Category: Police Action

  • ट्रेन फायरिंग केस: पूर्व RPF कॉन्स्टेबल की जमानत याचिका पर पुलिस ने जताई आपत्ति

    ट्रेन फायरिंग केस: पूर्व RPF कॉन्स्टेबल की जमानत याचिका पर पुलिस ने जताई आपत्ति

    मुंबई ट्रेन फायरिंग केस में आरोपी पूर्व RPF कॉन्स्टेबल चेतन सिंह चौधरी की बेल याचिका का पुलिस ने विरोध किया। पुलिस का कहना है कि केस गंभीर है और इसमें मौत की सजा भी संभव है। कोर्ट में गवाहों के बयान और सबूत पेश।

    मुंबई: 8 दिसंबर। मुंबई की अदालत में चल रहे ट्रेन फायरिंग मामले में पूर्व रेलवे सुरक्षा बल (RPF) कॉन्स्टेबल चेतन सिंह चौधरी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने बेल का कड़ा विरोध किया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें आरोपी को मृत्युदंड (Death Penalty) भी मिल सकता है, इसलिए जमानत देना अभी न्याय के हित में नहीं होगा।

    चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने 31 जुलाई 2023 को जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में अपने वरिष्ठ अधिकारी ASI टीका राम मीणा और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

    📍 पुलिस का तर्क: “जमानत से प्रभावित हो सकता है केस”

    अतिरिक्त लोक अभियोजक सुदीर सापकले की मौजूदगी में दाखिल लिखित जवाब में कहा गया कि:

    • मामले में कई महत्वपूर्ण गवाह मौजूद हैं।
    • पर्याप्त सबूत इकट्ठा किए जा चुके हैं।
    • इस स्टेज पर जमानत मिलने से जांच और ट्रायल प्रभावित हो सकता है।

    पुलिस ने ये भी दावा किया कि सबूत आरोपी के खिलाफ मजबूत हैं।

    🧠 आरोपी की दलील: “मानसिक बीमारी थी, अपराध की याद नहीं”

    चेतन सिंह चौधरी ने अपने वकील अमित मिश्रा और पंकज घिल्डियाल के जरिए कहा कि वह मानसिक बीमारी “White Matter Disease” से पीड़ित हैं और उन्हें भ्रम (Delusional Disorder) होता है।

    अर्जी में कहा गया:

    “अपराध के समय आरोपी अपनी मानसिक स्थिति में नहीं था और उसे घटना की याद भी नहीं है।”

    लेकिन अभियोजन पक्ष ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा:

    “यह आधार भरोसेमंद नहीं है और इस समय विचार करने योग्य नहीं।”

    ⚖️ पीड़ित परिवार की अपील भी कोर्ट में

    हत्या में मारे गए एक यात्री की पत्नी ने भी कोर्ट में इंटरवेशन एप्लीकेशन दाखिल कर कहा कि:

    • आरोपी के खिलाफ प्रत्यक्षदर्शी गवाह हैं
    • हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं
    • बेल मिलने पर आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है

    🚔 गवाह का खुलासा: “चेतन सिंह ने धमकी दी – रास्ते में आए तो गोली मार दूंगा”

    एक RPF कांस्टेबल, जो आरोपी को पकड़ने वाली टीम में शामिल था, ने सोमवार को कोर्ट में बयान दिया। उन्होंने बताया:

    • मीरा रोड और दहिसर स्टेशन के बीच पटरी पर आरोपी चला रहा था
    • पूछताछ पर उसने जवाब नहीं दिया
    • आरोपी ने कहा:

    “मेरे सामने मत आओ, वरना गोली मार दूंगा।”

    आखिरकार आरोपी को मीरा रोड स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर गिरफ्तार किया गया।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1: चेतन सिंह पर क्या आरोप है?
    उन पर ट्रेन में एक ASI और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या का आरोप है।

    Q2: क्या आरोपी मानसिक बीमारी का दावा कर रहा है?
    हाँ, उसने ‘व्हाइट मैटर डिज़ीज़’ और भ्रम की बीमारी होने का दावा किया है।

    Q3: क्या आरोपी को जमानत मिली?
    अभी जमानत मंजूर नहीं हुई है, पुलिस ने विरोध किया है।

    Q4: क्या इस केस में मौत की सजा संभव है?
    हाँ, पुलिस के अनुसार केस की गंभीरता देखते हुए यह ‘रेयर ऑफ रेयरेस्ट’ कैटेगरी में आता है।

  • दहिसर में युवक पर तलवार से जानलेवा हमला, दो गिरफ्तार; सात फरार

    दहिसर में युवक पर तलवार से जानलेवा हमला, दो गिरफ्तार; सात फरार

    मुंबई के दहिसर इलाके में 9 लोगों के गिरोह ने पुराने विवाद को लेकर युवक आरिफ पर चाकू, तलवार और डंडों से हमला किया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि सात आरोपी फरार हैं। मामला हत्या के प्रयास के तहत दर्ज।

