Category: Crime News

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  • दहिसर का रिटायर्ड पुलिस अधिकारी पासपोर्ट फर्जीवाड़े में गिरफ्तार

    दहिसर का रिटायर्ड पुलिस अधिकारी पासपोर्ट फर्जीवाड़े में गिरफ्तार

    मुंबई के दहिसर पुलिस स्टेशन में दर्ज पासपोर्ट फर्जीवाड़े के मामले में एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट की मंजूरी दी।

    मुंबई: दहिसर पुलिस ने एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी संजय जगताप को पासपोर्ट से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। दहिसर पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले मे गिरफ्तार आरोपी पर यह आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति से पासपोर्ट प्रक्रिया में मदद का झांसा देकर धोखाधड़ी की।

    शिकायत के अनुसार, आरोपी ने बिना उचित दस्तावेजों की जांच किए पासपोर्ट आवेदन को स्वीकृत कर दिया। बाद में जब जांच हुई तो जमा किए गए दस्तावेज फर्जी पाए गए, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई।

    📜 एफआईआर में गंभीर धाराएं

    जांच के बाद 26 मार्च 2025 को आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
    यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 465, 467, 468, 471, 120(B) के तहत दर्ज हुआ है।
    इसके अलावा, पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 12 भी इसमें जोड़ी गई है।

    👮‍♂️ रिटायर्ड पुलिसकर्मी का नाम आया सामने

    जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी हेड कॉन्स्टेबल संजय जगताप थे, जो उस समय दहिसर पुलिस स्टेशन में तैनात थे।
    बाद में उनकी मालाड पुलिस स्टेशन में बदली हो गई।
    महत्वपूर्ण बात यह है कि जगताप 31 अक्टूबर 2025 को सेवानिवृत्त हुए, और सेवानिवृत्ति के कुछ ही दिनों बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

    ⚖️ जमानत याचिका खारिज, पुलिस हिरासत में भेजा गया

    आरोपी ने गिरफ्तारी से पहले हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए आवेदन दिया था, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
    इसके बाद 4 नवंबर 2025 को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और अदालत में पेश किया।
    कोर्ट ने आरोपी को पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

    📍 पुलिस कर रही है आगे की जांच

    मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और पासपोर्ट प्राधिकरण मिलकर यह जांच कर रहे हैं कि क्या इस घोटाले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
    साथ ही, पासपोर्ट जारी करने में इस्तेमाल किए गए फर्जी दस्तावेजों की तकनीकी जांच भी की जा रही है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. यह मामला कब दर्ज किया गया था?
    👉 यह मामला 26 मार्च 2025 को दहिसर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया।
    Q2. आरोपी कौन है?
    👉 सेवानिवृत्त पुलिस हेड कॉन्स्टेबल संजय जगताप, जो पहले दहिसर थाने में तैनात थे।
    Q3. किस आधार पर गिरफ्तारी हुई?
    👉 आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट आवेदन मंजूर किया था।
    Q4. कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
    👉 कोर्ट ने आरोपी को 6 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है।
    Q5. क्या आरोपी को जमानत मिली?
    👉 नहीं, उनकी अग्रिम जमानत याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी।

  • लोकल ट्रेन में झगड़ा, यात्री को लगे 6 टांके; कोर्ट ने दो आरोपियों की जमानत ठुकराई

    लोकल ट्रेन में झगड़ा, यात्री को लगे 6 टांके; कोर्ट ने दो आरोपियों की जमानत ठुकराई

    मुंबई की भीड़भाड़ वाली लोकल ट्रेन में झगड़े के दौरान एक यात्री के सिर पर चोट लगने से उसे छह टांके लगे। सेशंस कोर्ट ने कहा — “चोटिल व्यक्ति का अस्पताल से डिस्चार्ज होना जमानत का आधार नहीं।

    मुंबई: लोकल ट्रेन मे मार पीट को लेकर एक मुकदमे में मुंबई की सेशंस कोर्ट ने दो आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिन्होंने लोकल ट्रेन में झगड़े के दौरान एक यात्री को घायल कर दिया।
    कोर्ट ने साफ कहा कि “घायल का अस्पताल से डिस्चार्ज होना, जमानत देने का आधार नहीं हो सकता।”

    यह मामला 4 अक्टूबर का है, जब शिकायतकर्ता ने दादर से गोरेगांव स्लो लोकल ट्रेन पकड़ी थी और उसे सांताक्रूज़ स्टेशन पर उतरना था। भीड़ के कारण जब यात्री उतर नहीं पाए, तो दो लोगों में झगड़ा हुआ, जिससे एक व्यक्ति के सिर पर गंभीर चोट लगी और उसे 6 टांके लगाने पड़े।

    🚨 कौन हैं आरोपी और क्या हैं आरोप

    पुलिस ने इस मामले में दो यात्रियों — नौशाद अहमद (20) और रामसूरत राय (35) — को गिरफ्तार किया है।
    दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा

    • 115 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और
    • 118 (खतरनाक हथियार या साधन से चोट या गंभीर चोट पहुंचाना)
      के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    दोनों आरोपी पिछले एक महीने से जेल में बंद हैं।

    🧾 “हम निर्दोष हैं”, आरोपियों की दलील

    आरोपियों के वकील ने कोर्ट में कहा कि दोनों गरीब मजदूर हैं और उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है
    उनका कहना था कि शिकायतकर्ता को साधारण चोट लगी थी और वह पहले ही अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुका है।

    लेकिन अभियोजन पक्ष (Prosecution) ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और शिकायतकर्ता को सिर पर गंभीर चोट आई थी।

