Category: Crime News

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  • BMC Election: सीट बंटवारे पर ठाकरे बंधुओं की बातचीत तेज, UBT को 125 और MNS को 90 सीटें संभव

    BMC Election: सीट बंटवारे पर ठाकरे बंधुओं की बातचीत तेज, UBT को 125 और MNS को 90 सीटें संभव

    BMC Election 2026 से पहले ठाकरे बंधुओं में सीट शेयरिंग को लेकर अंतिम दौर की बातचीत। शिवसेना (UBT) 120–125 और मनसे 80–90 सीटों पर लड़ सकती है।

    मुंबई: आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। प्रस्तावित फॉर्मूले के तहत शिवसेना (UBT) करीब 120 से 125 सीटों पर और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) लगभग 80 से 90 सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है।

    ठाकरे बंधुओं की संभावित युति पर सबकी नजर

    करीब एक दशक बाद होने जा रहे बीएमसी चुनाव को लेकर ठाकरे परिवार की राजनीति एक बार फिर चर्चा में है। दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग का मकसद साफ है—मराठी वोटों का बंटवारा रोकना और मुंबई महानगरपालिका में मज़बूत दावेदारी पेश करना।

    सूत्र बताते हैं कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच कई दौर की अनौपचारिक बैठकें हो चुकी हैं और जल्द ही इस पर औपचारिक ऐलान हो सकता है।

    BMC Election 2017 के नतीजों से सीख, लेकिन सीटों पर मतभेद

    2017 के BMC Election में शिवसेना (तत्कालीन अविभाजित) ने 84 सीटें जीती थीं। उद्धव ठाकरे चाहते हैं कि ये सभी 84 सीटें शिवसेना (UBT) के पास ही रहें।
    हालांकि, मनसे इस मांग से सहमत नहीं है।

    मनसे का तर्क है कि वर्ली, दादर, कालाचौकी, मुलुंड और भांडुप जैसे मराठी बहुल इलाकों में उसका मजबूत जनाधार है। इसी आधार पर मनसे कुछ ऐसी सीटों की मांग कर रही है, जिन पर पहले शिवसेना का दबदबा रहा है।

    NCP (शरद पवार) और वाम दलों की भी हो सकती है एंट्री

    वोटों के बंटवारे से बचने के लिए ठाकरे बंधु इस संभावित गठबंधन में एनसीपी (शरद पवार गुट) और वाम दलों को शामिल करने पर भी विचार कर रहे हैं।

    सूत्रों के अनुसार, यदि शरद पवार गुट गठबंधन में शामिल होता है तो उसे 15 से 20 सीटें दी जा सकती हैं। इससे गठबंधन को शहरी और अल्पसंख्यक वोटों में मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    महा युति में भी सीट बंटवारे को लेकर खींचतान

    दूसरी ओर, सत्तारूढ़ महा युति (भाजपा–शिंदे गुट शिवसेना) में भी सीट शेयरिंग को लेकर गहमागहमी है।
    एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 90 से 100 सीटों की मांग की है, यह दावा करते हुए कि उसका संगठन और जनाधार कई वार्डों में मजबूत है।

    वहीं, भाजपा मुंबई में 135 से 140 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है।

    2017 में किसका पलड़ा भारी था?

    2017 के बीएमसी चुनाव में कुल 227 सीटों में से:

    • शिवसेना: 84 सीटें
    • भाजपा: 82 सीटें

    उस वक्त दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़े थे। इस बार तस्वीर बदली हुई है और गठबंधनों का गणित ज्यादा अहम हो गया है।


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1: बीएमसी चुनाव कब होने हैं?
    👉 जनवरी 2026 में।

    Q2: शिवसेना (UBT) कितनी सीटों पर लड़ सकती है?
    👉 लगभग 120 से 125 सीटों पर।

    Q3: मनसे को कितनी सीटें मिलने की संभावना है?
    👉 करीब 80 से 90 सीटें।

    Q4: क्या एनसीपी (शरद पवार) भी गठबंधन में शामिल होगी?
    👉 बातचीत चल रही है, 15–20 सीटें दिए जाने की संभावना है।

  • 2025 में खरीदा कार लेकिन 2023 का कैसे मिला चालान? मुंबई के ई-चालान सिस्टम पर सवाल

    2025 में खरीदा कार लेकिन 2023 का कैसे मिला चालान? मुंबई के ई-चालान सिस्टम पर सवाल

    मुंबई के कांदीवली निवासी को 2025 में खरीदी कार पर 2023 का हेलमेट चालान मिला। इस अजीब मामले ने ट्रैफिक पुलिस के ई-चालान सिस्टम की बड़ी खामियों को उजागर किया।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई शहर में ई-चालान सिस्टम की एक चौंकाने वाली गलती सामने आई है। कांदीवली के रहने वाले एक स्कूल प्रिंसिपल को ऐसी कार पर हेलमेट न पहनने का चालान भेजा गया, जो उन्होंने चालान काटने के करीब दो साल बाद शो रूम से नई कार खरीदी की थी। मामला सामने आने के बाद अब ट्रैफिक पुलिस के डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    कार खरीदी 2025 में, चालान आया 2023 का

    कांदीवली निवासी राजेश यादव, जो पेशे से स्कूल प्रिंसिपल हैं, ने बताया कि उनके परिवार ने महिंद्रा XUV कार 14 फरवरी 2025 को खरीदी थी। लेकिन अक्टूबर 2025 में उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ई-चालान का मैसेज आया, जिसमें 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

    जब उन्होंने चालान की जानकारी खोली, तो हैरान रह गए। चालान की तारीख थी 5 जून 2023, यानी उस वक्त उनकी कार अस्तित्व में ही नहीं थी।

    Why-did-I-buy-a-car-in-2025-but-get-an-invoice-for-2023-Questions-about-Mumbai-e-challan-system-kandivali

    हेलमेट चालान और फोटो में दिखी बाइक

    राजेश यादव ने बताया कि चालान में लिखा था कि हेलमेट नहीं पहनने का अपराध किया गया है। उन्होंने मज़ाकिया लहजे में कहा,
    “एक पल के लिए मुझे लगा कि शायद अब कार चलाने वालों को भी हेलमेट पहनना पड़ेगा।”

