Category: Crime News

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  • ग्रेटर नोएडा में महिला का हाई-वोल्टेज ड्रामा, गार्डों से गाली-गलौज और लात मारने की कोशिश; VIDEO वायरल, पुलिस ने किया गिरफ्तार

    ग्रेटर नोएडा में महिला का हाई-वोल्टेज ड्रामा, गार्डों से गाली-गलौज और लात मारने की कोशिश; VIDEO वायरल, पुलिस ने किया गिरफ्तार

    ग्रेटर नोएडा की आम्रपाली सोसाइटी में डिलीवरी बॉय को रोकने पर महिला गार्डों से भिड़ गई। गाली-गलौज और लात मारने की कोशिश का वीडियो वायरल, पुलिस ने कार्रवाई की?

    उत्तरप्रदेश: ग्रेटर नोएडा की आम्रपाली सेंचुरियन पार्क टेरेस होम्स सोसाइटी में डिलीवरी बॉय को गेट पर रोके जाने के बाद एक महिला और सिक्योरिटी गार्डों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला वायरल वीडियो से पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया। करीब 4 मिनट 50 सेकेंड के वीडियो में महिला गार्डों से बहस, गाली-गलौज और कथित तौर पर मारपीट की कोशिश करती दिखाई दे रही है। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई की है।

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    आम्रपाली सोसाइटी की तस्वीर

    डिलीवरी बॉय को गेट पर रोका, इसके बाद शुरू हुआ हंगामा

    मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट की आम्रपाली सेंचुरियन पार्क टेरेस होम्स सोसाइटी का है और बिसरख थाना क्षेत्र में आता है। पुलिस के मुताबिक, महिला ने ऑनलाइन खाना और सैनिटरी पैड मंगाए थे। डिलीवरी एग्जीक्यूटिव सामान लेकर सोसाइटी पहुंचा तो सिक्योरिटी गार्ड ने सोसाइटी के नियमों के मुताबिक उसे गेट पर जांच और वेरिफिकेशन के लिए रोक लिया।

    डिलीवरी बॉय को रोके जाने की जानकारी मिलने पर महिला गेट पर पहुंची और गार्डों से बहस शुरू हो गई। इसके बाद मामला तेजी से बिगड़ गया।

    26 महीने बाद नेहा की गुमशुदगी का राज? ठाणे के फार्महाउस में खुदाई, आरोपी की निशानदेही पर मिला कंकाल

    गेट पर क्या हुआ? वायरल VIDEO ने खोला पूरा मामला

    घटना का करीब 4 मिनट 50 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में महिला कई सिक्योरिटी गार्डों के सामने तेज आवाज में बहस करती और लगातार अपशब्दों का इस्तेमाल करती नजर आती है।

    वायरल वीडियो के मुताबिक, महिला गार्डों को धमकाती भी सुनाई देती है। एक जगह वह उनकी आर्थिक स्थिति को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करती और एक गार्ड से जूते साफ कराने जैसी बात कहती सुनाई देती है। वीडियो में वह पुलिस को बुलाने की बात पर भी गार्डों को चुनौती देती नजर आती है।

    इसी दौरान महिला एक कुर्सी पर बैठे गार्ड की तरफ पैर उठाकर लात मारने की कोशिश करती दिखाई देती है। दूसरे गार्ड की तरफ भी हाथ से मारने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई है।

    जातिसूचक टिप्पणी का भी आरोप

    विवाद के दौरान महिला पर कथित तौर पर जातिसूचक और अपमानजनक शब्द इस्तेमाल करने का आरोप भी सामने आया है। वीडियो में कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां सुनाई दे रही है।

    क्या महिला शराब के नशे में थी?

    बाद की पुलिस कार्रवाई से जुड़ी रिपोर्ट में सामने आया कि जांच के दौरान महिला के घटना के वक्त शराब पीने की बात सामने आई थी। लेकिन फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर अनुमान लगाना सही नहीं होगा, पुलिसिया जांच अभी बाकी है।

    पुलिस ने महिला के खिलाफ क्या कार्रवाई की?

    वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद बिसरख पुलिस ने महिला को गिरफ्तार किया।

    ACP Central Noida कमलेश कांत ने बताया कि महिला के खिलाफ शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई करते हुए चालान किया गया। महिला को BNSS की धारा 170 के तहत preventive custody में लिया गया था।

    यानी मामला सिर्फ सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस कार्रवाई तक पहुंच चुका है।

    बातजानकारी
    जगहआम्रपाली सेंचुरियन पार्क टेरेस होम्स, ग्रेटर नोएडा वेस्ट
    थानाबिसरख
    विवाद की शुरुआतडिलीवरी एग्जीक्यूटिव को गेट पर रोकने के बाद
    ऑर्डरखाना और सैनिटरी पैड
    वायरल वीडियोकरीब 4 मिनट 50 सेकेंड
    आरोपगाली-गलौज, धमकी और गार्ड को मारने की कोशिश
    जातिसूचक टिप्पणीआरोप, जांच का विषय
    शराबपुलिस जांच में घटना के वक्त शराब पीने की बात सामने आने की रिपोर्ट
    पुलिस कार्रवाईमहिला गिरफ्तार, शांति भंग की धाराओं में चालान

    आखिर डिलीवरी बॉय को गेट पर क्यों रोका गया था?

    गेटेड सोसाइटी में डिलीवरी और विजिटर की एंट्री से पहले पहचान या एंट्री वेरिफिकेशन करना आम सुरक्षा प्रक्रिया है। लेकिन इस मामले में पुलिस के मुताबिक डिलीवरी एग्जीक्यूटिव को किस खास वजह से अंदर जाने से रोका गया था, इसकी पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।

    पुलिस यह भी देख रही थी कि डिलीवरी एग्जीक्यूटिव को किस कारण से रोका गया। यह भी बताया गया कि स्थानीय पुलिस सोसाइटी सिक्योरिटी को डिलीवरी एजेंटों का विवरण दर्ज करने की सलाह देती है।

    इसलिए विवाद का दूसरा पहलू भी महत्वपूर्ण है—सुरक्षा नियम लागू करना जरूरी है, लेकिन उन्हें लागू करने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

    क्या सिर्फ एक वायरल वीडियो देखकर पूरी कहानी समझी जा सकती है?

    नहीं।

    वीडियो में विवाद के दौरान की घटनाएं दिखाई देती हैं, लेकिन इससे पहले गेट पर महिला, डिलीवरी एग्जीक्यूटिव और गार्ड के बीच क्या बातचीत हुई थी, उसका पूरा संदर्भ सामने नहीं आता। फुटेज से विवाद की शुरुआत की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट नहीं होतीं।

    मामला सिर्फ एक महिला और गार्ड का झगड़ा नहीं

    यह घटना एक बड़े सवाल की तरफ भी ध्यान खींचती है—गेटेड सोसाइटी में residents और security guards के बीच व्यवहार कैसा होना चाहिए?

    सिक्योरिटी गार्ड का काम सिर्फ गेट खोलना या बंद करना नहीं होता। वह visitors और delivery staff की entry check करता है, अनजान लोगों की पहचान करता है और सोसाइटी के सुरक्षा नियम लागू करता है।

    अगर किसी resident को किसी security rule से परेशानी है तो उसके लिए RWA, security supervisor या society management के जरिए शिकायत करने का रास्ता मौजूद होता है। गाली-गलौज या हाथापाई की स्थिति पैदा होने से विवाद सिर्फ दो लोगों के बीच नहीं रहता, बल्कि पूरी सोसाइटी की security व्यवस्था प्रभावित होती है।

    इस घटना ने class और respect को लेकर भी सवाल खड़े किए

    वीडियो में गार्डों की आर्थिक स्थिति को लेकर की गई कथित टिप्पणियों ने सोशल मीडिया पर अलग तरह की बहस छेड़ दी है।

    Security guards और दूसरे service workers रोजाना लोगों के घरों और सोसाइटी में काम करते हैं। उनके साथ बहस या असहमति हो सकती है, लेकिन किसी की आर्थिक स्थिति या काम को लेकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल सामाजिक तौर पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।

    गेटेड सोसाइटी में रहने वाले residents और वहां काम करने वाले guards के बीच रिश्ता सिर्फ customer और worker का नहीं होता। सुरक्षा व्यवस्था तभी काम करती है जब दोनों तरफ से नियम और सम्मान बना रहे।

  • 26 महीने बाद नेहा की गुमशुदगी का राज? ठाणे के फार्महाउस में खुदाई, आरोपी की निशानदेही पर मिला कंकाल

    26 महीने बाद नेहा की गुमशुदगी का राज? ठाणे के फार्महाउस में खुदाई, आरोपी की निशानदेही पर मिला कंकाल

    26 महीने से लापता जौनपुर की नेहा की तलाश ठाणे के फार्महाउस तक पहुंची। आरोपी की निशानदेही पर खुदाई में कंकाल मिला, डीएनए जांच से पहचान होगी।

    मुंबई: उत्तर प्रदेश के जौनपुर की 20 वर्षीय नेहा 26 महीने पहले अचानक लापता हुई थी। परिवार ने उसे बहुत तलाशा, पुलिस से शिकायत की, अदालत का दरवाजा खटखटाया और आखिरकार मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट तक पहुंचा। अब इस लंबे इंतजार के बाद केस में ऐसा मोड़ आया है, जिसने पूरे मामले को फिर सवालों के घेरे में ला दिया है।

    पुलिस मुंबई से सटे ठाणे के शिल-दायघर इलाके के एक फार्महाउस तक पहुंची। वहां एक खास जगह पर खुदाई कराई गई और जमीन के नीचे से कंकाल बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, यह वही जगह है जहां आरोपी अरविंद बिंद ने नेहा के शव को दफन करने की बात बताई थी।

    कंकाल मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल अब यही है—क्या यह कंकाल 26 महीने से लापता नेहा का ही है?