    🧑‍⚖️ जज का सख्त रुख — ‘घायल का डिस्चार्ज होना जमानत का आधार नहीं’

    अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत सी. काले ने 1 नवंबर को अपने आदेश में कहा:

    “आरोपियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। घायल व्यक्ति का डिस्चार्ज होना जमानत का आधार नहीं हो सकता। पुलिस के कागज़ों के अनुसार, शिकायतकर्ता को लगी चोट सिर के अहम हिस्से पर गंभीर चोट है।”

    कोर्ट ने यह भी बताया कि हमले में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद किया गया है।
    इसी वजह से अदालत ने कहा कि जांच अधूरी है, इसलिए इस चरण में जमानत नहीं दी जा सकती।

    🚉 मुंबई लोकल में बढ़ रहे विवाद

    मुंबई की लोकल ट्रेनें “शहर की लाइफ़लाइन” कही जाती हैं, लेकिन रोज़ाना की भीड़ और तनाव के बीच झगड़ों के मामले बढ़ रहे हैं।
    रेलवे पुलिस (GRP) के अनुसार, हर महीने दर्जनों झगड़ों और धक्कामुक्की की शिकायतें मिलती हैं, जिनमें कई बार यात्रियों को चोटें भी लगती हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. यह घटना कब और कहां हुई थी?
    👉 यह घटना 4 अक्टूबर को दादर-सांताक्रूज़ लोकल ट्रेन में हुई थी।
    Q2. कितने लोग गिरफ्तार किए गए हैं?
    👉 दो आरोपी — नौशाद अहमद और रामसूरत राय — को गिरफ्तार किया गया है।
    Q3. शिकायतकर्ता को क्या चोटें आईं?
    👉 शिकायतकर्ता के सिर पर चोट लगी और 6 टांके लगाने पड़े।
    Q4. कोर्ट ने जमानत क्यों नहीं दी?
    👉 कोर्ट ने कहा कि घायल का डिस्चार्ज होना जमानत का आधार नहीं, क्योंकि मामला अभी शुरुआती जांच में है।
    Q5. आरोपियों पर कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
    👉 धारा 115 और 118 (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मामला दर्ज हुआ है।

  • रियल एस्टेट मे लोगों से 100 करोड़ की ठगी! इमारत प्लिंथ पर रुकी

    रियल एस्टेट मे लोगों से 100 करोड़ की ठगी! इमारत प्लिंथ पर रुकी

    मुंबई के वडाला इलाके में बड़ा रियल एस्टेट घोटाला सामने आया है। बीपी गंगार कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 102 फ्लैट खरीदारों से ₹100 करोड़ की ठगी का आरोप लगा है। इमारत का काम सिर्फ नींव तक पहुंचा, बाकी निर्माण ठप पड़ा है।

    मुंबई: मुंबई पुलिस की आर्थिक गुन्हे शाखा (EOW) ने BP Gangar Constructions Pvt. Ltd. नामक डेवलपर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि कंपनी ने वडाला में बन रही “Skye 31” इमारत के 102 फ्लैट खरीदारों से लगभग ₹100 करोड़ की ठगी की।

    पुलिस के अनुसार, बिल्डर को दिसंबर 2024 तक खरीदारों को फ्लैट का कब्जा देना था, लेकिन आज तक इमारत की सिर्फ प्लिंथ लेवल तक की ही कंस्ट्रक्शन हुई है।

    🏗️ 2018 से ले रहा था बुकिंग, लेकिन निर्माण नहीं बढ़ा

    पुलिस जांच में सामने आया है कि BP Gangar Constructions ने 2018 से फ्लैट बुकिंग शुरू की, और कई लोगों से बड़ी रकम ली।
    शिकायतकर्ता अनिल ड्रोन (62), जो एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, ने 2022 में 2-BHK फ्लैट खरीदा था। उन्होंने शिकायत में बताया कि बिल्डर ने एक ही फ्लैट दो लोगों को बेच दिया, यानी एक ही यूनिट से दो बार पैसा वसूला गया।

    🧾 RERA नियमों का उल्लंघन, पैसा निजी उपयोग में लगाया

    EOW के अधिकारियों ने बताया कि डेवलपर ने अब तक 159 में से 102 फ्लैट बेच दिए, लेकिन उस रकम को प्रोजेक्ट में लगाने के बजाय दूसरी कंपनियों या व्यक्तिगत कामों में उपयोग किया गया।
    यह रियल एस्टेट (रेग्युलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट (RERA) का गंभीर उल्लंघन है।

    👮‍♂️ दो डायरेक्टरों पर FIR, IPC की कई धाराएं लागू

    पुलिस ने कंपनी के दो डायरेक्टरों — सुब्बारमन आनंद विलायनूर और उमा सुब्बारमन — और कुछ अन्य अज्ञात अधिकारियों पर IPC की धारा 406 (विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), और 34 (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया है।
    पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर ठगी की रकम करीब ₹100 करोड़ से अधिक हो सकती है।

    📉 खरीदारों में रोष, कहा, “हमारी जिंदगी की कमाई दांव पर”

    पीड़ित फ्लैट खरीदारों ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी इस प्रोजेक्ट में लगाई थी।
    “हम हर महीने EMI दे रहे हैं, लेकिन घर सिर्फ नक्शे में है। बिल्डर जवाब नहीं दे रहा,” — एक खरीदार ने बताया।
    अब खरीदारों की मांग है कि सरकार RERA के तहत तुरंत हस्तक्षेप करे और इस प्रोजेक्ट को किसी दूसरी विश्वसनीय कंपनी को सौंपा जाए।


