Category: Crime News

  • मालाड के होटल रूम में मिला छुपा कैमरा, कपल ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    मालाड के होटल रूम में मिला छुपा कैमरा, कपल ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    मुंबई के मालाड ईस्ट स्थित एक होटल के कमरे में इलेक्ट्रिक सॉकेट के अंदर छुपा कैमरा मिलने से हड़कंप मच गया। कपल की शिकायत पर दिंडोशी पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है।

    मुंबई: मालाड ईस्ट इलाके में एक होटल के कमरे में छुपा कैमरा मिलने से मेहमानों की सुरक्षा और निजता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक युवा कपल ने इलेक्ट्रिक सॉकेट के अंदर लगे मिनी स्पाई कैमरे को देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। दिंडोशी पुलिस ने डिवाइस जब्त कर फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं और मामले की गहन पड़ताल शुरू कर दी है।

    मालाड ईस्ट के होटल में चौंकाने वाली घटना

    यह घटना दफ्तरी रोड, मालाड ईस्ट स्थित प्रगति शॉपिंग सेंटर की तीसरी मंज़िल पर मौजूद A1 होटल की है। शिकायतकर्ता 21 वर्षीय युवती अपने मंगेतर के साथ 27 दिसंबर की रात करीब 9:40 बजे होटल में चेक-इन कर रूम नंबर A-3 में ठहरी थी।

    अगली सुबह करीब 9 बजे, युवती की नज़र कमरे के दरवाज़े के पास एक ऐसे इलेक्ट्रिक सॉकेट पर पड़ी, जो इस्तेमाल में नहीं था। वहां से एक पतली वायर बाहर निकली हुई दिखाई दी।

    इलेक्ट्रिक प्लग के अंदर छुपा था मिनी कैमरा

    सॉकेट की बारीकी से जांच करने पर कपल को उसके अंदर मिनी स्पाई कैमरा छुपा हुआ मिला। यह देखते ही दोनों घबरा गए और तुरंत 103 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।

    दिंडोशी पुलिस मौके पर पहुंची और कैमरे को जब्त कर लिया।

    होटल मालिक और स्टाफ पर गंभीर आरोप

    पुलिस अधिकारी के मुताबिक, युवती ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि
    होटल मालिक, मैनेजर और अन्य संबंधित लोगों ने जानबूझकर कैमरा लगाया, ताकि होटल में ठहरने वाले मेहमानों की बिना अनुमति गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग की जा सके।

    आईटी एक्ट और बीएनएस के तहत केस दर्ज

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
    जब्त किए गए कैमरे को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

    फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस यह जांच कर रही है कि

    • क्या होटल के अन्य कमरों में भी ऐसे कैमरे लगे हैं?
    • क्या पहले भी मेहमानों की रिकॉर्डिंग की गई है?

    होटल मैनेजमेंट से संपर्क नहीं

    मामले पर होटल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन होटल स्टाफ ने मैनेजर का संपर्क नंबर देने से इनकार कर दिया।

    स्पाई कैमरा कैसे पहचानें? (Safety Tips)

    साइबर और सुरक्षा विशेषज्ञ दीप मेहता (Ernst & Young LLP) ने कुछ आसान उपाय बताए हैं:

    • 📱 फोन कॉल टेस्ट: संदिग्ध जगह के पास कॉल करें, अगर आवाज़ में रुकावट आए तो डिवाइस हो सकता है
    • 📻 FM रेडियो: फोन का FM रेडियो चालू कर सॉकेट, बाथरूम या दीवारों के पास रखें
    • 🔍 बग डिटेक्टर डिवाइस: अक्सर यात्रा करने वालों को पोर्टेबल डिटेक्टर साथ रखना चाहिए
    • इलेक्ट्रिक टेस्टर: सॉकेट के पास लगाने से नकली या डमी फिटिंग का पता चलता है

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई?
    मालाड ईस्ट, दफ्तरी रोड स्थित A1 होटल में।

    Q2. कैमरा कहां छुपाया गया था?
    कमरे के दरवाज़े के पास एक अनयूज्ड इलेक्ट्रिक सॉकेट के अंदर।

    Q3. पुलिस ने कौन-सी कार्रवाई की?
    कैमरा जब्त कर फॉरेंसिक जांच भेजा गया और केस दर्ज किया गया।

    Q4. क्या कोई गिरफ्तारी हुई है?
    फिलहाल नहीं, जांच जारी है।

    Q5. होटल में ठहरते समय क्या सावधानी रखें?
    कमरे के सॉकेट, बाथरूम, दीवारों और लाइट फिटिंग की जांच ज़रूर करें।

  • BMC चुनाव 2025: टिकट बंटवारे में परिवारवाद हावी, पुराने कार्यकर्ता फिर पीछे

    BMC चुनाव 2025: टिकट बंटवारे में परिवारवाद हावी, पुराने कार्यकर्ता फिर पीछे

    BMC चुनाव 2025-26 के नामांकन में बीजेपी, शिवसेना, कांग्रेस और अजित पवार गुट की एनसीपी में परिवारवाद हावी नजर आ रहा है। नेताओं के बेटे-बेटी, पत्नी और रिश्तेदारों को टिकट, पुराने कार्यकर्ताओं में नाराजगी।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025-26 के लिए नामांकन की आखाे-सीमा खत्म होने से ठीक पहले राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों की सूचियां जारी करना शुरू कर दिया है। लेकिन इस बार टिकट वितरण में एक बार फिर परिवारवाद छाया हुआ है। बीजेपी, शिवसेना (UBT), कांग्रेस और अजित पवार गुट की एनसीपी ने सांसदों, विधायकों और पूर्व नगरसेवकों के बेटे-बेटी, पत्नी, भाई-बहन और रिश्तेदारों को मैदान में उतार दिया है, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।

    नामांकन में ‘परिवार पहले’ की राजनीति

    बीएमसी के 227 वार्डों के लिए जैसे-जैसे नाम सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे यह साफ होता जा रहा है कि इस चुनाव में भी राजनीतिक विरासत को प्राथमिकता दी गई है।
    कई ऐसे नेता हैं जिन्होंने सालों तक पार्टी के लिए काम किया, लेकिन टिकट ऐन मौके पर नेताओं के परिजनों को दे दिया गया।

