Category: Crime News

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  • वसई किले में शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने पर प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज

    वसई किले में शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने पर प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज

    महाराष्ट्र के ऐतिहासिक वसई किले में फिल्म शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने का मामला सामने आया है। ASI के नियमों के उल्लंघन पर वसई पुलिस ने प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच जारी है।

    वसई (पालघर): ऐतिहासिक वसई किले में फिल्म शूटिंग के दौरान लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक निजी प्रोडक्शन कंपनी द्वारा फ्रांसिस्कन चर्च के अंदर चूल्हा जलाने के आरोप में वसई पुलिस ने केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि चूल्हा उन पत्थरों पर जलाया गया, जिन पर सैकड़ों साल पुराने शिलालेख मौजूद हैं। इस घटना से पुरातत्व प्रेमियों और स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी है।

    ASI के नियमों का उल्लंघन

    पुलिस के मुताबिक, मुंबई के मालाड स्थित ‘आरंभ एंटरटेनमेंट’ नाम की प्रोडक्शन कंपनी को 18 और 19 दिसंबर को वसई किले में शूटिंग की अनुमति दी गई थी। यह अनुमति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की सख्त शर्तों के साथ दी गई थी।
    इसके बावजूद शूटिंग के दौरान फ्रांसिस्कन चर्च के भीतर चूल्हा जलाया गया, जो नियमों का सीधा उल्लंघन माना गया है।

    संरक्षित स्मारक को खतरा

    पुरातत्व विभाग ने अपनी शिकायत में कहा है कि यह कृत्य प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 का उल्लंघन है। जिस स्थान पर चूल्हा जलाया गया, वह ऐतिहासिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
    यही वह स्थान बताया जाता है, जहां मराठों और पुर्तगालियों के बीच ऐतिहासिक संधि वार्ता हुई थी।

    वसई किले का ऐतिहासिक महत्व

    1536 में पुर्तगालियों द्वारा निर्मित वसई किला 109 एकड़ में फैला हुआ है। तीन तरफ से समुद्र और दलदली इलाके से घिरा यह किला करीब 30 फीट ऊंची दीवारों से सुरक्षित है।
    बाद में छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति चिमाजी अप्पा ने इसे जीतकर मराठा शौर्य का प्रतीक बना दिया। किले में फ्रांसिस्कन चर्च समेत कई रोमन कैथोलिक मिशनों के अवशेष मौजूद हैं।

    पहले भी हो चुकी है लापरवाही

    स्थानीय इतिहासकारों का कहना है कि इससे पहले भी फिल्म ‘कांतारा 2’ की शूटिंग के दौरान किले के भीतर जलती मशालें फेंके जाने का आरोप लगा था। उस समय भी शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    विरासत प्रेमियों का आरोप

    हेरिटेज एक्टिविस्ट्स का आरोप है कि शूटिंग फीस के बदले नियमों की अनदेखी की जाती है।
    एक स्थानीय इतिहास प्रेमी ने कहा,

    “अगर ऐसे ही लापरवाही चलती रही, तो वसई किले की ऐतिहासिक धरोहर हमेशा के लिए नष्ट हो जाएगी।”

    पुलिस जांच जारी

    वसई पुलिस ने पुष्टि की है कि प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ संरक्षित स्मारक को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


    FAQ

    Q1. वसई किले में क्या घटना हुई?
    फिल्म शूटिंग के दौरान फ्रांसिस्कन चर्च के अंदर चूल्हा जलाया गया।

    Q2. किसके खिलाफ केस दर्ज हुआ है?
    मुंबई की आरंभ एंटरटेनमेंट नामक प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ।

    Q3. किस कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है?
    प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत।

    Q4. पुलिस जांच की स्थिति क्या है?
    मामले की जांच जारी है।

  • फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    मुंबई के मालाड में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़ित गैस एजेंसी मालिक डर के कारण आत्महत्या करने दहाणू स्टेशन तक पहुंच गया था।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में फर्जी पुलिस अधिकारियों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। मालाड के एक एलपीजी एजेंसी मालिक से 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन ठगों की धमकियों से इतना डर फैल गया कि 39 वर्षीय पीड़ित घर छोड़कर दहाणू रेलवे स्टेशन पर आत्महत्या करने की सोच रहा था, जहां पुलिस ने समय रहते उसकी जान बचा ली।

    पत्नी की शिकायत से खुला पूरा मामला

    यह मामला तब सामने आया जब 15 दिसंबर को पीड़ित की पत्नी ने दिंडोशी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके पति अचानक घर छोड़कर चले गए हैं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह गंभीर मानसिक दबाव में था और खुद को फर्जी केस में फंसाया जाने से डर रहा था।

    गणपति पंडाल से शुरू हुई ठगी की कहानी

    पुलिस के मुताबिक, ठगी की शुरुआत सितंबर में हुई थी। पीड़ित ने अपने परिचित प्रवीण खेडेकर को गणपति पंडाल के लिए करीब ₹10,500 उधार दिए थे। कुछ समय बाद खेडेकर ने उससे ₹50,000 और मांगा जिसमें उसने मोबाइल ट्रांसफर एक अन्य नंबर पर करवाया।

    यहीं से शुरू हुआ फर्जी पुलिस कॉल का खेल।

    “तुम पर मर्डर का शक है” – फर्जी जॉइंट सीपी की धमकी

    पैसे ट्रांसफर करने के बाद पीड़ित को एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस बताया और कहा कि
    ₹10,500 की रकम सुपारी देकर हत्या कराने की एडवांस पेमेंट है।
    इस धमकी से पीड़ित पूरी तरह डर गया।

