Category: Crime News

  • मालवनी में 72 लाख की कोकीन बरामद, नाइजीरियन ड्रग पैडलर गिरफ्तार

    मालवनी में 72 लाख की कोकीन बरामद, नाइजीरियन ड्रग पैडलर गिरफ्तार

    मुंबई के मालवनी इलाके में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 180 ग्राम कोकीन जब्‍त की। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 72 लाख बताई जा रही है। आरोपी नाइजीरियन नागरिक गिरफ्तार, एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज।

    मुंबई: मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 180 ग्राम कोकीन के साथ एक नाइजीरियन ड्रग सप्लायर को गिरफ्तार किया है। बरामद ड्रग्स की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹72 लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपी बिना पासपोर्ट और वीजा के भारत में रुका हुआ था।

    यह कार्रवाई मालवणी पुलिस स्टेशन के निगरानी पथक ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर की

    🔹 कैसे हुआ ऑपरेशन?

    दिनांक 04 दिसंबर की शाम करीब 7 बजे पुलिस को एक सीक्रेट इनपुट मिला कि विदेशी नागरिक ड्रग्स की सप्लाई के लिए मालवनी इलाके में आने वाला है। जानकारी की पुष्टि के बाद पुलिस की टीम ने मौके पर जाल बिछाया और आरोपी को घेरकर हिरासत में लिया।

    पंचों की मौजूदगी में की गई तलाशी में आरोपी के पास से सफेद पाउडर मिला, जिसकी जांच में वह कोकीन (Cocaine) निकली।

    🔹 आरोपी की पहचान

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान इस प्रकार है:

    नामउम्रराष्ट्रीयता
    मोनाची अगवू उर्फ ओलिवर जे अगवू (Munachi Agwu @ Oliverj Agwu)27 वर्षनाइजीरिया

    🔹 ड्रग की वैल्यू और मात्रा

    • जब्त मात्रा: 180 ग्राम कोकीन
    • अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य: ₹72,00,000/-
    • प्रति ग्राम कीमत: ₹40,000/-

    यह मात्रा कमर्शियल क्वांटिटी (Commercial Quantity) के अंतर्गत आती है, जो NDPS कानून में गंभीर अपराध माना जाता है।

    🔹 पुलिस अब क्या जांच रही है?

    पुलिस अब यह पता लगा रही है:

    • आरोपी ड्रग सप्लाई कहाँ से लाता था?
    • मुंबई में किसे देने वाला था?
    • क्या उसके अन्य साथी भी मौजूद हैं?
    • वह बिना वीजा-पासपोर्ट भारत में कैसे आया?

    🔹 आरोपी पर दर्ज केस

    उसके खिलाफ मालवणी पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 1500/2025 दर्ज किया गया है
    🎯 NDPS Act 1985 की धारा:

    • 8(c)
    • 21(c)

    के अंतर्गत मुकदमा दर्ज है।

    🔹 किन अधिकारियों ने ऑपरेशन लीड किया?

    यह कार्रवाई निम्न अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई:

    • मा. शशीकुमार मिना — अपर पोलीस आयुक्त (उत्तर विभाग)
    • मा. संदीप जाधव — डीसीपी, परिमंडल 11
    • मा. निता पाडवी — एसीपी, मालवणी विभाग
    • मा. शैलेंद्र नगरकर — वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक
    • पीएसआई डॉ. दीपक हिंडे व निगरानी पथक

    ❓ FAQ सेक्शन


    Q1. आरोपी के पास से कितनी कोकीन मिली?
    ✔ 180 ग्राम, जिसकी कीमत लगभग ₹72 लाख है।


    Q2. आरोपी किस देश का है?
    ✔ आरोपी नाइजीरिया का रहने वाला है।


    Q3. आरोपी को किस कानून के तहत गिरफ्तार किया गया?
    ✔ NDPS Act 1985 की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया।


    Q4. क्या आरोपी के पास पासपोर्ट या वीजा था?
    ✔ नहीं, पुलिस के अनुसार उसके पास कोई वैध डॉक्यूमेंट नहीं मिला।

  • इंडिगो की सर्विस ठप, यात्रियों की परेशानियों पर गरजीं सांसद वर्षा गायकवाड

    इंडिगो की सर्विस ठप, यात्रियों की परेशानियों पर गरजीं सांसद वर्षा गायकवाड

    मुंबई एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइंस की सर्विस ठप होने से हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सांसद वर्षा गायकवाड ने एयरपोर्ट पहुंचकर स्थिति का जायज़ा लिया और सरकार व एयरलाइंस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने जांच और कार्रवाई की मांग की है।

    मुंबई: पिछले तीन दिनों से देशभर में IndiGo Airlines की फ्लाइट ऑपरेशन में बड़ा बवाल देखने को मिला। इस गड़बड़ी की वजह से हजारों यात्री एयरपोर्ट पर घंटों फंसे रहे, जिसमें बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    न पानी, न सही जानकारी और न स्टाफ की मदद, ऐसा माहौल बना रहा जैसे यात्री “ओलीस” बना दिए गए हों।
    मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद प्रा. वर्षा एकनाथ गायकवाड ने इस स्थिति को सरकार की नाकामी बताते हुए उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

