Category: Crime News

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  • अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या, मालाड केस में आरोपी को उम्रकैद

    अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या, मालाड केस में आरोपी को उम्रकैद

    मुंबई के मालाड इलाके में पत्नी की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अवैध संबंध के शक में हुए इस अपराध को कोर्ट ने ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मानने से इनकार किया।

    मुंबई: मालाड इलाके में अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या करने वाले 42 वर्षीय शख्स को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दिंडोशी सत्र न्यायालय ने इस मामले में मृत्युदंड की मांग को खारिज करते हुए कहा कि यह मामला ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में नहीं आता। घटना के वक्त दंपति की नाबालिग बेटी और एक पड़ोसी मौके पर मौजूद थे।

    क्या है मालाड पूरा मामला

    अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी श्रवणकुमार राउत को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। इसी शक के चलते दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया।
    यह घटना मालाड स्थित उनकी दुकान में हुई, जहां आरोपी ने सब्जी काटने वाले चाकू से पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

    बेटी और पड़ोसी के सामने हुई वारदात

    कोर्ट में पेश गवाहों के मुताबिक, घटना के समय दंपति की किशोर बेटी और पास में रहने वाला एक पड़ोसी वहां मौजूद था। दोनों ने झगड़े और हमले को अपनी आंखों से देखा।
    अभियोजन ने इन बयानों को अहम सबूत के तौर पर पेश किया, जिससे आरोपी के खिलाफ मामला मजबूत हुआ।

    मृत्युदंड की मांग, लेकिन कोर्ट ने किया इनकार

    सरकारी वकील रविंद्र सावल ने आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की थी।
    हालांकि, दिंडोशी कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नंदकिशोर मोरे ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अपराध गंभीर जरूर है, लेकिन यह ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामलों में शामिल नहीं किया जा सकता।
    इसी आधार पर अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई।

    कोर्ट का अहम संदेश

    अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा कि शक और घरेलू विवाद किसी की जान लेने का अधिकार नहीं देते।
    यह फैसला समाज के लिए एक सख्त संदेश है कि घरेलू हिंसा और चरित्र पर शक के नाम पर की गई हत्या को कानून किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।


    FAQ

    Q1. आरोपी को कौन-सी सजा सुनाई गई है?
    अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

    Q2. क्या कोर्ट ने मृत्युदंड दिया?
    नहीं, कोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामला नहीं मानते हुए मृत्युदंड से इनकार किया।

    Q3. घटना कहां हुई थी?
    यह वारदात मुंबई के मालाड इलाके में आरोपी की दुकान में हुई थी।

  • Mumbai: मालाड में फर्जी फ्लैट रैकेट का पर्दाफाश, सस्ते घर का सपना बना बुरा सपना

    Mumbai: मालाड में फर्जी फ्लैट रैकेट का पर्दाफाश, सस्ते घर का सपना बना बुरा सपना

    Mumbai के मालाड इलाके में अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट सस्ते दामों में दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले फर्जी प्रॉपर्टी रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। जानिए पूरा मामला, आरोपी, modus operandi और कैसे बचें ऐसे फ्रॉड से।

    मुंबई: सस्ते घर का सपना दिखाकर लोगों से लाखों-करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े फर्जी फ्लैट रैकेट का मालाड पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य सरगना फरार है। आरोपी Housing.com, NoBroker जैसे बड़े रियल एस्टेट पोर्टल और सोशल मीडिया के ज़रिए करीब 1 करोड़ के फ्लैट को 60–70 लाख में बेचने का झांसा देकर लोगों से एडवांस रकम ऐंठते थे और फिर गायब हो जाते थे।

    🏙️ क्या है पूरा मामला?

    मालाड पुलिस के अनुसार, यह एक सुनियोजित प्रॉपर्टी फ्रॉड रैकेट था, जो अंडर-कंस्ट्रक्शन इमारतों को निशाना बनाकर लोगों को फंसाता था। आरोपी असली फ्लैट मालिक के दस्तावेज़ों से छेड़छाड़ कर खुद को मालिक बताकर सौदा करते थे। कागज़ात इतने असली लगते थे कि आम आदमी तो क्या, अनुभवी खरीदार भी धोखा खा जाते थे।

    👤 शिकायतकर्ता का दर्दनाक अनुभव

    इस केस के शिकायतकर्ता 31 वर्षीय नवलदेव नारायण राजपूत, निवासी मालाड ईस्ट हैं। आरोपियों ने उन्हें मालाड वेस्ट के जकारिया रोड स्थित शुभाश्री ऑर्चर्ड, फ्लैट नंबर 1301 दिखाया और बताया कि यह फ्लैट “पोपटलाल” नामक व्यक्ति का है।
    4 नवंबर से 23 दिसंबर 2025 के बीच हुए इस सौदे में नवलदेव से करीब 30 लाख रुपये की ठगी की गई। जब आरोपी संपर्क से बाहर हो गए, तब 29 दिसंबर 2025 को मालाड पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई गई।

    ⚖️ किन धाराओं में केस दर्ज?

