Category: Police Action

  • बोरीवली में महिला से यौन उत्पीड़न, सोने के गहने और मोबाइल छीनकर फरार आरोपी गिरफ्तार

    बोरीवली में महिला से यौन उत्पीड़न, सोने के गहने और मोबाइल छीनकर फरार आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई के बोरीवली वेस्ट में सोमवार शाम एक 29 वर्षीय महिला के साथ पुल के नीचे यौन उत्पीड़न की वारदात हुई। महिला ने खुद को बचाने के लिए आरोपी को अपने गहने और मोबाइल दिए और भागकर पुलिस स्टेशन पहुंची। पुलिस ने कुछ घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में सोमवार शाम एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई।
    एक 29 वर्षीय महिला पर सुधीर फडके ब्रिज के नीचे एक व्यक्ति ने हमला कर उसे यौन रूप से प्रताड़ित करने की कोशिश की।
    डरी-सहमी महिला ने किसी तरह साहस दिखाते हुए अपने सोने के गहने और मोबाइल फोन आरोपी को सौंप दिए और वहां से भागकर बोरीवली पुलिस स्टेशन पहुंची, जहां उसने तुरंत शिकायत दर्ज कराई।

    👮‍♂️ तेज़ कार्रवाई: आरोपी कुछ ही घंटों में पुलिस की गिरफ्त में

    शिकायत मिलते ही ज़ोन 11 के डीसीपी संदीप जाधव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम गठित की।
    मालाड पुलिस की डिटेक्शन यूनिट के सब-इंस्पेक्टर तुषार सुकदेव के नेतृत्व में टीम ने रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया।
    कुछ ही घंटों में आरोपी संजय राजपूत को धर दबोचा गया।

    पुलिस ने महिला का मोबाइल फोन (Realme C53), सोने की अंगूठी, ईयररिंग्स, और हेडफोन — कुल कीमत करीब ₹52,000 — बरामद कर लिए हैं।

    🔍 कैसे हुआ हमला: पुल के नीचे अकेली महिला को बनाया निशाना

    महिला बोरीवली वेस्ट से अपने कार्यस्थल की ओर जा रही थी।
    रास्ते में सुधीर फडके ब्रिज के नीचे आरोपी ने उसका रास्ता रोक लिया।
    वह जब तक कुछ समझ पाती, आरोपी ने उसे खींचकर सुनसान जगह पर ले जाकर जबरन अश्लील हरकतें करने की कोशिश की।
    महिला ने किसी तरह हिम्मत दिखाते हुए आरोपी को अपने गहने और मोबाइल सौंप दिए और मौके से भाग निकली।

    🧾 आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय राजपूत (निवासी: प्रेमा नगर, दहिसर) के रूप में हुई है।
    पुलिस के अनुसार, वह होटलों में बर्तन धोने और सड़कों की सफाई का काम करता है।
    फिलहाल उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और आगे की जांच जारी है।

    💬 पुलिस अधिकारियों का बयान

    डीसीपी संदीप जाधव ने कहा —

    “मामला गंभीर था, इसलिए तुरंत विशेष टीम बनाई गई। महिला ने सूझबूझ दिखाई, जिससे आरोपी को पकड़ना आसान हुआ। पुलिस महिला की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है।”

    ⚖️ महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल

    यह घटना फिर एक बार मुंबई में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
    रात के समय सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग स्थानीय नागरिकों ने की है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. घटना कब और कहां हुई?
    यह वारदात सोमवार शाम बोरीवली वेस्ट के सुधीर फडके ब्रिज के नीचे हुई।
    Q2. आरोपी को कब गिरफ्तार किया गया?
    शिकायत के कुछ घंटों में ही आरोपी को मालाड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
    Q3. महिला ने खुद को कैसे बचाया?
    महिला ने आरोपी को अपने गहने और मोबाइल देकर मौके से भाग निकली और पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
    Q4. आरोपी कौन है?
    आरोपी संजय राजपूत दहिसर के प्रेम नगर का निवासी है और होटलों में बर्तन धोने का काम करता है।
    Q5. पुलिस ने क्या बरामद किया?
    महिला के सोने के गहने, मोबाइल और हेडफोन – कुल ₹52,000 की वस्तुएं।

  • मुंबई: दोस्त को खुश करने के लिए चुरा लिया आइसक्रीम का ठेला, दोनों गिरफ्तार

    मुंबई: दोस्त को खुश करने के लिए चुरा लिया आइसक्रीम का ठेला, दोनों गिरफ्तार

    मुंबई के गोरेगांव में दो दोस्तों ने आइसक्रीम विक्रेता से झगड़े के बाद उसका ठेला चोरी कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 60 हजार रुपये का ठेला बरामद कर लिया है।

    मुंबई: गोरेगांव इलाके में एक अजीबो-गरीब चोरी का मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपने दोस्त को खुश करने के लिए आइसक्रीम का ठेला चुरा लिया।
    मामला वनराई पुलिस स्टेशन (Vanrai Police Station) क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर ठेला बरामद कर लिया है।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी अरविंद यादव (34) और रामदुलारे मोरिया (35) को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया गया।