    इसकी अंतिम पुष्टि अभी बाकी है। पुलिस ने फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए हैं और डीएनए जांच कराई जाएगी।

    25 जून 2024 को अचानक गायब हुई थी नेहा

    पूरा मामला जौनपुर के सिकरारा थाना क्षेत्र के भरसवां गांव से शुरू होता है।

    शोभनाथ बिंद की 20 वर्षीय बेटी नेहा 25 जून 2024 को लापता हो गई थी। परिवार को शक था कि उसे गांव का ही अरविंद बिंद अपने साथ मुंबई ले गया है।

    नेहा की मां भगना देवी उर्फ मगना ने पुलिस से शिकायत की। उन्होंने अरविंद बिंद, उसके पिता राम आसरे, मां सोना देवी, भाई अरुण और महराजगंज थाना क्षेत्र के उमरी गांव निवासी रिश्तेदार राज कुमार बिंद पर साजिश के तहत बेटी को ले जाने का आरोप लगाया।

    मामला आगे बढ़ा तो परिवार ने न्यायालय की शरण ली।

    लेकिन नेहा का पता नहीं चला।

    मां को मिली थी ऐसी जानकारी, जिसने शक और गहरा कर दिया

    इस केस की टाइमलाइन में 3 जनवरी 2025 की तारीख सबसे अहम मानी जा रही है।

    नेहा की मां के मुताबिक, उन्होंने अरविंद के मोबाइल पर संपर्क किया था। आरोप है कि बातचीत के दौरान अरविंद ने कहा कि नेहा की हत्या कर दी गई है और अब जो करना हो कर लो।

    यह दावा सामने आने के बाद परिवार का शक और मजबूत हुआ। लेकिन उस समय भी नेहा का कोई पता नहीं चला।

    परिवार के अनुसार पुलिस कार्रवाई की मांग के बावजूद मामला आगे बढ़ने में समय लगा। चार जुलाई 2025 को न्यायालय के आदेश के बाद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

    फिर मामला हाई कोर्ट पहुंचा

    जिला स्तर पर मामला चलने के दौरान नेहा की मां ने करीब छह महीने पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने जौनपुर के पुलिस अधीक्षक और सिकरारा थाना प्रभारी को नेहा को जिंदा या मुर्दा अदालत के सामने पेश करने का निर्देश दिया।

    इसके बाद पुलिस ने जांच को नए सिरे से तेज किया।

    यहीं से 26 महीने पुरानी गुमशुदगी की कहानी जौनपुर से निकलकर मुंबई से सटे ठाणे तक पहुंच गई।

    आरोपी को लेकर पुलिस पहुंची ठाणे के फार्महाउस

    केस की जांच कर रहे उपनिरीक्षक राम नेवास के नेतृत्व में पुलिस टीम मुंबई पहुंची। पुलिस ने अरविंद बिंद को हिरासत में लिया।

    इसके बाद उसे लेकर ठाणे के शिल-दायघर इलाके में स्थित उस फार्महाउस पर पहुंचा गया, जिसकी देखरेख से उसका संबंध बताया गया है।

    पुलिस के मुताबिक, अरविंद ने जिस जगह पर नेहा के शव को दफन करने की बात बताई थी, वहां खुदाई कराई गई।

    मंगलवार को हुई इस खुदाई में जमीन के नीचे से कंकाल बरामद हुआ।

    यही बरामदगी अब पूरे केस की दिशा बदल सकती है।

    कंकाल मिला, लेकिन नेहा की पहचान अभी बाकी

    कंकाल मिलने के बाद यह कहना जल्दबाजी होगी कि बरामद अवशेष नेहा के ही हैं।

    पुलिस ने मौके से फोरेंसिक जांच के लिए जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। डीएनए जांच के लिए भी अवशेष लिए गए हैं।

    कंकाल की स्थिति को देखते हुए सामान्य तरीके से पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका। अब वैज्ञानिक जांच के जरिए पहचान और मौत से जुड़े सुराग तलाशे जाएंगे।

    यानी इस समय केस में दो बातें अलग-अलग हैं—

    कंकाल मिलना एक तथ्य है।

    लेकिन वह कंकाल नेहा का ही है, इसकी पुष्टि डीएनए रिपोर्ट के बाद होगी।

    नेहा की मौत को लेकर अरविंद के बयान में पेंच

    कंकाल मिलने के बाद जांच का दूसरा बड़ा सवाल मौत की वजह को लेकर है।

    पूछताछ में अरविंद ने नेहा की मौत को लेकर अलग-अलग बातें बताईं। एक बयान के मुताबिक उसने कहा कि नेहा ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी।

    दूसरे बयान में उसने उसके छत से गिरने की बात बताई।

    उसके मुताबिक, नेहा की मौत के बाद पुलिस कार्रवाई के डर से उसने फार्महाउस में गड्ढा खोदकर शव दफना दिया।

    इन अलग-अलग दावों के कारण पुलिस के सामने अब यह पता लगाना अहम है कि नेहा की मौत वास्तव में किन परिस्थितियों में हुई थी।

    फोरेंसिक जांच और घटनास्थल से मिले साक्ष्य इस सवाल का जवाब देने में अहम हो सकते हैं।

    प्रेम संबंध से शुरू हुई थी कहानी

    नेहा और अरविंद एक-दूसरे को पहले से जानते थे। गांव के कुछ लोगों के मुताबिक दोनों के बीच प्रेम संबंध था।

    बताया जाता है कि दोनों पहले भी घर से भागे थे। कुछ समय बाद वापस लौटे तो परिवार और गांव के स्तर पर पंचायत हुई और नेहा को उसके घर ले जाया गया।

    कुछ समय बाद दोनों के दोबारा चले जाने की बात सामने आई।

    इसके बाद परिवार ने नेहा की शादी राजस्थान के कोटा जिले के भरत से कर दी।

    लेकिन शादी के सिर्फ पांच दिन बाद परिवार ने उसे विदाई कराकर मायके वापस ले आया।

    इसके बाद कुछ समय बीता और 25 जून 2024 को नेहा फिर लापता हो गई।

    यहीं से शुरू हुई तलाश आखिरकार ठाणे के एक फार्महाउस की जमीन तक पहुंची है।

    26 महीने की कहानी एक नजर में

    समयघटना
    25 जून 2024नेहा भरसवां गांव से लापता हुई
    3 जनवरी 2025मां के मुताबिक अरविंद से संपर्क हुआ और कथित तौर पर नेहा की हत्या की बात कही गई
    4 जुलाई 2025न्यायालय के आदेश के बाद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ
    करीब छह महीने पहलेनेहा की मां इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचीं
    इसके बादहाई कोर्ट ने नेहा को जिंदा या मुर्दा पेश करने का निर्देश दिया
    अगस्त 2026पुलिस टीम मुंबई पहुंची और अरविंद को हिरासत में लिया
    25 अगस्त 2026ठाणे के शिल-दायघर इलाके के फार्महाउस में खुदाई हुई
    अबकंकाल की पहचान के लिए डीएनए जांच होगी

    अब पुलिस के सामने सिर्फ पहचान नहीं, कई सवाल हैं

    कंकाल मिलने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।

    सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि बरामद कंकाल नेहा का ही है या नहीं। इसके बाद मौत की वास्तविक वजह और समय का पता लगाने की कोशिश होगी।

    पुलिस यह भी जांच करेगी कि फार्महाउस में नेहा की मौत कैसे हुई, शव वहां कब और किस परिस्थिति में पहुंचा और उसे दफनाने में कौन-कौन शामिल था।

    परिवार ने शुरुआत में अरविंद के अलावा कई अन्य लोगों पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था। इसलिए बाकी नामित लोगों की भूमिका और उनकी वर्तमान कानूनी स्थिति भी जांच का अहम हिस्सा है।

    फार्महाउस किसका है, वहां अरविंद की क्या भूमिका थी और 26 महीने तक कथित तौर पर दफन शव का पता क्यों नहीं चला—इन सवालों के जवाब भी जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होंगे।

    अब डीएनए रिपोर्ट खोलेगी सबसे बड़ा राज

    इस केस में फिलहाल सबसे ज्यादा नजर डीएनए जांच पर है।

    अगर डीएनए से कंकाल की पहचान नेहा के रूप में होती है तो 26 महीने पुरानी गुमशुदगी के मामले में पुलिस को एक बड़ा वैज्ञानिक साक्ष्य मिल जाएगा।

    इसके बाद जांच का फोकस मौत की वजह, आरोपी के बयानों और फार्महाउस से जुड़े दूसरे साक्ष्यों पर रहेगा।

    फिलहाल 25 जून 2024 को शुरू हुई नेहा की तलाश 26 महीने बाद ठाणे के एक फार्महाउस की जमीन तक पहुंच चुकी है। जमीन से मिला कंकाल इस केस में सबसे बड़ा मोड़ है, लेकिन अंतिम सवाल अभी बाकी है—क्या यह नेहा ही है और आखिर उसकी मौत कैसे हुई?

    इन दोनों सवालों का जवाब अब डीएनए और आगे की पुलिस जांच से सामने आएगा।

  • मेरठ की अनु कॉलिस का LIVE: ‘यही है वो फ्रॉक…’, QR कोड पर दी सफाई, बोलीं- मुझे गलत तरीके से पेश किया गया

    मेरठ की अनु कॉलिस का LIVE: ‘यही है वो फ्रॉक…’, QR कोड पर दी सफाई, बोलीं- मुझे गलत तरीके से पेश किया गया

    अनु कॉलिस ने LIVE में वायरल वीडियो पर सफाई दी। फ्रॉक, QR कोड, सोशल मीडिया पोस्ट और खुद पर लगे आरोपों को लेकर कई सवालों का जवाब दिया।

    मेरठ: निलंबित महिला दरोगा अनु कॉलिस एक बार फिर चर्चा में हैं। वायरल वीडियो को लेकर उन्होंने LIVE आकर अपना पक्ष रखा है। इस दौरान उन्होंने उस फ्रॉक को भी कैमरे के सामने दिखाया, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं।

    LIVE में अनु कॉलिस ने सीधे अमित किलोर को संबोधित करते हुए कहा, “अमित भैया, यही है वो फ्रॉक जिसका आपने स्क्रीनशॉट लिया है। अभी स्क्रीनशॉट ले लो, ठीक है?”

