Category: Police Action

  • बोरीवली में 2,000 दुकानें बंद, बैरिकेडिंग पर बड़ा विरोध

    बोरीवली में 2,000 दुकानें बंद, बैरिकेडिंग पर बड़ा विरोध

    मुंबई के बोरीवली पश्चिम स्टेशन के बाहर पैदल मार्ग पर लगाए गए बैरिकेड्स के खिलाफ 2,000 दुकानों ने तीन घंटे का शटर डाउन प्रोटेस्ट किया। व्यापारी कहते हैं कि कारोबार ठप हो रहा है, जबकि ट्रैफिक पुलिस का दावा है कि भीड़ 60-70% कम हुई है।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम स्टेशन के बाहर लगाए गए नए बैरिकेड्स को लेकर माहौल गर्म हो गया है। करीब 2,000 दुकानों ने बुधवार सुबह तीन घंटे तक शटर डाउन रखकर बीएमसी और ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ विरोध जताया।
    व्यापारियों का आरोप है कि 12 पैदल क्रॉसिंग बंद होने से ग्राहकों तक पहुंच बेहद मुश्किल हो गई है, जबकि पुलिस और बीएमसी का कहना है कि इस फैसले से सड़क पर 60–70% ट्रैफिक कम हुआ है और पब्लिक को सिर्फ कुछ समय एडजस्ट करना होगा।

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    🔹 बैरिकेड्स क्यों लगाए गए?

    पिछले कुछ महीनों से बोरीवली स्टेशन के आसपास ट्रैफिक जाम की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं।
    ट्रैफिक पुलिस और बीएमसी ने:

    • जाम्बली गली से लेकर चंदावरकर रोड तक 12 पैदल क्रॉसिंग बंद की
    • स्टेशन के सामने रेलिंग लगाई
    • कई जगह पुलिसकर्मी तैनात किए

    DCP संदीप जाधव के मुताबिक:

    “लोगों को बदलाव की आदत होने में दो-तीन महीने लगेंगे, लेकिन ट्रैफिक में अब 60–70% सुधार हुआ है।”

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    🔹 दुकानदार क्यों नाराज़ हैं?

    इंद्रप्रस्थ और ठक्कर शॉपिंग सेंटर के व्यापारियों का कहना है कि स्टेशन से प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 की एंट्री इन्हीं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से होती है।

    अब ग्राहकों को:

    • 300 मीटर दूर यू-टर्न लेना पड़ता है
    • पार्किंग ढूंढने में ज्यादा समय लग रहा है
    • सीनियर सिटिज़न और महिलाएं परेशान हैं

    Borivali Businessmen Association (BBA) के चेयरमैन ललित जैन ने कहा:

    “40 साल में पहली बार हमें दुकानें बंद करनी पड़ीं। बैरिकेड्स हटने चाहिए, वरना कारोबार डूब जाएगा।”

    🔹 दुकानदारों की मांग

    मांगस्थिति
    सभी क्रॉसिंग फिर से खुलें⛔ प्रशासन ने मना किया
    क्रॉसिंग कम से कम 2 फीट चौड़ी होविचाराधीन
    LT रोड- SV रोड पर दो-तरफा ट्रैफिकनिर्णय बाकी
    अवैध ठेलों पर कार्रवाईजारी
    स्टेशन परिसर हॉकर्स-फ्री ज़ोनआंशिक रूप से लागू
    ऑटो रिक्षा लाइन में अनुशासनपुलिस तैनाती जारी

    🔹 स्थानीय लोगों की राय

    📍 राय इस मामले में दो हिस्सों में बंटी हुई है।

    🚦 ट्रैफिक कम होने से खुश लोग

    • कहते हैं पहले 15–20 मिनट जाम में फंसते थे, अब 5 मिनट में रास्ता साफ।

    🚶‍♂️ पैदल यात्रियों और ग्राहकों की दिक्कत

    • कहते हैं स्टेशन जाना मुश्किल हो गया है, शॉपिंग सेंटर में एंट्री भूल जाएं।

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. दुकानदारों ने दुकानें क्यों बंद कीं?

    क्योंकि स्टेशन के बाहर पैदल क्रॉसिंग बंद होने से ग्राहक उनकी दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।


    Q2. क्या बैरिकेड्स हटाए जाएंगे?

    फिलहाल पुलिस ने साफ किया है कि बैरिकेड्स नहीं हटेंगे, क्योंकि ट्रैफिक में सुधार दिख रहा है।


    Q3. क्या आगे बातचीत होगी?

    व्यापारी संगठन प्रशासन से फिर बैठक की मांग कर रहे हैं।


    Q4. क्या ट्रैफिक सच में कम हुआ?