    🤝 दोस्ती निभाने के लिए किया ‘ठेला चोरी’ का कारनामा

    पुलिस जांच में सामने आया कि अरविंद यादव की एक आइसक्रीम विक्रेता से किसी बात पर बहस हो गई थी। नाराज़ होकर उसने अपने दोस्त रामदुलारे मोरिया से कहा —

    “जो इस वेंडर को परेशान करेगा, वही मुझे सबसे ज़्यादा खुश करेगा।”

    दोस्त की यह बात सुनकर मोरिया ने उसी रात ठेला चुराने की योजना बना ली।
    वह गोरेगांव ईस्ट रेलवे स्टेशन के पास से आइसक्रीम का ठेला उठाकर मृणाल ताई गोरे फ्लाईओवर के नीचे छोड़कर फरार हो गया।

    🍦 ठेलेवाले ने दर्ज कराई शिकायत

    पीड़ित विक्रेता शंकरलाल दलीचंद गदरी (20), जो गोरेगांव ईस्ट के रामनगर, घसबाज़ार इलाके का निवासी है, रोज़ाना जयकोच जंक्शन पर आइसक्रीम बेचता है।
    वह हर रात अपने ठेले को चेन लगाकर वहीं छोड़ देता था। लेकिन 5 नवंबर को जब वह वापस पहुंचा, तो ठेला गायब मिला।

    दो दिनों तक खुद तलाश करने के बाद उसने वनराई पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
    पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर चोरी किए गए ठेले को ट्रेस किया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।


    🚓 पुलिस ने की तेज़ कार्रवाई, ठेला बरामद

    पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपियों ने ठेला चुराने के बाद उसे फ्लाईओवर के नीचे छोड़ दिया था।
    पुलिस ने वहां से ठेला बरामद कर लिया, जिसकी कीमत लगभग ₹60,000 बताई जा रही है।
    पुलिस के अनुसार,

    “दोनों ने कबूल किया कि उनका मकसद चोरी नहीं बल्कि विक्रेता को परेशान करना था।”


    ⚖️ कानूनी कार्रवाई और जांच जारी

    दोनों आरोपियों पर BNS (भारतीय न्याय संहिता) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
    वनराई पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कहीं दोनों आरोपी पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल तो नहीं थे।


    FAQ सेक्शन

    Q1. मामला कहां का है?
    👉 यह घटना मुंबई के गोरेगांव इलाके के वनराई पुलिस स्टेशन क्षेत्र की है।
    Q2. आरोपियों के नाम क्या हैं?
    👉 आरोपियों के नाम अरविंद यादव (34) और रामदुलारे मोरिया (35) हैं।
    Q3. उन्होंने आइसक्रीम का ठेला क्यों चुराया?
    👉 अपने दोस्त को खुश करने के लिए, क्योंकि उसका आइसक्रीम वाले से झगड़ा हुआ था।
    Q4. क्या पुलिस ने ठेला बरामद कर लिया है?
    👉 हां, पुलिस ने ठेला मृणाल ताई गोरे फ्लाईओवर के नीचे से बरामद किया है।
    Q5. दोनों पर क्या कार्रवाई की गई है?
    👉 दोनों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

  • Mumbai: ओशिवारा पुलिस स्टेशन में हंगामा — 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 5 पर जांच शुरू

    Mumbai: ओशिवारा पुलिस स्टेशन में हंगामा — 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 5 पर जांच शुरू

    मुंबई के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में 4 नवंबर को बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद दो असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सस्पेंड कर दिए गए हैं, जबकि पांच पुलिसकर्मियों पर विभागीय जांच शुरू की गई है। मामला अब जांच के घेरे में है।

    मुंबई: जोगेश्वरी पश्चिम के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में पुलिसकर्मियों के कथित “अशोभनीय व्यवहार” के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद दो असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि पांच अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू की गई है। यह कार्रवाई 4 नवंबर को बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुए विवाद के बाद की गई है।

    ⚖️ ओशिवारा थाने में तनाव: क्या हुआ था उस दिन

    4 नवंबर की शाम को बजरंग दल के जिला अधिकारी शंकर उर्फ़ वृशभ जाधव करीब 10–15 कार्यकर्ताओं के साथ ओशिवारा पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।
    उन्होंने आरोप लगाया कि जोगेश्वरी (पश्चिम) के गुप्ता किराना स्टोर के पास एक परिवार पर दूसरे परिवार ने हमला किया है।
    उसी वक्त एक नाबालिग लड़की और उसकी मां भी छेड़छाड़ की शिकायत लेकर थाने पहुंचीं।

    पुलिस अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी, लेकिन माहौल अचानक गरम हो गया।
    इसी दौरान कुछ पुलिस अधिकारियों पर “गलत व्यवहार” और “कानूनी प्रक्रिया का पालन न करने” के आरोप लगे।

    🚨 दो पुलिस अधिकारी सस्पेंड, पांच पर जांच आदेश

    घटना के बाद डीसीपी (ज़ोन 9) दिक्षित गेडाम ने इसकी पुष्टि की।
    उन्होंने बताया कि दो असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है, हालांकि उनके नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
    साथ ही, पांच अन्य पुलिसकर्मियों —
    एपीआई रमेश केंगर, एपीआई गणेश गायके, पीएसआई बाबू तोत्रे, पीएसआई दीपक बारवे और कॉन्स्टेबल अज़ीम ज़री — पर जांच के आदेश जारी किए गए हैं।