    उन्होंने दावा किया कि इसी फ्रॉक को लेकर उनके खिलाफ गलत तरीके से बातें फैलाई गईं और इसे उनकी मां के साथ आगरा के एक मॉल से खरीदा गया था।

    ‘मेरी लाइफ खराब करके आपको क्या मिला?’

    अनु कॉलिस ने कहा कि उनके वीडियो और तस्वीरों को लेकर सोशल मीडिया पर जिस तरह की बातें फैलाई गईं, उससे उनकी निजी जिंदगी और परिवार पर काफी असर पड़ा है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ पोस्ट और वीडियो के जरिए माहौल बनाया गया, जबकि उनके मुताबिक अब तक संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

    अनु ने कहा कि उनका चैनल एक दिन के लिए बंद हुआ, लेकिन बाद में फिर शुरू हो गया। उनका सवाल था कि अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

    वायरल वीडियो पर बोलीं- मेरे कपड़े को गलत तरीके से दिखाया गया

    अनु कॉलिस ने अपने LIVE में सबसे ज्यादा जोर उस फ्रॉक पर दिया, जिसे लेकर विवाद शुरू हुआ। उन्होंने वही कपड़ा पहनकर कैमरे के सामने आने की वजह भी बताई।

    उनका कहना था कि वह दिखाना चाहती हैं कि जिस कपड़े को लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर गलत तरीके से पेश किया गया, वह सामान्य कपड़ा है और उसे उनके खिलाफ अलग संदर्भ में इस्तेमाल किया गया।

    उन्होंने कहा कि उनके परिवार में ऐसे कपड़े पहनना सामान्य है और उन्हें इस बात से कोई परेशानी नहीं है कि लोग क्या सोचते हैं।

    ‘मैं साइबर विक्टिम हूं’

    अनु कॉलिस ने खुद को इस पूरे मामले में साइबर विक्टिम बताते हुए कहा कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और उनके परिवार के लोगों को भी परेशान किया जा रहा है।

    उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों से वह मानसिक रूप से काफी परेशान हैं और उनके परिवार पर भी इसका असर पड़ा है।

    अनु ने कहा कि वह चुप हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह गलत हैं। उनके मुताबिक, वह लगातार यह समझाने की कोशिश कर रही हैं कि उनके साथ गलत हुआ है।

    ‘सेक्स चैट’ वाले आरोप पर भी सवाल

    वायरल कंटेंट को लेकर लगाए जा रहे “सेक्स चैट” जैसे आरोपों पर भी अनु कॉलिस ने सवाल उठाया।

    उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत है तो वह उसे उनके विभाग, साइबर थाने और वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेज सकता है।

    अनु ने जांच की मांग करते हुए कहा कि वह किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं और अपने पक्ष को जांच के सामने रखने से उन्हें कोई डर नहीं है।

    QR कोड को लेकर क्या बोलीं अनु?

    वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले QR कोड को लेकर भी काफी चर्चा हुई थी। अनु कॉलिस ने LIVE में दावा किया कि वह QR कोड उनके Instagram हैंडल का था।

    उन्होंने कहा कि वह अपने वीडियो में लोगों से चैनल को सब्सक्राइब करने, वीडियो को लाइक और शेयर करने तथा उन्हें फॉलो करने की अपील करती थीं। उनके मुताबिक इसी वजह से QR कोड का इस्तेमाल किया गया था।

    उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि QR कोड की जांच कराई जा सकती है और इससे पता चल जाएगा कि वह किस चीज से जुड़ा था।

    हालांकि, QR कोड को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। इसलिए इस हिस्से को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही साफ होगा।

    ‘मैंने वर्दी में कोई गलत वीडियो नहीं बनाया’

    अनु कॉलिस ने अपनी पुलिस सेवा को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने वर्दी में ऐसा कोई वीडियो नहीं बनाया जिससे पुलिस विभाग की गरिमा प्रभावित हो।

    उनका कहना था कि सोशल मीडिया पर उनके पुराने वीडियो और निजी कंटेंट को अलग-अलग संदर्भ में दिखाकर उनकी छवि खराब की गई।

    उन्होंने खुद को पढ़ाई में अच्छा बताते हुए कहा कि वह सब-इंस्पेक्टर हैं और उन्हें सोशल मीडिया की गाइडलाइंस की जानकारी है। उनका कहना था कि उन्हें पता है कि सोशल मीडिया पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की टिप्पणी का भी जिक्र

    LIVE के दौरान अनु कॉलिस ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से हुई बातचीत का भी जिक्र किया।

    उन्होंने दावा किया कि अधिकारी ने उनसे कहा कि उन्होंने विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाया है। इसके जवाब में अनु ने सवाल उठाया कि अगर उनके साथ गलत हुआ है तो सिर्फ उनके ऊपर ही सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं?

    उन्होंने एक पुराने कथित वायरल वीडियो का उदाहरण देते हुए कहा कि जब किसी पुरुष अधिकारी का वीडियो गलत तरीके से प्रसारित हो सकता है, तो उनके मामले को भी उसी नजर से देखा जाना चाहिए।

    मीडिया रिपोर्टिंग पर भी भड़कीं अनु

    अनु कॉलिस ने कुछ बड़े समाचार चैनलों और पत्रकारों की रिपोर्टिंग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बारे में खबर चलाने से पहले उनसे या संबंधित पुलिस अधिकारियों से पूरी जानकारी नहीं ली गई।

    उन्होंने कहा कि उनके बारे में पुराने वीडियो, चैट और सोशल मीडिया कंटेंट को दोबारा निकालकर दिखाया गया और इससे उन्हें लेकर गलत धारणा बनी।

    अनु ने कहा कि अगर किसी चैनल को उनके बारे में पूरी जानकारी चाहिए थी तो संबंधित अधिकारियों से फोन पर जानकारी ली जा सकती थी।

    ‘मेरा चैनल सिर्फ फिटनेस के लिए था’

    अपने सोशल मीडिया कंटेंट के बारे में अनु कॉलिस ने कहा कि उनका एक छोटा चैनल था, जहां वह मुख्य रूप से फिटनेस और जिम से जुड़े वीडियो बनाती थीं।

    उन्होंने बताया कि वह जिम जाती थीं, व्यायाम और जुंबा से जुड़े वीडियो बनाती थीं और उनका मकसद लोगों को फिटनेस के लिए प्रेरित करना था।

    उनका आरोप है कि इसी पुराने कंटेंट को अलग-अलग तरीके से पेश करके उनके खिलाफ माहौल बनाया गया।

    ‘मैं हर तरह की जांच के लिए तैयार हूं’

    LIVE के आखिर में अनु कॉलिस ने अपने बैंक खातों और फंडिंग को लेकर भी जांच की चुनौती दी।

    उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगता है कि उन्होंने सोशल मीडिया से गलत तरीके से पैसा कमाया है तो उनके खातों की जांच की जा सकती है। उन्होंने अपने परिवार के खातों की भी जांच कराने की बात कही।

    अनु कॉलिस का कहना था कि वह किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं और उन्हें भरोसा है कि जांच में उनका पक्ष सामने आएगा।

    अब बड़ा सवाल- वायरल वीडियो के पीछे की पूरी कहानी क्या है?

    अनु कॉलिस के LIVE के बाद विवाद का एक और पक्ष सामने आया है। एक तरफ उनके पुराने सोशल मीडिया कंटेंट और वायरल वीडियो को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ अनु खुद इसे गलत तरीके से पेश किए जाने और साइबर उत्पीड़न का मामला बता रही हैं।

    फ्रॉक, QR कोड, पुराने सोशल मीडिया पोस्ट, कथित चैट और वायरल वीडियो को लेकर अब कई सवाल एक साथ सामने हैं। अनु कॉलिस ने अपने LIVE में इन सभी मुद्दों पर अपना पक्ष रखा है।

    फिलहाल इस पूरे विवाद में उनके LIVE में कही गई बातें उनका पक्ष हैं। उनके लगाए आरोपों और सामने आए दावों पर अंतिम स्थिति संबंधित जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही पूरी तरह साफ होगी।

    साफ बात यह है कि अनु कॉलिस के इस LIVE ने वायरल वीडियो विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि इस मामले में आगे पुलिस और साइबर जांच में क्या सामने आता है।

  • मुंबई मझगांव में गणेश आगमन पर अंडे फेंकने से तनाव, FIR दर्ज; भारी पुलिस बंदोबस्त

    मुंबई मझगांव में गणेश आगमन पर अंडे फेंकने से तनाव, FIR दर्ज; भारी पुलिस बंदोबस्त

    मुंबई के मझगांव में गणेश आगमन शोभायात्रा पर अंडे फेंके जाने के बाद तनाव, एफआईआर और भारी पुलिस बंदोबस्त। आरोपी की तलाश, सीसीटीवी जांच जारी है। आरोपी नहीं पकड़ा

    मुंबई: मझगांव में रविवार रात गणेश प्रतिमा की आगमन के दौरान अंडे फेंके जाने के आरोप के बाद अचानक तनाव की स्थिति बन गई। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग सड़क पर जमा हो गए और पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। फिलहाल इलाके में हालात काबू में हैं और गणेश पंडाल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मझगांवचा मोरया की प्रतिमा ले जाई जा रही थी

    पुलिस के मुताबिक, मझगांवचा मोरया गणेशोत्सव मंडल की गणेश प्रतिमा को पंडाल तक ले जाने के लिए आगमन शोभायात्रा निकाली जा रही थी। इसी दौरान पास की इमारतों की तरफ से कथित तौर पर अंडे फेंके गए। पुलिस के अनुसार इनमें से एक अंडा गणेश प्रतिमा पर जा गिरा, जिसके बाद शोभायात्रा में शामिल लोगों में नाराजगी फैल गई।