    लेकिन जब उन्होंने चालान के साथ अटैच की गई तस्वीर देखी, तो उसमें साफ तौर पर दो लोगों की बाइक नजर आ रही थी, जिनमें से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। तस्वीर में दिख रहा वाहन उनकी कार से बिल्कुल अलग था।

    स्पीडिंग चालान सही थे, लेकिन ये मामला अलग

    यादव ने बताया कि अगस्त 2025 में वह अपनी मां को कोस्टल रोड के रास्ते बॉम्बे हॉस्पिटल ले जा रहे थे। उस दौरान उन्हें ओवरस्पीडिंग के दो चालान मिले थे, जिन्हें उन्होंने बिना किसी विवाद के तुरंत भर दिया।

    लेकिन अक्टूबर में आया यह हेलमेट चालान न सिर्फ गलत था, बल्कि कार के रजिस्ट्रेशन से पहले का था, इसलिए उन्होंने इसे भरने से इनकार कर दिया।

    ट्रैफिक विभाग ने माना “मानवीय गलती”

    ट्रैफिक विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह चालान असल में एक दोपहिया वाहन चालक के खिलाफ जारी किया गया था।
    वाहन नंबर में समानता होने की वजह से यह चालान गलती से राजेश यादव के मोबाइल नंबर पर चला गया।

    अधिकारी के मुताबिक,
    “यह मानवीय त्रुटि है। वाहन मालिक MTP ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कर चालान रद्द करवा सकता है।”

    ई-चालान सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

    इस घटना के बाद नागरिकों का कहना है कि कम से कम चालान भेजने से पहले यह तो जांच होनी चाहिए कि वाहन दोपहिया है या चारपहिया। बिना बुनियादी जांच के भेजे जा रहे चालान आम लोगों को मानसिक परेशानी और समय की बर्बादी का कारण बन रहे हैं।

    Timeline: पूरा मामला एक नज़र में

    • 📅 कथित अपराध की तारीख: 5 जून 2023
    • 🚗 कार खरीदने की तारीख: 14 फरवरी 2025
    • 📲 चालान मिलने की तारीख: 21 अक्टूबर 2025

    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1: क्या कार पर हेलमेट चालान लगाया जा सकता है?
    👉 नहीं, हेलमेट चालान केवल दोपहिया वाहनों पर लागू होता है।

    Q2: इस मामले में गलती किसकी थी?
    👉 ट्रैफिक विभाग के अनुसार, यह मानवीय गलती और नंबर मैचिंग की वजह से हुआ।

    Q3: गलत चालान मिलने पर क्या करें?
    👉 MTP ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कर चालान रद्द कराया जा सकता है।

    Q4: क्या चालान भरना जरूरी है?
    👉 नहीं, अगर चालान गलत है तो पहले स्पष्टीकरण लें।

  • दहिसर में क्राइम ब्रांच अफसर बनकर उगाही, 50 हजार मांगते पकड़ा गया युवक

    दहिसर में क्राइम ब्रांच अफसर बनकर उगाही, 50 हजार मांगते पकड़ा गया युवक

    मुंबई के दहिसर में क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर 50 हजार रुपये की उगाही करने की कोशिश करने वाला 27 वर्षीय युवक पुलिस के हत्थे चढ़ा। पीड़ित परिवार नकली ज्वेलरी का काम करता है।

    मुंबई: दहिसर इलाके में खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर एक परिवार से 50 हजार रुपये की उगाही करने की कोशिश करने वाले 27 वर्षीय युवक को दहिसर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने नकली ज्वेलरी का घरेलू काम करने वाले परिवार को केस में फंसाने की धमकी दी थी। शक होने पर पीड़ित दंपति ने पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा गया।

    घरेलू काम को बताया अवैध, केस दर्ज करने की दी धमकी

    पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता 35 वर्षीय महिला व्यवसायी है, जो हैंडमेड इमिटेशन ज्वेलरी का काम करती है। वह अपने पति, दो बेटियों और पश्चिम बंगाल से आए तीन कारीगरों के साथ अरविंद चतुर्वेदी चाल, गणेश नगर, रावलपाड़ा (दहिसर पूर्व) में किराए के मकान में रहती है।

    8 दिसंबर की शाम करीब 6 बजे, आरोपी उनके घर पहुंचा और खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए कहा कि वे लोग रिहायशी कमरे में अवैध व्यावसायिक गतिविधि चला रहे हैं। उसने परिवार को केस दर्ज करने की धमकी दी और मामला “सेट” करने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की।

    आधार कार्ड और पर्स से पैसे लेकर बढ़ाया दबाव

    पीड़िता को शुरुआत में आरोपी की बातों पर भरोसा हो गया। उसने आरोपी को ज्वेलरी के सैंपल तक दिखाए। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर महिला के पर्स से 300 रुपये निकाल लिए और उसके पति का मूल आधार कार्ड भी अपने पास रख लिया।

    इसके बाद आरोपी ने आदेश दिया कि रात 9 बजे तक हाइवे पर हनुमान मंदिर जंक्शन पर पूरे पैसे लेकर पहुंचें, नहीं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    शक हुआ तो पहुंचे पुलिस के पास, आरोपी गिरफ्तार

    जब महिला का पति तय जगह पर आरोपी से मिला, तो उसने खुद को चंद्रेश पाठक बताते हुए फिर से पैसे की मांग दोहराई। इस दौरान दंपति को पूरे मामले पर शक हुआ और उन्होंने सीधे दहिसर पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत मिलते ही पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपी को उगाही, आपराधिक धमकी और सरकारी अधिकारी बनकर धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

    अन्य मामलों की भी जांच जारी

    दहिसर पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी को बोरीवली महानगर दंडाधिकारी अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपी ने इससे पहले भी इसी तरह अन्य घरों या कारोबारियों को निशाना तो नहीं बनाया।


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1: आरोपी ने खुद को किस विभाग का अधिकारी बताया था?
    👉 क्राइम ब्रांच का अधिकारी।

    Q2: कितनी रकम की उगाही की मांग की गई थी?
    👉 50,000 रुपये।

    Q3: घटना किस इलाके में हुई?
    👉 रावलपाड़ा, दहिसर पूर्व, मुंबई।

    Q4: आरोपी के खिलाफ कौन-कौन से आरोप लगे हैं?
    👉 उगाही, आपराधिक धमकी और सरकारी अधिकारी का रूप धारण करना।

  • मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड (वेस्ट) में खुदाई के दौरान सोना मिलने का झांसा देकर 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले इंटर-स्टेट गैंग को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया। गुजरात और पालघर से आरोपियों की धरपकड़, 15.45 लाख रुपये बरामद।

    मुंबई: जमीन की खुदाई के दौरान सोने के आभूषण मिलने का झांसा देकर मालाड इलाके में 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर इंटर-स्टेट गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। मुंबई पुलिस ने गुजरात और पालघर से इस गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है। मामले में अब तक 15.45 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। यह ठगी नवंबर के अंत से दिसंबर की शुरुआत के बीच की गई थी।

    Inter-state-gang-arrested-for-fake-gold-fraud-worth-Rs-25-lakh-in-Malad-news

    खुदाई में सोना मिलने का झांसा देकर ठगी

    पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता दिनेश मेहता (51), जो मालाड (वेस्ट) के सोमवारी बाजार स्थित अंकुर बिल्डिंग में रहते हैं, उनसे मुख्य आरोपी बाबूलाल भालाराम वाघेला (55) ने संपर्क साधा।
    आरोपी ने खुद को राजस्थान से जुड़ा बताते हुए राजस्थानी भाषा में बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया। उसने दावा किया कि नासिक में एक मंदिर के पीछे खुदाई के दौरान करीब 900 ग्राम सोने के आभूषण मिले हैं।

    नमूना दिखाकर बनाया विश्वास

    आरोपी ने या तो आभूषण बेचने में मदद करने या सीधे बेचने का प्रस्ताव दिया। भरोसा दिलाने के लिए उसने कुछ पीले धातु के मोती नमूने के तौर पर दिए, जो जांच में असली सोना निकले। इसी भरोसे में आकर दिनेश मेहता ने 25 लाख रुपये नकद दे दिए और आभूषण अपने पास ले लिए।

    जौहरी की जांच में निकला नकली सोना

    कुछ समय बाद जब इन आभूषणों को जौहरी को दिखाया गया, तो वे पूरी तरह नकली पाए गए। ठगी का अहसास होते ही शिकायतकर्ता ने मालाड पुलिस से संपर्क किया।
    इसके बाद 5 दिसंबर 2025 को मालाड पुलिस स्टेशन में क्राइम रजिस्टर नंबर 883/25 के तहत मामला दर्ज किया गया।

    कानूनी धाराएं और जांच

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है।
    जांच के दौरान क्राइम डिटेक्शन टीम ने मालाड और कांदिवली (ईस्ट) सहित कई इलाकों के 100 से ज्यादा सरकारी और निजी CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।

    CCTV, कॉल डिटेल और चाल-ढाल से पहचान

    हालांकि CCTV फुटेज साफ नहीं थी, लेकिन पुलिस ने

    • शरीर की बनावट
    • चलने की चाल (gait analysis)
    • कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल डंप डेटा

    के आधार पर आरोपियों की पहचान की। लगातार तीन दिनों की मेहनत के बाद पुलिस को सफलता मिली।

    गुजरात और विरार से गिरफ्तारियां

    जांच में कुल पांच आरोपियों की पहचान हुई।

    • मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला को कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से गिरफ्तार किया गया।
    • उसके घर की तलाशी में 15.45 लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।
    • उसकी पत्नी कोकुबाई वाघेला (50) की भूमिका सामने आने पर उन्हें BNS की धारा 35(3) के तहत नोटिस दिया गया है।

    इसके बाद विरार (ईस्ट) से तीन अन्य आरोपी—
    मंगलाराम वागरी, केसराराम वागरी और भवरलाल वागरी—को गिरफ्तार किया गया।

    राजस्थान से जुड़े, पेशे से फोटो फ्रेम बनाने वाले आरोपी

    पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी मूल रूप से राजस्थान के जालोर जिले के रहने वाले हैं और अलग-अलग राज्यों में घूम-घूमकर ऐसी ठगी करते हैं।
    गिरफ्तार आरोपी पेशे से फोटो फ्रेम बनाने का काम करते हैं। मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला के खिलाफ गुजरात के कालोल तालुका और साबरमती पुलिस स्टेशन में पहले से भी ठगी के मामले दर्ज हैं।

    एक आरोपी फरार, तलाश जारी

    इस केस में गोविंद (उम्र करीब 30 वर्ष) नाम का एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
    बरामद रकम के अलावा बाकी पैसे और अन्य संपत्ति की रिकवरी की प्रक्रिया जारी है।

    पुलिस अधिकारियों की भूमिका

    इस पूरे मामले की जांच एपीआई अभिजीत काले और दीपक रैवाडे कर रहे हैं, जो वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण के मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. ठगी की रकम कितनी थी?
    25 लाख रुपये नकद।

    Q2. अब तक कितनी रकम बरामद हुई है?
    15.45 लाख रुपये।

    Q3. मुख्य आरोपी कहां से गिरफ्तार हुआ?
    कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से।

    Q4. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    चार आरोपी गिरफ्तार, एक फरार।

    Q5. कौन-सी धाराओं में केस दर्ज है?
    BNS की धारा 316(2), 318(4) और 3(5)।

  • हाईवे पर दंपती ने लगा दी रसोई, राहगीर से उलझे; वीडियो वायरल

    हाईवे पर दंपती ने लगा दी रसोई, राहगीर से उलझे; वीडियो वायरल

    व्यस्त हाईवे पर दंपती द्वारा सड़क किनारे रसोई जमाने का वीडियो वायरल। राहगीर ने टोका तो दंपती ने उल्टा जवाब दिया। सोशल मीडिया पर सड़क सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारी को लेकर बहस छिड़ी।

    मुंबई: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक दंपती व्यस्त हाईवे के किनारे सड़क पर ही अस्थायी रसोई बनाकर खाना बनाते दिखाई दे रहा है। वहीं राहगीर ने जब उन्हें सड़क पर बैठकर खाना पकाने के खतरों के बारे में समझाने की कोशिश की, तो दंपती ने उल्टा तर्क देते हुए कहा — “हमें भी पता है…” और खुद को “रेस्ट एरिया” में होने का दावा किया। इस वीडियो ने देशभर में सड़क सुरक्षा, नागरिक जिम्मेदारी और जागरूकता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

