Category: Police Action

  • शिंदे सेना के नेता संजय निरुपम 7 साल पुराने रेल रोको मामले में बरी

    शिंदे सेना के नेता संजय निरुपम 7 साल पुराने रेल रोको मामले में बरी

    शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के प्रवक्ता और पूर्व सांसद संजय निरुपम को 2018 के रेल रोको मामले में मुंबई की विशेष मजिस्ट्रेट अदालत ने बरी कर दिया। अदालत ने कहा — सबूतों में संदेह है, CCTV फुटेज स्पष्ट नहीं है।

    मुंबई: विशेष मजिस्ट्रेट अदालत ने शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता और पूर्व सांसद संजय निरुपम को 7 साल पुराने रेल रोको मामले में बरी कर दिया है।
    यह मामला 10 सितंबर 2018 का है, जब निरुपम ने कांग्रेस मुंबई अध्यक्ष के रूप में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ देशव्यापी बंद का हिस्सा बनकर अंधेरी स्टेशन पर रेल रोको आंदोलन किया था।

    🚉 क्या था मामला?

    पुलिस के अनुसार, संजय निरुपम सुबह 9:30 बजे अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे।
    वे 50–60 पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी कर रहे थे और विरोध के दौरान वे प्लेटफॉर्म 3 और 4 के बीच ट्रैक पर बैठ गए
    रेलवे स्टाफ ने रोकने की कोशिश की, लेकिन इसके चलते बोरीवली स्लो लोकल को 7 मिनट की देरी हुई।
    अंधेरी पुलिस ने इस पर एफआईआर दर्ज कर ली और घटना की तस्वीरें व सीसीटीवी फुटेज अदालत में पेश किए।

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    🧾 अदालत ने सबूतों पर उठाए सवाल

    न्यायाधीश वी.यू. मिसाल ने कहा कि पुलिस द्वारा पेश किए गए सीसीटीवी फुटेज और तस्वीरें स्पष्ट नहीं हैं और इनसे यह साबित नहीं होता कि निरुपम ने ही ट्रैक पर बैठकर ट्रेन रोकी थी।
    उन्होंने कहा —

    “केवल CCTV के प्रिंटआउट पेश करने से सबूत साबित नहीं होते। भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65B के प्रावधान पूरे न होने तक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को मान्य नहीं माना जा सकता।”

    इसके अलावा, अदालत ने कहा कि ट्रेन में देरी को लेकर पुलिस के दावे पर भी उचित सबूत नहीं दिए गए हैं।

    “यह साबित नहीं किया जा सका कि बोरीवली स्लो लोकल की देरी सीधे तौर पर संजय निरुपम की वजह से हुई थी,” न्यायाधीश ने कहा।

    🧩 ‘सॉफ्ट टारगेट’ बनाए जाने का संकेत

    अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि जब उस दिन विरोध प्रदर्शन में कई वरिष्ठ नेता, जिनमें अशोक चव्हाण (अब बीजेपी में) भी मौजूद थे, तो सिर्फ निरुपम के खिलाफ ही केस क्यों दर्ज किया गया?
    न्यायाधीश ने कहा —

    “ऐसा प्रतीत होता है कि निरुपम को इस मामले में एक ‘सॉफ्ट टारगेट’ बनाकर फंसाया गया था।”

    🗣️ संजय निरुपम ने दी प्रतिक्रिया

    फैसले के बाद संजय निरुपम ने कहा —

    “सात साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार सच्चाई की जीत हुई। मैंने जनता की आवाज़ उठाई थी, कोई अपराध नहीं किया था।”

    उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित था।


    FAQ सेक्शन

    Q1. संजय निरुपम को किस मामले में बरी किया गया है?
    👉 उन्हें 2018 के रेल रोको आंदोलन के मामले में बरी किया गया है, जो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ हुआ था।
    Q2. घटना कहां हुई थी?
    👉 यह घटना अंधेरी रेलवे स्टेशन, मुंबई पर हुई थी।
    Q3. पुलिस ने क्या आरोप लगाए थे?
    👉 पुलिस ने कहा था कि निरुपम ने ट्रैक पर बैठकर लोकल ट्रेन को सात मिनट रोका था।
    Q4. कोर्ट ने क्या कहा?
    👉 कोर्ट ने कहा कि सबूत अस्पष्ट हैं और CCTV फुटेज से निरुपम की उपस्थिति साबित नहीं होती।
    Q5. निरुपम ने क्या प्रतिक्रिया दी?
    👉 उन्होंने कहा कि यह फैसला न्याय की जीत है और उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया गया था।

  • लोकल ट्रेन में झगड़ा, यात्री को लगे 6 टांके; कोर्ट ने दो आरोपियों की जमानत ठुकराई

    लोकल ट्रेन में झगड़ा, यात्री को लगे 6 टांके; कोर्ट ने दो आरोपियों की जमानत ठुकराई

    मुंबई की भीड़भाड़ वाली लोकल ट्रेन में झगड़े के दौरान एक यात्री के सिर पर चोट लगने से उसे छह टांके लगे। सेशंस कोर्ट ने कहा — “चोटिल व्यक्ति का अस्पताल से डिस्चार्ज होना जमानत का आधार नहीं।

    मुंबई: लोकल ट्रेन मे मार पीट को लेकर एक मुकदमे में मुंबई की सेशंस कोर्ट ने दो आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिन्होंने लोकल ट्रेन में झगड़े के दौरान एक यात्री को घायल कर दिया।
    कोर्ट ने साफ कहा कि “घायल का अस्पताल से डिस्चार्ज होना, जमानत देने का आधार नहीं हो सकता।”