    “तुम्हें बचाने के लिए हत्या कर दी” – फिर मांगे 2 लाख

    कुछ दिन बाद एक और कॉल आया, जिसमें ठग ने कहा कि खेडेकर को पीड़ित को बचाने के लिए मार दिया गया है, और अब इसके बदले ₹2 लाख देने होंगे।
    इसके बाद लगातार कॉल आने लगे। हर बार रकम बढ़ती गई —
    ₹50,000 से शुरू होकर ₹7 लाख तक।

    मुंबई पुलिस कमिश्नर बनकर मांगे 20 लाख

    ठगों में से एक ने खुद को “अविनाश शिंदे” नाम का पुलिस अधिकारी बताया। बाद में तो हद तब हो गई जब एक आरोपी ने खुद को मुंबई पुलिस कमिश्नर बताते हुए तुरंत गिरफ्तारी रोकने के लिए ₹20 लाख की मांग कर डाली।

    बुजुर्ग के जरिए होती थी नकद वसूली

    पीड़ित ने पुलिस को बताया कि जब भी वह नकद पैसे देता था, तो एक बुजुर्ग व्यक्ति सार्वजनिक गार्डन में आकर पैसे ले जाता था।
    जांच में पता चला कि कई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन उसी बुजुर्ग के मोबाइल से किए गए थे।

    कर्ज लेकर दिए 99 लाख रुपये

    डर और धमकियों के चलते पीड़ित ने

    • करीब ₹80 लाख नकद
    • और ₹19 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर
      किए। इसके लिए उसने फाइनेंस कंपनियों से कर्ज भी लिया। फिर भी उसे लगने लगा कि उसकी गिरफ्तारी तय है।

    आत्महत्या के इरादे से दहाणू पहुंचा पीड़ित

    15 दिसंबर को वह घर छोड़कर चला गया। पुलिस ने उसे दहाणू रेलवे स्टेशन पर पाया, जहां वह आत्महत्या करने की हिम्मत जुटा रहा था।
    एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “वह इतना डर चुका था कि उसे मरना ही एकमात्र रास्ता लग रहा था।”

    CDR जांच से तीनों आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले, जिससे

    • प्रवीण खेडेकर,
    • प्रवीण काटे
      और एक अन्य साथी का नाम सामने आया।
      तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बुजुर्ग ने दावा किया कि उसे ठगी की जानकारी नहीं थी और उसने सिर्फ अपना फोन इस्तेमाल करने दिया था।

    कानूनी कार्रवाई

    दिंडोशी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (उगाही) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच जारी है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: पीड़ित कौन है?
    A: मालाड का 39 वर्षीय एलपीजी गैस एजेंसी मालिक।

    Q2: ठगों ने कितनी रकम वसूली?
    A: कुल ₹99 लाख।

    Q3: पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया?
    A: तीन आरोपियों को।

    Q4: मामला किस थाने में दर्ज है?
    A: दिंडोशी पुलिस थाना।

  • ट्रैफिक पुलिस से बदसलूकी का मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार

    ट्रैफिक पुलिस से बदसलूकी का मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार

    अंधेरी में सीट बेल्ट चेक के दौरान ट्रैफिक कॉन्स्टेबल से गाली-गलौज और मारपीट के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी परिवार को राहत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा— FIR रद्द हुई तो पुलिस का मनोबल टूटेगा।

    मुंबई: ट्रैफिक पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी और मारपीट के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अंधेरी के एक बुजुर्ग दंपति और उनके बेटे के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग को अदालत ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने साफ कहा कि मामले में सबूत मौजूद हैं और ऐसी स्थिति में केस रद्द करना पुलिस बल का मनोबल तोड़ने जैसा होगा।

    ⚖️ हाईकोर्ट का अहम फैसला

    इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति संदीप डी. पाटिल की खंडपीठ ने की। अदालत ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का समर्थन करने वाले वीडियो सबूत और गवाहों के बयान मौजूद हैं। ऐसे में आरोपियों को ट्रायल का सामना करना ही होगा।

    अदालत ने टिप्पणी की कि
    👉 “अगर ऐसे मामलों में FIR रद्द की गई, तो यह समाज और पुलिस व्यवस्था के लिए गलत संदेश होगा।”

    🚦 कब और कहां हुआ था विवाद?

    यह घटना 13 अगस्त 2024 को
    📍 MHADA कॉलोनी जंक्शन, अंधेरी में हुई थी।

    उस समय ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल

    • गणेश सोनावणे
    • भारत चौधरी

    सीट बेल्ट चेकिंग की ड्यूटी पर तैनात थे।

    🚗 सीट बेल्ट न पहनने पर शुरू हुआ विवाद

    कांस्टेबल सोनावणे ने देखा कि एक कार में आगे की सीट पर बैठी महिला ने सीट बेल्ट नहीं पहनी थी। उन्होंने गाड़ी रोककर ई-चालान काटने की प्रक्रिया शुरू की।

    इसी दौरान पुलिस के अनुसार:

    • महिला और उसके पति ने गंदी गालियां देना शुरू कर दिया
    • ड्राइवर ने कांस्टेबल को जान से मारने की धमकी दी
    • महिला ने कथित तौर पर
      👉 कांस्टेबल को थप्पड़ मारा
      👉 सीने में मुक्का मारा

    👨‍👩‍👦 कौन हैं आरोपी?