    मुंबई: दहिसर में शनिवार तड़के एक युवक पर तलवार, चाकू, डंडे और पत्थरों से बेरहमी से जानलेवा हमला किया गया। इस हमले में आरिफ नाम का युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है और वर्तमान में कूपर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि सात अभी भी फरार चल रहे हैं। पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्या के प्रयास की धाराओं में FIR दर्ज की है।

    📍 घटना कैसे हुई

    दहिसर के आनंद नगर स्थित स्वामीनारायण मंदिर के पास बीएमसी कचरा प्रबंधन चौकी परिसर में यह घटना शनिवार तड़के लगभग 3:30 बजे हुई। आरिफ अपने दोस्तों के साथ वहां पहुंचा था तभी आरोपी सनी सालेकर और उसकी गैंग ने उसे घेर लिया।

    🔹 पुरानी रंजिश बनी वजह

    सूत्रों के अनुसार, घायल आरिफ और मुख्य आरोपी सनी सालेकर के बीच पहले से विवाद चल रहा था। उसी मामले को लेकर बहस शुरू हुई और देखते ही देखते आरोपियों ने आरिफ पर अचानक हमला कर दिया।

    🗡 हमला: लाठी, तलवार और चाकू का इस्तेमाल

    प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने:

    • पहले आरिफ को लात-घूंसों से पीटा
    • फिर उस पर चाकू और तलवार से वार किए
    • पत्थरों से सिर और चेहरे पर हमला किया

    हमले के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से फरार हो गए।

    🚔 पुलिस की कार्रवाई

    दहिसर पुलिस ने इस मामले में रोमन नजीर शेख और दीपक जितेंद्र दुबे को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने दोनों को पुलिस हिरासत में भेज दिया।

    फरार आरोपी:
    सनी सालेकर, शेखर पल्लक, विक्की निनामिया, विशाल गोडसे, अरविंद उर्फ लाला और दो अन्य।

    🏥 पीड़ित की स्थिति

    आरिफ की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी में है।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. हमला कब और कहाँ हुआ?
    घटना दहिसर के आनंद नगर में शनिवार सुबह लगभग 3:30 बजे हुई।

    Q2. अब तक कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया?
    अब तक दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं जबकि सात फरार हैं।

    Q3. पीड़ित की क्या स्थिति है?
    पीड़ित आरिफ की हालत गंभीर है और वह कूपर अस्पताल के ICU में भर्ती है।

    Q4. आरोपी किस वजह से हमलावर हुए?
    हमले की वजह पुराना आपसी विवाद बताया जा रहा है।

  • PNB घोटाला: ईडी ने बोरीवली की चार संपत्तियां लिक्विडेटर के हवाले कीं

    PNB घोटाला: ईडी ने बोरीवली की चार संपत्तियां लिक्विडेटर के हवाले कीं

    मुंबई में पीएनबी घोटाले की जांच के तहत ईडी ने बोरीवली स्थित चार अटैच संपत्तियां लिक्विडेटर को सौंपीं। कुल ₹2,565 करोड़ से अधिक की संपत्तियों की जब्ती और नीलामी प्रक्रिया जारी।

    मुंबई: पीएनबी बैंक धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई तेज करते हुए मुंबई के बोरीवली ईस्ट में स्थित चार अटैच संपत्तियों को कंपनी लिक्विडेटर के हवाले कर दिया है। यह कदम पीड़ित बैंकों, निवेशकों और अन्य दावेदारों को आर्थिक नुकसान की भरपाई दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जा रहा है। यह कार्रवाई 21 नवंबर को ईडी की मुंबई जोनल यूनिट द्वारा की गई।

    🏷️ ईडी की कार्यवाही और उद्देश्य

    ईडी की ओर से बताया गया कि यह संपत्तियां पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले से जुड़ी जांच का हिस्सा हैं। एजेंसी ने अब तक मुंबई, कोलकाता और सूरत में स्थित करीब ₹310 करोड़ मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को लिक्विडेटर के अधीन सौंप दिया है, जो गितांजलि जेम्स लिमिटेड से जुड़ी हैं।

    🏷️ मामले की पृष्ठभूमि और आरोप

    ईडी की जांच में पाया गया कि भगोड़ा कारोबारी मेहुल चोकसी ने अपने साथियों और PNB के कुछ अधिकारियों की मदद से 2014 से 2017 के बीच फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) और फॉरेन क्रेडिट लेटर्स के जरिए बैंक से ₹6,097.63 करोड़ का बड़ा वित्तीय घोटाला किया।