    हाईवे पर सब्ज़ियां फैलाकर चूल्हा जलाया, बच्चा भी बैठा था पास

    वीडियो में महिला हाईवे किनारे सड़क पर बैठी सब्ज़ियां काटती, रोटियां बेलती और पोर्टेबल गैस स्टोव पर उन्हें सेंकती दिखाई देती है। वहीं उनका छोटा बच्चा ठीक पास में सड़क पर ही बैठा हुआ नजर आता है।
    दंपती का सामान इस तरह फैला था कि छोटे वाहनों के गुजरने में भी बाधा पैदा हो रही थी।

    राहगीर ने रोका, तो दंपती बोले— “ये हमारा रेस्ट एरिया है”

    वीडियो रिकॉर्ड करने वाले राहगीर ने जब उनसे पूछा कि तेज़ रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पर खाना बनाना कितना खतरनाक है, तो दंपती ने बिना समझे उल्टा सवाल करते हुए कहा कि वे किसी “डिज़ाइनटेड रेस्ट एरिया” में बैठे हैं।
    दंपती की लापरवाही और तर्क सुनकर राहगीर ने अपनी नाराज़गी जाहिर की और पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।

    सोशल मीडिया पर नाराज़गी— ‘जान से खेलकर कंटेंट मत बनाओ’

    वीडियो सामने आने के बाद यूज़र्स ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हाईवे किसी भी तरह की गतिविधि— खाना बनाना, पिकनिक, बच्चों को बैठाना— के लिए नहीं होते।
    कई लोगों ने लिखा कि “हाईवे पर गाड़ियां 100-120 की स्पीड से दौड़ती हैं, ऐसे में सड़क के बीच खाना बनाना जान जोखिम में डालने जैसा है।”
    कुछ ने ट्रैफिक पुलिस और हाईवे अथॉरिटी से कार्रवाई की मांग भी की है।

    रोड सेफ्टी को लेकर फिर उठा सवाल

    एक्सपर्ट्स लंबे समय से बताते आए हैं कि भारत में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बहुत कम है।
    हाईवे पर इस तरह की गतिविधियां—

    • दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं,
    • अचानक ब्रेक लगने की नौबत लाती हैं,
    • पीछे चलने वाले वाहनों के लिए बड़ा खतरा बनती हैं।

    इस घटना में बच्चा भी मौजूद था, जिससे खतरा और बढ़ गया था।

    क्यों खतरा बढ़ जाता है? (डिटेल विश्लेषण)

    • हाईवे पर रुकने की अनुमति केवल निर्धारित लेन में होती है, सड़क पर नहीं।
    • सड़क किनारे बैठना भी तेज़ रफ्तार ट्रैफिक में जानलेवा साबित हो सकता है।
    • रात या कम रोशनी वाले इलाकों में ऐसे लोग दिखते भी नहीं।
    • अचानक मोड़ या ब्रेक से बड़े हादसे हो सकते हैं।

    FAQ सेक्शन

    1. वीडियो कहाँ शूट किया गया था?

    फिलहाल वीडियो के सटीक लोकेशन की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसे भारत के किसी व्यस्त हाईवे का बताया जा रहा है।

    2. क्या दंपती के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है?

    अब तक इस मामले में किसी आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।

    3. क्या हाईवे पर रुककर खाना बनाना गैरकानूनी है?

    हां, हाईवे पर अवैध रूप से रुकना, सड़क पर बैठना या गतिविधि करना ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन माना जाता है।

    4. सोशल मीडिया ने कैसी प्रतिक्रिया दी?

    यूज़र्स ने दंपती की लापरवाही पर कड़ी आलोचना की और इसे सड़क सुरक्षा के लिए खतरनाक बताया।

  • Malad में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, विदेशियों को बैन दवाइयां बेचने वाले 5 गिरफ्तार

    Malad में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, विदेशियों को बैन दवाइयां बेचने वाले 5 गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड स्थित चिनचोली बंदर में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस ने छापा मारकर पाँच लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपी विदेशों में बैन दवाओं की सप्लाई का झांसा देकर भारी रकम वसूल रहे थे। पुलिस ने IT Act, BNS और टेलीग्राफ एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    मुंबई: मालाड इलाके में बांगुर नगर पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी एक अवैध कॉल सेंटर चलाकर अमेरिका सहित कई देशों के ग्राहकों को बैन दवाइयां भेजने का दावा करते थे और उनसे भारी रकम वसूलते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IT Act और नई दंड संहिता (BNS) की कई धाराओं में केस दर्ज किया है।

    Malad में चल रहा था अवैध कॉल सेंटर, विदेशी ग्राहकों को बनाया जा रहा था निशाना

    मुंबई के चिंचोली बंदर, मालाड स्थित एक ऑफिस में यह फर्जी कॉल सेंटर ऑपरेट किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपी खुद को विदेशी ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर विदेशी ग्राहकों से संपर्क करते थे।

    वे ग्राहक को कहते थे कि उनके लिए ऐसी दवाइयां उपलब्ध हैं जो आमतौर पर बैन हैं या ऑनलाइन बेचना गैरकानूनी है। इसी बहाने उनसे डॉलर में भुगतान भी ले लिया जाता था।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

    पुलिस के अनुसार पकड़े गए पाँच आरोपी—

    • अयूब शेख (30)
    • फैजान भलीम (27)
    • फारुख शेख (29)
    • मोइन अहमद शेख (32)
    • ज़ीशान नासिर अंसारी (22)

    ये सभी मिलकर लंबे समय से ये फर्जीवाड़ा चला रहे थे।
    ये सभी मिलकर अमेरिका सहित कई देशों के लोगों को फंसाकर लाखों की ठगी कर रहे थे।

    कैसे करते थे ठगी? पुलिस ने खोला पूरा खेल

    • संदिग्ध वेबसाइट या डेटा के जरिए विदेशी ग्राहकों तक पहुँच बनाना
    • खुद को इंटरनेशनल ऑनलाइन फार्मेसी का अधिकारी बताना
    • मेडिकल कंसल्टेशन का झांसा देना
    • “बैन मेडिसिन उपलब्ध” कहकर ऑनलाइन पेमेंट वसूलना
    • पैसे लेने के बाद उत्पाद न भेजना

    यह पूरा नेटवर्क फार्मा से जुड़े अवैध कारोबार + साइबर फ्रॉड का कॉम्बिनेशन था।

    कौन-कौन सी धाराओं में केस दर्ज?