    बाद में आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:

    • कपिल भगवानप्रसाद आनंद (70)
    • साधना आनंद (60)
    • उनका बेटा अद्वैत आनंद (30)

    तीनों लोकhandwala कॉम्प्लेक्स, अंधेरी के निवासी हैं।

    📹 वीडियो बना मजबूत सबूत

    पुलिस ने अदालत को बताया कि
    👉 पूरी घटना कांस्टेबल भारत चौधरी ने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड की थी।
    यह वीडियो चार्जशीट का हिस्सा है।

    हाईकोर्ट ने वीडियो फुटेज और गवाहों के बयान देखने के बाद कहा कि
    👉 “यह ऐसा मामला है जिसमें आरोपियों को ट्रायल कोर्ट में मुकदमे का सामना करना होगा।”

    🛑 FIR रद्द करने की मांग खारिज

    परिवार की ओर से दलील दी गई थी कि

    • उन्हें झूठा फंसाया गया है
    • ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं

    लेकिन कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि
    👉 सबूत साफ तौर पर आरोपों की पुष्टि करते हैं।

    👮‍♂️ पुलिस और समाज को लेकर कोर्ट की टिप्पणी

    हाईकोर्ट ने कहा कि
    👉 अगर पुलिसकर्मियों पर हमले के मामलों में नरमी बरती गई,
    👉 तो पुलिसकर्मी डर के माहौल में ड्यूटी करने को मजबूर होंगे,
    जो कानून-व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. यह मामला किस इलाके का है?
    👉 अंधेरी, MHADA कॉलोनी जंक्शन।

    Q2. FIR क्यों दर्ज की गई थी?
    👉 ट्रैफिक पुलिस से गाली-गलौज, मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में।

    Q3. हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया?
    👉 FIR रद्द करने से इनकार, ट्रायल जारी रखने का आदेश।

    Q4. पुलिस के पास क्या सबूत हैं?
    👉 मोबाइल वीडियो रिकॉर्डिंग और गवाहों के बयान।

  • Mumbai: नशेड़ी ड्राइवर ने नोरा फतेही की मर्सिडीज़ को मारी टक्कर, आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai: नशेड़ी ड्राइवर ने नोरा फतेही की मर्सिडीज़ को मारी टक्कर, आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai के अंधेरी में नशे में धुत एक युवक ने अभिनेत्री नोरा फतेही की मर्सिडीज़ कार को टक्कर मार दी। हादसे में नोरा को हल्की चोट आई, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    मुंबई: नशे में ड्राइविंग का एक गंभीर मामला सामने आया है। अंधेरी (पश्चिम) इलाके में एक 27 वर्षीय युवक ने शराब के नशे में अपनी कार से बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही की मर्सिडीज़ को टक्कर मार दी। यह हादसा उस वक्त हुआ जब नोरा सनबर्न फेस्टिवल में परफॉर्म करने के लिए सीवरी जा रही थीं। पुलिस ने मौके से ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पुष्टि हुई है कि ड्राइवर शराब के नशे में था।

    🚗 कैसे हुआ हादसा?

    Mumbai पुलिस के मुताबिक यह घटना
    📍 लक्ष्मी इंडस्ट्रियल एस्टेट, अंधेरी (पश्चिम)
    🕓 शनिवार शाम करीब 4 बजे की है।

    नोरा फतेही अपनी टीम के साथ मर्सिडीज़ कार में
    👉 सीवरी स्थित सनबर्न फेस्टिवल के लिए रवाना हुई थीं,
    जहां उन्हें मशहूर DJ डेविड गुएटा के साथ मंच साझा करना था।

    इसी दौरान पीछे से आ रही एक कार ने
    👉 पहले नोरा की गाड़ी को टक्कर मारी
    👉 फिर डिवाइडर से जा टकराई।

    🍺 शराब के नशे में था आरोपी

    हादसे के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और
    👉 ड्राइवर को वहीं से हिरासत में ले लिया।

    आरोपी की पहचान
    विनय एस. (27)
    निवासी – गोरेगांव
    के रूप में हुई है।

    पुलिस ने जब उसे
    👉 ब्रीथ एनालाइज़र टेस्ट कराया,
    तो यह साफ हो गया कि वह शराब के नशे में था।

    🏥 नोरा फतेही की हालत कैसी है?

    हादसे के बाद नोरा फतेही की टीम ने
    👉 उन्हें एहतियात के तौर पर
    👉 नज़दीकी अस्पताल पहुंचाया।

    डॉक्टरों ने

    • CT स्कैन किया
    • गंभीर चोट की जांच की

    पुलिस अधिकारी के अनुसार:
    👉 “टक्कर के कारण नोरा को हल्का कन्कशन (Concussion) हुआ है,
    लेकिन उनकी हालत स्थिर है।”

    ⚖️ आरोपी पर कौन-कौन सी धाराएं?