    BMC-Elections-2025-Nepotism-dominates-ticket-distribution-old-party-workers-take-a-back-seat-aslam-shaikh

    बीजेपी की सूची में रिश्तेदारों की भरमार

    बीजेपी ने भी इस बार कई चर्चित नामों को दोहराया है—

    • आकाश पुरोहित, पूर्व विधायक राज पुरोहित के बेटे
    • नील सोमैया, पूर्व सांसद किरीट सोमैया के बेटे
    • संगीता शर्मा, पूर्व नगरसेवक द्यानमूर्ति शर्मा की पत्नी
    • मकरंद नरवेकर, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नरवेकर के भाई (वार्ड 226, कोलाबा)
    • हर्षिता नरवेकर, राहुल नरवेकर की बहन (वार्ड 227)

    दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी सांसद धनंजय महाडिक ने हाल ही में बयान दिया था कि पार्टी सांसदों और विधायकों के बच्चों या जीवनसाथियों को टिकट नहीं देगी, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है।

    शिवसेना (UBT) में भी परिवारवाद जारी

    उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) भी इस ट्रेंड से अछूती नहीं रही—

    • अंकित प्रभु, विधायक सुनील प्रभु के बेटे (गोरेगांव, वार्ड 54)
    • सुप्रदा फातरपेकर, पूर्व विधायक प्रकाश फातरपेकर की बेटी (चेंबूर, वार्ड 150)
    • सोनम जमसुतकर, विधायक मनोज जमसुतकर की पत्नी (वार्ड 210)
    • विठ्ठल लोकरें और उनकी पत्नी सुनंदा लोकरें (मानखुर्द-शिवाजीनगर)
    • जिशान मुल्तानी, पूर्व नगरसेवक चेंजेज मुल्तानी के बेटे
    • सबा हारून खान, विधायक हारून खान की बेटी
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    अजित पवार गुट की NCP और कांग्रेस भी पीछे नहीं

    • एनसीपी (अजित पवार गुट) ने विधायक नवाब मलिक के परिवार से उनके भाई कैप्टन मलिक, बहन डॉ. सईदा खान और बुशरा परवीन मलिक को टिकट दिया है।
    • कांग्रेस ने मालाड पश्चिम के वार्ड 34 से विधायक असलम शेख के बेटे हैदर अली शेख को मैदान में उतारा है।

    BMC चुनावी टिकट न मिलने से पार्टी छोड़ने की होड़

    टिकट बंटवारे से नाराज कई पुराने नगरसेवक अब पार्टी बदलने लगे हैं—

    • एमएनएस नेता स्नेहल जाधव ने दादर से टिकट न मिलने पर इस्तीफा दे दिया, उनके शिंदे गुट में जाने की चर्चा है।
    • शरद पवार गुट की मुंबई अध्यक्ष राखी जाधव बीजेपी में शामिल हो चुकी हैं और घाटकोपर से टिकट मिलने की संभावना है।

    बीजेपी-शिवसेना (शिंदे गुट) का सीट शेयरिंग फॉर्मूला

    बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना इस बार साथ मिलकर बीएमसी चुनाव लड़ेंगी—

    • बीजेपी: लगभग 128 सीटें
    • शिवसेना (शिंदे): लगभग 79 सीटें
    • बाकी सीटों पर स्थानीय समीकरणों के आधार पर फैसला होगा

    हालांकि दोनों दल अपनी-अपनी सूची अलग-अलग जारी कर सकते हैं।

    ये पूर्व नगरसेवक भी मैदान में

    • किशोरी पेडणेकर, पूर्व मेयर (शिवसेना UBT) – वार्ड 199
    • तेजस्वी गोसालकर, अब बीजेपी से – वार्ड 2 (दहिसर)
    • विनोद मिश्रा, पूर्व बीजेपी नगरसेवक – मालाड
    • रवि राजा, पूर्व कांग्रेस नेता, अब बीजेपी से – वार्ड 185

    बीएमसी चुनाव में परिवारवाद क्यों बना मुद्दा?

    मुंबई जैसे महानगर में बीएमसी सिर्फ नगर निगम नहीं, बल्कि देश की सबसे अमीर नगरपालिका है। ऐसे में टिकट वितरण में पारदर्शिता और जमीनी कार्यकर्ताओं को मौका देना हमेशा चर्चा का विषय रहा है। इस बार भी वही सवाल उठ रहा है—क्या जनता नाम देखकर वोट देगी या काम देखकर?


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी चुनाव 2025 में परिवारवाद क्यों चर्चा में है?
    क्योंकि लगभग सभी प्रमुख दलों ने नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट दिया है।

    Q2. सबसे ज्यादा परिवारवाद किस पार्टी में दिखा?
    बीजेपी, शिवसेना (UBT), एनसीपी (अजित पवार) और कांग्रेस—चारों में यह ट्रेंड देखने को मिला।

    Q3. टिकट न मिलने से किसे नुकसान हो सकता है?
    पुराने जमीनी कार्यकर्ताओं को, जो अब पार्टी छोड़ने या बगावत की राह पर हैं।

    Q4. क्या इससे चुनावी नतीजों पर असर पड़ेगा?
    संभावना है, क्योंकि मुंबई के कई इलाकों में स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवार की पकड़ अहम होती है।

  • BMC चुनाव 2025: मतदान अधिकारियों को नियमों की ट्रेनिंग, EVM का लाइव डेमो

    BMC चुनाव 2025: मतदान अधिकारियों को नियमों की ट्रेनिंग, EVM का लाइव डेमो

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2025-26 की तैयारी तेज़। 15 जनवरी को मतदान से पहले 7 केंद्रों पर मतदान केंद्राध्यक्ष और अधिकारियों को नियमावली की ट्रेनिंग, EVM का प्रैक्टिकल डेमो और मॉक पोल की जानकारी दी गई।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव प्रक्रिया को सुचारू और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रशासन ने मतदान अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। 29 दिसंबर 2025 से शुरू हुए इस पहले चरण में मतदान केंद्राध्यक्ष और मतदान अधिकारियों को मतदान नियमावली, EVM मशीन के उपयोग और मॉक पोल प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। यह प्रशिक्षण मुंबई के 7 अलग-अलग केंद्रों पर आयोजित किया गया, जिसकी अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने स्वयं निरीक्षण कर समीक्षा की।

