Category: Police Action

  • मुंबई में एग्जाम पेपर लीक, फर्जी पहचान पत्र देकर छात्र को परीक्षा में बैठाने का आरोप

    मुंबई में एग्जाम पेपर लीक, फर्जी पहचान पत्र देकर छात्र को परीक्षा में बैठाने का आरोप

    मुंबई के बोरीवली में एग्जाम पेपर लीक का मामला सामने आया है। एक ट्यूशन टीचर ने 14 साल के छात्र को फर्जी पहचान से गणित की परीक्षा में बैठाया। पुलिस ने FIR दर्ज की है।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी में परीक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक सामने आई है। बोरीवली की एक ट्यूशन टीचर पर आरोप है कि उसने 14 साल के छात्र को फर्जी पहचान के साथ परीक्षा में बैठाया और उससे गणित का प्रश्नपत्र लीक करवाया। मामला सामने आने के बाद बोरीवली पुलिस ने टीचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    📚 किस परीक्षा में हुआ फर्जीवाड़ा?

    यह मामला एक प्रतिष्ठित मैथ्स फोरम द्वारा आयोजित की जाने वाली मैथ्स प्रॉफिशिएंसी एग्जाम से जुड़ा है।
    यह परीक्षा हर साल
    👉 कक्षा 5, 7 और 8 के छात्रों के लिए आयोजित की जाती है।

    परीक्षा के लिए:

    • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है
    • फीस जमा करनी होती है
    • उम्मीदवार को हॉल टिकट दिया जाता है

    🏫 गोराई परीक्षा केंद्र पर कैसे खुला राज?

    रविवार को बोरीवली के गोराई स्थित परीक्षा केंद्र पर

    • दोपहर 12 से 2 बजे तक परीक्षा थी
    • चार कमरों में 139 छात्र परीक्षा दे रहे थे

    करीब 1:30 बजे एक कमरे के सुपरवाइजर को
    👉 एक छात्र की हरकतें संदिग्ध लगीं
    👉 वह बार-बार प्रश्नपत्र लेकर वॉशरूम जा रहा था

    तलाशी लेने पर:

    • छात्र के पास मोबाइल फोन मिला
    • मोबाइल में व्हाट्सएप ग्रुप पर दोपहर 12 बजे से प्रश्नपत्र भेजे जा रहे थे

    📱 “राखी बहन” को भेज रहा था पेपर!

    फोन चेक करने पर छात्र ने दावा किया कि
    👉 वह प्रश्नपत्र अपनी “राखी बहन” को भेज रहा है

    लेकिन जब उसकी जानकारी ली गई तो:

    • हॉल टिकट पर नाम फर्जी निकला
    • माता-पिता के फोन नंबर गलत थे
    • स्कूल का नाम भी झूठा बताया
    • जन्मतिथि बताने से इनकार कर दिया

    इसके बाद केंद्र के प्रिंसिपल छात्र को लेकर सीधे बोरीवली पुलिस स्टेशन पहुंचे।

    👩‍🏫 पुलिस स्टेशन पहुंची ‘मां’, निकली ट्यूशन टीचर

    पुलिस स्टेशन में एक महिला पहुंची और
    👉 खुद को छात्र की मां बताने लगी

    लेकिन जब पुलिस ने

    • आधार कार्ड या पहचान पत्र मांगा
      तो वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सकी।

    जांच में खुलासा हुआ कि:

    • छात्र मालाड के एक स्कूल में कक्षा 9 में पढ़ता है
    • महिला उसकी ट्यूशन टीचर है
    • वह गणित और अंग्रेजी पढ़ाती थी

    🚔 टीचर ने रची पूरी साजिश

    पुलिस के मुताबिक:
    👉 ट्यूशन टीचर ने ही छात्र को
    👉 फर्जी पहचान से परीक्षा में बैठने को कहा
    👉 और प्रश्नपत्र बाहर भेजने की योजना बनाई

    चौंकाने वाली बात यह है कि
    ❗ छात्र के माता-पिता को इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं थी

    ⚖️ पुलिस की कार्रवाई

    बोरीवली पुलिस ने

    • परीक्षा में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया है
    • मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है
    • व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड की जांच जारी है

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि
    👉 क्या पहले भी इस तरह से परीक्षा में धांधली की गई है।

    ⚠️ शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

    इस घटना ने

    • परीक्षा केंद्र की सुरक्षा
    • पहचान जांच की प्रक्रिया
      पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि
    👉 ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई
    👉 और तकनीकी निगरानी जरूरी है।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मामला कहां का है?
    👉 मुंबई के बोरीवली इलाके का।

    Q2. छात्र की उम्र कितनी है?
    👉 14 साल।

    Q3. किस परीक्षा का पेपर लीक हुआ?
    👉 मैथ्स प्रॉफिशिएंसी एग्जाम।

    Q4. आरोपी कौन है?
    👉 छात्र की ट्यूशन टीचर।

  • Borivali के ज्वेलर से ₹1.60 करोड़ की ठगी, नकली गोल्ड बार देकर आरोपी फरार

    Borivali के ज्वेलर से ₹1.60 करोड़ की ठगी, नकली गोल्ड बार देकर आरोपी फरार

    मुंबई के Borivali में एक ज्वेलर से नकली सोने की ईंटें देकर ₹1.60 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। एलटी मार्ग पुलिस ने हैदराबाद के ज्वेलर समेत दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में रहने वाले एक ज्वेलर के साथ ₹1.60 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नकली गोल्ड बार देकर असली सोना हड़पने वाले दो आरोपी फिलहाल फरार हैं। एलटी मार्ग पुलिस ने धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

    💎 Borivali के ज्वेलर के साथ कैसे हुई ठगी?