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार ट्रैफिक 60–70% तक कम हुआ है, लेकिन इसका नुकसान दुकानों को हो रहा है।

  • जन्मदिन पर दोस्त बने दुश्मन: युवक पर पेट्रोल डालकर लगाई आग, 5 पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज

    जन्मदिन पर दोस्त बने दुश्मन: युवक पर पेट्रोल डालकर लगाई आग, 5 पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज

    मुंबई में एक युवक के जन्मदिन पर उसके ही दोस्तों ने पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जलाने की कोशिश की। आग मे गंभीर झुलस चुके युवक का इलाज जारी, पांच आरोपी नामजद।

    अहमद शेख
    मुंबई: सांताक्रूज़ पूर्व में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जन्मदिन मनाने के बहाने दोस्तों ने 21 वर्षीय युवक को बुलाकर उस पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की। गंभीर रूप से झुलसे युवक का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि पुलिस ने सभी पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।

    केक काटते ही हमला शुरू

    पीड़ित अबुल रहमान मकसूद आलम खान, बीएएफ के दूसरे वर्ष का छात्र है। 24 नवंबर की रात उसके दोस्त अयाज़ मलिक ने आधी रात को केक कटिंग का प्लान बताया। खुशी-खुशी अबुल कोहिनूर फेज-3 सोसायटी के विंग 26 पर पहुंच गया।

    अचानक जैसे ही उसने जन्मदिन का केक काटने के लिए चाकू उठाया, उसके ही पांच दोस्तों —
    अयाज़ मलिक, अशरफ मलिक, कासिम चौधरी, हुसैफा खान और शरीफ शेख — ने उस पर हमला शुरू कर दिया।

    वे उसे पत्थर मारने लगे। इसी दौरान अयाज़ और अशरफ बोतल में लाया गया पेट्रोल उस पर उड़ेलने लगे।

    लाइटर से लगाई आग, दौड़कर बचाई जान

    अबुल गंध सूंघते ही चिल्लाते हुए भागने लगा, पर तभी अयाज़ ने लाइटर जलाकर आग लगा दी।

    कुछ ही सेकंड में उसके कपड़े धधकने लगे।
    वह जान बचाने के लिए पास की बिल्डिंग की ओर दौड़ा।

    गेट पर मौजूद गार्ड से पानी लेकर खुद पर डाला, फिर पास के नल पर जाकर आग बुझाई।

    अस्पताल में भर्ती, शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर जलन

    अबुल के चेहरे, कानों, बालों, छाती, दोनों हाथों और दाएँ हाथ पर गहरी जलन है।
    आरोपियों में से हुसैफा उसे खुद अस्पताल भी लेकर गया।

    पुलिस ने दर्ज किया Attempt to Murder का केस

    वाकोला पुलिस के मुताबिक—

    “आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है। हम घटना के असली कारण की जांच कर रहे हैं।”


    FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1️⃣ घटना कहां हुई?
    कोहिनूर फेज-3 सोसायटी, वाकोला, मुंबई में।

    2️⃣ पीड़ित कौन है?
    अबुल रहमान मकसूद आलम खान, 21 वर्ष, BAF छात्र।

    3️⃣ कितने आरोपी हैं?
    पांच नामजद आरोपी: अयाज़, अशरफ, कासिम, हुसैफ़ा और शरीफ।

    4️⃣ क्या मामला दर्ज हो गया है?
    हाँ, हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया गया है।

    5️⃣ क्या पीड़ित की हालत खतरे से बाहर है?
    उसे गंभीर जलन है, इलाज जारी है।

  • 5 साल की बच्ची चुराकर 1 लाख 80 हजार में बेचने का खुलासा, 6 गिरफ्तार

    5 साल की बच्ची चुराकर 1 लाख 80 हजार में बेचने का खुलासा, 6 गिरफ्तार

    मुंबई के वाकोला पुलिस ने अपहृत 5 वर्षीय बच्ची को पनवेल से बरामद कर लिया। बच्ची को ₹1.80 लाख में बेच दिया गया था। मामले में छह आरोपी गिरफ्तार।

    मुंबई: वाकोला पुलिस ने शनिवार को चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए 5 साल की अपहृत बच्ची को पनवेल से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में एक ऑटो चालक, बच्ची के मामा-मामी समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बच्ची को ₹1.80 लाख में बेच दिया गया था।

    शिकायत के बाद दो दिनों तक चली खोज

    पुलिस के अनुसार, शनिवार दोपहर 12:30 बजे बच्ची की मां ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी बेटी अचानक लापता हो गई है। चूंकि मामला एक नाबालिग बच्ची के अपहरण का था, इसलिए इसे गंभीर अपराध मानते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की गई।

    पुलिस ने 48 घंटे तक लगातार सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और गुप्त सूत्रों की मदद से ऑटो रिक्शा की पहचान की, जिसमें बच्ची को आखिरी बार देखा गया था।

    पहला सुराग: ऑटो चालक की गिरफ्तारी

    जांच में पता चला कि संदिग्ध ऑटो चालक पनवेल के आसपास चलता है। गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने सोमवार को लतीफ अब्दुल मजीद शेख (52) को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि बच्ची के अपहरण में उसके मामा लॉरेंस निकोलस फर्नांडिस (42) और मामी मंगल दगडू जाधव (38) शामिल थे।

    बच्ची को पहले ₹90,000 और फिर ₹1.80 लाख में बेचा गया

    पुलिस के अनुसार—

    • पहले बच्ची को करण मारुति सानस को ₹90,000 में बेचा गया।
    • बाद में सानस ने बच्ची को दो महिलाओं — वृंदा विनेह चव्हाण (60) और अंजली कोरगांवकर (57) को ₹1.80 लाख में बेच दिया।

    पनवेल से बच्ची बरामद

    पुलिस टीम ने जब पनवेल स्थित घर में तलाशी ली, तो बच्ची सही सलामत मिली। मंगलवार को बच्ची को उसकी मां के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस का बयान

    पुलिस अधिकारी ने बताया—

    “मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। हम अपहरण और बच्ची को बेचने की वजह की जांच कर रहे हैं।”


    FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. बच्ची का अपहरण कब हुआ था?