    यह मामला मालाड पुलिस स्टेशन (CR No. 943/2025) में दर्ज किया गया है।
    आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें:

    • धोखाधड़ी
    • जालसाज़ी
    • फर्जी पहचान (Impersonation)
    • आपराधिक साजिश
    • विश्वासघात और रकम का गबन

    जैसी धाराएं शामिल हैं।

    🕵️ Modus Operandi: ऐसे चलता था Mumbai में फर्जी फ्लैट रैकेट

    पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग में हर सदस्य की तय भूमिका थी:

    • कासिम रशीद खान उर्फ अमित ठाकुर (फरार) – मास्टरमाइंड
    • मोहम्मद रफीक रशीद खान – अंडर-कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग्स की फोटो खींचकर फर्जी विज्ञापन डालता था
    • दीपक किरीट शाह (ब्रोकर) – खरीदारों से संपर्क कर भरोसा जीतता था
    • निमेष अनिल मावणी – फर्जी आधार और पैन कार्ड से असली मालिक बनकर सौदा करता था
    • हितेश केदारी और राजेश बिसुल प्रसाद – बैंक अकाउंट उपलब्ध कराते थे

    जैसे ही एडवांस रकम अकाउंट में आती, पैसे निकाल लिए जाते और आरोपी अंडरग्राउंड हो जाते।

    💳 बैंक ट्रांजैक्शन से खुला राज

    पुलिस ने ASP Infra नामक अकाउंट में हुए संदिग्ध ट्रांजैक्शन को ट्रैक किया। अकाउंट होल्डर हितेश केदारी को हिरासत में लेने के बाद तकनीकी जांच और पूछताछ से पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। इसके बाद मीरा रोड, बोरीवली और कांदिवली से आरोपियों को पकड़ा गया।

    🚨 गिरफ्तार आरोपी कौन-कौन?

    पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम हैं:

    • हितेश रविंद्र केदारी (30) – डिलीवरी बॉय
    • राजेश बिसुल प्रसाद (37) – डिलीवरी बॉय
    • निमेष अनिल मावणी (49)
    • मोहम्मद रफीक रशीद खान (38)
    • दीपक किरीट शाह (47) – ब्रोकर
    • राजन हर्षद कक्कड़ (45)

    मुख्य आरोपी कासिम रशीद खान अभी फरार है।

    👮 वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच

    इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व API दीपक रायवाडे और PSI निलोबा जक्कलवाड़ ने किया।
    जांच Additional CP शशि कुमार मीणा, DCP जोन XI संदीप जाधव, ACP प्रकाश बागल के मार्गदर्शन और Senior Inspector दुश्यंत चौहान की निगरानी में हुई।

    🔑 कैसे बचें ऐसे प्रॉपर्टी फ्रॉड से?

    • बहुत सस्ते दाम पर फ्लैट का ऑफर मिले तो सतर्क रहें
    • असली मालिक से सीधे मिलकर दस्तावेज़ सत्यापित करें
    • रजिस्ट्रार ऑफिस से डॉक्यूमेंट्स की क्रॉस-चेकिंग करें
    • बिना एग्रीमेंट और वकील की सलाह के पैसे न दें

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या बड़े पोर्टल पर विज्ञापन होने से सौदा सुरक्षित होता है?
    👉 नहीं, फ्रॉड लोग बड़े पोर्टल का भी गलत इस्तेमाल करते हैं।

    Q2. क्या अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट लेना सुरक्षित है?
    👉 हां, लेकिन पूरी कानूनी जांच और RERA रजिस्ट्रेशन जरूरी है।

    Q3. धोखाधड़ी होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।

  • बोरीवली ज्वेलरी शॉप से ₹6.79 करोड़ की चोरी, दो सेल्समैन फरार

    बोरीवली ज्वेलरी शॉप से ₹6.79 करोड़ की चोरी, दो सेल्समैन फरार

    मुंबई के बोरीवली में ज्वेलरी शॉप से करीब 6.79 करोड़ रुपये के सोने, हीरे और चांदी की चोरी। दो सेल्समैन फरार, राजस्थान तक पहुंची पुलिस जांच।

    मुंबई: बोरीवली इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ज्वेलरी शॉप के दो सेल्समैन दुकान से करोड़ों के गहने लेकर फरार हो गए। चोरी गए माल की कुल कीमत करीब ₹6.79 करोड़ बताई जा रही है। एमएचबी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।

    क्या है पूरा मामला

    यह घटना बोरीवली स्थित ‘माय गोल्ड पॉइंट’ नामक ज्वेलरी शॉप की है। दुकान के मालिक राकेश पोरवाल रोज़ की तरह मंगलवार रात दुकान बंद कर घर चले गए थे। दुकान में काम करने वाले दोनों सेल्समैन – प्रभु सिंह और नारायण सिंह – को रोज़ाना की तरह गहने तिजोरी में रखने की जिम्मेदारी दी गई थी।