    15 जनवरी को होगा BMC का मतदान

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    BMC सार्वत्रिक चुनाव के तहत गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को मुंबई में मतदान कराया जाएगा। इसे देखते हुए प्रशासन पहले ही चरण में मतदान प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी तरह तैयार करने में जुट गया है, ताकि चुनाव के दिन किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी न हो।

    7 जगहों पर शुरू हुए प्रशिक्षण सत्र

    महानगरपालिका क्षेत्र में परिमंडल-वार 7 प्रमुख स्थानों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए हैं, जिनमें तीन-तीन सत्रों में अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। ये केंद्र हैं:

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    • अण्णाभाऊ साठे सभागृह, भायखला
    • न. म. जोशी मार्ग महानगरपालिका शाळा, करी रोड (लोअर परेल)
    • लोकमान्य टिळक महानगरपालिका सर्वसाधारण रुग्णालय सभागृह, शीव (पूर्व)
    • बालगंधर्व रंगमंदिर सभागृह, बांद्रा (पश्चिम)
    • मास्टर दीनानाथ मंगेशकर नाट्यगृह, विलेपार्ले
    • महाकवि कालिदास नाट्यगृह, मुलुंड (पश्चिम)
    • प्रबोधनकार केशव सीताराम ठाकरे नाट्यगृह, बोरीवली (पश्चिम)

    मतदान नियमावली और अधिकारियों की भूमिका पर जोर

    प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि लोकतंत्र में मतदान सबसे अहम कड़ी है और उनकी जिम्मेदारी सिर्फ मतदान के दिन तक सीमित नहीं रहती।
    मतदान से पहले की तैयारी, मतदान के दौरान सतर्कता और मतदान के बाद की रिपोर्टिंग—हर चरण में पारदर्शिता और नियमों का पालन बेहद जरूरी है। अधिकारियों की शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया गया, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ ड्यूटी निभा सकें।

    EVM का प्रैक्टिकल डेमो और मॉक पोल की ट्रेनिंग

    प्रशिक्षण का अहम हिस्सा रहा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का लाइव प्रात्यक्षिक। इसमें:

    • बैलेट यूनिट (BU) और कंट्रोल यूनिट (CU) की जोड़णी
    • मतदान से पहले मॉक पोल लेने की प्रक्रिया
    • मतदान के दौरान आने वाली तकनीकी दिक्कतों से निपटने के तरीके
    • मतदान समाप्ति के बाद EVM को सील करने की प्रक्रिया

    को चरणबद्ध तरीके से समझाया गया।

    मतदान केंद्र की व्यवस्था और सुरक्षा पर भी चर्चा

    अधिकारियों को यह भी बताया गया कि मतदान केंद्र कैसे तैयार करना है, मतदान कक्ष की रचना कैसी होनी चाहिए, और मतदान से एक दिन पहले क्या-क्या तैयारियां जरूरी हैं।
    इसके अलावा:

    • मतदान केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था
    • मतदान के बाद जरूरी कागजी कार्रवाई
    • वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय

    जैसे विषयों पर भी विशेष मार्गदर्शन दिया गया।

    50 हजार कर्मचारियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

    BMC चुनाव 2025-26 के लिए करीब 50 हजार अधिकारी और कर्मचारी प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह पूरा कार्यक्रम महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के नेतृत्व और अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. BMC चुनाव की वोटिंग कब होगी?
    15 जनवरी 2026 को मतदान कराया जाएगा।

    Q2. प्रशिक्षण किन अधिकारियों को दिया जा रहा है?
    मतदान केंद्राध्यक्ष, मतदान अधिकारी और चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारी प्रशिक्षण ले रहे हैं।

    Q3. प्रशिक्षण में EVM की जानकारी दी जा रही है क्या?
    हां, EVM, मॉक पोल और सीलिंग प्रक्रिया का प्रैक्टिकल डेमो दिया जा रहा है।

    Q4. कितने कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है?
    करीब 50 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

  • मालाड में एक्टिवा चोर गिरफ्तार, 5 स्कूटर बरामद; 4 चोरी के मामले सुलझे

    मालाड में एक्टिवा चोर गिरफ्तार, 5 स्कूटर बरामद; 4 चोरी के मामले सुलझे

    मुंबई के मालाड और आसपास के इलाकों में एक्टिवा चोरी करने वाले आरोपी को मालाड पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी से 5 स्कूटर बरामद कर कुल 4 वाहन चोरी के मामले सुलझाए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें।

    मुंबई: मालाड और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर मालाड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से कुल 5 होंडा एक्टिवा स्कूटर बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 3.5 लाख रुपये बताई जा रही है। इस गिरफ्तारी से मालाड, जोगेश्वरी और विनोबा भावे नगर पुलिस थानों में दर्ज 4 मोटरसाइकिल चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है।

    कैसे हुआ चोरी का मामला दर्ज?

    दिनांक 20 दिसंबर 2025 को मालाड पश्चिम स्थित न्यू लिंक रोड पर क्लाउड नाइन हॉस्पिटल के सामने गली से एक होंडा एक्टिवा स्कूटर चोरी हो गया था। इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर मालाड पुलिस थाने में गु.र.क्र. 929/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303(2) में मामला दर्ज किया गया था।

    CCTV फुटेज से खुली चोरी की परतें

    मामले की जांच के दौरान मालाड पुलिस के गुन्हे प्रकटीकरण पथक ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे 40 से 50 CCTV कैमरों की बारीकी से जांच की। फुटेज खंगालने पर सामने आया कि अलग-अलग जगहों से एक्टिवा चोरी करने वाला आरोपी एक ही व्यक्ति है।
    CCTV में आरोपी स्कूटर लेकर मालवणी की दिशा में जाते हुए दिखाई दिया, जिससे पुलिस को अहम सुराग मिला।