    🕵️ सात दिन में स्पष्टीकरण रिपोर्ट देनी होगी

    सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे सात दिनों के अंदर स्पष्टीकरण रिपोर्ट (Self-Explanatory Report) जमा करें।
    अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
    आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मियों ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ अशोभनीय व्यवहार किया और कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया, जिससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई।

    📢 प्रशासन सख्त, जांच जारी

    घटना के बाद से ही ओशिवारा पुलिस स्टेशन में माहौल तनावपूर्ण है।
    वरिष्ठ अधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं।
    सूत्रों के मुताबिक, यह जांच केवल व्यवहारिक नहीं बल्कि प्रक्रियात्मक लापरवाही पर भी केंद्रित है — यानी क्या पुलिस ने शिकायत दर्ज करने और कार्रवाई करने में देरी की थी या नहीं।


    FAQ सेक्शन:

    Q1. ओशिवारा पुलिस स्टेशन में क्या हुआ था?
    👉 4 नवंबर की शाम बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद पुलिस पर अशोभनीय व्यवहार का आरोप लगा।
    Q2. कितने पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं?
    👉 दो असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया है और पांच पुलिसकर्मियों पर विभागीय जांच शुरू है।
    Q3. जांच की निगरानी कौन कर रहा है?
    👉 डीसीपी (ज़ोन 9) दिक्षित गेडाम पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
    Q4. क्या पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए हैं?
    👉 हां, पांच पुलिसकर्मियों के नाम जांच आदेश में दर्ज हैं — रमेश केंगर, गणेश गायके, बाबू तोत्रे, दीपक बारवे और अज़ीम ज़री।

  • Mumbai: कांदिवली की नशेमन कॉलोनी मस्जिद में नमाज़ बंद, ट्रस्टी बोले – 11 नवंबर को वक्फ़ ट्रिब्यूनल से न्याय की उम्मीद

    Mumbai: कांदिवली की नशेमन कॉलोनी मस्जिद में नमाज़ बंद, ट्रस्टी बोले – 11 नवंबर को वक्फ़ ट्रिब्यूनल से न्याय की उम्मीद

    कांदिवली (पश्चिम) की नशेमन कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में स्थित मस्जिद अबू बकर सिद्दीक़ महीनों से बंद है। ट्रस्टी लगातार कानूनी प्रयासों में जुटे हैं और 11 नवंबर को वक्फ़ ट्रिब्यूनल में अगली सुनवाई होगी।

    मुंबई: कांदिवली (पश्चिम) में चारकोप सेक्टर-1, नशेमन कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी स्थित मदरसा और मस्जिद अबू बकर सिद्दीक़ में पिछले कई महीनों से नमाज़ अदा नहीं की जा रही है।
    मस्जिद के ट्रस्टी लगातार प्रशासन और पुलिस से संपर्क कर रहे हैं, ताकि नमाज़ दोबारा शुरू की जा सके।
    अब यह मामला 11 नवंबर को वक्फ़ ट्रिब्यूनल में सुनवाई के लिए तय हुआ है, जिस पर पूरे इलाके की निगाहें हैं।

    🕌 सोसायटी में बंद मस्जिद को लेकर विवाद जारी

    मस्जिद के ट्रस्टी हाजी उस्मान ने बताया कि वे लगातार कानूनी और प्रशासनिक रास्तों से मस्जिद को खोलने की कोशिश कर रहे हैं।
    उन्होंने कहा —

    “हमने पुलिस कमिश्नर, डीसीपी और चारकोप पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक को पत्र लिखकर नमाज़ की अनुमति मांगी है।
    जैसे अन्य समुदायों के त्यौहारों की अनुमति दी जाती है, वैसे ही हमें भी अपना धर्म पालन करने का अधिकार है।”

    ट्रस्टी ने कहा कि सोसायटी के नियमों का हमेशा पालन किया गया है, फिर भी नमाज़ जबरन बंद कराई गई। उन्होंने दुख जताते हुए कहा,

    “भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहाँ हर नागरिक को अपने धर्म के अनुसार जीने का अधिकार है।
    मगर हमें यह अधिकार नहीं दिया जा रहा।”

    🏢 MAHADA नियमों के तहत बनी थी मस्जिद

    ट्रस्टियों का कहना है कि मस्जिद पूरी तरह कानूनी रूप से रजिस्टर्ड और MHADA नियमों के अनुरूप बनाई गई थी।
    कई वर्षों तक वहाँ पाँचों वक्त की नमाज़ और ईद की जमातें शांतिपूर्वक होती रहीं।
    लेकिन कुछ स्थानीय निवासियों के विरोध के बाद “उपद्रवी तत्वों” के दबाव में मस्जिद बंद कर दी गई

    एक निवासी ने बताया,

    “पहले कुछ शर्तों के साथ नमाज़ पढ़ने की अनुमति थी, जिसे हमने सौहार्द के लिए मान लिया था।
    अब वो भी रोक दी गई है।”