    पीड़ित ज्वेलर का नाम अजय धरमजी वाया है, जो बोरीवली में “कृषा आर्ट” नाम से ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग का कारोबार करते हैं।
    अजय लंबे समय से सुरेश वैष्णव नाम के सप्लायर से सोना खरीदते थे, जो हैदराबाद का रहने वाला बताया जा रहा है।

    🤝 भरोसे का खेल और नई पहचान

    पिछले साल अक्टूबर महीने में सुरेश वैष्णव ने अजय वाया की पहचान रामलाल गुर्जर से करवाई।
    गुर्जर ने सस्ते और फायदे वाले गोल्ड डील्स का लालच दिया।

    शुरुआत में:

    • एक लेन-देन सही तरीके से हुआ
    • असली गोल्ड बार दिए गए
    • भरोसा मजबूत हो गया

    इसी भरोसे के चलते आगे बड़ा सौदा किया गया।

    📦 21 अक्टूबर का सौदा, फिर 25 दिसंबर की ठगी

    • 21 अक्टूबर को अजय ने
      👉 1.8 किलो सोने के मंगलसूत्र रामलाल को भेजे
      👉 बदले में असली गोल्ड बार मिले
    • लेकिन 25 दिसंबर को
      👉 अजय ने 2,045 ग्राम सोने के गहने, कीमत करीब ₹1.60 करोड़,
      👉 सुरेश वैष्णव के जरिए होटल में एक्सचेंज के लिए भेजे

    होटल में वैष्णव ने दो गोल्ड बार दिए,
    लेकिन जांच में वे पूरी तरह नकली निकले।

    📵 ठगी का खुलासा और आरोपियों का फरार होना

    जैसे ही अजय वाया को ठगी का एहसास हुआ,
    उन्होंने सुरेश वैष्णव और रामलाल गुर्जर से संपर्क करने की कोशिश की।

    लेकिन:

    • दोनों के मोबाइल फोन बंद थे
    • दोनों गायब हो चुके थे

    इसके बाद अजय ने तुरंत एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

    👮 पुलिस की कार्रवाई और जांच

    एलटी मार्ग पुलिस ने

    • धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज किया है
    • दोनों आरोपी फरार हैं
    • पुलिस यह भी जांच कर रही है कि
      👉 कहीं इसी तरह से अन्य ज्वेलर्स को भी निशाना तो नहीं बनाया गया

    ⚠️ ज्वेलर्स कारोबारियों के लिए चेतावनी

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक,
    इस तरह के मामलों में आरोपी पहले

    • छोटी और सही डील करते हैं
    • भरोसा जीतते हैं
    • फिर बड़ी रकम या सोने पर हाथ साफ करते हैं

    ज्वेलर्स को लेन-देन के दौरान
    👉 सोने की तुरंत जांच
    👉 लिखित समझौते
    👉 भरोसेमंद चैनल का ही इस्तेमाल
    करने की सलाह दी गई है।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. ठगी की रकम कितनी है?
    👉 करीब ₹1.60 करोड़ (2,045 ग्राम सोना)।

    Q2. आरोपी कौन हैं?
    👉 सुरेश वैष्णव (ज्वेलर/सप्लायर) और रामलाल गुर्जर।

    Q3. मामला कहां दर्ज हुआ है?
    👉 एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन, मुंबई।

    Q4. क्या आरोपी पकड़े गए हैं?
    👉 नहीं, दोनों फिलहाल फरार हैं।

  • 16 साल बाद टूटी खामोशी: मुंबई की मूक-बधिर महिला ने यौन शोषण का केस दर्ज कराया

    16 साल बाद टूटी खामोशी: मुंबई की मूक-बधिर महिला ने यौन शोषण का केस दर्ज कराया

    मुंबई की एक मूक-बधिर महिला ने 2009 में हुए यौन शोषण का मामला 16 साल बाद पति की मदद से दर्ज कराया। आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी।

    मुंबई: एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां मूक और बधिर महिला ने 16 साल पहले हुए यौन शोषण के खिलाफ आखिरकार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। साल 2009 में, जब वह नाबालिग थी, एक जन्मदिन पार्टी के दौरान उसे नशीला पदार्थ देकर शोषण किए जाने का आरोप है। परिवार से उस वक्त मदद नहीं मिली, लेकिन अब पति के सहयोग से उसने हिम्मत जुटाई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

    Silence-broken-after-16-years-Mumbai-deaf-and-mute-woman-files-sexual-assault-case-news

    2009 की घटना, नाबालिग थी पीड़िता

    पीड़िता के अनुसार, साल 2009 में वह अपने एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में गई थी। वहीं उसकी मुलाकात आरोपी से हुई। आरोप है कि आरोपी ने उसके पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिलाया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसी हालत में उसके साथ यौन शोषण किया गया।

    जब पीड़िता को होश आया तो उसने खुद को गंभीर हालत में पाया और खून बह रहा था। किसी तरह वह घर पहुंची और परिवार को पूरी बात बताई।

    परिवार से नहीं मिला साथ, शिकायत दबा दी गई

    पीड़िता का कहना है कि उसने उसी समय पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की इच्छा जताई थी, लेकिन परिवार का समर्थन नहीं मिला। सामाजिक दबाव, डर और संवाद की कठिनाई के चलते मामला दबा दिया गया।
    मूक-बधिर होने के कारण वह अपनी पीड़ा किसी से ठीक से साझा भी नहीं कर सकी।

    पति का सहारा, 16 साल बाद दर्ज हुई FIR

    समय बीतने के साथ पीड़िता की शादी हुई। पति को जब पूरी घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने उसे कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। पति की मदद से पीड़िता ने पुलिस से संपर्क किया और आखिरकार एफआईआर दर्ज कराई गई।

    आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल से मिले आपत्तिजनक वीडियो

    शिकायत के बाद मालाड़ पूर्व की कुरार पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और मामले को वाकोला पुलिस स्टेशन ट्रांसफर कर दिया, क्योंकि घटना वाकोला पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में हुई थी।

    आरोपी का मोबाइल फोन जब्त करने पर पुलिस को कई महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो मिले। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने वीडियो कॉल के दौरान बिना सहमति रिकॉर्डिंग की और बाद में ब्लैकमेलिंग भी की।

    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस मामले में और पीड़िताएं तो शामिल नहीं हैं।

    विरार का मिलताजुलता मामला भी उजागर

    इसी बीच, मुंबई पुलिस ने एक और बड़े मामले में विरार से महेश रमेश पवार (45) नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है।
    आरोप है कि उसने 10 से ज्यादा लड़कियों को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ देकर शोषण किया, अश्लील वीडियो बनाए और बाद में उन्हें ब्लैकमेल किया।

