Category: Crime News

  • BMC चुनाव 2025–26: फोटो वाली अंतिम मतदाता सूची बिक्री के लिए उपलब्ध

    BMC चुनाव 2025–26: फोटो वाली अंतिम मतदाता सूची बिक्री के लिए उपलब्ध

    BMC चुनाव 2025–26 के तहत मतदान केंद्रवार फोटो सहित अंतिम मतदाता सूची जारी। 226 प्रभागों की सूची 7 जनवरी 2026 से मध्यवर्ती चुनाव कार्यालयों में बिक्री के लिए उपलब्ध।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Bmc) चुनाव 2025–26 की तैयारियों के तहत राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों के हिसाब से फोटो सहित अंतिम मतदाता सूचियों को जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आज 6 जनवरी 2026 को 227 में से 226 प्रभागों की मतदाता सूची बीएमसी को प्राप्त हो चुकी है, जो कल बुधवार 7 जनवरी 2026 से संबंधित मध्यवर्ती चुनाव कार्यालयों में बिक्री के लिए उपलब्ध कराई जा रही है।

    🏛️ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जारी हुई सूची

    माननीय राज्य निर्वाचन आयोग, महाराष्ट्र ने महानगरपालिका सार्वत्रिक चुनाव 2025–26 को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूचियों के प्रकाशन का संशोधित कार्यक्रम घोषित किया है।
    निर्देशों के अनुसार, महानगरपालिका-वार मतदाता सूची जैसे-जैसे पूरी होगी, वैसे-वैसे उसे सार्वजनिक किया जाएगा।

    📋 226 प्रभागों की फोटो सहित मतदाता सूची तैयार

    बीएमसी प्रशासन को 6 जनवरी 2026 को 227 प्रभागों में से 226 प्रभागों की मतदान केंद्रनिहाय अंतिम मतदाता सूची प्राप्त हुई है।
    इन सूचियों में प्रत्येक मतदाता का नाम, पता और पहचान के लिए छायाचित्र (फोटो) शामिल है, जिससे मतदाता सत्यापन और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

    🗓️ 7 जनवरी से बिक्री के लिए उपलब्ध

    बीएमसी जनसंपर्क विभाग के अनुसार,
    यह मतदाता सूची बुधवार, 7 जनवरी 2026 से संबंधित मध्यवर्ती चुनाव कार्यालयों में बिक्री के लिए उपलब्ध रहेगी।

    नागरिकों और राजनीतिक दलों से अपील की गई है कि वे सीधे संबंधित चुनाव कार्यालय से ही सूची खरीदें।

    👥 नागरिकों और राजनीतिक दलों के लिए अहम सूचना

    • मतदाता सूची चुनावी तैयारियों का अहम दस्तावेज है
    • राजनीतिक दलों को प्रचार और बूथ प्रबंधन में मदद मिलेगी
    • नागरिक अपने नाम और विवरण की जांच कर सकते हैं
    • मतदान के दिन किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचाव होगा

    बीएमसी प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से समय रहते मतदाता सूची प्राप्त करने का अनुरोध किया है।

    🗳️ बीएमसी चुनाव 2025–26 की तैयारियां तेज

    मतदाता सूची की उपलब्धता के साथ ही बीएमसी चुनाव 2025–26 की तैयारियां तेज हो गई हैं।
    प्रशासन का उद्देश्य है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सुचारु और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मतदाता सूची कब से उपलब्ध है?
    7 जनवरी 2026 से।

    Q2. कितने प्रभागों की सूची जारी हुई है?
    227 में से 226 प्रभागों की।

    Q3. सूची कहां मिलेगी?
    संबंधित मध्यवर्ती चुनाव कार्यालयों में।

    Q4. क्या सूची में फोटो शामिल है?
    हां, मतदाता छायाचित्र सहित अंतिम सूची है।

    Q5. कौन सूची खरीद सकता है?
    सामान्य नागरिक और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल।

  • BMC चुनाव 2025–26: मुंबादेवी मंदिर परिसर में SVEEP अभियान से मतदाता जागरूक

    BMC चुनाव 2025–26: मुंबादेवी मंदिर परिसर में SVEEP अभियान से मतदाता जागरूक

    Bmc चुनाव 2025–26 को लेकर मुंबई में मतदाता जागरूकता तेज। मुंबादेवी मंदिर परिसर में SVEEP अभियान के तहत पथनाट्य और जनजागृति रैली के जरिए लोगों को मतदान के महत्व की जानकारी दी गई।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की आगामी चुनाव 2025–26 के मद्देनज़र मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए SVEEP यानी ‘मतदारों का सुनियोजित शिक्षण और चुनावी सहभाग’ अभियान के तहत आज मुंबादेवी मंदिर परिसर में पथनाट्य और जनजागृति रैली का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को मतदान के प्रति जागरूक कर चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा।

    🟠 SVEEP अभियान क्या है और क्यों जरूरी है?

    SVEEP (Systematic Voters’ Education and Electoral Participation) अभियान चुनाव आयोग द्वारा चलाया जाने वाला एक विशेष जनजागृति कार्यक्रम है, जिसका मकसद मतदाताओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और मतदान प्रक्रिया की सही जानकारी देना है।

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    बीएमसी चुनाव जैसे बड़े स्थानीय निकाय चुनावों में आम नागरिकों की भागीदारी बेहद अहम होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में चलाया जा रहा है।

    🔵 मुंबादेवी मंदिर परिसर क्यों चुना गया?

    मुंबादेवी मंदिर परिसर मुंबई के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक इलाकों में से एक है, जहां दिनभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, व्यापारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहते हैं। ऐसे सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों तक मतदान का संदेश पहुंचाना था।

    🎭 पथनाट्य के ज़रिए आसान भाषा में समझाया गया मतदान का महत्व

    SVEEP अभियान के तहत आयोजित पथनाट्य में कलाकारों ने आम मुंबईकर की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से यह बताया कि—

    • मतदान क्यों जरूरी है
    • वोट न देने से लोकतंत्र को क्या नुकसान होता है
    • हर वोट कैसे विकास में भूमिका निभाता है

    पथनाट्य की भाषा सरल, प्रभावी और आम आदमी से जुड़ी हुई थी, जिससे वहां मौजूद लोगों ने इसे गंभीरता से सुना और सराहा।

    🚶 जनजागृति रैली ने खींचा लोगों का ध्यान

    पथनाट्य के बाद इलाके में जनजागृति रैली भी निकाली गई। रैली में “मतदान हमारा अधिकार है”, “लोकतंत्र मजबूत करें, वोट जरूर करें” जैसे नारे लगाए गए।
    रैली के दौरान नागरिकों को मतदान से जुड़ी जानकारी वाले पर्चे भी वितरित किए गए।

    🗳️ BMC चुनाव 2025–26 में बढ़ेगी मतदाता भागीदारी की उम्मीद

    प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के अभियान से खासतौर पर युवा मतदाता, पहली बार वोट डालने वाले नागरिक और शहरी क्षेत्र के व्यस्त लोग मतदान के लिए प्रेरित होंगे।
    SVEEP जैसे कार्यक्रमों से चुनाव को लेकर फैली गलतफहमियां भी दूर होती हैं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. SVEEP अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    SVEEP अभियान का उद्देश्य मतदाताओं को उनके मतदान अधिकार और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है।

    Q2. बीएमसी चुनाव 2025–26 कब होने की संभावना है?
    बीएमसी चुनाव 2025–26 के दौरान कराए जाने की संभावना है, जिसकी तैयारी प्रशासन द्वारा शुरू कर दी गई है।

    Q3. पथनाट्य का चुनाव क्यों किया गया?
    पथनाट्य एक प्रभावी और आसान माध्यम है, जिससे आम जनता तक गंभीर संदेश सरल तरीके से पहुंचाया जा सकता है।

    Q4. क्या यह अभियान आगे भी चलेगा?
    हां, SVEEP अभियान मुंबई के विभिन्न हिस्सों में आगे भी जारी रहेगा।

  • ठाकरे गुट मजबूत, शिंदे को चुनाव से पहले बड़ा झटका

    ठाकरे गुट मजबूत, शिंदे को चुनाव से पहले बड़ा झटका

    मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले एकनाथ शिंदे को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। कांदिवली और गोरेगांव से कई पदाधिकारी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना ठाकरे गुट में शामिल हो गए।

    मुंबई: महानगरपालिका चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। शिवसेना में एक बार फिर बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट को बड़ा झटका देते हुए मुंबई के कई पदाधिकारी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट में शामिल हो गए हैं। इन नेताओं ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर भरोसा जताया है, जिससे ठाकरे गुट को मजबूती मिली है।

    महानगरपालिका चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी

    राज्य में मुंबई, ठाणे समेत अन्य महानगरों के चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सभी प्रमुख दलों ने प्रचार की तैयारियां शुरू कर दी हैं। टिकट वितरण और नामांकन को लेकर असंतोष भी सामने आ रहा है, जिसके चलते दल-बदल का सिलसिला तेज हो गया है।

    कांदिवली से शिंदे गुट को बड़ा नुकसान

    मुंबई नगर निगम चुनाव में शिवसेना ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। इसी बीच कांदिवली पूर्व के वार्ड नंबर 28, हनुमान नगर से शिंदे गुट के कई पदाधिकारी ठाकरे गुट में शामिल हो गए हैं। इसे शिंदे गुट के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

    इन प्रमुख पदाधिकारियों ने थामा ठाकरे का हाथ

    शिंदे गुट से टूटकर ठाकरे गुट में शामिल होने वालों में शामिल हैं:

    • महिला शाखा आयोजक अश्विनी पवार
    • उपशाखा प्रमुख भरत पाटिल
    • उपशाखा प्रमुख विनोद गुर्जर
    • उपशाखा प्रमुख विजय यादव
    • उपशाखा प्रमुख गणेश खंडारे
    • उपशाखा प्रमुख महेश शर्मा
    • उपशाखा प्रमुख सुधाकर पाटिल

    इन सभी ने मातोश्री में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में प्रवेश किया।

    मातोश्री में हुआ औपचारिक स्वागत

    इस मौके पर विभाग प्रमुख संतोष राणे, उपशाखा प्रमुख प्रशांत कोकाने समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। उद्धव ठाकरे ने सभी को शिवबंधन बांधकर पार्टी में शामिल किया और आगामी चुनावों के लिए शुभकामनाएं दीं।

    कांग्रेस को भी लगा झटका

    शिवसेना ठाकरे गुट में शामिल होने का सिलसिला यहीं नहीं रुका। कांग्रेस मुंबई के महासचिव अनिल शर्मा और गोरेगांव वार्ड नंबर 50 से टीना शर्मा भी ठाकरे गुट में शामिल हो गए। इससे कांग्रेस को भी चुनाव से पहले बड़ा नुकसान हुआ है।

    कई बड़े नेता रहे मौजूद

    इस अवसर पर शिवसेना सचिव व विधायक मिलिंद नरवेकर, संभागीय प्रमुख संतोष राणे, गोरेगांव विधानसभा संयोजक राजू पाध्ये, मलाड विधानसभा प्रमुख कैलाश कांसे और उप-संभागीय प्रमुख दिनेश राव मौजूद थे।

    राजनीतिक विश्लेषण

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लगातार हो रहे दल-बदल से शिंदे गुट की चुनावी रणनीति पर असर पड़ सकता है। वहीं ठाकरे गुट को इसका सीधा फायदा मिलने की संभावना है, खासकर मुंबई महानगरपालिका चुनाव में।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. किन नेताओं ने ठाकरे गुट जॉइन किया है?
    कांदिवली और गोरेगांव से कई शिंदे गुट और कांग्रेस पदाधिकारी शामिल हुए हैं।

    Q2. यह घटनाक्रम किस चुनाव से जुड़ा है?
    मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले यह बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है।

    Q3. क्या इससे शिंदे गुट को नुकसान होगा?
    राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इससे शिंदे गुट की स्थिति कमजोर हो सकती है।

  • फर्जी ट्रैफिक चालान WhatsApp स्कैम: मालाड के कारोबारी से 21 लाख की ठगी

    फर्जी ट्रैफिक चालान WhatsApp स्कैम: मालाड के कारोबारी से 21 लाख की ठगी

    Mumbai Cyber Crime News: मालाड के एक कारोबारी से फर्जी RTO ई-चालान APK भेजकर 21 लाख रुपये की साइबर ठगी। नॉर्थ साइबर पुलिस ने सूरत के युवक को किया गिरफ्तार।

    मुंबई: साइबर ठगी का एक और गंभीर मामला सामने आया है, जहां मालाड के एक कारोबारी को WhatsApp पर भेजे गए फर्जी ट्रैफिक ई-चालान के जरिए 21 लाख रुपये से ज्यादा की चपत लगा दी गई। मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने इस मामले में सूरत के 25 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को RTO बताकर लोगों को ठगने वाले साइबर गिरोह का अहम सदस्य बताया जा रहा है।

    WhatsApp पर आया फर्जी RTO चालान

    पुलिस के मुताबिक, 42 वर्षीय पीड़ित कारोबारी नवंबर महीने में गुजरात में एक पारिवारिक शादी में शामिल होने गया था। इसी दौरान उसके WhatsApp पर एक अनजान नंबर से “RTO Challan” नाम की फाइल आई। यह फाइल असल में एक APK (Android Package Kit) थी, जिसे खोलते ही मोबाइल फोन हैक हो गया।

    APK फाइल से मोबाइल और बैंक अकाउंट पर कब्जा

    जांच में सामने आया है कि जैसे ही कारोबारी ने फर्जी चालान फाइल डाउनलोड की, ठगों को उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस मिल गया। इसके बाद आरोपियों ने उसके बैंक अकाउंट, UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट ऐप्स से 21 लाख रुपये से ज्यादा की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर ली।

    सूरत का युवक गिरफ्तार, साइबर गिरोह से कनेक्शन

    मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने जांच के बाद हार्दिक अशोकभाई बोर्डा (25) को गिरफ्तार किया है, जो गुजरात के सूरत का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार आरोपी बीकॉम का छात्र है और ऑनलाइन तौल मशीन (Weighing Machine) बेचने का कारोबार करता था।

    पुलिस का कहना है कि आरोपी एक संगठित साइबर फ्रॉड रैकेट का प्रमुख सदस्य था, जो खुद को RTO अधिकारी बताकर लोगों को निशाना बनाता था।

    RTO के नाम पर ठगी का नया तरीका

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी और उसका गिरोह लोगों को डराने के लिए ट्रैफिक चालान का सहारा लेता था।

    • WhatsApp पर APK फाइल भेजी जाती
    • फाइल खोलते ही मोबाइल हैक
    • बैंक और UPI से पैसे उड़ाए जाते

    इस तरीके से कई लोगों को निशाना बनाया गया है।

    जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश

    पुलिस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल डेटा और डिजिटल सबूतों की गहन जांच की जा रही है।

    पुलिस की चेतावनी: ऐसे रहें सतर्क

    साइबर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि—

    • अनजान नंबर से आई APK या लिंक न खोलें
    • RTO या सरकारी चालान केवल आधिकारिक वेबसाइट/ऐप पर ही चेक करें
    • किसी भी संदिग्ध मैसेज की तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें

    FAQ Section

    ❓ यह ठगी कैसे की गई?

    ➡️ WhatsApp पर फर्जी RTO चालान APK भेजकर मोबाइल हैक किया गया।

    ❓ कितनी रकम की ठगी हुई?

    ➡️ करीब 21 लाख रुपये

    ❓ आरोपी कौन है?

    ➡️ सूरत का 25 वर्षीय युवक, बीकॉम छात्र।

    ❓ क्या पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है?

    ➡️ हां, मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।

  • मालाड में लूट नाकाम होने पर महिला से छेड़छाड़, आरोपी गिरफ्तार

    मालाड में लूट नाकाम होने पर महिला से छेड़छाड़, आरोपी गिरफ्तार

    मालाड के कुरार इलाके में लूट की कोशिश नाकाम होने पर आरोपी ने महिला से छेड़छाड़ की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर नोटिस पर छोड़ा, जांच जारी।

    मुंबई: मालाड स्थित कुरार इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां लूट की कोशिश नाकाम होने पर एक युवक ने अकेली महिला से छेड़छाड़ की और फरार हो गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को नोटिस देकर छोड़ा गया है और मामले की जांच जारी है।

    घटना कब और कहां हुई

    यह घटना 3 जनवरी को मालाड (पूर्व) के कुरार इलाके में हुई। पुलिस के मुताबिक, 38 वर्षीय महिला उस समय घर पर अकेली थी। इसी दौरान आरोपी जबरन घर में घुस आया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।

    लूट की कोशिश और छेड़छाड़ का आरोप

    पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपी ने उसका मुंह दबाया और घर में मौजूद नकदी, कीमती सामान, मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड देने की मांग की। महिला ने जब बताया कि घर में कोई कीमती सामान नहीं है, तो आरोपी ने उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए उसे जबरन किस किया और मौके से भाग गया।

    कुरार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज

    घटना के बाद महिला ने कुरार पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

    आरोपी उसी इलाके का रहने वाला

    पुलिस ने शिकायत मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी को उसी शाम गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी उसी इलाके का रहने वाला है और फिलहाल बेरोजगार है। वह अपने परिवार के साथ रहता है।

    कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं, जांच जारी

    पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस देकर छोड़ा गया है।

    पुलिस की अपील: महिलाएं सतर्क रहें

    पुलिस ने नागरिकों, खासकर महिलाओं से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें और अनजान लोगों के प्रति सतर्क रहें।


    FAQ Section

    ❓ घटना कब हुई थी?

    ➡️ 3 जनवरी को मालाड के कुरार इलाके में।

    ❓ आरोपी पर क्या आरोप हैं?

    ➡️ लूट की कोशिश और महिला से छेड़छाड़ का आरोप।

    ❓ क्या आरोपी गिरफ्तार हुआ है?

    ➡️ हां, आरोपी को उसी दिन गिरफ्तार किया गया और नोटिस पर छोड़ा गया।

    ❓ क्या आरोपी का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड था?

    ➡️ नहीं, पुलिस के अनुसार उसका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

  • कांदिवली का वह फ्लैट, जहां हर नए परिवार पर छा गया मौत का साया

    कांदिवली का वह फ्लैट, जहां हर नए परिवार पर छा गया मौत का साया

    मुंबई के कांदिवली में एक पुराने फ्लैट की डरावनी कहानी, जहां घर बिकते ही हर नए परिवार पर मौत टूट पड़ी। अदृश्य शक्ति, ज्योतिषी का दावा और दशकों पुराना रहस्य।

    मुंबई।
    मुंबई के कांदिवली इलाके में स्थित एक पुराना फ्लैट, जो बाहर से बिल्कुल आम दिखता था, अंदर से एक ऐसी डरावनी कहानी समेटे हुए था कि जिसने भी वहां कदम रखा, उसकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। कहा जाता है कि इस फ्लैट में एक अदृश्य शक्ति रहती थी, जो सिर्फ एक ही परिवार को स्वीकार करती थी। जैसे ही वह परिवार घर छोड़कर गया, वहां रहने वाले हर नए परिवार पर मौत का साया मंडराने लगा।

    राजेश का बचपन और पुराना घर

    राजेश अपने माता-पिता के साथ कांदिवली की एक पुरानी इमारत में रहता था। उसके पिता पेशे से होम्योपैथिक डॉक्टर थे और उन्होंने घर के एक कमरे में ही क्लिनिक शुरू कर रखा था। रोज़ाना कई मरीज इलाज के लिए आते-जाते रहते थे।
    राजेश का पूरा बचपन उसी फ्लैट में बीता। उसे कभी भी अपने घर में किसी तरह की नकारात्मक ऊर्जा या डर का अहसास नहीं हुआ। सब कुछ बिल्कुल सामान्य था।

    एक मरीज और पहली बार महसूस हुई अदृश्य शक्ति

    एक दिन इलाज के लिए एक मरीज उनके घर आया। यह मरीज पेशे से ज्योतिषी था। इलाज के दौरान उसे बार-बार ऐसा महसूस होने लगा कि घर में कोई और भी मौजूद है। कभी लगता कोई उसके साथ चल रहा है, कभी बगल में बैठा है, तो कभी कान में कुछ फुसफुसा रहा है।

    ज्योतिषी जानता था कि राजेश के पिता जैसे पढ़े-लिखे डॉक्टर इन बातों पर भरोसा नहीं करेंगे, इसलिए उसने शुरुआत में कुछ नहीं कहा। कुछ महीनों तक इलाज चलता रहा और फिर उसकी तबीयत ठीक हो गई।

    दो साल बाद सामने आई सच्चाई

    करीब दो साल बाद राजेश के पिता ने शहर में किराए पर एक नया क्लिनिक खोल लिया। वहीं वही ज्योतिषी दोबारा इलाज के लिए पहुंचा। उसे लगा कि डॉक्टर अब उस पुराने घर में नहीं रहते होंगे, इसलिए उसने हिम्मत करके पूरी बात बता दी—कि उस फ्लैट में एक अदृश्य शक्ति मौजूद है।

    इस बार डॉक्टर ने बात को गंभीरता से लिया। कुछ ही समय बाद उन्होंने वह घर छोड़ने का फैसला कर लिया।

    घर बिका और शुरू हुआ मौत का सिलसिला

    राजेश उस घर को छोड़ना नहीं चाहता था, लेकिन हालात ऐसे बने कि परिवार को मजबूरन वह फ्लैट बेचना पड़ा।
    यह फ्लैट ठाणे में रहने वाले अब्बास नाम के व्यक्ति ने खरीदा, जो अपने बुजुर्ग माता-पिता के लिए घर ढूंढ रहा था। माता-पिता वहां रहने लगे, लेकिन महज़ एक महीने के भीतर ही अब्बास के पूरी तरह स्वस्थ पिता का निधन हो गया।

    घबराए अब्बास ने फ्लैट तीसरे व्यक्ति निकम को बेच दिया और अपनी मां को अपने साथ ठाणे ले गया।

    निकम परिवार पर भी टूटा कहर

    निकम परिवार ने जब फ्लैट में रहना शुरू किया, तो उन्हें भी ज्यादा समय नहीं मिला। एक महीने के अंदर उनके परिवार में भी दो प्रभावशाली सदस्यों की मौत हो गई।
    एक के बाद एक मौतों से इलाके में डर का माहौल बन गया।

    ज्योतिषी का दावा: यह शक्ति उसी परिवार को चाहती थी

    जब यह सारी बातें ज्योतिषी तक पहुंचीं, तो उसने राजेश के पिता से चौंकाने वाली बात कही।
    उसके अनुसार, जिस ज़मीन पर यह इमारत बनी थी, वहां पहले किसी और का अधिकार था, जिसे जबरन हटाकर इमारत खड़ी की गई। उस जगह की अदृश्य शक्ति डॉक्टर और उनके परिवार से जुड़ गई थी।

    वह शक्ति उनके परिवार से दुश्मनी नहीं रखती थी, बल्कि उनके साथ घुल-मिल गई थी। लेकिन जैसे ही उन्होंने घर बेच दिया, वह नाराज़ हो गई और किसी और को वहां टिकने नहीं दिया।

    आज भी सिहरन पैदा करती है यह कहानी

    यह कहानी सुनने और पढ़ने में भले ही किसी डरावनी फिल्म जैसी लगे, लेकिन इसे जानने वाले आज भी सिहर उठते हैं। यह सोचकर अजीब लगता है कि अगर यह सच हो, तो शायद भावनाएं सिर्फ इंसानों में ही नहीं, बल्कि अदृश्य शक्तियों में भी हो सकती हैं।


    नोट

    यह लेख केवल मनोरंजन और सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। indian-fasttrack.com का उद्देश्य किसी भी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा देना नहीं है।


    FAQ

    Q1. क्या यह कहानी सच्ची घटना पर आधारित है?
    यह कहानी लोगों द्वारा सुनाई गई घटनाओं पर आधारित है और इसे मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

    Q2. क्या कांदिवली में सच में भूतिया फ्लैट है?
    ऐसी कई लोककथाएं प्रचलित हैं, लेकिन इनकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

    Q3. इस लेख का उद्देश्य क्या है?
    इस लेख का उद्देश्य सिर्फ जानकारी और मनोरंजन है, न कि अंधविश्वास फैलाना।

  • कांदिवली मंदिर में चोरी का खुलासा, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

    कांदिवली मंदिर में चोरी का खुलासा, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

    कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में दानपेटी चोरी के मामले में मुंबई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। CCTV फुटेज से सुराग मिला, तीसरे आरोपी की तलाश जारी।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में दानपेटी तोड़कर करीब 50 हजार रुपये की चोरी करने वाले गिरोह का मुंबई पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। कांदिवली पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी मंदिरों की दानपेटियों को ही निशाना बनाते थे और इससे पहले भी कई जगह ऐसी वारदात कर चुके हैं।

    कांदीवली में कहां और कैसे हुई चोरी

    यह चोरी 22 दिसंबर को कांदिवली पश्चिम स्थित एस.वी. रोड पर मौजूद शंकर मंदिर में हुई। यह मंदिर जलई लोहाणा मित्र मंडल ट्रस्ट द्वारा संचालित है।
    आरोपियों ने देर रात मंदिर की दानपेटी तोड़ी और उसमें रखे करीब 50 हजार रुपये लेकर फरार हो गए।

    इस मामले में मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विपुल जतानीय (57) ने कांदिवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।

    गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

    पुलिस ने जिन दो आरोपियों को पकड़ा है, उनके नाम हैं –

    • प्रशांत पांडुरंग चोराट (30)
    • अलीराज उर्फ अली सईनुर खान (38)

    अलीराज खान को मीरा रोड इलाके से गिरफ्तार किया गया, जबकि प्रशांत चोराट को महाराष्ट्र के सतारा जिले से पकड़ा गया। इस चोरी में शामिल तीसरा आरोपी गणेश उर्फ गन्या फिलहाल फरार है।

    क्या है आरोपियों का तरीका (Modus Operandi)

    पुलिस के मुताबिक,

    • अलीराज खान पेशे से ऑटो रिक्शा चालक है और पोलियो की वजह से उसका एक पैर कमजोर है।
    • वहीं प्रशांत चोराट आदतन अपराधी है और मंदिरों की दानपेटी चोरी करने में माहिर बताया जा रहा है।

    जांच में सामने आया कि तीनों आरोपियों ने मिलकर कांदिवली मंदिर की चोरी की थी। चोरी के पैसों में से अलीराज खान को 15 हजार रुपये का हिस्सा मिला था।

    CCTV फुटेज से मिला अहम सुराग

    डीसीपी संदीप जाधव (जोन 11) और सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर करण सोनकावड़े के मार्गदर्शन में एपीआई हेमंत गीते और उनकी टीम ने जांच शुरू की।
    आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक ऑटो रिक्शा चोरी के समय संदिग्ध रूप से नजर आया।

    ऑटो की जानकारी जुटाते हुए पुलिस मीरा रोड के पेनकरपाड़ा इलाके तक पहुंची। वहां से अलीराज खान को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने चोरी कबूल कर ली और अपने साथियों के नाम बताए।

    सतारा से हुई मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी

    अलीराज की जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि प्रशांत उर्फ पक्या चोराट सतारा जिले में छिपा हुआ है। वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लेकर पुलिस टीम सतारा गई और वाई तालुका के कोंडावली खुर्द गांव से उसे गिरफ्तार किया।

    तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से 13 हजार रुपये से ज्यादा नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया, जो चोरी के पैसों से खरीदा गया बताया जा रहा है।

    और भी मंदिर चोरी में शामिल होने का शक

    पूछताछ में प्रशांत चोराट ने कबूल किया कि कांदिवली की घटना के कुछ दिन बाद उसने कुरार इलाके में भी एक मंदिर में चोरी की थी।
    पुलिस का कहना है कि आरोपी पेशेवर चोर है और खासतौर पर मंदिरों को ही निशाना बनाता है।

    पुलिस कस्टडी और आगे की कार्रवाई

    दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।
    फिलहाल पुलिस फरार आरोपी गणेश उर्फ गन्या की तलाश में जुटी हुई है और अन्य चोरी की घटनाओं की भी जांच की जा रही है।


    FAQ

    Q1. कांदिवली मंदिर चोरी कब हुई थी?
    यह चोरी 22 दिसंबर को कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में हुई थी।

    Q2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।

    Q3. चोरी में कितनी रकम गई थी?
    करीब 50 हजार रुपये की चोरी हुई थी।

    Q4. क्या आरोपी पहले भी चोरी कर चुके हैं?
    हां, मुख्य आरोपी ने कुरार इलाके में मंदिर चोरी की बात भी कबूल की है।

  • 15 साल की देरी पर MahaRERA सख्त, शेठ डेवलपर्स को ब्याज देने का आदेश

    15 साल की देरी पर MahaRERA सख्त, शेठ डेवलपर्स को ब्याज देने का आदेश

    मालाड ईस्ट के शेठ ब्लू आइवी प्रोजेक्ट में 15 साल की देरी पर MahaRERA ने शेठ डेवलपर्स को 15 फ्लैट खरीदारों को ब्याज देने और बिक्री समझौता रजिस्टर करने का आदेश दिया।

    मुंबई: मालाड ईस्ट में शेठ डेवलपर्स की आवासीय परियोजना शेठ ब्लू आइवी में करीब 15 साल की देरी को गंभीर मानते हुए महाराष्ट्र रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (MahaRERA) ने बड़ा फैसला सुनाया है। MahaRERA ने बिल्डर को आदेश दिया है कि वह 15 फ्लैट खरीदारों को जुलाई 2022 से फ्लैट का कब्जा मिलने तक ब्याज दे और साल 2010 से लंबित बिक्री समझौतों को तुरंत निष्पादित कर रजिस्टर करे।

    क्या है पूरा मामला

    शेठ ब्लू आइवी प्रोजेक्ट, जिसे शुरुआत में वसंत पर्ल नाम से बेचा गया था, उसमें 2010 से 2012 के बीच 15 लोगों ने फ्लैट बुक किए थे। उस समय बिल्डर ने 36 महीने में निर्माण पूरा करने और 42 महीने में कब्जा देने का वादा किया था। लेकिन सालों बीतने के बावजूद खरीदारों को न तो फ्लैट मिले और न ही पक्का जवाब।

    लंबे इंतजार और परेशानी के बाद इन सभी खरीदारों ने 2023 से 2025 के बीच MahaRERA का दरवाजा खटखटाया।

    खरीदारों की शिकायत क्या थी

    खरीदारों की ओर से पेश वकीलों गिरीश केडिया और हर्षद भडभडे ने बताया कि बिल्डर ने सिर्फ अलॉटमेंट लेटर दिया था, लेकिन बिक्री का एग्रीमेंट कभी रजिस्टर नहीं किया।
    इस बीच प्रोजेक्ट का लेआउट बदला गया, फ्लैट नंबर बदले गए और कब्जे की तारीख का कोई जिक्र नहीं किया गया।

    खरीदारों का कहना था कि

    • 2013 से 2023 तक उन्होंने कई बार जानकारी मांगी
    • साइट पर लंबे समय तक काम बंद रहा
    • कई खरीदार किराए के मकानों में रहने को मजबूर हुए
    • आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव झेलना पड़ा

    इसी आधार पर उन्होंने 42.8 लाख रुपये से लेकर 2.28 करोड़ रुपये तक मुआवजे की मांग की थी।

    बिल्डर का पक्ष

    MahaRERA में शेठ डेवलपर्स ने सफाई देते हुए कहा कि प्रोजेक्ट बॉम्बे हाईकोर्ट में चल रहे एक मामले की वजह से करीब छह साल तक अटका रहा। कोर्ट के आदेश के चलते न तो निर्माण हो सका और न ही एग्रीमेंट रजिस्टर हो पाए।
    बिल्डर के मुताबिक अप्रैल 2024 में काम दोबारा शुरू हुआ।

    कंपनी ने यह भी कहा कि उसने सभी खरीदारों को रिफंड का विकल्प दिया था, लेकिन शिकायतकर्ताओं ने प्रोजेक्ट में बने रहने का फैसला किया।

    प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति

    MahaRERA की वेबसाइट के अनुसार

    • पहले प्रोजेक्ट पूरा होने की तारीख: 30 जून 2022
    • संशोधित तारीख: 30 जून 2023
    • अब नई डेडलाइन: 28 नवंबर 2027

    यानी खरीदारों को अभी भी और इंतजार करना होगा।

    MahaRERA का फैसला

    MahaRERA के अध्यक्ष मनोज सौनिक ने 11 दिसंबर को आदेश दिया कि

    • बिल्डर को जुलाई 2022 से कब्जा मिलने तक खरीदारों को ब्याज देना होगा
    • जितनी रकम खरीदारों ने दी है, उस पर ब्याज लागू होगा
    • सभी लंबित बिक्री समझौतों को तुरंत निष्पादित और रजिस्टर करना होगा

    हालांकि, MahaRERA ने देरी के लिए अलग से मुआवजा और बढ़ी हुई स्टांप ड्यूटी की भरपाई की मांग को खारिज कर दिया।

    क्यों अहम है यह फैसला

    यह आदेश उन हजारों घर खरीदारों के लिए अहम माना जा रहा है, जो सालों से अटके प्रोजेक्ट्स में फंसे हैं। इससे यह साफ संदेश गया है कि लंबी देरी पर बिल्डरों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।


    FAQ

    Q1. MahaRERA ने बिल्डर को क्या आदेश दिया है?
    बिल्डर को जुलाई 2022 से कब्जा मिलने तक ब्याज देने और बिक्री समझौते रजिस्टर करने का आदेश दिया गया है।

    Q2. कितने खरीदारों को राहत मिली है?
    कुल 15 फ्लैट खरीदारों को यह राहत मिली है।

    Q3. क्या खरीदारों को मुआवजा मिलेगा?
    नहीं, MahaRERA ने अलग से मुआवजे और स्टांप ड्यूटी की मांग खारिज कर दी है।

    Q4. प्रोजेक्ट कब तक पूरा होना है?
    नई समयसीमा के अनुसार 28 नवंबर 2027 तक।

  • दहिसर में ऑर्केस्ट्रा बार से उगाही, महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार

    दहिसर में ऑर्केस्ट्रा बार से उगाही, महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई के दहिसर ईस्ट में ऑर्केस्ट्रा बार संचालक से फर्जी शिकायतों की धमकी देकर उगाही करने के मामले में पुलिस ने एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी हर महीने पैसे मांगकर कारोबार में रुकावट डालने की धमकी दे रहे थे।

    मुंबई: दहिसर ईस्ट इलाके में एक ऑर्केस्ट्रा बार और रेस्टोरेंट संचालक से लगातार उगाही करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने फर्जी शिकायतों की धमकी देकर पैसे वसूलने के आरोप में एक महिला और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और बीएमसी में झूठी शिकायतें करने का डर दिखाकर बार संचालक से हजारों रुपये ऐंठने का आरोप है।

    🧑‍💼 शिकायतकर्ता और कारोबार की पृष्ठभूमि

    इस मामले में शिकायतकर्ता चंद्रशेखर गुरुनाथ शेट्टी (47) हैं, जो दहिसर ईस्ट के रावलपाड़ा इलाके में रहते हैं।
    वह अपने चचेरे भाई के ऑर्केस्ट्रा बार और रेस्टोरेंट का संचालन संभालते हैं, जो दहिसर चेक पोस्ट के पास प्रभात इंडस्ट्रियल एस्टेट में स्थित है।

    शेट्टी के अनुसार, उनका ऑर्केस्ट्रा बार पूरी तरह से वैध है और उसके पास FL-III लाइसेंस समेत सभी जरूरी सरकारी अनुमति मौजूद हैं। बार में काम करने वाले स्टाफ और महिला कलाकारों से जुड़े सभी नियमों का भी पालन किया जाता है।

    💰 उगाही की शुरुआत और धमकियां

    शिकायत में बताया गया है कि मई 2025 में एक महिला रीमा राजेश मोहिते और उसका साथी अनिल यादव बार में पहुंचे।
    दोनों ने कथित तौर पर बार को “शांतिपूर्वक चलाने” के बदले हर महीने एक तय रकम देने की मांग की।

    आरोप है कि उन्होंने साफ धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए, तो वे पुलिस कंट्रोल रूम, फायर ब्रिगेड और नगर निगम (BMC) में बार के खिलाफ बार-बार शिकायतें दर्ज कराएंगे और उसे अवैध गतिविधियों में फंसाएंगे।

    🔁 फर्जी शिकायतों से परेशान करने का आरोप

    शेट्टी ने बताया कि बाद में उन्हें इलाके के अन्य बार मालिकों से जानकारी मिली कि यही आरोपी पहले भी कई बार और रेस्टोरेंट्स को इसी तरह फर्जी शिकायतों के जरिए परेशान कर चुके हैं।

    शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने अपने नए कारोबार को परेशान न करने की विनती भी की, लेकिन इसके बावजूद आरोपी लगातार दबाव बनाते रहे और पैसे की मांग जारी रखी।

    🚨 फर्जी इमरजेंसी कॉल से मचा हड़कंप

    19 मई 2025 की रात एक फर्जी इमरजेंसी कॉल के बाद हालात और बिगड़ गए।
    शिकायत के अनुसार, देर रात पुलिस, फायर ब्रिगेड और अडानी इलेक्ट्रिसिटी के अधिकारी अचानक होटल पहुंच गए। इससे बार में अफरा-तफरी मच गई और कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ।

    इस घटना के बाद आरोपियों ने अपनी धमकियां और तेज कर दीं और रकम बढ़ाने का दबाव बनाने लगे।

    📲 दबाव में किए गए भुगतान

    शेट्टी का आरोप है कि अपने व्यवसाय को बचाने के लिए उन्होंने मई से दिसंबर 2025 के बीच कई बार पैसे दिए।

    • शुरुआत में ₹2,000 प्रति माह
    • बाद में रकम बढ़ाकर ₹3,000 की गई
    • फिर ₹10,000 प्रति माह की मांग की जाने लगी

    पैसे UPI ट्रांजैक्शन और नकद दोनों माध्यमों से दिए गए। कुल मिलाकर करीब ₹22,000 की उगाही की गई।

    🚓 दहिसर पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

    शिकायत और डिजिटल पेमेंट के सबूतों के आधार पर दहिसर पुलिस ने रीमा राजेश मोहिते और अनिल यादव के खिलाफ

    • उगाही
    • आपराधिक धमकी
    • अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।

    दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन्होंने इलाके के अन्य बार और रेस्टोरेंट संचालकों को भी इसी तरह निशाना बनाया था।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह मामला कहां का है?
    👉 मुंबई के दहिसर ईस्ट इलाके का।

    Q2. आरोपी कौन हैं?
    👉 रीमा राजेश मोहिते और अनिल यादव।

    Q3. उगाही किस तरह की जा रही थी?
    👉 फर्जी पुलिस, फायर ब्रिगेड और BMC शिकायतों की धमकी देकर।

    Q4. कितनी रकम वसूली गई?
    👉 कुल ₹22,000।

    Q5. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
    👉 दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू की गई है।

  • बोरीवली स्टेशन के बाहर चाकूबाजी, निजी ज़िंदगी में दखल बना हत्या की वजह

    बोरीवली स्टेशन के बाहर चाकूबाजी, निजी ज़िंदगी में दखल बना हत्या की वजह

    मुंबई के बोरीवली में एक सनसनीखेज अपराध सामने आया है, जहां निजी जीवन में दखल और अत्यधिक नियंत्रण से परेशान एक महिला ने अपने साथियों के साथ मिलकर रियल एस्टेट कारोबारी पर चाकू से जानलेवा हमला किया। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में 26 दिसंबर की सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। निजी जीवन में लगातार दखल, शक और नियंत्रण से तंग आकर बारबरा उर्फ रीटा नाम की महिला ने अपने चचेरे भाई और दो अन्य लोगों के साथ मिलकर एक 44 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी पर चाकू से हमला कर दिया। हमला बोरीवली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 के बाहर हुआ। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।

    🕵️‍♂️ बोरीवली स्टेशन के बाहर क्या हुआ?

    पुलिस के अनुसार, 26 दिसंबर की सुबह बोरीवली स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 के बाहर अचानक अफरा-तफरी मच गई जब एक व्यक्ति पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया गया।
    हमलावरों ने पीड़ित के पेट पर दो बार और हाथ पर एक बार वार किया। हमले के बाद आरोपी उसे मरा समझकर मौके से फरार हो गए।

    🤝 अंधेरी के बार से शुरू हुई पहचान

    जांच में सामने आया है कि पीड़ित रियल एस्टेट कारोबारी और बारबरा रीटा की पहली मुलाकात अंधेरी के एक बार में हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच जान-पहचान बढ़ी और निजी संबंध भी बने।
    लेकिन समय के साथ यह रिश्ता तनावपूर्ण होता चला गया।

    🚨 शक, गुस्सा और नियंत्रण बना झगड़े की जड़

    पुलिस पूछताछ में घायल व्यक्ति ने बताया कि वह बारबरा रीटा के पेशे और उसके सामाजिक संपर्कों को लेकर बेहद असहज था।

    • वह नहीं चाहता था कि बारबरा किसी और पुरुष से मिले
    • उसे किसी और के साथ शारीरिक संबंध बनाने पर रोकता था
    • इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे

    यह अत्यधिक नियंत्रण और दबाव बारबरा के लिए असहनीय हो गया।

    🔪 अफेयर का शक और हत्या की साजिश

    जब पीड़ित को यह पता चला कि बारबरा रीटा का किसी अन्य व्यक्ति के साथ अफेयर चल रहा है, तो उसने कथित तौर पर उस व्यक्ति को फोन कर धमकी दी और संबंध खत्म करने की चेतावनी दी।
    इस घटना से गुस्साई बारबरा ने अपने चचेरे भाई और दो अन्य लोगों के साथ मिलकर उसे जान से मारने की साजिश रची।

    🚓 घायल हालत में थाने पहुंचा पीड़ित

    हमले के बाद घायल व्यक्ति किसी तरह बोरीवली पुलिस स्टेशन पहुंचा। वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया।
    इलाज के दौरान ही पुलिस ने उसका बयान दर्ज कर लिया, जो जांच में अहम सबूत माना जा रहा है।

    ⚖️ पुलिस कार्रवाई और कानूनी धाराएं

    बोरीवली पुलिस ने बारबरा रीटा, उसके चचेरे भाई और दो अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।
    पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई?
    👉 बोरीवली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 के बाहर।

    Q2. आरोपी कौन हैं?
    👉 मुख्य आरोपी बारबरा उर्फ रीटा, उसका चचेरा भाई और दो अन्य साथी।

    Q3. हमला क्यों किया गया?
    👉 निजी जीवन में दखल, शक और अत्यधिक नियंत्रण से परेशान होकर।

    Q4. पीड़ित की हालत कैसी है?
    👉 गंभीर रूप से घायल, फिलहाल अस्पताल में इलाज जारी है।

    Q5. पुलिस ने कौन-सी धाराएं लगाई हैं?
    👉 IPC की धारा 307 (हत्या का प्रयास) समेत अन्य धाराएं।