    🔹 सरकार और सिस्टम की बड़ी नाकामी: गायकवाड

    सांसद वर्षा गायकवाड ने मुंबई एयरपोर्ट का दौरा कर यात्रियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा:

    “तीन दिन तक देशभर में फ्लाइट सर्विस ठप रही लेकिन सरकार की तरफ से एक भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यात्रियों को छोड़ दिया गया जैसे उनकी कोई सुनने वाला नहीं। यह नागरी विमानन मंत्रालय की सीधी नाकामी है।”

    🔹 टिकटों के दाम 5 हजार से 60 हजार तक

    इसी दौरान कई यात्रियों ने शिकायत की कि कुछ एयरलाइंस ने हालात का फायदा उठाते हुए टिकटों के दामों में भारी बढ़ोतरी की।

    • जो टिकट पहले ₹5,000 में मिल रहा था
    • वही टिकट ₹50,000 से ₹60,000 तक बेचा गया।

    सांसद गायकवाड ने इसे “यात्रियों की खुली लूट” बताया।

    🔹 यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं

    एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्थिति बेहद खराब रही। कई घंटों तक इंतज़ार के बावजूद:

    • कोई जानकारी नहीं
    • पानी नहीं
    • फूड सप्लाई नहीं
    • हेल्प डेस्क नदारद

    यात्रियों का कहना था कि एयरलाइंस स्टाफ गायब था और कोई अपडेट नहीं दिया जा रहा था।

    🔹 इंडिगो और केंद्र सरकार कैसे भरेंगी भरपाई?

    सांसद वर्षा गायकवाड ने सवाल उठाया:

    “जो बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे इस अव्यवस्था में फंसे रहे, उनकी जिम्मेदारी कौन लेगा? नुकसान की भरपाई सरकार और इंडिगो कैसे करेगी?”

    🔹 जांच, एक्शन और सुधार की मांग

    उन्होंने कहा कि यह केवल “तकनीकी गलती” नहीं बल्कि ऑपरेशनल फेल्योर है और इसकी:

    • सख्त जांच
    • जिम्मेदारी तय
    • और भविष्य में रोकथाम के लिए सिस्टम सुधार

    जरूरी है।


    FAQ Section


    Q1. इंडिगो फ्लाइट में समस्या क्यों आई?
    ✔ अभी आधिकारिक कारण अस्पष्ट बताया जा रहा है, लेकिन यह बड़ा ऑपरेशनल और मैनेजमेंट फेल्योर माना जा रहा है।


    Q2. क्या यात्रियों को रिफंड या मुआवज़ा मिलेगा?
    ✔ सांसद वर्षा गायकवाड ने इसकी मांग की है, लेकिन अब तक एयरलाइंस की तरफ से कोई ठोस घोषणा नहीं।


    Q3. क्या सरकार जांच करेगी?
    ✔ मांग की गई है, लेकिन सरकारी स्तर पर अभी तक कोई आधिकारिक इन्वेस्टिगेशन आदेश नहीं दिया गया है।


    Q4. क्या टिकटों की कीमतों में कृत्रिम बढ़ोतरी हुई?
    ✔ हां, यात्रियों ने बताया कि 5 हजार के टिकट 50–60 हजार में बेचे गए।

  • मालाड में स्कूल विवाद: बच्चों को क्लासरूम की जगह हो रही है गलियारे में पढ़ाई

    मालाड में स्कूल विवाद: बच्चों को क्लासरूम की जगह हो रही है गलियारे में पढ़ाई

    मालाड पूर्व के स्वामी विवेकानंद हाईस्कूल में ट्रस्टी विवाद के चलते कई क्लासरूम बंद कर दिए गए। छात्रों को चार दिनों से स्कूल की गैलरी में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। अभिभावक और शिक्षक नाराज़, प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग।

    मुंबई: मालाड पूर्व में स्थित स्वामी विवेकानंद हाईस्कूल में छात्रों को बीते चार दिनों से क्लासरूम के बजाय गलियारे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि स्कूल के दो ट्रस्टियों के बीच विवाद बढ़ने के बाद कुछ क्लासरूम को ताला लगा दिया गया, जिसके कारण सैकड़ों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस घटना से अभिभावकों, छात्रों और शिक्षकों में भारी नाराज़गी है।

    🏫 क्या है पूरा मामला?

    स्वामी विवेकानंद हाईस्कूल, आप्पा पाड़ा (मालाड पूर्व) के दो ट्रस्टियों के बीच पिछले कुछ दिनों से कब्जे और प्रशासनिक अधिकारों को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद बढ़ते-बढ़ते इतना गंभीर हो गया कि एक ट्रस्टी ने स्कूल के कई क्लासरूम पर ताले जड़ दिए

    इसके बाद स्कूल के पास कोई विकल्प न बचने के कारण कई कक्षाओं के छात्रों को खुले गलियारे, मेन हॉल और खुले प्रांगण में बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है।

    👨‍👩‍👧‍👦 छात्रों और अभिभावकों की परेशानी

    अभिभावक संघ का कहना है कि—

    “बच्चे पढ़ाई के लिए आते हैं, न कि बदइंतज़ामी झेलने के लिए। यह स्कूल है या राजनीतिक अखाड़ा?”