    इसके अलावा चोकसी ने आईसीआईसीआई बैंक से लिए गए लोन का भी भुगतान नहीं किया और जानबूझकर डिफॉल्ट किया।

    🏷️ जांच के दौरान जब्ती और सील की गई संपत्तियां

    जांच के दौरान ईडी ने देशभर में 136 से ज्यादा स्थानों पर छापे मारे और गितांजलि ग्रुप की करीब:

    • ₹597 करोड़ की ज्वेलरी और कीमती चीजें जब्त कीं
    • ₹1,968 करोड़ से अधिक की चल और अचल संपत्तियां अटैच कीं
    • जिनमें शामिल हैं:
      ✔️ देश और विदेश की प्रॉपर्टी
      ✔️ वाहन
      ✔️ बैंक खाते
      ✔️ सूचीबद्ध शेयर
      ✔️ फैक्ट्री परिसर

    कुल मिलाकर अब तक ₹2,565.90 करोड़ मूल्य की संपत्तियां जब्त की गई हैं।

    🏷️ आगे की कानूनी प्रक्रिया

    पीड़ित बैंकों को जल्द भुगतान दिलाने के लिए ईडी और बैंकों ने मिलकर मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में एक संयुक्त आवेदन दिया, जिसे मंजूरी मिल गई है।

    अब इन संपत्तियों की वैल्यूएशन और नीलामी की प्रक्रिया लिक्विडेटर और बैंक की निगरानी में होगी और बिक्री से प्राप्त राशि PNB और ICICI बैंक के खाते में फिक्स्ड डिपॉज़िट के रूप में जमा की जाएगी।

    ईडी ने बताया कि शेष अटैच संपत्तियों को भी जल्द ही इसी प्रक्रिया के तहत सुपुर्द किया जाएगा।


    🔹 FAQ सेक्शन

    📌 प्रश्न 1: यह कार्रवाई किस मामले से जुड़ी है?
    यह कार्रवाई पंजाब नेशनल बैंक (PNB) धोखाधड़ी मामले से संबंधित है।

    📌 प्रश्न 2: कुल कितनी संपत्तियां बरामद या जब्त की गई हैं?
    अब तक लगभग ₹2,565.90 करोड़ की संपत्तियां जब्त या अटैच की जा चुकी हैं।

    📌 प्रश्न 3: इन संपत्तियों का क्या किया जाएगा?
    इनकी नीलामी कर राशि पीड़ित बैंकों को दी जाएगी।

    📌 प्रश्न 4: मेहुल चोकसी कहां है?
    चोकसी फिलहाल भगोड़ा घोषित है और विदेश में छिपा है।

  • मालाड ईस्ट में युवक गिरफ्तार, देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद

    मालाड ईस्ट में युवक गिरफ्तार, देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद

    मुंबई के मालाड ईस्ट में पुलिस ने एक युवक को बिना लाइसेंस देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी पुणे का रहने वाला है। पुलिस ने उस पर महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

    मुंबई: मालाड ईस्ट के कुरार इलाके में पुलिस ने तलाशी अभियान के दौरान एक 30 वर्षीय युवक को बिना लाइसेंस वाली देसी पिस्टल (कट्टा) और एक जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान फैसल शेख के रूप में हुई है, जो पुणे का रहने वाला बताया जा रहा है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना 3 दिसंबर 2025 की है। कुरार पुलिस की टीम शांति नगर स्लम, पिंप्रिपाड़ा इलाके में नियमित पेट्रोलिंग पर थी। उसी दौरान संदिग्ध हरकत और तेज चाल में चलते देख पुलिस ने फैसल शेख को रोका।

    जांच के दौरान उसके पास से एक देसी कट्टा और एक लाइव कारतूस मिला, जिसकी कीमत पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार लगभग ₹15,500 बताई जा रही है।

    🔹 पुलिस की कार्रवाई

    आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर थाने लाया गया और उसके खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि:

    • हथियार उसे कहां से मिला?
    • क्या वह हथियार बेचने आया था या किसी वारदात की तैयारी में था?
    • क्या आरोपी किसी गैंग या अपराधी गिरोह से जुड़ा है?

    पुलिस अधिकारी का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।


    🔹 FAQ सेक्शन

    Q. आरोपी कहां पकड़ा गया?
    ➡ मालाड ईस्ट के शांति नगर स्लम, पिंप्रिपाड़ा में पुलिस पेट्रोलिंग के दौरान।

    Q. आरोपी के पास क्या मिला?
    ➡ एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस।

    Q. आरोपी पर कौन सा केस दर्ज हुआ?
    ➡ महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है।

    Q. क्या आरोपी किसी गैंग से जुड़ा है?
    ➡ इसकी जांच पुलिस कर रही है, अभी पुष्टि नहीं हुई है।

  • POCSO केस में बड़ी राहत: 8 साल जेल में रहने के बाद आरोपी बरी

    POCSO केस में बड़ी राहत: 8 साल जेल में रहने के बाद आरोपी बरी

    मालाड (ईस्ट), मुंबई में POCSO एक्ट के तहत बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार 56 वर्षीय व्यक्ति को अदालत ने सबूतों की कमी के चलते 8 साल बाद बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा— मेडिकल और बयान में भारी विरोधाभास है।

    मुंबई: मलाड ईस्ट इलाके में POCSO एक्ट के तहत एक 17 वर्षीय युवती से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार 56 साल के आरोपी को स्पेशल POCSO कोर्ट ने 8 साल बाद बरी कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पीड़िता का बयान अस्पष्ट है और मेडिकल रिपोर्ट उससे मेल नहीं खाती, इसलिए आरोपी को दोषी साबित नहीं किया जा सकता। इसके साथ अदालत ने आदेश दिया कि आरोपी को तुरंत रिहा किया जाए, अगर उस पर कोई और केस लंबित न हो।

    🔹 मामला क्या था?

    यह पूरा मामला 23 अगस्त 2017 को मालाड ईस्ट के कुरार इलाके का है। आरोप था कि एक 56 साल का शख्स, जो पीड़िता का पड़ोसी था, कथित रूप से घर में घुसकर लड़की के साथ यौन शोषण किया और बाद में उसके परिवार को धमकाया। अगले ही दिन यानी 24 अगस्त 2017 को लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई और आरोपी को IPC की धारा 376 (रेप), 452 (घर में घुसना), 506 (धमकी देना) और POCSO एक्ट की धाराओं में गिरफ्तार कर लिया गया।

    🔹 कोर्ट में क्या हुआ?

    मामले की सुनवाई N.D. खोसे की अदालत में चल रही थी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि:

    • पीड़िता का बयान साफ और समझ में आने लायक नहीं था।
    • उसने घटना की सही जानकारी विस्तार में नहीं बताई।
    • उसकी मेडिकल रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की यौन हिंसा का प्रमाण नहीं मिला।

    कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसे विरोधाभासों के साथ आरोपी को दोषी ठहराना कानून के खिलाफ है क्योंकि POCSO एक्ट में आरोपी को दोषी साबित करना prosecution की ज़िम्मेदारी होती है।

    🔹 अदालत का फैसला क्या कहता है?

    जज ND खोसे ने कहा:

    “प्रॉसिक्यूशन आरोपी का अपराध साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। सबूत बहुत कमज़ोर हैं और संदेह से परे अपराध साबित नहीं होता।”

    अदालत ने यह भी नोट किया कि पीड़िता मानसिक रूप से मध्यम स्तर की बौद्धिक विकलांगता (Moderate Intellectual Disability) से पीड़ित थी, जिससे उसका बयान अदालत के मानकों पर खरा नहीं उतर पाया।

    🔹 आरोपी की रिहाई

    फैसले के बाद अदालत ने जेल प्रशासन को साफ निर्देश दिया कि:

    “अगर आरोपी किसी और केस में वांछित नहीं है तो उसे तुरंत रिहा किया जाए।”

    56 वर्षीय आरोपी पहले ही लगभग 8 साल जेल में बिताकर चुका है, जबकि सुनवाई जारी थी।


    FAQs Section

    Q1: आरोपी को कितने साल बाद जमानत नहीं बल्कि बरी किया गया?
    ➡ आरोपी को लगभग 8 साल बाद कोर्ट ने सबूतों की कमी के चलते बरी किया।

    Q2: केस किस आधार पर कमजोर माना गया?
    ➡ पीड़िता के बयान में स्पष्टता नहीं थी और मेडिकल रिपोर्ट में यौन हमले के निशान नहीं मिले।

    Q3: क्या आरोपी तुरंत रिहा होगा?
    ➡ हाँ, अगर उसके खिलाफ कोई दूसरा मामला दर्ज नहीं है तो उसे तुरंत रिहा किया जाएगा।

  • NCP नेता नोवेल साल्वे पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर धरना शुरू

    NCP नेता नोवेल साल्वे पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर धरना शुरू

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के पूर्व राज्य सचिव नोवेल साल्वे पर उल्हासनगर में हुए हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में धरना प्रदर्शन शुरू।

    मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के पूर्व महाराष्ट्र स्टेट सेक्रेटरी नोवेल साल्वे पर हुए कथित हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में धरना आंदोलन शुरू हो गया है। साल्वे का आरोप है कि उल्हासनगर में 9 जून को उन पर हमला हुआ, जिसके बाद पुलिस ने सही कार्रवाई नहीं की और अब वह न्याय की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।

    🔹 हमला कैसे हुआ?

    जानकारी के मुताबिक, 9 जून की शाम नोवेल साल्वे उल्हासनगर कैंप-3, सेक्शन 17 के रास्ते से गुजर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि कुछ लोग एक बुजुर्ग सिंधी व्यक्ति को पीट रहे हैं। साल्वे ने बीच-बचाव करने की कोशिश की लेकिन उन लोगों में से एक ने पीछे से बांस लेकर साल्वे पर हमला कर दिया।

    हमले के बाद साल्वे की हालत बिगड़ गई, उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया और उन्हें कार्डियक अटैक आया। स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल आनंद हॉस्पिटल पहुंचाया।

    🔹 परिवार ने की पुलिस से शिकायत

    घटना के तुरंत बाद साल्वे की पत्नी और बेटे ने उल्हासनगर के सेंट्रल पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज करवाई। लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने:

    • आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की
    • बाेले के बयान दर्ज किए बिना ही केस दर्ज कर दिया
    • जांच में जानबूझकर लापरवाही बरती

    🔹 आनंद अस्पताल से आजाद मैदान तक आंदोलन

    अपनी हालत सुधरने के बाद साल्वे ने सोमवार को मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन शुरू किया है। उन्होंने कहा:

    “जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे और पुलिस की मिलीभगत पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन रुकेगा नहीं।”

    🔹 साल्वे की स्थिति गंभीर थी, हुआ ओपन हार्ट सर्जरी

    हमले के बाद स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि साल्वे की ओपन हार्ट सर्जरी करानी पड़ी। उनका कहना है कि इस हमले का सीधा असर उनकी सेहत पर पड़ा है और जिम्मेदार लोग आज भी खुले घूम रहे हैं।

    🔹 मांगें क्या हैं?

    नोवेल साल्वे ने महाराष्ट्र सरकार और पुलिस प्रशासन से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:

    1. हमले में शामिल आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी हो
    2. जांच में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई
    3. केस की सुनवाई तेजी से की जाए

    FAQ सेक्शन:

    Q1: आंदोलन कहां हो रहा है?
    ➡ आंदोलन मुंबई के आजाद मैदान में चल रहा है।

    Q2: हमला कब हुआ था?
    ➡ हमला 9 जून 2025 को उल्हासनगर में हुआ था।

    Q3: आरोपी अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुए?
    ➡ साल्वे का आरोप है कि पुलिस आरोपियों को बचा रही है और ठोस कार्रवाई नहीं कर रही।

    Q4: साल्वे की सेहत पर क्या असर हुआ?
    ➡ हमले के बाद उन्हें हार्ट अटैक आया जिसके कारण उनकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई।

  • 16 लाख का मेडिकल फ्रॉड: मशीनों की जगह भेज दिया प्लाइवुड

    16 लाख का मेडिकल फ्रॉड: मशीनों की जगह भेज दिया प्लाइवुड

    मुंबई की एक बिजनेसवुमन को 16 लाख रुपए में मेडिकल मशीन की जगह प्लाइवुड भेजने वाला वडोदरा का कारोबारी गिरफ्तार। मालाड पुलिस ने आरोपी को पकड़ा।

    मुंबई: शहर में एक चौंकाने वाला फ्रॉड सामने आया है, जहां वडोदरा के एक कारोबारी ने 48 वर्षीय बिजनेसवुमन को 16 लाख रुपए में मेडिकल मशीन भेजने का वादा किया लेकिन बॉक्स खोलने पर अंदर सिर्फ प्लाइवुड और कार्डबोर्ड निकला। शिकायत के बाद मालाड पुलिस ने आरोपी निशांत मेहता को गिरफ्तार कर लिया है और उसे कोर्ट में पेश करने के बाद तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया।

    पूरी खबर विस्तार में (मुंबई की बोलचाल वाली भाषा में):

    🔹 कैसे शुरू हुआ यह मामला?

    यह मामला मुंबई के मलाड इलाके का है। पीड़िता प्रीति पवार, जो गोरगांव-मुलुंड लिंक रोड पर मेडिकल सर्विस सेंटर चलाती हैं, अपने सेंटर के लिए Colon Hydrotherapy Machine और Infrared Sauna System जैसी एडवांस हेल्थकेयर मशीनें खरीदना चाहती थीं। उन्होंने इंटरनेट पर खोजकर Nexorth Orthopedic Pvt Ltd नाम की कंपनी ढूंढी, जो गुजरात के वडोदरा में रजिस्टर्ड बताई गई।

    🔹 पहले भरोसा, फिर धोखा

    प्रीति ने कंपनी के मालिक बताए गए डॉ. निशांत मेहता से फोन पर बात की। डील कन्फर्म करने से पहले उन्होंने वडोदरा में अपने जानकार को कंपनी ऑफिस भेजकर वहां की जांच भी करवाई। सब कुछ सही लगने पर उन्होंने:

    • ₹1 लाख एडवांस
    • ₹1,19,250 चेक
    • ₹7,01,600 बैंक लोन
    • और कुल मिलाकर ₹16 लाख ट्रांसफर कर दिए।

    🔹 ड्रामा शुरू — एक्सीडेंट की स्टोरी और फर्जी स्लिप

    17 नवंबर को निशांत ने फोन करके कहा कि मशीनों वाला वाहन एक्सीडेंट में नुकसान पहुंचा है, इसलिए देर होगी। जब पीड़िता को शक हुआ और पैसे वापस मांगे गए, तो उसने नकली ट्रांजैक्शन स्लिप भेज दी।

    पीड़िता ने जब बैंक में चेक जमा किया तो वह चेक भी बाउंस हो गया।

    🔹 अंत में प्लाइवुड वाला पार्सल!

    कुछ दिनों बाद आरोपी ने कहा कि वह एक नया सेट भेज रहा है। लेकिन जब बॉक्स खुला — अंदर मशीन नहीं बल्कि प्लाइवुड और कार्डबोर्ड मिला।

    🔹 पुलिस एक्टिव — गिरफ्तारी और कस्टडी

    5 दिसंबर को पीड़िता ने मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। जांच में सारे तथ्य सही पाए गए और फिर पुलिस ने आरोपी निशांत मेहता को गिरफ्तार कर लिया

    मालाड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण ने बताया कि आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।


    FAQ Section

    Q1: आरोपी ने क्या धोखा दिया था?
    ➡ मशीन की जगह उसने बॉक्स में प्लाइवुड और कार्डबोर्ड भेजा।

    Q2: कुल धोखाधड़ी की रकम कितनी है?
    ➡ करीब ₹16 लाख।

    Q3: आरोपी को कब गिरफ्तार किया गया?
    ➡ 5 दिसंबर को शिकायत और जांच के बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

    Q4: आरोपी अभी कहां है?
    ➡ अभी वह पुलिस कस्टडी में तीन दिन के रिमांड पर है।

  • मालवनी का कुख्यात ज़ाकिर डॉट कॉम गिरफ्तार, महिला से दुष्कर्म और धमकी का आरोप

    मालवनी का कुख्यात ज़ाकिर डॉट कॉम गिरफ्तार, महिला से दुष्कर्म और धमकी का आरोप

    मालाड के मालवनी इलाके में हफ्ता वसूली और प्रॉपर्टी कब्जे के मामलों में फरार कुख्यात आरोपी ज़ाकिर डॉट कॉम को पुलिस ने देर रात गिरफ्तार किया। महिला ने दुष्कर्म और ब्लैकमेल का आरोप लगाया।

    मुंबई: मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में लंबे समय से फरार चल रहा और कई गंभीर अपराधों में शामिल कुख्यात आरोपी ज़ाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी पर दुष्कर्म, ब्लैकमेल, हफ्ता वसूली, जबरन वसूली, किडनैपिंग और प्रॉपर्टी कब्जा जैसे कई संगीन आरोप दर्ज हैं।

    पुलिस ने शनिवार देर रात गुप्त सूचना के आधार पर दबिश देकर उसे उसके ही ठिकाने से गिरफ्तार किया। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी को 10 दिसंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

    🔶 पीड़िता ने बताई दर्दनाक कहानी

    पीड़ित महिला, जिसकी उम्र लगभग 35 वर्ष है, आरोपी के गैरकानूनी कारोबार चलने वाले ऑफिस में सफाई का काम करती थी। महिला ने बताया कि उसे एक कानूनी मामले में मदद की जरूरत थी, और आरोपी ने खुद को पुलिस सिस्टम से जुड़ा दिखाकर भरोसा दिलाया।

    धीरे-धीरे आरोपी ने महिला के विश्वास का फायदा उठाया और करीबियां बनाईं। आर्थिक तंगी को देखकर आरोपी ने घर में राशन भी भरवाया। लेकिन उसी भरोसे का गलत इस्तेमाल करते हुए उसने ऑफिस में महिला के साथ बलात्कार किया।

    पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी ने उसका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और लगातार दुराचार करता रहा।

    🔶 2022 से चल रहा था मामला — 2025 में गिरफ्तार

    घटना साल 2022 की है लेकिन महिला ने डर और धमकियों की वजह से शिकायत दर्ज नहीं करवाई थी। जैसे-जैसे आरोपी के खिलाफ 2025 की शुरुआत से ही एक के बाद एक नए केस दर्ज होते गए, महिला ने हिम्मत जुटाई और शिकायत दर्ज करवाई।

    आरोपी लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार था। यहां तक कि अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका भी खारिज हो चुकी थी।