    शनिवार को बच्ची लापता हुई और दो दिनों की जांच के बाद उसे बरामद किया गया।

    2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?

    कुल छह आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।

    3. क्या अपहरण में बच्ची के परिवार वाले शामिल थे?

    हाँ, बच्ची का मामा और मामी भी इस मामले में शामिल थे।

    4. बच्ची कहाँ से बरामद हुई?

    पुलिस ने उसे पनवेल से बरामद किया।

    5. बच्ची को कितने में बेचा गया था?

    पहले ₹90,000 और बाद में ₹1.80 लाख में।

  • मुंबई पुलिस में कॉन्स्टेबल बहाली शुरू, MSSC गार्ड्स की विदाई

    मुंबई पुलिस में कॉन्स्टेबल बहाली शुरू, MSSC गार्ड्स की विदाई

    मुंबई पुलिस में नए कॉन्स्टेबलों की तैनाती शुरू होने के बाद दो साल से तैनात MSSC के 3,000 गार्ड्स को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। MSSC को 2023 में पुलिस बल की कमी के चलते शामिल किया गया था।

    मुंबई: नए कॉन्स्टेबलों की नियुक्ति मुंबई पुलिस में शुरू होते ही राज्य गृह विभाग ने महाराष्ट्र स्टेट सिक्योरिटी कॉरपोरेशन (MSSC) के 3,000 गार्ड्स को चरणबद्ध तरीके से वापस बुलाने का निर्णय लिया है। जुलाई 2023 में मुंबई पुलिस में 7,000 से ज्यादा कॉन्स्टेबलों की कमी को पूरा करने के लिए MSSC गार्ड्स को अस्थायी रूप से तैनात किया गया था। अब ट्रेनिंग पूरी कर चुके नए पुलिस जवान ड्यूटी पर पहुंच रहे हैं, जिसके बाद MSSC की सेवाएं समाप्त की जा रही हैं।

    🔹 2023 में 7,000 से अधिक कॉन्स्टेबलों के पद खाली थे

    कोविड-19 महामारी और बजट संकट के कारण 2019 के बाद से कॉन्स्टेबल भर्ती प्रक्रिया लंबे समय तक अटकी रही थी। ऐसे में 2023 तक मुंबई पुलिस में 7,076 पद खाली हो गए थे, जो कुल स्वीकृत पदों का लगभग 10% था। सुरक्षा और कानून व्यवस्था प्रभावित न हो, इसलिए MSSC के 3,000 गार्ड्स को अस्थायी आधार पर शामिल किया गया

    🔹 नए कॉन्स्टेबल फोर्स में शामिल होना शुरू — MSSC को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा

    पहला बैच 700 कॉन्स्टेबलों का हाल ही में ड्यूटी पर शामिल किया जा चुका है।
    अगले तीन बैच हर छह महीने में शामिल होंगे।
    इसी अनुरूप MSSC गार्ड्स को भी चरणबद्ध तरीके से वापस भेजा जाएगा।

    🔹 MSSC नियमित सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित, लेकिन सड़कों पर भी तैनाती हुई

    MSSC गार्ड्स मूल रूप से सरकारी कार्यालयों, मेट्रो लाइनों जैसी संरक्षित इमारतों की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित होते हैं, लेकिन मजबूरी में उन्हें शहर में ट्रैफिक नियंत्रण, चौक और संवेदनशील क्षेत्रों में भी तैनात किया गया था।

    🔹 “आउटसोर्सिंग पुलिस” विवाद भी हुआ था

    MSSC गार्ड्स की नियुक्ति पर विपक्ष ने सरकार पर
    पुलिस सेवाओं को आउटसोर्स करने” का आरोप लगाया था,
    जिससे यह मामला राजनीतिक बहस में भी बदल गया था।

    🔹 आर्थिक प्रस्ताव, अंतिम मंज़ूरी अभी बाकी

    गृह विभाग ने वित्त विभाग की उप-समिति को प्रस्ताव भेजा है —

    • 700 MSSC गार्ड्स की सेवा तुरंत समाप्त
    • बाकी 2,300 गार्ड्स को 11 महीने का विस्तार देने का प्रस्ताव