    यह मामला 4 अक्टूबर का है, जब शिकायतकर्ता ने दादर से गोरेगांव स्लो लोकल ट्रेन पकड़ी थी और उसे सांताक्रूज़ स्टेशन पर उतरना था। भीड़ के कारण जब यात्री उतर नहीं पाए, तो दो लोगों में झगड़ा हुआ, जिससे एक व्यक्ति के सिर पर गंभीर चोट लगी और उसे 6 टांके लगाने पड़े।

    🚨 कौन हैं आरोपी और क्या हैं आरोप

    पुलिस ने इस मामले में दो यात्रियों — नौशाद अहमद (20) और रामसूरत राय (35) — को गिरफ्तार किया है।
    दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा

    • 115 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और
    • 118 (खतरनाक हथियार या साधन से चोट या गंभीर चोट पहुंचाना)
      के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    दोनों आरोपी पिछले एक महीने से जेल में बंद हैं।

    🧾 “हम निर्दोष हैं”, आरोपियों की दलील

    आरोपियों के वकील ने कोर्ट में कहा कि दोनों गरीब मजदूर हैं और उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है
    उनका कहना था कि शिकायतकर्ता को साधारण चोट लगी थी और वह पहले ही अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुका है।

    लेकिन अभियोजन पक्ष (Prosecution) ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और शिकायतकर्ता को सिर पर गंभीर चोट आई थी।

    🧑‍⚖️ जज का सख्त रुख — ‘घायल का डिस्चार्ज होना जमानत का आधार नहीं’

    अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत सी. काले ने 1 नवंबर को अपने आदेश में कहा:

    “आरोपियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। घायल व्यक्ति का डिस्चार्ज होना जमानत का आधार नहीं हो सकता। पुलिस के कागज़ों के अनुसार, शिकायतकर्ता को लगी चोट सिर के अहम हिस्से पर गंभीर चोट है।”

    कोर्ट ने यह भी बताया कि हमले में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद किया गया है।
    इसी वजह से अदालत ने कहा कि जांच अधूरी है, इसलिए इस चरण में जमानत नहीं दी जा सकती।

    🚉 मुंबई लोकल में बढ़ रहे विवाद

    मुंबई की लोकल ट्रेनें “शहर की लाइफ़लाइन” कही जाती हैं, लेकिन रोज़ाना की भीड़ और तनाव के बीच झगड़ों के मामले बढ़ रहे हैं।
    रेलवे पुलिस (GRP) के अनुसार, हर महीने दर्जनों झगड़ों और धक्कामुक्की की शिकायतें मिलती हैं, जिनमें कई बार यात्रियों को चोटें भी लगती हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. यह घटना कब और कहां हुई थी?
    👉 यह घटना 4 अक्टूबर को दादर-सांताक्रूज़ लोकल ट्रेन में हुई थी।
    Q2. कितने लोग गिरफ्तार किए गए हैं?
    👉 दो आरोपी — नौशाद अहमद और रामसूरत राय — को गिरफ्तार किया गया है।
    Q3. शिकायतकर्ता को क्या चोटें आईं?
    👉 शिकायतकर्ता के सिर पर चोट लगी और 6 टांके लगाने पड़े।
    Q4. कोर्ट ने जमानत क्यों नहीं दी?
    👉 कोर्ट ने कहा कि घायल का डिस्चार्ज होना जमानत का आधार नहीं, क्योंकि मामला अभी शुरुआती जांच में है।
    Q5. आरोपियों पर कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
    👉 धारा 115 और 118 (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मामला दर्ज हुआ है।

  • रियल एस्टेट मे लोगों से 100 करोड़ की ठगी! इमारत प्लिंथ पर रुकी

    रियल एस्टेट मे लोगों से 100 करोड़ की ठगी! इमारत प्लिंथ पर रुकी

    मुंबई के वडाला इलाके में बड़ा रियल एस्टेट घोटाला सामने आया है। बीपी गंगार कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 102 फ्लैट खरीदारों से ₹100 करोड़ की ठगी का आरोप लगा है। इमारत का काम सिर्फ नींव तक पहुंचा, बाकी निर्माण ठप पड़ा है।

    मुंबई: मुंबई पुलिस की आर्थिक गुन्हे शाखा (EOW) ने BP Gangar Constructions Pvt. Ltd. नामक डेवलपर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि कंपनी ने वडाला में बन रही “Skye 31” इमारत के 102 फ्लैट खरीदारों से लगभग ₹100 करोड़ की ठगी की।

    पुलिस के अनुसार, बिल्डर को दिसंबर 2024 तक खरीदारों को फ्लैट का कब्जा देना था, लेकिन आज तक इमारत की सिर्फ प्लिंथ लेवल तक की ही कंस्ट्रक्शन हुई है।

    🏗️ 2018 से ले रहा था बुकिंग, लेकिन निर्माण नहीं बढ़ा

    पुलिस जांच में सामने आया है कि BP Gangar Constructions ने 2018 से फ्लैट बुकिंग शुरू की, और कई लोगों से बड़ी रकम ली।
    शिकायतकर्ता अनिल ड्रोन (62), जो एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, ने 2022 में 2-BHK फ्लैट खरीदा था। उन्होंने शिकायत में बताया कि बिल्डर ने एक ही फ्लैट दो लोगों को बेच दिया, यानी एक ही यूनिट से दो बार पैसा वसूला गया।