    मंडल के उपसचिव विवेक राणे ने बताया कि पंडाल से करीब 30 से 40 मीटर की दूरी पर स्थित एक इमारत की तरफ से अंडे फेंके जाने का आरोप है। आयोजकों ने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    इसके बाद सड़क पर बड़ी भीड़ जुट गई

    अंडा फेंके जाने की खबर फैलने के बाद शोभायात्रा में शामिल लोग संबंधित इमारत के बाहर जमा हो गए। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने लोगों को शांत कराया और भीड़ को वहां से हटाया।

    खबर के मुताबिक, इस दौरान करीब 10 हजार से 15 हजार लोग सड़क पर जमा हो गए थे। तनाव चार घंटे से ज्यादा समय तक बना रहा और सोमवार सुबह तक स्थिति नियंत्रण में आने की बात सामने आई है।

    मझगांव में तनाव बढ़ने के बाद पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई और गणेश पंडाल के आसपास भी जवान तैनात किए गए। मुंबई पुलिस के मुताबिक अब स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है।

    डीसीपी जयंत मीणा मौके पर पहुंचे

    स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, पुलिस उपायुक्त जयंत मीणा ने मौके पर पहुंचकर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद भीड़ को शांत कराया गया और इलाके में अतिरिक्त बंदोबस्त लगाया गया।

    भायखला पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया मामला

    भायखला पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 और 196 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार जांच जारी है और फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

    धारा 299 जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कृत्यों से जुड़ी है, जबकि धारा 196 अलग-अलग समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने या सद्भाव बिगाड़ने वाले कृत्यों से संबंधित है।

    आखिर अंडे किस इमारत से फेंके गए?

    यही सवाल अब पुलिस की जांच का सबसे अहम हिस्सा है। शुरुआती पुलिस जानकारी में अंडे कथित तौर पर कॉन्टिनेंटल हाइट्स इमारत की तरफ से फेंके जाने की बात सामने आई है, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक घटनास्थल के आसपास मौजूद तीन से चार बड़ी इमारतों में से वास्तव में अंडे किस इमारत से फेंके गए, यह अभी साफ नहीं हुआ है।

    मंडल की तरफ से एक खास इमारत पर शक जताया गया है, लेकिन पुलिस सभी संभावनाओं की जांच कर रही है। इसलिए अभी किसी व्यक्ति या इमारत को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।

    सीसीटीवी से आरोपी तक पहुंचने की कोशिश

    पुलिस आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। जांच का मकसद अंडे फेंकने वाले लोगों की पहचान करना और घटना की सही जगह का पता लगाना है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।

    यानी सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति या समुदाय को जिम्मेदार बताने वाले दावों से अलग पुलिस की आधिकारिक जांच अभी आरोपी की पहचान तक नहीं पहुंची है।

    आयोजकों ने 24 घंटे में कार्रवाई की मांग की

    अखिल पब्लिक फेस्टिवल कमेटी के अध्यक्ष हितेश जाधव ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस से तत्काल कदम उठाने का अनुरोध किया गया है। जाधव के मुताबिक, महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार की तरफ से भी कार्रवाई को लेकर समर्थन और आश्वासन मिला है।

    अब इस मामले में अगला बड़ा अपडेट पुलिस की जांच और आरोपी की पहचान को लेकर होगा।

    अंडों के साथ पत्थर फेंकने का भी आरोप

    घटना के बाद कुछ आयोजकों और स्थानीय लोगों की तरफ से अंडों के साथ पत्थर फेंके जाने का आरोप भी सामने आया है। हालांकि उपलब्ध पुलिस-आधारित जानकारी में अंडे फेंके जाने की बात स्पष्ट रूप से दर्ज है, जबकि पत्थर फेंके जाने की स्वतंत्र पुलिस पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

    सोशल मीडिया पर दावों के बीच पुलिस की जांच अहम

    घटना के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ पोस्ट में घटना को सीधे सामुदायिक पहचान से जोड़कर पेश किया जा रहा है, लेकिन पुलिस ने अभी तक किसी आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।

    ऐसे में इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि पुलिस की जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या पूरे समुदाय को जिम्मेदार ठहराने से बचा जाए। अभी आधिकारिक रूप से मामला अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज है और सीसीटीवी समेत दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

    मुंबई में पहले भी सामने आया था ऐसा मामला

    मझगांव की घटना से पहले मुंबई में गणेश प्रतिमा की आगमन शोभायात्रा के दौरान अंडा फेंके जाने का मामला अगस्त 2022 में सामने आया था। नागपाड़ा के कमाठीपुरा इलाके में गणेश प्रतिमा लेकर जा रहे समूह पर अंडा फेंकने के आरोप में 25 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। उस मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए और 295ए के तहत कार्रवाई की थी।

    2022 के उस मामले में पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया था, जबकि मझगांव की मौजूदा घटना में अभी किसी गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है। इस बार जांच सीसीटीवी और आसपास के इलाके से जुटाए जा रहे साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

    गणेशोत्सव से पहले क्यों अहम है मझगांव का मामला?

    मझगांव की घटना ऐसे समय सामने आई है जब मुंबई में गणेशोत्सव की तैयारियां चल रही हैं। इस साल गणेशोत्सव 14 सितंबर से शुरू होगा और शहर में बड़ी संख्या में सार्वजनिक गणेश मंडल अपने कार्यक्रम और आगमन समारोह की तैयारी कर रहे हैं।

    ऐसे में मझगांव की घटना के बाद संवेदनशील इलाकों में आगमन शोभायात्राओं के दौरान पुलिस बंदोबस्त, भीड़ नियंत्रण और निगरानी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। फिलहाल पुलिस की तरफ से पूरे मुंबई के लिए किसी नए विशेष सुरक्षा आदेश की जानकारी सामने नहीं आई है।

    अभी मझगांव में क्या स्थिति है?

    सोमवार को मझगांव में स्थिति शांतिपूर्ण बताई गई है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर इलाके और गणेश पंडाल के आसपास अतिरिक्त जवान तैनात रखे हैं। भायखला पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।

    फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस की अगली कार्रवाई अब इस बात पर निर्भर करेगी कि जांच में अंडे फेंकने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान कब होती है। आयोजकों की 24 घंटे में कार्रवाई की मांग के बीच अब मझगांव की नजर पुलिस की अगली अपडेट पर है।

  • Ganpati Chakraborty Family Murder: 4 कत्ल के बाद भी 7 घंटे घर में रहे आरोपी, नशा किया, खजूर-खीरा खाया और नहाए

    Ganpati Chakraborty Family Murder: 4 कत्ल के बाद भी 7 घंटे घर में रहे आरोपी, नशा किया, खजूर-खीरा खाया और नहाए

    रंगपुर में गणपति चक्रवर्ती परिवार के 4 लोगों की हत्या का मामला। पुलिस के मुताबिक आरोपी 7 घंटे घर में रहे। मुग्ध और सिद्धार्थ गिरफ्तार।

    बांग्लादेश: चार लोगों की हत्या के बाद कोई घर से भागने के बजाय वहीं करीब सात घंटे रुका रहे—रंगपुर के मछुआपाड़ा में सामने आए इस हत्याकांड की सबसे असामान्य कड़ी यही है। पुलिस का कहना है कि 20 अगस्त की रात गणपति चक्रवर्ती के घर में चार लोगों की हत्या के बाद मुग्ध दास और सिद्धार्थ दास काफी देर तक उसी मकान में मौजूद रहे। दोनों ने कथित तौर पर याबा का सेवन किया, घर में रखे खजूर और खीरे खाए और बाद में स्नान भी किया।

    मामला 22 अगस्त की रात सामने आया, जब रंगपुर शहर के मछुआपाड़ा इलाके में एक बंद घर से चार शव बरामद हुए। घर में रहने वाले 65 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता, 23 वर्षीय बेटी आगामी चक्रवर्ती प्रार्थी और 12 वर्षीय बेटे प्रियम की मौत हो चुकी थी।

    परिवार से कई घंटों तक संपर्क नहीं हुआ था। रात में घर से दुर्गंध आने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। घर खोला गया तो गणपति का शव छत पर मिला। प्रीतिलता और उनकी बेटी के शव सीढ़ियों के पास थे, जबकि प्रियम का शव कमरे में पलंग के नीचे मिला।

    पहली नजर में मामला लूट का लगा। घर के भीतर सामान बिखरा था और पैसे तथा कीमती सामान रखने वाली जगहों से छेड़छाड़ के निशान मिले थे। बिजली का कनेक्शन काटे जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने घटनास्थल से मिले सुरागों को जोड़ना शुरू किया, हत्या की वजह को लेकर तस्वीर बदलती गई।

    छत पर नशा करते हुए पकड़े जाने का डर

    पुलिस की जांच के मुताबिक, पूरी घटना की शुरुआत 20 अगस्त की रात घर की छत से हुई।

    मुग्ध दास और सिद्धार्थ दास पड़ोसी इमारत के रास्ते गणपति के घर की छत पर पहुंचे थे। पुलिस का आरोप है कि दोनों वहां याबा नाम की नशीली गोली का सेवन कर रहे थे।

    छत से आवाज आने पर गणपति ऊपर पहुंचे। दोनों युवकों को उन्होंने पहले से पहचान रखा था और वे उन्हें ‘सर’ कहकर बुलाते थे। गणपति ने वहां मौजूद होने की वजह पूछी।

    पुलिस के मुताबिक, यहीं से मामला हिंसा में बदल गया। दोनों युवकों को डर था कि गणपति उन्हें पहचान चुके हैं। आरोप है कि इसी डर में उन्होंने गणपति के कंधे पर रखे गमछे से उनका गला घोंट दिया।

