Category: Crime News

  • Mumbai को नया मेयर क्यों नहीं मिला? लॉटरी तय करेगी आरक्षण, एक हफ्ते तक इंतज़ार

    Mumbai को नया मेयर क्यों नहीं मिला? लॉटरी तय करेगी आरक्षण, एक हफ्ते तक इंतज़ार

    Mumbai: बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव के नतीजे आ चुके हैं, लेकिन शहर को मेयर मिलने में वक्त लगेगा। जानिए मेयर पद का आरक्षण लॉटरी से कैसे तय होता है, कानून क्या कहता है और इसमें एक हफ्ता क्यों लग सकता है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव खत्म हो चुके हैं और नई जनरल बॉडी भी लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद मुंबई को तुरंत नया मेयर नहीं मिलेगा। इसकी वजह सिर्फ बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान नहीं है, बल्कि मेयर के चुनाव से जुड़ी एक कानूनी प्रक्रिया भी है। कानून के मुताबिक, मेयर पद का आरक्षण लॉटरी सिस्टम से तय होता है और जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक मेयर का चुनाव संभव नहीं है। इसी कारण मुंबई को नया मेयर मिलने में कम से कम एक हफ्ते का वक्त लग सकता है।

    🏛️ Mumbai का मेयर तुरंत क्यों नहीं चुना जा सकता?

    बीएमसी चुनाव के नतीजे आने के बाद आमतौर पर लोगों को लगता है कि मेयर का नाम भी तुरंत सामने आ जाएगा। लेकिन हकीकत यह है कि मेयर का चुनाव पार्षदों द्वारा किया जाता है और उससे पहले कुछ कानूनी औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी होता है।
    सबसे अहम प्रक्रिया है मेयर पद का आरक्षण तय होना, जो सीधे चुनाव से नहीं बल्कि लॉटरी यानी ड्रॉ ऑफ लॉट्स से तय किया जाता है।

    🎟️ क्या है मेयर पद का आरक्षण सिस्टम?

    देशभर की शहरी स्थानीय निकायों (Urban Local Bodies) में मेयर पद के लिए आरक्षण की व्यवस्था लागू है।
    इस व्यवस्था के तहत मेयर का पद अलग-अलग वर्गों के लिए रोटेशन के आधार पर आरक्षित किया जाता है, जैसे:

    • अनुसूचित जाति (SC)
    • अनुसूचित जनजाति (ST)
    • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)
    • महिलाएं
    • सामान्य (ओपन) वर्ग

    यह आरक्षण पहले से तय नहीं होता, बल्कि हर कार्यकाल में लॉटरी के ज़रिए तय किया जाता है।

    📜 आरक्षण रोटेशन क्यों जरूरी है?

    मेयर पद पर आरक्षण की व्यवस्था संविधान के 74वें संशोधन से जुड़ी है। इस संशोधन के तहत शहरी निकायों को संवैधानिक दर्जा दिया गया और यह तय किया गया कि SC, ST और महिलाओं को नेतृत्व के अवसर मिलें।
    महाराष्ट्र में यह व्यवस्था नगरपालिका अधिनियम (Municipal Corporations Act) के तहत लागू होती है, जिसमें OBC आरक्षण भी शामिल है।
    रोटेशन सिस्टम का मकसद यह है कि हर वर्ग को समय-समय पर मेयर बनने का मौका मिले और कोई एक वर्ग लगातार फायदे में न रहे।

    🎲 मेयर पद का फैसला लॉटरी से ही क्यों?

    लॉटरी सिस्टम इसलिए अपनाया गया है ताकि प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रहे।
    अगर सरकार या राजनीतिक दल तय करें कि किस वर्ग के लिए मेयर पद आरक्षित होगा, तो उस पर पक्षपात और राजनीतिक दखल के आरोप लग सकते हैं।
    ड्रॉ ऑफ लॉट्स से यह सुनिश्चित किया जाता है कि आरक्षण पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से तय हो।

    🗂️ लॉटरी की प्रक्रिया कैसे होती है?

    1. शहरी विकास विभाग (Urban Development Department) लॉटरी कराने का नोटिफिकेशन जारी करता है
    2. पिछले कार्यकालों के आधार पर आरक्षण रोटेशन की सूची तैयार की जाती है
    3. सार्वजनिक रूप से लॉटरी (ड्रॉ) निकाली जाती है
    4. जिस वर्ग का नाम निकलता है, वही मेयर पद के लिए आरक्षित माना जाता है
    5. इसके बाद आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी होता है

    जब तक यह पूरी प्रक्रिया खत्म नहीं होती, कोई भी पार्टी अपने मेयर उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं कर सकती।

    🗳️ मेयर का चुनाव कैसे होता है?

    आरक्षण तय होने के बाद बीएमसी की विशेष बैठक बुलाई जाती है।
    मेयर का चुनाव पार्षदों के बीच से ही किया जाता है।
    मुंबई की 227 सदस्यीय जनरल बॉडी में मेयर बनने के लिए कम से कम 114 पार्षदों का समर्थन जरूरी होता है।
    पिछले दो कार्यकालों में लॉटरी के ज़रिए मेयर पद ओपन जनरल कैटेगरी में गया था।

    👑 मुंबई मेयर के पास कितनी ताकत होती है?

    कानून के मुताबिक, मुंबई का मेयर बीएमसी का औपचारिक (Ceremonial) प्रमुख होता है।
    मेयर का कार्यकाल ढाई साल का होता है और उनकी मुख्य जिम्मेदारियां हैं:

    • जनरल बॉडी की बैठकों की अध्यक्षता
    • सदन में व्यवस्था बनाए रखना
    • बराबरी की स्थिति में निर्णायक वोट देना
    • शहर के “First Citizen” के तौर पर आधिकारिक कार्यक्रमों में प्रतिनिधित्व करना

    हालांकि, बीएमसी का प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) के पास होता है, जो राज्य सरकार द्वारा नियुक्त IAS अधिकारी होते हैं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या चुनाव नतीजों के तुरंत बाद मेयर चुना जा सकता है?
    👉 नहीं, पहले मेयर पद का आरक्षण तय होना जरूरी है।

    Q2. मेयर पद का आरक्षण कौन तय करता है?
    👉 शहरी विकास विभाग लॉटरी के ज़रिए आरक्षण तय करता है।

    Q3. मुंबई को नया मेयर मिलने में कितना वक्त लग सकता है?
    👉 कानूनी प्रक्रिया पूरी होने में लगभग एक हफ्ता लग सकता है।

  • Mumbai: मालाड में फर्जी फ्लैट रैकेट का पर्दाफाश, सस्ते घर का सपना बना बुरा सपना

    Mumbai: मालाड में फर्जी फ्लैट रैकेट का पर्दाफाश, सस्ते घर का सपना बना बुरा सपना

    Mumbai के मालाड इलाके में अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट सस्ते दामों में दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले फर्जी प्रॉपर्टी रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। जानिए पूरा मामला, आरोपी, modus operandi और कैसे बचें ऐसे फ्रॉड से।

    मुंबई: सस्ते घर का सपना दिखाकर लोगों से लाखों-करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े फर्जी फ्लैट रैकेट का मालाड पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य सरगना फरार है। आरोपी Housing.com, NoBroker जैसे बड़े रियल एस्टेट पोर्टल और सोशल मीडिया के ज़रिए करीब 1 करोड़ के फ्लैट को 60–70 लाख में बेचने का झांसा देकर लोगों से एडवांस रकम ऐंठते थे और फिर गायब हो जाते थे।

    🏙️ क्या है पूरा मामला?

    मालाड पुलिस के अनुसार, यह एक सुनियोजित प्रॉपर्टी फ्रॉड रैकेट था, जो अंडर-कंस्ट्रक्शन इमारतों को निशाना बनाकर लोगों को फंसाता था। आरोपी असली फ्लैट मालिक के दस्तावेज़ों से छेड़छाड़ कर खुद को मालिक बताकर सौदा करते थे। कागज़ात इतने असली लगते थे कि आम आदमी तो क्या, अनुभवी खरीदार भी धोखा खा जाते थे।

    👤 शिकायतकर्ता का दर्दनाक अनुभव

    इस केस के शिकायतकर्ता 31 वर्षीय नवलदेव नारायण राजपूत, निवासी मालाड ईस्ट हैं। आरोपियों ने उन्हें मालाड वेस्ट के जकारिया रोड स्थित शुभाश्री ऑर्चर्ड, फ्लैट नंबर 1301 दिखाया और बताया कि यह फ्लैट “पोपटलाल” नामक व्यक्ति का है।
    4 नवंबर से 23 दिसंबर 2025 के बीच हुए इस सौदे में नवलदेव से करीब 30 लाख रुपये की ठगी की गई। जब आरोपी संपर्क से बाहर हो गए, तब 29 दिसंबर 2025 को मालाड पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई गई।

    ⚖️ किन धाराओं में केस दर्ज?

    यह मामला मालाड पुलिस स्टेशन (CR No. 943/2025) में दर्ज किया गया है।
    आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें:

    • धोखाधड़ी
    • जालसाज़ी
    • फर्जी पहचान (Impersonation)
    • आपराधिक साजिश
    • विश्वासघात और रकम का गबन

    जैसी धाराएं शामिल हैं।

    🕵️ Modus Operandi: ऐसे चलता था Mumbai में फर्जी फ्लैट रैकेट

    पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग में हर सदस्य की तय भूमिका थी:

    • कासिम रशीद खान उर्फ अमित ठाकुर (फरार) – मास्टरमाइंड
    • मोहम्मद रफीक रशीद खान – अंडर-कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग्स की फोटो खींचकर फर्जी विज्ञापन डालता था
    • दीपक किरीट शाह (ब्रोकर) – खरीदारों से संपर्क कर भरोसा जीतता था
    • निमेष अनिल मावणी – फर्जी आधार और पैन कार्ड से असली मालिक बनकर सौदा करता था
    • हितेश केदारी और राजेश बिसुल प्रसाद – बैंक अकाउंट उपलब्ध कराते थे

    जैसे ही एडवांस रकम अकाउंट में आती, पैसे निकाल लिए जाते और आरोपी अंडरग्राउंड हो जाते।

    💳 बैंक ट्रांजैक्शन से खुला राज

    पुलिस ने ASP Infra नामक अकाउंट में हुए संदिग्ध ट्रांजैक्शन को ट्रैक किया। अकाउंट होल्डर हितेश केदारी को हिरासत में लेने के बाद तकनीकी जांच और पूछताछ से पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। इसके बाद मीरा रोड, बोरीवली और कांदिवली से आरोपियों को पकड़ा गया।

    🚨 गिरफ्तार आरोपी कौन-कौन?

    पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम हैं:

    • हितेश रविंद्र केदारी (30) – डिलीवरी बॉय
    • राजेश बिसुल प्रसाद (37) – डिलीवरी बॉय
    • निमेष अनिल मावणी (49)
    • मोहम्मद रफीक रशीद खान (38)
    • दीपक किरीट शाह (47) – ब्रोकर
    • राजन हर्षद कक्कड़ (45)

    मुख्य आरोपी कासिम रशीद खान अभी फरार है।

    👮 वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच

    इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व API दीपक रायवाडे और PSI निलोबा जक्कलवाड़ ने किया।
    जांच Additional CP शशि कुमार मीणा, DCP जोन XI संदीप जाधव, ACP प्रकाश बागल के मार्गदर्शन और Senior Inspector दुश्यंत चौहान की निगरानी में हुई।

    🔑 कैसे बचें ऐसे प्रॉपर्टी फ्रॉड से?

    • बहुत सस्ते दाम पर फ्लैट का ऑफर मिले तो सतर्क रहें
    • असली मालिक से सीधे मिलकर दस्तावेज़ सत्यापित करें
    • रजिस्ट्रार ऑफिस से डॉक्यूमेंट्स की क्रॉस-चेकिंग करें
    • बिना एग्रीमेंट और वकील की सलाह के पैसे न दें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या बड़े पोर्टल पर विज्ञापन होने से सौदा सुरक्षित होता है?
    👉 नहीं, फ्रॉड लोग बड़े पोर्टल का भी गलत इस्तेमाल करते हैं।

    Q2. क्या अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट लेना सुरक्षित है?
    👉 हां, लेकिन पूरी कानूनी जांच और RERA रजिस्ट्रेशन जरूरी है।

    Q3. धोखाधड़ी होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।

  • कांदिवली में फ्लैट कब्ज़े को लेकर हंगामा, डेवलपर के दफ्तर के बाहर खरीदारों का प्रदर्शन

    कांदिवली में फ्लैट कब्ज़े को लेकर हंगामा, डेवलपर के दफ्तर के बाहर खरीदारों का प्रदर्शन

    मुंबई के कांदिवली में एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) द्वारा तीन साल बाद भी फ्लैट का कब्ज़ा न देने से नाराज़ खरीदार सड़कों पर उतरे। बैंक EMI और किराए के बोझ से परेशान नागरिकों ने RERA से हस्तक्षेप की मांग की।

    मुंबई: घर का सपना लेकर लाखों रुपये चुकाने वाले कांदिवली के फ्लैट खरीदार आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। शनिवार को कांदिवली स्थित एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) के कार्यालय के बाहर दर्जनों नाराज़ नागरिकों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया। आरोप है कि फ्लैट का रजिस्ट्रेशन हुए तीन साल से ज़्यादा वक्त बीत चुका है, लेकिन अब तक घर का कब्ज़ा नहीं दिया गया। इस दौरान खरीदारों को बैंक की भारी EMI के साथ किराए का दोहरा बोझ उठाना पड़ रहा है।

    बुकिंग के समय लिए लाखों, कब्ज़ा आज तक नहीं

    कांदिवली पूर्व के समता नगर, ठाकुर विलेज इलाके में एस.डी. कॉर्पोरेशन द्वारा ‘सियाना’ नामक टॉवर प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि बुकिंग के वक्त डेवलपर ने तय समय में फ्लैट सौंपने का वादा किया था और इसके बदले लाखों रुपये एडवांस के रूप में लिए गए।
    लेकिन तीन साल से ज्यादा वक्त गुजरने के बावजूद निर्माण अधूरा है और कब्ज़े की कोई ठोस तारीख नहीं बताई जा रही।

    EMI और किराया, दोनों का बोझ

    फ्लैट न मिलने से खरीदारों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।

    • एक ओर बैंक की EMI हर महीने समय पर चुकानी पड़ रही है
    • दूसरी ओर रहने के लिए अलग से किराए का खर्च उठाना पड़ रहा है

    कई खरीदारों का कहना है कि उनकी आर्थिक हालत पूरी तरह बिगड़ चुकी है, फिर भी डेवलपर की ओर से सिर्फ टालमटोल की जा रही है।

    कांदिवली के निवासियों के आरोप: अभद्र जवाब और अनदेखी

    प्रदर्शन कर रहे नागरिकों का आरोप है कि जब वे निर्माण में देरी को लेकर सवाल पूछते हैं, तो उन्हें अभद्र और गैर-जिम्मेदाराना जवाब दिए जाते हैं।
    यही वजह है कि मजबूर होकर खरीदारों को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।

    250 फ्लैट्स का प्रोजेक्ट, लेकिन कई खामियां

    निवासियों के मुताबिक,

    • सियाना प्रोजेक्ट में कुल 250 फ्लैट्स हैं
    • इसमें 22 मंज़िला 5 इमारतें और 50 मंज़िला एक इमारत शामिल है

    आरोप है कि निर्माण दिखाए गए प्लान के मुताबिक नहीं किया गया।
    कई फ्लैट्स में पानी का रिसाव है,
    एंट्री गेट बेहद संकरा है
    और बुनियादी सुविधाओं की भी भारी कमी है।

    RERA में शिकायत, फिर भी राहत नहीं

    नागरिकों ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) में भी शिकायत दर्ज कराई है।
    आरोप है कि RERA में होने वाली बैठकों में भी कई बार शिकायतकर्ताओं को शामिल होने से रोका जाता है, जिससे खरीदारों में और नाराज़गी बढ़ गई है।

    पीड़ित खरीदार की आपबीती

    स्वाति गावडे, निवासी ने बताया,
    “मैंने 2022 में 1.5 BHK फ्लैट बुक किया था। बुकिंग के समय कहा गया था कि 2023 में कब्ज़ा मिल जाएगा। मैंने 3 लाख रुपये दिए। आज 2025 खत्म हो गया है, लेकिन घर अब तक नहीं मिला। मैं किराए के मकान में रह रही हूं, हर महीने 40 हजार रुपये किराया और 75 हजार रुपये EMI दे रही हूं। ये बहुत मानसिक तनाव देने वाला है।”

    नागरिकों की मांग

    प्रदर्शन कर रहे खरीदारों की साफ मांग है कि—

    • डेवलपर तुरंत कब्ज़े की स्पष्ट तारीख घोषित करे
    • निर्माण की गुणवत्ता की जांच हो
    • RERA और संबंधित सरकारी विभाग इस मामले में सख्ती से कार्रवाई करें

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मामला किस इलाके का है?
    👉 मुंबई के कांदिवली पूर्व, समता नगर-ठाकुर गांव इलाके का।

    Q2. किस डेवलपर के खिलाफ प्रदर्शन हुआ?
    👉 एस.डी. कॉर्पोरेशन (शापूरजी) के खिलाफ।

    Q3. कितने समय से खरीदार इंतज़ार कर रहे हैं?
    👉 करीब तीन साल से अधिक समय से।

    Q4. खरीदारों की मुख्य परेशानी क्या है?
    👉 फ्लैट कब्ज़ा न मिलना, EMI और किराए का दोहरा बोझ।

    Q5. खरीदारों ने किससे मदद मांगी है?
    👉 RERA प्रशासन और संबंधित सरकारी विभागों से।

  • बोरीवली ज्वेलरी शॉप से ₹6.79 करोड़ की चोरी, दो सेल्समैन फरार

    बोरीवली ज्वेलरी शॉप से ₹6.79 करोड़ की चोरी, दो सेल्समैन फरार

    मुंबई के बोरीवली में ज्वेलरी शॉप से करीब 6.79 करोड़ रुपये के सोने, हीरे और चांदी की चोरी। दो सेल्समैन फरार, राजस्थान तक पहुंची पुलिस जांच।

    मुंबई: बोरीवली इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ज्वेलरी शॉप के दो सेल्समैन दुकान से करोड़ों के गहने लेकर फरार हो गए। चोरी गए माल की कुल कीमत करीब ₹6.79 करोड़ बताई जा रही है। एमएचबी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।

    क्या है पूरा मामला

    यह घटना बोरीवली स्थित ‘माय गोल्ड पॉइंट’ नामक ज्वेलरी शॉप की है। दुकान के मालिक राकेश पोरवाल रोज़ की तरह मंगलवार रात दुकान बंद कर घर चले गए थे। दुकान में काम करने वाले दोनों सेल्समैन – प्रभु सिंह और नारायण सिंह – को रोज़ाना की तरह गहने तिजोरी में रखने की जिम्मेदारी दी गई थी।

    कैसे सामने आई बोरीवली की चोरी

    बुधवार दोपहर राकेश पोरवाल दहाणु में निजी काम से गए हुए थे। इसी दौरान एक महिला ग्राहक ने फोन कर बताया कि दुकान बाहर से बंद है। शक होने पर पोरवाल ने दोनों सेल्समैन को कॉल किया, लेकिन फोन बंद मिला। तुरंत बोरीवली लौटने पर उन्होंने देखा कि शटर बंद था, बाहर से ताला लगा था और चाबी ताले में ही लगी हुई थी।

    दुकान के अंदर जाकर देखा तो दोनों लोहे की तिजोरियां खुली थीं और

    • सोने के गहने
    • हीरे के आभूषण
    • चांदी की सिल्लियां

    सब गायब थे। कुल चोरी की रकम ₹6,79,85,000 आंकी गई है।

    आरोपी कौन हैं

    दोनों आरोपी – प्रभु सिंह और नारायण सिंह –

    • राजस्थान के राजसमंद जिले के कावरैया गांव के रहने वाले हैं
    • दुकान में सेल्समैन के तौर पर काम करते थे
    • रात में दुकान के अंदर ही रुकते थे

    पुलिस को शक है कि वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों राजस्थान भाग गए हैं।

    पुलिस की कार्रवाई

    एमएचबी पुलिस ने दोनों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया है।

    • क्राइम ब्रांच की दो टीमें राजस्थान भेजी गई हैं
    • मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच जारी है
    • पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा

    इलाके में दहशत, व्यापारियों में चिंता

    इस बड़ी चोरी की वारदात के बाद बोरीवली इलाके के ज्वेलर्स और व्यापारियों में डर का माहौल है। स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस से सुरक्षा बढ़ाने और कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच पर ज़ोर देने की मांग की है।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. चोरी कहां हुई है?
    👉 मुंबई के बोरीवली स्थित ‘माय गोल्ड पॉइंट’ ज्वेलरी शॉप में।

    Q2. चोरी की कुल रकम कितनी है?
    👉 करीब ₹6.79 करोड़ के सोने, हीरे और चांदी के गहने।

    Q3. आरोपी कौन हैं?
    👉 दुकान के ही दो सेल्समैन – प्रभु सिंह और नारायण सिंह।

    Q4. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    👉 केस दर्ज कर लिया गया है और राजस्थान में पुलिस टीमें भेजी गई हैं।

    Q5. क्या आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    👉 फिलहाल आरोपी फरार हैं, तलाश जारी है।

  • मुंबई में 44 घंटे तक पानी की किल्लत, कई इलाकों में सप्लाई कम या बंद रहेगी

    मुंबई में 44 घंटे तक पानी की किल्लत, कई इलाकों में सप्लाई कम या बंद रहेगी

    मुंबई में मेट्रो लाइन 7A के काम के चलते 20 से 22 जनवरी तक 44 घंटे पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी। जी उत्तर, के पूर्व, एस, एच पूर्व और एन विभाग के कई इलाकों में कम दबाव या पूरी तरह पानी बंद रहेगा।

    मुंबई: मेट्रो लाइन 7A परियोजना के लिए जलवाहिनी की जोड़णी का काम किए जाने के कारण शहर के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक पानी की परेशानी रहने वाली है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अनुसार मंगलवार 20 जनवरी 2026 सुबह 9 बजे से गुरुवार 22 जनवरी 2026 तड़के 5 बजे तक कुल 44 घंटे तक कुछ इलाकों में कम दबाव से पानी की सप्लाई होगी, जबकि कुछ जगहों पर पानी पूरी तरह बंद रहेगा।

    मुंबई में क्यों बाधित होगी पानी की सप्लाई?

    MMRDA की मेट्रो लाइन 7A परियोजना के तहत अपर वैतरणा मुख्य जलवाहिनी (2400 मिमी व्यास) का कुछ हिस्सा मोड़ा गया है। इसी बदले हुए हिस्से की क्रॉस कनेक्शन प्रक्रिया बीएमसी द्वारा के पूर्व विभाग में की जा रही है। इसी तकनीकी कार्य के चलते पानी की सप्लाई प्रभावित होगी।

    किन-किन विभागों में असर पड़ेगा?

    बीएमसी के मुताबिक,
    जी उत्तर, के पूर्व, एस, एच पूर्व और एन विभाग के कई इलाकों में अलग-अलग समय पर पानी की सप्लाई कम दबाव से होगी। कुछ क्षेत्रों में नियमित समय बदल जाएगा, जबकि कुछ इलाकों में सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी।

    जी उत्तर विभाग (धारावी क्षेत्र)

    धारावी के जस्मिन मिल रोड, 60 फीट रोड, 90 फीट रोड, संत कक्कैया मार्ग, एम.पी. नगर, महात्मा गांधी रोड समेत कई इलाकों में

    • सुबह और शाम दोनों समय कम दबाव से पानी मिलेगा।
    • 20 और 21 जनवरी को सुबह 9 से शाम 5 बजे और शाम 5 से रात 10 बजे तक असर रहेगा।

    के पूर्व विभाग (अंधेरी पूर्व)

    मुलगांव डोंगरी, एमआईडीसी, कोंडिविटा, महेश्वरी नगर, मरोळ, चकाला, जेबी नगर, एयरपोर्ट एरिया समेत कई इलाकों में

    • पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी।
    • अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और SEEPZ क्षेत्र में भी 24 घंटे पानी नहीं मिलेगा।

    एस विभाग (भांडुप–विक्रोली)

    भांडुप और विक्रोली पश्चिम के कई हिस्सों में

    • कहीं कम दबाव,
    • तो कहीं पूरी तरह पानी बंद रहेगा।
      BEST नगर, फिल्टरपाड़ा, आरे रोड, पठाणवाड़ी, जयभीम नगर जैसे इलाकों में लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो सकती है।

    एच पूर्व विभाग (बीकेसी)

    पूरा बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) और आसपास के इलाके

    • रात के समय कम दबाव से पानी मिलेगा।

    एन विभाग (घाटकोपर–विक्रोली)

    आर सिटी मॉल क्षेत्र, कैलाश कॉम्प्लेक्स, सागर नगर, डिपो पाड़ा, नित्यानंद नगर सहित कई इलाकों में

    • दोपहर और शाम के समय कम दबाव से पानी मिलेगा।

    बीएमसी की नागरिकों से अपील

    बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि

    • पहले से जरूरी पानी का स्टॉक कर लें,
    • मरम्मत के दौरान पानी का मितव्ययी उपयोग करें,
    • अगले कुछ दिनों तक पानी उबालकर और छानकर पीएं,
    • और महानगरपालिका को सहयोग करें।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. पानी की सप्लाई कितने समय तक प्रभावित रहेगी?
    👉 20 जनवरी सुबह 9 बजे से 22 जनवरी तड़के 5 बजे तक, कुल 44 घंटे।

    Q2. किन इलाकों में पानी पूरी तरह बंद रहेगा?
    👉 के पूर्व विभाग के कई हिस्सों, एयरपोर्ट और SEEPZ क्षेत्र में।

    Q3. क्या सभी इलाकों में पानी पूरी तरह बंद रहेगा?
    👉 नहीं, कुछ इलाकों में सिर्फ कम दबाव से पानी मिलेगा।

    Q4. पानी कब से सामान्य होगा?
    👉 22 जनवरी 2026 की सुबह के बाद सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद है।

  • कांदिवली में घर का सपना बना धोखा, ओला-उबर चालक से 9 लाख की ठगी

    कांदिवली में घर का सपना बना धोखा, ओला-उबर चालक से 9 लाख की ठगी

    Mumbai Kandivali News: एमएमआरडीए फ्लैट दिलाने के नाम पर कांदिवली में ओला-उबर चालक से 9 लाख रुपये की ठगी, 6 साल बाद सामने आया पूरा मामला, पुलिस ने दर्ज किया केस।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में घर पाने का सपना देख रहे एक ओला-उबर चालक के साथ बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। एमएमआरडीए का फ्लैट दिलाने का झांसा देकर तीन लोगों ने उससे करीब 9 लाख रुपये ऐंठ लिए। छह साल तक इंतज़ार के बाद जब न घर मिला और न ही पैसे लौटे, तब जाकर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। अब कांदिवली पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    🏙️ कांदिवली में ठगी का चौंकाने वाला मामला

    मुंबई जैसे महानगर में अपने घर का सपना हर आम आदमी देखता है। इसी सपने का फायदा उठाकर कांदिवली में एक ओला-उबर चालक से लाखों की ठगी की गई। यह मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।

    🚖 कौन है पीड़ित?

    पीड़ित 38 वर्षीय युवक वांद्रे इलाके में रहता है और ओला-उबर में ड्राइवर के तौर पर काम करता है। सीमित आमदनी के बावजूद उसने भविष्य सुरक्षित करने के लिए घर खरीदने का फैसला किया था।

    🏢 एमएमआरडीए फ्लैट का झांसा

    कुछ साल पहले पीड़ित की पहचान नवीनसिंग मानसिंग गोरखा नामक व्यक्ति से हुई। उसने मालाड के कुरार विलेज स्थित अप्पापाडा इलाके में एमएमआरडीए का फ्लैट दिलाने का दावा किया।
    आरोपी ने बताया कि फ्लैट की असली कीमत 18 लाख रुपये है, लेकिन वह इसे सिर्फ 14 लाख में दिला देगा।

    💰 तीन-चार महीने में घर मिलने का भरोसा

    नवीनसिंग ने भरोसा दिलाया कि तीन से चार महीनों के भीतर फ्लैट का कब्ज़ा मिल जाएगा। उसकी बातों में आकर पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में करीब 9 लाख रुपये दे दिए।

    🤝 दो और आरोपी भी थे शामिल

    इस पूरे सौदे में रवी सरवदे और मोहसीन अख्तर भी शामिल थे। पीड़ित को बताया गया कि ये दोनों लोग नवीनसिंग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और फ्लैट दिलाने की प्रक्रिया में मदद करेंगे।

    6 साल बीते, न घर मिला न पैसे

    तय समय बीतने के बाद भी जब फ्लैट नहीं मिला तो पीड़ित ने आरोपियों से संपर्क किया। शुरुआत में वे टालमटोल करते रहे। धीरे-धीरे बातचीत भी बंद हो गई।
    करीब छह साल गुजर जाने के बाद भी न तो घर मिला और न ही एक रुपये की वापसी हुई।

    🚨 पुलिस में दर्ज हुई शिकायत

    आखिरकार खुद को ठगा हुआ समझकर पीड़ित कांदिवली पुलिस स्टेशन पहुंचा और शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने नवीनसिंग गोरखा, रवी सरवदे और मोहसीन अख्तर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. ठगी कितने रुपये की हुई है?
    ➡️ करीब 9 लाख रुपये की ठगी हुई है।

    Q2. ठगी किस इलाके में हुई?
    ➡️ मुंबई के कांदिवली और मालाड इलाके से जुड़ा मामला है।

    Q3. आरोपी कितने हैं?
    ➡️ कुल तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

    Q4. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    ➡️ कांदिवली पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • BMC चुनाव ड्यूटी से गायब 6,871 कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई

    BMC चुनाव ड्यूटी से गायब 6,871 कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई

    BMC चुनाव 2026 से पहले चुनाव ड्यूटी में गैरहाजिर 6,871 अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस, 4,521 पर 12 जनवरी से पुलिस कार्रवाई के आदेश।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Bmc) चुनाव 2025-26 से पहले प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। चुनाव ड्यूटी में गैरहाजिर रहने वाले 6,871 अधिकारी और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें से 4,521 कर्मचारी अब भी ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं, जिनके खिलाफ 12 जनवरी 2026 से पुलिस कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने साफ कहा है कि चुनावी जिम्मेदारी से बचने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

    🏛️ BMC चुनाव प्रक्रिया में लापरवाही पर प्रशासन का कड़ा रुख

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओर से स्पष्ट किया गया है कि चुनाव प्रक्रिया संविधानिक और कानूनी जिम्मेदारी है। इसके बावजूद कई अधिकारी और कर्मचारी प्रशिक्षण, मतदान ड्यूटी और अन्य जिम्मेदारियों से लगातार गैरहाजिर पाए गए। बार-बार निर्देश देने और अंतिम मौका देने के बावजूद जब हाजिरी नहीं लगी, तब प्रशासन को कड़ा फैसला लेना पड़ा।

    📄 6,871 कर्मचारियों को नोटिस, 2,350 लौटे ड्यूटी पर

    प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 6,871 अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस भेजी गई थी। इनमें से 2,350 कर्मचारी नोटिस के बाद चुनाव कार्य में शामिल हो गए हैं। लेकिन 4,521 कर्मचारी अब भी अनुपस्थित हैं, जिन पर अब सीधी पुलिस कार्रवाई की जाएगी।

    🚨 12 जनवरी से पुलिस कार्रवाई शुरू

    अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी के निर्देशानुसार सोमवार, 12 जनवरी 2026 से संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस के जरिए कार्रवाई की जाएगी। इसमें उनके कार्यालय जाकर नोटिस तामील कराना, मामला दर्ज करना, जुर्माना और विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शामिल होगी।

    🧑‍💼 कई विभागों के कर्मचारी कार्रवाई की जद में

    इस कार्रवाई में केवल महानगरपालिका ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीयकृत बैंक, बेस्ट उपक्रम, दूरसंचार विभाग, तेल कंपनी, बीमा कंपनियां, जीवन बीमा निगम, म्हाडा, डाक विभाग, रेलवे, उर्वरक कंपनी और अन्य सरकारी व अर्धसरकारी संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं।

    🗳️ 15 जनवरी को मतदान, कर्मचारियों की भारी जरूरत

    महानगरपालिका चुनाव के लिए 15 जनवरी 2026 को मतदान और 16 जनवरी को मतगणना होनी है। मुंबई में करीब 1 करोड़ 3 लाख से अधिक मतदाता हैं। इतने बड़े चुनाव के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की जरूरत होती है, लेकिन कर्मचारियों की कमी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन रही है।

    ⚠️ डॉ. अश्विनी जोशी की सख्त चेतावनी

    डॉ. अश्विनी जोशी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि चुनाव ड्यूटी में लापरवाही गंभीर अपराध है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की ओर से आदेशों की अनदेखी, देरी या गैरजिम्मेदारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी को तुरंत अपनी ड्यूटी संभालनी होगी, अन्यथा कानूनी और प्रशासकीय कार्रवाई तय है।


    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

    प्रश्न 1: कितने कर्मचारियों को नोटिस दी गई है?
    उत्तर: कुल 6,871 अधिकारी और कर्मचारियों को नोटिस दी गई है।

    प्रश्न 2: पुलिस कार्रवाई कब से शुरू होगी?
    उत्तर: 12 जनवरी 2026 से।

    प्रश्न 3: किन विभागों के कर्मचारी शामिल हैं?
    उत्तर: महानगरपालिका, बैंक, बेस्ट, बीमा कंपनियां, रेलवे, डाक विभाग सहित कई सरकारी संस्थान।

    प्रश्न 4: मतदान और मतगणना कब है?
    उत्तर: मतदान 15 जनवरी और मतगणना 16 जनवरी 2026 को होगी।

  • मालवनी में 7 स्कूली बच्चियों से छेड़छाड़, 36 वर्षीय आरोपी POCSO में गिरफ्तार

    मालवनी में 7 स्कूली बच्चियों से छेड़छाड़, 36 वर्षीय आरोपी POCSO में गिरफ्तार

    मुंबई के मालवनी इलाके में स्कूल के पास 7 नाबालिग बच्चियों से सरेआम छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

    मुंबई: मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके में मंगलवार सुबह एक शर्मनाक घटना सामने आई, जहां 36 साल के एक युवक ने स्कूल जा रही 7 नाबालिग छात्राओं से सरेआम छेड़छाड़ की। सभी पीड़ित बच्चियों की उम्र 14 से 15 साल के बीच है। घटना स्कूल के पास एक व्यस्त रिहायशी सड़क पर हुई। बच्चियों के शोर मचाने पर स्थानीय लोग जमा हो गए और आरोपी भाग निकला। शिकायत मिलते ही मालवनी पुलिस ने तेजी से कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ POCSO एक्ट व भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

    🚨 घटना कैसे हुई?

    पुलिस के अनुसार, पीड़ितों में से एक 14 वर्षीय छात्रा, जो सांताक्रूज़ की रहने वाली है, सुबह करीब 7:30 बजे घर से स्कूल के लिए निकली थी। वह अपनी सहेलियों के साथ स्कूल परिसर के पास खड़ी थी, तभी आरोपी वहां पहुंचा।

    आरोपी ने अचानक बच्चियों के बेहद पास जाकर उन्हें जबरन गले लगाया, अश्लील हरकतें कीं और एक-एक कर सभी सातों नाबालिगों से छेड़छाड़ की। यह पूरी घटना सार्वजनिक सड़क पर हुई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    🚗 कार में घुमाने का झांसा

    जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने बच्चियों को कार में घुमाने का लालच दिया। उसने उनसे कहा कि वे रोज उसी जगह उससे मिलें। आरोपी की इन हरकतों से बच्चियां बुरी तरह घबरा गईं।

    🗣️ बच्चियों ने मचाया शोर

    घटना के बाद बच्चियों ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाया। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। खुद को घिरा देख आरोपी वहां से फरार हो गया।

    🚓 पुलिस की त्वरित कार्रवाई

    घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित बच्ची की मां मालवणी पुलिस स्टेशन पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बिना देरी किए आरोपी की तलाश शुरू की और कुछ ही घंटों में उसे हिरासत में ले लिया।

    दोपहर में आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर दिंडोशी कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे आगे की जांच के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया।

    ⚖️ किन धाराओं में केस दर्ज

    आरोपी के खिलाफ:

    POCSO एक्ट

    भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराएं

    लगाई गई हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहा है या नहीं।

    😟 इलाके में डर का माहौल

    इस घटना के बाद मालवणी इलाके में दहशत का माहौल है। खासतौर पर माता-पिता बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी का मकसद इलाके में सुरक्षा का भरोसा कायम रखना है।

    👮‍♂️ पुलिस का बयान

    मुंबई पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है क्योंकि पीड़ित नाबालिग हैं। इसलिए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। मामले की जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर और भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
    Q1. घटना कहां हुई?
    ➡️ मुंबई के मालवणी इलाके में, स्कूल के पास।

    Q2. कितनी बच्चियां पीड़ित हैं?
    ➡️ कुल 7 नाबालिग स्कूली छात्राएं।

    Q3. आरोपी की उम्र क्या है?
    ➡️ आरोपी 36 साल का है।

    Q4. आरोपी पर कौन सा कानून लगा है?
    ➡️ POCSO एक्ट और BNS की धाराएं।

    Q5. क्या आरोपी को जेल भेजा गया है?
    ➡️ फिलहाल आरोपी पुलिस कस्टडी में है, जांच जारी है।

  • कांदिवली में फर्जी लोन का झांसा देकर फ्रीलांसर से 69 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

    कांदिवली में फर्जी लोन का झांसा देकर फ्रीलांसर से 69 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

    कांदिवली पुलिस ने शेयर के बदले करोड़ों का लोन दिलाने का झांसा देकर एक फ्रीलांसर से 69 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है, उसकी बहन फरार है।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में शेयर और लोन के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। कांदिवली पुलिस ने एक फ्रीलांसर से करीब 69 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में जतीन कुमार उनाडकट नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर शेयर गिरवी रखकर करोड़ों का लोन दिलाने का झांसा दिया था, लेकिन हकीकत में पूरा मामला फर्जी निकला।

    3.5 करोड़ के लोन का लालच देकर फंसाया

    पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता प्रेमकुमार वर्मा (42), जो विरार का रहने वाला है और फ्रीलांसर के तौर पर काम करता है, को आरोपी जतीन कुमार और उसकी बहन संगीता उनाडकट ने नए बिजनेस में निवेश का ऑफर दिया था। दोनों ने दावा किया कि वे “बूम लिफ्ट” नाम से नया कारोबार शुरू कर रहे हैं, जिसके लिए 3.5 करोड़ रुपये के लोन की जरूरत है।

    पुरानी पहचान का उठाया फायदा

    प्रेमकुमार वर्मा पहले डायरेक्ट सेल्स एजेंसी में काम करता था और उसने 2022 में संगीता उनाडकट के लिए 25 लाख रुपये का लोन भी पास करवाया था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर संगीता ने अपने भाई जतीन से उसकी मुलाकात करवाई और उसे शेयर ट्रेडिंग का बड़ा खिलाड़ी बताया।

    फ्लैट बेचकर दिया निवेश का पैसा

    आरोपियों की बातों में आकर वर्मा ने जनवरी 2024 में अपनी नौकरी छोड़ दी और निवेश के लिए विरार में स्थित अपना फ्लैट 86 लाख रुपये में बेच दिया। जुलाई से अगस्त 2024 के बीच उसने करीब 81 लाख रुपये किस्तों में जतीन कुमार को दिए, ताकि शेयर उसके डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर किए जाएं और उन्हीं शेयरों के बदले बैंक से लोन मिल सके।

    डीमैट अकाउंट का पासवर्ड लेकर की हेराफेरी

    जतीन ने शेयर ट्रांसफर करने के बहाने वर्मा से उसके डीमैट अकाउंट का पासवर्ड ले लिया। कुछ दिनों बाद उसने दावा किया कि कई कंपनियों के शेयर अकाउंट में ट्रांसफर हो गए हैं। इतना ही नहीं, एक निजी फाइनेंस कंपनी का फर्जी लोन सैंक्शन लेटर दिखाकर 2.80 करोड़ रुपये का लोन पास होने का भरोसा भी दिलाया।

    जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज

    कई महीनों तक पैसा खाते में न आने पर वर्मा को शक हुआ। जब उसने फाइनेंस कंपनी और बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि जिन शेयरों की बात की जा रही थी, वे असली नहीं बल्कि डेमो या वर्चुअल शेयर थे, जिनका इस्तेमाल सिर्फ प्रैक्टिस ट्रेडिंग में होता है। किसी भी तरह का असली लोन मंजूर नहीं हुआ था।

    69 लाख हड़पकर हुए फरार

    जब वर्मा ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। एक सुरक्षा चेक भी बाउंस हो गया। बाद में जतीन ने सिर्फ 1.77 लाख रुपये लौटाए और करीब 69.18 लाख रुपये हड़प लिए। इसके बाद वर्मा ने कांदिवली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    आरोपी गिरफ्तार, बहन फरार

    शिकायत के बाद कांदिवली पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज कर 7 जनवरी को जतीन कुमार उनाडकट को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बहन संगीता के साथ मिलकर ठगी करने की बात कबूल की है। संगीता फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं दोनों ने इसी तरीके से और लोगों को तो नहीं ठगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: यह ठगी किस इलाके में हुई?
    मुंबई के कांदिवली इलाके में।

    Q2: ठगी की कुल रकम कितनी है?
    करीब 69.18 लाख रुपये।

    Q3: आरोपी कौन है?
    जतीन कुमार उनाडकट, जबकि उसकी बहन संगीता उनाडकट फरार है।

    Q4: ठगी का तरीका क्या था?
    फर्जी शेयर और लोन सैंक्शन दिखाकर निवेश के नाम पर पैसा लेना।

  • कांदिवली पश्चिम में बस पकड़ना बना जोखिम, यात्रियों को ‘रस्सी पर चलने’ की मजबूरी

    कांदिवली पश्चिम में बस पकड़ना बना जोखिम, यात्रियों को ‘रस्सी पर चलने’ की मजबूरी

    कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में अधूरा सड़क कंक्रीटीकरण बस यात्रियों के लिए खतरा बन गया है। बस स्टॉप पर सड़क एक फुट नीचे होने से बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी हो रही है।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में सड़क कंक्रीटीकरण का अधूरा काम अब आम यात्रियों के लिए परेशानी और खतरे की वजह बनता जा रहा है। एस.वी. रोड और सह्याद्री नगर के सामने वाली मुख्य सड़क पर कई व्यस्त बस स्टॉप हैं, लेकिन सड़क का आधा हिस्सा अब भी अधूरा होने से यात्रियों को बस पकड़ने के लिए सड़क के बीचों-बीच खड़े रहना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि बुजुर्गों और महिलाओं को हर दिन “रस्सी पर चलने” जैसा जोखिम उठाना पड़ रहा है।

    अधूरी सड़क ने बढ़ाई यात्रियों की मुश्किल

    स्वामी विवेकानंद मार्ग, कांदिवली पुलिस थाना क्षेत्र और चारकोप सह्याद्री नगर मार्ग पर कंक्रीट सड़क का काम लंबे समय से जारी है। सड़क का एक हिस्सा कंक्रीट का बन चुका है, जबकि फुटपाथ से सटा हिस्सा करीब एक फुट नीचे रह गया है। इसी कारण बस स्टॉप पर खड़े होने की सुरक्षित जगह ही नहीं बची है।

    बैरिकेडिंग के बीच से निकलने को मजबूर यात्री

    सुरक्षा के नाम पर लोहे की बैरिकेडिंग तो लगाई गई है, लेकिन वही बैरिकेडिंग यात्रियों के लिए नई मुसीबत बन गई है। बस पकड़ने के लिए यात्रियों को संकरे रास्ते से गुजरना पड़ता है, जहां एक तरफ गहरा गड्ढा और दूसरी तरफ लोहे की रेलिंग है। हल्की सी चूक किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।

    वरिष्ठ नागरिकों को सता रहा हादसे का डर

    बस स्टॉप पर रोजाना बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और छात्र आते-जाते हैं। ऊंचे-नीचे रास्ते और अधपकी कंक्रीट पर खड़े होकर बस का इंतजार करना खासकर बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। स्थानीय यात्रियों का कहना है कि कई बार फिसलने की नौबत आ चुकी है।

    यातायात जाम की भी बन रही वजह

    यात्री अधूरे कंक्रीट वाले हिस्से पर खड़े रहते हैं, जिसके चलते बसों को सड़क के बीच रोकना पड़ता है। इससे न सिर्फ यात्रियों को चढ़ने-उतरने में परेशानी होती है, बल्कि एस.वी. रोड पर अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन जाती है।

    तत्काल समाधान की मांग तेज

    स्थानीय नागरिकों और नियमित बस यात्रियों ने मांग की है कि बस स्टॉप के आसपास सड़क का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए या अस्थायी सुरक्षित प्लेटफॉर्म बनाया जाए, ताकि रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करने की मजबूरी खत्म हो सके।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: कांदिवली पश्चिम में यात्रियों को परेशानी क्यों हो रही है?
    अधूरी कंक्रीट सड़क और ऊंचे-नीचे बस स्टॉप के कारण यात्रियों को सुरक्षित जगह नहीं मिल पा रही है।

    Q2: सबसे ज्यादा प्रभावित कौन हैं?
    वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और रोजाना बस से यात्रा करने वाले कर्मचारी।

    Q3: क्या प्रशासन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था की है?
    फिलहाल केवल बैरिकेडिंग की गई है, जिसे यात्री अपर्याप्त मान रहे हैं।

    Q4: यात्रियों की मुख्य मांग क्या है?
    बस स्टॉप के पास सड़क का काम तुरंत पूरा किया जाए या अस्थायी सुरक्षित प्लेटफॉर्म बनाया जाए।