    FAQ सेक्शन

    Q1. यह मामला किस डेवलपर के खिलाफ दर्ज हुआ है?
    👉 BP Gangar Constructions Pvt. Ltd. के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
    Q2. कितने खरीदार ठगी के शिकार हुए हैं?
    👉 कुल 102 फ्लैट खरीदारों ने शिकायत दर्ज कराई है।
    Q3. ठगी की कुल रकम कितनी है?
    👉 पुलिस के अनुसार, रकम लगभग ₹100 करोड़ से अधिक है।
    Q4. पुलिस ने किन धाराओं में केस दर्ज किया है?
    👉 IPC की धारा 406, 420 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
    Q5. क्या इमारत का निर्माण पूरा हुआ है?
    👉 नहीं, अब तक केवल प्लिंथ लेवल तक ही काम हुआ है।

  • दहिसर के नाले से मिली नवजात की पहचान, गरीबी में मजबूर माता-पिता ने छोड़ा

    दहिसर के नाले से मिली नवजात की पहचान, गरीबी में मजबूर माता-पिता ने छोड़ा

    मुंबई के दहिसर इलाके में नाले से मिली नवजात बच्ची के माता-पिता का पता पुलिस ने लगा लिया है। तीन बेटियों के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस दंपती ने मजबूरी में चौथी बेटी को छोड़ दिया था। पुलिस अब बच्चे की देखरेख को लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है।

    मुंबई: दहिसर में कुछ दिन पहले नाले के पास एक नवजात बच्ची मिलने की घटना ने सभी को झकझोर दिया था। अब पुलिस ने उस मासूम के माता-पिता का पता लगा लिया है। जांच में सामने आया कि यह दंपती बेहद गरीब है और पहले से तीन बेटियां हैं। आर्थिक बोझ और सामाजिक दबाव के चलते उन्होंने चौथी बच्ची को नाले के पास छोड़ दिया।

    🩺 शताब्दी अस्पताल में सुरक्षित है बच्ची

    27 अक्टूबर को दहिसर पुलिस ने अशोकवन इलाके के नाले से इस नवजात को बचाया था। तुरंत शताब्दी अस्पताल, कांदिवली में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची अब पूरी तरह स्थिर है और जल्द डिस्चार्ज हो जाएगी।
    अस्पताल प्रशासन ने कहा — “हम पुलिस को बच्चे की स्थिति की जानकारी देंगे और उन्हें जिसे सौंपने का निर्देश मिलेगा, उसी को बच्ची दी जाएगी।”

    👮‍♀️ पुलिस ने माता-पिता को किया ट्रेस, अब तय होगी कानूनी दिशा

    दहिसर पुलिस ने इलाके के झुग्गी बस्तियों में खोजबीन के बाद बच्ची के माता-पिता को ढूंढ निकाला। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मां घरेलू कामगार है और पिता दिहाड़ी मजदूर। दोनों ने कबूल किया कि वे चौथे बच्चे की परवरिश का खर्च नहीं उठा सकते थे।
    अभी यह तय नहीं हुआ है कि पुलिस दोनों को गिरफ्तार करेगी या सिर्फ एक को। मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण पुलिस सावधानीपूर्वक कदम उठा रही है।

    🧒 बाल कल्याण समिति (CWC) तय करेगी बच्ची का भविष्य

    अभी यह चर्चा जारी है कि बच्ची को माता-पिता को लौटाया जाए या किसी चाइल्ड वेलफेयर होम को सौंपा जाए।
    बाल कल्याण समिति (CWC), अस्पताल और पुलिस मिलकर यह तय करेंगे कि बच्चे के हित में सबसे बेहतर निर्णय क्या होगा।

    💔 गरीबी और समाजिक दबाव की त्रासदी

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह दंपती पिछले कुछ महीनों से आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। पति की मजदूरी से घर चलाना मुश्किल था और तीन बेटियों के पालन-पोषण का खर्च पहले से भारी था। चौथी बेटी के जन्म के बाद उन्हें लगा कि अब उनका गुज़ारा नहीं होगा, इसलिए उन्होंने यह गलत कदम उठाया।
    यह मामला न सिर्फ कानूनी, बल्कि सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण से भी बेहद संवेदनशील बन गया है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. नवजात बच्ची को कहां से बरामद किया गया था?
    👉 बच्ची दहिसर (पश्चिम) के अशोकवन इलाके के एक नाले से बरामद की गई थी।
    Q2. बच्ची की हालत अभी कैसी है?
    👉 शताब्दी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची अब स्थिर है और जल्द डिस्चार्ज होगी।
    Q3. क्या बच्ची को उसके माता-पिता को वापस सौंपा जाएगा?
    👉 इस पर फैसला बाल कल्याण समिति (CWC) और पुलिस मिलकर करेगी।
    Q4. क्या माता-पिता के खिलाफ केस दर्ज किया गया है?
    👉 फिलहाल पुलिस विचार कर रही है कि दोनों को गिरफ्तार किया जाए या नहीं, मामला बेहद संवेदनशील है।

  • Malad Redevelopment Scam: कांदिवली के बिल्डर से ₹18.09 करोड़ की ठगी, तीन डेवलपर्स पर EOW की जांच

    Malad Redevelopment Scam: कांदिवली के बिल्डर से ₹18.09 करोड़ की ठगी, तीन डेवलपर्स पर EOW की जांच

    मुंबई के मालाड इलाके में एक बड़े रीडेवलपमेंट फ्रॉड का खुलासा हुआ है। कांदिवली के बिल्डर से तीन डेवलपर्स ने झूठे दस्तावेज़ दिखाकर ₹18.09 करोड़ की ठगी की। अब मामला आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपा गया है।