    अंबोली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ:

    • BNS धारा 110 – गैर इरादतन हत्या का प्रयास
    • धारा 281 – लापरवाही से वाहन चलाना
    • धारा 125(a) – मानव जीवन को खतरे में डालना
    • मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 – शराब के नशे में गाड़ी चलाना

    के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    आरोपी को
    👉 मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया
    👉 रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

    🚨 Mumbai पुलिस कर रही है आगे की जांच

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि

    • आरोपी कहां जा रहा था
    • गाड़ी की स्पीड कितनी थी
    • हादसे के समय ट्रैफिक की स्थिति क्या थी

    सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान भी जुटाए जा रहे हैं।

    ⚠️ नशे में ड्राइविंग

    यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि
    👉 नशे में गाड़ी चलाना कितना खतरनाक हो सकता है।
    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि

    • शराब पीकर वाहन न चलाएं
    • सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. हादसा कहां हुआ?
    👉 अंधेरी (पश्चिम), लक्ष्मी इंडस्ट्रियल एस्टेट के पास।

    Q2. आरोपी कौन है?
    👉 27 वर्षीय विनय एस., गोरेगांव निवासी।

    Q3. क्या नोरा फतेही को गंभीर चोट आई?
    👉 नहीं, उन्हें हल्का कन्कशन हुआ है।

    Q4. आरोपी पर कौन सी धाराएं लगी हैं?
    👉 BNS और मोटर व्हीकल एक्ट की कई गंभीर धाराएं।

  • एक्टर अनुज सचदेवा पर भी दर्ज हुआ क्रॉस केस, पार्किंग विवाद बना मारपीट की वजह

    एक्टर अनुज सचदेवा पर भी दर्ज हुआ क्रॉस केस, पार्किंग विवाद बना मारपीट की वजह

    मुंबई के बंगुर नगर इलाके में टीवी एक्टर अनुज सचदेवा और पड़ोसी प्रदीप सिंह के बीच पार्किंग को लेकर हुए विवाद में पुलिस ने क्रॉस FIR दर्ज की है। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: बंगुर नगर पुलिस स्टेशन में टीवी एक्टर अनुज सचदेवा से जुड़े मारपीट मामले में नया मोड़ आ गया है। जहां पहले अभिनेता की शिकायत पर उनके पड़ोसी प्रदीप सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, वहीं अब पुलिस ने सिंह की शिकायत के आधार पर अनुज सचदेवा के खिलाफ भी क्रॉस केस दर्ज किया है। पूरा विवाद सोसायटी की पार्किंग को लेकर शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हाथापाई और चोट लगने तक पहुंच गया।

    📍 क्या है पूरा मामला?

    घटना 14 दिसंबर की रात करीब 10 बजे की है।
    प्रदीप सिंह ने अपनी BMW कार सोसायटी की ओपन पार्किंग में खड़ी की थी। कुछ देर बाद सोसायटी के व्हाट्सऐप ग्रुप में एक मैसेज आया, जिसमें अभिनेता अनुज सचदेवा ने कार की फोटो डालते हुए लिखा कि अगर गाड़ी नहीं हटाई गई तो टोइंग कर दी जाएगी।

    यह मैसेज देखकर प्रदीप सिंह नीचे पार्किंग में पहुंचे। वहां उन्होंने अनुज सचदेवा को एक अन्य सोसायटी मेंबर के साथ टहलते हुए देखा और उनसे इस पोस्ट को लेकर सवाल किया।

    🗣️ बहस से मारपीट तक कैसे पहुंचा मामला?

    प्रदीप सिंह की शिकायत के मुताबिक:

    • सोसायटी में ओपन पार्किंग की सुविधा है
    • इसी नियम के तहत उन्होंने गाड़ी खड़ी की थी

    जब उन्होंने अनुज सचदेवा से बात की, तो:

    • दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई
    • सचदेवा ने कथित तौर पर गाली-गलौज की
    • साथ मौजूद एक सदस्य की ओर इशारा किया, जिसके पास पालतू कुत्ता था

    आरोप है कि
    👉 कुत्ते ने प्रदीप सिंह के दाहिने हाथ की कलाई पर काट लिया, जिससे उन्हें चोट लगी।

    🐕 कुत्ते के हमले के बाद क्या हुआ?

    सिंह का कहना है कि

    • उन्होंने खुद को बचाने के लिए एक डंडा उठाया
    • इसके बाद अनुज सचदेवा ने कथित तौर पर
      👉 किसी सख्त वस्तु से हमला किया, जिससे उन्हें और चोटें आईं

    शोर सुनकर सोसायटी के वॉचमैन मौके पर पहुंचे और दोनों को अलग किया।

    ⚖️ पहले और अब: दो FIR

    • 15 दिसंबर:
      👉 अनुज सचदेवा की शिकायत पर
      👉 प्रदीप सिंह के खिलाफ
      👉 मारपीट और आपराधिक धमकी की FIR दर्ज
    • अब:
      👉 प्रदीप सिंह की शिकायत पर
      👉 अनुज सचदेवा के खिलाफ
      👉 क्रॉस FIR दर्ज

    फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयानों, मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

    👮‍♂️ पुलिस का कहना

    बंगुर नगर पुलिस के अनुसार,

    • दोनों पक्षों की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है।
    • जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. अनुज सचदेवा पर किस मामले में FIR दर्ज हुई है?
    👉 पार्किंग विवाद के बाद मारपीट और गाली-गलौज के आरोप में।

    Q2. घटना कब और कहां हुई?
    👉 14 दिसंबर की रात, बंगुर नगर इलाके की एक हाउसिंग सोसायटी में।

    Q3. क्या पहले भी कोई FIR दर्ज हुई थी?
    👉 हां, पहले अनुज सचदेवा की शिकायत पर प्रदीप सिंह के खिलाफ FIR हुई थी।

    Q4. पुलिस आगे क्या कर रही है?
    👉 दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर सबूत जुटाए जा रहे हैं।