    🧾 RERA नियमों का उल्लंघन, पैसा निजी उपयोग में लगाया

    EOW के अधिकारियों ने बताया कि डेवलपर ने अब तक 159 में से 102 फ्लैट बेच दिए, लेकिन उस रकम को प्रोजेक्ट में लगाने के बजाय दूसरी कंपनियों या व्यक्तिगत कामों में उपयोग किया गया।
    यह रियल एस्टेट (रेग्युलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट (RERA) का गंभीर उल्लंघन है।

    👮‍♂️ दो डायरेक्टरों पर FIR, IPC की कई धाराएं लागू

    पुलिस ने कंपनी के दो डायरेक्टरों — सुब्बारमन आनंद विलायनूर और उमा सुब्बारमन — और कुछ अन्य अज्ञात अधिकारियों पर IPC की धारा 406 (विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), और 34 (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया है।
    पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर ठगी की रकम करीब ₹100 करोड़ से अधिक हो सकती है।

    📉 खरीदारों में रोष, कहा, “हमारी जिंदगी की कमाई दांव पर”

    पीड़ित फ्लैट खरीदारों ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी इस प्रोजेक्ट में लगाई थी।
    “हम हर महीने EMI दे रहे हैं, लेकिन घर सिर्फ नक्शे में है। बिल्डर जवाब नहीं दे रहा,” — एक खरीदार ने बताया।
    अब खरीदारों की मांग है कि सरकार RERA के तहत तुरंत हस्तक्षेप करे और इस प्रोजेक्ट को किसी दूसरी विश्वसनीय कंपनी को सौंपा जाए।


    FAQ सेक्शन

    Q1. यह मामला किस डेवलपर के खिलाफ दर्ज हुआ है?
    👉 BP Gangar Constructions Pvt. Ltd. के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
    Q2. कितने खरीदार ठगी के शिकार हुए हैं?
    👉 कुल 102 फ्लैट खरीदारों ने शिकायत दर्ज कराई है।
    Q3. ठगी की कुल रकम कितनी है?
    👉 पुलिस के अनुसार, रकम लगभग ₹100 करोड़ से अधिक है।
    Q4. पुलिस ने किन धाराओं में केस दर्ज किया है?
    👉 IPC की धारा 406, 420 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
    Q5. क्या इमारत का निर्माण पूरा हुआ है?
    👉 नहीं, अब तक केवल प्लिंथ लेवल तक ही काम हुआ है।

  • दहिसर के नाले से मिली नवजात की पहचान, गरीबी में मजबूर माता-पिता ने छोड़ा

    दहिसर के नाले से मिली नवजात की पहचान, गरीबी में मजबूर माता-पिता ने छोड़ा

    मुंबई के दहिसर इलाके में नाले से मिली नवजात बच्ची के माता-पिता का पता पुलिस ने लगा लिया है। तीन बेटियों के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस दंपती ने मजबूरी में चौथी बेटी को छोड़ दिया था। पुलिस अब बच्चे की देखरेख को लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है।

    मुंबई: दहिसर में कुछ दिन पहले नाले के पास एक नवजात बच्ची मिलने की घटना ने सभी को झकझोर दिया था। अब पुलिस ने उस मासूम के माता-पिता का पता लगा लिया है। जांच में सामने आया कि यह दंपती बेहद गरीब है और पहले से तीन बेटियां हैं। आर्थिक बोझ और सामाजिक दबाव के चलते उन्होंने चौथी बच्ची को नाले के पास छोड़ दिया।

    🩺 शताब्दी अस्पताल में सुरक्षित है बच्ची

    27 अक्टूबर को दहिसर पुलिस ने अशोकवन इलाके के नाले से इस नवजात को बचाया था। तुरंत शताब्दी अस्पताल, कांदिवली में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची अब पूरी तरह स्थिर है और जल्द डिस्चार्ज हो जाएगी।
    अस्पताल प्रशासन ने कहा — “हम पुलिस को बच्चे की स्थिति की जानकारी देंगे और उन्हें जिसे सौंपने का निर्देश मिलेगा, उसी को बच्ची दी जाएगी।”

    👮‍♀️ पुलिस ने माता-पिता को किया ट्रेस, अब तय होगी कानूनी दिशा

    दहिसर पुलिस ने इलाके के झुग्गी बस्तियों में खोजबीन के बाद बच्ची के माता-पिता को ढूंढ निकाला। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मां घरेलू कामगार है और पिता दिहाड़ी मजदूर। दोनों ने कबूल किया कि वे चौथे बच्चे की परवरिश का खर्च नहीं उठा सकते थे।
    अभी यह तय नहीं हुआ है कि पुलिस दोनों को गिरफ्तार करेगी या सिर्फ एक को। मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण पुलिस सावधानीपूर्वक कदम उठा रही है।

    🧒 बाल कल्याण समिति (CWC) तय करेगी बच्ची का भविष्य

    अभी यह चर्चा जारी है कि बच्ची को माता-पिता को लौटाया जाए या किसी चाइल्ड वेलफेयर होम को सौंपा जाए।
    बाल कल्याण समिति (CWC), अस्पताल और पुलिस मिलकर यह तय करेंगे कि बच्चे के हित में सबसे बेहतर निर्णय क्या होगा।