    छात्रों का कहना है कि गलियारे में—

    • शोर होता है
    • ठंडी हवा लगती है
    • बैठने की व्यवस्था खराब है
    • ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो रहा है

    परीक्षाओं का समय क़रीब होने के कारण यह स्थिति उनकी पढ़ाई को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है।

    🧑‍🏫 शिक्षक और प्रिंसिपल ने प्रशासन को बुलाया

    शिक्षकों और स्कूल प्रशासन ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। स्कूल प्रिंसिपल ने कहा—

    “हमारा उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई और भविष्य सुरक्षित रखना है, लेकिन ट्रस्टी विवाद के चलते हालात हाथ से बाहर हो रहे हैं।”

    ⚖️ मामला अब कहाँ पर है?

    सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्टी विवाद की शिकायत चैरिटी कमिश्नर कार्यालय में पहले से लंबित है।

    अब इस नई स्थिति को देखते हुए कमिश्नर ऑफिस को आपात बैठक बुलानी पड़ सकती है।

    🌐 सोशल मीडिया पर गरमा गया मुद्दा

    यह खबर सोशल मीडिया पर फैलते ही कई स्थानीय लोग, पालक मंडल और राजनीतिक संगठन स्कूल के बाहर इकठ्ठा हुए।
    लोगों का कहना है—

    “शिक्षा बच्चों का अधिकार है, ट्रस्टियों का अहंकार नहीं।”


    ❓ FAQ सेक्शन

    प्रश्नउत्तर
    क्या स्कूल ने आधिकारिक नोटिस जारी किया है?अभी तक किसी आधिकारिक नोटिस की जानकारी सामने नहीं आई है।
    बच्चों को गलियारे में क्यों पढ़ाया जा रहा है?ट्रस्टियों के विवाद के चलते कई क्लासरूम बंद कर दिए गए हैं।
    क्या शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की?अब तक विभाग की ओर से जांच शुरू होने की संभावना जताई गई है।
    क्या स्कूल बंद कराया जा सकता है?अगर स्थिति नहीं सुधरी तो प्रशासन अस्थायी बंदिश लगा सकता है।
  • गोरेगांव कॉलेज में हिजाब विवाद, 3 छात्रों पर FIR दर्ज, कॉलेज बोला — हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं

    गोरेगांव कॉलेज में हिजाब विवाद, 3 छात्रों पर FIR दर्ज, कॉलेज बोला — हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं

    मुंबई के गोरेगांव स्थित विवेक कॉलेज में कथित हिजाब प्रतिबंध को लेकर छात्रों और AIMIM कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन। कॉलेज प्रशासन ने जारी किया लिखित स्पष्टीकरण—”हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं”। पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर तीन छात्रों पर FIR दर्ज की।

    मुंबई: गोरेगांव वेस्ट स्थित विवेक विद्याालय एंड जूनियर कॉलेज में हिजाब को लेकर विवाद ने गुरुवार को तूल पकड़ लिया। कुछ छात्राओं और AIMIM मुंबई यूनिट के सदस्यों ने कॉलेज प्रशासन पर हिजाब पहनने पर रोक लगाने का आरोप लगाते हुए कॉलेज के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मामला बढ़ने पर पुलिस ने तीन छात्रों के खिलाफ बिना अनुमति प्रदर्शन और सरकारी आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में FIR दर्ज की। वहीं कॉलेज प्रबंधन ने लिखित बयान जारी कर स्पष्ट किया कि हिजाब पहनने पर कोई रोक नहीं है और पूरा मामला “गलतफहमी” के कारण हुआ।

    🎓 कैसे शुरू हुआ विवाद?

    सूत्रों के मुताबिक, कुछ छात्राओं ने AIMIM से शिकायत की कि कॉलेज में उन्हें कक्षा में प्रवेश करने से पहले हिजाब उतारने के लिए कहा गया। छात्राओं ने इसे धार्मिक आस्था का उल्लंघन बताते हुए आपत्ति जताई।

    इसके बाद AIMIM मुंबई अध्यक्ष फ़ारूक मक़बूल शबदी छात्रों के साथ कॉलेज आए और उन्होंने कॉलेज गेट पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला सुर्खियों में आ गया।

    🏫 कॉलेज प्रबंधन का स्पष्टीकरण

    विवाद बढ़ता देख कॉलेज की प्रिंसिपल शीजा मेनन ने लिखित बयान जारी करते हुए कहा:

    “हमारे संस्थान में छात्राओं के हिजाब पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। ऐसा कोई आदेश कॉलेज की तरफ से जारी नहीं किया गया है। शायद कुछ गलतफहमी के कारण यह विवाद खड़ा हुआ, जिसकी आवश्यकता नहीं थी।”

    कॉलेज प्रशासन ने यह भी कहा कि वे विविध समुदायों का सम्मान करते हैं और संस्थान में सभी छात्रों के लिए समान और सुरक्षित माहौल बनाए रखना उनका उद्देश्य है।

    👮 पुलिस की कार्रवाई

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    गोरेगांव पुलिस स्टेशन ने बताया कि प्रदर्शन बिना अनुमति के किया गया था, इसलिए तीन छात्रों के खिलाफ BNSS की धारा 35(3) के तहत FIR दर्ज की गई। हालांकि किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।

    बाद में पुलिस स्टेशन में बैठक हुई, जिसमें:

    • प्रबंधन का लिखित स्पष्टीकरण पढ़ा गया
    • AIMIM प्रतिनिधियों और छात्राओं को जानकारी दी गई
    • सभी पक्ष सहमत हुए कि मामला समझौते के साथ शांतिपूर्वक समाप्त किया जाए

    पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में कोई तनाव या सांप्रदायिक असहमति नहीं है

    🧾 राजनीतिक प्रतिक्रिया

    विवाद की जानकारी मिलते ही पूर्व बीजेपी पार्षद ज्ञानमूर्ति शर्मा अपने कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे। पुलिस ने उन्हें स्थिति समझाई, जिसके बाद वे वापस लौट गए।

    📍 सोशल मीडिया में बहस

    यह मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा। कुछ उपयोगकर्ताओं ने इसे “धार्मिक आज़ादी का मामला” बताया, जबकि कुछ ने छात्रों द्वारा बिना परमिशन प्रदर्शन करने पर सवाल उठाए।

    जमीनी हकीकत

    जबकि प्रदर्शन से पहले जिसमें बुर्का पहनकर कॉलेज पहुंची छात्राओं को गेट पर रोका जाता हुआ वीडियो सामने आया। वीडियो में छात्राओं और कॉलेज प्रशासन के बीच बहस होती भी दिखाई दी। कुछ छात्राओं का दावा है कि जब उन्होंने इस नियम पर सवाल उठाया, तो कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि अगर नियम पसंद नहीं है, तो प्रवेश रद्द करा दें।

    1 दिसंबर को एआईएमआईएम की एडवोकेट जाहानारा शेख के साथ कई छात्राएं गोरगांव वेस्ट के टीन डोंगरी स्थित गोरेगांव पुलिस स्टेशन पहुंचीं और शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद कॉलेज की प्रिंसिपल को बातचीत के लिए थाने बुलाया गया।

    एडवोकेट जाहानारा शेख के मुताबिक, “हमने नियम वापस लेने की मांग रखी है, लेकिन प्रिंसिपल ने कहा कि वह प्रबंधन से बात करने के बाद ही फैसला लेंगी।” इसके बाद कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नही किया गया। उसके बाद ही छात्रों ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।


    FAQs

    Q1: विवाद किस कॉलेज में हुआ?
    ➡ गोरेगांव वेस्ट स्थित विवेक कॉलेज में।

    Q2: FIR क्यों दर्ज की गई?
    ➡ बिना अनुमति प्रदर्शन करने और सरकारी आदेश की अवहेलना के आरोप में।

    Q3: क्या कॉलेज ने हिजाब पर प्रतिबंध लगाया था?
    ➡ कॉलेज ने लिखित में स्पष्ट किया—हिजाब पर कोई प्रतिबंध नहीं।

    Q4: क्या किसी को गिरफ्तार किया गया है?
    ➡ नहीं, सिर्फ नोटिस देकर मामला शांतिपूर्वक सुलझाया गया।

    Q5: प्रदर्शन कौन आयोजित कर रहा था?
    ➡ AIMIM कार्यकर्ताओं और कुछ छात्राओं ने भाग लिया।

  • बोरीवली में 9 साल की बच्ची के साथ शर्मनाक, रिटायर्ड पुलिस अधिकारी गिरफ्तार

    बोरीवली में 9 साल की बच्ची के साथ शर्मनाक, रिटायर्ड पुलिस अधिकारी गिरफ्तार

    मुंबई के बोरीवली में 68 वर्षीय रिटायर्ड पुलिस अधिकारी को 9 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। घटना सोसायटी की लिफ्ट में हुई। पुलिस ने POCSO एक्ट और अपराध से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

    मुंबई: शहर में बच्चों के साथ यौन अपराधों (Sexual Offence) के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताज़ा घटना बोरीवली-पूर्व के कस्तूरबा मार्ग इलाके से सामने आई है, जहाँ एक 68 वर्षीय सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी को अपनी ही सोसायटी में रहने वाली 9 साल की बच्ची से छेड़छाड़ और गलत तरीके से छूने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस घटना ने न सिर्फ इलाके को हिलाकर रख दिया, बल्कि पुलिस विभाग की छवि पर भी सवाल खड़ा कर दिया है।

    📍 घटना कैसे हुई?

    घटना रविवार शाम करीब 6:50 से 7:30 बजे के बीच की बताई जा रही है। पीड़ित बच्ची लिफ्ट में जा रही थी, तभी आरोपी भी उसी लिफ्ट में चढ़ गया। आरोप है कि उसने बच्ची के साथ अनुचित स्पर्श, छेड़खानी और किस करने की कोशिश की।

    डरी हुई बच्ची ने उस समय विरोध नहीं किया, लेकिन घर पहुंचने पर उसने अपनी मां को पूरी बात बता दी।

    📁 FIR और जांच

    परिजनों ने तुरंत कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने सोसायटी की लिफ्ट और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में आरोपी की हरकत साफ दिखाई देने पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।

    आरोपी के खिलाफ मामला POCSO (Protection of Children from Sexual Offences Act) और अपराध के संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है।

    📌 स्थानीयों में नाराज़गी

    घटना के बाद सोसायटी और आसपास के लोगों में भारी गुस्सा और आक्रोश है। लोगों का कहना है कि ऐसे अपराधियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए, खासकर तब जब आरोपी खुद कभी कानून की रक्षा करने वाले विभाग का हिस्सा रहा हो।


    ❓ FAQ सेक्शन

    प्रश्नउत्तर
    आरोपी कौन है?आरोपी 68 वर्षीय रिटायर्ड पुलिस अधिकारी है।
    घटना कहां हुई?बोरीवली-पूर्व के कस्तूरबा मार्ग स्थित एक हाउसिंग सोसायटी में।
    क्या मामला दर्ज हो चुका है?हाँ, पुलिस ने POCSO एक्ट और IPC के तहत केस दर्ज किया है।
    क्या आरोपी गिरफ्तार है?हाँ, आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट से पुलिस रिमांड मिल चुका है।
  • दादर में युवती को दीदी कहकर रोका, दिखाया पोर्न, अब पुलिस कर रही है उसकी तलाश

    दादर में युवती को दीदी कहकर रोका, दिखाया पोर्न, अब पुलिस कर रही है उसकी तलाश

    मुंबई के दादर ईस्ट में रात के समय घर लौट रही 21 वर्षीय युवती को एक अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल पर पोर्न वीडियो दिखाकर परेशान किया। युवती के शोर मचाने पर आरोपी भागा। मामला माटुंगा पुलिस स्टेशन में दर्ज, CCTV के जरिए तलाश जारी।

    मुंबई; दादर ईस्ट में एक 21 वर्षीय युवती के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकत का मामला सामने आया है। युवती देर रात काम से घर लौट रही थी, तभी एक अज्ञात व्यक्ति ने उसका रास्ता रोककर मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाया और उसके चिल्लाने पर मौके से फरार हो गया। युवती ने घर पहुंचकर परिवार को घटना की जानकारी दी और शिकायत के बाद मातुंगा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    घटना कैसे हुई?

    यह घटना 2 दिसंबर की रात करीब 11:45 बजे दादर ईस्ट के लखमशी नापू रोड, हिंदू कॉलोनी लेन नंबर 2 के पास हुई।
    FIR के अनुसार, पीड़िता मालाड के एक स्टूडियो में काम करती है और उस रात वह लोकल ट्रेन से दादर स्टेशन उतरी थी।

    जैसे ही वह पैदल अपने घर की ओर जाने लगी, पीछे से आया एक अनजान व्यक्ति पहले उसके पास आया और फिर आगे बढ़कर रास्ता रोककर बोला — “दीदी…”

    युवती के रुकते ही उसने अपना मोबाइल उसकी तरफ बढ़ाया, जिस पर पोर्न वीडियो चल रहा था।

    युवती के चिल्लाते ही आरोपी अंधेरे में गायब

    मोबाइल पर आपत्तिजनक वीडियो देखते ही युवती घबरा गई और जोर से चीखने लगी।
    शोर सुनते ही आरोपी तुरंत भाग गया। युवती ने पीछा करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

    FIR दर्ज, अब CCTV के जरिए तलाश

    पीड़िता ने घर पहुंचकर परिवार को बताया, जिसके बाद पूरा परिवार माटुंगा पुलिस स्टेशन पहुंचा।
    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) धारा 75(1)(iii) के तहत मामला दर्ज किया है।

    पुलिस अब आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपी की पहचान की जा सके।


    FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)


    प्रश्न 1: यह घटना किस इलाके में हुई?

    ➡️ दादर ईस्ट, हिंदू कॉलोनी क्षेत्र में।

    प्रश्न 2: आरोपी की तलाश कैसे की जा रही है?

    ➡️ पुलिस वहां लगे CCTV कैमरों की जांच कर रही है।

    प्रश्न 3: आरोपी पर कौन सी धारा लगाई गई है?

    ➡️ आरोपी पर BNS धारा 75(1)(iii) के तहत केस दर्ज हुआ है।

    प्रश्न 4: क्या युवती को किसी तरह की शारीरिक चोट पहुंची?

    ➡️ नहीं, लेकिन घटना से मानसिक रूप से पीड़िता सदमे में है।

  • मालाड मस्ती 2025 में सितारों ने जमाया रंग, सुबह को बना दिया सेलिब्रेशन का त्योहार

    मालाड मस्ती 2025 में सितारों ने जमाया रंग, सुबह को बना दिया सेलिब्रेशन का त्योहार

    मालाड मस्ती 2025 में बॉलीवुड सितारों, लाइव म्यूज़िक, डांस और सोशल मेसेज के साथ हजारों लोगों की भागीदारी। MLA असलम शेख की अगुवाई में इवेंट ने फिर जीता लोगों का दिल।

    मुंबई: मालाड में आयोजित मालाड मस्ती 2025 रविवार सुबह सितारों की मौजूदगी, म्यूज़िक और डांस परफॉर्मेंस के साथ एक रंगीन उत्सव में बदल गया। इस खास मौके पर MLA असलम शेख और आयोजकों ने न सिर्फ मनोरंजन बल्कि समाजसेवा का संदेश भी दिया। इस मौके पर फ़िल्म “Mastii 4” की स्टारकास्ट, रियलिटी स्टार, कलाकार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शामिल हुए, जिससे जनता में गजब का उत्साह देखने को मिला।

    ⭐ इवेंट की मुख्य झलकियां

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    🎬 बॉलीवुड सेलेब्स ने लगाया चार चांद

    इस साल मालाड मस्ती में फ़िल्म मस्तानी 4 की टीम—

    ने मंच गर्मा दिया।

    रूही सिंह की ग्लैमरस एंट्री और श्रेया शर्मा के स्टाइलिश लुक ने फैंस को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं डांसिंग कॉप अमोल कांबले की परफॉर्मेंस पर लोगों ने खूब तालियां बजाईं।

    💃 रियलिटी स्टार सना सुल्तान की धमाकेदार मौजूदगी

    सना सुल्तान ने फैंस के साथ डांस किया और लाइव इंटरैक्शन करके दर्शकों का दिल जीत लिया। सुबह के इस इवेंट में ऐसा जोश दिखा जैसे बड़ा कॉन्सर्ट हो रहा हो।

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    🎤 नए होस्टिंग जोड़ी ने बांधा माहौल

    इस बार होस्ट थे:

    दोनों की मजेदार एंकरिंग और दर्शकों से सीधा संवाद पूरे इवेंट की हाइलाइट रही।

    🤝 समाजसेवा भी साथ— किसानों के लिए समर्थन

    मालाड मस्ती ने मनोरंजन के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए हाल ही में बाढ़ से प्रभावित किसानों की सहायता का ऐलान किया।

    पिछले 9 सालों से यह कार्यक्रम सिर्फ मस्ती नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सहयोग का संदेश देता रहा है।

    🎯 आयोजन टीम

    • आयोजन: MLA असलम शेख
    • सह-समर्थन: किशन जैन (Gold Medal Company) और योगेश लखानी (Bright Outdoor)
    • इवेंट मैनेजमेंट: महेश राव – Mashraw Events

    🎤 FAQ सेक्शन


    Q. मालाड मस्ती कहां आयोजित की जाती है?

    👉 यह कार्यक्रम मुंबई के मालाड क्षेत्र में हर साल आयोजित किया जाता है।

    Q. इस साल मालाड मस्ती की मुख्य खासियत क्या रही?

    👉 बॉलीवुड सितारों की परफॉर्मेंस, लाइव संगीत और किसानों की मदद की घोषणा ने इसे खास बनाया।

    Q. क्या यह कार्यक्रम सिर्फ मनोरंजन के लिए होता है?

    👉 नहीं, यह सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक एकता को भी प्रोत्साहित करता है।

  • शुक्ला कंपाउंड विवाद: MLA सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री से मांगा हस्तक्षेप, 1962 की डेट ऑफ लाइन बदलने की मांग तेज

    शुक्ला कंपाउंड विवाद: MLA सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री से मांगा हस्तक्षेप, 1962 की डेट ऑफ लाइन बदलने की मांग तेज

    मुंबई के दहिसर पूर्व स्थित शुक्ला कंपाउंड में 400 परिवारों का भविष्य अधर में लटका है। विकासक द्वारा 1962 से पहले के दस्तावेज़ मांगने पर दिंडोशी के MLA सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इस नियम में बदलाव की मांग की है। मामला अब शीतकालीन अधिवेशन में उठेगा।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: दहिसर पूर्व के रावलपाड़ा स्थित शुक्ला कंपाउंड में रहने वाले करीब 400 परिवारों का भविष्य संकट में पड़ गया है, क्योंकि प्रोजेक्ट डेवलपर ने इन सभी परिवारों से घर पुनर्विकास पात्रता के लिए 1962 से पहले के दस्तावेज़ देने की शर्त रखी है।

    इन दस्तावेज़ों को उपलब्ध न करा पाने के कारण सैकड़ों परिवार बेघर होने की चिंता में हैं। अब यह मामला राजनीतिक रूप से बड़ा रूप ले चुका है।

    🏘 45 साल से रहने वाले परिवारों पर बेघर होने का खतरा

    शुक्ला कंपाउंड में रहने वाले अधिकतर परिवार पिछले चार से पांच दशकों से इस इलाके में रह रहे हैं। कई परिवार छोटे उद्योग और मजदूरी कर अपनी रोज़ी-रोटी चलाते हैं।

    इन निवासियों का कहना है कि उन्होंने बिजली बिल, राशन कार्ड, आधार कार्ड, पानी के बिल सहित कई सरकारी दस्तावेज़ जमा किए हैं, लेकिन डेवलपर केवल 1962 के पहले की ओनरशिप प्रूफ स्वीकार कर रहा है — जो लगभग असंभव है।

    🏗 डेवलपर पर स्वार्थी प्रोजेक्ट प्लानिंग का आरोप

    मौजूदा ज़मीन का असली मालिक गोविंद पाटिल ने यह प्लॉट साल 1920 में इकबाल मिर्ची से जुड़े नामों और शेलाजी इंफ्रास्ट्रक्चर के अशोक जैन को बेचा था।

    अब विकासक अशोक जैन इस जमीन पर हाई-राइज़ हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाने की तैयारी कर रहे हैं।

    रहवासियों का आरोप है कि—

    “डेवलपर खुद का फायदा ज्यादा देख रहा है और पुराना डेट ऑफ लाइन दिखाकर लोगों को बाहर करने की कोशिश कर रहा है।”

    🧾 MLA सुनील प्रभु पैरवी में, मुख्यमंत्री को पत्र

    दिंडोशी विधानसभा के शिवसेना नेता एवं MLA सुनील प्रभु ने इस मामले में दखल देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है।

    प्रभु ने पत्र में लिखा कि—

    “मुंबई और महाराष्ट्र में किसी भी हाउसिंग स्कीम में पात्रता के लिए अधिकतर जगह 2012 से पहले का डॉक्यूमेंट पर्याप्त माना जाता है। ऐसे में शुक्ला कंपाउंड में 1962 की शर्त अन्यायपूर्ण है और इसे बदला जाना चाहिए।”

    उन्होंने यह भी ऐलान किया कि वे इस मुद्दे को आगामी नागपुर में होने वाले शीतकालीन विधान सभा अधिवेशन में ‘ध्यान आकर्षण’ के रूप में उठाएँगे।

    🔍 इस बदलाव से अन्य प्रोजेक्ट भी होंगे प्रभावित

    यदि सरकार दस्तावेज़ की पात्रता 1962 से बदलकर 2012 या वर्तमान नियम के अनुसार करती है, तो उसका सीधा लाभ—

    ✔ मुंबई
    ✔ ठाणे
    ✔ पालघर
    ✔ नवी मुंबई

    में हो रहे हज़ारों पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स को मिल सकता है।


    FAQ सेक्शन:

    प्रश्नउत्तर
    क्या नियम अभी बदले गए हैं?नहीं, नियम बदलने की मांग की गई है और मामला विधानसभा में उठेगा।
    क्या सभी रहवासियों को घर मिलेगा?फिलहाल स्थिति अनिश्चित है। नियम बदलने पर ही रास्ता स्पष्ट होगा।
    क्या यह मामला कानूनी रूप से कोर्ट में जा सकता है?हाँ, यदि समाधान न मिला तो रहवासी कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
  • मुंबई के कॉलेज में बुर्का बैन पर हंगामा

    मुंबई के कॉलेज में बुर्का बैन पर हंगामा

    गोरगांव के विवेक विद्यालय जूनियर कॉलेज में कक्षा के अंदर बुर्का पहनने पर पाबंदी लगाने के फैसले के बाद छात्रों ने कड़ा विरोध जताया। AIMIM की मदद के बाद मामला पुलिस स्टेशन पहुंचा।

    मुंबई: गोरगांव स्थित विवेक विद्यालय जूनियर कॉलेज में कक्षाओं के अंदर बुर्का पहनने पर नया नियम लागू होने के बाद विवाद बढ़ गया है। पहले जहां इस कॉलेज में बुर्का पहनकर कक्षाओं में प्रवेश की अनुमति थी, वहीं अब अचानक इस ड्रेस कोड में बदलाव किया गया है। इस निर्णय के खिलाफ कई छात्राओं ने आपत्ति जताई है और विरोध के लिए आवाज भी उठाई है।

    🔹 विरोध क्यों शुरू हुआ?

    कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार अब छात्राएं क्लास रुम के अंदर बुर्का नहीं पहन सकेंगी। प्रशासन का कहना है कि किसी भी धार्मिक पहचान को दर्शाने वाली पोशाक कॉलेज के माहौल और ड्रेस कोड के खिलाफ है। हालांकि, हिजाब और सिर पर दुपट्टा पहनने की अनुमति अब भी जारी है।

    कुछ छात्राओं ने बताया कि उन्हें कॉलेज आने पर पहले बुर्का उतारना पड़ता है और क्लास खत्म होने के बाद फिर से पहनना पड़ता है। इससे वे खुद को असहज और असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

    🔹 वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ा

    स्थानीय न्यूज़ पोर्टल द्वारा पोस्ट किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें बुर्का पहनकर कॉलेज पहुंची छात्राओं को गेट पर रोका जाता हुआ देखा जा सकता है। वीडियो में छात्राओं और कॉलेज प्रशासन के बीच बहस होती भी दिखाई देती है।

    कुछ छात्राओं का दावा है कि जब उन्होंने इस नियम पर सवाल उठाया, तो कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि अगर नियम पसंद नहीं है, तो प्रवेश रद्द करा दें।

    🔹 मामला अब पुलिस स्टेशन पहुंचा

    1 दिसंबर को AIMIM की एडवोकेट जाहानारा शेख के साथ कई छात्राएं गोरगांव वेस्ट के टीन डोंगरी पुलिस स्टेशन पहुंचीं और शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद कॉलेज की प्रिंसिपल को बातचीत के लिए थाने बुलाया गया।

    एडवोकेट जाहानारा शेख के मुताबिक:

    “हमने नियम वापस लेने की मांग रखी है, लेकिन प्रिंसिपल ने कहा कि वह प्रबंधन से बात करने के बाद ही फैसला लेंगी।”

    इस मामले पर कॉलेज प्रबंधन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    🔹 सिर्फ जूनियर कॉलेज सेक्शन को नियम लागू

    ध्यान देने योग्य बात यह है कि बुर्का बैन का यह नियम सिर्फ जूनियर कॉलेज पर लागू किया गया है, जबकि सीनियर कॉलेज की छात्राओं पर इसका कोई असर नहीं होगा।
    इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच और अधिक सवाल खड़े हो रहे हैं।

    🔍 इस फैसले पर सामाजिक बहस

    मुंबई में सामान्य तौर पर कॉलेज ड्रेस कोड जींस, शॉर्ट्स या ट्रेंडी फैंशन तक सीमित होते हैं, लेकिन धार्मिक पहचान पर प्रतिबंध का यह मामला अब ड्रेस कोड बनाम धार्मिक स्वतंत्रता की बड़ी बहस में बदल चुका है।


    ❓ FAQ सेक्शन

    1️⃣ क्या कॉलेज में पूरी तरह बुर्का पहनना बंद है?
    नहीं, कॉलेज कैंपस में आने पर बुर्का पहनने पर प्रतिबंध नहीं है। पाबंदी सिर्फ कक्षाओं के अंदर है।

    2️⃣ हिजाब पहनने की अनुमति है?
    हाँ, कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हिजाब और साधारण हेडस्कार्फ की अनुमति दी जाएगी।

    3️⃣ क्या मामला कानूनी स्तर पर गया है?
    फिलहाल मामला पुलिस स्टेशन पहुंचा है, पर कोई कानूनी कार्रवाई दर्ज नहीं हुई है।

    4️⃣ क्या नियम पूरे कॉलेज में लागू है?
    नहीं, अभी नियम सिर्फ जूनियर कॉलेज पर लागू किया गया है।

  • मुंबई में बड़ा ड्रग्स ऑपरेशन: बोरीवली से 50 लाख की हेरोइन बरामद, दो गिरफ्तार

    मुंबई में बड़ा ड्रग्स ऑपरेशन: बोरीवली से 50 लाख की हेरोइन बरामद, दो गिरफ्तार

    मुंबई की एंटी नारकोटिक्स सेल ने बोरीवली में कार्रवाई कर 50 लाख की हेरोइन और 5 लाख नकद जब्त किया। दो आरोपी गिरफ्तार, दूसरा केस भी उजागर — पति-पत्नी से 2.4 करोड़ की हेरोइन बरामद।

    मुंबई: नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) की कांदिवली यूनिट ने बोरीवली में छापेमारी कर दो ड्रग पेडलर्स को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से ₹50 लाख की हेरोइन और ₹5 लाख नकद बरामद किया। इसके अलावा एक और अलग ऑपरेशन में पुलिस ने पति-पत्नी की जोड़ी से 2.4 करोड़ की हेरोइन बरामद की है। दोनों मामलों में आरोपी पुलिस कस्टडी में हैं और नेटवर्क की जांच जारी है।

    🔍 बोरीवली में ANC की बड़ी कार्रवाई

    सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर ANC कांदिवली यूनिट ने बोरीवली में जाल बिछाया और दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान:

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    • उच्च गुणवत्ता की हेरोइन (₹50 लाख अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य)
    • ₹5 लाख नकद
    • मोबाइल डेटा और नेटवर्क से जुड़े सुराग

    बरामद किए गए।

    दोनों आरोपी नवी मुंबई के कलंबोली और पनवेल के रहने वाले हैं।

    ⚖️ NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज

    गिरफ्तार आरोपियों को NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस कस्टडी दी गई है।
    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि:

    • यह ड्रग किसे सप्लाई होना था?
    • इनका नेटवर्क कितना बड़ा है?
    • स्रोत विदेश से है या लोकल सिंडिकेट से?

    🚨 दूसरा मामला: पति-पत्नी से 2.4 करोड़ की हेरोइन जब्त

    इसी ऑपरेशन के अगले ही दिन ANC ने एक और बड़ी सफलता हासिल की। बोरीवली ईस्ट के राष्ट्रीय उद्यान मेट्रो स्टेशन के पास से एक दंपत्ति को ड्रग तस्करी के आरोप में पकड़ा गया।

    • उनके पास से 511 ग्राम हेरोइन बरामद की गई
    • अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग ₹2.4 करोड़
    • दो मोबाइल फोन और डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए

    पुलिस के अनुसार, यह दंपत्ति ड्रग नेटवर्क में “बंटी और बबली” नाम से मशहूर था।

    🚓 पुलिस की जांच आगे

    पुलिस अब दोनों मामलों को जोड़कर यह जांच कर रही है कि:

    • क्या दोनों कार्रवाई एक ही नेटवर्क का हिस्सा हैं?
    • क्या इसके पीछे किसी बड़े सिंडिकेट या अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हाथ है?
    • क्या मुंबई में बढ़ते नाइटलाइफ और ऑनलाइन डिलीवरी सिस्टम ने अवैध सप्लाई को आसान बनाया है?

    FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    प्रश्नजवाब
    1. क्या गिरफ्तार आरोपियों के पहले भी केस हैं?पुलिस के अनुसार, इसका पता मोबाइल डाटा और नेटवर्क जांच के बाद ही चलेगा।
    2. क्या यह इंटरनेशनल ड्रग्स चैन का हिस्सा है?शुरुआती जांच में इंटरनेशनल लिंक की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
    3. आगे कार्रवाई क्या होगी?कोर्ट की अनुमति से पुलिस कस्टडी बढ़ाकर सप्लाई चैन की पूरी जानकारी जुटाई जाएगी।