    बांगुर नगर पुलिस ने मामला दर्ज किया है—

    • BNS की धाराएँ 318(4), 319(2), 3(5)
    • IT Act 2000 की धाराएँ 66(A), 66(D), 75
    • Indian Telegraph Act की धारा 20

    पाँचों आरोपियों को 15 दिसंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

    मालाड और मुंबई में बढ़ते साइबर फ्रॉड को लेकर पुलिस अलर्ट

    इस तरह के कॉल सेंटर लगातार मुंबई के कई इलाकों में पकड़े जा रहे हैं। विदेशी ग्राहकों को निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि—

    • वे दवाओं की कीमत ज़्यादा चुकाते हैं
    • वे शिकायत भारत में दर्ज नहीं करा पाते
    • वेरिफिकेशन की प्रक्रिया मुश्किल होती है

    पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े और लोगों की तलाश कर रही है।


    FAQ

    1. क्या गिरफ्तार कॉल सेंटर वास्तव में दवाइयां सप्लाई करता था?

    नहीं, आरोपी सिर्फ भुगतान लेते थे और बाद में उत्पाद नहीं भेजते थे। यह पूरा रैकेट फर्जीवाड़ा था।

    2. क्या ग्राहकों को किसी तरह की मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन की सुविधा दी जाती थी?

    वे खुद को इंटरनेशनल फार्मेसी बताकर नकली कंसल्टेशन की बात करते थे, जो पूरी तरह अवैध था।

    3. क्या इस रैकेट में और लोग शामिल हो सकते हैं?

    पुलिस के अनुसार यह एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है, जिसकी जाँच जारी है।

    4. क्या विदेशी ग्राहक भारत में केस दर्ज कर सकते हैं?

    तकनीकी रूप से हाँ, लेकिन शिकायत प्रक्रिया जटिल होने के कारण अक्सर ठगी की रिपोर्ट नहीं होती।

  • BMC चुनाव से पहले भाजपा में तकरार? किरीट सोमैया ने मंत्री लोढा को लगाई फटकार

    BMC चुनाव से पहले भाजपा में तकरार? किरीट सोमैया ने मंत्री लोढा को लगाई फटकार

    मुंबई महापौर पद को लेकर भाजपा के भीतर मतभेद उभरते दिख रहे हैं। मंत्री मंगलप्रभात लोढा के “भाजपा का महापौर” बयान पर पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा—“कसली कॉलर टाइट? भाजपा महापौर की रेस में नहीं है।”

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव नज़दीक आते ही राजनीति गर्माती जा रही है। एक तरफ भाजपा नेता जहां BMC में सत्ता स्थापित करने की बात कर रहे हैं, वहीं भाजपा के भीतर ही इस मुद्दे पर मतभेद खुलकर सामने आते दिख रहे हैं। मंत्री मंगलप्रभात लोढा द्वारा “मुंबई में भाजपा का महापौर बनेगा” इस दावे के बाद पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने उन्हें कड़े शब्दों में फटकार लगाई और कहा कि “भाजपा महापौर पद की लड़ाई नहीं लड़ रही है।” सोमैया ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी इस बयान पर ध्यान देने की बात कही।

    मुंबई में महापौर पद पर सियासी बयानबाज़ी तेज़

    राज्य के 29 नगर निगम चुनावों की घोषणा से पहले ही मुंबई में राजनीतिक दलों ने तैयारी तेज कर दी है। महायुती के नेताओं का दावा है कि इस बार मुंबई में उनका महापौर बनेगा।
    वहीं शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) भी लगातार यह कहते हुए दिखाई दे रही है कि “मुंबई में फिर से शिवसेना का महापौर आएगा।”

    इसी माहौल में मंत्री मंगलप्रभात लोढा के बयान ने राजनीतिक हलचलों को और हवा दे दी।

    मंगलप्रभात लोढा का बयान: “भाजपा का महापौर बनेगा, कॉलर टाइट होगा!”

    एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मंत्री लोढा ने कहा था—

    “मुंबई महानगरपालिका में जब भाजपा का महापौर चुना जाएगा, तब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उसके शपथ ग्रहण समारोह में आएंगे, और उस वक्त आपकी और मेरी कॉलर टाइट होगी!”

    उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में कई दल फडणवीस के संकेतों पर चलते हैं।

    उनके इस बयान के बाद से राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है कि भाजपा अकेले महापौर पद का दावा कर रही है।

    सैय्या—”किस तरह का कॉलर टाइट? बीजेपी मेयर पद का चुनाव नहीं लड़ रही है!”

    मंगलप्रभात लोढा के बयान पर भाजपा के ही वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने नाराज़गी जताई।
    मीडिया से बातचीत में सोमैया ने कहा—

    “भाजपा महापौर पद के लिए लड़ ही नहीं रही। जो नेता महापौर पद की बात कर रहे हैं, उन्हें मैंने भी बताया है और फडणवीस जी को भी कहा है कि उन्हें रोको। कैसा कॉलर टाइट? कैसा महापौर पद?”

    सोमैया ने स्पष्ट किया कि भाजपा का ध्यान महापालिका में “भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन” और विकास पर है, न कि महापौर की कुर्सी पर।

    महा विकास अघाड़ी और ठाकरे गुट पर भी हमला

    मीडिया से बातचीत के दौरान सोमैया ने शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) को भी आड़े हाथों लिया।
    उन्होंने कहा—

    • “कोविड के दौरान ठाकरे सेना कमाई कर रही थी।”
    • “खिचड़ी घोटाला, रेमडेसिविर घोटाला—ये सब मुंबई को लूटने की कहानी है।”
    • “हमारा लक्ष्य BMC को भ्रष्टाचार से मुक्त कराकर मुंबई का विकास करना है।”

    उनके अनुसार भाजपा—चाहे फडणवीस हों या मोदी—पिछले 25 वर्षों से “लूट” का आरोप झेल रही मुंबई को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुंबई में क्या भाजपा एकजुट नहीं? उठने लगे सवाल

    लोढा का “भाजपा का महापौर” वाला दावा और सोमैया की “भाजपा महापौर पद की लड़ाई नहीं लड़ रही” वाली प्रतिक्रिया—दोनों ने मिलकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—

    क्या BMC चुनाव में भाजपा की रणनीति स्पष्ट नहीं है?