    💔 गरीबी और समाजिक दबाव की त्रासदी

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह दंपती पिछले कुछ महीनों से आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। पति की मजदूरी से घर चलाना मुश्किल था और तीन बेटियों के पालन-पोषण का खर्च पहले से भारी था। चौथी बेटी के जन्म के बाद उन्हें लगा कि अब उनका गुज़ारा नहीं होगा, इसलिए उन्होंने यह गलत कदम उठाया।
    यह मामला न सिर्फ कानूनी, बल्कि सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण से भी बेहद संवेदनशील बन गया है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. नवजात बच्ची को कहां से बरामद किया गया था?
    👉 बच्ची दहिसर (पश्चिम) के अशोकवन इलाके के एक नाले से बरामद की गई थी।
    Q2. बच्ची की हालत अभी कैसी है?
    👉 शताब्दी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची अब स्थिर है और जल्द डिस्चार्ज होगी।
    Q3. क्या बच्ची को उसके माता-पिता को वापस सौंपा जाएगा?
    👉 इस पर फैसला बाल कल्याण समिति (CWC) और पुलिस मिलकर करेगी।
    Q4. क्या माता-पिता के खिलाफ केस दर्ज किया गया है?
    👉 फिलहाल पुलिस विचार कर रही है कि दोनों को गिरफ्तार किया जाए या नहीं, मामला बेहद संवेदनशील है।

  • Malad Redevelopment Scam: कांदिवली के बिल्डर से ₹18.09 करोड़ की ठगी, तीन डेवलपर्स पर EOW की जांच

    Malad Redevelopment Scam: कांदिवली के बिल्डर से ₹18.09 करोड़ की ठगी, तीन डेवलपर्स पर EOW की जांच

    मुंबई के मालाड इलाके में एक बड़े रीडेवलपमेंट फ्रॉड का खुलासा हुआ है। कांदिवली के बिल्डर से तीन डेवलपर्स ने झूठे दस्तावेज़ दिखाकर ₹18.09 करोड़ की ठगी की। अब मामला आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपा गया है।

    मुंबई: करोड़ों रुपये की ठगी के मामले मे मुंबई पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने मालाड वेस्ट में हुए एक बड़े रीडेवलपमेंट फ्रॉड केस की जांच अपने हाथ में ले ली है। आरोप है कि तीन डेवलपर्स — अपूर्व शाह, शीतल शाह और विशेश शाह — ने कांदिवली के बिल्डर राकेश वीरेंद्र सिंह (51) को झूठे मालिकाना दस्तावेज़ दिखाकर ₹18.09 करोड़ की ठगी की है।

    राकेश सिंह ने बताया कि ये आरोपी खुद को मालाड (वेस्ट) स्थित राम निवास और कमल कुंज नामक दो संपत्तियों के एकमात्र मालिक बताते थे, जबकि असल में ये प्रॉपर्टीज पहले से ही कानूनी विवादों में उलझी हुई थीं।

    🔹 झूठे दस्तावेज़ और फर्जी डेवलपमेंट एग्रीमेंट

    एफआईआर के मुताबिक, तीनों आरोपियों ने राकेश सिंह को लुभाकर Joint Development Agreement (JDA) किया और नकली दस्तावेज़ पेश कर खुद को वैध मालिक बताया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट से भारी मुनाफा होगा।

    सिंह ने अनुमतियों, किरायेदारों के स्थानांतरण और निर्माण कार्यों के लिए ₹18.09 करोड़ का निवेश किया। मगर रकम मिलने के बाद न तो कोई काम शुरू हुआ, न पैसा वापस किया गया।

    🔹 पैसे गायब, प्रोजेक्ट ठप

    सिंह के मुताबिक, सभी दस्तावेज़ और वादे झूठे निकले। रकम को इधर-उधर कर दिया गया और निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने जानबूझकर कानूनी विवाद छिपाकर निवेशक को भ्रमित किया और वित्तीय नुकसान पहुंचाया।

    🔹 EOW ने संभाली जांच

    मालाड पुलिस ने पहले भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा के तहत धोखाधड़ी और विश्वासघात के मामले में एफआईआर दर्ज की थी। अब यह मामला आगे की गहराई से जांच के लिए EOW यूनिट-12 को सौंपा गया है।

    EOW अब यह पता लगाने में जुटी है कि रकम का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया, और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की भूमिका रही है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. यह ठगी किस इलाके में हुई?
    मालाड (वेस्ट), मुंबई में दो संपत्तियों — राम निवास और कमल कुंज — के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में यह धोखाधड़ी हुई।
    Q2. ठगी की कुल रकम कितनी है?
    कांदिवली के बिल्डर राकेश सिंह से ₹18.09 करोड़ की ठगी की गई है।
    Q3. अब इस केस की जांच कौन कर रहा है?
    मामले की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा (EOW) यूनिट-12 कर रही है।
    Q4. आरोपियों के खिलाफ कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
    BNS की संबंधित धाराओं के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप दर्ज किए गए हैं।

  • मालाड में 22वीं मंज़िल से कूदने जा रहे बुज़ुर्ग को पुलिस और फायर ब्रिगेड ने बचाया, तलाक के बाद तनाव में था शख्स

    मालाड में 22वीं मंज़िल से कूदने जा रहे बुज़ुर्ग को पुलिस और फायर ब्रिगेड ने बचाया, तलाक के बाद तनाव में था शख्स

    मुंबई के मालाड पूर्व में 60 वर्षीय बुज़ुर्ग आत्महत्या के लिए 22वीं मंज़िल से कूदने जा रहे थे, लेकिन कुुरार पुलिस और फायर ब्रिगेड की समय रहते कार्रवाई से उनकी जान बच गई। तलाक के बाद तनाव में चल रहे व्यक्ति को पुलिस ने काउंसलिंग देकर सुरक्षित घर भेज दिया।