    अंतिम निर्णय गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति लेगी।


    FAQs

    प्रश्नउत्तर
    MSSC गार्ड्स कब से तैनात थे?जुलाई 2023 से, पुलिस बल की कमी पूरी करने के लिए।
    क्या सभी MSSC गार्ड्स को तुरंत हटाया जाएगा?नहीं, बैच-वाइज हटाया जाएगा, जैसे-जैसे नए कॉन्स्टेबल ज्वाइन करेंगे।
    कितने नए कॉन्स्टेबल शामिल हो रहे हैं?पहला बैच 700 शामिल हो चुका है, और कुछ महीनों में तीन बैच और आएंगे।
    MSSC गार्ड्स को वापस क्यों भेजा जा रहा है?क्योंकि अब कॉन्स्टेबल भर्ती पूरी होकर जवान ड्यूटी में आ रहे हैं।
  • गोरेगांव किशोरी आत्महत्या केस — एक्स बॉयफ्रेंड की धमकी पर FIR

    गोरेगांव किशोरी आत्महत्या केस — एक्स बॉयफ्रेंड की धमकी पर FIR

    मुंबई के गोरेगांव में 17 वर्षीय लड़की ने अपने एक्स बॉयफ्रेंड द्वारा पैसे न देने पर उसकी मॉर्फ्ड तस्वीरें वायरल करने की धमकी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने आरोपी पर BNS की धारा 108 के तहत सुसाइड के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है।

    मुंबई: गोरेगांव पश्चिम इलाके में एक 17 साल की किशोरी ने बुधवार को आत्महत्या कर ली। पुलिस जांच में सामने आया कि उसके एक्स बॉयफ्रेंड ने पैसे न देने पर उसकी मॉर्फ्ड (एडिटेड) इंटिमेट तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करने की धमकी दी थी। भावनात्मक शोषण और एक्सटॉर्शन से परेशान किशोरी ने घर पर फांसी लगाकर जान दे दी। गोरेगांव पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 108 के तहत सुसाइड के लिए उकसाने की FIR दर्ज की है और आरोपी युवक की तलाश जारी है।

    🔹 मामला कैसे शुरू हुआ — रिलेशनशिप से ब्लैकमेलिंग तक

    पुलिस के मुताबिक नाबालिग लड़की उसी इलाके के आरोपी युवक के साथ रिलेशनशिप में थी।
    अगस्त में दोनों चेन्नई भाग गए, लेकिन परिवार ने लड़की को ढूंढकर वापस घर ले आया और लड़के से सारे कॉन्टैक्ट खत्म करने को कहा।

    कुछ समय बाद आरोप है कि लड़के ने लड़की की मॉर्फ्ड तस्वीरें बनाईं और पैसे मांगने लगा।
    पैसे न देने पर तस्वीरें वायरल करने की धमकी देता था।

    🔹 चोरी करके दिए पैसे — लेकिन दहशत खत्म नहीं हुई

    ब्लैकमेलिंग के डर से पीड़ित किशोरी घर से पैसे चुराकर आरोपी को दे चुकी थी।
    15 नवंबर को जब पिता ने पैसे गायब देखे, तो गोरगांव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई।

    उस समय लड़के के खिलाफ सिर्फ नॉन-कॉग्निजेबल (NC) दर्ज हुआ और पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ दिया।
    लेकिन इसके बाद भी किशोरी मानसिक रूप से परेशान रहती थी और घरवालों से बात नहीं कर रही थी।

    🔹 3 दिन बाद दुखद घटना — घर में फांसी

    अधिकारियों के अनुसार बुधवार को जब घर में कोई नहीं था, किशोरी ने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी।
    परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और केस दर्ज किया गया।

    🔹 कानूनी कार्रवाई — आत्महत्या के लिए उकसाने की FIR

    गोरेगांव पुलिस के एक अधिकारी ने बताया:

    👉 आरोपी पर BNS की धारा 108 — आत्महत्या के लिए उकसाना के तहत FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की गई है।
    👉 आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।


    FAQ — गोरगांव किशोरी मामले पर सवाल-जवाब

    प्रश्नउत्तर
    लड़की ने आत्महत्या क्यों की?एक्स बॉयफ्रेंड के ब्लैकमेल और मॉर्फ्ड तस्वीरें वायरल करने की धमकी से परेशान होकर।
    आरोपी पर किस धारा में केस दर्ज हुआ है?BNS धारा 108 — आत्महत्या के लिए उकसाना।
    क्या आरोपी पकड़ा गया है?अभी फरार है, पुलिस तलाश कर रही है।
    क्या पीड़ित के परिवार ने पहले शिकायत की थी?हां, 15 नवंबर को, लेकिन तब सिर्फ NC दर्ज हुआ था।
    क्या पुलिस इस मामले में साइबर क्राइम यूनिट से मदद लेगी?जांच टीम के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर साइबर टीम को जोड़ा जाएगा।
  • कांदिवली फायरिंग केस सॉल्व, मुंबई क्राइम ब्रांच ने 5 आरोपी दबोचे

    कांदिवली फायरिंग केस सॉल्व, मुंबई क्राइम ब्रांच ने 5 आरोपी दबोचे

    मुंबई के कांदिवली वेस्ट में प्रॉपर्टी डीलर पर हुई फायरिंग केस का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। क्राइम ब्रांच यूनिट-11 ने मुख्य साजिशकर्ता राजेश रमैश चौहान और चार कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इस्तेमाल की गई पिस्टल भी बरामद की।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में 40 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर फ्रेडी डी’मेलो पर हुई फायरिंग के मामले को मुंबई क्राईम ब्रांच ने सुलझाते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी राजेश रमेश चौहान ने प्रॉपर्टी और पैसों के विवाद के चलते चार शूटरों को सुपारी दी थी। चारों कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को पुणे के भोर गांव से पकड़ा गया है, जबकि इससे पहले चारकोप पुलिस एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी थी। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली है।

    🔹 कांदिवली फायरिंग केस कैसे हुआ सॉल्व

    क्राइम ब्रांच यूनिट-11 ने तकनीकी इन्वेस्टिगेशन, कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। शुक्रवार दोपहर सभी शूटर पुणे के भोर गांव में पकड़े गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह पूरी सुपारी राजेश चौहान ने दी थी।

    🔹 मुख्य साजिशकर्ता कौन है?