    मुंबई: करोड़ों रुपये की ठगी के मामले मे मुंबई पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने मालाड वेस्ट में हुए एक बड़े रीडेवलपमेंट फ्रॉड केस की जांच अपने हाथ में ले ली है। आरोप है कि तीन डेवलपर्स — अपूर्व शाह, शीतल शाह और विशेश शाह — ने कांदिवली के बिल्डर राकेश वीरेंद्र सिंह (51) को झूठे मालिकाना दस्तावेज़ दिखाकर ₹18.09 करोड़ की ठगी की है।

    राकेश सिंह ने बताया कि ये आरोपी खुद को मालाड (वेस्ट) स्थित राम निवास और कमल कुंज नामक दो संपत्तियों के एकमात्र मालिक बताते थे, जबकि असल में ये प्रॉपर्टीज पहले से ही कानूनी विवादों में उलझी हुई थीं।

    🔹 झूठे दस्तावेज़ और फर्जी डेवलपमेंट एग्रीमेंट

    एफआईआर के मुताबिक, तीनों आरोपियों ने राकेश सिंह को लुभाकर Joint Development Agreement (JDA) किया और नकली दस्तावेज़ पेश कर खुद को वैध मालिक बताया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट से भारी मुनाफा होगा।

    सिंह ने अनुमतियों, किरायेदारों के स्थानांतरण और निर्माण कार्यों के लिए ₹18.09 करोड़ का निवेश किया। मगर रकम मिलने के बाद न तो कोई काम शुरू हुआ, न पैसा वापस किया गया।

    🔹 पैसे गायब, प्रोजेक्ट ठप

    सिंह के मुताबिक, सभी दस्तावेज़ और वादे झूठे निकले। रकम को इधर-उधर कर दिया गया और निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने जानबूझकर कानूनी विवाद छिपाकर निवेशक को भ्रमित किया और वित्तीय नुकसान पहुंचाया।

    🔹 EOW ने संभाली जांच

    मालाड पुलिस ने पहले भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा के तहत धोखाधड़ी और विश्वासघात के मामले में एफआईआर दर्ज की थी। अब यह मामला आगे की गहराई से जांच के लिए EOW यूनिट-12 को सौंपा गया है।

    EOW अब यह पता लगाने में जुटी है कि रकम का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया, और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की भूमिका रही है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. यह ठगी किस इलाके में हुई?
    मालाड (वेस्ट), मुंबई में दो संपत्तियों — राम निवास और कमल कुंज — के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में यह धोखाधड़ी हुई।
    Q2. ठगी की कुल रकम कितनी है?
    कांदिवली के बिल्डर राकेश सिंह से ₹18.09 करोड़ की ठगी की गई है।
    Q3. अब इस केस की जांच कौन कर रहा है?
    मामले की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा (EOW) यूनिट-12 कर रही है।
    Q4. आरोपियों के खिलाफ कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
    BNS की संबंधित धाराओं के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप दर्ज किए गए हैं।

  • मालाड में 22वीं मंज़िल से कूदने जा रहे बुज़ुर्ग को पुलिस और फायर ब्रिगेड ने बचाया, तलाक के बाद तनाव में था शख्स

    मालाड में 22वीं मंज़िल से कूदने जा रहे बुज़ुर्ग को पुलिस और फायर ब्रिगेड ने बचाया, तलाक के बाद तनाव में था शख्स

    मुंबई के मालाड पूर्व में 60 वर्षीय बुज़ुर्ग आत्महत्या के लिए 22वीं मंज़िल से कूदने जा रहे थे, लेकिन कुुरार पुलिस और फायर ब्रिगेड की समय रहते कार्रवाई से उनकी जान बच गई। तलाक के बाद तनाव में चल रहे व्यक्ति को पुलिस ने काउंसलिंग देकर सुरक्षित घर भेज दिया।

    मुंबई: मालाड पूर्व इलाके में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब एक 60 वर्षीय बुज़ुर्ग व्यक्ति ने आत्महत्या करने की कोशिश की।
    वह दुर्गामाता एसआरए बिल्डिंग, दिंडोशी कोट (जेपी डेक्स के पास) की 22वीं मंज़िल से कूदने की तैयारी कर रहे थे।

    सूचना मिलते ही कुरार पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड की मदद से बुज़ुर्ग को सुरक्षित नीचे उतारा गया।
    इस त्वरित कार्रवाई ने एक ज़िंदगी बचा ली।

    कंट्रोल रूम की कॉल से शुरू हुई बचाव कार्रवाई

    पुलिस के मुताबिक, 4 नवंबर की सुबह करीब 8 बजे, नॉर्थ कंट्रोल रूम से कॉल मिला कि एक व्यक्ति इमारत की 22वीं मंज़िल से छलांग लगाने की कोशिश कर रहा है।
    शख्स की पहचान विवेक गोगटे (60) के रूप में हुई, जो पेशे से वॉचमैन हैं और उसी बिल्डिंग के एक रूम में रहते हैं।

    जानकारी मिलते ही नाइट शिफ्ट सुपरवाइजर संदीप वेदपाठक, ऑफिसर मनोज क्षीरसागर, और बीट मार्शल 1 टीम लेकर मौके पर पहुंचे।
    साथ ही दिंडोशी फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया।

    फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मिलकर बचाई जान

    जब टीम पहुंची, तब विवेक गोगटे इमारत की दीवार पर चढ़ चुके थे और छलांग लगाने ही वाले थे।
    टीम ने तेजी से एक्शन लेते हुए सुरक्षा रस्सियों और नेट का इस्तेमाल किया, और उन्हें नीचे उतारने में सफलता पाई।