  • महाभारत के युधिष्ठिर साइबर ठगी के शिकार, मुंबई पुलिस ने बचाए ₹98 हजार

    महाभारत के युधिष्ठिर साइबर ठगी के शिकार, मुंबई पुलिस ने बचाए ₹98 हजार

    महाभारत फेम अभिनेता गजेंद्र चौहान साइबर फ्रॉड का शिकार हुए। फेसबुक विज्ञापन के जरिए ₹98 हजार की ठगी हुई, लेकिन मुंबई पुलिस की तत्परता से पूरी रकम वापस मिली।

    मुंबई: टीवी धारावाहिक महाभारत में युधिष्ठिर का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वाले अभिनेता गजेंद्र सिंह चौहान साइबर ठगी का शिकार हो गए। फेसबुक पर दिखे एक फर्जी विज्ञापन के झांसे में आकर उनके बैंक खाते से ₹98,000 कट गए। हालांकि, ओशिवारा पुलिस की साइबर सेल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरी रकम कुछ ही समय में अभिनेता के खाते में वापस करा दी।

    📍 कैसे हुआ साइबर फ्रॉड?

    69 वर्षीय गजेंद्र चौहान अंधेरी वेस्ट के लोखंडवाला-ओशिवारा इलाके में रहते हैं।
    10 दिसंबर को उन्होंने फेसबुक पर
    👉 डी-मार्ट के नाम से ड्राई फ्रूट्स पर भारी छूट का एक विज्ञापन देखा

    • लिंक पर क्लिक कर ऑर्डर किया
    • मोबाइल पर OTP आया
    • कुछ ही देर बाद मैसेज मिला कि
      👉 HDFC बैंक अकाउंट से ₹98,000 डेबिट हो गए

    तभी उन्हें समझ आया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।

    🚨 तुरंत की पुलिस से शिकायत

    धोखाधड़ी का एहसास होते ही
    👉 गजेंद्र चौहान ने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज की
    👉 साथ ही ओशिवारा पुलिस से संपर्क किया

    पुलिस ने बिना देरी किए केस की जांच शुरू कर दी।

    👮‍♂️ मुंबई पुलिस की फुर्ती लाई रंग

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय चव्हाण और पुलिस निरीक्षक आनंद पगारे के मार्गदर्शन में
    ओशिवारा पुलिस की साइबर टीम ने तेजी से कार्रवाई की।

    इस टीम में शामिल थे:

    • साइबर सब-इंस्पेक्टर शरद देवरे
    • एपीआई अशोक कोंडे
    • कॉन्स्टेबल विक्रम सरनोबत

    जांच में सामने आया कि
    👉 ठगी की रकम Razorpay के जरिए Croma से जुड़े एक अकाउंट में ट्रांसफर हुई थी।

    💰 ऐसे वापस मिले पूरे ₹98,000

    पुलिस ने तुरंत
    👉 HDFC बैंक
    👉 Razorpay
    👉 Croma

    के नोडल अधिकारियों से ई-मेल के जरिए संपर्क किया।
    समय रहते ट्रांजैक्शन होल्ड कराया गया और
    👉 पूरी रकम अभिनेता के अकाउंट में वापस ट्रांसफर कर दी गई।

    🙏 अभिनेता ने पुलिस को कहा धन्यवाद

    गजेंद्र चौहान ने
    👉 मुंबई पुलिस
    👉 ओशिवारा पुलिस की साइबर टीम

    की तारीफ करते हुए कहा कि
    “अगर समय पर कार्रवाई न होती तो पैसा वापस मिलना मुश्किल था।”

    🎭 गजेंद्र सिंह चौहान के बारे में

    • जन्म: 10 अक्टूबर 1956, दिल्ली
    • शिक्षा:
    • रामजस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, दिल्ली
    • AIIMS से रेडियोग्राफी में डिप्लोमा
    • अभिनय प्रशिक्षण: रोशन तनेजा एक्टिंग स्कूल, मुंबई

    करियर:

    • टीवी डेब्यू: Paying Guest (1983)
    • चर्चित सीरियल: राजनी, एयर होस्टेस, अदालत
    • फिल्म डेब्यू: मैं चुप नहीं रहूंगी (1986)
    • सबसे बड़ी पहचान: बी.आर. चोपड़ा की महाभारत में युधिष्ठिर

    ⚠️ साइबर सेफ्टी पर पुलिस की सलाह

    • सोशल मीडिया विज्ञापनों पर आंख बंद कर भरोसा न करें
    • अनजान लिंक पर क्लिक न करें
    • OTP किसी से साझा न करें
    • ठगी होते ही 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. गजेंद्र चौहान के साथ कितनी रकम की ठगी हुई?
    👉 ₹98,000

    Q2. ठगी किस माध्यम से हुई?
    👉 फेसबुक पर फर्जी विज्ञापन के जरिए

    Q3. पैसा वापस कैसे मिला?
    👉 ओशिवारा पुलिस की साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई से

    Q4. शिकायत कहां की गई थी?
    👉 1930 साइबर हेल्पलाइन और ओशिवारा पुलिस स्टेशन

  • Nude Video Blackmailing: मुंबई में चार उभरते अभिनेता गिरफ्तार

    Nude Video Blackmailing: मुंबई में चार उभरते अभिनेता गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड में चार aspiring actors ने एक कारोबारी को उसका Nude Video वायरल करने की धमकी देकर 6 लाख रुपये ऐंठने की कोशिश की। पुलिस ने जाल बिछाकर सभी को गिरफ्तार किया।

    मुंबई: मायानगरी मुंबई शहर में ब्लैकमेलिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां चार उभरते कलाकारों (aspiring actors) ने एक कारोबारी को उसके न्यूड वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर लाखों रुपये वसूलने की कोशिश की। पीड़ित की शिकायत पर मालाड पुलिस ने गोराई इलाके में जाल बिछाकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब पूरे रैकेट की गहराई से जांच कर रही है।

    🚨 क्या है Nude Video का पूरा मामला?