    ⚖️ 11 नवंबर को होगी अहम सुनवाई

    वक्फ़ ट्रिब्यूनल में पहले भी कई सुनवाई हो चुकी हैं।
    अब 11 नवंबर को अगली सुनवाई में ट्रस्टी मस्जिद से जुड़े सभी कानूनी दस्तावेज़,
    पुलिस के साथ हुई चिट्ठियाँ और पहले मिली अनुमति के सबूत पेश करने वाले हैं।

    हाजी उस्मान ने कहा —

    “हम किसी से लड़ाई नहीं कर रहे। बस अपनी इबादत का हक़ मांग रहे हैं।
    हमें उम्मीद है कि वक्फ़ ट्रिब्यूनल में न्याय मिलेगा।”

    🚪 ‘दोहरे मापदंड’ पर सवाल उठे

    मुस्लिम निवासियों का कहना है कि सोसायटी में अन्य समुदायों को अपने त्योहार मनाने की पूरी आज़ादी है,
    मगर मुसलमानों को नमाज़ की इजाज़त नहीं दी जा रही।
    एक स्थानीय निवासी ने कहा —

    “क्या यही बराबरी है? हम सिर्फ़ समान अधिकार चाहते हैं, कोई विशेष सुविधा नहीं।”

    🙏 खामोश मस्जिद अब न्याय की राह देख रही

    जो मस्जिद कभी अज़ान और नमाज़ की आवाज़ों से गूंजती थी,
    आज वो खामोश है।
    रहवासी कहते हैं कि मस्जिद उनके लिए सिर्फ़ इबादत की जगह नहीं, बल्कि एकता और भाईचारे का प्रतीक थी।
    अब सभी की निगाहें 11 नवंबर की सुनवाई पर हैं।

    💬 मुख्य बिंदु एक नज़र में

    • मस्जिद: मदरसा और मस्जिद अबू बकर सिद्दीक़, नशेमन सोसायटी, चारकोप, कांदिवली (पश्चिम)
    • मुद्दा: नमाज़ बंद, ट्रस्टी ने अनुमति के लिए वक्फ़ ट्रिब्यूनल का रुख किया
    • अगली सुनवाई: 11 नवंबर
    • प्रमुख व्यक्ति: हाजी उस्मान (ट्रस्टी)
    • शिकायत: सोसायटी में “दोहरे मापदंड” और धार्मिक स्वतंत्रता पर रोक

    FAQ सेक्शन

    Q1. मस्जिद में नमाज़ क्यों रोकी गई?
    → सोसायटी के कुछ सदस्यों के विरोध के कारण नमाज़ बंद कराई गई थी।
    Q2. मस्जिद की स्थिति क्या है?
    → मस्जिद कानूनी रूप से पंजीकृत है और MHADA के नियमों के अनुसार बनी है।
    Q3. मामला अब कहाँ चल रहा है?
    → वक्फ़ ट्रिब्यूनल में 11 नवंबर को अगली सुनवाई तय की गई है।
    Q4. ट्रस्टी क्या चाहते हैं?
    → वे सिर्फ़ नमाज़ दोबारा शुरू करने और समान धार्मिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं।

  • Mumbai: नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार पिता बरी — गवाही और सबूतों में मेल नहीं

    Mumbai: नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार पिता बरी — गवाही और सबूतों में मेल नहीं

    मुंबई की पॉक्सो कोर्ट ने 35 वर्षीय व्यक्ति को नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप से बरी किया। अदालत ने कहा कि न तो पीड़िता और न ही उसकी मां ने कोई पुख्ता बयान दिया, जबकि मेडिकल रिपोर्ट में भी शोषण के निशान नहीं मिले।

    मुंबई: एक स्पेशल POCSO कोर्ट ने 35 वर्षीय पिता को नाबालिग बेटी के यौन शोषण के आरोप से बरी कर दिया, जिसे 2022 में गिरफ्तार किया गया था।
    अदालत ने साफ कहा कि गवाही और सबूतों में कोई मेल नहीं मिला, इसलिए आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

    🔹 क्या था मामला

    मामला कांदिवली पुलिस स्टेशन का है, जहाँ पीड़िता ने अपने पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
    शिकायत में कहा गया था कि लड़की की मां घरों में नौकरानी का काम करती है, जबकि पिता शराब के नशे में घर आते हैं।
    घटना के समय पीड़िता छठी कक्षा में पढ़ती थी

    लड़की का आरोप था कि गणपति उत्सव से कुछ दिन पहले, पिता शराब पीकर घर आए, दरवाज़ा बंद कर दिया और उसे कपड़े उतारने को कहा।
    वहां उन्होंने कथित तौर पर यौन शोषण किया और धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देंगे।
    उसने आगे कहा कि कुछ दिन बाद फिर उसने साथ सोने के लिए कहा और जब मां ने उसकी रोने की आवाज सुनी, तो मामला खुला।
    इसके बाद मां-बेटी ने जाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    🔹 अदालत में पलटी गवाही

    मामला जब अदालत पहुंचा, तो पीड़िता ने अपने बयान में कहानी बदल दी
    उसने कहा कि पिता ने सिर्फ मोबाइल चलाने और पढ़ाई न करने पर उसे और भाइयों को पीटा था
    यौन शोषण की कोई बात उसने अपने बयान में नहीं कही।
    यहां तक कि उसकी मां ने भी कहा कि पति ने कोई गलत काम नहीं किया