    या फिर पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर सहमति नहीं बनी है?

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि BMC चुनाव 2025 महाराष्ट्र में सत्ता संतुलन तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
    इसलिए भाजपा चाहती है कि हर बयान बेहद सोच–समझकर दिया जाए।


    FAQ सेक्शन

    1. महापौर पद को लेकर भाजपा में विवाद क्यों दिख रहा है?

    मंत्री लोढा ने कहा कि “भाजपा का महापौर बनेगा”, जबकि सोमैया ने कहा कि भाजपा महापौर की रेस में नहीं है। इसी वजह से मतभेद की चर्चा शुरू हुई।

    2. भाजपा की आधिकारिक रणनीति क्या है?

    सोमैया के मुताबिक, भाजपा का मुख्य फोकस महापालिका को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना और विकास तेज़ करना है।

    3. BMC चुनाव कब होने की उम्मीद है?

    राज्य चुनाव आयोग जल्द ही तारीखों की घोषणा कर सकता है। 29 नगर निगमों के चुनाव एक साथ होने की संभावना है।

    4. शिवसेना (उद्धव गुट) का दावा क्या है?

    ठाकरे गुट का दावा है कि वे फिर से मुंबई में महापौर बनाएंगे।

  • बलात्कार और दुष्कर्म मामले में कुख्यात ज़ाकिर डॉट कॉम गिरफ्तार, लेकिन बेटा फरार

    बलात्कार और दुष्कर्म मामले में कुख्यात ज़ाकिर डॉट कॉम गिरफ्तार, लेकिन बेटा फरार

    मालवनी में हफ्ता वसूली और प्रॉपर्टी कब्जे के मामलों में कुख्यात ज़ाकिर डॉट कॉम को दुष्कर्म केस में गिरफ्तार किया गया। पीड़िता ने उसके बेटे आमीर पर भी जबरन छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। पुलिस आरोपी बेटे की तलाश में छापेमारी कर रही है।

    मुंबई: मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात ज़ाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम को पुलिस ने एक महिला के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पहले से हफ्ता वसूली, प्रॉपर्टी कब्जा, धमकी और किडनैपिंग जैसी कई धाराओं में केस दर्ज हैं। पीड़िता ने गिरफ्तारी के बाद उसकी संलिप्तता और भी उजागर की तथा उसके बेटे आमीर हुसैन सैय्यद पर भी जबरन छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज कराया है। ज़ाकिर के हिरासत में आने के बाद बेटा फरार हो गया।

    कई मामलों में वांछित आरोपी ज़ाकिर डॉट कॉम की गिरफ्तारी

    मालवनी पुलिस के हाथ आखिरकार वह आरोपी लग गया जो वर्षों से कानून की पकड़ से बचता फिर रहा था। ज़ाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम अपराध जगत में जाना-पहचाना नाम है। उस पर हफ्ता वसूली, प्रॉपर्टी कब्जा, मारपीट, धमकी, जबरन वसूली, किडनैपिंग और अलग-अलग धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। दुष्कर्म के इस नए केस के बाद उसकी आपराधिक फाइल और भी लंबी हो गई है।

    कानूनी मदद के बहाने नज़दीकी बढ़ाई, फिर ऑफिस में किया दुष्कर्म

    पीड़िता 32 वर्षीय महिला ने मालवनी पुलिस को बताया कि उसे एक कानूनी मामले में किसी की मदद चाहिए थी। आरोपी ने खुद को पुलिस सिस्टम से जुड़ा बताया और भरोसा दिलाया कि वह उसकी मदद कर सकता है। कुछ दिनों में उसने महिला से नज़दीकी बढ़ाई, घर में राशन भिजवाया और आर्थिक परेशानी का फायदा उठाते हुए उसे अपने ऑफिस में बुलाया।
    वहीं उसने महिला के साथ बलात्कार किया। पीड़िता डर के मारे कुछ नहीं बोली और आंसू पोंछकर वहां से निकल आई।

    महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया और उसी का सहारा लेकर उसे ब्लैकमेल करता रहा। लगातार मानसिक और शारीरिक शोषण की वजह से वह ख़ुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रही थी।

    बाप ने चुप कराया तो बेटे की हिम्मत बढ़ी

    पीड़िता के अनुसार, मामला यहीं नहीं रुका।
    एक दिन ज़ाकिर का बेटा आमीर हुसैन सैय्यद नशे की हालत में उसके घर पहुंचा और उसे कहा—
    “मेरे अब्बा के साथ जो तुम्हारा सेक्स रिलेशन चल रहा है, वो मुझे भी चाहिए।”

    इतना कहते ही उसने महिला पर हमला किया और उसकी छाती पकड़ने की कोशिश की। महिला ने पूरी ताकत लगाकर उसे घर से बाहर धक्का दिया। जाते-जाते वह धमकी देकर गया—
    “तेरे को बाद में देखता हूँ।”

    पीड़िता ने पिता को बताया तो मिला धमकी भरा जवाब

    महिला ने जब ज़ाकिर को फोन कर शिकायत की, तो उसने बेटे का बचाव करते हुए कहा—
    “जो भी किया वो नशे में किया। चिल्लम-चिल्ली मत कर… बात वहीं खत्म कर। नहीं तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा।”
    इसके बाद महिला और डर गई और कई महीनों तक शिकायत नहीं कर सकी।

    2022 से जारी शोषण, 2025 में शिकायत

    पीड़िता के मुताबिक,

    • दुष्कर्म 2022 में हुआ
    • बेटे द्वारा छेड़छाड़ और जबरदस्ती 2023 में
      लेकिन आरोपी की दहशत के कारण महिला चुप रही।
      2025 की शुरुआत में ज़ाकिर के खिलाफ कई नए आपराधिक मामले दर्ज होने लगे। इसके बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और FIR दर्ज कराई।

    गुप्त सूचना पर रेड, ज़ाकिर गिरफ्तार—बेटा फरार

    पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने मालवनी स्थित घर में छिपा है।
    सीनियर पीआई शैलेंद्र नागरकर और क्राइम डिटेक्शन पीआई जीवन भातकुले की टीम ने रेड कर आरोपी को दबोच लिया।

    दुष्कर्म मामले में पिता गिरफ्तार हो गया, लेकिन दूसरे FIR दर्ज होते-होते बेटा आमीर फरार हो चुका था।
    अब मालवनी पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।


    ❓ FAQ SECTION

    1. ज़ाकिर डॉट कॉम कौन है?