    कैसे सामने आई बोरीवली की चोरी

    बुधवार दोपहर राकेश पोरवाल दहाणु में निजी काम से गए हुए थे। इसी दौरान एक महिला ग्राहक ने फोन कर बताया कि दुकान बाहर से बंद है। शक होने पर पोरवाल ने दोनों सेल्समैन को कॉल किया, लेकिन फोन बंद मिला। तुरंत बोरीवली लौटने पर उन्होंने देखा कि शटर बंद था, बाहर से ताला लगा था और चाबी ताले में ही लगी हुई थी।

    दुकान के अंदर जाकर देखा तो दोनों लोहे की तिजोरियां खुली थीं और

    • सोने के गहने
    • हीरे के आभूषण
    • चांदी की सिल्लियां

    सब गायब थे। कुल चोरी की रकम ₹6,79,85,000 आंकी गई है।

    आरोपी कौन हैं

    दोनों आरोपी – प्रभु सिंह और नारायण सिंह –

    • राजस्थान के राजसमंद जिले के कावरैया गांव के रहने वाले हैं
    • दुकान में सेल्समैन के तौर पर काम करते थे
    • रात में दुकान के अंदर ही रुकते थे

    पुलिस को शक है कि वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों राजस्थान भाग गए हैं।

    पुलिस की कार्रवाई

    एमएचबी पुलिस ने दोनों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया है।

    • क्राइम ब्रांच की दो टीमें राजस्थान भेजी गई हैं
    • मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच जारी है
    • पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा

    इलाके में दहशत, व्यापारियों में चिंता

    इस बड़ी चोरी की वारदात के बाद बोरीवली इलाके के ज्वेलर्स और व्यापारियों में डर का माहौल है। स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस से सुरक्षा बढ़ाने और कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच पर ज़ोर देने की मांग की है।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. चोरी कहां हुई है?
    👉 मुंबई के बोरीवली स्थित ‘माय गोल्ड पॉइंट’ ज्वेलरी शॉप में।

    Q2. चोरी की कुल रकम कितनी है?
    👉 करीब ₹6.79 करोड़ के सोने, हीरे और चांदी के गहने।

    Q3. आरोपी कौन हैं?
    👉 दुकान के ही दो सेल्समैन – प्रभु सिंह और नारायण सिंह।

    Q4. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    👉 केस दर्ज कर लिया गया है और राजस्थान में पुलिस टीमें भेजी गई हैं।

    Q5. क्या आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    👉 फिलहाल आरोपी फरार हैं, तलाश जारी है।

  • कांदिवली में घर का सपना बना धोखा, ओला-उबर चालक से 9 लाख की ठगी

    कांदिवली में घर का सपना बना धोखा, ओला-उबर चालक से 9 लाख की ठगी

    Mumbai Kandivali News: एमएमआरडीए फ्लैट दिलाने के नाम पर कांदिवली में ओला-उबर चालक से 9 लाख रुपये की ठगी, 6 साल बाद सामने आया पूरा मामला, पुलिस ने दर्ज किया केस।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में घर पाने का सपना देख रहे एक ओला-उबर चालक के साथ बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। एमएमआरडीए का फ्लैट दिलाने का झांसा देकर तीन लोगों ने उससे करीब 9 लाख रुपये ऐंठ लिए। छह साल तक इंतज़ार के बाद जब न घर मिला और न ही पैसे लौटे, तब जाकर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। अब कांदिवली पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    कांदिवली में ठगी का चौंकाने वाला मामला

    मुंबई जैसे महानगर में अपने घर का सपना हर आम आदमी देखता है। इसी सपने का फायदा उठाकर कांदिवली में एक ओला-उबर चालक से लाखों की ठगी की गई। यह मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।

    कौन है पीड़ित?

    पीड़ित 38 वर्षीय युवक वांद्रे इलाके में रहता है और ओला-उबर में ड्राइवर के तौर पर काम करता है। सीमित आमदनी के बावजूद उसने भविष्य सुरक्षित करने के लिए घर खरीदने का फैसला किया था।

    एमएमआरडीए फ्लैट का झांसा

    कुछ साल पहले पीड़ित की पहचान नवीनसिंग मानसिंग गोरखा नामक व्यक्ति से हुई। उसने मालाड के कुरार विलेज स्थित अप्पापाडा इलाके में एमएमआरडीए का फ्लैट दिलाने का दावा किया।
    आरोपी ने बताया कि फ्लैट की असली कीमत 18 लाख रुपये है, लेकिन वह इसे सिर्फ 14 लाख में दिला देगा।

    तीन-चार महीने में घर मिलने का भरोसा

    नवीनसिंग ने भरोसा दिलाया कि तीन से चार महीनों के भीतर फ्लैट का कब्ज़ा मिल जाएगा। उसकी बातों में आकर पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में करीब 9 लाख रुपये दे दिए।

    दो और आरोपी भी थे शामिल

    इस पूरे सौदे में रवी सरवदे और मोहसीन अख्तर भी शामिल थे। पीड़ित को बताया गया कि ये दोनों लोग नवीनसिंग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और फ्लैट दिलाने की प्रक्रिया में मदद करेंगे।

