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  • मुंबई DRT-III लोक अदालत में 122 केस सुलझे, ₹34.69 करोड़ की रिकवरी

    मुंबई DRT-III लोक अदालत में 122 केस सुलझे, ₹34.69 करोड़ की रिकवरी

    मुंबई DRT-III में नेशनल लोक अदालत के दौरान 122 मामले निपटाए गए और ₹34.69 करोड़ की रिकवरी हुई। इस प्रक्रिया में बैंक अफसरों, वकीलों और स्टाफ ने अहम भूमिका निभाई।

    मुंबई: डेब्ट्स रिकवरी ट्रिब्यूनल-III (DRT-III) में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन हुआ। इस लोक अदालत में कुल 122 मामलों का निपटारा किया गया और बैंकों को करीब ₹34.69 करोड़ की रिकवरी हासिल हुई।

    ये लोक अदालत स्रीकला सुरेश, इंचार्ज प्रेसीडिंग ऑफिसर के मार्गदर्शन में हुई। कार्यक्रम का संचालन पूरी तरह से सौहार्दपूर्ण माहौल में किया गया।

    पैनल और मेंबर्स की अहम भूमिका

    कार्यवाही की अध्यक्षता पूर्व प्रेसीडिंग ऑफिसर वी.एन. लोथे पाटिल ने की। उनके साथ पैनल में सुधांशु एस. साहू (डिप्टी जनरल मैनेजर, केनरा बैंक) और एडवोकेट सुनील हम्ब्रे मौजूद थे।

    इनके सहयोग से कई जटिल मामले आसानी से सुलझे, जिससे बैंक और उधारकर्ताओं दोनों को राहत मिली।

    122 मामले निपटाए गए, ₹34.69 करोड़ की रिकवरी

    इस लोक अदालत में बैंकों के लंबे समय से पेंडिंग पड़े केसों का समाधान हुआ। इसमें अधिकतर मामले लोन रिकवरी और सेटलमेंट से जुड़े थे।

    122 मामलों के समाधान के बाद ₹34.69 करोड़ की राशि रिकवर हुई। इसे बैंकिंग सेक्टर के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

    रजिस्ट्रार का आभार व्यक्त

    DRT-III मुंबई के रजिस्ट्रार संजय जायसवाल ने सभी अफसरों, स्टाफ और लिटिगेंट्स का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन को सफल बनाने में पूरी टीम ने कड़ी मेहनत की।

    उन्होंने खासतौर से स्टाफ मेंबर्स का नाम लेकर आभार जताया –

    • स्नेहल तलाशीळकर (असिस्टेंट रजिस्ट्रार)
    • परवेश शर्मा, मिलिंद खाटू, सतीश बोराडे, राजन कांबले, नरेंद्र महामुंकर, पवन मीणा, प्रवीन लबडे, किशोर इंदुलकर, अमरेन्द्र और प्रियांका गुरव

    लोक अदालत का महत्व

    लोक अदालत को लेकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये एक ऐसा मंच है, जहां लंबे समय से पेंडिंग केस जल्दी और आपसी सहमति से सुलझाए जाते हैं। इससे अदालतों पर केसों का बोझ कम होता है और आम लोगों व बैंकों दोनों को राहत मिलती है।

    मुंबई जैसे बड़े शहर में जहां बैंकिंग ट्रांजैक्शन और लोन से जुड़े विवाद बहुत आम हैं, वहां इस तरह की पहल बेहद कारगर साबित होती है।

    मुंबई DRT-III की इस लोक अदालत ने दिखा दिया कि अगर सही माहौल और सहयोग मिले तो जटिल से जटिल केस भी आसानी से सुलझ सकते हैं। इस बार का नतीजा ₹34.69 करोड़ की रिकवरी के साथ काफी सकारात्मक रहा। उम्मीद है कि आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे और बैंकिंग सेक्टर में पेंडिंग केसों का बोझ कम होगा।

  • ठाणे में महिला ने दुकान मालिक को पीटा, मुंबई में कार ने चार लोगों को मारी टक्कर

    ठाणे में महिला ने दुकान मालिक को पीटा, मुंबई में कार ने चार लोगों को मारी टक्कर

    ठाणे में महिला ने उत्पीड़न से परेशान होकर दुकान मालिक को चप्पल से पीटा, वीडियो वायरल। मुंबई के घाटकोपर में तेज रफ्तार कार ने फुटपाथ पर चल रहे चार लोगों को टक्कर मारी, एक की हालत गंभीर।

    डिजिटल डेस्क
    महाराष्ट्र: ठाणे में एक महिला ने अपने दुकान मालिक की हरकतों से परेशान होकर उसे बीच बाजार चप्पल से पीट दिया। बताया जा रहा है कि महिला को लंबे समय से अश्लील मैसेज भेजकर परेशान किया जा रहा था। जब हद पार हो गई तो महिला अपनी मां के साथ दुकान पहुंची और मालिक से सवाल-जवाब किया।

    महिला का गुस्सा फूटा, दुकान मालिक को चप्पल से पीटा

    गुस्से में महिला ने दुकान के अंदर ही 55 साल के दुकानदार पर हमला कर दिया। वहां मौजूद लोगों ने पूरा मामला मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    पुलिस को घटना की जानकारी मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने कहा है कि शिकायत आने पर कार्रवाई जरूर होगी।

    वायरल वीडियो ने मचाई सनसनी

    सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि महिला दुकानदार को लगातार चप्पल से मार रही है। वहां खड़े लोग बीच-बचाव करने की कोशिश करते नजर आते हैं, लेकिन महिला का गुस्सा थमने का नाम ही नहीं ले रहा।

    सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता ने पहले कई बार दुकानदार को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो उसने सीधा एक्शन लिया।

    मुंबई के घाटकोपर में बड़ा हादसा

    इधर मुंबई के घाटकोपर इलाके में एलबीएस रोड पर शनिवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। तेज रफ्तार से दौड़ती एक कार अचानक नियंत्रण खो बैठी और सीधे फुटपाथ पर चढ़ गई। इस दौरान वहां चल रहे चार लोगों को कार ने टक्कर मार दी।

    घटना में चारों लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    कार में शराब की बोतलें मिलीं, तीन लोग फरार

    सीसीटीवी फुटेज में हादसे के बाद कार से दो महिलाएं और एक पुरुष बाहर निकलते हुए नजर आए। जानकारी के मुताबिक, पुरुष मौके से भाग गया जबकि दोनों महिलाओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

    पुलिस को कार से शराब की बोतलें भी मिली हैं, जिससे शक है कि ड्राइवर नशे की हालत में था। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।

    लोगों में गुस्सा और चिंता

    ठाणे की घटना हो या मुंबई का हादसा – दोनों मामलों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ महिलाएं उत्पीड़न का सामना कर रही हैं तो दूसरी तरफ सड़क हादसे लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिनकी वजह शराब पीकर गाड़ी चलाना और तेज रफ्तार है।

    लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके।

  • मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में बरी वाहिद शेख ने मांगा 9 करोड़ मुआवजा

    मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में बरी वाहिद शेख ने मांगा 9 करोड़ मुआवजा

    2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में बरी हुए वाहिद दीन मोहम्मद शेख ने 9 साल की जेल और परिवार को झेली पीड़ा के लिए 9 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है।

    मुंबई: 2006 के मुंबई सीरियल ट्रेन ब्लास्ट मामले में झूठे आरोपों में फंसे और बाद में बरी हुए डॉ. वाहिद दीन मोहम्मद शेख ने अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से 9 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है। शेख का कहना है कि यह सिर्फ पैसों की लड़ाई नहीं बल्कि इंसाफ़ और स्वीकार्यता की लड़ाई है।

    9 साल जेल, जिंदगी बर्बाद

    शेख ने बताया कि उन्हें एटीएस ने साल 2006 में हुए ट्रेन ब्लास्ट मामले में मकोका के तहत गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें नौ साल तक जेल में रहना पड़ा। 11 सितंबर 2015 को विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
    उन्होंने कहा – “मैं जेल से तो बाहर आ गया, लेकिन मेरी जवानी के सबसे अहम 9 साल, परिवार की खुशियां और समाज में इज्ज़त सब कुछ छिन गया।”

    9 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग

    वाहिद शेख ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग से मुआवजे की मांग की है।
    उनका दावा है कि जेल में रहने और झूठे आरोपों से हुए सामाजिक, भावनात्मक और आर्थिक नुकसान की कीमत कोई चुका नहीं सकता। लेकिन, 9 करोड़ रुपये कम-से-कम उनके साथ हुए अन्याय की आंशिक भरपाई करेगा।

    “इसलिए अब तक चुप था”

    शेख ने याचिका में लिखा कि वह नैतिक कारणों से पिछले 10 साल तक चुप रहे और मुआवजे की मांग नहीं की। लेकिन, अब उन्हें लगता है कि यह मुद्दा सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि उन सब लोगों के लिए है जो बेगुनाही के बावजूद सालों जेल में कैद रहे हैं।

    परिवार पर गहरा असर

    शेख पेशे से स्कूल टीचर हैं और परिवार के इकलौते कमाने वाले हैं। जेल में रहने के दौरान उनके परिवार को सामाजिक और आर्थिक तौर पर बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
    उन्होंने बताया कि इलाज और परिवार का खर्च चलाने के लिए लगभग 30 लाख रुपये का कर्ज़ लेना पड़ा।

    सामाजिक और भावनात्मक नुकसान

    वाहिद शेख का कहना है कि उन्हें हिरासत के दौरान प्रताड़ित भी किया गया। इन हालातों ने उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाला। उन्होंने कहा – “मैं बाहर तो आ गया हूं, लेकिन जो दाग मेरे नाम पर लगे, उनका असर अब भी मेरे परिवार और बच्चों को झेलना पड़ रहा है।”

    पूरा मामला क्या था?

    11 जुलाई 2006 को मुंबई लोकल ट्रेनों में हुए सीरियल ब्लास्ट ने पूरे देश को हिला दिया था। इन धमाकों में 187 लोगों की मौत और 600 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
    ATS ने इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया था। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने 2015 में वाहिद शेख को बरी कर दिया, जबकि बाकी 12 आरोपियों को फांसी या उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

    जुलाई 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया।

    वाहिद शेख का संदेश

    शेख ने कहा कि उनका संघर्ष केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि समाज के लिए है। उन्होंने मांग की कि सरकार और एजेंसियां झूठे मामलों में फंसे लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए।

  • Thane: घोडबंदर रोड पर गड्ढों और ट्रैफिक से परेशान नागरिकों का अनोखा विरोध प्रदर्शन

    Thane: घोडबंदर रोड पर गड्ढों और ट्रैफिक से परेशान नागरिकों का अनोखा विरोध प्रदर्शन

    ठाणे की घोडबंदर रोड पर गड्ढों और ट्रैफिक जाम से परेशान नागरिकों ने शुक्रवार को आनंद नगर सिग्नल पर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गड्ढों में सिर डालकर सरकार का ध्यान खींचा।

    ठाणे: मुंबई और ठाणे के बीच सबसे व्यस्त सड़कों में से एक घोडबंदर रोड पर गड्ढों और ट्रैफिक जाम से परेशान नागरिकों ने शुक्रवार को अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन आनंद नगर सिग्नल पर हुआ, जहां लोगों ने सड़क पर बने गड्ढों में सिर डालकर और पैर ऊपर उठाकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

    गड्ढों में सिर डालकर किया विरोध

    प्रदर्शनकारियों ने इस प्रतीकात्मक आंदोलन से यह संदेश दिया कि ठाणेकर रोजाना किस मुश्किल का सामना कर रहे हैं। गड्ढों की वजह से ट्रैफिक का बुरा हाल है, जिससे लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं। नागरिकों ने मांग की कि तुरंत सड़क की मरम्मत की जाए और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार किया जाए।

    रोजमर्रा की जिंदगी पर असर

    घोडबंदर रोड हजारों लोगों के लिए अहम कनेक्टिविटी रूट है। लेकिन, जगह-जगह गड्ढों और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से यहां से गुजरना खतरनाक हो गया है। यात्रियों का कहना है कि ट्रैफिक जाम और गड्ढों ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और कामकाज पर सीधा असर डाला है।

    हादसों का खतरा बढ़ा

    गड्ढों और ट्रैफिक की वजह से इस रूट पर हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करेगा तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

    भारी वाहन हादसा: ट्रैफिक पुलिस घायल

    इसी बीच, बुधवार को घोडबंदर रोड के गौमुख घाट इलाके में दो कंटेनर ट्रकों की टक्कर में एक बड़ा हादसा हुआ। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस अधिकारी नाइक तडवी गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर और पैर में चोट आई, जिसके बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    ट्रकों की टक्कर से घंटों जाम

    हादसे के बाद ट्रैफिक कई किलोमीटर तक जाम हो गया। गाड़ियों की लंबी कतारें मिरारोड के फाउंटेन हॉटेल और नवघर तक देखी गईं। यह हादसा तब हुआ जब एक ट्रक का ड्राइवर कंट्रोल खो बैठा और सामने से आ रहे दूसरे कंटेनर से भिड़ गया।

    नागरिकों की नाराजगी और उम्मीदें

    प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि अब उनकी सहनशक्ति खत्म हो गई है। बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ठाणेकर उम्मीद कर रहे हैं कि इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन गंभीरता से समस्या का हल निकालेगा।

  • ✈️ मुंबई एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: टेकऑफ के दौरान स्पाइसजेट प्लेन का पहिया गिरा, सभी यात्री सुरक्षित

    ✈️ मुंबई एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: टेकऑफ के दौरान स्पाइसजेट प्लेन का पहिया गिरा, सभी यात्री सुरक्षित

    मुंबई एयरपोर्ट पर टेकऑफ के दौरान स्पाइसजेट के विमान का पहिया गिर गया। फ्लाइट में 75 यात्री सवार थे। पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर सभी को सुरक्षित उतारा।

    मुंबई: शुक्रवार को मुंबई एयरपोर्ट पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब स्पाइसजेट की एक Bombardier विमान के टेकऑफ के दौरान उसका एक पहिया गिर गया। विमान में करीब 75 यात्री सवार थे और यह फ्लाइट कांडला (गुजरात) के लिए रवाना हो रही थी।

    टेकऑफ के समय जैसे ही टेक्निकल खराबी सामने आई, पायलट ने तुरंत फ्लाइट को कंट्रोल करते हुए रनवे पर रोक दिया। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने तुरंत फुल इमरजेंसी घोषित कर दी और रेस्क्यू टीमों को अलर्ट कर दिया।

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    🛫 पायलट की समझदारी से बची बड़ी दुर्घटना

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान का एक पहिया टूटकर नीचे गिर गया। अगर फ्लाइट हवा में पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन पायलट की फुर्ती और एयरपोर्ट स्टाफ की मदद से विमान को रनवे पर ही सुरक्षित रोक लिया गया।

    एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ है और सभी सुरक्षित हैं

    👨‍👩‍👧 यात्रियों में दहशत, लेकिन सब सुरक्षित

    फ्लाइट में बैठे यात्रियों ने बताया कि अचानक ब्रेक लगने से सभी घबरा गए। कई यात्रियों को यह डर भी सताने लगा कि कहीं विमान में आग न लग जाए। लेकिन एयरपोर्ट स्टाफ और क्रू मेंबर्स ने यात्रियों को शांत कराया और सुरक्षित बाहर निकाला।

    🏢 एयरलाइन और DGCA की जांच

    स्पाइसजेट एयरलाइन ने बयान जारी करते हुए कहा कि “टेकऑफ के समय टेक्निकल खराबी आई थी, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित हैं। DGCA (Directorate General of Civil Aviation) को इस मामले की जानकारी दे दी गई है और पूरी जांच शुरू कर दी गई है।”

    ✍️ इससे पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएं

    यह पहला मौका नहीं है जब मुंबई एयरपोर्ट पर ऐसी टेक्निकल गड़बड़ी सामने आई हो। इससे पहले भी कई बार फ्लाइट्स को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी है। एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि एयरलाइंस को टेक्निकल चेकिंग सिस्टम और भी मजबूत करने की जरूरत है।

    🚧 यात्रियों के लिए असुविधा

    इस घटना के चलते मुंबई एयरपोर्ट पर करीब आधे घंटे तक उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। कई डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स को रनवे क्लियर होने तक रोकना पड़ा।

  • Diwali-Chhath 2025: सेंट्रल रेलवे चलाएगा 1126 स्पेशल ट्रेनें

    Diwali-Chhath 2025: सेंट्रल रेलवे चलाएगा 1126 स्पेशल ट्रेनें

    सेंट्रल रेलवे ने दिवाली और छठ पूजा के लिए 1126 स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। मुंबई, पुणे से यूपी, बिहार, राजस्थान और तेलंगाना तक कनेक्टिविटी मिलेगी।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और पुणे से सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। सेंट्रल रेलवे ने इस बार दिवाली और छठ पूजा की भीड़ को देखते हुए 1126 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। इसमें पहले से तय 944 ट्रेनों के अलावा शुक्रवार को 182 नई स्पेशल ट्रेनें और जोड़ी गईं।

    🌍 किन-किन राज्यों तक मिलेगी सुविधा

    ये ट्रेनें मुंबई, पुणे और महाराष्ट्र के अन्य शहरों को उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और तेलंगाना जैसे राज्यों से जोड़ेंगी। सभी ट्रेनें सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच चलेंगी।

    📌 अहम रूट और सर्विस डिटेल

    • LTT – दानापुर (40 सर्विस): हर सोमवार और शनिवार
    • LTT – मऊ (40 सर्विस): हर शुक्रवार और रविवार
    • LTT – बनारस (40 सर्विस): हर बुधवार और गुरुवार
    • LTT – करीमनगर (6 सर्विस): हर मंगलवार
    • पुणे – अमरावती (16 सर्विस): हर मंगलवार
    • पुणे – सांगानेर (40 सर्विस, वीकली + बाय-वीकली)
    https://indian-fasttrack.com/2024/04/05/fake-documents-revealed-in-court-for-bail

    🎟️ टिकट बुकिंग कब से

    IRCTC वेबसाइट और रेलवे रिज़र्वेशन काउंटरों पर 14 सितंबर 2025 से बुकिंग शुरू होगी।

    • रिज़र्वेशन टिकट: www.irctc.co.in पर
    • जनरल टिकट: UTS मोबाइल ऐप और काउंटर पर

    🚉 यात्रियों के लिए फायदेमंद कदम

    त्योहारों पर भारी भीड़ को देखते हुए, रेलवे का ये कदम यात्रियों को भीड़भाड़ से राहत देने और आसान यात्रा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। खासकर यूपी-बिहार लौटने वाले प्रवासी यात्रियों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा।

  • Mumbai BMC: झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर फिर से मांगे प्रस्ताव

    Mumbai BMC: झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर फिर से मांगे प्रस्ताव

    बीएमसी ने मुंबई के एम/ईस्ट वार्ड में झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर दोबारा एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है। डेडलाइन 30 सितंबर तय।

    मुंबई: शहर के झोपड़पट्टियों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एम/ईस्ट वार्ड (मानखुर्द, देवनार और गोवंडी) इलाके में 26 स्लम रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए फिर से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है।

    mumbai-bmc-slum-redevelopment-projects-meast-ward-26-eoi-govandi

    🔹 पिछली बार क्यों अटका था मामला?

    बीएमसी ने 10 मई को पहली बार 64 नगर पालिका प्लॉट्स पर पुनर्विकास का प्रस्ताव मांगा था। लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते 17 प्लॉट होल्ड पर रखे गए। बचे हुए 47 प्लॉट्स पर सिर्फ 29 प्रोजेक्ट्स को ही 100 ऑफर मिले।
    सबसे बड़ी समस्या ये रही कि 8 प्लॉट्स के लिए केवल 1-1 डेवलपर ने ही बोली लगाई थी।

    🔹 अब नया फोकस एम/ईस्ट वार्ड पर

    इस बार बीएमसी ने खास तौर पर मानखुर्द, देवनार और गोवंडी जैसे इलाकों पर फोकस किया है। ये इलाका कम आय वर्ग और भारी अतिक्रमण के लिए जाना जाता है।
    नई योजना के तहत करीब 8.37 लाख वर्गमीटर जमीन और लगभग 49,000 झोपड़ी संरचनाओं को रीडेवलपमेंट में शामिल किया जाएगा।

    🔹 डेडलाइन और प्रक्रिया

    • EOI डॉक्यूमेंट उपलब्ध होगा: 15 सितंबर से
    • अंतिम तारीख: 30 सितंबर
    • जिम्मेदारी ठेकेदारों की:
    • झोपड़ी सर्वे
    • प्लानिंग
    • परमिट्स
    • टेनेमेंट निर्माण
    • मेंटेनेंस

    सभी प्रोजेक्ट्स को DCPR-2034 की रेगुलेशन 33(10) के तहत लागू किया जाएगा।

    🔹 पश्चिमी उपनगर बनाम पूर्वी उपनगर

    पहले आए ऑफर्स ज्यादातर अंधेरी, बोरीवली और वर्ली जैसे पश्चिमी इलाकों के लिए थे। जबकि पूर्वी उपनगर जैसे मुलुंड और एम/ईस्ट वार्ड के लिए डेवलपर्स की दिलचस्पी बेहद कम रही। इसीलिए बीएमसी ने अब फिर से खास तौर पर इन इलाकों पर जोर दिया है।

  • Nepal Protests: महाराष्ट्र के पर्यटकों को सुरक्षित वापसी का अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    Nepal Protests: महाराष्ट्र के पर्यटकों को सुरक्षित वापसी का अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    नेपाल में जारी जनरेशन Z विरोध प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र के 100 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हैं। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि सभी की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: नेपाल में जारी Gen Z विरोध प्रदर्शन ने हालात बेहद तनावपूर्ण कर दिए हैं। अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसी बीच, महाराष्ट्र के ठाणे, पुणे, मुंबई, लातूर और कोल्हापुर जिलों के 100 से ज्यादा पर्यटक नेपाल में फंसे हुए हैं।

    इनमें से अधिकतर लोग धार्मिक यात्रा, खासकर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, जबकि कुछ बिजनेस और पर्यटन के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे।

    Nepal-Protests-Ajit-Pawar-assures-safe-return-of-tourists-from-Maharashtra

    अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    बुधवार को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आश्वासन दिया कि सरकार सभी फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:

    “हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है कि हर एक पर्यटक को सुरक्षित घर लाया जाए और उनके परिवारों को राहत पहुंचाई जाए।”

    भारत सरकार और दूतावास से संपर्क

    महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के निरंतर संपर्क में है।

    • दूतावास की टीम ने बुधवार सुबह एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों की मदद की।
    • उन्हें अस्थायी रूप से शहर के होटलों में शिफ्ट किया गया।
    • बीड़ जिले के कुछ यात्री निजी वाहनों से भारत लौट रहे हैं और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पहुंच चुके हैं।

    हवाई सेवाएं बाधित, यात्री 18 घंटे तक फंसे

    नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों के कारण कई उड़ानें रद्द कर दी गईं। काठमांडू एयरपोर्ट पर सैकड़ों यात्री, जिनमें मुंबई और ठाणे के लोग भी शामिल थे, 18 घंटे से ज्यादा समय तक बिना सहायता फंसे रहे।

    • पानी और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाएं भी देर से उपलब्ध कराई गईं।
    • बुधवार दोपहर नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (NCAA) ने सुरक्षा जांच के बाद चरणबद्ध तरीके से उड़ानें शुरू करने का ऐलान किया।

    विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी: नेपाल जाने से बचें

    भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को नई एडवाइजरी जारी की।

    • भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि हालात सामान्य होने तक नेपाल की यात्रा टालें।
    • जो लोग नेपाल में हैं, उन्हें घरों या सुरक्षित स्थानों में रहने को कहा गया है।
    • अनावश्यक रूप से सड़कों पर न निकलने और भारतीय दूतावास व स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की हिदायत दी गई है।

    स्थानीय स्तर पर हालात

    जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा पर्यटक ठाणे जिले के मुरबाड क्षेत्र से हैं। वहीं, लातूर और कोल्हापुर के लोग भी समूह में यात्रा कर रहे थे।
    नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद से स्थिति और अधिक अस्थिर हो गई है।

    महाराष्ट्र सरकार ने साफ किया है कि सभी पर्यटक सुरक्षित हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
    अब राज्य व केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से जल्द ही सभी यात्रियों की सुरक्षित वापसी होने की उम्मीद है।

  • समृद्धि एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां पंक्चर, MSRDC ने दिया असली कारण

    समृद्धि एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां पंक्चर, MSRDC ने दिया असली कारण

    समृद्धि एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों के टायर फटने से हड़कंप। वायरल वीडियो में “कील” दिखी, पर MSRDC ने बताया- ये नोज़ल थे, न कि कील।

    मुंबई: नागपुर और मुंबई को जोड़ने वाली हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे समृद्धि महामार्ग पर मंगलवार देर रात अचानक कई गाड़ियों के टायर फट गए। जैसे ही वीडियो वायरल हुए, यह खबर आग की तरह फैल गई कि किसी ने सड़क पर कीलें गाड़ दी हैं और यह सब डकैती की योजना का हिस्सा है।

    वीडियो में यात्रियों ने दावा किया कि 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही 3-4 गाड़ियों के टायर अचानक फट गए। इससे लोगों में डर फैल गया और सोशल मीडिया पर “डकैती की आशंका” की चर्चाएं तेज हो गईं।

    MSRDC ने दी सफाई – “ये कील नहीं, नोज़ल थे”

    महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवेलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) ने बुधवार को आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली वस्तुएं “कील” नहीं, बल्कि एल्युमिनियम के नोज़ल थे।

    दरअसल, मंगलवार रात दौलताबाद (छत्रपती संभाजीनगर जिला) के पास एक्सप्रेसवे की मुंबई आने वाली लेन पर मेंटेनेंस वर्क चल रहा था। सड़क में हल्की दरारों को एपॉक्सी ग्राउटिंग से भरने का काम हो रहा था। इसके लिए 15 मीटर हिस्से पर एल्युमिनियम नोज़ल लगाए गए थे।

    काम पूरा होने के बाद ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया था, लेकिन रात करीब 11:30 बजे कुछ वाहन सीधे उस हिस्से से गुजर गए। नोज़ल हटाए जाने से पहले उन गाड़ियों के टायर फट गए।

    ठेकेदार पर गिरी गाज

    MSRDC ने माना कि ठेकेदार ने सुरक्षा को लेकर लापरवाही की। पर्याप्त बैरिकेडिंग और अलर्ट न होने से गाड़ियां मरम्मत वाले हिस्से में घुस गईं। इस लापरवाही के लिए ठेकेदार पर पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया है।

    पुलिस के अनुसार, जहां काम हो रहा था वहां बैरिकेडिंग मौजूद थी, लेकिन एक गाड़ी ने उसे तोड़कर सीधे काम वाली जगह से गुज़रने की कोशिश की। इसी वजह से अन्य वाहन भी उसी हिस्से में फंस गए और पंक्चर हुए।

    यात्रियों की दिक्कत – घंटों फंसे रहे लोग

    घटना में कोई हादसा या गंभीर चोट की खबर नहीं है। लेकिन यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

    एक यात्री ने बताया कि उनकी कार के सभी टायर पंक्चर हो गए। उन्होंने हेल्पलाइन पर कॉल भी किया लेकिन मदद देर से पहुंची। मजबूरन उन्हें अपने परिवार (जिसमें छोटे बच्चे भी थे) को दूसरे वाहन से भेजना पड़ा।

    सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स में सड़क पर नुकीली चीजें साफ दिख रही थीं, जिससे आम लोगों का गुस्सा और डर दोनों बढ़ गया।

    5 बजे तक हटाए गए नोज़ल

    MSRDC के अधिकारियों ने बताया कि रातभर काम जारी रहा और सुबह 5 बजे तक सभी नोज़ल हटा दिए गए। फिलहाल एक्सप्रेसवे पर यातायात पूरी तरह सामान्य है।

    क्या सचमुच लुटेरों की साजिश थी?

    पुलिस ने साफ किया कि यह किसी भी प्रकार की डकैती या साजिश का मामला नहीं था। यह सिर्फ मेंटेनेंस वर्क में लापरवाही की वजह से हुआ।

    हालांकि, वायरल वीडियो और अफवाहों ने लोगों को डरा दिया। यही कारण है कि यह घटना महाराष्ट्र में बड़ी खबर बन गई।

    🗓️ समृद्धि एक्सप्रेसवे घटना की टाइमलाइन

    📍 9 सितंबर 2025, रात

    • दौलताबाद, छत्रपती संभाजीनगर जिले के पास कई गाड़ियों के टायर पंक्चर हुए।
    • यात्रियों ने दावा किया कि सड़क पर “कीलें” गाड़ी गई हैं।
    • सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, डकैती की अफवाहें फैलीं।

    📍 9 सितंबर, रात 11:30 बजे

    • MSRDC की टीम ने बताया कि उस हिस्से पर मेंटेनेंस वर्क चल रहा था।
    • दरारों को भरने के लिए एपॉक्सी ग्राउटिंग का काम हो रहा था।
    • 15 मीटर सड़क पर एल्युमिनियम नोज़ल लगे थे।

    📍 10 सितंबर, सुबह 5 बजे तक

    • सभी नोज़ल हटाए गए।
    • ट्रैफिक सामान्य हो गया।
    • कोई बड़ा हादसा या जनहानि की खबर नहीं।

    📍 बाद में

    • MSRDC ने माना कि ठेकेदार ने पर्याप्त सुरक्षा नहीं रखी।
    • जिम्मेदार ठेकेदार पर पेनल्टी लगाने का फैसला
    • पुलिस ने कहा कि बैरिकेडिंग तोड़कर एक वाहन मेंटेनेंस ज़ोन में घुसा था।

    समृद्धि महामार्ग पर बार-बार उठ रहे सवाल

    यह पहली बार नहीं है जब समृद्धि एक्सप्रेसवे सुर्खियों में आया हो। कभी दुर्घटनाओं की वजह से तो कभी प्रबंधन पर सवाल उठते रहे हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हाई-स्पीड कॉरिडोर पर सुरक्षा इंतज़ाम और भी सख्त होने चाहिए। बैरिकेडिंग, साइन बोर्ड और रीयल-टाइम अलर्ट सिस्टम को और मजबूत करने की ज़रूरत है।

  • मुंबई CSMT के नीचे मिला 200 साल पुराना ब्रिटिश काल का सीक्रेट कैश वॉल्ट

    मुंबई CSMT के नीचे मिला 200 साल पुराना ब्रिटिश काल का सीक्रेट कैश वॉल्ट

    CSMT स्टेशन के नीचे ब्रिटिश काल का गुप्त कैश वॉल्ट मिला। यह वॉल्ट 2002 तक रेलवे की नकदी रखने के लिए इस्तेमाल होता था।

    मुंबई: एशिया के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के नीचे एक ऐसा रहस्य छिपा था, जिसे अब जाकर उजागर किया गया है। स्टेशन की भूमिगत सुरंग से जुड़ा यह गुप्त कैश वॉल्ट करीब 25 से 30 फीट गहराई पर बना है।

    यह वॉल्ट ब्रिटिश दौर में बना था और इसे रेलवे की नकदी रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। खास बात यह है कि इस कमरे का इस्तेमाल साल 2002 तक किया जाता रहा

    2002 तक यहां रखा जाता था रेलवे का पैसा

    यह गुप्त वॉल्ट ब्रिटिश आर्किटेक्ट फ्रेडरिक विलियम स्टीवंस की मूल डिज़ाइन का हिस्सा था, जिन्होंने 1888 में विक्टोरिया टर्मिनस (आज का CSMT) बनाया।

    करीब एक सदी तक यह कमरा रेलवे का सबसे बड़ा फाइनेंशियल स्ट्रॉन्ग रूम रहा। यहां रोज़ाना रेलवे से जुड़ी नकदी सुरक्षित रखी जाती थी और बाद में उसे रिज़र्व बैंक में जमा कराया जाता था। इस वॉल्ट में दो बड़े सेफ रखे गए थे, जिनमें करोड़ों की रकम सुरक्षित रहती थी।

    इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग और डिजिटल फाइनेंशियल सिस्टम आने के बाद इस वॉल्ट का इस्तेमाल धीरे-धीरे बंद हो गया और 2002 के बाद यह पूरी तरह से भुला दिया गया।

    मुंबई की भूमिगत कहानियां: रहस्यमयी खोजों की लिस्ट

    यह पहली बार नहीं है जब मुंबई की ज़मीन के नीचे ऐसे रहस्य सामने आए हैं। इससे पहले भी कई बार ब्रिटिश काल की छिपी हुई संरचनाएं सामने आ चुकी हैं:

    • 2010 : मुंबई के जनरल पोस्ट ऑफिस (GPO) के नीचे 200 साल पुरानी पत्थर की सुरंग मिली थी। माना जाता है कि इसे फ्रेंच आक्रमण की आशंका से बचने के लिए बनाया गया था।
    • 2016 : महाराष्ट्र राजभवन में प्री-World War I का 15,000 स्क्वायर फीट का विशाल बंकर मिला। इसमें 13 कमरे थे, जिनमें हथियार और जरूरी सामान रखा जाता था। 2019 में इसे म्यूज़ियम में बदल दिया गया।
    • 2018 : JJ हॉस्पिटल में 132 साल पुराना भूमिगत कक्ष मिला, जिसने शोधकर्ताओं को चौंका दिया।

    क्या मुंबई है ‘चैंबर ऑफ सीक्रेट्स’?

    इतिहासकार मानते हैं कि ब्रिटिश राज के दौरान मुंबई को सुरक्षा, व्यापार और सैन्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भूमिगत नेटवर्क से जोड़ा गया था।

    आज जब बार-बार ऐसी खोजें हो रही हैं—CSMT का वॉल्ट, राजभवन का बंकर, JJ हॉस्पिटल का चैंबर—तो सवाल उठता है कि शायद मुंबई आज भी रहस्यों का शहर है, जिसकी असली तस्वीर अभी सामने आना बाकी है।

    विरासत और पर्यटन की संभावनाएं

    इतिहासकारों का कहना है कि अगर इन जगहों को सही तरीके से संरक्षित कर हेरिटेज टूरिज्म का हिस्सा बनाया जाए, तो मुंबई न सिर्फ इतिहास प्रेमियों के लिए, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी और ज्यादा आकर्षक बन सकती है।

    CSMT, जो पहले से ही यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है, अगर इस वॉल्ट को म्यूज़ियम के तौर पर जनता के लिए खोला जाए तो यह स्टेशन की शान को और बढ़ा सकता है।