    बचाव के बाद उन्हें कुरार पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां काउंसलिंग दी गई और मानसिक रूप से शांत करने का प्रयास किया गया।

    तलाक के बाद मानसिक तनाव से जूझ रहे थे विवेक गोगटे

    पूछताछ में विवेक गोगटे ने बताया कि पिछले साल उनका तलाक हो गया था, और तब से वे अकेले रह रहे थे।
    पारिवारिक परेशानियों और मानसिक तनाव के कारण उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाने की कोशिश की।

    पुलिस ने गोगटे से उनके किसी परिचित का नंबर मांगा, जिसके बाद उन्होंने अपने मित्र अमर उमेश सिंह (47) का नाम बताया।
    सिंह को बुलाकर पूरा मामला समझाया गया, और गोगटे को उनकी देखरेख में घर भेज दिया गया।

    पुलिस ने दी मानसिक स्वास्थ्य सहायता

    कुरार पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में व्यक्ति को कानूनी कार्रवाई के बजाय मानसिक सहायता देना अधिक ज़रूरी है।
    टीम ने बताया कि उन्होंने “संकट में फंसे व्यक्ति की काउंसलिंग” कराई है ताकि आगे वह ऐसा कदम न उठाएं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

    Q1. घटना कब और कहाँ हुई?
    A1. यह घटना 4 नवंबर की सुबह मालाड ईस्ट के दुरगामाता एसआरए बिल्डिंग, दिंडोशी कोट में हुई।
    Q2. आत्महत्या की कोशिश करने वाला व्यक्ति कौन था?
    A2. 60 वर्षीय विवेक गोगटे, जो वहां वॉचमैन के रूप में काम करते हैं।
    Q3. पुलिस को घटना की जानकारी कैसे मिली?
    A3. नॉर्थ कंट्रोल रूम से सुबह 8 बजे फोन आने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
    Q4. व्यक्ति को कैसे बचाया गया?
    A4. फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मिलकर सुरक्षा उपकरणों की मदद से उन्हें 22वीं मंज़िल से नीचे उतारा।
    Q5. क्या व्यक्ति पर कोई कानूनी कार्रवाई की गई?
    A5. नहीं, पुलिस ने उन्हें काउंसलिंग देकर मानसिक सहायता दी और एक परिचित के साथ घर भेज दिया।

  • मालाड में 7 साल के बच्चे को कार से कुचला, महिला की गिरफ्तारी को लेकर उठे सवाल

    मालाड में 7 साल के बच्चे को कार से कुचला, महिला की गिरफ्तारी को लेकर उठे सवाल

    मालाड वेस्ट के इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में 7 साल के बच्चे को कार से कुचलने के मामले में पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि सिर्फ नोटिस देकर छोड़ दिया। वकील और सामाजिक कार्यकर्ता अभा सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामला गैर-जमानती अपराध के तहत आता है।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहाँ एक सात वर्षीय बच्चा अपनी सोसाइटी के अंदर खेलते समय एक महिला की कार की चपेट में आ गया। बच्चे का पैर बुरी तरह टूट गया। पुलिस ने आरोपी महिला श्वेता शेट्टी-राठौड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, लेकिन गिरफ्तारी के बजाय सिर्फ नोटिस जारी किया। इस पर सामाजिक कार्यकर्ता और एडवोकेट अभा सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि मामला गैर-जमानती अपराध के अंतर्गत आता है।

    मालाड वेस्ट की इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में हादसा

    यह हादसा 19 अक्टूबर को मालाड वेस्ट स्थित इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में हुआ। सात साल का अन्वय मजूमदार अपने भाई और दोस्तों के साथ सोसाइटी के परिसर में खेल रहा था, जब आरोपी महिला श्वेता शेट्टी-राठौड़ ने अपनी कार तेज गति से परिसर में चलाई और अन्वय के पैर पर चढ़ा दी।
    CCTV फुटेज में घटना साफ कैद हुई है। बच्चे की मां महुआ मजूमदार (45) ने पुलिस को बताया कि शाम करीब 5:30 बजे उनके दूसरे बेटे ने इंटरकॉम से कॉल कर कहा – “माँ, अन्वय का पैर कुचल गया।”

    बच्चे की हालत गंभीर, सर्जरी जरूरी

    घटना के बाद अन्वय को तुरंत एवर्शाइन नगर के एक नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे कोकिलाबेन अस्पताल, अंधेरी रेफर कर दिया। जांच में पता चला कि बच्चे के टखने और पिंडली की हड्डी टूट गई है और सर्जरी करनी पड़ी।
    डॉक्टरों के अनुसार, चोटें गंभीर हैं लेकिन बच्चे की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।

    पुलिस की कार्रवाई पर सवाल – क्यों नहीं की गई गिरफ्तारी?

    बांगुर नगर पुलिस ने शुरुआत में आरोपी के खिलाफ रैश ड्राइविंग (धारा 281 BNS) और जीवन को खतरे में डालने (125b BNS) के तहत मामला दर्ज किया। बाद में इसमें धारा 110 BNS (attempt to commit culpable homicide) जोड़ी गई, जो गैर-जमानती अपराध है।
    इसके बावजूद पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार करने के बजाय सिर्फ नोटिस जारी कर छोड़ दिया

    इस पर एडवोकेट अभा सिंह ने कहा —

    “धारा 110 BNS के तहत अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती है। जब सीसीटीवी फुटेज में सबूत साफ हैं, तो पुलिस को आरोपी को गिरफ्तार करने का पूरा अधिकार था। सिर्फ नोटिस देकर छोड़ना कानूनी रूप से उचित नहीं है।”

    आरोपी महिला कौन है?