    वह मालवनी क्षेत्र का कुख्यात आरोपी है, जिसके खिलाफ हफ्ता वसूली, प्रॉपर्टी कब्जा, किडनैपिंग और धमकी जैसी कई धाराओं में केस दर्ज हैं।

    2. पीड़िता ने क्या आरोप लगाए हैं?

    पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने कानूनी मदद के बहाने भरोसा जीता, दुष्कर्म किया, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और लगातार शोषण करता रहा।

    3. बेटे पर क्या आरोप है?

    ज़ाकिर के बेटे आमीर पर जबरन छेड़छाड़, हमला और धमकी देने का आरोप है। पीड़िता के अनुसार, उसने “सेक्स रिलेशन” की जबरन मांग की और उस पर हमला किया।

    4. आरोपी कब से फरार था?

    ज़ाकिर 2022 में दुष्कर्म के बाद से ही लगातार पुलिस को चकमा देता रहा। उसकी अग्रिम जमानत भी खारिज हो चुकी थी।

    5. पुलिस ने उसे कैसे पकड़ा?

    पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वह मालवनी स्थित अपने घर में छिपा है। इसके बाद दबिश देकर उसे पकड़ लिया गया।

    6. बेटे की गिरफ्तारी हुई क्या?

    नहीं, बेटा आमीर हुसैन सैय्यद अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

  • मालाड में नाबालिग से छेड़छाड़, रिक्शाचालक गिरफ्तार

    मालाड में नाबालिग से छेड़छाड़, रिक्शाचालक गिरफ्तार

    मालाड में एक नाबालिग छात्रा से रिक्शा के अंदर छेड़छाड़ और जान से मारने की कोशिश करने वाले 54 वर्षीय रिक्शाचालक को पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार किया। पुलिस ने 30 से ज़्यादा CCTV खंगालकर आरोपी को कांदिवली से पकड़ा।

    मुंबई: मालाड में कॉलेज में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ रिक्शा में अश्लील हरकतें करने, गलत रास्ते ले जाने और मदद के लिए चिल्लाने पर उसे चलती रिक्शा से धक्का देकर मारने की कोशिश करने वाले रिक्शाचालक को मालाड पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पूरे कांदिवली वेस्ट इलाके में रिक्शे की तलाश की, लगभग 25–30 CCTV कैमरे खंगाले और आखिरकार आरोपी को उसकी रिक्शा में सोते हुए पकड़ा।

    मालाड में दिन-दहाड़े वारदात, छात्रा को बनाया निशाना

    मालाड के एस.वी. रोड इलाके में सोमवार (08 दिसंबर 2025) को कॉलेज से घर लौटते समय एक नाबालिग लड़की के साथ जो हुआ, उसने इलाके में सनसनी मचा दी। शाम करीब 4 बजे छात्रा ने एस.वी. रोड से ओर्लेम के सुराणा हॉस्पिटल जाने के लिए एक रिक्शा लिया, लेकिन रिक्शाचालक ने पहले उसे सीट बदलने के लिए बोला, फिर सही रास्ते से हटकर गलत दिशा में ले गया।

    रिक्शे के शीशे से अश्लील हरकतें, डरकर छात्रा ने रोकने को कहा

    मालाड़ पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, लड़की दाईं तरफ बैठी थी, तभी आरोपी ने रिक्शे के शीशे से बार-बार उसे देखकर आंख मारी, भौंहें चढ़ाकर अश्लील इशारे किए। डर के मारे छात्रा ने तुरंत रिक्शा रोकने को कहा, लेकिन उसने स्पीड और बढ़ा दी।

    मदद के लिए चिल्लाई तो धमकाया, फिर चलती रिक्शा से धक्का दिया

    जब लड़की ने मदद के लिए चिल्लाना शुरू किया तो आरोपी ने उसे धमकाया। लड़की ने दोबारा चिल्लाया तो आरोपी ने चलती रिक्शा में हाथ से धक्का मारकर उसे सड़क पर फेंक दिया। उस समय सड़क पर गाड़ियां चल रही थीं, यानी उसकी जान जाने की पूरी आशंका थी। धक्का देने के बाद आरोपी भाग निकला।

    नाबालिग ने मां व बहन के साथ दी शिकायत, तुरंत FIR दर्ज

    पीड़िता अपनी मां और बहन के साथ मालाड पुलिस स्टेशन पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बिना देर किए
    FIR नंबर 889/25
    कलम 79, 109 – भारतीय न्याय संहिता 2023 और पॉक्सो की धारा 12
    के तहत केस दर्ज किया।

    पुलिस की कार्रवाई: CCTV की चैकिंग से लेकर इलाके में गश्त

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर क्राइम टीम को निर्देश दिए।

    • करीब 25–30 CCTV कैमरे चेक किए गए
    • फुटेज से रिक्शा का नंबर ट्रेस किया गया
    • रिक्शा की आखिरी लोकेशन कांदिवली वेस्ट मिली

    इसके बाद टीम ने पूरी कांदिवली वेस्ट में मुस्तैदी के साथ खोजबीन शुरू की और कुछ ही घंटों में आरोपी को उसकी रिक्शा में सोते हुए काबू कर लिया गया।

    आरोपी की पहचान

    केशब प्रसाद यादव

    • उम्र – 54 वर्ष
    • पेशा – रिक्शा चालक
    • निवासी – शिवसेना मैदान के पास, लालजी पाड़ा, कांदिवली पश्चिम, मुंबई

    मुंबई पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना

    मालाड पुलिस की टीम ने तेज़ और सटीक कार्रवाई कर नाबालिग को सुरक्षा का भरोसा दिलाया और आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर इलाके में विश्वास पैदा किया।

    वरिष्ठ अधिकारियों—अपर पुलिस आयुक्त शशी कुमार मीना, डीसीपी संदीप जाधव, सहायक पुलिस आयुक्त प्रकाश बागल, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण—के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई सफल रही।

    टीम में शामिल अधिकारी व कर्मचारी:
    सपोनि रायवाडे, पोउनि तुपारे सुखदेवे, पोउनि रफीक गवंडी, और अमलदार सातवसे, गावड, फर्नांडिस, गोंजारी, जाधव, डोईफोड, शेरे, वाघ, बाबर, थोरात।


    ❓ FAQ SECTION

    1. घटना कहां हुई?