    दो दिन-रात की मेहनत के बाद आरोपी दबोचा

    पुलिस उपनिरीक्षक तुषार सुखदेवे और गुन्हे प्रकटीकरण पथक ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर लगातार दो दिन तक निगरानी रखी। आखिरकार आरोपी को उसके रहने वाले इलाके से हिरासत में लिया गया।
    पूछताछ के दौरान आरोपी ने पिछले 5 से 6 महीनों में मालाड, जोगेश्वरी और वी.बी. नगर इलाके से कई मोटरसाइकिल चोरी करने की कबूलनामा किया।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान

    गिरफ्तार आरोपी का नाम:

    • सुरेंद्र बोम्मा (उम्र 18 साल 3 महीने)
    • पता: रूम नं. 1, कर्मभूमि सोसायटी, राठोड़ी गांव, शंकर मंदिर के सामने, मालवणी, मालाड (पश्चिम), मुंबई

    कम उम्र में लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम देना पुलिस के लिए भी चौंकाने वाला रहा।

    सुलझाए गए चोरी के मामले

    इस गिरफ्तारी से कुल 4 वाहन चोरी के मामले सुलझाए गए हैं:

    मालाड पुलिस थाना

    1. गु.र.क्र. 929/2025 – धारा 303(2)
    2. गु.र.क्र. 293/2025 – धारा 303(2)

    विनोबा भावे नगर पुलिस थाना

    1. गु.र.क्र. 815/2025 – धारा 303(2)

    जोगेश्वरी पुलिस थाना

    1. गु.र.क्र. 504/2025 – धारा 303(2)

    आरोपी से बरामद की गई स्कूटर

    पुलिस ने आरोपी के पास से कुल 5 होंडा एक्टिवा स्कूटर जब्त की हैं:

    1. MH-48-AV-2569 (सिल्वर) – ₹70,000
    2. MH-02-DH-4545 (सफेद) – ₹70,000
    3. MH-31-EB-7240 (ग्रे) – ₹70,000
    4. MH-47-S-6328 (ग्रे) – ₹70,000
    5. MH-03-CC-1916 (सफेद) – ₹70,000

    👉 कुल कीमत: ₹3,50,000

    वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रादेशिक विभाग के अपर पुलिस आयुक्त शशि कुमार मीना, पुलिस उप आयुक्त संदीप जाधव, सहायक पुलिस आयुक्त प्रकाश बागल के मार्गदर्शन में की गई।
    मालाड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चव्हाण और पुलिस निरीक्षक (गुन्हे) संजय बेडवाल के निर्देशन में यह सफल ऑपरेशन अंजाम दिया गया।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आरोपी कितनी गाड़ियों की चोरी में शामिल था?
    आरोपी ने 5 से ज्यादा मोटरसाइकिल चोरी करने की बात कबूल की है, जिनमें से 4 मामले सुलझाए गए हैं।

    Q2. पुलिस ने कितनी स्कूटर बरामद की हैं?
    कुल 5 होंडा एक्टिवा स्कूटर बरामद की गई हैं।

    Q3. आरोपी की उम्र क्या है?
    आरोपी की उम्र 18 साल 3 महीने है।

    Q4. चोरी किन इलाकों में हुई थी?
    मालाड, जोगेश्वरी और विनोबा भावे नगर इलाकों में चोरी की घटनाएं हुई थीं।

  • BMC चुनाव 2025: NCP ने जारी की 37 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट

    BMC चुनाव 2025: NCP ने जारी की 37 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट

    मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2025 के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने 37 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। नवाब मलिक के नेतृत्व में घोषित लिस्ट, वार्ड-वाइज नाम, दूसरी सूची की तैयारी और पूरी राजनीतिक तस्वीर—जानिए मुंबई की आम बोलचाल की हिंदी में।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के बहुप्रतीक्षित चुनाव से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने आखिरकार अपने पत्ते खोल दिए हैं। 28 दिसंबर को पार्टी ने 37 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। इस सूची की घोषणा वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नवाब मलिक की अगुवाई वाली चुनाव प्रबंधन समिति ने की। कई दिनों से चल रही अटकलों के बाद आई इस लिस्ट से साफ है कि NCP मुंबई के सियासी मैदान में पूरी तैयारी के साथ उतरने जा रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही दूसरी सूची भी जारी की जाएगी।

    लंबे इंतज़ार के बाद आई पहली सूची

    पिछले कुछ दिनों से मुंबई की राजनीतिक गलियारों में यही चर्चा थी कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी BMC चुनाव को लेकर कब उम्मीदवारों के नाम घोषित करेगी। गठबंधन, सीट शेयरिंग और अंदरूनी बैठकों के चलते सूची अटकी हुई थी।
    अब 37 नामों की पहली सूची सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि पार्टी चुनावी मोड में आ चुकी है और बाकी उम्मीदवारों की घोषणा भी जल्द होने वाली है।

    इन वार्डों से मैदान में उतरे NCP के उम्मीदवार

    पहली सूची में मुंबई के अलग-अलग इलाकों को कवर करते हुए अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों को भी मौका दिया गया है। घोषित उम्मीदवारों में प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

    • वॉर्ड 3: मनीष दुबे
    • वॉर्ड 48: सिरील पीटर डिसोझा
    • वॉर्ड 62: अहमद खान
    • वॉर्ड 76: बबन रामचंद्र मदने
    • वॉर्ड 86: सुभाष जनार्दन पाताडे
    • वॉर्ड 93: सचिन तांबे
    • वॉर्ड 96: आयेशा शाम्स खान
    • वॉर्ड 109: सज्जू मलिक
    • वॉर्ड 113: शोभा रत्नाकर जाधव
    • वॉर्ड 125: हरिश्चंद्र बाबालिंग जंगम
    • वॉर्ड 135: अक्षय मोहन पवार
    • वॉर्ड 140: ज्योती देविदास सदावर्ते
    • वॉर्ड 143: रचना रविंद्र गवस
    • वॉर्ड 146: भाग्यश्री राजेश केदारे
    • वॉर्ड 148: सोमू चंदू पवार
    • वॉर्ड 165: अब्दुल रशीद (कप्तान) मलिक
    • वॉर्ड 169: चंदन धोंडीराम पाटेकर
    • वॉर्ड 171: दिशा अमित मोरे
    • वॉर्ड 224: सबिया अस्लम मर्चेंट
    • वॉर्ड 40: विलास दगडू घुले
    • वॉर्ड 57: अजय विचारे
    • वॉर्ड 64: हदिया फैजल कुरेशी
    • वॉर्ड 77: ममता धर्मेंद्र ठाकूर
    • वॉर्ड 92: युसूफ अबुबकर मेमन
    • वॉर्ड 95: अमित अंकुश पाटील
    • वॉर्ड 111: धनंजय पिसाळ
    • वॉर्ड 126: प्रतिक्षा राजू घुगे
    • वॉर्ड 139: नागरत्न बनकर
    • वॉर्ड 142: चांदणी श्रीवास्तव
    • वॉर्ड 144: दिलीप हरिश्चंद्र पाटील
    • वॉर्ड 147: अंकिता संदीप द्रवे
    • वॉर्ड 152: लक्ष्मण गायकवाड
    • वॉर्ड 168: डॉ. सईदा खान
    • वॉर्ड 170: बुशरा परवीन मलिक
    • वॉर्ड 175: वासंती मुरगेश देवेंद्र
    • वॉर्ड 222: किरण रविंद्र शिंदे
    • वॉर्ड 197: फरीन खान

    नवाब मलिक के नेतृत्व में चुनावी रणनीति

    इस पहली सूची की घोषणा चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नवाब मलिक के नेतृत्व में की गई। पार्टी के अंदर माना जा रहा है कि नवाब मलिक इस बार मुंबई में संगठन को मजबूती देने और पुराने वोट बैंक को दोबारा जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
    उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक संतुलन, क्षेत्रीय पकड़ और स्थानीय कार्यकर्ताओं की भूमिका को ध्यान में रखा गया है।

    दूसरी सूची पर भी नज़र

    NCP नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। जिन वार्डों पर अभी चर्चा जारी है, वहां के उम्मीदवारों के नाम दूसरी सूची में सामने आएंगे। माना जा रहा है कि अगली लिस्ट में और भी बड़े चेहरे और नए युवा उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं।

    BMC चुनाव NCP के लिए क्यों अहम?

    मुंबई महानगरपालिका एशिया की सबसे अमीर नगर संस्था मानी जाती है। यहां जीत सिर्फ सत्ता नहीं, बल्कि राजनीतिक ताकत और भविष्य की दिशा तय करती है।
    NCP के लिए यह चुनाव:

    • मुंबई में संगठन को दोबारा खड़ा करने
    • गठबंधन राजनीति में अपनी अहमियत साबित करने
    • और शहरी वोटर तक पहुंच बनाने

    का बड़ा मौका है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. NCP ने कितने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है?
    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने 37 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है।

    Q2. इस सूची की घोषणा किसने की?
    चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता नवाब मलिक के नेतृत्व में सूची जारी की गई।

    Q3. क्या दूसरी सूची भी आएगी?
    हां, पार्टी नेताओं के अनुसार जल्द ही दूसरी सूची भी घोषित की जाएगी।

    Q4. यह चुनाव NCP के लिए क्यों अहम है?
    BMC चुनाव मुंबई में पार्टी के राजनीतिक भविष्य और संगठन की मजबूती तय करेगा।

  • BMC चुनाव से पहले कांग्रेस-VBA का बड़ा दांव, सीट शेयरिंग फाइनल

    BMC चुनाव से पहले कांग्रेस-VBA का बड़ा दांव, सीट शेयरिंग फाइनल

    मुंबई BMC चुनाव से पहले कांग्रेस और वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के बीच गठबंधन फाइनल। 227 वार्डों में सीट शेयरिंग, MVA की अंदरूनी राजनीति, MNS फैक्टर और महायुति की चुनौती—पूरी डिटेल मुंबई की आम बोलचाल की हिंदी में।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस और प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) ने आख़िरकार गठबंधन का ऐलान कर दिया है। लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद दोनों दलों ने सीट शेयरिंग का फ़ॉर्मूला तय किया, जिसके तहत कांग्रेस 165 और VBA 62 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। 15 जनवरी को वोटिंग और 16 जनवरी को नतीजे आएंगे। यह गठबंधन कांग्रेस और VBA—दोनों के लिए मुंबई में सियासी वजूद बचाने और मज़बूत करने की एक अहम कोशिश माना जा रहा है।

    BMC चुनाव से पहले आख़िरी वक़्त का गठबंधन

    मुंबई की राजनीति में ऐन चुनाव से पहले गठबंधन होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार कांग्रेस-VBA की जुगलबंदी इसलिए अहम है क्योंकि दोनों ही दल दबाव में दिख रहे थे। कांग्रेस को मुंबई में लगातार कमजोर होती पकड़ की चिंता है, वहीं VBA अब तक महानगर में बड़ा राजनीतिक स्पेस नहीं बना पाई है।
    ऐसे में यह गठबंधन दोनों के लिए “करो या मरो” जैसी स्थिति लेकर आया है।

    सीट शेयरिंग का गणित क्या कहता है?

    BMC की कुल 227 सीटों में से:

    • कांग्रेस: 165 सीटें
    • VBA: 62 सीटें

    VBA के लिए यह सीटें सिर्फ संख्या नहीं हैं, बल्कि मुंबई जैसे बड़े शहर में अपनी पहचान बनाने का मौका भी हैं। दूसरी तरफ़ कांग्रेस ने ज़्यादा सीटें लेकर यह साफ़ कर दिया है कि वह अभी भी खुद को इस गठबंधन की बड़ी ताक़त मानती है।

    MVA के अंदर बढ़ी खींचतान

    कांग्रेस पहले से ही महा विकास आघाड़ी (MVA) का हिस्सा है, जिसमें:

    • शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट)
    • शरद पवार की NCP

    लेकिन मामला तब उलझ गया जब शिवसेना-UBT ने राज ठाकरे की MNS के साथ हाथ मिला लिया। कांग्रेस ने इस पर खुलकर आपत्ति जताई और कहा कि MNS के साथ जाना पार्टी की विचारधारा के खिलाफ़ है।
    इसी तनाव के बीच कांग्रेस का VBA से हाथ मिलाना यह दिखाता है कि मुंबई में पार्टी अब “सैद्धांतिक बहस” से ज़्यादा “चुनावी मजबूरी” पर चल रही है।

    वोट बैंक की राजनीति और असली मक़सद

    कांग्रेस-VBA गठबंधन का सीधा फोकस है:

    • दलित वोट
    • OBC वोट
    • अल्पसंख्यक वोट

    ये वो वर्ग हैं, जिन्हें अलग-अलग लड़कर दोनों पार्टियां पूरी तरह साध नहीं पा रही थीं। साथ आकर उम्मीद है कि वोटों का बंटवारा रुके और मुकाबले में मज़बूती आए।

    महायुति की मज़बूती बनी सबसे बड़ी चुनौती

    मुंबई के बाहर, ग्रामीण महाराष्ट्र में महायुति (BJP + शिंदे शिवसेना + अजित पवार NCP) ने हाल ही में जबरदस्त प्रदर्शन किया है:

    • BJP: 117 नगराध्यक्ष
    • शिंदे गुट: 53
    • अजित पवार गुट: 37
    • कांग्रेस: सिर्फ़ 28

    ये आंकड़े कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी हैं। अगर मुंबई जैसे किले में भी पार्टी कमजोर पड़ी, तो आगे की राजनीति और मुश्किल हो सकती है।

    एशिया की सबसे अमीर नगरपालिका की जंग

    BMC सिर्फ़ एक चुनाव नहीं है। यह:

    • बजट
    • कॉन्ट्रैक्ट
    • शहरी विकास
    • राजनीतिक कंट्रोल

    सबका केंद्र है। इसी वजह से हर पार्टी यहां पूरी ताक़त झोंक रही है। कांग्रेस-VBA का गठबंधन इसी लड़ाई में खुद को ज़िंदा रखने की कोशिश है।

    15 जनवरी की वोटिंग, 16 को फैसला

    अब सबकी नज़रें:

    • 15 जनवरी: मतदान
    • 16 जनवरी: नतीजे

    इन 24 घंटों में तय होगा कि यह गठबंधन भविष्य की राजनीति का मॉडल बनेगा या फिर सिर्फ़ एक चुनावी प्रयोग बनकर रह जाएगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कांग्रेस-VBA गठबंधन क्यों हुआ?
    मुंबई में कमजोर होती पकड़ और वोटों के बंटवारे को रोकने के लिए दोनों दल साथ आए हैं।

    Q2. सीट शेयरिंग का फ़ॉर्मूला क्या है?
    कांग्रेस 165 और VBA 62 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

    Q3. क्या यह गठबंधन MVA को प्रभावित करेगा?
    हां, खासकर MNS के साथ शिवसेना-UBT की नज़दीकी को लेकर कांग्रेस में नाराज़गी है।

    Q4. मतदान और नतीजे कब हैं?
    15 जनवरी को वोटिंग और 16 जनवरी को नतीजे आएंगे।

  • BMC चुनाव 2025-26: नामांकन के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र जरूरी

    BMC चुनाव 2025-26: नामांकन के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र जरूरी

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2025-26 में उम्मीदवारों के लिए नामांकन पत्र के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र देना अनिवार्य, नहीं देने पर नामांकन हो सकता है रद्द।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 की प्रक्रिया को लेकर राज्य चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब हर उम्मीदवार को नामांकन पत्र के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य होगा। यदि जांच के दौरान यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया, तो रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को नामांकन पत्र अवैध घोषित करने का अधिकार होगा।

    BMC-Elections-2025-26-Toilet-usage-certificate-mandatory-with-nomination

    राज्य चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देश

    माननीय राज्य चुनाव आयोग, महाराष्ट्र ने चुनाव कार्यक्रम घोषित करते समय साफ किया है कि नामांकन के साथ उम्मीदवार द्वारा दिए जाने वाले सभी शपथपत्रों और घोषणाओं में शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र भी शामिल होगा। यह नियम सभी उम्मीदवारों पर समान रूप से लागू रहेगा।

    स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ा है नियम

    यह शर्त स्वच्छ भारत अभियान के तहत लाई गई थी। खुले में शौच को खत्म करने और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महाराष्ट्र अधिनियम क्रमांक 19 (2016) में संशोधन किया गया था।
    इसके अनुसार,

    • जो व्यक्ति नियमित रूप से शौचालय का उपयोग नहीं करता
    • या उसका प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं करता

    वह चुनाव लड़ने और निर्वाचित होने के लिए अपात्र माना जाएगा। यह नियम 2017 के महानगरपालिका चुनाव से पहले ही लागू कर दिया गया था।

    किसे और कैसा प्रमाणपत्र देना होगा

    BMC चुनाव 2025-26 में उम्मीदवारों को निम्न में से कोई एक जानकारी देना जरूरी होगा:

    • अगर खुद के घर में शौचालय है, तो उसका प्रमाण
    • अगर किराए के घर में शौचालय है, तब भी प्रमाणपत्र
    • अगर घर में शौचालय नहीं है, तो सामुदायिक शौचालय के उपयोग का उल्लेख

    यह प्रमाणपत्र सहायक आयुक्त या प्रभाग अधिकारी द्वारा नियमों के अनुसार जारी किया जाएगा या स्व-प्रमाणपत्र स्वीकार किया जाएगा।

    तस्वीर की जरूरत नहीं, प्रक्रिया सरल

    महानगरपालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि

    • शौचालय या व्यक्ति की फोटो खींचने की कोई जरूरत नहीं है
    • केवल नियमों के अनुसार प्रमाणपत्र देना पर्याप्त होगा

    इस संबंध में 22 दिसंबर 2025 को BMC मुख्यालय में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में भी विस्तृत जानकारी दी गई थी।

    नामांकन जांच में होगी सख्ती

    चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नामांकन पत्र की जांच के दौरान यदि शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र नहीं पाया गया, तो नामांकन तुरंत खारिज किया जा सकता है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र किसके लिए जरूरी है?
    ➡️ BMC चुनाव 2025-26 लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों के लिए।

    Q2. प्रमाणपत्र नहीं देने पर क्या होगा?
    ➡️ नामांकन पत्र अवैध घोषित किया जा सकता है।

    Q3. किराए के घर में रहने वालों को क्या करना होगा?
    ➡️ शौचालय उपयोग का प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र देना होगा।

    Q4. क्या शौचालय की फोटो देनी होगी?
    ➡️ नहीं, फोटो की कोई आवश्यकता नहीं है।

    Q5. यह नियम कब से लागू है?
    ➡️ 2016 के संशोधित कानून के तहत, 2017 से लागू।

  • मालवनी में नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न, महिला डॉक्टर गिरफ्तार

    मालवनी में नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न, महिला डॉक्टर गिरफ्तार

    मुंबई के मालवनी इलाके में 12 साल की बच्ची से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में महिला डॉक्टर गिरफ्तार, POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज, जांच जारी।

    मुंबई: मालवनी (मालाड पश्चिम) इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला डॉक्टर पर 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। शिकायत के बाद मालवनी पुलिस ने 44 वर्षीय महिला डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट समेत भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। दिंडोशी स्थित विशेष POCSO कोर्ट ने आरोपी को पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

    क्लिनिक में इलाज के दौरान हुआ कथित उत्पीड़न

    पुलिस के अनुसार, पीड़ित बच्ची मालवनी इलाके में अपने परिवार के साथ रहती है और स्कूल में पढ़ती है। बुधवार सुबह करीब 10.30 बजे वह होंठ पर बने दर्दनाक छाले के इलाज के लिए पास ही स्थित एक क्लिनिक में गई थी। क्लिनिक उसी महिला डॉक्टर द्वारा संचालित बताया जा रहा है।

    आरोप है कि जांच के दौरान डॉक्टर ने बच्ची को बेड पर लेटने को कहा और फिर अनुचित शारीरिक हरकतें कीं। बच्ची के अनुसार, डॉक्टर ने उसकी मर्यादा भंग करने की कोशिश की, जिससे वह बुरी तरह डर गई।

    डरी-सहमी बच्ची ने घर जाकर बताया सच

    घटना के तुरंत बाद बच्ची क्लिनिक से बाहर निकली और सीधे घर पहुंचकर अपने माता-पिता को पूरी बात बताई। बेटी की आपबीती सुनकर परिवार सदमे में आ गया। बिना देर किए परिजन मालवनी पुलिस स्टेशन पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

    POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज, डॉक्टर गिरफ्तार

    बच्ची के बयान के आधार पर पुलिस ने महिला डॉक्टर के खिलाफ

    • भारतीय न्याय संहिता
    • POCSO एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act)

    की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। आरोपी को गिरफ्तार कर गुरुवार को दिंडोशी की विशेष POCSO अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने पुलिस हिरासत को मंजूरी दे दी।

    इलाके में आक्रोश, पुलिस कर रही गहन जांच

    इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में नाराजगी का माहौल है। स्थानीय लोग बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि

    • क्या आरोपी डॉक्टर के खिलाफ पहले भी कोई शिकायत थी
    • क्लिनिक में नियमों का पालन हो रहा था या नहीं
    • कहीं और पीड़ित तो सामने नहीं आएंगे

    फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां की है?
    ➡️ मुंबई के मालवणी (मालाड पश्चिम) इलाके की।

    Q2. पीड़िता की उम्र क्या है?
    ➡️ 12 साल।

    Q3. आरोपी कौन है?
    ➡️ 44 वर्षीय महिला डॉक्टर।

    Q4. किन धाराओं में केस दर्ज हुआ है?
    ➡️ भारतीय न्याय संहिता और POCSO एक्ट।

    Q5. आरोपी फिलहाल कहां है?
    ➡️ पुलिस हिरासत में, जांच जारी है।

  • कनाडा वर्क वीज़ा के नाम पर 1.63 करोड़ की ठगी, मालाड से पति-पत्नी गिरफ्तार

    कनाडा वर्क वीज़ा के नाम पर 1.63 करोड़ की ठगी, मालाड से पति-पत्नी गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड में कनाडा वर्क वीज़ा दिलाने के नाम पर 37 लोगों से 1.63 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले पति-पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी डेढ़ साल से फरार थे।

    मुंबई: कनाडा में नौकरी और वर्क वीज़ा दिलाने का सपना दिखाकर 37 लोगों से करीब 1 करोड़ 63 लाख रुपये की ठगी करने वाले पति-पत्नी को मालाड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को वीज़ा कंसल्टेंट बताकर लोगों को फंसाते थे और फर्जी दस्तावेजों के जरिए रकम ऐंठते थे। पुलिस को शक है कि इस गिरोह से जुड़े और भी मामले सामने आ सकते हैं।

    डेढ़ साल से फरार थे आरोपी

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रीना गौरव शाह और गौरव शाह के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, एफआईआर दर्ज होने से पहले ही दोनों फरार हो गए थे और करीब डेढ़ साल से पुलिस को चकमा दे रहे थे। हाल ही में मालाड पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर दोनों को दबोच लिया।

    कैसे हुआ ठगी का खुलासा

    इस मामले की शिकायतकर्ता सारिका हैं, जो मालवणी इलाके में अपनी मां के साथ रहती हैं। करीब दो साल पहले वह बोरीवली स्थित एक निजी कंपनी में जनरल मैनेजर के पद पर काम कर रही थीं और कनाडा में नौकरी की तलाश में थीं।

    इसी दौरान उन्होंने मालाड के काचपाड़ा इलाके में स्थित ‘द वीज़ा मेंशन’ नामक कंपनी का विज्ञापन देखा। संपर्क करने पर उन्हें ऑफिस बुलाया गया, जहां उनकी मुलाकात कंपनी की मालकिन बताई जा रही रीना शाह और गौरव शाह से कराई गई।

    7 लाख में वर्क वीज़ा का लालच

    आरोपियों ने सारिका को भरोसा दिलाया कि वे 7 लाख रुपये में कनाडा वर्क वीज़ा दिलवा देंगे। उन्हें कंपनी का ई-मेल आईडी भी दिया गया और कुछ दिनों बाद कथित तौर पर कनाडा की एक कंपनी से जॉब ऑफर भेजा गया।

    सारिका को पहला ऑफर संदिग्ध लगा, लेकिन बाद में दूसरा ऑफर भेजा गया, जिस पर भरोसा कर उन्होंने वीज़ा प्रक्रिया के लिए किस्तों में 7.16 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

    वर्क वीज़ा की जगह मिला विज़िटर वीज़ा

    11 जून 2024 को आरोपियों ने बताया कि सारिका का कनाडा वर्क वीज़ा मंजूर हो गया है। जब वह मुंबई के महालक्ष्मी स्थित कनाडा कांसुलेट पहुंचीं, तो वहां पता चला कि दिया गया वीज़ा वर्क नहीं बल्कि विज़िटर वीज़ा है।

    इसके बाद वह जब मालाड स्थित ‘द वीज़ा मेंशन’ के ऑफिस पहुंचीं, तो वह बंद मिला। फोन कॉल और मैसेज का भी कोई जवाब नहीं मिला।

    37 लोगों से 1.56 करोड़ से ज्यादा की ठगी

    जांच में सामने आया कि सारिका अकेली पीड़िता नहीं थीं। ठीक इसी तरह 36 अन्य लोगों को भी कनाडा वर्क वीज़ा का झांसा देकर ठगा गया था।
    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कुल ₹1,56,70,400 की रकम वसूल की और उसे हड़प लिया।

    मालाड पुलिस की कार्रवाई

    सभी सबूत जुटाने के बाद मालाड पुलिस ने रीना और गौरव शाह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। लंबे समय तक फरार रहने के बाद आखिरकार दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस का कहना है कि:

    • आरोपियों के बैंक खातों और लेन-देन की जांच की जा रही है
    • अन्य पीड़ितों की संख्या और बढ़ सकती है
    • इस रैकेट से जुड़े और लोगों की भूमिका की भी जांच हो रही है

    FAQ

    Q1. यह ठगी किस इलाके में हुई?
    👉 मुंबई के मालाड इलाके में।

    Q2. कुल कितने लोग ठगी का शिकार हुए?
    👉 37 लोग।

    Q3. ठगी की कुल रकम कितनी है?
    👉 करीब 1.63 करोड़ रुपये।

    Q4. आरोपी कौन हैं?
    👉 रीना गौरव शाह और गौरव शाह।

    Q5. पुलिस आगे क्या जांच कर रही है?
    👉 अन्य पीड़ितों, बैंक ट्रांजैक्शन और इस रैकेट से जुड़े लोगों की जांच।

  • बिना अनुमति सड़क खोदने पर ठेकेदार पर केस, गोरेगांव में घंटों जाम से लोग परेशान

    बिना अनुमति सड़क खोदने पर ठेकेदार पर केस, गोरेगांव में घंटों जाम से लोग परेशान

    मुंबई के गोरेगांव ईस्ट में बिना अनुमति सड़क खोदने पर टेलीकॉम कंपनी के ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरएम रोड और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर घंटों ट्रैफिक जाम लगा, यात्रियों को भारी परेशानी हुई।

    मुंबई: गोरेगांव (पूर्व) के आरे कॉलोनी इलाके में बिना अनुमति सड़क खोदने का मामला सामने आया है। टेलीकॉम कंपनी के एक ठेकेदार ने बीएमसी और ट्रैफिक पुलिस को बिना जानकारी दिए सार्वजनिक सड़क पर खुदाई कर दी, जिससे इलाके में कई घंटों तक भीषण ट्रैफिक जाम लग गया। इस मामले में आरे पुलिस स्टेशन में ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

    बिजनेस पार्क के पास खोदी गई सड़क

    पुलिस के मुताबिक, ओबेरॉय बिजनेस पार्क के पास सार्वजनिक सड़क पर करीब 18.5 मीटर लंबी खाई खोदी गई थी। यह खुदाई केबल बिछाने के लिए की गई थी, लेकिन इसके लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी।

    इस मामले में शिकायतकर्ता रामदास देविदास बुर्डे (37) हैं, जो दिंडोशी ट्रैफिक पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत हैं।

    ठेकेदारों पर लापरवाही का आरोप

    शिकायत में बताया गया है कि ठेकेदार समीश कुमार कमला यादव (34) और मोहम्मद नदीम याह्या खान (25) ने अपने मजदूरों के साथ सड़क की खुदाई शुरू की।
    आरोप है कि:

    • बीएमसी की शर्तों का पालन नहीं किया गया
    • शाम 5 बजे के बाद भी काम अधूरा छोड़ दिया गया
    • सड़क पर न तो रिफ्लेक्टर लगाए गए और न ही ट्रैफिक वार्डन तैनात किए गए
    • ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस स्टेशन को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई।

    वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तक लगा जाम

    रामदास बुर्डे के अनुसार, अचानक सड़क खुदे होने की वजह से ट्रैफिक पुलिस पहले से तैयार नहीं थी।
    इस लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि:

    • वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर दो घंटे से ज्यादा जाम रहा
    • मोहन गोखले रोड, सीबा जंक्शन और आसपास के इलाकों में वाहन फंस गए
    • महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी
    • जाम अंधेरी तक फैल गया

    स्थानीय लोगों और यात्रियों ने भी इस अव्यवस्थित सड़क खुदाई पर नाराजगी जताई।

    आरे पुलिस ने दर्ज की FIR

    आरे पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि ठेकेदारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि:

    • क्या किसी तरह की अनुमति ली गई थी
    • किस टेलीकॉम कंपनी के कहने पर काम किया जा रहा था
    • बीएमसी के नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर हुआ।

    FAQ

    Q1. सड़क खुदाई का मामला कहां का है?
    👉 गोरेगांव ईस्ट, ओबेरॉय बिजनेस पार्क के पास।

    Q2. कितनी लंबी सड़क खोदी गई थी?
    👉 करीब 18.5 मीटर लंबी खाई खोदी गई थी।

    Q3. किस वजह से ट्रैफिक जाम लगा?
    👉 बिना सूचना और सुरक्षा इंतजाम के सड़क खोदने से।

    Q4. किन पर केस दर्ज हुआ है?
    👉 ठेकेदार समीश यादव और मोहम्मद नदीम खान पर।

    Q5. मामला किस थाने में दर्ज है?
    👉 आरे सब पुलिस स्टेशन में।