    मालाड पुलिस के मुताबिक,

    • पीड़ित कारोबारी की उम्र 37 साल है
    • सोमवार को उसे अचानक उसके न्यूड वीडियो भेजे गए
    • साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई

    आरोपियों ने पहले
    👉 9 लाख रुपये की मांग की
    बाद में रकम घटाकर
    👉 6 लाख रुपये कर दी

    घबराए कारोबारी ने पैसे देने के बजाय सीधे पुलिस से संपर्क किया।

    Malad-pilice-station-latest-news

    👥 कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

    पुलिस ने जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम हैं:

    • अनमोल राज अरोड़ा
    • लकी संतोष वर्मा
    • हिमांशु योगेश कुमार
    • दीपाली विनोद सिंह

    पुलिस के अनुसार, ये सभी
    👉 फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में काम पाने की कोशिश कर रहे aspiring actors हैं।

    🎥 कैसे रिकॉर्ड हुआ न्यूड वीडियो?

    जांच में सामने आया कि:

    • आरोपी अनमोल अरोड़ा पीड़ित का परिचित था
    • दोनों साथ में पार्टी किया करते थे
    • इसी दौरान अनमोल ने चुपचाप न्यूड वीडियो रिकॉर्ड कर लिया

    बाद में उसी वीडियो का इस्तेमाल कर
    👉 कारोबारी को ब्लैकमेल किया गया।

    🚔 पुलिस ने कैसे पकड़ा आरोपियों को?

    मालाड पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद
    👉 पीड़ित को निर्देश दिया कि वह आरोपियों को
    👉 गोराई इलाके में पैसे लेने के लिए बुलाए

    जैसे ही चारों आरोपी तय जगह पर पहुंचे,
    👉 पुलिस ने जाल बिछाकर सभी को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

    ⚖️ किन धाराओं में केस दर्ज?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS)
    • आईटी एक्ट (Information Technology Act)

    के तहत
    👉 ब्लैकमेलिंग
    👉 जबरन वसूली
    👉 साइबर अपराध
    जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    🔍 आगे की जांच जारी

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि:

    • क्या आरोपियों ने पहले भी किसी और को ब्लैकमेल किया है?
    • वीडियो कहां-कहां शेयर किया गया?
    • क्या इसमें कोई और भी शामिल है?

    डिजिटल सबूतों और मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

    ⚠️ पुलिस की अपील

    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि
    👉 निजी पलों के वीडियो/फोटो को लेकर सतर्क रहें
    👉 ब्लैकमेलिंग की स्थिति में डरें नहीं
    👉 तुरंत पुलिस से संपर्क करें


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. यह मामला कहां का है?
    👉 मुंबई के मालाड इलाके का।

    Q2. कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
    👉 चार आरोपी।

    Q3. कितनी रकम की मांग की गई थी?
    👉 पहले 9 लाख, बाद में 6 लाख रुपये।

    Q4. आरोपी कौन हैं?
    👉 सभी उभरते अभिनेता (aspiring actors) हैं।

  • मुंबई में एग्जाम पेपर लीक, फर्जी पहचान पत्र देकर छात्र को परीक्षा में बैठाने का आरोप

    मुंबई में एग्जाम पेपर लीक, फर्जी पहचान पत्र देकर छात्र को परीक्षा में बैठाने का आरोप

    मुंबई के बोरीवली में एग्जाम पेपर लीक का मामला सामने आया है। एक ट्यूशन टीचर ने 14 साल के छात्र को फर्जी पहचान से गणित की परीक्षा में बैठाया। पुलिस ने FIR दर्ज की है।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी में परीक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक सामने आई है। बोरीवली की एक ट्यूशन टीचर पर आरोप है कि उसने 14 साल के छात्र को फर्जी पहचान के साथ परीक्षा में बैठाया और उससे गणित का प्रश्नपत्र लीक करवाया। मामला सामने आने के बाद बोरीवली पुलिस ने टीचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    किस परीक्षा में हुआ फर्जीवाड़ा?

    यह मामला एक प्रतिष्ठित मैथ्स फोरम द्वारा आयोजित की जाने वाली मैथ्स प्रॉफिशिएंसी एग्जाम से जुड़ा है।
    यह परीक्षा हर साल
    कक्षा 5, 7 और 8 के छात्रों के लिए आयोजित की जाती है।

    परीक्षा के लिए:

    • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है
    • फीस जमा करनी होती है
    • उम्मीदवार को हॉल टिकट दिया जाता है

    गोराई परीक्षा केंद्र पर कैसे खुला राज?

    रविवार को बोरीवली के गोराई स्थित परीक्षा केंद्र पर

    • दोपहर 12 से 2 बजे तक परीक्षा थी
    • चार कमरों में 139 छात्र परीक्षा दे रहे थे

    करीब 1:30 बजे एक कमरे के सुपरवाइजर को
    एक छात्र की हरकतें संदिग्ध लगीं
    वह बार-बार प्रश्नपत्र लेकर वॉशरूम जा रहा था

    तलाशी लेने पर:

    • छात्र के पास मोबाइल फोन मिला
    • मोबाइल में व्हाट्सएप ग्रुप पर दोपहर 12 बजे से प्रश्नपत्र भेजे जा रहे थे

    “राखी बहन” को भेज रहा था पेपर!