    6 साल बीते, न घर मिला न पैसे

    तय समय बीतने के बाद भी जब फ्लैट नहीं मिला तो पीड़ित ने आरोपियों से संपर्क किया। शुरुआत में वे टालमटोल करते रहे। धीरे-धीरे बातचीत भी बंद हो गई।
    करीब छह साल गुजर जाने के बाद भी न तो घर मिला और न ही एक रुपये की वापसी हुई।

    पुलिस में दर्ज हुई शिकायत

    आखिरकार खुद को ठगा हुआ समझकर पीड़ित कांदिवली पुलिस स्टेशन पहुंचा और शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने नवीनसिंग गोरखा, रवी सरवदे और मोहसीन अख्तर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।


    FAQ

    Q1. ठगी कितने रुपये की हुई है?
    करीब 9 लाख रुपये की ठगी हुई है।

    Q2. ठगी किस इलाके में हुई?
    मुंबई के कांदिवली और मालाड इलाके से जुड़ा मामला है।

    Q3. आरोपी कितने हैं?
    कुल तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

    Q4. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    कांदिवली पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • BMC चुनाव ड्यूटी से गायब 6,871 कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई

    BMC चुनाव ड्यूटी से गायब 6,871 कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई

    BMC चुनाव 2026 से पहले चुनाव ड्यूटी में गैरहाजिर 6,871 अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस, 4,521 पर 12 जनवरी से पुलिस कार्रवाई के आदेश।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Bmc) चुनाव 2025-26 से पहले प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। चुनाव ड्यूटी में गैरहाजिर रहने वाले 6,871 अधिकारी और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें से 4,521 कर्मचारी अब भी ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं, जिनके खिलाफ 12 जनवरी 2026 से पुलिस कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने साफ कहा है कि चुनावी जिम्मेदारी से बचने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

    🏛️ BMC चुनाव प्रक्रिया में लापरवाही पर प्रशासन का कड़ा रुख

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओर से स्पष्ट किया गया है कि चुनाव प्रक्रिया संविधानिक और कानूनी जिम्मेदारी है। इसके बावजूद कई अधिकारी और कर्मचारी प्रशिक्षण, मतदान ड्यूटी और अन्य जिम्मेदारियों से लगातार गैरहाजिर पाए गए। बार-बार निर्देश देने और अंतिम मौका देने के बावजूद जब हाजिरी नहीं लगी, तब प्रशासन को कड़ा फैसला लेना पड़ा।

    📄 6,871 कर्मचारियों को नोटिस, 2,350 लौटे ड्यूटी पर

    प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 6,871 अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस भेजी गई थी। इनमें से 2,350 कर्मचारी नोटिस के बाद चुनाव कार्य में शामिल हो गए हैं। लेकिन 4,521 कर्मचारी अब भी अनुपस्थित हैं, जिन पर अब सीधी पुलिस कार्रवाई की जाएगी।

    🚨 12 जनवरी से पुलिस कार्रवाई शुरू

    अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी के निर्देशानुसार सोमवार, 12 जनवरी 2026 से संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस के जरिए कार्रवाई की जाएगी। इसमें उनके कार्यालय जाकर नोटिस तामील कराना, मामला दर्ज करना, जुर्माना और विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शामिल होगी।

    🧑‍💼 कई विभागों के कर्मचारी कार्रवाई की जद में

    इस कार्रवाई में केवल महानगरपालिका ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीयकृत बैंक, बेस्ट उपक्रम, दूरसंचार विभाग, तेल कंपनी, बीमा कंपनियां, जीवन बीमा निगम, म्हाडा, डाक विभाग, रेलवे, उर्वरक कंपनी और अन्य सरकारी व अर्धसरकारी संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं।

    🗳️ 15 जनवरी को मतदान, कर्मचारियों की भारी जरूरत

    महानगरपालिका चुनाव के लिए 15 जनवरी 2026 को मतदान और 16 जनवरी को मतगणना होनी है। मुंबई में करीब 1 करोड़ 3 लाख से अधिक मतदाता हैं। इतने बड़े चुनाव के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की जरूरत होती है, लेकिन कर्मचारियों की कमी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन रही है।

    ⚠️ डॉ. अश्विनी जोशी की सख्त चेतावनी

    डॉ. अश्विनी जोशी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि चुनाव ड्यूटी में लापरवाही गंभीर अपराध है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की ओर से आदेशों की अनदेखी, देरी या गैरजिम्मेदारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी को तुरंत अपनी ड्यूटी संभालनी होगी, अन्यथा कानूनी और प्रशासकीय कार्रवाई तय है।


    ❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

    प्रश्न 1: कितने कर्मचारियों को नोटिस दी गई है?
    उत्तर: कुल 6,871 अधिकारी और कर्मचारियों को नोटिस दी गई है।

    प्रश्न 2: पुलिस कार्रवाई कब से शुरू होगी?
    उत्तर: 12 जनवरी 2026 से।

    प्रश्न 3: किन विभागों के कर्मचारी शामिल हैं?
    उत्तर: महानगरपालिका, बैंक, बेस्ट, बीमा कंपनियां, रेलवे, डाक विभाग सहित कई सरकारी संस्थान।

    प्रश्न 4: मतदान और मतगणना कब है?
    उत्तर: मतदान 15 जनवरी और मतगणना 16 जनवरी 2026 को होगी।

  • मालवनी में 7 स्कूली बच्चियों से छेड़छाड़, 36 वर्षीय आरोपी POCSO में गिरफ्तार

    मालवनी में 7 स्कूली बच्चियों से छेड़छाड़, 36 वर्षीय आरोपी POCSO में गिरफ्तार

    मुंबई के मालवनी इलाके में स्कूल के पास 7 नाबालिग बच्चियों से सरेआम छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

    मुंबई: मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके में मंगलवार सुबह एक शर्मनाक घटना सामने आई, जहां 36 साल के एक युवक ने स्कूल जा रही 7 नाबालिग छात्राओं से सरेआम छेड़छाड़ की। सभी पीड़ित बच्चियों की उम्र 14 से 15 साल के बीच है। घटना स्कूल के पास एक व्यस्त रिहायशी सड़क पर हुई। बच्चियों के शोर मचाने पर स्थानीय लोग जमा हो गए और आरोपी भाग निकला। शिकायत मिलते ही मालवनी पुलिस ने तेजी से कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ POCSO एक्ट व भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

    🚨 घटना कैसे हुई?

    पुलिस के अनुसार, पीड़ितों में से एक 14 वर्षीय छात्रा, जो सांताक्रूज़ की रहने वाली है, सुबह करीब 7:30 बजे घर से स्कूल के लिए निकली थी। वह अपनी सहेलियों के साथ स्कूल परिसर के पास खड़ी थी, तभी आरोपी वहां पहुंचा।

    आरोपी ने अचानक बच्चियों के बेहद पास जाकर उन्हें जबरन गले लगाया, अश्लील हरकतें कीं और एक-एक कर सभी सातों नाबालिगों से छेड़छाड़ की। यह पूरी घटना सार्वजनिक सड़क पर हुई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    🚗 कार में घुमाने का झांसा

    जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने बच्चियों को कार में घुमाने का लालच दिया। उसने उनसे कहा कि वे रोज उसी जगह उससे मिलें। आरोपी की इन हरकतों से बच्चियां बुरी तरह घबरा गईं।

    🗣️ बच्चियों ने मचाया शोर

    घटना के बाद बच्चियों ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाया। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। खुद को घिरा देख आरोपी वहां से फरार हो गया।

    🚓 पुलिस की त्वरित कार्रवाई

    घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित बच्ची की मां मालवणी पुलिस स्टेशन पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बिना देरी किए आरोपी की तलाश शुरू की और कुछ ही घंटों में उसे हिरासत में ले लिया।

    दोपहर में आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर दिंडोशी कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे आगे की जांच के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया।

    ⚖️ किन धाराओं में केस दर्ज

    आरोपी के खिलाफ:

    POCSO एक्ट

    भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराएं

    लगाई गई हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहा है या नहीं।

    😟 इलाके में डर का माहौल

    इस घटना के बाद मालवणी इलाके में दहशत का माहौल है। खासतौर पर माता-पिता बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी का मकसद इलाके में सुरक्षा का भरोसा कायम रखना है।

    👮‍♂️ पुलिस का बयान

    मुंबई पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है क्योंकि पीड़ित नाबालिग हैं। इसलिए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। मामले की जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर और भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
    Q1. घटना कहां हुई?
    ➡️ मुंबई के मालवणी इलाके में, स्कूल के पास।

    Q2. कितनी बच्चियां पीड़ित हैं?
    ➡️ कुल 7 नाबालिग स्कूली छात्राएं।

    Q3. आरोपी की उम्र क्या है?
    ➡️ आरोपी 36 साल का है।

    Q4. आरोपी पर कौन सा कानून लगा है?
    ➡️ POCSO एक्ट और BNS की धाराएं।

    Q5. क्या आरोपी को जेल भेजा गया है?
    ➡️ फिलहाल आरोपी पुलिस कस्टडी में है, जांच जारी है।

  • कांदिवली में फर्जी लोन का झांसा देकर फ्रीलांसर से 69 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

    कांदिवली में फर्जी लोन का झांसा देकर फ्रीलांसर से 69 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

    कांदिवली पुलिस ने शेयर के बदले करोड़ों का लोन दिलाने का झांसा देकर एक फ्रीलांसर से 69 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है, उसकी बहन फरार है।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में शेयर और लोन के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। कांदिवली पुलिस ने एक फ्रीलांसर से करीब 69 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में जतीन कुमार उनाडकट नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर शेयर गिरवी रखकर करोड़ों का लोन दिलाने का झांसा दिया था, लेकिन हकीकत में पूरा मामला फर्जी निकला।

    3.5 करोड़ के लोन का लालच देकर फंसाया

    पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता प्रेमकुमार वर्मा (42), जो विरार का रहने वाला है और फ्रीलांसर के तौर पर काम करता है, को आरोपी जतीन कुमार और उसकी बहन संगीता उनाडकट ने नए बिजनेस में निवेश का ऑफर दिया था। दोनों ने दावा किया कि वे “बूम लिफ्ट” नाम से नया कारोबार शुरू कर रहे हैं, जिसके लिए 3.5 करोड़ रुपये के लोन की जरूरत है।

    पुरानी पहचान का उठाया फायदा

    प्रेमकुमार वर्मा पहले डायरेक्ट सेल्स एजेंसी में काम करता था और उसने 2022 में संगीता उनाडकट के लिए 25 लाख रुपये का लोन भी पास करवाया था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर संगीता ने अपने भाई जतीन से उसकी मुलाकात करवाई और उसे शेयर ट्रेडिंग का बड़ा खिलाड़ी बताया।

    फ्लैट बेचकर दिया निवेश का पैसा

    आरोपियों की बातों में आकर वर्मा ने जनवरी 2024 में अपनी नौकरी छोड़ दी और निवेश के लिए विरार में स्थित अपना फ्लैट 86 लाख रुपये में बेच दिया। जुलाई से अगस्त 2024 के बीच उसने करीब 81 लाख रुपये किस्तों में जतीन कुमार को दिए, ताकि शेयर उसके डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर किए जाएं और उन्हीं शेयरों के बदले बैंक से लोन मिल सके।

    डीमैट अकाउंट का पासवर्ड लेकर की हेराफेरी

    जतीन ने शेयर ट्रांसफर करने के बहाने वर्मा से उसके डीमैट अकाउंट का पासवर्ड ले लिया। कुछ दिनों बाद उसने दावा किया कि कई कंपनियों के शेयर अकाउंट में ट्रांसफर हो गए हैं। इतना ही नहीं, एक निजी फाइनेंस कंपनी का फर्जी लोन सैंक्शन लेटर दिखाकर 2.80 करोड़ रुपये का लोन पास होने का भरोसा भी दिलाया।

    जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज

    कई महीनों तक पैसा खाते में न आने पर वर्मा को शक हुआ। जब उसने फाइनेंस कंपनी और बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि जिन शेयरों की बात की जा रही थी, वे असली नहीं बल्कि डेमो या वर्चुअल शेयर थे, जिनका इस्तेमाल सिर्फ प्रैक्टिस ट्रेडिंग में होता है। किसी भी तरह का असली लोन मंजूर नहीं हुआ था।

    69 लाख हड़पकर हुए फरार

    जब वर्मा ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। एक सुरक्षा चेक भी बाउंस हो गया। बाद में जतीन ने सिर्फ 1.77 लाख रुपये लौटाए और करीब 69.18 लाख रुपये हड़प लिए। इसके बाद वर्मा ने कांदिवली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    आरोपी गिरफ्तार, बहन फरार

    शिकायत के बाद कांदिवली पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज कर 7 जनवरी को जतीन कुमार उनाडकट को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बहन संगीता के साथ मिलकर ठगी करने की बात कबूल की है। संगीता फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं दोनों ने इसी तरीके से और लोगों को तो नहीं ठगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: यह ठगी किस इलाके में हुई?
    मुंबई के कांदिवली इलाके में।

    Q2: ठगी की कुल रकम कितनी है?
    करीब 69.18 लाख रुपये।

    Q3: आरोपी कौन है?
    जतीन कुमार उनाडकट, जबकि उसकी बहन संगीता उनाडकट फरार है।

    Q4: ठगी का तरीका क्या था?
    फर्जी शेयर और लोन सैंक्शन दिखाकर निवेश के नाम पर पैसा लेना।

  • कांदिवली में चली गोली 45 वर्षीय व्यक्ति की हुई मौके पर मौत

    कांदिवली में चली गोली 45 वर्षीय व्यक्ति की हुई मौके पर मौत

    मुंबई के कांदिवली पूर्व पोईसर इलाके में 45 वर्षीय व्यक्ति ने लाइसेंसी पिस्तौल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना से इलाके में दहशत, समता नगर पुलिस जांच कर रही है।

    मुंबई: कांदिवली पूर्व पोईसर इलाके में सोमवार को एक 45 वर्षीय व्यक्ति द्वारा आत्महत्या किए जाने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मृतक ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से खुद पर गोली चलाई। घटना की जानकारी मिलते ही समता नगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

    🔴 कांदिवली पूर्व के पोईसर इलाके में हुई घटना

    यह घटना मुंबई के कांदिवली पूर्व स्थित पोईसर क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, 45 वर्षीय व्यक्ति ने अपने ही घर में यह कदम उठाया। गोली चलने की आवाज़ सुनते ही आसपास के लोग सहम गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

    👤 मृतक की पहचान प्रभाकर ओझा के रूप में

    पुलिस के मुताबिक मृतक का नाम प्रभाकर चंद्रशेखर ओझा (उम्र 45 वर्ष) बताया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रभाकर ओझा के पास वैध लाइसेंस वाली पिस्तौल थी, जिससे उन्होंने खुद को गोली मारी।

    🚓 सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची

    घटना की जानकारी मिलते ही समता नगर पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने इलाके को सुरक्षित कर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए शताब्दी अस्पताल भेज दिया।

    🕵️ आत्महत्या के कारणों की जांच जारी

    फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह साफ नहीं हो पाई है।
    प्रभाकर ओझा ने यह कदम क्यों उठाया,
    क्या वह किसी मानसिक तनाव में थे,
    या किसी पारिवारिक अथवा आर्थिक परेशानी से जूझ रहे थे—
    इन सभी पहलुओं की पुलिस गहराई से जांच कर रही है।

    समता नगर पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

    ⚠️ इलाके में दहशत और चिंता का माहौल

    इस घटना के बाद कांदिवली पूर्व के पोईसर इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। स्थानीय नागरिकों में चिंता देखी जा रही है, वहीं पुलिस लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच में सहयोग करने की अपील कर रही है।

    🧠 मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता बढ़ी

    देश के साथ-साथ मुंबई में भी आत्महत्या की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक तनाव, अकेलापन और समय पर मदद न मिलना ऐसे मामलों की बड़ी वजह बन सकता है।

    अगर आप या आपके आसपास कोई व्यक्ति मानसिक तनाव में है, तो मदद लेना बेहद जरूरी है।

    ☎️ मदद के लिए संपर्क करें (Helpline):

    • Kiran Mental Health Helpline: 1800-599-0019
    • AASRA: 91-9820466726

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई है?
    कांदिवली पूर्व के पोईसर इलाके में।

    Q2. मृतक की पहचान क्या है?
    मृतक का नाम प्रभाकर चंद्रशेखर ओझा (45 वर्ष) है।

    Q3. आत्महत्या किस तरीके से की गई?
    प्राथमिक जानकारी के अनुसार मृतक ने लाइसेंसी पिस्तौल से खुद को गोली मारी।

    Q4. क्या पुलिस ने मामला दर्ज किया है?
    हां, समता नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • ठाकरे गुट मजबूत, शिंदे को चुनाव से पहले बड़ा झटका

    ठाकरे गुट मजबूत, शिंदे को चुनाव से पहले बड़ा झटका

    मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले एकनाथ शिंदे को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। कांदिवली और गोरेगांव से कई पदाधिकारी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना ठाकरे गुट में शामिल हो गए।

    मुंबई: महानगरपालिका चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। शिवसेना में एक बार फिर बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट को बड़ा झटका देते हुए मुंबई के कई पदाधिकारी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट में शामिल हो गए हैं। इन नेताओं ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर भरोसा जताया है, जिससे ठाकरे गुट को मजबूती मिली है।

    महानगरपालिका चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी

    राज्य में मुंबई, ठाणे समेत अन्य महानगरों के चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सभी प्रमुख दलों ने प्रचार की तैयारियां शुरू कर दी हैं। टिकट वितरण और नामांकन को लेकर असंतोष भी सामने आ रहा है, जिसके चलते दल-बदल का सिलसिला तेज हो गया है।

    कांदिवली से शिंदे गुट को बड़ा नुकसान

    मुंबई नगर निगम चुनाव में शिवसेना ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। इसी बीच कांदिवली पूर्व के वार्ड नंबर 28, हनुमान नगर से शिंदे गुट के कई पदाधिकारी ठाकरे गुट में शामिल हो गए हैं। इसे शिंदे गुट के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

    इन प्रमुख पदाधिकारियों ने थामा ठाकरे का हाथ

    शिंदे गुट से टूटकर ठाकरे गुट में शामिल होने वालों में शामिल हैं:

    • महिला शाखा आयोजक अश्विनी पवार
    • उपशाखा प्रमुख भरत पाटिल
    • उपशाखा प्रमुख विनोद गुर्जर
    • उपशाखा प्रमुख विजय यादव
    • उपशाखा प्रमुख गणेश खंडारे
    • उपशाखा प्रमुख महेश शर्मा
    • उपशाखा प्रमुख सुधाकर पाटिल

    इन सभी ने मातोश्री में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में प्रवेश किया।

    मातोश्री में हुआ औपचारिक स्वागत

    इस मौके पर विभाग प्रमुख संतोष राणे, उपशाखा प्रमुख प्रशांत कोकाने समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। उद्धव ठाकरे ने सभी को शिवबंधन बांधकर पार्टी में शामिल किया और आगामी चुनावों के लिए शुभकामनाएं दीं।

    कांग्रेस को भी लगा झटका

    शिवसेना ठाकरे गुट में शामिल होने का सिलसिला यहीं नहीं रुका। कांग्रेस मुंबई के महासचिव अनिल शर्मा और गोरेगांव वार्ड नंबर 50 से टीना शर्मा भी ठाकरे गुट में शामिल हो गए। इससे कांग्रेस को भी चुनाव से पहले बड़ा नुकसान हुआ है।

    कई बड़े नेता रहे मौजूद

    इस अवसर पर शिवसेना सचिव व विधायक मिलिंद नरवेकर, संभागीय प्रमुख संतोष राणे, गोरेगांव विधानसभा संयोजक राजू पाध्ये, मलाड विधानसभा प्रमुख कैलाश कांसे और उप-संभागीय प्रमुख दिनेश राव मौजूद थे।

    राजनीतिक विश्लेषण

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लगातार हो रहे दल-बदल से शिंदे गुट की चुनावी रणनीति पर असर पड़ सकता है। वहीं ठाकरे गुट को इसका सीधा फायदा मिलने की संभावना है, खासकर मुंबई महानगरपालिका चुनाव में।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. किन नेताओं ने ठाकरे गुट जॉइन किया है?
    कांदिवली और गोरेगांव से कई शिंदे गुट और कांग्रेस पदाधिकारी शामिल हुए हैं।

    Q2. यह घटनाक्रम किस चुनाव से जुड़ा है?
    मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले यह बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है।

    Q3. क्या इससे शिंदे गुट को नुकसान होगा?
    राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इससे शिंदे गुट की स्थिति कमजोर हो सकती है।

  • फर्जी ट्रैफिक चालान WhatsApp स्कैम: मालाड के कारोबारी से 21 लाख की ठगी

    फर्जी ट्रैफिक चालान WhatsApp स्कैम: मालाड के कारोबारी से 21 लाख की ठगी

    Mumbai Cyber Crime News: मालाड के एक कारोबारी से फर्जी RTO ई-चालान APK भेजकर 21 लाख रुपये की साइबर ठगी। नॉर्थ साइबर पुलिस ने सूरत के युवक को किया गिरफ्तार।

    मुंबई: साइबर ठगी का एक और गंभीर मामला सामने आया है, जहां मालाड के एक कारोबारी को WhatsApp पर भेजे गए फर्जी ट्रैफिक ई-चालान के जरिए 21 लाख रुपये से ज्यादा की चपत लगा दी गई। मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने इस मामले में सूरत के 25 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को RTO बताकर लोगों को ठगने वाले साइबर गिरोह का अहम सदस्य बताया जा रहा है।

    WhatsApp पर आया फर्जी RTO चालान

    पुलिस के मुताबिक, 42 वर्षीय पीड़ित कारोबारी नवंबर महीने में गुजरात में एक पारिवारिक शादी में शामिल होने गया था। इसी दौरान उसके WhatsApp पर एक अनजान नंबर से “RTO Challan” नाम की फाइल आई। यह फाइल असल में एक APK (Android Package Kit) थी, जिसे खोलते ही मोबाइल फोन हैक हो गया।

    APK फाइल से मोबाइल और बैंक अकाउंट पर कब्जा

    जांच में सामने आया है कि जैसे ही कारोबारी ने फर्जी चालान फाइल डाउनलोड की, ठगों को उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस मिल गया। इसके बाद आरोपियों ने उसके बैंक अकाउंट, UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट ऐप्स से 21 लाख रुपये से ज्यादा की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर ली।

    सूरत का युवक गिरफ्तार, साइबर गिरोह से कनेक्शन

    मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने जांच के बाद हार्दिक अशोकभाई बोर्डा (25) को गिरफ्तार किया है, जो गुजरात के सूरत का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार आरोपी बीकॉम का छात्र है और ऑनलाइन तौल मशीन (Weighing Machine) बेचने का कारोबार करता था।

    पुलिस का कहना है कि आरोपी एक संगठित साइबर फ्रॉड रैकेट का प्रमुख सदस्य था, जो खुद को RTO अधिकारी बताकर लोगों को निशाना बनाता था।

    RTO के नाम पर ठगी का नया तरीका

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी और उसका गिरोह लोगों को डराने के लिए ट्रैफिक चालान का सहारा लेता था।

    • WhatsApp पर APK फाइल भेजी जाती
    • फाइल खोलते ही मोबाइल हैक
    • बैंक और UPI से पैसे उड़ाए जाते

    इस तरीके से कई लोगों को निशाना बनाया गया है।

    जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश

    पुलिस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल डेटा और डिजिटल सबूतों की गहन जांच की जा रही है।

    पुलिस की चेतावनी: ऐसे रहें सतर्क

    साइबर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि—

    • अनजान नंबर से आई APK या लिंक न खोलें
    • RTO या सरकारी चालान केवल आधिकारिक वेबसाइट/ऐप पर ही चेक करें
    • किसी भी संदिग्ध मैसेज की तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें

    FAQ

    यह ठगी कैसे की गई?

    WhatsApp पर फर्जी RTO चालान APK भेजकर मोबाइल हैक किया गया।

    कितनी रकम की ठगी हुई?

    करीब 21 लाख रुपये।

    आरोपी कौन है?

    सूरत का 25 वर्षीय युवक, बीकॉम छात्र।

    क्या पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है?

    हां, मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।