    गणपति ने बचने की कोशिश की और शोर हुआ। यह आवाज उनकी पत्नी प्रीतिलता तक पहुंची। वह सीढ़ियों से ऊपर आने लगीं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें भी रास्ते में पकड़ लिया और कपड़े से गला घोंट दिया।

    फिर बेटी और 12 साल के बेटे की बारी आई

    घर में अब गणपति और उनकी पत्नी दोनों की हत्या हो चुकी थी। लेकिन पुलिस का दावा है कि आरोपियों को अब एक और डर था—कहीं घर में मौजूद लोग उन्हें पहचान न लें।

    इसी वजह से उनकी बेटी आगामी को भी मार दिया गया।

    सबसे कम उम्र का सदस्य 12 साल का प्रियम था। पुलिस के अनुसार, प्रियम सिद्धार्थ के छोटे भाई का दोस्त था और आरोपियों को पहचानता था। जांचकर्ताओं का दावा है कि इसी पहचान के कारण दोनों को डर था कि बच्चा उनके बारे में बता सकता है। इसके बाद उसकी भी गला घोंटकर हत्या कर दी गई।

    पुलिस के मुताबिक, परिवार के चारों सदस्यों की मौत गला घोंटने से हुई।

    हत्या के बाद घर से निकलने की जल्दी नहीं थी

    चार लोगों की जान लेने के बाद भी दोनों आरोपी तुरंत वहां से नहीं निकले। पुलिस के अनुसार, वे करीब 6 से 7 घंटे तक घर के भीतर रहे।

    यही हिस्सा जांचकर्ताओं के लिए भी अहम सुराग बना। घर में उनकी मौजूदगी के दौरान याबा का सेवन किए जाने, खजूर और खीरा खाने और स्नान करने के कथित सबूत मिले।

    घर में कुछ चूड़ियों को आग में तपाए जाने के निशान भी मिले। इससे जांच का एक सिरा सोने के काम से जुड़े व्यक्ति की तरफ भी गया।

    उधर, पुलिस अलग-अलग सुरागों को जोड़ रही थी। मामले की जांच में रंगपुर महानगर पुलिस के साथ डिटेक्टिव ब्रांच और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट भी शामिल हुए।

    23 अगस्त तड़के दोनों पकड़े गए

    जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस मुग्ध दास और सिद्धार्थ दास तक पहुंची। दोनों को 23 अगस्त तड़के हिरासत में लिया गया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस का दावा है कि पूछताछ में दोनों ने हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की। उनके पास से कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल सामान और लूटे गए सोने के आभूषण भी बरामद किए गए।

    पुलिस की शुरुआती आशंका लूट की थी, लेकिन बाद की जांच में उसने कहा कि परिवार को निशाना बनाए जाने की मुख्य वजह छत पर याबा का सेवन करते हुए पकड़े जाने का डर था। पुलिस ने परिवार की किसी के साथ ज्ञात दुश्मनी या विवाद की बात भी सामने नहीं रखी है।

    शिक्षक से लेकर 12 साल के बेटे तक—चार जिंदगियां खत्म

    गणपति चक्रवर्ती रंगपुर जिला स्कूल में शिक्षक थे। पिछले साल 31 दिसंबर को वह सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी उम्र 65 साल थी। रिटायरमेंट के बाद वह होम्योपैथिक चिकित्सा से भी जुड़े थे।

    उनकी पत्नी प्रीतिलता की उम्र करीब 50 साल थी। बेटी आगामी ने अंग्रेजी में मास्टर्स किया था। 12 वर्षीय प्रियम उसी रंगपुर जिला स्कूल में पढ़ता था, जहां उसके पिता शिक्षक रह चुके थे।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक परिवार पिछले कुछ वर्षों से इलाके में रह रहा था और गणपति को शांत और मिलनसार व्यक्ति के तौर पर जाना जाता था।

    फिलहाल मामले में सामने आया पूरा घटनाक्रम पुलिस की जांच और आरोपियों से पूछताछ में सामने आए दावों पर आधारित है। मुग्ध और सिद्धार्थ के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि और दोष का फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।

  • Malad West Sex Racket का भंडाफोड़, H2O Luxury Spa से 2 गिरफ्तार; 4 महिलाएं Rescue, मालिक की तलाश

    Malad West Sex Racket का भंडाफोड़, H2O Luxury Spa से 2 गिरफ्तार; 4 महिलाएं Rescue, मालिक की तलाश

    Malad West के H2O Luxury Spa पर Crime Branch Unit-8 की raid में 2 गिरफ्तार और 4 महिलाएं rescue हुईं। Spa owner wanted है और BNS-PITA Act में केस दर्ज हुआ।

    मुंबई: मालाड वेस्ट में H2O Luxury Spa & Salon को लेकर Crime Branch Unit-8 की कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। पुलिस के मुताबिक, मसाज सेंटर की आड़ में कथित तौर पर अनैतिक गतिविधियां चलाए जाने की सूचना मिलने के बाद Crime Branch ने यहां छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 2 स्पा संचालकों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 4 महिलाओं को रेस्क्यू किया गया है।

    मामले में स्पा के मालिक की भी तलाश की जा रही है। पुलिस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) और PITA Act के तहत केस दर्ज किया है। अब जांच का फोकस सिर्फ गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इस कथित गतिविधि से जुड़े दूसरे लोगों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने पर भी है।

    मालाड वेस्ट के स्पा में आखिर क्या चल रहा था?

    पुलिस को जानकारी मिली थी कि मालाड वेस्ट स्थित H2O Luxury Spa & Salon में सामान्य मसाज और स्पा सर्विस की आड़ में कथित तौर पर अनैतिक गतिविधियां चल रही हैं। इसी सूचना के आधार पर Crime Branch Unit-8 ने मामले की जांच शुरू की और इसके बाद कार्रवाई की गई।

    पुलिस की कार्रवाई के बाद स्पा से जुड़ी गतिविधियों को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित तौर पर यह पूरा काम किस तरह संचालित किया जा रहा था और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।

    2 संचालक गिरफ्तार, 4 महिलाओं को किया गया Rescue

    कार्रवाई में 2 लोगों को गिरफ्तार किए जाने के साथ 4 महिलाओं को वहां से रेस्क्यू किया गया। पुलिस की कार्रवाई में महिलाओं को आरोपी मानने के बजाय उन्हें रेस्क्यू किए जाने की बात सामने आई है।

    इन महिलाओं की पहचान और निजी जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा। मामले की जांच के दौरान पुलिस यह भी देखेगी कि वे वहां किस परिस्थिति में पहुंचीं और क्या उन्हें किसी तरह के दबाव, लालच या शोषण का सामना करना पड़ा था।

    रेस्क्यू की गई महिलाओं के मामले में आगे की प्रक्रिया उनकी सुरक्षा, बयान और जरूरत के मुताबिक सहायता से जुड़ी हो सकती है।

    Spa Owner की तलाश तेज

    इस मामले में H2O Luxury Spa & Salon के मालिक को भी फिलहाल वांटेड बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित गतिविधियों में उसकी भूमिका क्या थी।

    जांच में यह भी साफ होना बाकी है कि स्पा का संचालन किसके निर्देश पर किया जा रहा था और गिरफ्तार किए गए दोनों संचालकों तथा मालिक के बीच क्या संबंध था।

    यही इस केस की जांच का एक अहम हिस्सा बन गया है।

    BNS और PITA Act के तहत मामला

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS और Immoral Traffic (Prevention) Act यानी PITA Act के तहत केस दर्ज किया है।

    PITA Act में prostitution से जुड़े अलग-अलग अपराधों के लिए प्रावधान हैं। वहीं BNS में human trafficking और उससे जुड़े exploitation के लिए भी अलग कानूनी प्रावधान मौजूद हैं।

    क्या पूरे नेटवर्क की भी जांच होगी?

    2 लोगों की गिरफ्तारी और 4 महिलाओं के rescue के बाद जांच का अगला सवाल यही है कि क्या यह मामला सिर्फ एक spa तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा network भी काम कर रहा था।

    पुलिस को यह पता लगाना होगा कि महिलाओं को वहां तक कौन लेकर आया, spa का संचालन कौन कर रहा था, पैसों का लेन-देन कैसे होता था और इस कथित गतिविधि में और कौन लोग जुड़े हुए थे।

    अगर जांच में दूसरे लोगों की भूमिका सामने आती है तो इस मामले में आगे और कार्रवाई हो सकती है।

    Rescue की गई महिलाओं के लिए आगे क्या?

    इस तरह की कार्रवाई में सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी ही पूरी प्रक्रिया नहीं होती। रेस्क्यू की गई महिलाओं की सुरक्षा और rehabilitation भी महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।

    मानव तस्करी या sexual exploitation के मामलों में महिलाओं को stigma, मानसिक दबाव और दोबारा शोषण के खतरे का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए ऐसी परिस्थितियों में counselling, सुरक्षित रहने की जगह और जरूरी सहायता अहम होती है।

    इस मामले में भी रेस्क्यू की गई 4 महिलाओं को लेकर पुलिस की आगे की प्रक्रिया जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तय होगी।

    इस कार्रवाई का Malad पर क्या असर?

    Malad West में spa की आड़ में कथित अनैतिक गतिविधियों का मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। खासकर उन लोगों के बीच जो genuine wellness और massage services के लिए ऐसे centres का इस्तेमाल करते हैं।

    हालांकि एक कथित आपराधिक मामले के आधार पर पूरे spa या wellness sector को संदेह की नजर से देखना सही नहीं होगा। जांच जिस specific establishment और उसमें सामने आए आरोपों तक सीमित है, उसे उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

    अब आगे क्या होगा?