    मुंबई: मालाड पूर्व इलाके में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब एक 60 वर्षीय बुज़ुर्ग व्यक्ति ने आत्महत्या करने की कोशिश की।
    वह दुर्गामाता एसआरए बिल्डिंग, दिंडोशी कोट (जेपी डेक्स के पास) की 22वीं मंज़िल से कूदने की तैयारी कर रहे थे।

    सूचना मिलते ही कुरार पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड की मदद से बुज़ुर्ग को सुरक्षित नीचे उतारा गया।
    इस त्वरित कार्रवाई ने एक ज़िंदगी बचा ली।

    कंट्रोल रूम की कॉल से शुरू हुई बचाव कार्रवाई

    पुलिस के मुताबिक, 4 नवंबर की सुबह करीब 8 बजे, नॉर्थ कंट्रोल रूम से कॉल मिला कि एक व्यक्ति इमारत की 22वीं मंज़िल से छलांग लगाने की कोशिश कर रहा है।
    शख्स की पहचान विवेक गोगटे (60) के रूप में हुई, जो पेशे से वॉचमैन हैं और उसी बिल्डिंग के एक रूम में रहते हैं।

    जानकारी मिलते ही नाइट शिफ्ट सुपरवाइजर संदीप वेदपाठक, ऑफिसर मनोज क्षीरसागर, और बीट मार्शल 1 टीम लेकर मौके पर पहुंचे।
    साथ ही दिंडोशी फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया।

    फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मिलकर बचाई जान

    जब टीम पहुंची, तब विवेक गोगटे इमारत की दीवार पर चढ़ चुके थे और छलांग लगाने ही वाले थे।
    टीम ने तेजी से एक्शन लेते हुए सुरक्षा रस्सियों और नेट का इस्तेमाल किया, और उन्हें नीचे उतारने में सफलता पाई।

    बचाव के बाद उन्हें कुरार पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां काउंसलिंग दी गई और मानसिक रूप से शांत करने का प्रयास किया गया।

    तलाक के बाद मानसिक तनाव से जूझ रहे थे विवेक गोगटे

    पूछताछ में विवेक गोगटे ने बताया कि पिछले साल उनका तलाक हो गया था, और तब से वे अकेले रह रहे थे।
    पारिवारिक परेशानियों और मानसिक तनाव के कारण उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाने की कोशिश की।

    पुलिस ने गोगटे से उनके किसी परिचित का नंबर मांगा, जिसके बाद उन्होंने अपने मित्र अमर उमेश सिंह (47) का नाम बताया।
    सिंह को बुलाकर पूरा मामला समझाया गया, और गोगटे को उनकी देखरेख में घर भेज दिया गया।

    पुलिस ने दी मानसिक स्वास्थ्य सहायता

    कुरार पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में व्यक्ति को कानूनी कार्रवाई के बजाय मानसिक सहायता देना अधिक ज़रूरी है।
    टीम ने बताया कि उन्होंने “संकट में फंसे व्यक्ति की काउंसलिंग” कराई है ताकि आगे वह ऐसा कदम न उठाएं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

    Q1. घटना कब और कहाँ हुई?
    A1. यह घटना 4 नवंबर की सुबह मालाड ईस्ट के दुरगामाता एसआरए बिल्डिंग, दिंडोशी कोट में हुई।
    Q2. आत्महत्या की कोशिश करने वाला व्यक्ति कौन था?
    A2. 60 वर्षीय विवेक गोगटे, जो वहां वॉचमैन के रूप में काम करते हैं।
    Q3. पुलिस को घटना की जानकारी कैसे मिली?
    A3. नॉर्थ कंट्रोल रूम से सुबह 8 बजे फोन आने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
    Q4. व्यक्ति को कैसे बचाया गया?
    A4. फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मिलकर सुरक्षा उपकरणों की मदद से उन्हें 22वीं मंज़िल से नीचे उतारा।
    Q5. क्या व्यक्ति पर कोई कानूनी कार्रवाई की गई?
    A5. नहीं, पुलिस ने उन्हें काउंसलिंग देकर मानसिक सहायता दी और एक परिचित के साथ घर भेज दिया।

  • मालाड में सड़क के गड्ढे को भरकर ट्रैफिक पुलिस ने किया सराहनीय काम, समाजसेवक जावेद सैय्यद बने मिसाल

    मालाड में सड़क के गड्ढे को भरकर ट्रैफिक पुलिस ने किया सराहनीय काम, समाजसेवक जावेद सैय्यद बने मिसाल

    मालाड के मार्वे रोड पर बीच सड़क बने गड्ढे से हादसे की आशंका थी। समाजसेवक जावेद सैय्यद ने ट्रैफिक पुलिस की मदद से खुद गड्ढा भरवाकर दुर्घटना रोकी। पुलिस हवलदार मुश्ताक मुलाणी और टीम का सराहनीय योगदान।

    मुंबई: मालाड पश्चिम के मार्वे रोड पर चारकोप नाका से मालवनी की ओर जाने वाली सड़क पर पिछले कुछ दिनों से कई जगहों पर गड्ढे बन गए थे।
    इन गड्ढों कारण वाहनों की गति रुक जाती और ट्रैफिक जाम आम बात हो गई थी। कई बाइक सवारों का संतुलन बिगड़ने से चोटें भी आईं।
    स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की कोशिश की, लेकिन प्रशासन तक इसकी भनक तक नही हुई।