    🔹 डिफेंस की दलील और कोर्ट का निर्णय

    बचाव पक्ष की ओर से एडवोकेट सुवर्णा अवध वास्ट और राहुल डिंगणकर ने दलील दी कि
    पीड़िता और मां दोनों के बयानों में कोई पुख्तापन नहीं है और
    मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की चोट या शोषण के निशान नहीं मिले

    कोर्ट ने माना कि कोई भी सबूत या गवाही आरोपों की पुष्टि नहीं करती
    इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया

    🔹 अदालत का अवलोकन

    न्यायाधीश ने कहा —

    “मां और बेटी दोनों ने बयान में शोषण का जिक्र नहीं किया।
    मेडिकल रिपोर्ट में भी किसी प्रकार की अंदरूनी या बाहरी चोट नहीं पाई गई।
    ऐसे में अदालत आरोपी को दोषी नहीं ठहरा सकती।”

    ⚖️ POCSO कोर्ट का रुख साफ: सबूत के बिना सज़ा नहीं

    पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत नाबालिगों से जुड़ी यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर
    तेज़ कार्रवाई और सख्त सज़ा का प्रावधान है।
    लेकिन अदालतों का यह भी मानना है कि
    यदि गवाहों और मेडिकल साक्ष्य में मेल नहीं बैठता,
    तो किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

    🟨 मुख्य बिंदु एक नजर में

    • आरोपी पिता की उम्र: 35 वर्ष
    • मामला दर्ज: कांदिवली पुलिस स्टेशन, 2022
    • कोर्ट: स्पेशल POCSO कोर्ट, मुंबई
    • नतीजा: गवाही और सबूतों में विरोधाभास के कारण बरी
    • मेडिकल रिपोर्ट: किसी भी प्रकार की चोट नहीं पाई गई

    FAQ सेक्शन

    Q1. आरोपी को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था?
    → अपनी नाबालिग बेटी से यौन शोषण के आरोप में।
    Q2. कोर्ट ने उसे क्यों बरी किया?
    → क्योंकि पीड़िता और उसकी मां के बयान आरोपों से मेल नहीं खाते थे और कोई मेडिकल सबूत नहीं मिला।
    Q3. मामला किस पुलिस स्टेशन में दर्ज था?
    → कांदिवली पुलिस स्टेशन, मुंबई।
    Q4. पॉक्सो कानून क्या है?
    → यह कानून नाबालिगों के साथ यौन अपराधों पर कड़ी सज़ा और सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

  • दहिसर टोल हटाओ या मैं खुद तोड़ दूंगा – परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की सख्त चेतावनी

    दहिसर टोल हटाओ या मैं खुद तोड़ दूंगा – परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की सख्त चेतावनी

    महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दहिसर टोल प्लाजा का निरीक्षण कर अधिकारियों को 13 नवंबर तक टोल हटाने की अंतिम चेतावनी दी। कहा – “समयसीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो मैं खुद टोल उखाड़ दूंगा।”

    मुंबई: दहिसर टोल प्लाजा को लेकर राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है।
    परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने शनिवार को टोल प्लाजा का निरीक्षण करते हुए 13 नवंबर तक इसे हटाने की डेडलाइन दी।
    उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी —

    “अगर तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो मैं खुद जाकर टोल प्लाजा उखाड़ दूंगा।”

    इस बीच भाजपा ने टोल को हाईवे पर शिफ्ट करने का विरोध किया है, जिससे शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा के बीच टकराव की स्थिति बन गई है।

    🔹 टोल प्लाजा हटाने पर विवाद क्यों?

    दहिसर टोल प्लाजा पर लगातार ट्रैफिक जाम और भीड़भाड़ की समस्या बनी हुई है।
    इसी वजह से टोल को स्थानांतरित करने की मांग उठ रही थी।
    उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी अधिकारियों को यह टोल हटाने और इसे वर्सोवा हाईवे या खाड़ी ब्रिज पार शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे।

    लेकिन इस प्रस्ताव का भाजपा और मंत्री गणेश नाईक ने खुलकर विरोध किया।
    इससे सरकार के अंदर ही मतभेद उभर आए हैं।

    🔹 निरीक्षण में भड़के सरनाईक

    शनिवार सुबह प्रताप सरनाईक दहिसर टोल प्लाजा पहुंचे।
    निरीक्षण के दौरान मुंबई पुलिस, MSRDC, मनपा, टोल कंपनी और परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
    लेकिन सरनाईक ने देखा कि एक तरफ से फ्रेम हटाने के अलावा कोई ठोस काम नहीं हुआ।
    जब अधिकारियों ने और वक्त मांगा, तो मंत्री नाराज़ हो गए और कहा —

    “13 नवंबर को मैं फिर आऊंगा। अगर तब भी यही हाल रहा, तो खुद टोल बूथ तोड़ दूंगा।”

    🔹 निरीक्षण के दौरान विरोध प्रदर्शन

    सरनाईक जब टोल को वर्सोवा क्रीक ब्रिज के पार स्थानांतरित करने का निरीक्षण करने पहुंचे,
    तो कांग्रेस नेता विजय पाटिल और उनके समर्थकों ने विरोध जताया।
    विरोधियों ने कहा —