    फिलहाल Crime Branch Unit-8 की जांच आगे बढ़ रही है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ, वांटेड spa owner की तलाश और कथित गतिविधि से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका की जांच इस मामले में आगे की दिशा तय करेगी।

    अगर जांच में नए नाम या नए links सामने आते हैं तो केस में आगे और गिरफ्तारियां या कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

    मामले में लगाए गए सभी आरोप फिलहाल पुलिस जांच के स्तर पर हैं। किसी भी आरोपी को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने से पहले उसे दोषी मानना उचित नहीं होगा।

    नोट: यह खबर उपलब्ध पुलिस जानकारी और रिपोर्ट किए गए तथ्यों के आधार पर है। रेस्क्यू की गई महिलाओं की पहचान और निजी जानकारी उनकी सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए प्रकाशित नहीं की गई है।

  • शाहिद कपूर के ‘Deva’ को-स्टार Rohullah Mehdi ड्रग्स केस में गिरफ्तार, 28 ग्राम MD बरामद; 5 दिन की पुलिस कस्टडी

    शाहिद कपूर के ‘Deva’ को-स्टार Rohullah Mehdi ड्रग्स केस में गिरफ्तार, 28 ग्राम MD बरामद; 5 दिन की पुलिस कस्टडी

    शाहिद कपूर की Deva में काम कर चुके एक्टर Rohullah Mehdi ड्रग्स केस में गिरफ्तार हुए हैं। पुलिस ने 28 ग्राम MD जब्त की और कोर्ट ने 5 दिन की कस्टडी दी।

    मुंबई: बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर की फिल्म Deva में काम कर चुके एक्टर और मॉडल Rohullah Mehdi को ड्रग्स केस में गिरफ्तार किया गया है। मुंबई से सटे काशिमीरा पुलिस की Crime Branch ने कथित ड्रग्स नेटवर्क की जांच के दौरान यह कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक मामले में 28 ग्राम MD बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 5.60 लाख रुपये बताई गई है। कोर्ट ने गिरफ्तारी के बाद Mehdi को 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

    कैसे शुरू हुई पूरी कार्रवाई?

    पुलिस के मुताबिक इस मामले की जांच उस जानकारी के बाद शुरू हुई, जिसमें Snapchat, WhatsApp और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए MD की कथित बिक्री की बात सामने आई थी। इसके बाद Crime Branch ने खरीदार बनकर आरोपियों तक पहुंचने के लिए एक decoy operation तैयार किया।

    पुलिस ने इस ऑपरेशन के तहत Kasif नाम के एक व्यक्ति को दहिसर चेक नाका इलाके में ठाकुर मॉल के पास 28 ग्राम MD की कथित डिलीवरी के लिए बुलाया। पुलिस ने उसे कथित ड्रग्स डील के दौरान पकड़ लिया और उसके पास से ड्रग्स बरामद होने की जानकारी मीडिया को दी।

    Kasif से पूछताछ के बाद सामने आया Rohullah Mehdi का नाम

    Kasif की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक इसी पूछताछ के दौरान Rohullah Mehdi का नाम सामने आया। इसके बाद Crime Branch ने Mehdi की तलाश शुरू की। मामले से जुड़ी FIR संख्या 437/2026 बताई गई है, जिसमें Mehdi को मुख्य आरोपी के तौर पर नामित किया गया है।

    जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस Malad के एक स्टूडियो तक पहुंची, जहां Mehdi शूटिंग कर रहे थे। उन्हें स्टूडियो के बाहर से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।

    28 ग्राम MD की कीमत करीब 5.60 लाख रुपये

    इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 28 ग्राम MD जब्त करने की बात कही है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 5.60 लाख रुपये बताई गई है। मामले में अभी तक Mehdi समेत दो लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।

    यहां MD की exact chemical identity को लेकर पुलिस/FSL की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना जरूरी है। इसलिए फिलहाल इसे पुलिस की रिपोर्टिंग के मुताबिक MD के तौर पर ही बताया जा रहा है।

    कौन हैं Rohullah Mehdi?

    पुलिस के मुताबिक Rohullah Mehdi मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के Budgam जिले से हैं और मुंबई के Goregaon में रह रहे थे। वह actor और model के तौर पर काम करते हैं और फिल्मों के साथ कुछ web series में भी नजर आ चुके हैं।

    उनकी पहचान को इस समय सबसे ज्यादा Shahid Kapoor की फिल्म Deva से जोड़ा जा रहा है, जिसमें उन्होंने Rohanj Bhai का किरदार निभाया था।

    Deva में Shahid Kapoor के साथ किया था काम

    Deva में Shahid Kapoor के साथ काम करने के बाद Rohullah Mehdi entertainment audience के बीच पहचाने गए। फिल्म में उनके किरदार को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट शेयर की थी और अपने काम को लेकर खुशी जताई थी।

    यही वजह है कि ड्रग्स केस में गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद फिल्म देखने वाले दर्शकों और Shahid Kapoor के fans के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

    हालांकि उपलब्ध मौजूदा रिपोर्टिंग में Shahid Kapoor के खिलाफ इस केस में किसी भूमिका या आरोप की जानकारी सामने नहीं आई है। इस मामले में उनका connection सिर्फ इतना बताया गया है कि Mehdi ने उनके साथ Deva में काम किया था।

    5 दिन की पुलिस कस्टडी में अब क्या जांच होगी?

    गिरफ्तारी के बाद Rohullah Mehdi को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 दिन की पुलिस कस्टडी मिली। अब जांच का फोकस कथित ड्रग्स नेटवर्क की पूरी supply chain तक पहुंचने पर है।

    पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में Mehdi की कथित भूमिका क्या थी, ड्रग्स की supply कहां से हुई और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।

    क्या फिल्म इंडस्ट्री से भी सामने आएंगे और नाम?

    इस केस में पुलिस की जांच अब सिर्फ बरामद ड्रग्स और गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है। अधिकारियों की तरफ से यह भी जांच की जा रही है कि कथित नेटवर्क के किसी और व्यक्ति का फिल्म इंडस्ट्री से connection है या नहीं।

    फिलहाल किसी दूसरे actor या फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े व्यक्ति का नाम इस मामले में आरोपी के तौर पर सामने नहीं आया है। इसलिए आगे किसी नाम को लेकर अटकल लगाना जल्दबाजी होगी।

    इस केस में पुलिस की अगुवाई किसने की?

    खबर के मुताबिक यह कार्रवाई काशिमीरा पुलिस की टीम ने DCP Zone-1 Rahul Chavan के guidance में की। जांच अभी जारी है और पुलिस को आगे और जानकारी मिलने की उम्मीद है।

    क्या Rohullah Mehdi पर आरोप साबित हो चुके हैं?

    नहीं। Rohullah Mehdi की गिरफ्तारी पुलिस की जांच और FIR में लगाए गए आरोपों के आधार पर हुई है। उन्हें कोर्ट ने फिलहाल 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है। मामले में आरोप सही हैं या नहीं, इसका फैसला आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।

    इस समय पुलिस कथित नेटवर्क, supply chain और इससे जुड़े दूसरे लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, केस में और जानकारी सामने आने की संभावना है।

  • बोरीवली में ₹12.92 लाख की चोरी, caretaker समेत 2 गिरफ्तार; बिहार-राजस्थान तक भागे आरोपी

    बोरीवली में ₹12.92 लाख की चोरी, caretaker समेत 2 गिरफ्तार; बिहार-राजस्थान तक भागे आरोपी

    बोरीवली में घर से ₹12.92 लाख के गहने और डॉलर चोरी मामले में caretaker समेत 2 आरोपी गिरफ्तार, बिहार-राजस्थान तक फरारी के बाद पुलिस ने पकड़ा!

    मुंबई: बोरीवली में घर के अंदर से करीब ₹12.92 लाख के सोने-चांदी के गहने और अमेरिकी डॉलर चोरी होने के मामले में पुलिस ने caretaker समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, घर में काम करने वाले Manoj Rajdev Mandal ने कथित तौर पर घर से valuables चोरी की और बाद में अपने साथी Sanjeev Hira Mandal के साथ मुंबई से बाहर निकलकर फरार हो गया। दोनों को बिहार और राजस्थान में तलाश के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

    घर में काम करने वाले caretaker पर ही चोरी का आरोप

    बोरीवली पुलिस के मुताबिक, मामला Crime No. 528/2026 से जुड़ा है। इस मामले में BNS की धारा 306 और 317(2)(5) के तहत केस दर्ज किया गया है।

    पुलिस के अनुसार शिकायत में बताया गया कि 12 अगस्त 2024 की सुबह करीब 10 बजे से 19 मई 2025 की रात करीब 8 बजे के बीच घर के bedroom में रखी cupboard से सोने-चांदी के आभूषण और अमेरिकी डॉलर गायब हुए। इनकी कुल कीमत करीब ₹12.92 लाख बताई गई है।

    जांच में पुलिस का आरोप है कि घर में caretaker के तौर पर काम करने वाले Manoj Rajdev Mandal ने चोरी की। पुलिस के मुताबिक बाद में चोरी के माल से जुड़े मामले में Sanjeev Hira Mandal की भूमिका भी सामने आई।

    चोरी के बाद मुंबई से बाहर निकल गए थे आरोपी

    पुलिस के अनुसार मामला सामने आने के बाद आरोपियों की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान पता चला कि दोनों मुंबई से बाहर निकल चुके हैं और बिहार तथा राजस्थान की तरफ चले गए हैं।

    पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने अपना मोबाइल बंद कर दिया था और फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और अन्य जांच माध्यमों से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश जारी रखी।

    लगातार जांच के बाद Manoj Rajdev Mandal को पकड़ा गया। उससे मिली जानकारी के आधार पर Sanjeev Hira Mandal को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया।

    पुलिस ने कैसे आगे बढ़ाई जांच?

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी के पकड़े जाने के बाद उससे पूछताछ की गई और उसके आधार पर दूसरे आरोपी तक पहुंच बनाई गई। चोरी के मामले में दोनों आरोपियों से जुड़े सुरागों की जांच की जा रही है।

    इस मामले में चोरी गई पूरी संपत्ति में से कितनी रकम या valuables बरामद हुई हैं, इसकी पूरी जानकारी पुलिस की ओर से सामने आना बाकी है। पुलिस आगे यह भी जांच कर रही है कि चोरी की गई संपत्ति कहां-कहां ले जाई गई और उसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

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    बोरीवली पुलिस के साथ गिरफ्तार आरोपियों की तस्वीर

    BNS की धाराओं में क्या मामला है?