    मुख्य आरोपी राजेश रमेश चौहान (42), कांदिवली निवासी है। उसका पीड़ित फ्रेडी डी’मेलो से
    🔸 प्रॉपर्टी
    🔸 पैसों के लेन-देन
    को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।

    इसी विवाद के चलते चौहान ने डी’मेलो को रास्ते से हटाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को हायर किया।

    🔹 गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची

    आरोपी का नामउम्रपता
    राजेश रमैश चौहान उर्फ दया42कांदिवली
    सुभाष भीकाजी मोहिटे44विरार
    मंगेश एकनाथ चौधरी30भोर (पुणे)
    रोशन बसंतकुमार सिंह उर्फ कृष्णा25काशिगांव, ठाणे
    पहले गिरफ्तार — मुन्ना मयुद्दीन शेख उर्फ गुड्डू35मुंबई

    🔹 सुपारी किलर्स का रोल

    जांच में पता चला कि चौहान ने शूटरों को
    ▪ फायरिंग की प्लानिंग
    ▪ पैसों का ऑफर
    ▪ हथियार की व्यवस्था
    सब कुछ खुद किया।
    पुलिस ने बरामद पिस्टल का टेस्ट भी शुरू कर दिया है।

    🔹 आगे की कार्रवाई

    क्राइम ब्रांच अब यह जांच रही है कि
    🔸 कितने पैसे में सुपारी दी गई?
    🔸 क्या और लोग शामिल थे?
    🔸 हथियार की सप्लाई चेन किसने की?


    ❓ FAQ — कांदिवली फायरिंग केस

    प्रश्नउत्तर
    कांदिवली फायरिंग केस का मास्टरमाइंड कौन है?राजेश रमैश चौहान, जिसने सुपारी दी थी।
    कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया?कुल पाँच — चार कॉन्ट्रैक्ट किलर्स और एक मुख्य आरोपी।
    फ्रेडी डी’मेलो पर हमला क्यों किया गया?प्रॉपर्टी और पैसों के विवाद के कारण।
    आरोपियों को कहाँ से पकड़ा गया?चार आरोपियों को पुणे के भोर गांव से पकड़ा गया।
    क्या वारदात में इस्तेमाल हथियार मिला?हाँ, पिस्टल बरामद कर ली गई है।
  • गोरेगांव में ऑटो ड्राइवर का फोन उड़ाने वाले दो चोर गिरफ्तार

    गोरेगांव में ऑटो ड्राइवर का फोन उड़ाने वाले दो चोर गिरफ्तार

    मुंबई के गोरेगांव में ऑटो रिक्शा ड्राइवर का मोबाइल चोरी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी स्टीयरिंग पर बंधा फोन झटके में उड़ाकर फरार होते थे। दोनों पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

    मुंबई: गोरेगांव इलाके में ऑटो रिक्शा ड्राइवर के स्टीयरिंग पर बंधा मोबाइल फोन चोरी करने वाले दो कुख्यात चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम सोहेल खान और संदीप मोहिते बताए गए हैं, जो गोरेगांव लिंक रोड़ स्थित भगत सिंह नगर झोपड़पट्टी के रहने वाले हैं। आधी रात हुई चोरी की वारदात के बाद बांगुर नगर पुलिस की टीम ने कुछ ही घंटों में दोनों को पकड़ लिया।

    वारदात कैसे हुई: रात 12:30 बजे रिक्शा में बैठे ड्राइवर का फोन उड़ाया

    44 वर्षीय ऑटो ड्राइवर मनोज साव लिंक रोड पर यात्रियों का इंतज़ार कर रहे थे। उनका फोन स्टीयरिंग पर रबर बैंड से बंधा हुआ था ताकि वे नेविगेशन आसानी से देख सकें।
    इसी दौरान आरोपी वहां आए और झटके में मोबाइल (कीमत ₹6,000) उड़ाकर फरार हो गए। ड्राइवर ने तुरंत पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई।

    जांच में खुलासा: दोनों आरोपी बेरोजगार, इलाके में कई चोरी की वारदातों में शामिल

    पुलिस की जांच में सबसे पहले सोहेल खान पकड़ा गया। उससे पूछताछ में संदीप मोहिते का नाम सामने आया।
    दोनों से कुल दो चोरी के मोबाइल फोन (कुल कीमत ₹11,000) बरामद हुए। पुलिस को शक है कि वे इसी तरह की कई चोरियों में शामिल रहे हैं।

    संदीप मोहिते का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड

    संदीप मोहिते पर

    • 22 पुराने मामले दर्ज हैं
    • बांगुर नगर, गोरेगांव और कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में चोरी और गैरकानूनी गतिविधियों के केस
    • पहले भी DCP संदीप जाधव ने उसे शहर की सीमा में दाखिल होने से प्रतिबंधित किया था
      सोहेल खान पर भी 2 पुराने केस दर्ज हैं।

    पुलिस का कहना है कि दोनों चोरी को अपना “नियमित धंधा” बना चुके थे और रिक्शा ड्राइवरों के स्टीयरिंग पर लगे फोन उनकी खास टारगेट लिस्ट में थे।


    FAQ सेक्शन

    1. चोरी की घटना कब और कहां हुई थी?