    यह घटना मालाड पश्चिम के एस.वी. रोड इलाके में हुई, जब नाबालिग छात्रा कॉलेज से घर लौट रही थी।

    2. आरोपी ने नाबालिग के साथ क्या किया?

    रिक्शाचालक ने गलत रास्ते पर ले जाकर शीशे से अश्लील इशारे किए, धमकाया और चलती रिक्शा से धक्का देकर उसे सड़क पर फेंक दिया।

    3. पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा?

    पुलिस ने 25–30 CCTV कैमरे खंगाले, रिक्शा नंबर ट्रेस किया और कांदिवली वेस्ट में खोजबीन कर आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया।

    4. आरोपी के खिलाफ कौन-कौन सी धाराएं लगाई गईं?

    भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 79, 109 और POCSO की धारा 12 लगाई गई है।

    5. पीड़िता की हालत कैसी है?

    छात्रा सुरक्षित है और पुलिस ने तुरंत उसे सुरक्षा का भरोसा दिलाया।

  • ट्रेन फायरिंग केस: पूर्व RPF कॉन्स्टेबल की जमानत याचिका पर पुलिस ने जताई आपत्ति

    ट्रेन फायरिंग केस: पूर्व RPF कॉन्स्टेबल की जमानत याचिका पर पुलिस ने जताई आपत्ति

    मुंबई ट्रेन फायरिंग केस में आरोपी पूर्व RPF कॉन्स्टेबल चेतन सिंह चौधरी की बेल याचिका का पुलिस ने विरोध किया। पुलिस का कहना है कि केस गंभीर है और इसमें मौत की सजा भी संभव है। कोर्ट में गवाहों के बयान और सबूत पेश।

    मुंबई: 8 दिसंबर। मुंबई की अदालत में चल रहे ट्रेन फायरिंग मामले में पूर्व रेलवे सुरक्षा बल (RPF) कॉन्स्टेबल चेतन सिंह चौधरी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने बेल का कड़ा विरोध किया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें आरोपी को मृत्युदंड (Death Penalty) भी मिल सकता है, इसलिए जमानत देना अभी न्याय के हित में नहीं होगा।

    चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने 31 जुलाई 2023 को जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में अपने वरिष्ठ अधिकारी ASI टीका राम मीणा और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

    📍 पुलिस का तर्क: “जमानत से प्रभावित हो सकता है केस”

    अतिरिक्त लोक अभियोजक सुदीर सापकले की मौजूदगी में दाखिल लिखित जवाब में कहा गया कि:

    • मामले में कई महत्वपूर्ण गवाह मौजूद हैं।
    • पर्याप्त सबूत इकट्ठा किए जा चुके हैं।
    • इस स्टेज पर जमानत मिलने से जांच और ट्रायल प्रभावित हो सकता है।

    पुलिस ने ये भी दावा किया कि सबूत आरोपी के खिलाफ मजबूत हैं।

    🧠 आरोपी की दलील: “मानसिक बीमारी थी, अपराध की याद नहीं”

    चेतन सिंह चौधरी ने अपने वकील अमित मिश्रा और पंकज घिल्डियाल के जरिए कहा कि वह मानसिक बीमारी “White Matter Disease” से पीड़ित हैं और उन्हें भ्रम (Delusional Disorder) होता है।

    अर्जी में कहा गया:

    “अपराध के समय आरोपी अपनी मानसिक स्थिति में नहीं था और उसे घटना की याद भी नहीं है।”

    लेकिन अभियोजन पक्ष ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा:

    “यह आधार भरोसेमंद नहीं है और इस समय विचार करने योग्य नहीं।”

    ⚖️ पीड़ित परिवार की अपील भी कोर्ट में

    हत्या में मारे गए एक यात्री की पत्नी ने भी कोर्ट में इंटरवेशन एप्लीकेशन दाखिल कर कहा कि:

    • आरोपी के खिलाफ प्रत्यक्षदर्शी गवाह हैं
    • हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं
    • बेल मिलने पर आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है

    🚔 गवाह का खुलासा: “चेतन सिंह ने धमकी दी – रास्ते में आए तो गोली मार दूंगा”

    एक RPF कांस्टेबल, जो आरोपी को पकड़ने वाली टीम में शामिल था, ने सोमवार को कोर्ट में बयान दिया। उन्होंने बताया:

    • मीरा रोड और दहिसर स्टेशन के बीच पटरी पर आरोपी चला रहा था
    • पूछताछ पर उसने जवाब नहीं दिया
    • आरोपी ने कहा:

    “मेरे सामने मत आओ, वरना गोली मार दूंगा।”

    आखिरकार आरोपी को मीरा रोड स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर गिरफ्तार किया गया।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1: चेतन सिंह पर क्या आरोप है?
    उन पर ट्रेन में एक ASI और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या का आरोप है।

    Q2: क्या आरोपी मानसिक बीमारी का दावा कर रहा है?
    हाँ, उसने ‘व्हाइट मैटर डिज़ीज़’ और भ्रम की बीमारी होने का दावा किया है।

    Q3: क्या आरोपी को जमानत मिली?
    अभी जमानत मंजूर नहीं हुई है, पुलिस ने विरोध किया है।

    Q4: क्या इस केस में मौत की सजा संभव है?
    हाँ, पुलिस के अनुसार केस की गंभीरता देखते हुए यह ‘रेयर ऑफ रेयरेस्ट’ कैटेगरी में आता है।