    “मुंबई का टोल प्लाजा वसई क्षेत्र में नहीं लाया जा सकता। यहां पहले से सड़कों की हालत खराब है, ट्रैफिक भी है। यह स्वीकार्य नहीं होगा।”

    🔹 सड़क साफ करने और डिवाइडर हटाने के आदेश

    निरीक्षण के बाद मंत्री सरनाईक ने मुंबई की ओर आने वाले मार्ग पर बने डिवाइडर हटाने और
    वाहनों के लिए रास्ता खोलने का आदेश दिया।
    उन्होंने कहा कि

    • क्रेन, बेंच और अन्य बाधाएं हटाई जाएं।
    • अनावश्यक होर्डिंग, लोहे के खंभे और अतिरिक्त बूथ तोड़े जाएं।
    • केवल व्यावसायिक वाहनों के लिए जरूरी बूथ ही रहें।

    साथ ही, मीरा-भायंदर की ओर आने वाले टोल बूथ को भी शिफ्ट करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया।


    FAQ सेक्शन

    1. दहिसर टोल हटाने की आखिरी तारीख क्या है?
    → परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 13 नवंबर तक की डेडलाइन दी है।
    2. उन्होंने क्या चेतावनी दी?
    → सरनाईक ने कहा, “अगर कार्रवाई नहीं हुई तो मैं खुद टोल तोड़ दूंगा।”
    3. टोल को कहां शिफ्ट करने का प्रस्ताव है?
    → वर्सोवा हाईवे या खाड़ी ब्रिज के पार स्थानांतरित करने की बात चल रही है।
    4. किसने विरोध किया है?
    → भाजपा और कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने प्रस्तावित शिफ्टिंग का विरोध किया है।

  • मालाड आर्मी कैंप में चोरी: क्राइम ब्रांच ने तीन चोरों को पकड़ा, बंदूक और 9 जिंदा कारतूस बरामद

    मालाड आर्मी कैंप में चोरी: क्राइम ब्रांच ने तीन चोरों को पकड़ा, बंदूक और 9 जिंदा कारतूस बरामद

    मालाड के आर्मी कैंप में चोरी के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 12 ने तीन चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से एक बंदूक, 9 जिंदा कारतूस, 450 ग्राम चांदी के गहने और नकद रकम बरामद हुई है। एक नाबालिग भी शामिल है।

    मुंबई: मालाड पूर्व इलाके में स्थित सीओडी (Central Ordnance Depot) आर्मी कैंप में हुई चोरी के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 12 ने तीन चोरों को गिरफ्तार किया है।
    गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस ने इनके पास से एक पिस्तौल, 9 जिंदा कारतूस, 450 ग्राम चांदी के गहने बरामद किए हैं। हालांकि नगदी भी चोरी हुआ था लेकिन पुलिस को गिरफ्तारी में नगद बरामद नहीं हुए हैं।

    🔹 कैसे हुई थी चोरी

    यह वारदात 1 नवंबर की दोपहर की है, जब मालाड पूर्व के आर्मी कैंप में स्थित एक बंद क्वार्टर की कुंडी तोड़कर चोरी की गई।
    कमरा कुछ समय से बंद था, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने अंदर घुसकर गहने, नकद और हथियार उड़ा लिए।
    घटना सामने आने के बाद दिंडोशी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।

    🔹 पुलिस ने ऐसे पकड़ा गिरोह

    मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 12 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सचिन गवस के नेतृत्व में जांच शुरू की गई।
    पुलिस टीम ने घटनास्थल की जांच, CCTV कैमरों की पड़ताल, और तकनीकी विश्लेषण (technical analysis) की मदद से संदिग्धों की पहचान की।
    मुखबिरों की जानकारी के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।

    🔹 बरामदगी और आगे की जांच

    पुलिस की पूछताछ में आरोपियों से एक पिस्तौल, 9 जिंदा कारतूस और लगभग 450 ग्राम चांदी के गहने बरामद हुए हैं।
    दोनों वयस्क आरोपियों को दिंडोशी पुलिस के हवाले किया गया है, जबकि नाबालिग को उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया है।
    फिलहाल दिंडोशी पुलिस आगे की जांच कर रही है कि क्या ये गिरोह किसी और चोरी में भी शामिल था।

    🔹 वरिष्ठ अधिकारी का बयान

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सचिन गवस ने बताया —

    “यह मामला संवेदनशील था क्योंकि चोरी आर्मी कैंप क्षेत्र में हुई थी। हमारी टीम ने तेजी और प्रोफेशनल अंदाज़ में काम करते हुए आरोपी पकड़ लिए।”

    🔹 कानूनी कार्रवाई

    इस मामले में दिंडोशी पुलिस ने गुनाह रजिस्टर क्रमांक 699/2025 के तहत
    भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(अ) और 331(3) के तहत अपराध दर्ज किया है।


    FAQ सेक्शन

    1. चोरी कब और कहां हुई थी?
    → चोरी 1 नवंबर को मालाड पूर्व के सीओडी आर्मी कैंप के बंद कमरे में हुई थी।
    2. पुलिस ने क्या बरामद किया?
    → पुलिस ने एक पिस्तौल, 9 जिंदा कारतूस, 450 ग्राम चांदी के गहने और नकद रकम बरामद की है।
    3. कितने आरोपी पकड़े गए हैं?
    → तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।
    4. आगे की जांच कौन कर रहा है?
    → आगे की जांच दिंडोशी पुलिस कर रही है।