    वारदात आधी रात करीब 12:30 बजे गोरेगांव लिंक रोड पर भगत सिंह नगर के पास हुई।

    2. गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और कहां के रहने वाले हैं?

    सोहेल खान और संदीप मोहिते, दोनों भगत सिंह नगर झोपड़पट्टी इलाके के निवासी हैं।

    3. आरोपियों से क्या बरामद हुआ?

    पुलिस ने दोनों के पास से दो चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी कीमत करीब ₹11,000 है।

    4. क्या आरोपियों का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड है?

    हाँ, संदीप मोहिते पर 22 पुराने केस और सोहेल खान पर 2 पुराने केस दर्ज हैं।

  • मुंबई में 100 से ज़्यादा चोरी करने वाला कुख्यात चोर गिरफ्तार

    मुंबई में 100 से ज़्यादा चोरी करने वाला कुख्यात चोर गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस ने 100 से ज़्यादा दुकानों में सेंधमारी करने वाले कुख्यात चोर मोनू उर्फ़ आज़न खान को गिरफ्तार किया। मेडिकल स्टोर, हार्डवेयर व मिठाई दुकानों को निशाना बनाने वाला यह आरोपी सिर्फ़ कैश चुराता था। पढ़ें पूरी खबर।

    मुंबई लंबे समय से फरार चल रहे 38 वर्षीय अजान खान उर्फ़ मोनू को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जो शहर में 100 से ज़्यादा दुकानों में सेंधमारी कर चुका है। यह आरोपी सिर्फ़ नकदी चुराता था और चोरी के तुरंत बाद ड्रग्स और फिज़ूलखर्ची में पैसे उड़ा देता था। पुलिस की 10 दिन की निगरानी के बाद उसे मलवानी इलाके से रंगे हाथों पकड़ा गया।

    मोनू का अनोखा चोरी करने का तरीका

    पुलिस के मुताबिक, मोनू की चोरी करने की शैली बाकी चोरों से अलग थी।
    वह सिर्फ़ उन दुकानों को निशाना बनाता था जहां नकदी मिलने की संभावना अधिक हो—जैसे मेडिकल स्टोर, हार्डवेयर शॉप, मिठाई की दुकानें, किराना स्टोर व छोटी दुकानें
    खास बात यह थी कि वह ज्वेलरी, मोबाइल फोन या कोई कीमती सामान नहीं चुराता था
    चोरी में हाथ लगते ही वह पूरा पैसा ड्रग्स और पार्टी में खर्च कर देता था और फिर दो दिन तक गायब रहता था।

    कई इलाकों की पुलिस कर रही थी तलाश

    मोनू मलवानी क्षेत्र में रहता था, लेकिन परिवार के साथ नहीं रहता था।
    मुंबई के कांदिवली, मालाड और बांगुर नगर में उसने कई चोरी की वारदातें की थीं।
    कई पुलिस टीमें एक साल से उसकी तलाश में थीं, लेकिन वह हर बार बच निकलता था।

    10 दिन तक पुलिस ने की लगातार निगरानी

    DCP संदीप जाधव और ACP नीता पाडवी के मार्गदर्शन में
    सीनियर इंस्पेक्टर करण सोनकवडे,
    असिस्टेंट इंस्पेक्टर हेमंत गीते
    और सब-इंस्पेक्टर नितिन साटम की टीम ने आरोपी पर करीब 10 दिन तक लगातार नज़र रखी।

    CCTV फुटेज में सामने आया कि वह हर रात लगभग 2.30 बजे मार्वे रोड, स्थित मालवनी कब्रिस्तान के पास वाले सिग्नल से गुजरता है
    पुलिस टीम उसकी रूटीन मूवमेंट का पीछा करते हुए शनिवार की रात उसे पकड़ने में सफल रही।

    रंगे हाथों गिरफ्तार, चोरी की बाइक भी बरामद

    शनिवार देर रात पुलिस ने उसे एक दुकान का शटर उठाते समय रंगे हाथों पकड़ लिया।
    जांच में पता चला कि जिस बाइक से वह घूमता था वह भी मटुंगा इलाके से चोरी की गई थी
    अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है और चोरी की रकम व सामान की बरामदगी की कोशिशें जारी हैं।

    कई मामलों का खुलासा

    कांदिवली पुलिस के मुताबिक, मोनू की गिरफ्तारी के बाद अब तक
    10 चोरी के मामले सुलझाए जा चुके हैं,
    जिनमें छह मामले कांदिवली के, जबकि बाकी मालाड और बांगुर नगर के हैं।
    पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी मामले खुल सकते हैं।


    FAQ सेक्शन

    1. मोनू कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?