    🔶 पुलिस की गुप्त कार्रवाई

    सूत्रों के अनुसार, जैसे ही पुलिस को पता चला कि आरोपी मालवनी स्थित घर में छिपा है, टीम ने बिना समय गंवाए शनिवार रात रेड मारी और उसे गिरफ्तार कर लिया।

    इस कार्रवाई में मालवनी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शैलेंद्र नागरकर और क्राइम डिटेक्शन के पीआई जीवन भातकुले की अहम भूमिका रही।


    FAQ सेक्शन


    Q1: ज़ाकिर डॉट कॉम कौन है?
    ज़ाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम मालवनी का कुख्यात अपराधी है, जिसके खिलाफ हफ्ता वसूली, किडनैपिंग, अवैध कब्जा और दुष्कर्म जैसे कई मामले दर्ज हैं।


    Q2: उसकी गिरफ्तारी कैसे हुई?
    पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ज़ाकिर अपने ही घर में छिपा है। रात में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया।


    Q3: पीड़ित महिला कौन है?
    35 वर्षीय महिला आरोपी के ऑफिस में सफाई का काम करती थी और उसी दौरान आरोपी ने उसका शोषण किया।


    Q4: आरोपी अभी कहाँ है?
    उसे कोर्ट में पेशी के बाद 10 दिसंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

  • Mumbai: तीन फर्जी पुलिस गिरफ्तार, 2 करोड़ 24 लाख का सोना बरामद

    Mumbai: तीन फर्जी पुलिस गिरफ्तार, 2 करोड़ 24 लाख का सोना बरामद

    मुंबई के मुलुंड में 71 वर्षीय बुजुर्ग से फर्जी पुलिस बनकर 2 करोड़ 24 लाख का सोना ठगने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार। CCTV और तकनीकी जांच से 24 घंटे में पूरा सोना बरामद।

    मुंबई: मुलुंड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन ऐसे ठगों को गिरफ्तार किया है जो खुद को पुलिस अधिकारी बताकर एक 71 वर्षीय बुजुर्ग से ₹2,24,000 के सोने के गहने ठगकर फरार हो गए थे। पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई के चलते घटना के 24 घंटे के भीतर पूरा चोरी किया गया सोना बरामद कर लिया है

    🔍 घटना कैसे हुई?

    यह घटना 2 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक पीड़ित बुजुर्ग जटाशंकर डोसा रोड, मुलुंड वेस्ट के पास स्थित अतिथि होटल के पास अपने व्यक्तिगत काम से आए थे। इसी दौरान तीन अज्ञात लोग उनके पास पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताया।

    उन्होंने बुजुर्ग को “सुरक्षा जांच” के नाम पर गले की चेन और दो सोने की अंगूठियां हटाने को कहा और मौका देखकर वहां से फरार हो गए।

    🎥 CCTV फुटेज ने खोला राज

    शिकायत दर्ज होने के बाद मुलुंड पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले। जांच में एक संदिग्ध की गतिविधि कैमरे में कैद मिली, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान की और जानकारी के लिए मरिन ड्राइव पुलिस स्टेशन से संपर्क किया, जहां आरोपी पहले भी ऐसी वारदात में पकड़ा जा चुका था।

    🚓 तकनीकी जांच और कमाल की तेजी में तीनों सलाखों के पीछे

    • सबसे पहले पुलिस की टीम मीरा रोड (ईस्ट) पहुंची, जहां पहला आरोपी तौफीक मोफिद सिद्दीकी (41) पकड़ा गया।
    • पूछताछ में उसने बताया कि चोरी किए गए गहने उसके साथी के पास हैं जो वसई (ईस्ट) में है।
    • पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस का इस्तेमाल करते हुए उसी रात दूसरे आरोपी सिमोन गैब्रियल गोंसाल्वेस (63) को गिरफ्तार किया।
    • इसके बाद टीम कुर्ला (ईस्ट) पहुंची और तीसरे आरोपी मोहम्मद शरीफ मुनिर अहमद सिद्दीकी (52) को भी हिरासत में लिया।

    पुलिस ने तीनों से 100% चोरी किया गया सोना बरामद कर लिया है।

    ⚖ कानूनी कार्रवाई

    तीनों आरोपियों पर धारा 318(4), 204 और 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट ने उन्हें 6 दिसंबर 2025 तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

    🏷 मुख्य आरोपी और उनके पते:

    आरोपी का नामउम्रक्षेत्र
    तौफीक मोफिद सिद्दीकी41मीरा रोड (ईस्ट)
    सिमोन गैब्रियल गोंसाल्वेस63वसई (ईस्ट)
    मोहम्मद शरीफ मुनिर अहमद सिद्दीकी52कुर्ला (ईस्ट)