  • मुंबई में बैठने की जगह को लेकर विवाद, युवक ने दो बुजुर्गों की की बेरहमी से पिटाई

    मुंबई में बैठने की जगह को लेकर विवाद, युवक ने दो बुजुर्गों की की बेरहमी से पिटाई

    मुंबई के मालाड इलाके में बैठने की छोटी सी बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक ने दो बुजुर्गों को बेरहमी से पीट दिया। घटना में दोनों बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हुए और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

    मुंबई: मालाड पश्चिम में रविवार शाम एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां बैठने की छोटी सी बात पर एक युवक ने दो बुजुर्गों को बुरी तरह पीट दिया
    घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
    पीड़ित बुजुर्गों की पहचान बहरजी बलीहारी कनोजिया (66) और राजनाथ यादव (67) के रूप में हुई है।

    🔹 मामूली बात पर बिगड़ा मामला

    घटना रविवार शाम करीब 7 बजे की है। दोनों बुजुर्ग अपनी सोसायटी के पास बने एक बेंच पर बैठकर बातचीत कर रहे थे, तभी इलाके का एक युवक वहां आया और उन्हें वहां से हटने को कहा।
    बुजुर्गों ने विरोध किया तो विवाद बढ़ गया, और अचानक युवक ने गुस्से में दोनों पर हमला कर दिया
    आरोपी ने दोनों को घूंसों और लातों से पीटते हुए गंभीर रूप से घायल कर दिया।

    घटना के बाद युवक वहां से फरार हो गया, जबकि घायल बुजुर्गों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    🔹 पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

    मालाड पुलिस ने बुजुर्गों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
    पुलिस ने उस पर हत्या का प्रयास, शारीरिक हानि पहुंचाना और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

    मालाड़ पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चौहान ने बताया, कि

    “यह मामला बेहद शर्मनाक है। किसी बुजुर्ग के साथ इस तरह का बर्ताव अस्वीकार्य है। जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।”

    🔹 इलाके में तनाव, नागरिकों में आक्रोश

    घटना के बाद इलाके में लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस तरह की हिंसा से सोसायटी में डर का माहौल बन गया है और पुलिस को गश्त बढ़ानी चाहिए।


    🔹 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

    Q1. घटना कहां की है?
    यह घटना मुंबई के मालाड इलाके की है।
    Q2. विवाद किस बात को लेकर हुआ था?
    विवाद बैठने की जगह को लेकर हुआ था।
    Q3. घटना में कौन घायल हुआ?
    दो बुजुर्ग — बहरजी कनोजिया (66) और राजनाथ यादव (67) गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
    Q4. क्या आरोपी गिरफ्तार हुआ है?
    हाँ, पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है और मामला दर्ज कर लिया गया है।
    Q5. पुलिस ने कौन-कौन सी धाराएं लगाई हैं?
    पुलिस ने आरोपी पर हत्या का प्रयास, शारीरिक हानि पहुंचाना और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।

  • महिला हत्या केस सुलझाने पर मालवनी पुलिस टीम को मुंबई पुलिस आयुक्त ने सम्मानित किया

    महिला हत्या केस सुलझाने पर मालवनी पुलिस टीम को मुंबई पुलिस आयुक्त ने सम्मानित किया

    मालाड-मालवनी में पूर्व बार डांसर की हत्या के सनसनीखेज मामले को सुलझाने पर मुंबई पुलिस विशेष आयुक्त देवेंद्र भारती ने मालवनी पुलिस टीम को सम्मानित किया। जानिए पूरा मामला और पुलिस की तफ्तीश कैसे पहुंची हत्यारे तक।

    मुंबई: मालाड पश्चिम मालवनी इलाके में हुए महिला हत्या केस को सुलझाने वाली मालवनी पुलिस टीम को मुंबई पुलिस के विशेष आयुक्त देवेंद्र भारती ने सम्मानित किया।
    उन्होंने पुलिस निरीक्षक जीवन भातकुले, सहायक पुलिस निरीक्षक प्रथमेश विचारे और उनकी टीम को सम्मान पत्र देकर सराहा
    आयुक्त भारती ने कहा,

    “इस तरह की तत्परता और पेशेवर जांच से पुलिस विभाग की छवि और जनता का भरोसा दोनों मजबूत होते हैं।”

    🔹 किस मामले में दिया गया सम्मान?