    इस केस में BNS की धारा 306 के तहत नौकर या कर्मचारी द्वारा मालिक के कब्जे वाली संपत्ति की चोरी से जुड़ा प्रावधान लागू होता है। वहीं BNS की धारा 317(2) चोरी की संपत्ति को जानते हुए रखने या हासिल करने से संबंधित है, जबकि धारा 317(5) चोरी की संपत्ति को छिपाने या उसे ठिकाने लगाने में मदद करने से जुड़ी है।

    यानी इस मामले में पुलिस सिर्फ चोरी की घटना ही नहीं, बल्कि चोरी के बाद संपत्ति से जुड़े कथित लेन-देन और उसे रखने या छिपाने में किसी अन्य की भूमिका की भी जांच कर सकती है।

    इस केस में कई सवालों के जवाब अभी बाकी

    पुलिस की जांच के दौरान यह साफ होना बाकी है कि घर से valuables एक ही बार में चोरी किए गए थे या अलग-अलग मौकों पर। यह भी जांच का हिस्सा है कि परिवार को चोरी का पता कब चला और cupboard में रखे गहने और डॉलर गायब होने की जानकारी किस तरह सामने आई।

    इसके अलावा ₹12.92 लाख की कुल कीमत में सोने और चांदी के आभूषणों तथा अमेरिकी डॉलर का अलग-अलग valuation कितना है, यह भी पुलिस जांच से स्पष्ट होगा।

    दूसरे आरोपी Sanjeev Hira Mandal की कथित भूमिका क्या थी, चोरी का सामान उसके पास पहुंचा था या नहीं और चोरी की संपत्ति में से कितना माल recover हुआ है, इन पहलुओं पर भी आगे की जांच जारी है।

    घर में domestic help रखने वालों के लिए जरूरी बात

    इस घटना के बाद घर में काम करने वाले staff की identity और background verification को लेकर सवाल फिर सामने आते हैं। मुंबई पुलिस की ओर से domestic servant की जानकारी देने के लिए online facility उपलब्ध है, जिसमें घरेलू कर्मचारी का नाम, संपर्क, पता, पहचान से जुड़ी जानकारी और employment से संबंधित details दर्ज की जा सकती हैं।

    इस तरह की verification का मकसद किसी पूरे वर्ग पर शक करना नहीं, बल्कि employer और domestic worker दोनों की security को बेहतर बनाना है। खासकर उन परिवारों के लिए यह जरूरी है जहां घर में senior citizens रहते हैं या घरेलू staff को घर के अंदर लंबे समय तक access मिलता है।

    घर में काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को रखने से पहले उसकी पहचान, वर्तमान और स्थायी पता, पुराने employment details और उपलब्ध references की जानकारी रखना परिवार की सुरक्षा के लिहाज से मददगार हो सकता है।

    पुलिस अधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई

    बोरीवली पुलिस की इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस उप आयुक्त, उत्तर परिमंडल-2 संदीप घुगे और सहायक पुलिस आयुक्त संतोष धनवडे के मार्गदर्शन में किया गया। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्रीमती पुष्पलता मंडले और पुलिस निरीक्षक अपराध दिग्विजय पाटील की निगरानी में मामले की जांच आगे बढ़ाई गई।

    क्राइम डिटेक्शन अधिकारी राजू कोरडे के साथ पुलिस हवालदार देसाई, शेलार, सिपाही कदम, पुलिस सिपाही लहांगे और झिरवा ने कार्रवाई में हिस्सा लिया।

    पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अब चोरी की संपत्ति की recovery समेत मामले से जुड़े बाकी पहलुओं की जांच जारी है। दोनों पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।

  • प्यार का वास्ता देकर चलती बाइक पर किया कांड

    प्यार का वास्ता देकर चलती बाइक पर किया कांड

    जयपुर के महेश मीणा हत्याकांड में नया खुलासा: पत्नी कविता और गणेश की गिरफ्तारी, जहरीला जूस, CCTV, पुराने रिश्ते और जांच में सामने आई पूरी कहानी।

    राजस्थान/ जयपुर: महेश मीणा हत्याकांड में पुलिस पूछताछ के दौरान लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। विश्वकर्मा इलाके में 27 साल के महेश मीणा की 5 अगस्त को हुई मौत को शुरुआत में अचानक तबीयत बिगड़ने का मामला माना जा रहा था, लेकिन परिवार के शक, CCTV फुटेज और जांच में सामने आए दूसरे सुरागों ने पूरी कहानी बदल दी। पुलिस ने इस मामले में महेश की पत्नी कविता मीणा (23) और उसके कथित प्रेमी गणेश मीणा (27) को 19 अगस्त को गिरफ्तार किया है।

    5 अगस्त को आखिर क्या हुआ था?

    पुलिस के मुताबिक, 5 अगस्त को कविता अपने पति महेश के साथ बाइक से बाहर निकली थी। बताया गया कि दोनों मंदिर जाने और दवाई लेने के लिए निकले थे। रास्ते में जूस खरीदा गया।

    पुलिस पूछताछ में सामने आए कथित बयान के मुताबिक, जूस में पहले से अपने पास रखी कीटनाशक दवा मिला दी गई। महेश ने जूस पीने से इनकार किया तो कविता ने उसे प्यार का वास्ता दिया, जिसके बाद उसने जूस पी लिया। करीब आधे घंटे बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसे उल्टियां होने लगीं।

    पुलिस का दावा है कि हालत बिगड़ने के बाद भी महेश को तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया गया। पूछताछ के मुताबिक, करीब डेढ़ घंटे तक उसकी हालत खराब होती रही। इसके बाद गणेश अपने दो साथियों के साथ वहां पहुंचा।

    महेश को अस्पताल ले जाने के बजाय क्या हुआ?

    पुलिस के अनुसार, गणेश और उसके साथ आए लोगों ने महेश को बाइक से अलग-अलग जगहों पर ले जाया। शाम करीब पांच बजे उसे विश्वकर्मा इलाके की 14 नंबर पुलिया के पास ले जाया गया।

    वहां महेश की हालत बेहद खराब थी। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद कविता की ओर से परिवार को सूचना दी गई। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस अब आरोपियों के बयानों और उपलब्ध evidence को आपस में मिलाकर जांच कर रही है।

    पुलिस को हत्या का शक कैसे हुआ?

    महेश की मौत के बाद शुरुआत में पुलिस के सामने हत्या की कोई साफ वजह नहीं थी। परिवार को भी घटना की परिस्थितियां संदिग्ध लगीं।

    महेश के पिता बाबूलाल मीणा ने घटना से जुड़े CCTV फुटेज और दूसरे evidence जुटाने शुरू किए। आसपास के कैमरों में दिखाई देने वाले लोगों और वाहनों की जानकारी खंगालने के बाद जांच की दिशा बदली। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने भी CCTV footage को जांच का हिस्सा बनाया।

    CCTV में दिखाई देने वाले युवकों की पहचान की कोशिश के दौरान पुलिस को गणेश से जुड़ी जानकारी मिली। इसके बाद कविता और गणेश के पुराने संबंधों की जानकारी भी जांच के सामने आई।

    कविता और गणेश का रिश्ता कितना पुराना था?

    पुलिस पूछताछ में कविता ने कथित तौर पर बताया कि उसका पड़ोस में रहने वाले गणेश के साथ करीब 9 साल से प्रेम संबंध था। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवार इसके लिए तैयार नहीं था।

    करीब डेढ़ साल पहले कविता की शादी महेश से हुई थी। पुलिस के मुताबिक, कविता इस शादी से खुश नहीं थी और उसने पति से अलग होने की कई कोशिशें की थीं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि पारिवारिक दबाव के कारण वह महेश से अलग नहीं हो पाई।

    पुलिस के अनुसार, इसी दौरान गणेश भी कविता पर महेश को छोड़ने का दबाव बना रहा था। बाद में महेश को रास्ते से हटाने की कथित योजना सामने आई।

    चार महीने पहले ही शुरू हो गई थी कथित तैयारी?

    जांच में सामने आए पुलिस के version के मुताबिक, करीब चार महीने पहले कविता ने अपने पिता से कीटनाशक दवा मंगवाई थी।

    पुलिस का कहना है कि पहले घर के अंदर महेश को जहर देने की योजना बनाई गई थी। बाद में यह प्लान बदल दिया गया, क्योंकि कविता को आशंका थी कि घर में महेश की तबीयत खराब होने पर परिवार उसे तुरंत अस्पताल ले जाएगा और मामला सामने आ सकता है।

    पुलिस पूछताछ के अनुसार, दवा का कुछ हिस्सा घर में इस्तेमाल के लिए दे दिया गया और बाकी अपने पास रखा गया। इस हिस्से की पुलिस आगे जांच कर रही है।

    CCTV और सोशल मीडिया से जुड़ी कड़ियां कैसे मिलीं?

    जांच में CCTV footage सबसे अहम सुरागों में शामिल बताया जा रहा है। घटनास्थल और आसपास के रास्तों के कैमरों से पुलिस ने उन लोगों और वाहनों की जानकारी जुटाई, जो महेश की तबीयत बिगड़ने के बाद उसके आसपास दिखाई दिए थे।

    इसके बाद पुलिस ने कविता और गणेश के बीच संबंधों से जुड़े social media material को भी देखा। रिपोर्टों के मुताबिक, Facebook पर दोनों की साथ की तस्वीरें मिलने से पुलिस का शक और मजबूत हुआ।

    परिवार की ओर से उपलब्ध कराए गए evidence और CCTV footage को जोड़कर पुलिस ने कथित हत्या की साजिश की दिशा में जांच आगे बढ़ाई।

    हत्या के बाद हरिद्वार भी गई थी कविता?