    आरोपी श्वेता शेट्टी-राठौड़ एक एचआर कंसल्टेंट हैं और इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी के सचिव संजय राठौड़ की पत्नी हैं। पुलिस के अनुसार, वह घटना के समय अपनी कार चला रही थीं जब यह दुर्घटना हुई।

    एफआईआर में दर्ज धाराएं

    मजूमदार परिवार की शिकायत पर पुलिस ने इन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:

    • धारा 281 (लापरवाह ड्राइविंग)
    • धारा 125(b) (दूसरों के जीवन को खतरे में डालना)
    • धारा 110 (गैर-जमानती अपराध – हत्या के प्रयास जैसा अपराध)
    • मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184, 134(a), 134(b) — (खतरनाक ड्राइविंग, मदद न देना, घटना की रिपोर्ट न करना)

    कानूनी नजरिया – अभा सिंह का बयान

    अभा सिंह ने स्पष्ट किया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110 के तहत यदि किसी व्यक्ति के कार्य से मृत्यु की संभावना होती है, तो यह अपराध ‘culpable homicide not amounting to murder’ की श्रेणी में आता है।
    उन्होंने कहा —

    “इस मामले में बच्चा बहुत छोटा था और उसकी जान को गंभीर खतरा हुआ। सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना दिख रही है, इसलिए आरोपी की गिरफ्तारी बनती है।”

    पुलिस की सफाई

    बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक रविंद्र अव्हाड ने बताया कि जांच अभी जारी है और सभी साक्ष्यों को देखने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल आरोपी महिला से पूछताछ चल रही है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

    Q1. यह घटना कहाँ हुई थी?
    A1. यह हादसा मालाड वेस्ट के इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में हुआ।
    Q2. आरोपी महिला कौन हैं?
    A2. आरोपी श्वेता शेट्टी-राठौड़, जो सोसाइटी सचिव की पत्नी और एक HR कंसल्टेंट हैं।
    Q3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    A3. पुलिस ने एफआईआर दर्ज की लेकिन गिरफ्तारी के बजाय आरोपी को नोटिस देकर छोड़ दिया।
    Q4. बच्चा अभी कहाँ इलाज करवा रहा है?
    A4. बच्चा कोकिलाबेन अस्पताल, अंधेरी में भर्ती है और उसकी सर्जरी हो चुकी है।
    Q5. क्या आरोपी पर गैर-जमानती धारा लगी है?
    A5. हाँ, धारा 110 BNS गैर-जमानती अपराध के अंतर्गत आती है, लेकिन गिरफ्तारी नहीं की गई।

  • नालासोपारा में लाइव-इन कपल ने की आत्महत्या, दोनो की सिर पर गंभीर चोटे

    नालासोपारा में लाइव-इन कपल ने की आत्महत्या, दोनो की सिर पर गंभीर चोटे

    महाराष्ट्र के नालासोपारा वेस्ट में एक लाइव-इन जोड़े ने कथित रूप से आत्महत्या की है। दोनों बृहन्मुंबई महानगर पालिका में सफाई कर्मचारी थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई: मुंबई से सटे पालघर जिले के नालासोपारा वेस्ट में हनुमान नगर इलाके में सोमवार को एक मध्य आयु का पुरुष और महिला, जो कि लाइव-इन रिलेशनशिप में थे, मृत पाए गए। दोनों का सिर व अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें पाई गईं। पुलिस ने अक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज कर मृतक के परिजनों व मित्रों से पूछताछ शुरू कर दी है।

    घटना का विवरण

    नालासोपारा वेस्ट के हनुमान नगर इलाके में सोमवार सुबह एक किराए के फ्लैट में रहने वाले एक कपल — पुरुष व महिला (दोनों लगभग 30-35 वर्ष के) — मृत पाए गए। जानकारी के अनुसार दोनों ने कथित रूप से आत्महत्या की है। पुलिस को वहां से कोई स्पष्ट आत्महत्या नोट नहीं मिला है।
    पुलिस के मुताबिक दोनों बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में, सफाईकर्मी के पद पर काम करते थे जिनकी पोस्टिंग मुंबई सेंट्रल इलाके के अंतर्गत तैनात थी। वे 2022 से हनुमान नगर में रह रहे थे।
    प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पुरुष की शादी पहले हो चुकी थी और उसकी एक 12 साल की संतान है। लेकिन पिछले करीब तीन साल से वह इस महिला के साथ किराए के फ्लैट में रह रहा था।
    पुलिस ने बताया कि दोनों में अक्सर विवाद होते थे — पड़ोसियों ने कई बार लड़ाई की आवाजें सुनी थीं। लेकिन जिस दिन यह घटना हुई, उस दिन उन्होंने क्या किया, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

    चोटों की स्थिति और अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया

    पुलिस ने बताया कि दोनों के सिर तथा शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें थीं। पड़ोसी और इमारत के अन्य निवासी उन्हें अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के समय किस प्रकार की चोटें लगी थीं, और या यह आत्महत्या थी या किसी तीसरे पक्ष का हाथ था — इस पर भी जांच जारी है।

