Category: National News

Read today’s national news, breaking updates and top headlines from across India. Stay informed with the latest coverage on politics, government policies, crime, economy, education, technology, sports and major events, only on Indian FastTrack.

  • मुंबई के ट्रेन टॉयलेट में मिला 3 साल के मासूम का शव, सूरत से अपहरण कर की हत्या

    मुंबई के ट्रेन टॉयलेट में मिला 3 साल के मासूम का शव, सूरत से अपहरण कर की हत्या

    सूरत से अपहरण कर 3 साल के बच्चे की हत्या, शव मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर ट्रेन टॉयलेट में मिला। आरोपी विकाश शाह गिरफ्तार, पुलिस जांच जारी।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    एक दिल दहला देने वाली घटना ने सूरत और मुंबई दोनों शहरों को हिला कर रख दिया है। सूरत से अपने तीन साल के कज़िन का अपहरण कर हत्या करने वाले युवक ने बच्चे का शव मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पर खड़ी ट्रेन के टॉयलेट में छोड़ दिया। यह मामला सामने आया जब ट्रेन के सफाईकर्मी ने शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। The body of a 3-year-old innocent was found in a train toilet in Mumbai, he was kidnapped from Surat and murdered

    आरोपी विकाश शाह गिरफ्तार

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान विकास शाह (25 वर्ष) के रूप में हुई है।

    • उसे मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) से गिरफ्तार किया गया।
    • आरोपी मूल रूप से सूरत का रहने वाला है और वह पिछले हफ्ते अपनी मां के साथ रिश्तेदार के घर आया था।
    • बच्चे की मां से झगड़े के बाद उसने 22 अगस्त को मासूम को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले लिया।

    सूरत क्राइम ब्रांच के DCP बी. राजिया ने पुष्टि की कि आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर सूरत ले जाया गया है और जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। The body of a 3-year-old innocent was found in a train toilet in Mumbai, he was kidnapped from Surat and murdered

    कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम?

    • आरोपी ने बच्चे को सूरत रेलवे स्टेशन से उठाया और उसे लेकर ट्रेन में बैठ गया।
    • वह सौराष्ट्र एक्सप्रेस से मुंबई आया।
    • इसके बाद उसने बच्चे की हत्या की और शव को कुशीनगर एक्सप्रेस की एसी कोच B2 के टॉयलेट में छोड़ दिया।
    • फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि हत्या कहां और कैसे हुई।

    GRP अधिकारी ने बताया –
    “बच्चे की मां ने उसी दिन शाम को अमरोली पुलिस स्टेशन, सूरत में शिकायत दर्ज कराई थी। हमें सूचना मिली कि आरोपी मुंबई भाग आया है। बाद में लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर शव बरामद हुआ।”

    बच्चे की मां और परिवार

    बच्चे की मां बिहार की रहने वाली हैं और सूरत में अपने परिवार के साथ रहती हैं।

    • पति दुबई में नौकरी करते हैं।
    • परिवार में आठ साल की बेटी और पांच साल का बेटा भी है।
    • आरोपी विकास शाह रिश्तेदार के घर ठहरा हुआ था और वारदात से पहले वह शिकायतकर्ता का मोबाइल भी ले गया था।

    पुलिस जांच जारी

    • सूरत पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर हत्या की असल वजह और घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।
    • पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने बच्चे की हत्या किस परिस्थिति में और कहां की।
    • मुंबई और सूरत पुलिस इस मामले में संयुक्त रूप से काम कर रही हैं।
  • मुंबई बिजनेसमैन कंगाल: ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप में 12 करोड़ गंवाए, परिवार और कारोबार तबाह

    मुंबई बिजनेसमैन कंगाल: ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप में 12 करोड़ गंवाए, परिवार और कारोबार तबाह