    इस मामले में एक और बात अब सामने आई है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, महेश की मौत के बाद कविता परिवार के साथ हरिद्वार गई थी और वहां महेश की अस्थियां विसर्जित की गईं। इस दौरान उसके व्यवहार को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।

    यह पहलू भी अब जांच का हिस्सा है कि घटना के बाद आरोपियों की गतिविधियां क्या थीं और उन्होंने किन लोगों से संपर्क किया।

    महेश की बहन ने चैट को लेकर क्या बताया?

    परिवार की तरफ से महेश और कविता के रिश्ते को लेकर भी कई बातें सामने आई हैं। ताजा रिपोर्ट में महेश की बहन की ओर से दावा किया गया है कि कविता रात में महेश के सोने के बाद गणेश से chat करती थी।

    इन दावों की पुष्टि और chats की वास्तविक स्थिति जांच का विषय है। पुलिस अब digital evidence के साथ-साथ दोनों आरोपियों के बयानों को भी cross-check कर रही है।

    अजय मीणा और गोलू प्रजापत का क्या कनेक्शन है?

    महेश के परिवार की शिकायत में कविता और गणेश के अलावा अजय मीणा और गोलू प्रजापत के नाम भी सामने आए हैं। परिवार ने इन लोगों की भूमिका को लेकर आरोप लगाए हैं।

    हालांकि, इन दोनों की वास्तविक भूमिका क्या थी, यह अभी पुलिस जांच का विषय है। इसलिए फिलहाल इनके बारे में किसी भूमिका को अंतिम या साबित तथ्य के तौर पर नहीं कहा जा सकता।

    कविता ने खुद क्या कहा?

    इस मामले में आरोपी कविता का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में कविता ने खुद को निर्दोष बताते हुए अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।

    यानी एक तरफ पुलिस पूछताछ में सामने आने का दावा किया गया version है, वहीं कविता की ओर से आरोपों से इनकार किया गया है। आगे की जांच और अदालत में पेश होने वाले evidence से यह स्पष्ट होगा कि घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर क्या है।

    अब पुलिस के सामने कौन से सवाल हैं?

    महेश की मौत के मामले में पुलिस अब कथित साजिश की पूरी chain को verify कर रही है। इसमें जहर की खरीद, उसे सुरक्षित रखने, घटना वाले दिन की movement, CCTV footage, digital evidence और आरोपियों के साथ मौजूद दूसरे लोगों की भूमिका शामिल है।

    पुलिस यह भी जांच रही है कि घटना की planning कब final हुई, इसमें कितने लोग शामिल थे और महेश की हालत बिगड़ने के बाद उसे समय पर medical help क्यों नहीं दी गई।

    इसके अलावा medical evidence और पोस्टमार्टम से जुड़े findings को भी जांच के दूसरे evidence के साथ मिलाया जाना है।

    इस मामले में अभी क्या साबित होना बाकी है?

    कविता और गणेश की गिरफ्तारी पुलिस की जांच का एक अहम पड़ाव है, लेकिन गिरफ्तारी का मतलब अदालत में आरोप साबित होना नहीं है।

    जांच में यह तय होना बाकी है कि महेश को किस तरह का toxic substance दिया गया, उसकी मौत से उसका सीधा संबंध क्या था, घटना के दौरान मौजूद दूसरे लोगों की भूमिका कितनी थी और CCTV तथा digital evidence अदालत में किस तरह corroborate होते हैं।

    महेश मीणा की मौत की पूरी कहानी अब पुलिस investigation, medical evidence और अदालत में सामने आने वाले सबूतों पर आगे तय होगी।

  • दहिसर में महिला पर चाकू से हमला, गांजा विवाद से जुड़ी कड़ी

    दहिसर में महिला पर चाकू से हमला, गांजा विवाद से जुड़ी कड़ी

    मुंबई के दहिसर में सुमन ठाकुर पर चाकू से हमला हुआ। नाबालिग का कथित वीडियो सामने आया। FIR में 3 आरोपी, एक गिरफ्तार; गांजा विवाद की जांच जारी।

    मुंबई: दहिसर West के गणपत पाटिल नगर में गुरुवार रात एक महिला पर चाकू से हमला किए जाने से हड़कंप मच गया। इस मामले में एक नाबालिग समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने एक आरोपी साहिल श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है। घायल महिला की पहचान सुमन ठाकुर के रूप में हुई है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस के मुताबिक उनकी हालत stable है।

    इस मामले को लेकर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि हमले के बाद नाबालिग द्वारा कथित तौर पर एक वीडियो रिकॉर्ड किए जाने की बात सामने आई है। वीडियो में उसने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। हालांकि पुलिस अभी इस वीडियो की authenticity verify कर रही है।

    गणपत पाटिल नगर की गली नंबर 4 में रात करीब 9 बजे हमला

    घटना दहिसर West के गणपत पाटिल नगर की गली नंबर 4 में हुई। जानकारी के मुताबिक गुरुवार रात करीब 9 बजे सुमन ठाकुर पर चाकू से हमला किया गया। उनके गर्दन के पास गंभीर चोट आई और उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उनकी हालत stable बताई जा रही है।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद बोरीवली पश्चिम कि MHB Police मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ मामले से जुड़े दूसरे सबूतों की भी जांच कर रही है।

    FIR में तीन आरोपी, एक गिरफ्तार

    इस मामले में पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें एक नाबालिग है। पुलिस ने साहिल श्रीवास्तव नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि बाकी आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।

    नाबालिग की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा रही है।

    हमले के बाद वीडियो रिकॉर्ड करने का दावा

    इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू हमले के बाद सामने आया कथित वीडियो है। खबर के मुताबिक नाबालिग ने घटना के बाद camera पर अपना बयान रिकॉर्ड किया और महिला पर हमला करने की बात कही।

    वीडियो में नाबालिग ने दावा किया कि उसने और उसके परिवार ने इलाके में गांजा उगाए जाने की शिकायत की थी। उसके मुताबिक इसके बाद सुमन ठाकुर की तरफ से उसे और उसके परिवार को कथित तौर पर धमकियां मिलने लगी थीं। इसी विवाद के बाद उसने महिला पर हमला करने का दावा किया।

    हालांकि यह बयान वीडियो में आरोपी द्वारा किया गया कथित दावा है। पुलिस वीडियो की authenticity और उसमें कही गई बातों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।

    कुछ दिन पहले इसी इलाके में खुला था गांजा cultivation का मामला

    इस घटना का connection कुछ दिन पहले सामने आए एक दूसरे मामले से जोड़ा जा रहा है। Indian FastTrack ने 15 अगस्त को गणपत पाटिल नगर, गली नंबर 4 में एक घर के अंदर कथित hydroponic गांजा cultivation का मामला रिपोर्ट किया था। उस कार्रवाई में MHB पुलिस ने बब्बू सोनू कामत को गिरफ्तार किया था, जबकि दो अन्य आरोपियों के फरार होने की जानकारी सामने आई थी।

    पुलिस की उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उस घर से करीब 54 ग्राम सूखा गांजा और करीब 179 ग्राम जीवित पौधे बरामद किए गए थे। इसके अलावा LED lights, AC, fans, water pump, pH meter, TDS meter, grow tent और दूसरे cultivation equipment व chemicals भी मिले थे। पूरी जब्ती की अनुमानित कीमत करीब 6.07 लाख रुपये बताई गई थी।

    इसी पुराने मामले के बाद अब महिला पर हुए हमले को लेकर दोनों घटनाओं के बीच connection की जांच की जा रही है।

    गांजा cultivation की जानकारी पुलिस तक पहुंचने को लेकर विवाद

    उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सुमन ठाकुर के बेटे को पहले उनके घर में marijuana cultivation के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद सुमन ठाकुर को शक था कि इलाके के कुछ युवकों ने पुलिस को इस cultivation की जानकारी दी थी। इसी बात को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है।

    इसके अलावा सुमन ठाकुर और नाबालिग के परिवार के बीच electricity meter को लेकर भी विवाद होने की जानकारी पुलिस के सामने आई है।

    नाबालिग के वीडियो में क्या दावा किया गया?

    खबर के मुताबिक नाबालिग ने अपने वीडियो में दावा किया कि उसने और उसके परिवार ने गांजा cultivation के खिलाफ शिकायत की थी। उसका आरोप था कि शिकायत के बाद सुमन ठाकुर ने उसे और उसके परिवार के लोगों को लगातार धमकाया।

    वीडियो में कथित तौर पर नाबालिग ने हमले की जिम्मेदारी लेने की बात कही है। लेकिन पुलिस अभी इस वीडियो और उसमें किए गए दावों की जांच कर रही है।

    पुलिस अब किन बातों की जांच कर रही है?

    MHB पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि महिला पर हमला किस वजह से किया गया और इसके पीछे गांजा cultivation से जुड़े पुराने विवाद की भूमिका कितनी थी।

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    पुलिस इनवेस्टिगेशन कि तस्वीर

    पुलिस वीडियो की authenticity verify करने के साथ आरोपियों की भूमिका, कथित धमकियों और दोनों परिवारों के बीच पहले से चल रहे विवाद की भी जांच कर रही है।

    इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि तीनों आरोपियों की इस हमले में क्या-क्या भूमिका थी और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आगे क्या कार्रवाई की जा रही है।

    पहले गांजा cultivation, अब knife attack; दहिसर की इस घटना में जुड़ रही हैं दो कड़ियां

    गणपत पाटिल नगर में कुछ दिन पहले सामने आया कथित hydroponic गांजा cultivation case और अब उसी इलाके में महिला पर हुआ knife attack पुलिस जांच में अलग-अलग कड़ियों के तौर पर सामने हैं।

    फिलहाल पुलिस इस बात की पुष्टि करने में जुटी है कि दोनों घटनाओं के बीच सीधा connection है या पुराना विवाद ही हमले की वजह बना। इस जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।

    इस मामले में महिला का इलाज जारी है और पुलिस तीनों आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।