    इस आरोपी को भी कुरार पुलिस की डिटेक्शन टीम ने पकड़ा है।


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1: घटना कब हुई थी?
    👉 साल 2009 में, जब पीड़िता नाबालिग थी।

    Q2: शिकायत दर्ज कराने में 16 साल क्यों लगे?
    👉 परिवार के सहयोग की कमी और संवाद की कठिनाइयों के कारण मामला दब गया था।

    Q3: आरोपी को किस पुलिस ने गिरफ्तार किया?
    👉 कुरार पुलिस ने गिरफ्तारी की, बाद में केस वाकोला पुलिस को सौंपा गया।

    Q4: क्या आरोपी के खिलाफ और मामले हो सकते हैं?
    👉 मोबाइल से मिले वीडियो के आधार पर पुलिस को कई और पीड़िताओं की आशंका है।

  • 2025 में खरीदा कार लेकिन 2023 का कैसे मिला चालान? मुंबई के ई-चालान सिस्टम पर सवाल

    2025 में खरीदा कार लेकिन 2023 का कैसे मिला चालान? मुंबई के ई-चालान सिस्टम पर सवाल

    मुंबई के कांदीवली निवासी को 2025 में खरीदी कार पर 2023 का हेलमेट चालान मिला। इस अजीब मामले ने ट्रैफिक पुलिस के ई-चालान सिस्टम की बड़ी खामियों को उजागर किया।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई शहर में ई-चालान सिस्टम की एक चौंकाने वाली गलती सामने आई है। कांदीवली के रहने वाले एक स्कूल प्रिंसिपल को ऐसी कार पर हेलमेट न पहनने का चालान भेजा गया, जो उन्होंने चालान काटने के करीब दो साल बाद शो रूम से नई कार खरीदी की थी। मामला सामने आने के बाद अब ट्रैफिक पुलिस के डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    कार खरीदी 2025 में, चालान आया 2023 का

    कांदीवली निवासी राजेश यादव, जो पेशे से स्कूल प्रिंसिपल हैं, ने बताया कि उनके परिवार ने महिंद्रा XUV कार 14 फरवरी 2025 को खरीदी थी। लेकिन अक्टूबर 2025 में उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ई-चालान का मैसेज आया, जिसमें 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

    जब उन्होंने चालान की जानकारी खोली, तो हैरान रह गए। चालान की तारीख थी 5 जून 2023, यानी उस वक्त उनकी कार अस्तित्व में ही नहीं थी।

    Why-did-I-buy-a-car-in-2025-but-get-an-invoice-for-2023-Questions-about-Mumbai-e-challan-system-kandivali

    हेलमेट चालान और फोटो में दिखी बाइक

    राजेश यादव ने बताया कि चालान में लिखा था कि हेलमेट नहीं पहनने का अपराध किया गया है। उन्होंने मज़ाकिया लहजे में कहा,
    “एक पल के लिए मुझे लगा कि शायद अब कार चलाने वालों को भी हेलमेट पहनना पड़ेगा।”

    लेकिन जब उन्होंने चालान के साथ अटैच की गई तस्वीर देखी, तो उसमें साफ तौर पर दो लोगों की बाइक नजर आ रही थी, जिनमें से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। तस्वीर में दिख रहा वाहन उनकी कार से बिल्कुल अलग था।

    स्पीडिंग चालान सही थे, लेकिन ये मामला अलग

    यादव ने बताया कि अगस्त 2025 में वह अपनी मां को कोस्टल रोड के रास्ते बॉम्बे हॉस्पिटल ले जा रहे थे। उस दौरान उन्हें ओवरस्पीडिंग के दो चालान मिले थे, जिन्हें उन्होंने बिना किसी विवाद के तुरंत भर दिया।

    लेकिन अक्टूबर में आया यह हेलमेट चालान न सिर्फ गलत था, बल्कि कार के रजिस्ट्रेशन से पहले का था, इसलिए उन्होंने इसे भरने से इनकार कर दिया।

    ट्रैफिक विभाग ने माना “मानवीय गलती”

    ट्रैफिक विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह चालान असल में एक दोपहिया वाहन चालक के खिलाफ जारी किया गया था।
    वाहन नंबर में समानता होने की वजह से यह चालान गलती से राजेश यादव के मोबाइल नंबर पर चला गया।

    अधिकारी के मुताबिक,
    “यह मानवीय त्रुटि है। वाहन मालिक MTP ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कर चालान रद्द करवा सकता है।”

    ई-चालान सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

    इस घटना के बाद नागरिकों का कहना है कि कम से कम चालान भेजने से पहले यह तो जांच होनी चाहिए कि वाहन दोपहिया है या चारपहिया। बिना बुनियादी जांच के भेजे जा रहे चालान आम लोगों को मानसिक परेशानी और समय की बर्बादी का कारण बन रहे हैं।

    Timeline: पूरा मामला एक नज़र में

    • 📅 कथित अपराध की तारीख: 5 जून 2023
    • 🚗 कार खरीदने की तारीख: 14 फरवरी 2025
    • 📲 चालान मिलने की तारीख: 21 अक्टूबर 2025

    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1: क्या कार पर हेलमेट चालान लगाया जा सकता है?
    👉 नहीं, हेलमेट चालान केवल दोपहिया वाहनों पर लागू होता है।

    Q2: इस मामले में गलती किसकी थी?
    👉 ट्रैफिक विभाग के अनुसार, यह मानवीय गलती और नंबर मैचिंग की वजह से हुआ।

    Q3: गलत चालान मिलने पर क्या करें?
    👉 MTP ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कर चालान रद्द कराया जा सकता है।

    Q4: क्या चालान भरना जरूरी है?
    👉 नहीं, अगर चालान गलत है तो पहले स्पष्टीकरण लें।

  • दहिसर में क्राइम ब्रांच अफसर बनकर उगाही, 50 हजार मांगते पकड़ा गया युवक

    दहिसर में क्राइम ब्रांच अफसर बनकर उगाही, 50 हजार मांगते पकड़ा गया युवक

    मुंबई के दहिसर में क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर 50 हजार रुपये की उगाही करने की कोशिश करने वाला 27 वर्षीय युवक पुलिस के हत्थे चढ़ा। पीड़ित परिवार नकली ज्वेलरी का काम करता है।

    मुंबई: दहिसर इलाके में खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर एक परिवार से 50 हजार रुपये की उगाही करने की कोशिश करने वाले 27 वर्षीय युवक को दहिसर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने नकली ज्वेलरी का घरेलू काम करने वाले परिवार को केस में फंसाने की धमकी दी थी। शक होने पर पीड़ित दंपति ने पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा गया।

    घरेलू काम को बताया अवैध, केस दर्ज करने की दी धमकी

    पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता 35 वर्षीय महिला व्यवसायी है, जो हैंडमेड इमिटेशन ज्वेलरी का काम करती है। वह अपने पति, दो बेटियों और पश्चिम बंगाल से आए तीन कारीगरों के साथ अरविंद चतुर्वेदी चाल, गणेश नगर, रावलपाड़ा (दहिसर पूर्व) में किराए के मकान में रहती है।

    8 दिसंबर की शाम करीब 6 बजे, आरोपी उनके घर पहुंचा और खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए कहा कि वे लोग रिहायशी कमरे में अवैध व्यावसायिक गतिविधि चला रहे हैं। उसने परिवार को केस दर्ज करने की धमकी दी और मामला “सेट” करने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की।

    आधार कार्ड और पर्स से पैसे लेकर बढ़ाया दबाव

    पीड़िता को शुरुआत में आरोपी की बातों पर भरोसा हो गया। उसने आरोपी को ज्वेलरी के सैंपल तक दिखाए। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर महिला के पर्स से 300 रुपये निकाल लिए और उसके पति का मूल आधार कार्ड भी अपने पास रख लिया।

    इसके बाद आरोपी ने आदेश दिया कि रात 9 बजे तक हाइवे पर हनुमान मंदिर जंक्शन पर पूरे पैसे लेकर पहुंचें, नहीं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    शक हुआ तो पहुंचे पुलिस के पास, आरोपी गिरफ्तार

    जब महिला का पति तय जगह पर आरोपी से मिला, तो उसने खुद को चंद्रेश पाठक बताते हुए फिर से पैसे की मांग दोहराई। इस दौरान दंपति को पूरे मामले पर शक हुआ और उन्होंने सीधे दहिसर पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत मिलते ही पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपी को उगाही, आपराधिक धमकी और सरकारी अधिकारी बनकर धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

    अन्य मामलों की भी जांच जारी

    दहिसर पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी को बोरीवली महानगर दंडाधिकारी अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपी ने इससे पहले भी इसी तरह अन्य घरों या कारोबारियों को निशाना तो नहीं बनाया।


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1: आरोपी ने खुद को किस विभाग का अधिकारी बताया था?
    👉 क्राइम ब्रांच का अधिकारी।

    Q2: कितनी रकम की उगाही की मांग की गई थी?
    👉 50,000 रुपये।

    Q3: घटना किस इलाके में हुई?
    👉 रावलपाड़ा, दहिसर पूर्व, मुंबई।

    Q4: आरोपी के खिलाफ कौन-कौन से आरोप लगे हैं?
    👉 उगाही, आपराधिक धमकी और सरकारी अधिकारी का रूप धारण करना।

  • मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड (वेस्ट) में खुदाई के दौरान सोना मिलने का झांसा देकर 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले इंटर-स्टेट गैंग को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया। गुजरात और पालघर से आरोपियों की धरपकड़, 15.45 लाख रुपये बरामद।

    मुंबई: जमीन की खुदाई के दौरान सोने के आभूषण मिलने का झांसा देकर मालाड इलाके में 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर इंटर-स्टेट गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। मुंबई पुलिस ने गुजरात और पालघर से इस गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है। मामले में अब तक 15.45 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। यह ठगी नवंबर के अंत से दिसंबर की शुरुआत के बीच की गई थी।

    Inter-state-gang-arrested-for-fake-gold-fraud-worth-Rs-25-lakh-in-Malad-news

    खुदाई में सोना मिलने का झांसा देकर ठगी

    पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता दिनेश मेहता (51), जो मालाड (वेस्ट) के सोमवारी बाजार स्थित अंकुर बिल्डिंग में रहते हैं, उनसे मुख्य आरोपी बाबूलाल भालाराम वाघेला (55) ने संपर्क साधा।
    आरोपी ने खुद को राजस्थान से जुड़ा बताते हुए राजस्थानी भाषा में बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया। उसने दावा किया कि नासिक में एक मंदिर के पीछे खुदाई के दौरान करीब 900 ग्राम सोने के आभूषण मिले हैं

    नमूना दिखाकर बनाया विश्वास

    आरोपी ने या तो आभूषण बेचने में मदद करने या सीधे बेचने का प्रस्ताव दिया। भरोसा दिलाने के लिए उसने कुछ पीले धातु के मोती नमूने के तौर पर दिए, जो जांच में असली सोना निकले। इसी भरोसे में आकर दिनेश मेहता ने 25 लाख रुपये नकद दे दिए और आभूषण अपने पास ले लिए।

    जौहरी की जांच में निकला नकली सोना

    कुछ समय बाद जब इन आभूषणों को जौहरी को दिखाया गया, तो वे पूरी तरह नकली पाए गए। ठगी का अहसास होते ही शिकायतकर्ता ने मालाड पुलिस से संपर्क किया।
    इसके बाद 5 दिसंबर 2025 को मालाड पुलिस स्टेशन में क्राइम रजिस्टर नंबर 883/25 के तहत मामला दर्ज किया गया।

    कानूनी धाराएं और जांच

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है।
    जांच के दौरान क्राइम डिटेक्शन टीम ने मालाड और कांदिवली (ईस्ट) सहित कई इलाकों के 100 से ज्यादा सरकारी और निजी CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।

    CCTV, कॉल डिटेल और चाल-ढाल से पहचान

    हालांकि CCTV फुटेज साफ नहीं थी, लेकिन पुलिस ने

    • शरीर की बनावट
    • चलने की चाल (gait analysis)
    • कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल डंप डेटा

    के आधार पर आरोपियों की पहचान की। लगातार तीन दिनों की मेहनत के बाद पुलिस को सफलता मिली।

    गुजरात और विरार से गिरफ्तारियां

    जांच में कुल पांच आरोपियों की पहचान हुई।

    • मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला को कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से गिरफ्तार किया गया।
    • उसके घर की तलाशी में 15.45 लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।
    • उसकी पत्नी कोकुबाई वाघेला (50) की भूमिका सामने आने पर उन्हें BNS की धारा 35(3) के तहत नोटिस दिया गया है।

    इसके बाद विरार (ईस्ट) से तीन अन्य आरोपी—
    मंगलाराम वागरी, केसराराम वागरी और भवरलाल वागरी—को गिरफ्तार किया गया।

    राजस्थान से जुड़े, पेशे से फोटो फ्रेम बनाने वाले आरोपी

    पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी मूल रूप से राजस्थान के जालोर जिले के रहने वाले हैं और अलग-अलग राज्यों में घूम-घूमकर ऐसी ठगी करते हैं।
    गिरफ्तार आरोपी पेशे से फोटो फ्रेम बनाने का काम करते हैं। मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला के खिलाफ गुजरात के कालोल तालुका और साबरमती पुलिस स्टेशन में पहले से भी ठगी के मामले दर्ज हैं।

    एक आरोपी फरार, तलाश जारी

    इस केस में गोविंद (उम्र करीब 30 वर्ष) नाम का एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
    बरामद रकम के अलावा बाकी पैसे और अन्य संपत्ति की रिकवरी की प्रक्रिया जारी है।

    पुलिस अधिकारियों की भूमिका

    इस पूरे मामले की जांच एपीआई अभिजीत काले और दीपक रैवाडे कर रहे हैं, जो वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण के मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. ठगी की रकम कितनी थी?
    25 लाख रुपये नकद।

    Q2. अब तक कितनी रकम बरामद हुई है?
    15.45 लाख रुपये।

    Q3. मुख्य आरोपी कहां से गिरफ्तार हुआ?
    कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से।

    Q4. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    चार आरोपी गिरफ्तार, एक फरार।

    Q5. कौन-सी धाराओं में केस दर्ज है?
    BNS की धारा 316(2), 318(4) और 3(5)।

  • मुंबई में 4 नए पुलिस स्टेशन और 2 नए ज़ोन को मिली मंज़ूरी

    मुंबई में 4 नए पुलिस स्टेशन और 2 नए ज़ोन को मिली मंज़ूरी

    मुंबई की बढ़ती आबादी और अपराध को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने 4 नए पुलिस स्टेशन, 2 नए डीसीपी ज़ोन और 3 एसीपी डिविज़न को मंजूरी दी है। 1,448 नए पद और ₹130 करोड़ से ज्यादा का बजट स्वीकृत।

    मुंबई: शहर में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। 12 दिसंबर 2025 को गृह विभाग द्वारा जारी शासन निर्णय के तहत मुंबई पुलिस कमिश्नरेट में 4 नए पुलिस स्टेशन, 2 नए डीसीपी ज़ोन और 3 नए एसीपी डिविज़न बनाए जाएंगे। इस फैसले से न सिर्फ पुलिस की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि बढ़ती आबादी, ट्रैफिक और अपराध पर नियंत्रण भी आसान होगा।

    मुंबई में अभी कितने पुलिस स्टेशन हैं?

    फिलहाल मुंबई में कुल 100 पुलिस स्टेशन कार्यरत हैं, जिनमें शामिल हैं—

    • 93 स्थानीय पुलिस स्टेशन
    • 2 तटीय पुलिस स्टेशन (गोराई और माहिम)
    • 5 साइबर पुलिस स्टेशन

    अब सरकार ने इस नेटवर्क में 4 नए पुलिस स्टेशन जोड़ने की मंजूरी दे दी है।

    कहां-कहां बनेंगे नए पुलिस स्टेशन

    सरकार द्वारा स्वीकृत नए पुलिस स्टेशन और उनका क्षेत्राधिकार इस प्रकार है:

    1. महाराष्ट्र नगर पुलिस स्टेशन

    • क्षेत्र: भांडुप और पार्कसाइट पुलिस स्टेशन से अलग किया गया इलाका

    2. गोलिबार पुलिस स्टेशन

    • क्षेत्र: वाकोला और निर्मल नगर पुलिस स्टेशन से विभाजित इलाका

    3. मड-मार्वे पुलिस स्टेशन

    • क्षेत्र: मालवनी पुलिस स्टेशन के कुछ हिस्से

    4. आसलफा पुलिस स्टेशन

    • क्षेत्र: घाटकोपर और साकीनाका पुलिस स्टेशन से पुनर्गठन

    इन नए थानों से स्थानीय नागरिकों को नजदीक पुलिस सहायता मिलेगी और शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी।

    1,448 नए पद और ₹130 करोड़ से ज्यादा का बजट

    चारों नए पुलिस स्टेशनों के लिए सरकार ने—

    • 1,448 नए पद स्वीकृत किए हैं
    • ₹124.13 करोड़ का वार्षिक (रिकरिंग) खर्च
    • ₹7.39 करोड़ का एकमुश्त (नॉन-रिकरिंग) खर्च मंजूर किया है

    यह खर्च संबंधित वित्तीय वर्ष के बजट से पूरा किया जाएगा।

    2 नए डीसीपी ज़ोन और 3 एसीपी डिविज़न

    पुलिस प्रशासन को और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने—

    • 2 नए डीसीपी ज़ोन
    • 3 नए एसीपी डिविज़न

    को भी मंजूरी दी है।
    इसके तहत—

    • डीसीपी ज़ोन के लिए 34 नए पद
    • एसीपी डिविज़न के लिए 30 नए पद

    स्वीकृत किए गए हैं।
    इस पर ₹6.24 करोड़ का वार्षिक और ₹83.95 लाख का एकमुश्त खर्च आएगा।

    क्यों लिया गया यह फैसला?

    सरकार के मुताबिक—

    • मुंबई की तेज़ी से बढ़ती आबादी
    • शहर का लगातार हो रहा विस्तार
    • ट्रैफिक दबाव और अपराध के बढ़ते मामले

    इन सभी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। नए पुलिस स्टेशन और ज़ोन बनने से पेट्रोलिंग बेहतर होगी और अपराध नियंत्रण मजबूत होगा।

    प्रस्ताव कैसे हुआ मंजूर?

    यह प्रस्ताव मुंबई पुलिस आयुक्त द्वारा भेजा गया था।

    • 11 नवंबर 2025 को हुई उच्चस्तरीय सचिव समिति की बैठक में इस पर चर्चा हुई
    • इसके बाद गृह विभाग ने 12 दिसंबर 2025 को शासन निर्णय जारी कर मंजूरी दी

    FAQ सेक्शन

    Q1: मुंबई में कितने नए पुलिस स्टेशन बनाए जाएंगे?
    मुंबई में 4 नए पुलिस स्टेशन बनाए जाएंगे।

    Q2: किन इलाकों को फायदा मिलेगा?
    भांडुप, पार्कसाइट, वाकोला, निर्मल नगर, मालवणी, मड-मार्वे, घाटकोपर और साकीनाका क्षेत्र।

    Q3: कुल कितने नए पद स्वीकृत हुए हैं?
    कुल 1,448 नए पद पुलिस स्टेशनों के लिए और 64 पद डीसीपी-एसीपी संरचना के लिए।

    Q4: इस पर कितना खर्च आएगा?
    करीब ₹130 करोड़ से ज्यादा का खर्च आएगा।

    Q5: इससे आम नागरिकों को क्या फायदा होगा?
    तेज़ पुलिस रिस्पॉन्स, बेहतर पेट्रोलिंग और अपराध नियंत्रण।

  • Malad में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, विदेशियों को बैन दवाइयां बेचने वाले 5 गिरफ्तार

    Malad में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, विदेशियों को बैन दवाइयां बेचने वाले 5 गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड स्थित चिनचोली बंदर में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस ने छापा मारकर पाँच लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपी विदेशों में बैन दवाओं की सप्लाई का झांसा देकर भारी रकम वसूल रहे थे। पुलिस ने IT Act, BNS और टेलीग्राफ एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    मुंबई: मालाड इलाके में बांगुर नगर पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी एक अवैध कॉल सेंटर चलाकर अमेरिका सहित कई देशों के ग्राहकों को बैन दवाइयां भेजने का दावा करते थे और उनसे भारी रकम वसूलते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IT Act और नई दंड संहिता (BNS) की कई धाराओं में केस दर्ज किया है।

    Malad में चल रहा था अवैध कॉल सेंटर, विदेशी ग्राहकों को बनाया जा रहा था निशाना

    मुंबई के चिंचोली बंदर, मालाड स्थित एक ऑफिस में यह फर्जी कॉल सेंटर ऑपरेट किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपी खुद को विदेशी ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर विदेशी ग्राहकों से संपर्क करते थे।

    वे ग्राहक को कहते थे कि उनके लिए ऐसी दवाइयां उपलब्ध हैं जो आमतौर पर बैन हैं या ऑनलाइन बेचना गैरकानूनी है। इसी बहाने उनसे डॉलर में भुगतान भी ले लिया जाता था।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

    पुलिस के अनुसार पकड़े गए पाँच आरोपी—

    • अयूब शेख (30)
    • फैजान भलीम (27)
    • फारुख शेख (29)
    • मोइन अहमद शेख (32)
    • ज़ीशान नासिर अंसारी (22)

    ये सभी मिलकर लंबे समय से ये फर्जीवाड़ा चला रहे थे।
    ये सभी मिलकर अमेरिका सहित कई देशों के लोगों को फंसाकर लाखों की ठगी कर रहे थे।

    कैसे करते थे ठगी? पुलिस ने खोला पूरा खेल

    • संदिग्ध वेबसाइट या डेटा के जरिए विदेशी ग्राहकों तक पहुँच बनाना
    • खुद को इंटरनेशनल ऑनलाइन फार्मेसी का अधिकारी बताना
    • मेडिकल कंसल्टेशन का झांसा देना
    • “बैन मेडिसिन उपलब्ध” कहकर ऑनलाइन पेमेंट वसूलना
    • पैसे लेने के बाद उत्पाद न भेजना

    यह पूरा नेटवर्क फार्मा से जुड़े अवैध कारोबार + साइबर फ्रॉड का कॉम्बिनेशन था।

    कौन-कौन सी धाराओं में केस दर्ज?

    बांगुर नगर पुलिस ने मामला दर्ज किया है—

    • BNS की धाराएँ 318(4), 319(2), 3(5)
    • IT Act 2000 की धाराएँ 66(A), 66(D), 75
    • Indian Telegraph Act की धारा 20

    पाँचों आरोपियों को 15 दिसंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

    मालाड और मुंबई में बढ़ते साइबर फ्रॉड को लेकर पुलिस अलर्ट

    इस तरह के कॉल सेंटर लगातार मुंबई के कई इलाकों में पकड़े जा रहे हैं। विदेशी ग्राहकों को निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि—

    • वे दवाओं की कीमत ज़्यादा चुकाते हैं
    • वे शिकायत भारत में दर्ज नहीं करा पाते
    • वेरिफिकेशन की प्रक्रिया मुश्किल होती है

    पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े और लोगों की तलाश कर रही है।


    FAQ सेक्शन

    1. क्या गिरफ्तार कॉल सेंटर वास्तव में दवाइयां सप्लाई करता था?

    नहीं, आरोपी सिर्फ भुगतान लेते थे और बाद में उत्पाद नहीं भेजते थे। यह पूरा रैकेट फर्जीवाड़ा था।

    2. क्या ग्राहकों को किसी तरह की मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन की सुविधा दी जाती थी?

    वे खुद को इंटरनेशनल फार्मेसी बताकर नकली कंसल्टेशन की बात करते थे, जो पूरी तरह अवैध था।

    3. क्या इस रैकेट में और लोग शामिल हो सकते हैं?

    पुलिस के अनुसार यह एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है, जिसकी जाँच जारी है।

    4. क्या विदेशी ग्राहक भारत में केस दर्ज कर सकते हैं?

    तकनीकी रूप से हाँ, लेकिन शिकायत प्रक्रिया जटिल होने के कारण अक्सर ठगी की रिपोर्ट नहीं होती।

  • बलात्कार और दुष्कर्म मामले में कुख्यात ज़ाकिर डॉट कॉम गिरफ्तार, लेकिन बेटा फरार

    बलात्कार और दुष्कर्म मामले में कुख्यात ज़ाकिर डॉट कॉम गिरफ्तार, लेकिन बेटा फरार

    मालवनी में हफ्ता वसूली और प्रॉपर्टी कब्जे के मामलों में कुख्यात ज़ाकिर डॉट कॉम को दुष्कर्म केस में गिरफ्तार किया गया। पीड़िता ने उसके बेटे आमीर पर भी जबरन छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। पुलिस आरोपी बेटे की तलाश में छापेमारी कर रही है।

    मुंबई: मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात ज़ाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम को पुलिस ने एक महिला के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पहले से हफ्ता वसूली, प्रॉपर्टी कब्जा, धमकी और किडनैपिंग जैसी कई धाराओं में केस दर्ज हैं। पीड़िता ने गिरफ्तारी के बाद उसकी संलिप्तता और भी उजागर की तथा उसके बेटे आमीर हुसैन सैय्यद पर भी जबरन छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज कराया है। ज़ाकिर के हिरासत में आने के बाद बेटा फरार हो गया।

    कई मामलों में वांछित आरोपी ज़ाकिर डॉट कॉम की गिरफ्तारी

    मालवनी पुलिस के हाथ आखिरकार वह आरोपी लग गया जो वर्षों से कानून की पकड़ से बचता फिर रहा था। ज़ाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम अपराध जगत में जाना-पहचाना नाम है। उस पर हफ्ता वसूली, प्रॉपर्टी कब्जा, मारपीट, धमकी, जबरन वसूली, किडनैपिंग और अलग-अलग धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। दुष्कर्म के इस नए केस के बाद उसकी आपराधिक फाइल और भी लंबी हो गई है।

    कानूनी मदद के बहाने नज़दीकी बढ़ाई, फिर ऑफिस में किया दुष्कर्म

    पीड़िता 32 वर्षीय महिला ने मालवनी पुलिस को बताया कि उसे एक कानूनी मामले में किसी की मदद चाहिए थी। आरोपी ने खुद को पुलिस सिस्टम से जुड़ा बताया और भरोसा दिलाया कि वह उसकी मदद कर सकता है। कुछ दिनों में उसने महिला से नज़दीकी बढ़ाई, घर में राशन भिजवाया और आर्थिक परेशानी का फायदा उठाते हुए उसे अपने ऑफिस में बुलाया।
    वहीं उसने महिला के साथ बलात्कार किया। पीड़िता डर के मारे कुछ नहीं बोली और आंसू पोंछकर वहां से निकल आई।

    महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया और उसी का सहारा लेकर उसे ब्लैकमेल करता रहा। लगातार मानसिक और शारीरिक शोषण की वजह से वह ख़ुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रही थी।

    बाप ने चुप कराया तो बेटे की हिम्मत बढ़ी

    पीड़िता के अनुसार, मामला यहीं नहीं रुका।
    एक दिन ज़ाकिर का बेटा आमीर हुसैन सैय्यद नशे की हालत में उसके घर पहुंचा और उसे कहा—
    “मेरे अब्बा के साथ जो तुम्हारा सेक्स रिलेशन चल रहा है, वो मुझे भी चाहिए।”

    इतना कहते ही उसने महिला पर हमला किया और उसकी छाती पकड़ने की कोशिश की। महिला ने पूरी ताकत लगाकर उसे घर से बाहर धक्का दिया। जाते-जाते वह धमकी देकर गया—
    “तेरे को बाद में देखता हूँ।”

    पीड़िता ने पिता को बताया तो मिला धमकी भरा जवाब

    महिला ने जब ज़ाकिर को फोन कर शिकायत की, तो उसने बेटे का बचाव करते हुए कहा—
    “जो भी किया वो नशे में किया। चिल्लम-चिल्ली मत कर… बात वहीं खत्म कर। नहीं तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा।”
    इसके बाद महिला और डर गई और कई महीनों तक शिकायत नहीं कर सकी।

    2022 से जारी शोषण, 2025 में शिकायत

    पीड़िता के मुताबिक,

    • दुष्कर्म 2022 में हुआ
    • बेटे द्वारा छेड़छाड़ और जबरदस्ती 2023 में
      लेकिन आरोपी की दहशत के कारण महिला चुप रही।
      2025 की शुरुआत में ज़ाकिर के खिलाफ कई नए आपराधिक मामले दर्ज होने लगे। इसके बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और FIR दर्ज कराई।

    गुप्त सूचना पर रेड, ज़ाकिर गिरफ्तार—बेटा फरार

    पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने मालवनी स्थित घर में छिपा है।
    सीनियर पीआई शैलेंद्र नागरकर और क्राइम डिटेक्शन पीआई जीवन भातकुले की टीम ने रेड कर आरोपी को दबोच लिया।

    दुष्कर्म मामले में पिता गिरफ्तार हो गया, लेकिन दूसरे FIR दर्ज होते-होते बेटा आमीर फरार हो चुका था।
    अब मालवनी पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।


    FAQ SECTION

    1. ज़ाकिर डॉट कॉम कौन है?

    वह मालवनी क्षेत्र का कुख्यात आरोपी है, जिसके खिलाफ हफ्ता वसूली, प्रॉपर्टी कब्जा, किडनैपिंग और धमकी जैसी कई धाराओं में केस दर्ज हैं।

    2. पीड़िता ने क्या आरोप लगाए हैं?

    पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने कानूनी मदद के बहाने भरोसा जीता, दुष्कर्म किया, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और लगातार शोषण करता रहा।

    3. बेटे पर क्या आरोप है?

    ज़ाकिर के बेटे आमीर पर जबरन छेड़छाड़, हमला और धमकी देने का आरोप है। पीड़िता के अनुसार, उसने “सेक्स रिलेशन” की जबरन मांग की और उस पर हमला किया।

    4. आरोपी कब से फरार था?

    ज़ाकिर 2022 में दुष्कर्म के बाद से ही लगातार पुलिस को चकमा देता रहा। उसकी अग्रिम जमानत भी खारिज हो चुकी थी।

    5. पुलिस ने उसे कैसे पकड़ा?

    पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वह मालवनी स्थित अपने घर में छिपा है। इसके बाद दबिश देकर उसे पकड़ लिया गया।

    6. बेटे की गिरफ्तारी हुई क्या?

    नहीं, बेटा आमीर हुसैन सैय्यद अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

  • मालाड में नाबालिग से छेड़छाड़, रिक्शाचालक गिरफ्तार

    मालाड में नाबालिग से छेड़छाड़, रिक्शाचालक गिरफ्तार

    मालाड में एक नाबालिग छात्रा से रिक्शा के अंदर छेड़छाड़ और जान से मारने की कोशिश करने वाले 54 वर्षीय रिक्शाचालक को पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार किया। पुलिस ने 30 से ज़्यादा CCTV खंगालकर आरोपी को कांदिवली से पकड़ा।

    मुंबई: मालाड में कॉलेज में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ रिक्शा में अश्लील हरकतें करने, गलत रास्ते ले जाने और मदद के लिए चिल्लाने पर उसे चलती रिक्शा से धक्का देकर मारने की कोशिश करने वाले रिक्शाचालक को मालाड पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पूरे कांदिवली वेस्ट इलाके में रिक्शे की तलाश की, लगभग 25–30 CCTV कैमरे खंगाले और आखिरकार आरोपी को उसकी रिक्शा में सोते हुए पकड़ा।

    मालाड में दिन-दहाड़े वारदात, छात्रा को बनाया निशाना

    मालाड के एस.वी. रोड इलाके में सोमवार (08 दिसंबर 2025) को कॉलेज से घर लौटते समय एक नाबालिग लड़की के साथ जो हुआ, उसने इलाके में सनसनी मचा दी। शाम करीब 4 बजे छात्रा ने एस.वी. रोड से ओर्लेम के सुराणा हॉस्पिटल जाने के लिए एक रिक्शा लिया, लेकिन रिक्शाचालक ने पहले उसे सीट बदलने के लिए बोला, फिर सही रास्ते से हटकर गलत दिशा में ले गया।

    रिक्शे के शीशे से अश्लील हरकतें, डरकर छात्रा ने रोकने को कहा

    मालाड़ पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, लड़की दाईं तरफ बैठी थी, तभी आरोपी ने रिक्शे के शीशे से बार-बार उसे देखकर आंख मारी, भौंहें चढ़ाकर अश्लील इशारे किए। डर के मारे छात्रा ने तुरंत रिक्शा रोकने को कहा, लेकिन उसने स्पीड और बढ़ा दी।

    मदद के लिए चिल्लाई तो धमकाया, फिर चलती रिक्शा से धक्का दिया

    जब लड़की ने मदद के लिए चिल्लाना शुरू किया तो आरोपी ने उसे धमकाया। लड़की ने दोबारा चिल्लाया तो आरोपी ने चलती रिक्शा में हाथ से धक्का मारकर उसे सड़क पर फेंक दिया। उस समय सड़क पर गाड़ियां चल रही थीं, यानी उसकी जान जाने की पूरी आशंका थी। धक्का देने के बाद आरोपी भाग निकला।

    नाबालिग ने मां व बहन के साथ दी शिकायत, तुरंत FIR दर्ज

    पीड़िता अपनी मां और बहन के साथ मालाड पुलिस स्टेशन पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बिना देर किए
    FIR नंबर 889/25
    कलम 79, 109 – भारतीय न्याय संहिता 2023 और पॉक्सो की धारा 12
    के तहत केस दर्ज किया।

    पुलिस की कार्रवाई: CCTV की चैकिंग से लेकर इलाके में गश्त

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर क्राइम टीम को निर्देश दिए।

    • करीब 25–30 CCTV कैमरे चेक किए गए
    • फुटेज से रिक्शा का नंबर ट्रेस किया गया
    • रिक्शा की आखिरी लोकेशन कांदिवली वेस्ट मिली

    इसके बाद टीम ने पूरी कांदिवली वेस्ट में मुस्तैदी के साथ खोजबीन शुरू की और कुछ ही घंटों में आरोपी को उसकी रिक्शा में सोते हुए काबू कर लिया गया।

    आरोपी की पहचान

    केशब प्रसाद यादव

    • उम्र – 54 वर्ष
    • पेशा – रिक्शा चालक
    • निवासी – शिवसेना मैदान के पास, लालजी पाड़ा, कांदिवली पश्चिम, मुंबई

    मुंबई पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना

    मालाड पुलिस की टीम ने तेज़ और सटीक कार्रवाई कर नाबालिग को सुरक्षा का भरोसा दिलाया और आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर इलाके में विश्वास पैदा किया।

    वरिष्ठ अधिकारियों—अपर पुलिस आयुक्त शशी कुमार मीना, डीसीपी संदीप जाधव, सहायक पुलिस आयुक्त प्रकाश बागल, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण—के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई सफल रही।

    टीम में शामिल अधिकारी व कर्मचारी:
    सपोनि रायवाडे, पोउनि तुपारे सुखदेवे, पोउनि रफीक गवंडी, और अमलदार सातवसे, गावड, फर्नांडिस, गोंजारी, जाधव, डोईफोड, शेरे, वाघ, बाबर, थोरात।


    FAQ SECTION

    1. घटना कहां हुई?

    यह घटना मालाड पश्चिम के एस.वी. रोड इलाके में हुई, जब नाबालिग छात्रा कॉलेज से घर लौट रही थी।

    2. आरोपी ने नाबालिग के साथ क्या किया?

    रिक्शाचालक ने गलत रास्ते पर ले जाकर शीशे से अश्लील इशारे किए, धमकाया और चलती रिक्शा से धक्का देकर उसे सड़क पर फेंक दिया।

    3. पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा?

    पुलिस ने 25–30 CCTV कैमरे खंगाले, रिक्शा नंबर ट्रेस किया और कांदिवली वेस्ट में खोजबीन कर आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया।

    4. आरोपी के खिलाफ कौन-कौन सी धाराएं लगाई गईं?

    भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 79, 109 और POCSO की धारा 12 लगाई गई है।

    5. पीड़िता की हालत कैसी है?

    छात्रा सुरक्षित है और पुलिस ने तुरंत उसे सुरक्षा का भरोसा दिलाया।