    मुंबई के एक बिजनेसमैन ने ऑनलाइन सट्टेबाजी गेमिंग ऐप में 12 करोड़ रुपये गंवाए। लॉकडाउन में शुरू हुई लत ने कारोबार और परिवार दोनों बर्बाद कर दिए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    लॉकडाउन में शुरू हुई ऑनलाइन सट्टेबाजी की लत ने एक बिजनेसमैन की जिंदगी तबाह कर दी। चार साल में उसने करीब 12 करोड़ रुपये एक गेमिंग ऐप पर गँवा दिए। परिवार और कारोबार दोनों बर्बाद हो गए और अब वह चाहता है कि सरकार ऐसे फर्जी गेमिंग ऐप्स पर कड़ा एक्शन ले। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    लॉकडाउन में मिली बर्बादी की शुरुआत

    2020 के कोविड लॉकडाउन में बिजनेसमैन ने एक सेलेब्रिटी द्वारा प्रमोट किए गए गेमिंग ऐप पर छोटे दांव लगाना शुरू किया। शुरुआत में लाखों की जीत ने उन्हें लुभाया, लेकिन धीरे-धीरे हार का सिलसिला बढ़ता गया। लत इतनी गहरी हो गई कि सालों की मेहनत से कमाया हुआ पैसा कुछ ही सालों में डूब गया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    परिवार और कारोबार पर असर

    ऑनलाइन सट्टेबाजी की वजह से उनके माता-पिता को गंभीर स्वास्थ्य झटके लगे और कारोबार में भी नुकसान हुआ। जो बिजनेस पहले विदेश यात्राएं और मुनाफा देता था, वह अब घाटे में चला गया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    “गेमिंग की लत नशे जैसी” – मनोचिकित्सक

    मनोचिकित्सक डॉ. अविनाश देसूसा का कहना है कि ऑनलाइन जुआ लत उतनी ही खतरनाक है जितनी ड्रग्स की। जीत का लालच खिलाड़ियों को बार-बार पैसे लगाने पर मजबूर करता है और बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    पुलिस शिकायत और विदेशी ऐप का जाल

    2024 में पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि जिस गेमिंग ऐप ठगी में उन्होंने करोड़ों गंवाए, उसका भारत में कोई ठिकाना नहीं। यह अवैध रूप से चलाया जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में यह ऐप ब्लॉक है, लेकिन भारत में अब तक कार्रवाई नहीं हुई। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    जीत के लालच से हुआ धोखा

    शुरुआत में उन्होंने लाखों जीते, लेकिन रकम निकालने पर KYC का बहाना बनाया गया। बाद में अलग-अलग बैंक खातों और UPI आईडी में पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया। इसी तरह उन्होंने करोड़ों रुपये फर्जी खातों में भेज दिए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    बैंक और संदिग्ध कॉल्स का खेल

    जब उन्होंने एक खाते में डाले गए 25 लाख रुपये को लेकर बैंक से सवाल किया, तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्हें फर्जी कॉल आने लगे। एक शख्स ने गृह मंत्रालय का कर्मचारी बनकर 10 लाख रुपये के बदले पैसे वापस दिलाने का झांसा भी दिया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    “डिजिटल गिरफ्तारी” से सबक

    आखिरकार कारोबारी को एहसास हुआ कि वह डिजिटल गिरफ्तारी जैसी स्थिति में फँस चुका था। अब वह चाहता है कि सरकार सख्ती दिखाए और इन अवैध ऐप्स पर पूरी तरह बैन लगाया जाए ताकि कोई और उसकी तरह जिंदगी और कमाई दोनों न गंवाए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

  • ऑनलाइन गेमिंग कानून 2025: भारत में रियल मनी गेम्स पर बैन

    ऑनलाइन गेमिंग कानून 2025: भारत में रियल मनी गेम्स पर बैन

    “केंद्र सरकार ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर रोक लगाने के लिए ऑनलाइन गेमिंग कानून 2025 को मंजूरी दी। जानिए उद्योग, खिलाड़ियों और निवेश पर असर।”

    केंद्र सरकार ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग (RMG) को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को कैबिनेट ने ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 को मंज़ूरी दे दी। इस बिल का मक़सद असली पैसे वाले ऑनलाइन गेम्स को प्रभावी तरीके से रोकना है। इसका सीधा असर ड्रीम11 जैसे फ़ैंटेसी स्पोर्ट्स ऐप और पोकरबाज़ी जैसे कार्ड गेम प्लेटफ़ॉर्म्स पर पड़ेगा। अगर यह बिल संसद में पास हो गया तो भारत का अरबों डॉलर का यह उद्योग बड़ी मुश्किल में फँस सकता है।

    उद्योग की चुप्पी और पुराने विवाद

    फिलहाल RMG कंपनियों और उनके संगठन ने इस फैसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने साफ कहा है कि वे संसद में बिल पेश होने के बाद ही आधिकारिक बयान देंगे। पहले भी इन कंपनियों ने सरकार के टैक्स और रेगुलेशन से जुड़े फैसलों का विरोध किया था। जीएसटी बढ़ने पर भी इन फर्मों ने कई मंचों पर अपना विरोध दर्ज कराया था।

    अदालतों में कानूनी लड़ाई

    कई राज्यों में जब सरकारों ने इन गेमिंग ऐप्स पर रोक लगाई, तब कंपनियों ने अदालत का रुख किया और उन्हें राहत भी मिली। अदालतों ने साफ कहा कि “कौशल के खेल” और “भाग्य के खेल” में फर्क है। केवल किस्मत पर आधारित खेल को ही जुआ माना जाएगा। इसी तर्क के दम पर कंपनियाँ अब तक अपना बिज़नेस चला रही थीं।

    अब चुनौती क्यों बढ़ी?

    इस बार हालात अलग हैं। ऑनलाइन गेमिंग अब सीधे आईटी मंत्रालय के तहत आ चुका है और वही प्रतिबंध लागू करेगा। पहले सरकार ने 2023 में IT नियमों के तहत इन कंपनियों के लिए स्व-नियमन (Self Regulation) का ढांचा बनाने की कोशिश की थी। लेकिन किसी भी स्व-नियामक निकाय को मंज़ूरी नहीं दी गई क्योंकि सवाल उठा कि ये निकाय कंपनियों से स्वतंत्र कैसे रहेंगे।

    ई-स्पोर्ट्स को राहत

    बिल में ई-स्पोर्ट्स को छूट दी गई है। यानी वीडियो गेम टूर्नामेंट और ई-स्पोर्ट्स इवेंट में एंट्री फ़ीस ली जा सकेगी, बशर्ते उसमें असली पैसों वाले गेम शामिल न हों। इसका सीधा फायदा ई-स्पोर्ट्स खिलाड़ियों और आयोजकों को मिलेगा।

    बड़ा नीति बदलाव

    सरकार का कहना है कि यह बिल एक बड़ा नीति परिवर्तन है। अब तक कंपनियाँ “कौशल बनाम भाग्य” की दलील देकर अपने गेम को वैध ठहराती रही हैं। मगर इस बिल के आने के बाद उनके बिज़नेस मॉडल पर ही सवाल खड़े हो जाएंगे।

    संभावित असर

    अगर यह बिल कानून बन गया तो लाखों यूज़र्स जो फैंटेसी स्पोर्ट्स या कार्ड गेम्स खेलते हैं, उनके पास सीमित विकल्प बचेंगे। विदेशी और घरेलू निवेशकों का भरोसा भी हिल सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे ई-स्पोर्ट्स और मनोरंजन आधारित गेम्स को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन रियल मनी गेमिंग सेक्टर में रोज़गार और निवेश पर बड़ा नकारात्मक असर पड़ेगा।

  • महाराष्ट्र के इन गांवों में पहली बार फहराया तिरंगा

    महाराष्ट्र के इन गांवों में पहली बार फहराया तिरंगा

    महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में एक दूरदराज उदाड्या नामक आदिवासी गांव में आजादी के बाद पहली बार तिरंगा फहराया गया है। जहां बिजली, सड़क और सरकारी स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं अभी तक नहीं पहुंच पाई है। कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया, कि इस कार्यक्रम का मकसद ग्रामीणों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।

    डिजिटल डेस्क
    महाराष्ट्र/ नंदुरबार:
    सतपुड़ा की पहाड़ियों में बसे एक सुदूर आदिवासी गांव उदाड्या में इस बार देश की 79वां स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। गांव में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगा फहराया गया, इस कार्यक्रम के दौरान यहां के निवासियों में गर्व और देशभक्ति की भावना की लहर दौड़ गई। इस गांव में न अब तक बिजली की सुविधा प्राप्त हो पाई है, न सड़क और न ही सरकारी स्कूल या ग्राम पंचायत जैसी आधारभूत व्यवस्थाएं यहां को लोगों को मिली है। The tricolor was hoisted for the first time in these villages of Maharashtra

    आजादी के बाद पहली बार फहरा तिरंगा

    गांव में तैनात शिक्षक गणेश पावरा ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर इंटरनेट से वीडियो डाउनलोड कर तिरंगा फहराने की विधि सीखी और फिर गांव के 30 बच्चों और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर तिरंगा फहराया। यह पहल वाईयूएनजी फाउंडेशन की ओर से की गई, यह संस्था इस क्षेत्र के चार अनौपचारिक स्कूलों का संचालन करती है। संस्था के संस्थापक संदीप देओरे ने बताया कि पहली बार झंडा फहराने के साथ-साथ लोगों को उनके संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना इस कार्यक्रम का मकसद था।

    200 से अधिक बच्चों ने लिया भाग

    करीब 250 बच्चों और उदाड्या, खपरमाल, सदरी और मंझनीपड़ा जैसे चार गांवों के लोगों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया। इन गांवों में संचार, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं अभी तक प्राप्त नही हो पाई हैं। यहां के लोग पावरी बोली बोलते हैं, जो हिंदी या मराठी से काफी अलग है, इस वजह से संवाद में भी इनको चुनौतियों का सामना करना पडता है।

    संस्था के अध्यक्ष देओरे ने बताया, कि इन गांवों में शिक्षा की बेहद कमी है और इस वजह से लोग अक्सर अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। कुछ जगहों पर आंगनबाड़ी सेवाएं भी ठीक से नहीं पहुंची है, हालांकि खपरमाल जैसे गांवों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आजमीबाई अपने गांव में ही रहकर ईमानदारी से बच्चों को सेवा प्रदान कर रही है। The tricolor was hoisted for the first time in these villages of Maharashtra

  • सरकार को लोगों के खान-पान तय करने का अधिकार नहीं है। 15 अगस्त मांस प्रतिबंध पर देशभर में हंगामा

    सरकार को लोगों के खान-पान तय करने का अधिकार नहीं है। 15 अगस्त मांस प्रतिबंध पर देशभर में हंगामा

    महाराष्ट्र के साथ-साथ तेलंगाना के नगरपालिकाओं ने 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मांस की दुकानें और बूचड़खानों को बंद करने का निर्देश जारी किया है। इसको लेकर देशभर में विपक्षी नेता हंगामा कर रहे हैं। तेलंगाना हाईकोर्ट ने तो नगर पालिका प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    15 अगस्त को सरकार द्वारा मांस की दुकानों को बंद करने को लेकर जारी फैसले के खिलाफ देशभर में हंगामा हो रहा है। महाराष्ट्र में नागपुर, नासिक, मालेगांव, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) और कल्याण-डोंबिवली के साथ-साथ तेलंगाना के नगर पालिका अपने अधिकार क्षेत्र के बूचड़खानों और मांस की दुकानों को 15 अगस्त के दिन बंद रखने का निर्देश जारी किया है। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी नेताओं के हंगामे के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार खुद आश्चर्य जता रहे हैं। राज ठाकरे ने तो यहां तक कह दिया, कि सरकार को लोगों के खान-पान तय करने का अधिकार नहीं है। हम देश की स्वतंत्रता का पर्व मना रहे हैं। The government has no right to decide the food habits of the people, There was uproar across the country on the meat ban on 15 August

    मनसे का विरोध

    गुरुवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने स्वतंत्रता दिवस पर राज्य में कुछ नगर पालिका द्वारा मांस की बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंध का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों का खान-पान नहीं निर्धारित करना चाहिए। राज ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा कि नगर पालिकाओं को इस तरह का प्रतिबंध लगाने का अधिकार नहीं है।

    स्वतंत्रता दिवस पर लगा प्रतिबंध

    उन्होंने कहा, “सरकार और महानगर पालिका को यह तय नहीं करना चाहिए कि किसको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिये। एक तरफ हम स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं और हमें क्या खाना चाहिए, यह चुनने की कोई आजादी नहीं है। स्वतंत्रता दिवस पर किसी भी तरह का प्रतिबंध लगाना सरकार का आम जनता के खिलाफ एक विरोधाभास है।” The government has no right to decide the food habits of the people, There was uproar across the country on the meat ban on 15 August

    तेलंगाना हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

    इसके साथ ही महाराष्ट्र से सटे तेलंगाना राज्य के ओल्ड हैदराबाद सिटी की नगरपालिका ने भी 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस पर मीट की दुकानें और बूचड़खाने बंद रखने के आदेश जारी किया है। शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने इसपर नाराजगी जताते हुए कहा, कि “यह धर्म का मामला नहीं है और न ही यह राष्ट्रीय हित का मामला है।” The government has no right to decide the food habits of the people, There was uproar across the country on the meat ban on 15 August

    आल इंडिया मजलिसे इत्तेहादूल मुस्लिमिन (AIMIM) चीफ और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को ओल्ड हैदराबाद सिटी के आदेश को असंवैधानिक बताया। कहा कि गोश्त खाने से 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस का क्या लेना-देना है। इस फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र में हंगामे के बीच शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे और राज्य के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने फैसले को गलत बताया है। The government has no right to decide the food habits of the people, There was uproar across the country on the meat ban on 15 August

    ओवैसी ने क्या कहा?

    सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘गोश्त खाने और स्वतंत्रता दिवस में क्या रिश्ता है। तेलंगाना में 99 प्रतिशत लोग गोश्त खाते हैं। ओवैसी ने इस फैसले को लोगों की स्वतंत्रता, निजता, आजीविका, संस्कृति, पोषण और धर्म के अधिकारों का उल्लंघन करने वाला फैसला बताया है।’

    तेलंगाना हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

    तेलंगाना में यह मामला हाईकोर्ट तक जा पहुंचा है। तेलंगाना हाई कोर्ट ने ग्रेटर हैदराबाद महानगर पालिका (जीएचएमसी) से स्वतंत्रता दिवस पर मांस की दुकानों और बूचड़खानों को बंद रखने के उसके आदेश के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। तेलंगाना सरकार के इस आदेश के खिलाफ लगाई गई याचिका में कहा गया है कि यह आदेश मनमाना है। अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 19(1)(जी) (किसी भी पेशे को अपनाने का अधिकार) का उल्लंघन करता है। हाईकोर्ट के जस्टिस विजयसेन रेड्डी इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं।

    महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

    महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा, “मैंने टीवी पर खबर देखी, श्रद्धा का प्रश्न होता है तो इस तरह बंदी लगाई जाती है। आषाढ़ी एकादशी, महावीर जयंती जैसे अवसरों पर यह निर्णय लिया जा सकता है। अगर हम कोकण में जाएं तो वहां हर सब्जी में सूखी मछली डालकर पकाया जाता है। ऐसी बिना कारण के खाने पीने की चीजों पर रोक लगाना ठीक नहीं है। अगर भावनात्मक मुद्दा हो तो उस समय के लिए बंदी लगाई जाए तो लोग समझ सकते हैं। लेकिन, 15 अगस्त को महाराष्ट्र में बंदी लगाना उचित नहीं है। मैं इस बारे में जानकारी लूंगा।

    खस्ताहाल सड़कों पर ध्यान दें।

    आदित्य ठाकरे ने मांस बिक्री बंदी के फैसले पर कहा, “ये हमारी च्वाइस है कि स्वतंत्रता दिवस पर हम क्या खाएं और क्या नहीं खाएं।कल्याण-डोंबिवली महापालिका कमिश्नर को इस मामले में दखल देने का अधिकार नहीं है। नागरिकों पर शाकाहार का फैसला थोपने के बजाय, खस्ताहाल सड़कों और बदहाल नागरिक सेवाओं को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।” The government has no right to decide the food habits of the people, There was uproar across the country on the meat ban on 15 August