    ❓ FAQ SECTION

    Q1. क्या आरोपी पहले भी अपराध में शामिल थे?
    हाँ, एक आरोपी पर पहले भी मेरिन ड्राइव पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है।

    Q2. क्या पूरा चोरी किया गया सोना वापस मिल गया?
    हाँ, पुलिस ने 24 घंटे में पूरा ₹2,24,000 का सोना बरामद कर लिया।

    Q3. क्या पीड़ित सुरक्षित हैं?
    हाँ, पीड़ित पूरी तरह सुरक्षित हैं और पुलिस आगे की जांच कर रही है।

    Q4. आरोपियों को कितने दिन की कस्टडी मिली है?
    कोर्ट ने तीनों को 6 दिसंबर 2025 तक पुलिस कस्टडी में भेजा है।

  • मालवनी में 72 लाख की कोकीन बरामद, नाइजीरियन ड्रग पैडलर गिरफ्तार

    मालवनी में 72 लाख की कोकीन बरामद, नाइजीरियन ड्रग पैडलर गिरफ्तार

    मुंबई के मालवनी इलाके में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 180 ग्राम कोकीन जब्‍त की। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 72 लाख बताई जा रही है। आरोपी नाइजीरियन नागरिक गिरफ्तार, एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज।

    मुंबई: मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 180 ग्राम कोकीन के साथ एक नाइजीरियन ड्रग सप्लायर को गिरफ्तार किया है। बरामद ड्रग्स की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹72 लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपी बिना पासपोर्ट और वीजा के भारत में रुका हुआ था।

    यह कार्रवाई मालवणी पुलिस स्टेशन के निगरानी पथक ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर की

    🔹 कैसे हुआ ऑपरेशन?

    दिनांक 04 दिसंबर की शाम करीब 7 बजे पुलिस को एक सीक्रेट इनपुट मिला कि विदेशी नागरिक ड्रग्स की सप्लाई के लिए मालवनी इलाके में आने वाला है। जानकारी की पुष्टि के बाद पुलिस की टीम ने मौके पर जाल बिछाया और आरोपी को घेरकर हिरासत में लिया।

    पंचों की मौजूदगी में की गई तलाशी में आरोपी के पास से सफेद पाउडर मिला, जिसकी जांच में वह कोकीन (Cocaine) निकली।

    🔹 आरोपी की पहचान

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान इस प्रकार है:

    नामउम्रराष्ट्रीयता
    मोनाची अगवू उर्फ ओलिवर जे अगवू (Munachi Agwu @ Oliverj Agwu)27 वर्षनाइजीरिया

    🔹 ड्रग की वैल्यू और मात्रा

    • जब्त मात्रा: 180 ग्राम कोकीन
    • अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य: ₹72,00,000/-
    • प्रति ग्राम कीमत: ₹40,000/-

    यह मात्रा कमर्शियल क्वांटिटी (Commercial Quantity) के अंतर्गत आती है, जो NDPS कानून में गंभीर अपराध माना जाता है।

    🔹 पुलिस अब क्या जांच रही है?

    पुलिस अब यह पता लगा रही है:

    • आरोपी ड्रग सप्लाई कहाँ से लाता था?
    • मुंबई में किसे देने वाला था?
    • क्या उसके अन्य साथी भी मौजूद हैं?
    • वह बिना वीजा-पासपोर्ट भारत में कैसे आया?

    🔹 आरोपी पर दर्ज केस

    उसके खिलाफ मालवणी पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 1500/2025 दर्ज किया गया है
    🎯 NDPS Act 1985 की धारा:

    • 8(c)
    • 21(c)

    के अंतर्गत मुकदमा दर्ज है।

    🔹 किन अधिकारियों ने ऑपरेशन लीड किया?

    यह कार्रवाई निम्न अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई:

    • मा. शशीकुमार मिना — अपर पोलीस आयुक्त (उत्तर विभाग)
    • मा. संदीप जाधव — डीसीपी, परिमंडल 11
    • मा. निता पाडवी — एसीपी, मालवणी विभाग
    • मा. शैलेंद्र नगरकर — वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक
    • पीएसआई डॉ. दीपक हिंडे व निगरानी पथक

    ❓ FAQ सेक्शन


    Q1. आरोपी के पास से कितनी कोकीन मिली?
    ✔ 180 ग्राम, जिसकी कीमत लगभग ₹72 लाख है।


    Q2. आरोपी किस देश का है?
    ✔ आरोपी नाइजीरिया का रहने वाला है।


    Q3. आरोपी को किस कानून के तहत गिरफ्तार किया गया?
    ✔ NDPS Act 1985 की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया।


    Q4. क्या आरोपी के पास पासपोर्ट या वीजा था?
    ✔ नहीं, पुलिस के अनुसार उसके पास कोई वैध डॉक्यूमेंट नहीं मिला।