरी हो गई। पुलिस ने जब छानबीन की तो पता चला बेटे ने ही नकली चाबी बनाकर चोरी की है। पुलिस ने किया गिरफ्तार। (Mumbai Son stole Rs 3.5 crore in his own house)

    मुम्बई: कहते है कि विश्वासघात करने वाले का कोई सगा नही होता। ना जात, ना धर्म, यहां तक की अपनी ही औलाद अपनी जान की दुश्मन बन जाती है। ऐसा ही एक मामला दक्षिण मुम्बई के लेमिन्टन रोड़ से सामने आया है, जहां एक युवक ने अपने ही पिता की तिजोरी में सेंधमारी कर करोड़ों रुपये के हिरे और कैश चोरी कर लिये। यह घटना डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन के अंतर्गत ओपेरा हाउस स्थित पंचरत्न बिल्डिंग का है। जहां पुलिस ने छानबीन करना शुरू कर दिया। (Mumbai Son stole Rs 3.5 crore in his own house)

    पुलिस ने क्या कहा?

    पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता विपुल जोगानी एक प्रतिष्ठित हीरा व्यापारी हैं। उनका कार्यालय पंचरत्न बिल्डिंग, ओपेरा हाउस में स्थित है। पुलिस ने बताया कि विपुल के बेटे, निर्मम जोगानी, ने पिता के कारोबार की तरक्की और तिजोरी में रखी करोड़ों की संपत्ति देखकर चोरी की साजिश रचाई और नकली चाबी बनाकर तिवारी साफ कर दी। (Mumbai Son stole Rs 3.5 crore in his own house)

    डुप्लीकेट चाबी बनाकर चोरी

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि बेटे ने बड़ी चालाकी से अपने पिता की जानकारी के बिना तिजोरी की चाबी का साबुन पर छाप लिया और फिर उससे नकली चाबी बनवाई। 20 फरवरी की रात, इसी नकली चाबी का इस्तेमाल कर उसने तिजोरी से 3.5 करोड़ रुपये मूल्य के हीरे और नकदी चुरा लिए। (Mumbai Son stole Rs 3.5 crore in his own house)

    जब विपुल जोगानी को तिजोरी में चोरी का पता लगा, तो उन्होंने तुरंत डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने जांच शुरू की और CCTV फुटेज और भी दूसरे सुरागों के आधार पर चोर का पता लगा लिया। लेकिन जब सच्चाई सामने आई, तो व्यापारी पिता को गहरा झटका लगा क्योंकि चोरी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनके अपने बेटे ने ही की थी। (Mumbai Son stole Rs 3.5 crore in his own house)

    चोरी के आरोप में बेटा गिरफ्तार

    पुलिस ने बताया कि जांच में सबूत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी बेटे निर्मम जोगानी को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है कि उसने यह चोरी अकेले की थी या किसी और की मदद ली थी।(Mumbai Son stole Rs 3.5 crore in his own house)

  • लोन हुआ सस्ता, RBI के फैसले के बाद ब्याज दरों में कटौती

    लोन हुआ सस्ता, RBI के फैसले के बाद ब्याज दरों में कटौती

    ग्राहकों के लिए होम और कार लोन हुआ सस्ता। RBI के फैसले के बाद लोन के ब्याज दरों में कटौती की गई है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने होम और कार लोन पर प्रोसेसिंग फीस (Loan Processing Fees and Charges) भी हटा दी है। जिससे लोन लेना और भी सस्ता हो गया है।

    नई दिल्ली: बैंक से लोन लेने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) ने अपने होम लोन (Home Loan) और कार लोन (Car Loan) के साथ अन्य रिटेल लोन की ब्याज दरों में 0.25% (25 बेसिस प्वाइंट) की कटौती की है। इससे होम और कार लोन सस्ता हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 0.25% कमी करने के बाद यह कटौती की गई है। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    RBI के फैसले से मिली राहत ..

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 7 फरवरी को 5 साल बाद पहली बार रेपो रेट में 0.25% की कटौती की, जिसके बाद अब रेपो रेट 6.25% हो गया है। इसका सीधा फायदा बैंक के ग्राहकों को हो रहा है। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    ब्याज दरों में बदलाव..

    होम लोन की नई ब्याज दर (Home Loan Interest Rate) 8.10% हो गई है, जो कि बैंकिंग सेक्टर में फिलहाल के लिए सबसे कम दरों में से एक माना जा रहा है। वहीं, कार लोन (Car Loan Interest Rate) अब 8.45% की दर पर मिलेगा। एजुकेशन लोन और अन्य लोन की ब्याज दरें भी 0.25% कम कर दी गई हैं। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    प्रोसेसिंग फीस भी नही लगेगा ..

    बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने होम और कार लोन पर प्रोसेसिंग फीस (Loan Processing Fees and Charges) भी हटा दी है, जिससे लोन लेना और भी सस्ता हो गया है। अब ग्राहकों को लोन लेने में और आसानी होगी। बैंकिंग सेक्टर के विशेषज्ञों द्वारा अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले समय में और भी बैंकों द्वारा लोन सस्ता किया जा सकता है। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    कैसे करें लोन अप्लाई?

    अगर आप बैंक ऑफ महाराष्ट्र से होम या कार लोन लेना चाहते हैं, तो आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। इसका ऑनलाइन प्रोसीजर निम्नलिखित हैं:-

    • बैंक की वेबसाइट [bankofmaharashtra.in] पर जाएं।
    • होम/कार लोन के सेक्शन में जाएं।
    • अपनी जानकारी भरें और डॉक्यूमेंट अपलोड करें।
    • बैंक आपके आवेदन की रिव्यू कर लोन अप्रूव करेगा।