    फोन चेक करने पर छात्र ने दावा किया कि
    वह प्रश्नपत्र अपनी “राखी बहन” को भेज रहा है

    लेकिन जब उसकी जानकारी ली गई तो:

    • हॉल टिकट पर नाम फर्जी निकला
    • माता-पिता के फोन नंबर गलत थे
    • स्कूल का नाम भी झूठा बताया
    • जन्मतिथि बताने से इनकार कर दिया

    इसके बाद केंद्र के प्रिंसिपल छात्र को लेकर सीधे बोरीवली पुलिस स्टेशन पहुंचे।

    पुलिस स्टेशन पहुंची ‘मां’, निकली ट्यूशन टीचर

    पुलिस स्टेशन में एक महिला पहुंची और
    खुद को छात्र की मां बताने लगी

    लेकिन जब पुलिस ने

    • आधार कार्ड या पहचान पत्र मांगा
      तो वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सकी।

    जांच में खुलासा हुआ कि:

    • छात्र मालाड के एक स्कूल में कक्षा 9 में पढ़ता है
    • महिला उसकी ट्यूशन टीचर है
    • वह गणित और अंग्रेजी पढ़ाती थी

    टीचर ने रची पूरी साजिश

    पुलिस के मुताबिक:
    ट्यूशन टीचर ने ही छात्र को
    फर्जी पहचान से परीक्षा में बैठने को कहा
    और प्रश्नपत्र बाहर भेजने की योजना बनाई

    चौंकाने वाली बात यह है कि
    छात्र के माता-पिता को इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं थी।

    पुलिस की कार्रवाई

    बोरीवली पुलिस ने

    • परीक्षा में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया है
    • मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है
    • व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड की जांच जारी है

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि
    क्या पहले भी इस तरह से परीक्षा में धांधली की गई है।

    शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

    इस घटना ने

    • परीक्षा केंद्र की सुरक्षा
    • पहचान जांच की प्रक्रिया
      पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि
    ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई
    और तकनीकी निगरानी जरूरी है।


    FAQ

    Q1. मामला कहां का है?
    मुंबई के बोरीवली इलाके का।

    Q2. छात्र की उम्र कितनी है?
    14 साल।

    Q3. किस परीक्षा का पेपर लीक हुआ?
    मैथ्स प्रॉफिशिएंसी एग्जाम।

    Q4. आरोपी कौन है?
    छात्र की ट्यूशन टीचर।

  • Borivali के ज्वेलर से ₹1.60 करोड़ की ठगी, नकली गोल्ड बार देकर आरोपी फरार

    Borivali के ज्वेलर से ₹1.60 करोड़ की ठगी, नकली गोल्ड बार देकर आरोपी फरार

    मुंबई के Borivali में एक ज्वेलर से नकली सोने की ईंटें देकर ₹1.60 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। एलटी मार्ग पुलिस ने हैदराबाद के ज्वेलर समेत दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में रहने वाले एक ज्वेलर के साथ ₹1.60 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नकली गोल्ड बार देकर असली सोना हड़पने वाले दो आरोपी फिलहाल फरार हैं। एलटी मार्ग पुलिस ने धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

    💎 Borivali के ज्वेलर के साथ कैसे हुई ठगी?

    पीड़ित ज्वेलर का नाम अजय धरमजी वाया है, जो बोरीवली में “कृषा आर्ट” नाम से ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग का कारोबार करते हैं।
    अजय लंबे समय से सुरेश वैष्णव नाम के सप्लायर से सोना खरीदते थे, जो हैदराबाद का रहने वाला बताया जा रहा है।

    🤝 भरोसे का खेल और नई पहचान

    पिछले साल अक्टूबर महीने में सुरेश वैष्णव ने अजय वाया की पहचान रामलाल गुर्जर से करवाई।
    गुर्जर ने सस्ते और फायदे वाले गोल्ड डील्स का लालच दिया।

    शुरुआत में:

    • एक लेन-देन सही तरीके से हुआ
    • असली गोल्ड बार दिए गए
    • भरोसा मजबूत हो गया

    इसी भरोसे के चलते आगे बड़ा सौदा किया गया।

    📦 21 अक्टूबर का सौदा, फिर 25 दिसंबर की ठगी

    • 21 अक्टूबर को अजय ने
      👉 1.8 किलो सोने के मंगलसूत्र रामलाल को भेजे
      👉 बदले में असली गोल्ड बार मिले
    • लेकिन 25 दिसंबर को
      👉 अजय ने 2,045 ग्राम सोने के गहने, कीमत करीब ₹1.60 करोड़,
      👉 सुरेश वैष्णव के जरिए होटल में एक्सचेंज के लिए भेजे

    होटल में वैष्णव ने दो गोल्ड बार दिए,
    लेकिन जांच में वे पूरी तरह नकली निकले।

    📵 ठगी का खुलासा और आरोपियों का फरार होना

    जैसे ही अजय वाया को ठगी का एहसास हुआ,
    उन्होंने सुरेश वैष्णव और रामलाल गुर्जर से संपर्क करने की कोशिश की।

    लेकिन:

    • दोनों के मोबाइल फोन बंद थे
    • दोनों गायब हो चुके थे

    इसके बाद अजय ने तुरंत एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

    👮 पुलिस की कार्रवाई और जांच

    एलटी मार्ग पुलिस ने

    • धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज किया है
    • दोनों आरोपी फरार हैं
    • पुलिस यह भी जांच कर रही है कि
      👉 कहीं इसी तरह से अन्य ज्वेलर्स को भी निशाना तो नहीं बनाया गया

    ⚠️ ज्वेलर्स कारोबारियों के लिए चेतावनी

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक,
    इस तरह के मामलों में आरोपी पहले

    • छोटी और सही डील करते हैं
    • भरोसा जीतते हैं
    • फिर बड़ी रकम या सोने पर हाथ साफ करते हैं

    ज्वेलर्स को लेन-देन के दौरान
    👉 सोने की तुरंत जांच
    👉 लिखित समझौते
    👉 भरोसेमंद चैनल का ही इस्तेमाल
    करने की सलाह दी गई है।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. ठगी की रकम कितनी है?
    👉 करीब ₹1.60 करोड़ (2,045 ग्राम सोना)।

    Q2. आरोपी कौन हैं?
    👉 सुरेश वैष्णव (ज्वेलर/सप्लायर) और रामलाल गुर्जर।

    Q3. मामला कहां दर्ज हुआ है?
    👉 एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन, मुंबई।

    Q4. क्या आरोपी पकड़े गए हैं?
    👉 नहीं, दोनों फिलहाल फरार हैं।

  • 16 साल बाद टूटी खामोशी: मुंबई की मूक-बधिर महिला ने यौन शोषण का केस दर्ज कराया

    16 साल बाद टूटी खामोशी: मुंबई की मूक-बधिर महिला ने यौन शोषण का केस दर्ज कराया

    मुंबई की एक मूक-बधिर महिला ने 2009 में हुए यौन शोषण का मामला 16 साल बाद पति की मदद से दर्ज कराया। आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी।

    मुंबई: एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां मूक और बधिर महिला ने 16 साल पहले हुए यौन शोषण के खिलाफ आखिरकार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। साल 2009 में, जब वह नाबालिग थी, एक जन्मदिन पार्टी के दौरान उसे नशीला पदार्थ देकर शोषण किए जाने का आरोप है। परिवार से उस वक्त मदद नहीं मिली, लेकिन अब पति के सहयोग से उसने हिम्मत जुटाई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

    Silence-broken-after-16-years-Mumbai-deaf-and-mute-woman-files-sexual-assault-case-news

    2009 की घटना, नाबालिग थी पीड़िता

    पीड़िता के अनुसार, साल 2009 में वह अपने एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में गई थी। वहीं उसकी मुलाकात आरोपी से हुई। आरोप है कि आरोपी ने उसके पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिलाया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसी हालत में उसके साथ यौन शोषण किया गया।

    जब पीड़िता को होश आया तो उसने खुद को गंभीर हालत में पाया और खून बह रहा था। किसी तरह वह घर पहुंची और परिवार को पूरी बात बताई।

    परिवार से नहीं मिला साथ, शिकायत दबा दी गई

    पीड़िता का कहना है कि उसने उसी समय पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की इच्छा जताई थी, लेकिन परिवार का समर्थन नहीं मिला। सामाजिक दबाव, डर और संवाद की कठिनाई के चलते मामला दबा दिया गया।
    मूक-बधिर होने के कारण वह अपनी पीड़ा किसी से ठीक से साझा भी नहीं कर सकी।

    पति का सहारा, 16 साल बाद दर्ज हुई FIR

    समय बीतने के साथ पीड़िता की शादी हुई। पति को जब पूरी घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने उसे कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। पति की मदद से पीड़िता ने पुलिस से संपर्क किया और आखिरकार एफआईआर दर्ज कराई गई।

    आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल से मिले आपत्तिजनक वीडियो

    शिकायत के बाद मालाड़ पूर्व की कुरार पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और मामले को वाकोला पुलिस स्टेशन ट्रांसफर कर दिया, क्योंकि घटना वाकोला पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में हुई थी।

    आरोपी का मोबाइल फोन जब्त करने पर पुलिस को कई महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो मिले। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने वीडियो कॉल के दौरान बिना सहमति रिकॉर्डिंग की और बाद में ब्लैकमेलिंग भी की।

    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस मामले में और पीड़िताएं तो शामिल नहीं हैं।

    विरार का मिलताजुलता मामला भी उजागर

    इसी बीच, मुंबई पुलिस ने एक और बड़े मामले में विरार से महेश रमेश पवार (45) नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है।
    आरोप है कि उसने 10 से ज्यादा लड़कियों को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ देकर शोषण किया, अश्लील वीडियो बनाए और बाद में उन्हें ब्लैकमेल किया।

    इस आरोपी को भी कुरार पुलिस की डिटेक्शन टीम ने पकड़ा है।


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1: घटना कब हुई थी?
    👉 साल 2009 में, जब पीड़िता नाबालिग थी।

    Q2: शिकायत दर्ज कराने में 16 साल क्यों लगे?
    👉 परिवार के सहयोग की कमी और संवाद की कठिनाइयों के कारण मामला दब गया था।

    Q3: आरोपी को किस पुलिस ने गिरफ्तार किया?
    👉 कुरार पुलिस ने गिरफ्तारी की, बाद में केस वाकोला पुलिस को सौंपा गया।

    Q4: क्या आरोपी के खिलाफ और मामले हो सकते हैं?
    👉 मोबाइल से मिले वीडियो के आधार पर पुलिस को कई और पीड़िताओं की आशंका है।