    मोनू उर्फ़ आज़न खान पर मुंबई में 100 से ज़्यादा दुकानों में चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने उसे मलवानी इलाके से रंगे हाथों पकड़ा।

    2. वह किस तरह की दुकानों को निशाना बनाता था?

    वह सिर्फ़ मेडिकल स्टोर, हार्डवेयर दुकानें, मिठाई और किराना दुकानों में सेंध लगाता था और सिर्फ़ नकदी चुराता था।

    3. पुलिस ने उसे कैसे पकड़ा?

    करीब 10 दिन की निगरानी और CCTV फुटेज की मदद से उसकी हर रात की मूवमेंट ट्रैक की गई। अंत में उसे शटर उठाते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया।

    4. क्या चोरी का सामान बरामद हुआ है?

    पुलिस ने उसकी चोरी की बाइक बरामद की है, और बाकी चोरी की रकम व सामान की तलाश जारी है।

    5. आरोपी पर अब तक कितने केस दर्ज हैं?

    कांदिवली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के साथ 10 चोरी के केस सुलझा लिए हैं, और संख्या बढ़ सकती है।

  • मुंबई NDPS केस: 115 किलो गांजा रखने वाले दो आरोपियों को 15 साल की सजा, दो सप्लायर बरी

    मुंबई NDPS केस: 115 किलो गांजा रखने वाले दो आरोपियों को 15 साल की सजा, दो सप्लायर बरी

    मुंबई की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 115 किलो गांजा रखने के मामले में दो आरोपियों को 15 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई। गांजे की कीमत ₹28.75 लाख बताई गई। दो सप्लायरों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।

    मुंबई: एक विशेष एनडीपीएस (NDPS) अदालत ने 115 किलो गांजा रखने के मामले में दो आरोपियों को 15 साल की कठोर कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। जब्त गांजे की कीमत करीब ₹28.75 लाख बताई गई है।
    दोषी पाए गए आरोपियों के नाम इस्माइल शेख (पवई) और इमरान अंसारी (मुम्ब्रा) हैं, जिन्हें पुलिस ने जनवरी 2022 में घाटकोपर बस डिपो के पास से गिरफ्तार किया था।
    अदालत ने दो अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।

    🚨 पुलिस को मिली थी गांजा डिलीवरी की गुप्त जानकारी

    कांदिवली यूनिट की एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) को 23 जनवरी 2022 को सूचना मिली कि दो व्यक्ति घाटकोपर बस डिपो के पास गांजा बेचने पहुंचने वाले हैं।
    सूत्रों ने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और आरोपियों का पूरा विवरण भी दिया था। इसके बाद पुलिस ने मौके पर जाल बिछाया।

    🚗 घाटकोपर बस स्टॉप पर कार से मिली 115 किलो गांजा

    पुलिस ने होंडा एकॉर्ड कार को रोका और तलाशी में 115 किलो गांजा बरामद किया।
    पकड़े गए आरोपियों इस्माइल शेख और इमरान अंसारी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
    पुलिस के अनुसार, बरामद माल की बाजार कीमत लगभग ₹28.75 लाख है।

    🔬 फॉरेंसिक जांच में गांजा की पुष्टि

    बरामद किए गए पदार्थ का नमूना फॉरेंसिक लैब भेजा गया, जहां रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि यह पदार्थ गांजा (कैनाबिस) ही था।
    पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि यह खेप अल्ताफ शेख (अंधेरी निवासी) ने सप्लाई की थी।

    ⚖️ दो सप्लायरों को सबूतों के अभाव में मिली राहत

    पुलिस ने अल्ताफ शेख और चक्रपाणि गौड़ा (ओडिशा निवासी) को अक्टूबर 2022 में गुजरात से गिरफ्तार किया था।
    हालांकि, अदालत में अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ ठोस सबूत पेश नहीं कर सका।
    नतीजतन, विशेष एनडीपीएस अदालत ने दोनों को बरी कर दिया।

    👨‍⚖️ कोर्ट ने कहा – “समाज में नशे के कारोबार पर कड़ी सजा जरूरी”

    अदालत ने अपने आदेश में कहा कि नशे के व्यापार में लिप्त अपराधियों को सख्त सजा देना समाज और युवाओं के भविष्य के लिए आवश्यक है।
    इस्माइल शेख और इमरान अंसारी को अदालत ने 15 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है।

    📊 केस से जुड़ी अहम जानकारी:

    • 📍 स्थान: घाटकोपर, मुंबई
    • 📅 गिरफ्तारी की तारीख: 23 जनवरी 2022
    • ⚖️ कोर्ट: विशेष एनडीपीएस कोर्ट, मुंबई
    • 🚓 जब्त गांजा: 115 किलो
    • 💰 कीमत: ₹28.75 लाख
    • 👨‍⚖️ सजा: 15 साल की कैद (2 आरोपी)
    • 🙅‍♂️ बरी: 2 सप्लायर