    💪 समाजसेवक जावेद सैय्यद और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर किया काम

    ऐसे में समाजसेवक जावेद सैय्यद ने खुद पहल करते हुए ट्रैफिक पुलिस की मदद से सड़क की मरम्मत करवाई।
    उन्होंने मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक पुलिस से बात की और तुरंत एक अस्थायी समाधान निकाला ताकि यातायात सुचारु रूप से चले और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

    The-traffic-police-did-a-commendable-job-by-filling-potholes-in-Malad-with-social-worker-Javed-Syed-leading-the-way-4

    इस कार्य में ट्रैफिक विभाग के पुलिस हवलदार मुश्ताक मुलाणी, सी. डी. ढास, और सुवर्णा निषाद ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया।

    🚦 स्थानीय नागरिकों ने किया पुलिस की सराहना

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    स्थानीय नागरिकों ने इस सराहनीय कार्य की खुलकर तारीफ की।
    एक दुकानदार ने कहा –

    “जहां प्रशासन समय पर काम नहीं करता, वहां पुलिस और समाजसेवक जावेद भाई ने मिलकर मिसाल पेश की है।”

    लोगों ने कहा कि यह कदम “जनसेवा का असली उदाहरण” है और अगर ऐसे छोटे-छोटे प्रयास हर वार्ड में किए जाएं तो शहर की स्थिति काफी सुधर सकती है।

    🛠️ ट्रैफिक पुलिस की तत्परता से बचा बड़ा हादसा

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    बीएमसी की लापरवाही से बना यह गड्ढा रोज़ाना हजारों गाड़ियों के लिए खतरा बन चुका था।
    लेकिन ट्रैफिक पुलिस की तत्परता और जावेद सैय्यद की पहल ने न केवल सड़क को दुरुस्त कराया बल्कि सैकड़ों लोगों की जान-माल की सुरक्षा भी सुनिश्चित की।

    🌇 मुंबई में बढ़ रही सड़क सुरक्षा की चिंता

    मुंबई में हर साल मॉनसून और मरम्मत कार्यों के कारण सैकड़ों गड्ढे बनते हैं, जिनसे कई हादसे होते हैं।
    यह घटना बताती है कि यदि स्थानीय नागरिक और पुलिस मिलकर काम करें, तो सड़क सुरक्षा को काफी हद तक बेहतर बनाया जा सकता है।

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    FAQ सेक्शन:

    Q1: सड़क का गड्ढा कहाँ बना था?
    👉 यह गड्ढा मालाड पश्चिम के मार्वे रोड, चारकोप नाका से मालवनी की ओर जाने वाली सड़क पर था।
    Q2: किसने गड्ढा भरवाने का काम किया?
    👉 समाजसेवक जावेद सैय्यद ने ट्रैफिक पुलिस की मदद से यह कार्य किया।
    Q3: कौन-कौन से पुलिसकर्मी शामिल थे?
    👉 पुलिस हवलदार मुश्ताक मुलाणी, सी. डी. ढास और सुवर्णा निषाद ने इस काम में योगदान दिया।
    Q4: क्या इससे सड़क हादसे रुक गए?
    👉 हाँ, फिलहाल ट्रैफिक सामान्य है और गड्ढे से होने वाले हादसे की आशंका खत्म हो गई है।
    Q5: स्थानीय लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
    👉 लोगों ने जावेद सैय्यद और ट्रैफिक पुलिस की तारीफ की और उन्हें “जनसेवा का उदाहरण” बताया।

  • मुंबई में खाने के झगड़े ने ली जान: दोस्तों ने टैक्सी ड्राइवर की कर दी हत्या

    मुंबई में खाने के झगड़े ने ली जान: दोस्तों ने टैक्सी ड्राइवर की कर दी हत्या

    मुंबई के साकीनाका इलाके में खाने को लेकर झगड़े में एक टैक्सी ड्राइवर की उसके ही चार दोस्तों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जबकि तीन अब भी फरार हैं।

    मुंबई: अंधेरी पूर्व के साकीनाका में मंगलवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई। खाना लाने के मामूली विवाद में चार रूममेट्स ने अपने ही दोस्त और टैक्सी ड्राइवर जावेद अहमद खान (42) की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने एक आरोपी शहबाज खान (27) को मौके से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन आरोपी फरार हैं। सभी आरोपी और मृतक उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले बताए गए हैं।

    🍽️ खाने के झगड़े से शुरू हुआ विवाद, मौत पर खत्म

    साकीनाका के जरिमरी इलाके में पांच टैक्सी ड्राइवर एक साथ किराए के कमरे में रहते थे। सोमवार रात सभी देर से घर लौटे। हर दिन जो पहले घर आता, वही होटल से खाना लेकर आता था।
    पुलिस के मुताबिक, पिछले तीन दिन से जावेद ही खाना ला रहा था, लेकिन उस रात उसने मना कर दिया। उसने कहा — “मैं तुम्हारा नौकर नहीं हूं कि रोज खाना लाऊं, अब बारी तुम्हारी है।”
    इस बात पर दोस्तों में बहस शुरू हुई, जो मारपीट में बदल गई।

    🪵 लकड़ी के डंडे और लात-घूंसों से किया हमला

    गुस्से में आए शहबाज और उसके तीन दोस्तों ने पास में रखे लकड़ी के डंडे से जावेद के सिर पर वार किया, फिर लात-घूंसों से उसकी पिटाई कर दी।
    घायल जावेद बेहोश होकर गिर पड़ा और उसके सिर से खून बहने लगा। शोर सुनकर पड़ोसी पहुंचे और उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    👮‍♂️ एक गिरफ्तार, तीन की तलाश जारी

    साकीनाका पुलिस ने आरोपी शहबाज खान को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया, जबकि बाकी तीन आरोपी फरार हैं।
    डीसीपी दत्ता नलावड़े के अनुसार, चार टीमें फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और रेलवे स्टेशन समेत सभी संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही है।
    तकनीकी सहायता लेकर पुलिस आरोपियों का लोकेशन ट्रैक कर रही है।

    ⚖️ पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

    साकीनाका पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुनील यादव ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी और मृतक 8 साल से मुंबई में एक साथ टैक्सी चला रहे थे
    यह वारदात शहर में प्रवासी मजदूरों के बीच बढ़ते तनाव और मानसिक दबाव का एक और उदाहरण है।


    FAQ सेक्शन:

    Q1: यह वारदात कहाँ हुई?
    👉 मुंबई के साकीनाका इलाके के जरिमरी क्षेत्र में, जहां पांच टैक्सी ड्राइवर एक साथ किराए पर रहते थे।
    Q2: हत्या का कारण क्या था?
    👉 आरोपी और मृतक के बीच होटल से खाना लाने को लेकर झगड़ा हुआ था।
    Q3: कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
    👉 एक आरोपी शहबाज खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य फरार हैं।
    Q4: पुलिस ने कौन-कौन सी धाराएँ लगाई हैं?
    👉 हत्या के तहत मामला दर्ज किया गया है।
    Q5: सभी आरोपी कहाँ के रहने वाले हैं?
    👉 सभी आरोपी और मृतक उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले हैं।

  • दिंडोशी सत्र न्यायालय ने पॉक्सो आरोपी फरहान खान को 20 साल सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई

    दिंडोशी सत्र न्यायालय ने पॉक्सो आरोपी फरहान खान को 20 साल सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई

    एमएचबी कॉलोनी पुलिस थाने के पॉक्सो केस में आरोपी फरहान साकिब खान (27) को दिंडोशी सत्र न्यायालय ने 20 साल सश्रम कारावास और जुर्माने की सज़ा सुनाई। केस की जांच एमएचबी पुलिस टीम ने की थी।

    मुंबई: दिंडोशी सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में एम.एच.बी. कॉलोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज पॉक्सो अपराध के आरोपी फरहान साकिब खान (27 वर्ष) को 20 वर्ष सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई। आरोपी को अलग-अलग धाराओं के तहत कुल मिलाकर कई सजाएँ दी गईं, जिनमें धारा 363, 376(2)(n), 506(2) भारतीय दंड संहिता (IPC) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(1)(m) व 6 शामिल हैं।

    ⚖️ अदालत का फैसला

    माननीय सत्र न्यायाधीश श्रीमती एस.एन. सचदेव (कोर्ट नंबर 13) ने आदेश में कहा कि आरोपी ने नाबालिग पीड़िता के साथ गंभीर अपराध किया है,
    इसलिए उसे 20 वर्ष सश्रम कारावास और ₹1000 का आर्थिक दंड दिया जाता है।
    यदि दंड राशि अदा नहीं की गई, तो आरोपी को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

    इसके अलावा, अन्य धाराओं के तहत —

    • धारा 363 (अपहरण) के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास और ₹1000 जुर्माना,
    • धारा 376(2)(n) (बलात्कार) के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास,
    • धारा 506(2) (धमकी देना) के तहत 1 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।

    सभी सजाएँ साथ-साथ चलेंगी (Concurrent Sentences)।

    👮‍♂️ पुलिस की प्रभावी कार्रवाई

    इस मामले में तत्कालीन जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक प्रकाश जाधव ने आरोपपत्र (Chargesheet) न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
    मुकदमे के दौरान सरकारी अभियोक्ता देवतरसे साहब, चव्हाण मैडम और जाधव मैडम ने केस की पैरवी की।

    पूरी जांच और कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरीश गवळी, पो. नि. अतुल आव्हाड (गुन्हे विभाग), और मा. पो. आ. घनवटे सर के मार्गदर्शन में की गई।
    न्यायालयीन कार्यवाही की निगरानी म. पो. ह. सातपुते ने की।

    🧾 मामले का पृष्ठभूमि (Case Background)

    यह मामला एम.एच.बी. कॉलोनी पुलिस थाने में गुन्हा क्रमांक 288/2019 के तहत दर्ज किया गया था।
    आरोपी फरहान खान पर नाबालिग बालिका के अपहरण और यौन शोषण का आरोप था।
    पुलिस ने जांच पूरी कर 2019 में ही न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी।
    लगातार सुनवाई के बाद आज न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया और सख्त सजा सुनाई।

    🧠 जनहित के नज़रिए से

    पॉक्सो (POCSO) अधिनियम का उद्देश्य नाबालिगों को यौन शोषण से सुरक्षा देना है।
    यह फैसला समाज को संदेश देता है कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
    पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह सज़ा कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करेगी और भविष्य में ऐसे अपराधों पर रोक लगाएगी।


    FAQ सेक्शन:

    प्रश्न 1: आरोपी को कितनी सजा मिली है?
    👉 आरोपी को कुल 20 वर्ष सश्रम कारावास और ₹1000 का जुर्माना लगाया गया है।
    प्रश्न 2: केस किस पुलिस थाने में दर्ज था?
    👉 यह केस एम.एच.बी. कॉलोनी पुलिस थाने में दर्ज था।
    प्रश्न 3: जांच अधिकारी कौन थे?
    👉 तत्कालीन जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक प्रकाश जाधव थे।
    प्रश्न 4: फैसला किस न्यायाधीश ने सुनाया?
    👉 यह फैसला माननीय सत्र न्यायाधीश श्रीमती एस.एन. सचदेव (कोर्ट नं. 13) ने सुनाया।
    प्रश्न 5: पुलिस टीम में कौन-कौन अधिकारी शामिल थे?
    👉 वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरीश गवळी, पो.नि. अतुल आव्हाड, मा.पो.आ. घनवटे सर और म.पो.ह. सातपुते इस केस में शामिल थे।

  • Enrique Iglesias के कॉन्सर्ट में चोरी की वारदात! BKC में 80 मोबाइल फोन्स गायब, 25 लाख का नुकसान

    Enrique Iglesias के कॉन्सर्ट में चोरी की वारदात! BKC में 80 मोबाइल फोन्स गायब, 25 लाख का नुकसान

    मुंबई के MMRDA ग्राउंड, BKC में हुए Enrique Iglesias के पहले लाइव कॉन्सर्ट में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई। शो के दौरान भीड़ में 80 मोबाइल फोन्स चोरी हो गए, जिनकी कीमत करीब ₹24 लाख बताई जा रही है। पुलिस ने 7 एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई: बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में आयोजित ग्लोबल सिंगर Enrique Iglesias के लाइव कॉन्सर्ट में लोगों ने रोमांटिक धुनों का मज़ा तो लिया, लेकिन कुछ के लिए ये रात कभी न भूलने वाली डरावनी याद बन गई।
    पुलिस के मुताबिक, शो के दौरान 80 से ज़्यादा मोबाइल फोन चोरी हो गए, जिनकी कुल कीमत करीब ₹24 लाख आंकी गई है।

    कॉन्सर्ट में 25,000 से ज़्यादा फैंस और कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज़ शामिल हुए थे, जिनमें विद्या बालन, मलाइका अरोड़ा, रकुल प्रीत सिंह, जैकी भगनानी, रुबीना दिलैक और राहुल वैद्य जैसे नाम शामिल हैं।

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    📱 मोबाइल चोरी से मचा हड़कंप, पुलिस ने दर्ज की 7 एफआईआर

    कॉन्सर्ट के बाद जब भीड़ बाहर निकली तो कई लोगों ने पाया कि उनके फोन गायब हैं
    भीड़ और अंधेरे का फायदा उठाते हुए चोरों ने प्लानिंग के साथ मोबाइल उड़ाए
    अब तक 7 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, और पुलिस ने CCTV फुटेजटेलीकॉम डाटा ट्रैकिंग के जरिए जांच शुरू कर दी है।

    एक सीनियर पुलिस अफसर ने बताया —

    “हमने कई शिकायतों के आधार पर केस दर्ज किए हैं। CCTV फुटेज और डिजिटल ट्रैकिंग से चोरों की पहचान की जा रही है।”

    🎵 Enrique Iglesias का शानदार डेब्यू शो मुंबई में

    यह शो Enrique Iglesias का पहला लाइव कॉन्सर्ट था मुंबई में।
    उनके चार्टबस्टर गाने जैसे Hero, Bailamos, Tonight, Be With You, Bailando और Cuando Me Enamoro ने फैंस को झूमने पर मजबूर कर दिया।

    50 साल के इस लैटिन पॉप स्टार ने मंच पर आते ही कहा —

    “Namaste Mumbai! Raise your hands!”

    पूरे 90 मिनट चले इस शो में फैंस ने फ्लैशलाइट्स और चीख़ों के साथ Enrique का स्वागत किया।
    उन्होंने कहा —

    “मैं पहली बार 2004 में भारत आया था, और दोबारा लौटकर बहुत अच्छा लग रहा है।”

    🚨 कॉन्सर्ट में सुरक्षा पर उठे सवाल

    इस चोरी की वारदात ने इवेंट सिक्योरिटी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
    इतनी बड़ी भीड़ और हाई-प्रोफाइल ऑडियंस के बीच चोरी होना आयोजकों की लापरवाही मानी जा रही है।
    पुलिस अब इवेंट मैनेजमेंट कंपनी से भी जवाब मांग सकती है।


    FAQ Section

    Q1. Enrique Iglesias का कॉन्सर्ट कहां हुआ था?
    👉 कॉन्सर्ट मुंबई के Bandra Kurla Complex (BKC) के MMRDA Grounds में हुआ था।
    Q2. चोरी की घटना में कितने मोबाइल गायब हुए?
    👉 करीब 80 मोबाइल फोन चोरी हुए, जिनकी कीमत लगभग ₹24 लाख है।
    Q3. पुलिस ने कितनी एफआईआर दर्ज की हैं?
    👉 अब तक 7 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
    Q4. कॉन्सर्ट में कौन-कौन से सेलेब्स शामिल हुए थे?
    👉 विद्या बालन, मलाइका अरोड़ा, रकुल प्रीत सिंह, जैकी भगनानी, रुबीना दिलैक, राहुल वैद्य और अन्य सितारे शामिल थे।
    Q5. क्या पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है?
    👉 अभी जांच जारी है। पुलिस CCTV फुटेज और डिजिटल ट्रैकिंग से सुराग जुटा रही है।