    यह सम्मान पूर्व बार डांसर रानी शुक्ला हत्या केस को सुलझाने के लिए दिया गया।
    पुलिस के मुताबिक, 40 वर्षीय रानी शुक्ला का शव मालाड-मालवनी इलाके के पुराने चर्च के पास झाड़ियों में अर्धनग्न अवस्था में मिला था।
    स्थानीय लोगों ने शव देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पंचनामा किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

    संबंधित क्राईम रिपोर्ट

    🔹 पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला हत्या का राज

    शुरुआत में पुलिस ने मामले को अपमृत्यु (Accidental Death) समझा, क्योंकि शव पर गहरी चोटों के निशान नहीं थे।
    लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद खुलासा हुआ कि महिला की गला दबाकर हत्या की गई थी
    इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

    सूत्रों के अनुसार, महिला का कुछ लोगों से विवाद चल रहा था, जिसके बाद यह हत्या हुई।
    मालवनी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड की मदद से संदिग्धों को तलाशा और मामले को कुछ ही दिनों में सुलझा लिया।

    🔹 पेशेवर जांच पर देवेंद्र भारती की सराहना

    सम्मान समारोह में विशेष आयुक्त देवेंद्र भारती ने मालवनी पुलिस की टीम की तारीफ करते हुए कहा कि

    “ऐसे अपराधिक मामलो में तुरंत कार्रवाई और पेशेवर जांच से जनता का पुलिस पर भरोसा कायम रहता है। मालवनी टीम ने साबित किया है कि तेज़ और सटीक जांच से न्याय दिलाया जा सकता है।”

    उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मान पूरी मुंबई पुलिस के लिए प्रेरणा है।


    🔹 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

    Q1. मालवनी पुलिस को किस मामले में सम्मान मिला?
    मालाड-मालवनी में पूर्व बार डांसर रानी शुक्ला की हत्या का मामला सुलझाने पर पुलिस टीम को सम्मानित किया गया।
    Q2. सम्मान किसने दिया?
    मुंबई पुलिस के विशेष आयुक्त देवेंद्र भारती ने टीम को सम्मान पत्र देकर सराहा।
    Q3. रानी शुक्ला की मौत कैसे हुई थी?
    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि उनकी गला दबाकर हत्या की गई थी।
    Q4. जांच में किन अधिकारियों की भूमिका रही?
    पुलिस निरीक्षक जीवन भातकुले और सहायक पुलिस निरीक्षक प्रथमेश विचारे की टीम ने केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।
    Q5. क्या मामला पूरी तरह सुलझ गया है?
    हाँ, पुलिस ने केस सुलझाने का दावा किया है और संबंधित आरोपी की पहचान कर ली गई है।

  • दहिसर का रिटायर्ड पुलिस अधिकारी पासपोर्ट फर्जीवाड़े में गिरफ्तार

    दहिसर का रिटायर्ड पुलिस अधिकारी पासपोर्ट फर्जीवाड़े में गिरफ्तार

    मुंबई के दहिसर पुलिस स्टेशन में दर्ज पासपोर्ट फर्जीवाड़े के मामले में एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट की मंजूरी दी।

    मुंबई: दहिसर पुलिस ने एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी संजय जगताप को पासपोर्ट से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। दहिसर पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले मे गिरफ्तार आरोपी पर यह आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति से पासपोर्ट प्रक्रिया में मदद का झांसा देकर धोखाधड़ी की।

    शिकायत के अनुसार, आरोपी ने बिना उचित दस्तावेजों की जांच किए पासपोर्ट आवेदन को स्वीकृत कर दिया। बाद में जब जांच हुई तो जमा किए गए दस्तावेज फर्जी पाए गए, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई।

    📜 एफआईआर में गंभीर धाराएं

    जांच के बाद 26 मार्च 2025 को आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
    यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 465, 467, 468, 471, 120(B) के तहत दर्ज हुआ है।
    इसके अलावा, पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 12 भी इसमें जोड़ी गई है।

    👮‍♂️ रिटायर्ड पुलिसकर्मी का नाम आया सामने

    जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी हेड कॉन्स्टेबल संजय जगताप थे, जो उस समय दहिसर पुलिस स्टेशन में तैनात थे।
    बाद में उनकी मालाड पुलिस स्टेशन में बदली हो गई।
    महत्वपूर्ण बात यह है कि जगताप 31 अक्टूबर 2025 को सेवानिवृत्त हुए, और सेवानिवृत्ति के कुछ ही दिनों बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

    ⚖️ जमानत याचिका खारिज, पुलिस हिरासत में भेजा गया

    आरोपी ने गिरफ्तारी से पहले हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए आवेदन दिया था, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
    इसके बाद 4 नवंबर 2025 को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और अदालत में पेश किया।
    कोर्ट ने आरोपी को पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

    📍 पुलिस कर रही है आगे की जांच

    मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और पासपोर्ट प्राधिकरण मिलकर यह जांच कर रहे हैं कि क्या इस घोटाले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
    साथ ही, पासपोर्ट जारी करने में इस्तेमाल किए गए फर्जी दस्तावेजों की तकनीकी जांच भी की जा रही है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. यह मामला कब दर्ज किया गया था?
    👉 यह मामला 26 मार्च 2025 को दहिसर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया।
    Q2. आरोपी कौन है?
    👉 सेवानिवृत्त पुलिस हेड कॉन्स्टेबल संजय जगताप, जो पहले दहिसर थाने में तैनात थे।
    Q3. किस आधार पर गिरफ्तारी हुई?
    👉 आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट आवेदन मंजूर किया था।
    Q4. कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
    👉 कोर्ट ने आरोपी को 6 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है।
    Q5. क्या आरोपी को जमानत मिली?
    👉 नहीं, उनकी अग्रिम जमानत याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी।