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ग्राहकों के लिए होम और कार लोन हुआ सस्ता। RBI के फैसले के बाद लोन के ब्याज दरों में कटौती की गई है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने होम और कार लोन पर प्रोसेसिंग फीस (Loan Processing Fees and Charges) भी हटा दी है। जिससे लोन लेना और भी सस्ता हो गया है।
नई दिल्ली: बैंक से लोन लेने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) ने अपने होम लोन (Home Loan) और कार लोन (Car Loan) के साथ अन्य रिटेल लोन की ब्याज दरों में 0.25% (25 बेसिस प्वाइंट) की कटौती की है। इससे होम और कार लोन सस्ता हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 0.25% कमी करने के बाद यह कटौती की गई है। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)
होम लोन की नई ब्याज दर (Home Loan Interest Rate) 8.10% हो गई है, जो कि बैंकिंग सेक्टर में फिलहाल के लिए सबसे कम दरों में से एक माना जा रहा है। वहीं, कार लोन (Car Loan Interest Rate) अब 8.45% की दर पर मिलेगा। एजुकेशन लोन और अन्य लोन की ब्याज दरें भी 0.25% कम कर दी गई हैं। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)
बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने होम और कार लोन पर प्रोसेसिंग फीस (Loan Processing Fees and Charges) भी हटा दी है, जिससे लोन लेना और भी सस्ता हो गया है। अब ग्राहकों को लोन लेने में और आसानी होगी। बैंकिंग सेक्टर के विशेषज्ञों द्वारा अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले समय में और भी बैंकों द्वारा लोन सस्ता किया जा सकता है। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)
कैसे करें लोन अप्लाई?
अगर आप बैंक ऑफ महाराष्ट्र से होम या कार लोन लेना चाहते हैं, तो आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। इसका ऑनलाइन प्रोसीजर निम्नलिखित हैं:-
मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गृह निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे से मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार पीएम आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर के निर्माण के लिए 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देगी। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)
मुम्बई के मंत्रालय में बोलते हुए ग्रामीण विकास मंत्री ने एक साल के अंदर 20 लाख आवासों को पूरा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जानकरी दी। मंत्री ने बताया कि 22 फरवरी को केंद्रीय मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में 10 लाख आवास इकाइयों के लिए पहली किस्त वितरित की गई है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र को देश का सबसे बड़ा लक्ष्य 20 लाख घरों के निर्माण कार्य का मिला है। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 100 दिवसीय कार्यक्रम के पहले 45 दिनों में 100 प्रतिशत आवास आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है। 10 लाख परिवारों को पहली किस्त वितरित भी कर दी गई है। उन्होंने कहा अगले 15 दिनों में सरकार बाकी बचे 10 लाख घरों के लिए धन वितरित करना शुरू कर देगी। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAYE Project) का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और कम आय वाले समूहों पर ध्यान केंद्रित करके शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की कमी को दूर करना है। यह कार्यक्रम मांग-आधारित आधार पर संचालित होता है, जिससे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पहचाने गए पात्र लाभार्थियों के आधार पर परियोजनाओं को मंजूरी देने की अनुमति मिलती है। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)
महाराष्ट्र: कर्नाटक के बेलगावी जिले में कन्नड़ बोलने पर कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) बस कंडक्टर पर हमले की घटना से कर्नाटक और महाराष्ट्र की सीमा पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। दोनों राज्यों के बीच बस सेवा स्थगित कर दी गई है। आरोप है कि मुफ्त टिकट के चक्कर में एक लड़की कंडक्टर से भीड़ गई और मराठी सीखने और बोलने पर जोर देने लगी। जब लड़की का गांव आया तो वहां के लगभग 20 युवकों ने कंडक्टर पर हमला कर दिया। (Tension between Karnataka and Maharashtra, bus service between the two states halted)
राजनैतिक विरोध
कोल्हापुर समेत कुछ जगहों पर शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं ने कर्नाटक की बसों को रोककर विरोध प्रदर्शन किया। शिवसेना और मनसे के कार्यकर्ताओं ने बसों पर भगवा झंडे बांधकर, उन बसों पर काली स्याही से लिखकर विरोध प्रदर्शन किया। जिसके कारण कर्नाटक से बस सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं। (Tension between Karnataka and Maharashtra, bus service between the two states halted)
कर्नाटक परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निप्पनी, चिक्कोडी और बेलगावी के रास्ते कोल्हापुर जाने वाली सभी कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) बसों को रोक दिया गया है। कर्नाटक से महाराष्ट्र में प्रतिदिन 120 बसें चलती थी। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को देखने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। (Tension between Karnataka and Maharashtra, bus service between the two states halted)
वहीं, महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि महाराष्ट्र से कर्नाटक जाने वाली सभी बसों को भी रोक दिया गया है। आरोप है कि शुक्रवार रात करीब 9.10 बजे बेंगलुरु से मुम्बई आ रही महाराष्ट्र की एक बस पर चित्रदुर्ग में कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ताओं ने हमला किया। आरोप है कि कार्यकर्ताओं ने ड्राइवर भास्कर जाधव के चेहरे पर कालिख पोतकर उस पर भी हमला किया। मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा, कि “कर्नाटक सरकार को इस संबंध में अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।” उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को आदेश देते हुए कहा, कि जबतक मामले का कोई हल नही होता, तब तक कर्नाटक के लिए बस सेवाएं बहाल नहीं की जाएंगी। (Tension between Karnataka and Maharashtra, bus service between the two states halted)
कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच बस सेवाएं बंद होने से दोनों राज्यों के बीच सफर करने वाले यात्री परेशान हो गए हैं। लोगों ने मांग की है कि दोनों राज्य सरकारें तुरंत हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करें। फिलहाल बसें सिर्फ कर्नाटक और महाराष्ट्र की सीमा तक ही चल रही हैं। वहां से लोग अपने-अपने राज्य की बसों में सफर कर रहे हैं। इससे दोनों राज्यों के आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। समस्या के समाधान होने तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना है। (Tension between Karnataka and Maharashtra, bus service between the two states halted)
क्या है पूरा मामला?
कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) बस कंडक्टर पर शुक्रवार को कथित हमले के मामले में पुलिस ने एक नाबालिग समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। बस ड्राइवर कतल साब मोमिन ने इस संबंध में शुक्रवार रात मरिहाला पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। बस ड्राइवर ने शिकायत में कहा कि कंडक्टर महादेव पर कन्नड़ में बात करने पर एक समूह ने हमला किया। (Tension between Karnataka and Maharashtra, bus service between the two states halted)
विवाद का कारण बना मुफ्त का टिकट
बेलगावी और सुलेबावी के बीच चलने वाली बस में टिकट लेने के मुद्दे पर शुक्रवार को हाथापाई हुई थी। एक लड़का और एक नाबालिग लड़की बेलगावी सिटी बस स्टैंड से सन्नाबलेकुंडरी जाने वाली बस में सवार हुए। लड़की ने लड़के सहित दो टिकट मांगे थे। चूंकि महिलाओं के लिए मुफ्त टिकट है, इसलिए कंडक्टर महादेव ने दोनों को मुफ्त टिकट दे दिए। लेकिन बाद में जब कंडक्टर ने लड़की से पूछा कि दूसरा कौन है, तो उसने अपने बगल में बैठे लड़के की ओर इशारा किया। (Tension between Karnataka and Maharashtra, bus service between the two states halted)
मराठी में बोलो..
इस पर कंडक्टर महादेव ने कहा, “अगर मैंने लड़कों को मुफ्त टिकट दिया, तो मुझे निलंबित कर दिया जाएगा।” इस पर लड़की ने कथित तौर पर कहा, “मराठी में बोलो और मराठी सीखो।” बाद में, जब बस सन्नाबलेकुंडरी पहुंची, तो आरोप है कि लड़की पक्ष के 20 लोगों ने कंडक्टर महादेव पर हमला कर दिया। (Tension between Karnataka and Maharashtra, bus service between the two states halted)
बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने एक जीआर जारी कर पीओपी से बनाए जाने वाले मूर्तियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही मूर्तिकारों को फ्री परमीशन देने के साथ कुछ नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है।
मुम्बई: पीओपी से बनाए जाने वाले मूर्तियों पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने प्रतिबंध लगा दिया है। माघी गणेशोत्सव में सार्वजनिक मंडलों द्वारा पीओपी की मूर्तियों को तलावों में विसर्जन करने की अनुमति नहीं दी गई थी, जिसके कारण विवाद हुए। हालांकि, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपने निर्णय पर अडिग रहते हुए कुछ मंडलों को गणेश मूर्तियों का विसर्जन नहीं करने दिया। अब, गणेश चतुर्थी और नवरात्रि से शुरू होने वाले उत्सव में भी इसी प्रकार के प्रतिबंध लागू होने की संभावना जताई जा रही है। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)
कोर्ट के नियमों का असर
मागी गणेशोत्सव के समान ही आगामी सार्वजनिक गणेशोत्सव पर भी कोर्ट के नियमों का असर देखा जाएगा। मुम्बई महानगरपालिका ने एक परिपत्रक (GR) जारी किया है, जिसमें आगामी गणेशोत्सव और नवरात्रि उत्सव को पूरी तरह से पर्यावरण के मुताबिक मनाने का निर्देश दिया है। इसके अंतर्गत, मुम्बई में आगामी गणेशोत्सव में पीओपी की मूर्तियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए मुमुम्बई महानगरपालिका ने यह निर्णय लिया है। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)
जुर्माने का प्रावधान ..
परिपत्रक (Government Rules) के मुताबिक, पर्यावरण के अनुसार मूर्तियों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए, महानगरपालिका मूर्तिकारों को मुफ्त में मंडप की अनुमति देगी। सार्वजनिक और निजी स्थानों पर मंडप लगाने के लिए पिछले साल की अनुमति जमा करना अनिवार्य होगा। साथ ही, मूर्तिकारों को मंडप बनाने के लिए सड़क या फुटपाथ पर गड्ढे खोदने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर गड्ढे खोदे गए, तो 2000 रुपये प्रति गड्ढे के हिसाब से जुर्माना लिया जाएगा। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)
मंडप के प्रवेश द्वार पर यह स्पष्ट रूप से दिखाना होगा कि यहां केवल पर्यावरण के मुताबिक मूर्तियाँ बनाई जा रही हैं। इसके साथ ही मूर्तियों के आकार में भी नियंत्रण रखा जाएगा ताकि विसर्जन और मूर्तियों की स्थापना में कोई परेशानी न हो। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)
राजगढ़ पुलिस ने ऐसे सनकी शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसने 22 सालों में हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। तीन बच्चियों से उसने रेप किया। 10 साल की सजा काटकर जब रिहा हुआ तो दुबारा एक बच्ची को हवस का शिकार बना दिया। निचली अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई, लेकिन हाईकोर्ट से सजा खारिज हो गई। अब तीसरी बार फिर उसने एक मासूम बच्ची के साथ रेप किया, जिससे उसकी मौत ही हो गई।
मध्य प्रदेश: राजगढ़ में एक ऐसा सनकी शख्स है, जिसने 22 सालों में तीन बच्चियों से रेप किया। पहला केस साल 2003 का था। दूसरा केस 2014 और तीसरा 2025 का। इस सनकी शख्स का नाम रमेश सिंह है। रमेश सिंह ने पहले केस में 10 साल जेल की सजा काटी। फिर रिहा होते ही दूसरी बार एक अन्य बच्ची से रेप किया। इस केस में हाईकोर्ट ने उसकी मौत की सजा को खारिज कर दिया। एक बार फिर रिहा होते ही अब उसने एक और बच्ची को हवस का शिकार बनाया, जिसमें उसकी मौत हो गई। इस बार 9 पुलिस स्टेशन के प्रभारियों ने मिलकर 75 पुलिसकर्मियों के साथ 16 अलग-अलग टीमें बनाई और रमेश का पीछा किया तो पता चला कि रमेश महाकुंभ में अपने पाप धोने के लिए स्नान करने गया है। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)
5 साल की बच्ची का बलात्कार
जानकारी के मुताबिक, पोलयकला के दाबड़ीपुरा का रहने वाला रमेश सिंह 2003 में शाजापुर जिले के मुबारकपुर गांव में 5 साल की बच्ची के साथ बलात्कार किया था। इस केस में उसे दोषी ठहराया गया और 10 साल की सजा सुनाई गई। लेकिन 2023 में अपनी सजा काट कर रिहा होने के बाद उसने फिर से एक और 8 साल की बच्ची का बलात्कार कर दिया।
2014 में उसने अष्टा (सीहोर) में 8 साल की बच्ची का अपहरण और बलात्कार किया। इस बार निचली अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई। लेकिन 2019 में हाईकोर्ट ने तकनीकी आधार पर फैसले को पलट दिया। इस फैसले ने रमेश को फिर से आजाद घूमने का मौका दिया, जिसके कारण एक और निर्दोष बच्ची को इस हैवान ने अपनी हवस का शिकार बनाया और उसकी मौत हो गई। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)
बच्ची का रेप के बाद मौत
1 से 2 फरवरी की रात को नरसिंहगढ़ में 11 साल की मूक-बधिर बच्ची अपने घर से लापता हो गई। अगली सुबह वह झाड़ियों में मिली। उसका शरीर बुरी तरह जख्मी था। मेडिकल जांच में हमले की पुष्टि हुई। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां 8 फरवरी को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में गहन जांच शुरू की। लगभग 46 स्थानों पर लगे 136 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की गई। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)
लाल कलर का शॉल और नीले-काले स्पोर्ट्स शूज पहने एक संदिग्ध को अपराध स्थल के पास घूमते हुए देखा गया और बाद में उसकी पहचान रमेश सिंह के रूप में हुई। एक ऑटो चालक ने पुष्टि करते हुए बताया, कि उसने कुरावर से नरसिंहगढ़ तक उसके ऑटोरिक्शा से सफर किया था। रमेश के भागने के बाद, पुलिस ने उसे प्रयागराज में ट्रैक किया, जहां वह महाकुंभ स्नान के लिए गया था। पुलिस लगातार रमेश को ट्रैक कर रही थी, आखिरकार उसे जयपुर जाने वाली ट्रेन से गिरफ्तार किया गया। इस पीछा करने में 16 पुलिस की टीमें, 75 कर्मियों में 9 पुलिस स्टेशनों के प्रभारी शामिल थे। अब देखना ये होगा कि क्या इस हैवान को कोर्ट सख्त सजा सुनाएगी या फिर कुछ साल की जेल के बाद इसे रिहा कर दिया जाएगा। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)
हाईकोर्ट के फैसले के बाद इमारत में रह रहे लोग बेहद परेशान हो गए हैं। कोर्ट ने जब फैसला सूनाया तब वहां मौजूद सभी फ़्लैट धारकों की आंखों में आंसू थे। सबके हाथ में फ्लैट के कागजात थे, लेकिन फ्लैट्स अब उनके नहीं रहे। अब इन सभी 6500 लोगों का आशियाना छिनने वाला है। इसमें छोटे-छोटे मासूम बच्चे भी हैं। डोंबिवली में एक-दो नहीं, बल्कि 3500 से ज्यादा फ्लैट के मालिक और उनका परिवार दुख और बेसहारों की जिंदगी जीने को मजबूर हो गया है। इनमें पीड़ितों की संख्या 6500 से ज्यादा है। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)
मामला साल 2020 में सामने आया, जब पहली एफआईआर मानपाडा पुलिस थाने में दर्ज हुई। 60 लोगों पर नकली दस्तावेज बनाकर अवैध तरीके 65 इमारतें से बनाने का आरोप लगा। इसी मामले में दूसरी एफआईआर साल 2022 में मानपाडा पुलिस थाने में दर्ज की गई। इस घोटाले की जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया था। जिसके बाद एसआईटी ने जांच कर एक तीसरी एफआईआर कल्याण पुलिस थाने में दर्ज करवाई थी। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)
48 महिनों की वीज़ा इंटरव्यू छूट अमेरिकी सरकार ने अब घटाकर मात्र 12 महिने के लिए कर दिया गया है। इससे बाहर नौकरी व्यापार के लिए जानेवाले भारतीयों के लिए बड़ी दिक्कत होने वाली है।
नई दिल्ली: संयुक्त राज्य अमेरिका ने वीज़ा इंटरव्यू छूट के लिए पात्रता विंडो, जिसे आमतौर पर ड्रॉपबॉक्स प्रक्रिया के रूप में जाना जाता है। इसे अब 48 महीने से घटाकर 12 महीने के लिए कर दिया है। इस बदलाव से हजारों नोन इमीग्रेंट वीजा धारकों पर असर पड़ने की उम्मीद है, जिनमें एच-1बी, एफ-1 और बी1/बी2 वीजा धारक भी शामिल हैं।
जबकि भारत में अमेरिकी दूतावास ने बदलाव की पुष्टि नहीं की है, ऑनलाइन वीज़ा प्रोसेसिंग प्लेटफॉर्म एटलिस से पता चलता है, कि उसने पिछले सप्ताह अपने पात्रता मानदंड को अपडेट किया है।
एटलिस के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया, कि “हालांकि कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बदलाव अब लागू किया जा रहा है और 12 महीने से अधिक समय से समाप्त हो चुके आवेदन अब स्वीकार नहीं किए जाएंगे।”
वीज़ा प्रोसेसिंग पर दबाव
पहले, यदि व्यक्ति का पिछला वीज़ा 48 महीनों के भीतर समाप्त हो जाता था, तो वह ड्रॉपबॉक्स प्रणाली का उपयोग करके अपने वीज़ा को नवीनीकृत कर सकता था। यह विस्तारित नीति कांसुलर बैकलॉग को कम करने के लिए महामारी के दौरान पेश की गई थी। नवीनतम बदलाव का मतलब है कि कई आवेदकों को अब व्यक्तिगत इंटरव्यू के लिए उपस्थित होना होगा, जिससे वीज़ा प्रणाली पर और दबाव पड़ सकता है।
द नेशनल लॉ रिव्यू के अनुसार, इस बदलाव से नोन इमीग्रेंट वीज़ा धारकों के लिए देरी और यात्रा में बाधा उत्पन्न होने की संभावना है, जिनमें निम्नलिखित परेशानियां शामिल हैं:
एच-1बी – विशिष्ट क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों के लिए एक कार्य वीजा, जिसके लिए अमेरिकी नियोक्ता से नौकरी की पेशकश की आवश्यकता होती है।
एफ-1 – अमेरिका में शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए एक छात्र वीजा, जो परिसर में सीमित रोजगार की अनुमति देता है।
बी1/बी2 – व्यापार (बी1) या पर्यटन (बी2) के लिए एक अल्पकालिक वीजा, जो रोजगार की अनुमति नहीं देता है।
एल-1 – एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के भीतर अमेरिकी कार्यालय में स्थानांतरित होने वाले कर्मचारियों के लिए एक वीजा, जो अधिकारियों, प्रबंधकों या विशेष ज्ञान वाले श्रमिकों पर लागू होता है।
O-1 – विज्ञान, कला, शिक्षा, व्यवसाय या एथलेटिक्स में असाधारण क्षमता वाले व्यक्तियों के लिए वीज़ा।
क्या बदल गया है?
आवेदक अब ड्रॉपबॉक्स प्रक्रिया के लिए तभी अर्हता प्राप्त करते हैं, जब उनका वीज़ा पिछले 12 महीनों के भीतर समाप्त हो गया हो और उसी श्रेणी में हो। जो लोग इस आवश्यकता को पूरा नहीं करते हैं उन्हें एक व्यक्तिगत इंटरव्यू निर्धारित करना होगा, जिसके कारण ये हो सकते हैं:
अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों में व्यक्तिगत नियुक्तियों की मांग में वृद्धि।
विशेष रूप से उच्च मात्रा वाले शहरों में वीज़ा इंटरव्यू के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा करना।
व्यावसायिक यात्रियों और तेजी से नवीनीकरण की आवश्यकता वाले पेशेवरों के लिए संभावित व्यवधान।
इस बदलाव का असर अमेरिका में भारतीय छात्रों पर भी पड़ने की उम्मीद है।
वनस्टेप ग्लोबल के मुख्य परिचालन अधिकारी सिद्धार्थ अय्यर ने जानकारी देते हुए बताया, “छात्रों (एफ-1) के लिए अमेरिकी वीजा नवीनीकरण प्रक्रिया में हालिया नीति बदलाव खासकर भारत में आवेदकों के लिए एक महत्वपूर्ण समायोजन का प्रतिनिधित्व करता है। इंटरव्यू छूट की पात्रता अब पिछले 48 महीनों से घटकर 12 महीने हो गई है, कुछ छात्रों को अपने वीजा को नवीनीकृत करते समय लंबे समय तक इंतजार और अतिरिक्त कदमों का अनुभव हो सकता है। हालांकि यह समायोजन पूर्व-महामारी नियमों की वापसी को दर्शाता है, यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय शिक्षा की मांग अधिक है।”
उन्होंने कहा, “इस बदलाव का उद्देश्य प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है, लेकिन यह उन छात्रों के लिए चुनौतियां पैदा कर सकता है जो अद्यतन पात्रता विंडो से बाहर हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कई छात्रों के पास अभी भी नियमित प्रक्रिया के माध्यम से अपने वीजा को नवीनीकृत करने के पर्याप्त अवसर होंगे।” “जो लोग इस परिवर्तन से प्रभावित हैं, उन्हें सूचित रहना चाहिए, अपने नवीनीकरण की योजना पहले से बना लेनी चाहिए, और मार्गदर्शन के लिए अपने विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय कार्यालयों या वीज़ा सलाहकारों तक पहुँचना जारी रखना चाहिए।”
भारत में वीज़ा अपाइंटमेंट में देरी
भारत में वीज़ा अपॉइंटमेंट प्राप्त करना पहले से ही एक लंबी प्रक्रिया है। 2022 में B1/B2 (व्यवसाय और पर्यटन) वीज़ा इंटरव्यू के लिए प्रतीक्षा समय 999 दिनों से अधिक हो गया। हालाँकि अब इसमें सुधार हुआ है, लेकिन प्रतीक्षा समय अभी भी लंबा है:
दिल्ली और मुंबई: 440 दिन से अधिक
चेन्नई: 436 दिन
हैदराबाद: 429 दिन
कोलकाता: 415 दिन
वीज़ा नीति में बदलाव क्यों?
दिल्ली में एक सवाल के जवाब में, अमेरिकी दूतावास ने कहा, “अमेरिकी विदेश विभाग कार्यकारी आदेश 14161 के तहत निर्देशित सभी वीजा कार्यक्रमों की पूर्ण समीक्षा कर रहा है। इस समय हमारे पास यही सारी जानकारी है।”
20 जनवरी, 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश 14161 का शीर्षक है “संयुक्त राज्य अमेरिका को विदेशी आतंकवादियों और अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा खतरों से बचाना।” आदेश संघीय एजेंसियों को इमीग्रेशन स्क्रीनिंग और जांच प्रक्रियाओं को मजबूत करने का निर्देश देता है। यह पिछले ट्रम्प प्रशासन की कुछ नीतियों को बहाल करता है और सुरक्षा जोखिमों के लिए वीज़ा और इमीग्रेशन नीतियों की समीक्षा की आवश्यकता है।
इसमें शामिल है:
संभावित प्रवेश प्रतिबंधों के लिए उच्च जोखिम वाले देशों की पहचान करना।
शरणार्थी स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं को मजबूत करना।
सुरक्षा कमजोरियों के लिए वीज़ा कार्यक्रमों का मूल्यांकन करना।
अमेरिका में पहले से मौजूद विदेशी नागरिकों पर निगरानी बढ़ाना।
अमेरिकी समाज में आप्रवासी समावेशन को प्रोत्साहित करने के उपायों को लागू करना।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने कांदिवली पश्चिम में स्वामी विवेकानंद (SV) रोड के चौड़ीकरण से प्रभावित 30 दुकानों को ध्वस्त कर दिया। यह अभियान सड़क की बाधाओं को दूर करने और रोड़ विस्तार करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)
मुंबई: मंगलवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) आर/साऊथ विभाग ने कांदिवली पश्चिम में स्वामी विवेकानंद (SV) रोड के चौड़ीकरण से प्रभावित 30 दुकानों को ध्वस्त कर दिया है। यह अभियान सड़क की बाधाओं को दूर करने और रोड़ के विस्तार करने के बीएमसी द्वारा निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। एक मनपा अधिकारी के अनुसार, इस पहल से गोरेगांव और कांदिवली के बीच आवागमन का समय कम होने की उम्मीद है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)
बांद्रा से बोरीवली को जोड़ता है SV Road
एसवी रोड, शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जो बांद्रा से लेकर बोरीवली तक को जोड़ता है। मूल रूप से 90 फुट चौड़ी सड़क के लिए डिज़ाइन किया गया था, अब यह पूरा हिस्सा कई अतिक्रमणों के साथ-साथ व्यापारिक और आवासीय भवनों से भर गया है। खासकर मालाड़ और कांदिवली के बीच एसवी रोड को चौड़ा करने के प्रयास में बीएमसी अधिकारियों को वर्षों से चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)
मालाड़ में भीड़ की समस्या
बृहन्मुंबई महानगर पालिका के एक अधिकारी ने कहा, कि “मालाड़ एसवी रोड़ पर यातायात की भीड़ के कारण अक्सर वाहनों को संकरी और आंतरिक सड़कों पर कई किलोमीटर तक पीछे चलना पड़ता है। सड़क के किनारे कई संरचनाएं 40 से 50 साल पुरानी हैं, जिनमें से कुछ 100 साल से भी अधिक पुरानी हैं।” (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)
अभियान के हिस्से के रूप में, बीएमसी, आर/साउथ वार्ड की टीम ने मंगलवार को 50 मजदूरों, दो जेसीबी और दो डंपरों की सहायता से पोइसर मस्जिद के पास एसवी रोड पर 30 संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया है। एक बीएमसी अधिकारी ने कहा, “इन संरचनाओं की पात्रता पहले ही निर्धारित की जा चुकी है। पात्र दुकानों के मालिकों को क्षेत्र के भीतर वैकल्पिक स्थान की पेशकश की जाएगी। इसके अतिरिक्त, वैकल्पिक स्थान के बजाय इसे पसंद करने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन मुआवजे का प्रावधान भी है।” (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)
कांदीवली पश्चिम के पोयसर मस्जिद के पास तोड़क कार्यवाही की तस्वीर
इस बीच, सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई 90 फीट है, लेकिन कुछ हिस्सों में सड़क केवल 40 से 50 फीट चौड़ी है, जिससे पीक आवर्स के दौरान रुकावटें आती हैं। हाल ही में, बीएमसी ने एसवी रोड को चौड़ा करने के प्रयासों के तहत मालाड़ में लगभग 100 साल पुरानी इमारत को ध्वस्त कर दिया था। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)
मुम्बई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना शिंदे गुट के करीब 25 मौजूदा और पू्र्व विधायकों की सिक्योरिटी में कौटती करने का फैसला किया गया है। इसको लेकर शिंदे गुट शिवसेना के नेताओं ने नाराजगी भी जाहिर की। उनका कहना है कि देंवेंद्र फडणवीस की अगुआई वाली सरकार में उन्हें साइडलाइन किया जा रहा है। गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने ही पास रखी है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
बता दें कि इससे पहले शिवसेना के 40 और 10 निर्दलीय विधायकों ने शिंदे का समर्थन किया था। इसके बाद शिंदे गुट की शिवसेना ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली। वहीं उद्धव ठाकरे के समर्थकों ने शिवसेना को विभाजित करने के आरोप एकनाथ शिंदे और उनके समर्थकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। कई जगहों पर विरोध का उग्र रूप भी देखा गया। वहीं शिंदे सेना के विधायकों की सुरक्षा के मद्देनजर वाई प्लस सिक्योरिटी मुहैया कराई गई थी। विधायकों को पांच से छह पुलिसकर्मियों के अलावा एक एस्कॉर्ट वाहन भी दिया गया था। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
विधायकों की सुरक्षा में 600 पुलिसकर्मी
इसके अलावा शिवसेना शिंदे गुट के विधायकों के काफिले के साथ फ्लैशिंग लाइट वाला वाहन भी रहता था। मुम्बई में एक आईपीएस अधिकारी ने कहा, विधायकों की सुरक्षा के लिए करीब 600 पुलिसकर्मियों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में पुलिस के बाकी काम प्रभावित होते हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने फैसला लिया है कि इन विधायकों की सुरक्षा में कटौती की जाएगी। केवल उन शिवसेना विधायकों को इतनी सुरक्षा मिलेगी जो कि मंत्रिपद पर हैं या फिर उनकी जान को खतरा है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
अब मिलेगा सिर्फ एक पुलिसकर्मी
उन्होंने कहा कि अन्य विधायकों की तरह ही बाकी शिवसेना विधायकों को सुरक्षा के लिए एक पुलिसकर्मी दिया जाएगा। गृह विभाग ने कई अन्य राजनेताओं की सुरक्षा में भी कटौती करने का फैसला किया है। वहीं शिवसेना की प्रवक्ता मनीषा कयांदे ने कहा, कि “कहा जा रहा है, अब चुनौतियां कम हैं इसलिए शिवसेना विधायकों की सुरक्षा भी कम कर दी गई है। लेकिन कुछ लोगों को इसको लेकर शिकायत है।” शिंदे सेना के नेताओं का कहना है, कि “सरकार सोच-समझकर उन्हें साइडलाइन करने के लिए ऐसा कर रही है।” वहीं शिवसेना के दो मंत्री रायगढ़ और नासिक की गार्जियन मिनिस्टरशिप को लेकर भी नाखुश हैं। शिंदे भी देवेंद्र फडणवीस के साथ कई बैठकों में शामिल नहीं हुए। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
एक तरफ सत्ता पक्ष महायुति गठबंधन के शिवेसेना और बीजेपी में इस तरह की दूरियों के कारण आपसी कलह के कयास लगाए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शरद पवार तारीफ कर रहे हैं। वहीं देवेंद्र फडणवीस से शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं ने मुलाकात चर्चाओं का विषय बना हुआ है। बता दें कि महाराष्ट्र के चुनाव में शिवसेना और बीजेपी ने मिलकर बड़ी जीत दर्ज की, लेकिन तीन महीने के भीतर ही दोनों में मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति ने महाराष्ट्र की 288 सीटों में से 230 सीट जीतकर भारी प्रदर्शन के साथ विजय हासिल किया है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
नगरपालिका चुनाव
हालही के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद अब मुम्बई, पुणे और ठाणे समेत पूरे राज्य मे नगर पंचायत एवं नगरपालिका चुनाव भी बड़े दांव वाली लड़ाई होने वाली है, जिसके लिए राज्यभर में सभी राजनैतिक पार्टियां और उनके कार्यकर्ता कमर कस रहे हैं। हालही में उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना नेताओं ने पिछले ढाई महीने में कम से कम तीन बार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इसके अलावा मुख्यमंत्री से आदित्य ठाकरे ने दो बार, उद्धव ने एक बार मुलाकात की है, जबकि अन्य वरिष्ठ शिवसेना नेताओं ने भी फडणवीस से अलग से मिलने गए। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
मुम्बई के प्राचीन मंदिरों में से एक महालक्ष्मी मंदिर को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा 60 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया जाने वाला है। इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने धन आवंटित कर दिया था। अब कार्यान्वयन किया जाएगा। जानें मंदिर का इतिहास… (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
मुम्बई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) जल्द ही महालक्ष्मी मंदिर परिसर सौंदर्यीकरण परियोजना के लिए कार्य आदेश जारी करेगा। इस परियोजना के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मार्च 2024 में 60 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव प्रशासनिक स्वीकृति के लिए नगर आयुक्त के पास है। स्वीकृति मिलते ही कार्य आदेश जारी कर दिया जाएगा। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
मुम्बई के सर्वाधिक प्राचीन धर्मस्थलों में से एक है महालक्ष्मी मंदिर। समुद्र के किनारे बी. देसाई रोड़ पर स्थित यह मंदिर अत्यंत सुंदर, आकर्षक और लाखों लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसे अब राज्य सरकार द्वारा 60 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण कराया जाने वाला है। इसके लिए बीएमसी कमिश्नर के हस्ताक्षर बाक़ी है। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
महालक्ष्मी मंदिर का इतिहास
मंदिर का इतिहास अत्यंत रोचक है। अंग्रेजों ने जब महालक्ष्मी क्षेत्र को वर्ली क्षेत्र से जोड़ने के लिए ब्रीच कैंडी मार्ग को बनाने की योजना बनाई थी, तब समुद्र की तूफानी लहरों के चलते पूरी योजना खटाई में पड़ गई। उस समय देवी लक्ष्मी एक ठेकेदार रामजी शिवाजी के स्वप्न में प्रकट हुईं और उन्हें समुद्र तल से देवियों की तीन प्रतिमाएँ निकालकर मंदिर में स्थापित करने का आदेश दिया। रामजी ने ऐसा ही किया और ब्रीच कैंडी मार्ग का निर्माण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
मंदिर में तीन देवियों की प्रतिमा
मंदिर के गर्भगृह में महालक्ष्मी, महाकाली और महा-सरस्वती तीनों देवियों की प्रतिमाएँ एक साथ विद्यमान हैं। तीनों प्रतिमाओं को सोने एवं मोतियों के आभूषणों से सुसज्जित किया गया है। यहाँ आने वाले हर भक्त का यह दृढ़ विश्वास होता है कि माता उनकी हर इच्छा जरूर पूरी करेंगी। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
बृहन्मुंबई महानगर पालिका के सूत्रों के अनुसार, सौंदर्यीकरण का काम दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे मंदिर के ऐतिहासिक आकर्षण को बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में सुधार होगा। इसके लिए राज्य सरकार ने धन मुहैया करा दिया है। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)
इन कामो को किया जाएगा
मंदिर से एक स्काईवॉक बनाया जाएगा
पार्किंग से मंदिर तक एक कनेक्टिंग ब्रिज बनाया जाएगा।
फुटपाथ और बाक़ी रास्तों को बेहतर बनाया जाएगा।
बेहतर आवागमन के लिए स्टॉल को पुनर्गठित किया जाएगा।
पैदल यात्रियों की आवाजाही को कुशलतापूर्वक प्रबंधित किया जाएगा।
लेजर लाइट का इस्तेमाल
मंदिर के आसपास लेजर लाइटिंग होगी। चूंकि महालक्ष्मी मंदिर एक हेरिटेज स्थल है, इसलिए काम शुरू करने से पहले मुंबई हेरिटेज कमेटी से मंजूरी ली गई। मिट्टी की जांच भी की गई। डिजाइन में मंदिर की पारंपरिक वास्तुकला को संरक्षित किया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए क्षेत्र को बेहतर बनाया जाएगा। यह परियोजना प्रशासनिक मंजूरी के अंतिम चरण में है। बीएमसी कमिश्नर की मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)