    पुलिस कार्रवाई और आगे की जांच

    इसे लेकर नालासोपारा पुलिस ने अक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज किया है। पुलिस मृतक के रिश्तेदारों, काम के साथियों, पड़ोसियों व फ्लैट मालिक से पूछताछ कर रही है। फ्लैट में सुसाइड नोट नहीं मिलने के कारण पुलिस तीसरे पक्ष की भूमिका पर भी विचार कर रही है।
    पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों बीएमसी में सफाईकर्मी थे और उनकी नौकरी-स्थिति, आर्थिक दबाव या व्यक्तिगत संबंधों की समस्या जांच का हिस्सा हैं।

    संबंध और सामाजिक पहलु

    यह मामला उस बढ़ती समस्या को सामने लाता है जिसमें जान-पछान वाले संबंध, आर्थिक अस्थिरता व व्यक्तिगत तनाव मिलकर जीवन पर अत्यधिक दबाव डाल सकते हैं। लाइव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को विशेष रूप से सामाजिक समर्थन, मानसिक स्वास्थ्य संसाधन व रहने की सुरक्षित स्थिति की आवश्यकता होती है।
    यह घटना मुंबई और आसपास के इलाकों में रहने वाले मजदूर वर्ग के जीवन-संघर्ष की ओर भी ध्यान खींचती है — जहाँ काम, रोजगार, साइट-परिवर्तन व निजी समस्या एक साथ मौजूद होती है।

    महत्वपूर्ण बिंदु

    • दोनों मृतक पीड़ित गत तीन साल से हनुमान नगर, नालासोपारा वेस्ट में किराए के फ्लैट में थे।
    • दोनों बीएमसी में सफाईकर्मी के रूप में थे, मुंबई सेंट्रल इलाके में तैनात।
    • पुरुष की शादी पहले हुई थी, एक 12 साल का बेटा है।
    • दोनों के बीच अक्सर विवाद होते थे।
    • सिलसिला किस कारण शुरू हुआ और घटना के दिन क्या स्थितियां थीं — इनकी जांच जारी है।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

    Q1. पुलिस ने मामला क्यों ‘अक्सीडेंटल डेथ’ दर्ज किया है?
    A1. पुलिस को आत्महत्या का पक्का सबूत नहीं मिला है (जैसे सुसाइड नोट) इसलिए प्रारंभ में अक्सीडेंटल डेथ के रूप में मामला दर्ज किया गया है।
    Q2. दोनों का रोजगार क्या था और किसके लिए काम करते थे?
    A2. दोनों Brihanmumbai Municipal Corporation (बीएमसी) में सफाईकर्मी थे और मुंबई सेंट्रल इलाके में तैनात थे।
    Q3. क्या किसी तीसरे पक्ष का हाथ माना जा रहा है?
    A3. फिलहाल पुलिस तीसरे पक्ष की भूमिका पूरी तरह से खारिज नहीं कर रही — चोटों व घटनास्थल की जांच जारी है।
    Q4. क्या पड़ोसियों ने विवाद की सूचना दी थी?
    A4. पड़ोसियों ने कहा कि दोनों की बातचीत में अक्सर तीखी तकरार होती थी और कई बार आवाजाही सुनाई देती थी।

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  • मालाड में सड़क के गड्ढे को भरकर ट्रैफिक पुलिस ने किया सराहनीय काम, समाजसेवक जावेद सैय्यद बने मिसाल

    मालाड में सड़क के गड्ढे को भरकर ट्रैफिक पुलिस ने किया सराहनीय काम, समाजसेवक जावेद सैय्यद बने मिसाल

    मालाड के मार्वे रोड पर बीच सड़क बने गड्ढे से हादसे की आशंका थी। समाजसेवक जावेद सैय्यद ने ट्रैफिक पुलिस की मदद से खुद गड्ढा भरवाकर दुर्घटना रोकी। पुलिस हवलदार मुश्ताक मुलाणी और टीम का सराहनीय योगदान।

    मुंबई: मालाड पश्चिम के मार्वे रोड पर चारकोप नाका से मालवनी की ओर जाने वाली सड़क पर पिछले कुछ दिनों से कई जगहों पर गड्ढे बन गए थे।
    इन गड्ढों कारण वाहनों की गति रुक जाती और ट्रैफिक जाम आम बात हो गई थी। कई बाइक सवारों का संतुलन बिगड़ने से चोटें भी आईं।
    स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की कोशिश की, लेकिन प्रशासन तक इसकी भनक तक नही हुई।

    💪 समाजसेवक जावेद सैय्यद और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर किया काम

    ऐसे में समाजसेवक जावेद सैय्यद ने खुद पहल करते हुए ट्रैफिक पुलिस की मदद से सड़क की मरम्मत करवाई।
    उन्होंने मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक पुलिस से बात की और तुरंत एक अस्थायी समाधान निकाला ताकि यातायात सुचारु रूप से चले और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

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    इस कार्य में ट्रैफिक विभाग के पुलिस हवलदार मुश्ताक मुलाणी, सी. डी. ढास, और सुवर्णा निषाद ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया।

    🚦 स्थानीय नागरिकों ने किया पुलिस की सराहना

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    स्थानीय नागरिकों ने इस सराहनीय कार्य की खुलकर तारीफ की।
    एक दुकानदार ने कहा –

    “जहां प्रशासन समय पर काम नहीं करता, वहां पुलिस और समाजसेवक जावेद भाई ने मिलकर मिसाल पेश की है।”

    लोगों ने कहा कि यह कदम “जनसेवा का असली उदाहरण” है और अगर ऐसे छोटे-छोटे प्रयास हर वार्ड में किए जाएं तो शहर की स्थिति काफी सुधर सकती है।

    🛠️ ट्रैफिक पुलिस की तत्परता से बचा बड़ा हादसा

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    बीएमसी की लापरवाही से बना यह गड्ढा रोज़ाना हजारों गाड़ियों के लिए खतरा बन चुका था।
    लेकिन ट्रैफिक पुलिस की तत्परता और जावेद सैय्यद की पहल ने न केवल सड़क को दुरुस्त कराया बल्कि सैकड़ों लोगों की जान-माल की सुरक्षा भी सुनिश्चित की।

    🌇 मुंबई में बढ़ रही सड़क सुरक्षा की चिंता

    मुंबई में हर साल मॉनसून और मरम्मत कार्यों के कारण सैकड़ों गड्ढे बनते हैं, जिनसे कई हादसे होते हैं।
    यह घटना बताती है कि यदि स्थानीय नागरिक और पुलिस मिलकर काम करें, तो सड़क सुरक्षा को काफी हद तक बेहतर बनाया जा सकता है।

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    FAQ सेक्शन:

    Q1: सड़क का गड्ढा कहाँ बना था?
    👉 यह गड्ढा मालाड पश्चिम के मार्वे रोड, चारकोप नाका से मालवनी की ओर जाने वाली सड़क पर था।
    Q2: किसने गड्ढा भरवाने का काम किया?
    👉 समाजसेवक जावेद सैय्यद ने ट्रैफिक पुलिस की मदद से यह कार्य किया।
    Q3: कौन-कौन से पुलिसकर्मी शामिल थे?
    👉 पुलिस हवलदार मुश्ताक मुलाणी, सी. डी. ढास और सुवर्णा निषाद ने इस काम में योगदान दिया।
    Q4: क्या इससे सड़क हादसे रुक गए?
    👉 हाँ, फिलहाल ट्रैफिक सामान्य है और गड्ढे से होने वाले हादसे की आशंका खत्म हो गई है।
    Q5: स्थानीय लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
    👉 लोगों ने जावेद सैय्यद और ट्रैफिक पुलिस की तारीफ की और उन्हें “जनसेवा का उदाहरण” बताया।

  • मुंबई में खाने के झगड़े ने ली जान: दोस्तों ने टैक्सी ड्राइवर की कर दी हत्या

    मुंबई में खाने के झगड़े ने ली जान: दोस्तों ने टैक्सी ड्राइवर की कर दी हत्या

    मुंबई के साकीनाका इलाके में खाने को लेकर झगड़े में एक टैक्सी ड्राइवर की उसके ही चार दोस्तों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जबकि तीन अब भी फरार हैं।

    मुंबई: अंधेरी पूर्व के साकीनाका में मंगलवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई। खाना लाने के मामूली विवाद में चार रूममेट्स ने अपने ही दोस्त और टैक्सी ड्राइवर जावेद अहमद खान (42) की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने एक आरोपी शहबाज खान (27) को मौके से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन आरोपी फरार हैं। सभी आरोपी और मृतक उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले बताए गए हैं।

    🍽️ खाने के झगड़े से शुरू हुआ विवाद, मौत पर खत्म

    साकीनाका के जरिमरी इलाके में पांच टैक्सी ड्राइवर एक साथ किराए के कमरे में रहते थे। सोमवार रात सभी देर से घर लौटे। हर दिन जो पहले घर आता, वही होटल से खाना लेकर आता था।
    पुलिस के मुताबिक, पिछले तीन दिन से जावेद ही खाना ला रहा था, लेकिन उस रात उसने मना कर दिया। उसने कहा — “मैं तुम्हारा नौकर नहीं हूं कि रोज खाना लाऊं, अब बारी तुम्हारी है।”
    इस बात पर दोस्तों में बहस शुरू हुई, जो मारपीट में बदल गई।

    🪵 लकड़ी के डंडे और लात-घूंसों से किया हमला

    गुस्से में आए शहबाज और उसके तीन दोस्तों ने पास में रखे लकड़ी के डंडे से जावेद के सिर पर वार किया, फिर लात-घूंसों से उसकी पिटाई कर दी।
    घायल जावेद बेहोश होकर गिर पड़ा और उसके सिर से खून बहने लगा। शोर सुनकर पड़ोसी पहुंचे और उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    👮‍♂️ एक गिरफ्तार, तीन की तलाश जारी

    साकीनाका पुलिस ने आरोपी शहबाज खान को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया, जबकि बाकी तीन आरोपी फरार हैं।
    डीसीपी दत्ता नलावड़े के अनुसार, चार टीमें फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और रेलवे स्टेशन समेत सभी संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही है।
    तकनीकी सहायता लेकर पुलिस आरोपियों का लोकेशन ट्रैक कर रही है।

    ⚖️ पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

    साकीनाका पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुनील यादव ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी और मृतक 8 साल से मुंबई में एक साथ टैक्सी चला रहे थे
    यह वारदात शहर में प्रवासी मजदूरों के बीच बढ़ते तनाव और मानसिक दबाव का एक और उदाहरण है।


    FAQ सेक्शन:

    Q1: यह वारदात कहाँ हुई?
    👉 मुंबई के साकीनाका इलाके के जरिमरी क्षेत्र में, जहां पांच टैक्सी ड्राइवर एक साथ किराए पर रहते थे।
    Q2: हत्या का कारण क्या था?
    👉 आरोपी और मृतक के बीच होटल से खाना लाने को लेकर झगड़ा हुआ था।
    Q3: कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
    👉 एक आरोपी शहबाज खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य फरार हैं।
    Q4: पुलिस ने कौन-कौन सी धाराएँ लगाई हैं?
    👉 हत्या के तहत मामला दर्ज किया गया है।
    Q5: सभी आरोपी कहाँ के रहने वाले हैं?
    👉 सभी आरोपी और मृतक उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले हैं।