    FAQ सेक्शन

    Q1. एनडीपीएस केस में कौन-कौन दोषी पाए गए?
    👉 इस्माइल शेख (पवई) और इमरान अंसारी (मुम्ब्रा) को दोषी करार दिया गया है।
    Q2. पुलिस ने कितनी मात्रा में गांजा जब्त किया था?
    👉 कुल 115 किलो गांजा, जिसकी कीमत लगभग ₹28.75 लाख बताई गई।
    Q3. सप्लायरों का क्या हुआ?
    👉 अल्ताफ शेख और ओडिशा के चक्रपाणि गौड़ा सबूतों के अभाव में बरी कर दिए गए।
    Q4. गिरफ्तारी कब हुई थी?
    👉 23 जनवरी 2022 को घाटकोपर बस डिपो के पास से दोनों आरोपी गिरफ्तार किए गए थे।
    Q5. अदालत ने क्या सजा सुनाई?
    👉 दोनों दोषियों को 15 साल की कठोर कैद और जुर्माने की सजा दी गई है।

  • BEST बस में जेबकतरा गिरफ्तार, 10 चोरी के मामलों से जुड़ा निकला आरोपी

    BEST बस में जेबकतरा गिरफ्तार, 10 चोरी के मामलों से जुड़ा निकला आरोपी

    मुंबई की सामता नगर पुलिस ने एक शातिर जेबकतरे को गिरफ्तार किया है जो BEST बसों में सफर करने वाले यात्रियों से कीमती सामान चुरा लेता था। आरोपी सुरेश पवार अब तक 10 से ज्यादा चोरी के मामलों में शामिल रहा है।

    मुंबई: कांदीवली पूर्व के सामता नगर पुलिस ने एक ऐसे आदतन जेबकतरे को गिरफ्तार किया है जो भीड़भाड़ वाली BEST बसों में यात्रियों से कीमती जेवर और नकदी चुराता था।
    गिरफ्तार आरोपी का नाम सुरेश पवार (50) है, जो मालाड के अप्पापाड़ा इलाके का रहने वाला है।
    पुलिस के मुताबिक, आरोपी अब तक 10 से ज्यादा चोरी के मामलों में शामिल रहा है।

    🚌 BEST बस में चोरी की वारदात

    यह ताज़ा मामला 9 नवंबर 2025 का है, जब गुलफशा शेख (26) नाम की महिला BEST बस नंबर A-478 से गोरेगांव से विक्रोली डिपो की ओर जा रही थीं।
    दोपहर करीब 12:30 बजे भीड़भाड़ के दौरान किसी ने उनका हैंडबैग चोरी कर लिया।
    बैग में दो सोने के मंगलसूत्र, चांदी के गहने और करीब ₹1.05 लाख नकद रखे थे।

    पीड़िता ने तुरंत सामता नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एक स्पेशल टीम बनाई गई।

    🎥 CCTV से पकड़ में आया आरोपी

    API योगेश राऊत और PSI राहुल वलुंजकर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने CCTV फुटेज और टेक्निकल एनालिसिस की मदद से आरोपी को ट्रेस किया।
    तफ्तीश में सामने आया कि आरोपी सुरेश पवार अक्सर भीड़भाड़ वाली बसों में सफर करता था और मौके का फायदा उठाकर यात्रियों का सामान चुरा लेता था।
    पुलिस ने आरोपी को मालाड के अप्पापाड़ा इलाके से गिरफ्तार किया।

    🕵️‍♂️ 10 से अधिक मामलों से जुड़ा हुआ निकला आरोपी

    पुलिस जांच में पता चला कि सुरेश पवार एक आदतन अपराधी (habitual offender) है।
    वह पिछले कई वर्षों से मुंबई के अलग-अलग इलाकों में बसों में जेबकटी करता आ रहा था।
    पुलिस ने बताया कि उसकी गिरफ्तारी से कम से कम 10 पुराने चोरी के मामले सुलझ गए हैं।

    🚨 पुलिस की अपील — बस में सफर करते वक्त सावधान रहें

    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे BEST बसों या भीड़भाड़ वाले इलाकों में सफर करते वक्त अपने बैग और मोबाइल पर नज़र रखें।
    किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर तुरंत ड्राइवर, कंडक्टर या पुलिस को सूचना दें।


    FAQ सेक्शन

    Q1. आरोपी कौन है और कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
    आरोपी का नाम सुरेश पवार (50) है, जिसे पुलिस ने मालाड के अप्पापाड़ा इलाके से गिरफ्तार किया।
    Q2. आरोपी पर कितने केस दर्ज हैं?
    पुलिस के मुताबिक, सुरेश पवार पर अब तक 10 से अधिक चोरी के मामले दर्ज हैं।
    Q3. ताज़ा वारदात कहाँ हुई थी?
    चोरी की यह वारदात BEST बस नंबर A-478 में हुई, जो गोरेगांव से विखरोली डिपो जा रही थी।
    Q4. पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा?
    CCTV फुटेज और टेक्निकल एनालिसिस की मदद से पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर उसे गिरफ्तार किया।
    Q5. पुलिस ने नागरिकों को क्या सलाह दी है?
    पुलिस ने कहा है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें।