Category: Crime News

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  • 3 बच्चियों का बलात्कारी करने गया महाकुंभ में स्नान, मौत की सजा भी मिली, लेकिन हर बार हुआ रिहा

    3 बच्चियों का बलात्कारी करने गया महाकुंभ में स्नान, मौत की सजा भी मिली, लेकिन हर बार हुआ रिहा

    राजगढ़ पुलिस ने ऐसे सनकी शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसने 22 सालों में हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। तीन बच्चियों से उसने रेप किया। 10 साल की सजा काटकर जब रिहा हुआ तो दुबारा एक बच्ची को हवस का शिकार बना दिया। निचली अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई, लेकिन हाईकोर्ट से सजा खारिज हो गई। अब तीसरी बार फिर उसने एक मासूम बच्ची के साथ रेप किया, जिससे उसकी मौत ही हो गई।

    मध्य प्रदेश: राजगढ़ में एक ऐसा सनकी शख्स है, जिसने 22 सालों में तीन बच्चियों से रेप किया। पहला केस साल 2003 का था। दूसरा केस 2014 और तीसरा 2025 का। इस सनकी शख्स का नाम रमेश सिंह है। रमेश सिंह ने पहले केस में 10 साल जेल की सजा काटी। फिर रिहा होते ही दूसरी बार एक अन्य बच्ची से रेप किया। इस केस में हाईकोर्ट ने उसकी मौत की सजा को खारिज कर दिया। एक बार फिर रिहा होते ही अब उसने एक और बच्ची को हवस का शिकार बनाया, जिसमें उसकी मौत हो गई। इस बार 9 पुलिस स्टेशन के प्रभारियों ने मिलकर 75 पुलिसकर्मियों के साथ 16 अलग-अलग टीमें बनाई और रमेश का पीछा किया तो पता चला कि रमेश महाकुंभ में अपने पाप धोने के लिए स्नान करने गया है। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)

    5 साल की बच्ची का बलात्कार

    जानकारी के मुताबिक, पोलयकला के दाबड़ीपुरा का रहने वाला रमेश सिंह 2003 में शाजापुर जिले के मुबारकपुर गांव में 5 साल की बच्ची के साथ बलात्कार किया था। इस केस में उसे दोषी ठहराया गया और 10 साल की सजा सुनाई गई। लेकिन 2023 में अपनी सजा काट कर रिहा होने के बाद उसने फिर से एक और 8 साल की बच्ची का बलात्कार कर दिया।

    अपहरण और बलात्कार

    2014 में उसने अष्टा (सीहोर) में 8 साल की बच्ची का अपहरण और बलात्कार किया। इस बार निचली अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई। लेकिन 2019 में हाईकोर्ट ने तकनीकी आधार पर फैसले को पलट दिया। इस फैसले ने रमेश को फिर से आजाद घूमने का मौका दिया, जिसके कारण एक और निर्दोष बच्ची को इस हैवान ने अपनी हवस का शिकार बनाया और उसकी मौत हो गई। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)

    बच्ची का रेप के बाद मौत

    1 से 2 फरवरी की रात को नरसिंहगढ़ में 11 साल की मूक-बधिर बच्ची अपने घर से लापता हो गई। अगली सुबह वह झाड़ियों में मिली। उसका शरीर बुरी तरह जख्मी था। मेडिकल जांच में हमले की पुष्टि हुई। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां 8 फरवरी को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में गहन जांच शुरू की। लगभग 46 स्थानों पर लगे 136 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की गई। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)

    महाकुंभ मे स्नान, क्या फिर से हो जाएगा रिहा?

    लाल कलर का शॉल और नीले-काले स्पोर्ट्स शूज पहने एक संदिग्ध को अपराध स्थल के पास घूमते हुए देखा गया और बाद में उसकी पहचान रमेश सिंह के रूप में हुई। एक ऑटो चालक ने पुष्टि करते हुए बताया, कि उसने कुरावर से नरसिंहगढ़ तक उसके ऑटोरिक्शा से सफर किया था। रमेश के भागने के बाद, पुलिस ने उसे प्रयागराज में ट्रैक किया, जहां वह महाकुंभ स्नान के लिए गया था। पुलिस लगातार रमेश को ट्रैक कर रही थी, आखिरकार उसे जयपुर जाने वाली ट्रेन से गिरफ्तार किया गया। इस पीछा करने में 16 पुलिस की टीमें, 75 कर्मियों में 9 पुलिस स्टेशनों के प्रभारी शामिल थे। अब देखना ये होगा कि क्या इस हैवान को कोर्ट सख्त सजा सुनाएगी या फिर कुछ साल की जेल के बाद इसे रिहा कर दिया जाएगा। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)

  • बम्बई हाईकोर्ट ने 65 इमारतों को तोड़ने का फैसला सूनाया, 3500 परिवार होंगे बेघर..

    बम्बई हाईकोर्ट ने 65 इमारतों को तोड़ने का फैसला सूनाया, 3500 परिवार होंगे बेघर..

    Bombay High Court On Kalyan Dombivli Bulldozer Action: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कल्याण डोंबिवली के 65 इमारतों पर एक साथ बुलडोजर चलाने का फैसला सूनाया है। इसमें रहने वाले लगभग 3500 परिवार अब बेघर होने वाले है। क्या है पूरा मामला आईये हम देखते हैं .. (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    Bombay High Court: गार्डन, मैदान और अस्पताल जैसे आरक्षित भूखंड पर अवैध इमारतों का मामला कल्याण, डोंबिवली में खूब गरमाया हुआ है। बम्बई हाईकोर्ट ने मुंबई से सटे कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका अंतर्गत आने वाली 65 इमारतों को तोड़ने का आदेश दे दिया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन एक साथ 65 अवैध इमारतों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी कर रही है। वहीं 3500 परिवार के बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    ये सभी अवैध इमारतें डोंबिवली पूर्व एवं पश्चिम के अलग-अलग भूखंडों में बनाई गई हैं। इनमें 35 भूखंड तो रिज़र्वेशन प्लाट थे जो गार्डन, मैदान और अस्पताल के लिए रिजर्व थे। बिल्डर्स में इन आरक्षित जमीनों पर अवैध इमारतों का निर्माण किया और इन्हें बेच दिया। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    नकली डॉक्यूमेंट के सहारे मिला लोन

    आरोप है कि कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका के अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी परमिशन लेटर बनाए गए और फर्जी नक्शे पास करवाए गए थे। इन फेक डॉक्यूमेंट के सहारे महारेरा अथॉरिटी से रेरा नंबर लेकर बैंक से होम लोन ग्राहकों को दिलवा दिए गए थे। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    कोर्ट में क्या हुआ?

    हाईकोर्ट के फैसले के बाद इमारत में रह रहे लोग बेहद परेशान हो गए हैं। कोर्ट ने जब फैसला सूनाया तब वहां मौजूद सभी फ़्लैट धारकों की आंखों में आंसू थे। सबके हाथ में फ्लैट के कागजात थे, लेकिन फ्लैट्स अब उनके नहीं रहे। अब इन सभी 6500 लोगों का आशियाना छिनने वाला है। इसमें छोटे-छोटे मासूम बच्चे भी हैं। डोंबिवली में एक-दो नहीं, बल्कि 3500 से ज्यादा फ्लैट के मालिक और उनका परिवार दुख और बेसहारों की जिंदगी जीने को मजबूर हो गया है। इनमें पीड़ितों की संख्या 6500 से ज्यादा है। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    कैसे हुआ खुलासा?

    मामला साल 2020 में सामने आया, जब पहली एफआईआर मानपाडा पुलिस थाने में दर्ज हुई। 60 लोगों पर नकली दस्तावेज बनाकर अवैध तरीके 65 इमारतें से बनाने का आरोप लगा। इसी मामले में दूसरी एफआईआर साल 2022 में मानपाडा पुलिस थाने में दर्ज की गई। इस घोटाले की जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया था। जिसके बाद एसआईटी ने जांच कर एक तीसरी एफआईआर कल्याण पुलिस थाने में दर्ज करवाई थी। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

  • Mumbai BMC: कांदिवली एसवी रोड के 30 दुकानें ध्वस्त

    Mumbai BMC: कांदिवली एसवी रोड के 30 दुकानें ध्वस्त

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने कांदिवली पश्चिम में स्वामी विवेकानंद (SV) रोड के चौड़ीकरण से प्रभावित 30 दुकानों को ध्वस्त कर दिया। यह अभियान सड़क की बाधाओं को दूर करने और रोड़ विस्तार करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    मुंबई: मंगलवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) आर/साऊथ विभाग ने कांदिवली पश्चिम में स्वामी विवेकानंद (SV) रोड के चौड़ीकरण से प्रभावित 30 दुकानों को ध्वस्त कर दिया है। यह अभियान सड़क की बाधाओं को दूर करने और रोड़ के विस्तार करने के बीएमसी द्वारा निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। एक मनपा अधिकारी के अनुसार, इस पहल से गोरेगांव और कांदिवली के बीच आवागमन का समय कम होने की उम्मीद है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    बांद्रा से बोरीवली को जोड़ता है SV Road

    एसवी रोड, शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जो बांद्रा से लेकर बोरीवली तक को जोड़ता है। मूल रूप से 90 फुट चौड़ी सड़क के लिए डिज़ाइन किया गया था, अब यह पूरा हिस्सा कई अतिक्रमणों के साथ-साथ व्यापारिक और आवासीय भवनों से भर गया है। खासकर मालाड़ और कांदिवली के बीच एसवी रोड को चौड़ा करने के प्रयास में बीएमसी अधिकारियों को वर्षों से चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    मालाड़ में भीड़ की समस्या

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के एक अधिकारी ने कहा, कि “मालाड़ एसवी रोड़ पर यातायात की भीड़ के कारण अक्सर वाहनों को संकरी और आंतरिक सड़कों पर कई किलोमीटर तक पीछे चलना पड़ता है। सड़क के किनारे कई संरचनाएं 40 से 50 साल पुरानी हैं, जिनमें से कुछ 100 साल से भी अधिक पुरानी हैं।” (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    पोयसर मस्जिद के पास तोड़क कार्यवाही

    अभियान के हिस्से के रूप में, बीएमसी, आर/साउथ वार्ड की टीम ने मंगलवार को 50 मजदूरों, दो जेसीबी और दो डंपरों की सहायता से पोइसर मस्जिद के पास एसवी रोड पर 30 संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया है। एक बीएमसी अधिकारी ने कहा, “इन संरचनाओं की पात्रता पहले ही निर्धारित की जा चुकी है। पात्र दुकानों के मालिकों को क्षेत्र के भीतर वैकल्पिक स्थान की पेशकश की जाएगी। इसके अतिरिक्त, वैकल्पिक स्थान के बजाय इसे पसंद करने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन मुआवजे का प्रावधान भी है।” (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    Mumbai kandivali BMC demolition news
    कांदीवली पश्चिम के पोयसर मस्जिद के पास तोड़क कार्यवाही की तस्वीर

    इस बीच, सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई 90 फीट है, लेकिन कुछ हिस्सों में सड़क केवल 40 से 50 फीट चौड़ी है, जिससे पीक आवर्स के दौरान रुकावटें आती हैं। हाल ही में, बीएमसी ने एसवी रोड को चौड़ा करने के प्रयासों के तहत मालाड़ में लगभग 100 साल पुरानी इमारत को ध्वस्त कर दिया था। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

  • महाराष्ट्र HSC परीक्षा: नालासोपारा में फिजिक्स के पेपर के दौरान डमी कैंडिडेट पकड़ा गया

    महाराष्ट्र HSC परीक्षा: नालासोपारा में फिजिक्स के पेपर के दौरान डमी कैंडिडेट पकड़ा गया

    नालासोपारा के ‘ओम साईं जूनियर कॉलेज’ में बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल विरोधी फ्लाइंग-स्क्वाड (flying squads) ने सरप्राइज दौरा किया। इस दौरान एक डमी कैंडिडेट पेपर देते हुए पकड़ा गया। सूचना के बाद परीक्षा केंद्र को पुलिस में शिकायत दर्ज करने का निर्देश दिया गया।

    मुम्बई: महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MSBSHAE) की उच्चतर माध्यमिक प्रमाणपत्र (HSC) परीक्षा के लगभग एक सप्ताह बाद, सोमवार को मुम्बई डिवीजन के परीक्षा हॉल में नकल का पहला मामला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा के दिन मुम्बई से सटे पालघर जिले के नालासोपारा में परीक्षा के दौरान एक डमी अभ्यर्थी को फिजिक्स (Physics) का पेपर देते हुए पकड़ा गया। राज्य बोर्ड के निर्देश पर परीक्षा केंद्र ने पेल्हार पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है।

    फ्लाइंग स्क्वाड का सरप्राइज दौरा

    यह मामला नालासोपारा के ओम साईं जूनियर कॉलेज (Om Sai Junior College) में बोर्ड एक्जाम्स (Bord exams) के दौरान नकल विरोधी फ्लाइंग-स्क्वाड के सरप्राइज दौरे के दौरान सामने आया। बोर्ड के मुम्बई डिवीजन के अध्यक्ष, राजेंद्र अहिरे ने कहा, “फ्लाइंग-स्क्वाड दौरे के लिए बीना पूर्व सूचना के ऐसे ही किसी भी परीक्षा केंद्रों (Exam Center) का चयन करते हैं। सोमवार को ऐसी ही एक सरप्राइज विज़िट के दौरान, फ्लाइंग-स्क्वाड के सदस्यों ने सुबह के सत्र में आयोजित फिजिक्स के पेपर लिखते हुए एक डमी उम्मीदवार को देखा। इसका पता तब चला जब फ्लाइंग-स्क्वाड के सदस्यों ने अचानक हॉल-टिकट और परीक्षार्थियों की जांच की।”

    जांच क्यों हुई ?

    यह पूछे जाने पर कि क्या पहले से अधिकारियों को गडबडी की सूचना मिली थी? जिसके कारण हॉल टिकट और परीक्षा देने आए उम्मीदवारों की जांच की गई? अहिरे ने कहा, “यह विशेष जूनियर कॉलेज संवेदनशील परीक्षा केंद्रों के रूप में पहचाने गए केंद्रों में से भी नहीं था। यह इस केंद्र में फ्लाइंग-स्क्वाड का एक अचानक सरप्राइज दौरा था और ऐसे दौरों में हॉल-टिकट की जांच भी शामिल होता है।”

    FIR दर्ज कराने का निर्देश

    घटना की सूचना महाराष्ट्र राज्य बोर्ड को दिए जाने के बाद, परीक्षा केंद्र को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पुलिस शिकायत (FIR) दर्ज करने का निर्देश दिया गया। अहिरे ने कहा, ”राज्य बोर्ड द्वारा भी इसको लेकर स्वतंत्र जांच की जाएगी।”

  • Mumbai: 1500 रुपये में 50 ग्राम चावल बेचते हुए बोरीवली पुलिस ने एक किराना दुकानदार को गिरफ्तार किया

    Mumbai: 1500 रुपये में 50 ग्राम चावल बेचते हुए बोरीवली पुलिस ने एक किराना दुकानदार को गिरफ्तार किया

    “चावल” गांजे का कोड वर्ड है जिसे केवल दुकानदार और चुनिंदा ग्राहक ही जानते थे। पुलिस भी सुन कर हैरान हो गई कि 1500 रुपये में 50 ग्राम चावल में ऐसी कौन सी खासियत होगी। (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम के गोराई इलाके से एक किराना स्टोर के दुकानदार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह चावल की आड़ में ड्रग्स बेचने का काम करता था। हालांकि आरोपी एक थर्ड इयर स्टूडेंट हैं और अपने पिता के दुकानदारी में हाथ बटाने का काम करता था। लेकिन 1500 रुपये में 50 ग्राम चावल की किमत ने पुलिस को हैरान कर दिया। जब छापामारी की गई तो मौके से 750 ग्राम गांजा बरामद किया गया। (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)

    चावल की जगह गांजे का इस्तेमाल

    गोराई में एक जनरल स्टोर को 1500 रुपये में 50 ग्राम चावल बेचते हुए पाया गया। यहां चावल का इस्तेमाल खाना पका कर खाने के लिए नही, बल्कि ड्रग्स के व्यापार को छिपाने के लिए किया जा रहा था। ग्राहकों को चावल की जगह चोरी-छिपे गांजा सप्लाई कराया जा रहा था। अवैध संचालन का खुलासा तब हुआ जब बोरीवली पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर दुकान पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान मौके से लगभग 750 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने 21 वर्षीय दुकानदार को गिरफ्तार कर करीब 15 हजार रुपये का गांजा जब्त किया है। (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)

    Mumbai borivali gorai grocery store crime news image

    दुकान कहां पर है ?

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 21 वर्षीय आरोपी की पहचान महिपाल सिंह राठौड़ के रूप में हुई है। मुम्बई पुलिस जोन 11 के पुलिस उपायुक्त आनंद भोइटे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मालोजी शिंदे के मार्गदर्शन में, पुलिस निरीक्षक मिलिंद नागपुरे और पीएसआई परमोद निंबालकर (Atc) के नेतृत्व में एक टीम गठित कर छापेमारी की गई। यह कार्रवाई पिछले सप्ताह बोरीवली पश्चिम के गोराई इलाके में सेक्टर 2, प्लॉट 188, त्र्यंबकेश्वर सोसायटी के एक किराने की दुकान पर की गई। जहां पुलिस की टीम ने दुकान से 7 ग्राम, 20 ग्राम और 50 ग्राम के अलग-अलग पैकेट में कुल 749 ग्राम गांजा बरामद किया। (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)

    पुलिस हिरासत में आरोपी

    एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि “पूछताछ के दौरान, महिपाल सिंह राठौड़ ने खुलासा किया कि वह पिछले एक महीने से अपनी दुकान से गांजा बेच रहा था। एक खरीदार के माध्यम से, उसने एक सप्लायर से संपर्क किया और पिछले महीने में 1 किलो गांजा खरीद कर बेच दिया। 12,000 रुपये से 13,000 रुपये प्रति किलोग्राम उसे मुनाफा मिलने लगा तो उत्साहित होकर, उसने एक और किलोग्राम खरीदा, जिसमें से वह पहले ही लगभग एक चौथाई किलो बेच चुका था। वह इसे 7 ग्राम, 20 ग्राम और 50 ग्राम के छोटे पैकेटों में बांट देता था, जिन्हें क्रमशः 200 रुपये, 500 रुपये और 1,500 रुपये में बेचा जाता था।” (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)

    200 रुपये का चावल

    पुलिस ने यह भी बताया, कि “संदेह से बचने के लिए, लेन-देन कोड शब्दों का उपयोग करके किया जाता था। खरीदार खास कीमतों पर “चावल” की मांगे करते थे। उदाहरण के लिए, 7 ग्राम जिसे चाहिए होता वह ‘200 रुपये के चावल’ की मांग करता। इसी तरह, अन्य मात्राओं के ऑर्डर दिए जाते थे।” आरोपी इन कोड की मांग को समझते हुए, भुगतान एकत्र करता और सावधानी से ड्रग्स के पैकेट सौंप देता। ” (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)

    पुलिस के अनुसार, दूरस्थ शिक्षा (Distance Education) के माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर रहा थर्ड इयर स्टूडेंट राठौड़ अपने पिता की दुकान संभाल रहा था। “राशन और अन्य खाद्य सामग्री बेचने के अलावा, राठौड़ सिगरेट और तंबाकू का भी स्टॉक रखता था। इसके अलावा, वह रोलिंग पेपर (रिज़ला) भी बेचता था, जिसे अक्सर गांजा पीने वाले खरीदते थे। जब भी ग्राहक रोलिंग पेपर खरीदने आते थे, तो वह मजाक में सुझाव देते थे कि गांजा भी बेचना चालू करे।” एक अन्य अधिकारी ने जानकारी में बताया, कि “हमने राठौड़ पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। जहां से पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की अभी और अधिक तहकीकात जारी है।” (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)

  • शिंदे गुट के शिवसेना विधायकों की सुरक्षा में कटौती। साइडलाइन किए जाने का आरोप

    शिंदे गुट के शिवसेना विधायकों की सुरक्षा में कटौती। साइडलाइन किए जाने का आरोप

    महाराष्ट्र में शिवसेना विधायकों की सुरक्षा में कटौती करने का फैसला किया गया है। ऐसे में बीजेपी और शिंदे सेना के बीच मतभेद बढ़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। करीब 25 मौजूदा और पूर्व विधायकों की सुरक्षा में कटौती की जानकारियां प्राप्त हो रही है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    मुम्बई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना शिंदे गुट के करीब 25 मौजूदा और पू्र्व विधायकों की सिक्योरिटी में कौटती करने का फैसला किया गया है। इसको लेकर शिंदे गुट शिवसेना के नेताओं ने नाराजगी भी जाहिर की। उनका कहना है कि देंवेंद्र फडणवीस की अगुआई वाली सरकार में उन्हें साइडलाइन किया जा रहा है। गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने ही पास रखी है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    बता दें कि इससे पहले शिवसेना के 40 और 10 निर्दलीय विधायकों ने शिंदे का समर्थन किया था। इसके बाद शिंदे गुट की शिवसेना ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली। वहीं उद्धव ठाकरे के समर्थकों ने शिवसेना को विभाजित करने के आरोप एकनाथ शिंदे और उनके समर्थकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। कई जगहों पर विरोध का उग्र रूप भी देखा गया। वहीं शिंदे सेना के विधायकों की सुरक्षा के मद्देनजर वाई प्लस सिक्योरिटी मुहैया कराई गई थी। विधायकों को पांच से छह पुलिसकर्मियों के अलावा एक एस्कॉर्ट वाहन भी दिया गया था। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    विधायकों की सुरक्षा में 600 पुलिसकर्मी

    इसके अलावा शिवसेना शिंदे गुट के विधायकों के काफिले के साथ फ्लैशिंग लाइट वाला वाहन भी रहता था। मुम्बई में एक आईपीएस अधिकारी ने कहा, विधायकों की सुरक्षा के लिए करीब 600 पुलिसकर्मियों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में पुलिस के बाकी काम प्रभावित होते हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने फैसला लिया है कि इन विधायकों की सुरक्षा में कटौती की जाएगी। केवल उन शिवसेना विधायकों को इतनी सुरक्षा मिलेगी जो कि मंत्रिपद पर हैं या फिर उनकी जान को खतरा है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    अब मिलेगा सिर्फ एक पुलिसकर्मी

    उन्होंने कहा कि अन्य विधायकों की तरह ही बाकी शिवसेना विधायकों को सुरक्षा के लिए एक पुलिसकर्मी दिया जाएगा। गृह विभाग ने कई अन्य राजनेताओं की सुरक्षा में भी कटौती करने का फैसला किया है। वहीं शिवसेना की प्रवक्ता मनीषा कयांदे ने कहा, कि “कहा जा रहा है, अब चुनौतियां कम हैं इसलिए शिवसेना विधायकों की सुरक्षा भी कम कर दी गई है। लेकिन कुछ लोगों को इसको लेकर शिकायत है।” शिंदे सेना के नेताओं का कहना है, कि “सरकार सोच-समझकर उन्हें साइडलाइन करने के लिए ऐसा कर रही है।” वहीं शिवसेना के दो मंत्री रायगढ़ और नासिक की गार्जियन मिनिस्टरशिप को लेकर भी नाखुश हैं। शिंदे भी देवेंद्र फडणवीस के साथ कई बैठकों में शामिल नहीं हुए। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    तीन महीने के भीतर मतभेद

    एक तरफ सत्ता पक्ष महायुति गठबंधन के शिवेसेना और बीजेपी में इस तरह की दूरियों के कारण आपसी कलह के कयास लगाए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शरद पवार तारीफ कर रहे हैं। वहीं देवेंद्र फडणवीस से शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं ने मुलाकात चर्चाओं का विषय बना हुआ है। बता दें कि महाराष्ट्र के चुनाव में शिवसेना और बीजेपी ने मिलकर बड़ी जीत दर्ज की, लेकिन तीन महीने के भीतर ही दोनों में मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति ने महाराष्ट्र की 288 सीटों में से 230 सीट जीतकर भारी प्रदर्शन के साथ विजय हासिल किया है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    नगरपालिका चुनाव

    हालही के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद अब मुम्बई, पुणे और ठाणे समेत पूरे राज्य मे नगर पंचायत एवं नगरपालिका चुनाव भी बड़े दांव वाली लड़ाई होने वाली है, जिसके लिए राज्यभर में सभी राजनैतिक पार्टियां और उनके कार्यकर्ता कमर कस रहे हैं। हालही में उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना नेताओं ने पिछले ढाई महीने में कम से कम तीन बार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इसके अलावा मुख्यमंत्री से आदित्य ठाकरे ने दो बार, उद्धव ने एक बार मुलाकात की है, जबकि अन्य वरिष्ठ शिवसेना नेताओं ने भी फडणवीस से अलग से मिलने गए। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

  • ठाकरे गुट को लगा और एक बड़ा झटका, मातोश्री के वफादार जितेंद्र जनावाले का इस्तीफ, साजिश का आरोप

    ठाकरे गुट को लगा और एक बड़ा झटका, मातोश्री के वफादार जितेंद्र जनावाले का इस्तीफ, साजिश का आरोप

    उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका, मातोश्री के वफादार नेता राजन साल्वी के बाद जितेंद्र जनावाले ने भी दिया इस्तीफा, अपने खिलाफ साजिश रचने का आरोप.. (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    मुम्बई: राज्य या देश में चुनाव आते ही राजनैतिक उठा पटक शुरू हो जाती है। कोई नाराज़ तो कोई लोभ के चले पाला बदल लेते हैं। लेकिन महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद भी यहां राजनैतिक उठा पटक थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां हर दिन नया ट्विस्ट देखने को मिल रहा है। उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) गुट की शिवसेना को एक के बाद एक बड़े झटके लग रहे हैं। ये झटके कोई और नहीं ठाकरे के पुराने साथी और पार्टी को तोड़ने वाले एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ही दे रहे हैं। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    अब ताज़ा खबर के मुताबिक, बांद्रा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के उपविभाग प्रमुख जितेंद्र जनावाले ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। जितेंद्र जनावाले ने अपने इस्तीफे में आरोप लगाते हुए कहा, कि उन्होंने पिछले छह सालों से कार्यक्षेत्र से बाहर नियुक्ति कर राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई है। इससे पहले मातोश्री के वफादार नेता राजन साल्वी ने इस्तीफा देकर एकनाथ शिंदे गुट के शिवसेना में शामिल हो गए है। जितेंद्र जनावाले के भी एकनाथ की पार्टी में शामिल होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    नजरअंदाज का आरोप

    जितेंद्र जनावाले को एक ऐसे कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है, जो ठाकरे गुट को मशाल चुनाव चिन्ह मिलने के बाद सबसे पहले खुद मशाल लेकर मातोश्री आए थे। जनावाले का कहना है कि विभाग प्रमुख अनिल परब ने उन्हें कार्यक्षेत्र से बाहर रखा था। अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा है कि जानबूझकर उन्हें पार्टी में नजरअंदाज किया जा रहा है और अपनी व्यथा बताने के बावजूद पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की। पत्र में उन्होंने लिखा है कि वह इसलिए इस्तीफा दे रहे हैं क्योंकि उनकी क्षमता के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    राजन साल्वी ने भी किया था अनदेखा का आरोप

    बता दें कि इससे पहले हाल ही में पार्टी के पूर्व विधायक राजन साल्वी ने इस्तीफा दे दिया था। कोंकण में ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता राजन साल्वी ने उपनेता पद से इस्तीफा देकर शिंदे गुट का दामन थाम लिया। वह पिछले 35 सालों से शिवसेना के लिए काम कर रहे थे। कोंकण के रतापुर निर्वाचन क्षेत्र से 2024 का विधानसभा चुनाव हारने वाले तीन बार के विधायक राजन साल्वी ने पार्टी पर अनदेखी करने का आरोप लगाया था वो अपनी उपेक्षा से नाराज थे। इसके बाद राजन साल्वी शिंदे गुट की शिवसेना शामिल हो गए। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उद्योग मंत्री उदय सामंत और कई पार्टी नेताओं की उपस्थिति में वो शिवसेना में शरण ले ली। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    20 और 25 को होगी ठाकरे गुट की बैठक

    इस बीच उद्धव ठाकरे की अगुवाई में ठाकरे गुट के सांसदों की बैठक 20 फरवरी को बुलाई गई है। ऐसे ही 25 फरवरी को विधायकों की बैठक होने जा रही है। माना जा रहा है कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे इस दौरान सांसदों और विधायकों का मार्गदर्शन करेंगे। उद्धव ठाकरे की ओर से यह बैठक तब बुलाई जा रही है जब पार्टी के पूर्व विधायक और कई पदाधिकारी लगातार ठाकरे का साथ छोड़कर शिंदे गुट में शामिल हो रहे हैं। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

  • 3 महीने की बच्ची को पिता ने उतारा मौत के घाट

    3 महीने की बच्ची को पिता ने उतारा मौत के घाट

    मुम्बई के कुर्ला इलाके में एक बेरहम बाप ने अपने ही 3 महिने की बेटी को मौत के घाट उतार दिया है। पत्नी से लड़ाई का गुस्सा बच्ची पर निकाला, जमीन पर पटक कर बच्ची की मौत।

    मुम्बई: कहते हैं, गुस्सा इनसान को हैवान बना देता है। एक ऐसा ही मामला मुम्बई के कुर्ला इलाके से प्रकाश में आ रहा है। यहां कुर्ला के एक 36 वर्षीय बेरोजगार पिता ने पत्नी से झगड़े के बाद गुस्से में अपनी 3 महीने की मासूम बच्ची को जमीन पर पटक कर मार दिया। बच्ची की मौत हो गई है। पुलिस आरोपी पिता को गिरफ्तार कर मामले की तहकीकात कर रही है। (Father killed 3 month old girl)

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पत्नी से हुए झगड़े के बाद आरोपी ने गुस्से में बच्ची को जमीन पर पटक दिया। इससे बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई और खून से लथपथ हो गई। बच्ची की मां ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आंतरिक रक्तस्राव के कारण बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।

    कहां की है घटना?

    पुलिस ने 36 वर्षीय आरोपी परवेज फकरुद्दीन सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। वह अपनी पत्नी और तीन बेटियों के साथ कुर्ला की एलआईजी कॉलोनी में रहता था। उसने अपनी सबसे छोटी बेटी आफिया को जमीन पर पटक कर मार दिया। बच्ची की मां सबा परवेज सिद्दीकी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच कर रही है। (Father killed 3 month old girl)

    घटना की हकीकत क्या है?

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी परवेज पिछले कुछ दिनों से बेरोजगार था। पैसों की तंगी के चलते उसका अपनी पत्नी से अक्सर झगड़ा हुआ करता था। शनिवार दोपहर भी दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही झगड़े में बदल गई। झगड़े के दौरान परवेज ने पत्नी पर हाथ उठाया। उस समय 3 महीने की आफिया मां की गोद में थी। गुस्से में परवेज ने बच्ची को मां की गोद से छीन लिया और बेदर्दी से जमीन पर पटक दिया। (Father killed 3 month old girl)

    डॉक्टरों ने क्या कहा?

    गंभीर रूप से घायल आफिया को आनन-फानन में कुर्ला के भाभा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बच्ची की मौत आंतरिक चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हो गई है। शुरुआती जांच में इस मामले को आकस्मिक मौत माना जा रहा था, लेकिन बच्ची की मां के बयान के बाद शनिवार रात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। (Father killed 3 month old girl)

  • Mumbai: महालक्ष्मी मंदिर का 60 करोड़ रुपये की लागत से होगा नवीनीकरण

    Mumbai: महालक्ष्मी मंदिर का 60 करोड़ रुपये की लागत से होगा नवीनीकरण

    मुम्बई के प्राचीन मंदिरों में से एक महालक्ष्मी मंदिर को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा 60 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया जाने वाला है। इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने धन आवंटित कर दिया था। अब कार्यान्वयन किया जाएगा। जानें मंदिर का इतिहास…  (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    मुम्बई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) जल्द ही महालक्ष्मी मंदिर परिसर सौंदर्यीकरण परियोजना के लिए कार्य आदेश जारी करेगा। इस परियोजना के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मार्च 2024 में 60 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव प्रशासनिक स्वीकृति के लिए नगर आयुक्त के पास है। स्वीकृति मिलते ही कार्य आदेश जारी कर दिया जाएगा। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    मुम्बई के सर्वाधिक प्राचीन धर्मस्थलों में से एक है महालक्ष्मी मंदिर। समुद्र के किनारे बी. देसाई रोड़ पर स्थित यह मंदिर अत्यंत सुंदर, आकर्षक और लाखों लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसे अब राज्य सरकार द्वारा 60 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण कराया जाने वाला है। इसके लिए बीएमसी कमिश्नर के हस्ताक्षर बाक़ी है। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    महालक्ष्मी मंदिर का इतिहास

    मंदिर का इतिहास अत्यंत रोचक है। अंग्रेजों ने जब महालक्ष्मी क्षेत्र को वर्ली क्षेत्र से जोड़ने के लिए ब्रीच कैंडी मार्ग को बनाने की योजना बनाई थी, तब समुद्र की तूफानी लहरों के चलते पूरी योजना खटाई में पड़ गई। उस समय देवी लक्ष्मी एक ठेकेदार रामजी शिवाजी के स्वप्न में प्रकट हुईं और उन्हें समुद्र तल से देवियों की तीन प्रतिमाएँ निकालकर मंदिर में स्थापित करने का आदेश दिया। रामजी ने ऐसा ही किया और ब्रीच कैंडी मार्ग का निर्माण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    मंदिर में तीन देवियों की प्रतिमा

    मंदिर के गर्भगृह में महालक्ष्मी, महाकाली और महा-सरस्वती तीनों देवियों की प्रतिमाएँ एक साथ विद्यमान हैं। तीनों प्रतिमाओं को सोने एवं मोतियों के आभूषणों से सुसज्जित किया गया है। यहाँ आने वाले हर भक्त का यह दृढ़ विश्वास होता है कि माता उनकी हर इच्छा जरूर पूरी करेंगी। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के सूत्रों के अनुसार, सौंदर्यीकरण का काम दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे मंदिर के ऐतिहासिक आकर्षण को बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में सुधार होगा। इसके लिए राज्य सरकार ने धन मुहैया करा दिया है। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    इन कामो को किया जाएगा

    • मंदिर से एक स्काईवॉक बनाया जाएगा
    • पार्किंग से मंदिर तक एक कनेक्टिंग ब्रिज बनाया जाएगा।
    • फुटपाथ और बाक़ी रास्तों को बेहतर बनाया जाएगा।
    • बेहतर आवागमन के लिए स्टॉल को पुनर्गठित किया जाएगा।
    • पैदल यात्रियों की आवाजाही को कुशलतापूर्वक प्रबंधित किया जाएगा।

    लेजर लाइट का इस्तेमाल

    मंदिर के आसपास लेजर लाइटिंग होगी। चूंकि महालक्ष्मी मंदिर एक हेरिटेज स्थल है, इसलिए काम शुरू करने से पहले मुंबई हेरिटेज कमेटी से मंजूरी ली गई। मिट्टी की जांच भी की गई। डिजाइन में मंदिर की पारंपरिक वास्तुकला को संरक्षित किया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए क्षेत्र को बेहतर बनाया जाएगा। यह परियोजना प्रशासनिक मंजूरी के अंतिम चरण में है। बीएमसी कमिश्नर की मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

  • Mumbai News: मुम्बई में तंदूर भट्टियों पर लगी रोक, लाइसेंस होंगा रद्द

    Mumbai News: मुम्बई में तंदूर भट्टियों पर लगी रोक, लाइसेंस होंगा रद्द

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने कोयले से चलने वाले तंदूर भट्टियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। मुम्बई बीएमसी ने इस संबंध में होटलों, रेस्तरां और ढाबों को नोटिस भेजे हैं। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    मुम्बई: बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के आदेश के बाद बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मुम्बई के होटलों, रेस्तरां और ढाबों में तंदूर रोटियां बनाने के लिए तंदूरी भट्टी मे कोयला और लकड़ी के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसा नहीं है कि अब होटलों में आप को तंदूरी रोटी नही मिलेगी। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसके लिए अलग-अलग होटल मालिकों और संचालकों को भट्टियों के विकल्प का सुझाव दिया है। दरअसल बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वयं इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुंबई महानगर पालिका की ओर से इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    BMC का नोटिस जारी

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने इस संबंध में सभी होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों को नोटिस जारी कर दिया है। बीएमसी की इस कार्रवाई पर कुछ होटल मालिकों ने नाराजगी जताई है। कुछ लोगों का कहना है कि लकड़ी और कोयले की भट्टियां बंद करने से तंदूरी रोटी का स्वाद बदल जाएगा। हालांकि अदालत के आदेश के अनुसार, अब तंदूरी कोयला भट्टियों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    बीएमसी ने नोटिस में क्या कहा?

    बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद बीएमसी ने कोयला और लकड़ी के भट्टियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बीएमसी ने कोयले से चलने वाले तंदूर ओवन का उपयोग करने वाले रेस्तरां, होटल और ढाबों को नोटिस जारी किया है। रसोईघर में कोयले से चलने वाली भट्टियों के स्थान पर बिजली उपकरण, सीएनजी, पीएनजी और एलपीजी ईंधन का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    लायसेंस होगा रद्द ..

    बीएमसी ने होटल संचालकों को 7 जुलाई तक कोयला और लकड़ी से चलने वाले तंदूर ओवन को इलेक्ट्रिक उपकरणों में बदलने का निर्देश दिया है। बीएमसी ने नोटिस में चेतावनी दी है कि यदि इस निर्णय का पालन नहीं किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। खास कर नोटिस में यह भी बताया गया है कि ऐसा नहीं किए जाने पर लायसेंस भी रद्द किया जा सकता है। ऐसे में होटल मालिकों के पास बीएमसी के आदेशों का पालन करने के अलावा अब कोई विकल्प नहीं रह गया है। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)