  • भारत पर बांगलादेशी हुस्न का खतरा

    भारत पर बांगलादेशी हुस्न का खतरा

    बांग्लादेशी महिलाएं भारतीय युवाओं को अपने हुस्न के जलवे दिखाकर भारत में घुसपैठ करने में कामयाब हो रही हैं। भारत में घुसपैठ करने के लिए यह लोग धर्म को भी त्यागने के लिए तैयार हो जाते है। इसके पीछे के कई राज पर से मुंबई पुलिस ने पर्दा उठा दिया है।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई-
    बांगलादेशी हुस्न का जलवा भारतीय युवाओं पर सर चढ़कर बोल रहा है। इसमें जात-पात और धर्म को दर किनारे कर शादियां तक रचाई जा रही है। ऐसे ही एक मामले में मुंबई पुलिस की क्राईम ब्रांच की टीम ने मंजू शर्मा उर्फ बांगलादेशी महिला अल्ताफ शेख और उसके भारतीय पति पुरुषोत्तम प्रसाद शर्मा को गिरफ्तार किया है। इनके पास से नकली दस्तावेज और इंटरनेशनल गिरोह के कई सारे सूराग पुलिस ने हासिल किया है।

    गिरफ्तार आरोपी ने खोले राज़

    मिली जानकारी के मुताबिक, बांगलादेशी भारत में घुसपैठ करने के लिए सारी हदें पार कर रहे हैं। भारतीय नागरिकता हासिल करने के लिए ये लोग धर्म की परवाह किए बगैर किसी से भी शादी रचाने के लिए तैयार हो जाते है। मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट की टीम ने जिस बांगलादेशी महिला अल्ताफ शेख को गिरफ्तार किया है उसने ऐसे-ऐसे राज खोले हैं जिससे एक बहोत बड़ा भांडाफोड़ होने की आशंका जताई जा रही है।

    भारत में अवैध घुसपैठ

    यह महिला बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी. पूछताछ में उसने एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जो वर्षों से फर्जी भारतीय पहचान पत्र तैयार कर विदेशी नागरिकों को देश के भीतर बसाने का काम कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अल्ताफ ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिक पहले एजेंटों के जरिये पश्चिम बंगाल में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाते हैं। इसके आधार पर आधार कार्ड तैयार कराए जाते हैं। दस्तावेज हाथ लगते ही इन घुसपैठियों को भारत के अलग-अलग शहरों की ओर रवाना कर दिया जाता है। यहां वे आम लोगों की तरह अपनी पहचान छुपाकर बसने की कोशिश करते हैं।

    प्रेम जाल का षडयंत्र

    सूत्रों के मुताबिक, प्रेम जाल बिछाकर विवाह करना इस गिरोह की खास रणनीति में शामिल है। अल्ताफ शेख ने माना कि महिला घुसपैठिए खासकर हिन्दू पुरुषों को निशाना बनाती हैं, जबकि पुरुष घुसपैठिए हिन्दू लड़कियों से शादी कर स्थायी रूप से देश में रहना चाहते हैं। कारण यहां हिंदूओं पर शक नही किया जाता।

    अल्ताफ शेख से बनी मंजू शर्मा

    अल्ताफ शेख पुलिस को बताया, कि वह पहले पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत में आई और फिर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और फिर मुंबई पहुंची। इसके बाद उसकी पुरुषोत्तम प्रसाद शर्मा से ऐसे ही मुलाकात हुई, तो उसने पुरुषोत्तम के साथ शादी रचाने का मन बना लिया। दोनों की नजदीकियां बढ़ीं और जल्द ही उन्होंने शादी कर ली। इसके बाद से वह मंजू शर्मा नाम पर पिछले कई सालों से मुंबई में ही रह रही थी। उसका आधार कार्ड भी पुरुषोत्तम ने फर्जी दस्तावेजों की मदद से बनवाया। मुंबई क्राइम ब्रांच ने 3 अगस्त 2025 को अल्ताफ और उसके पति को गिरफ्तार किया। पुलिस को शक है कि इस रैकेट की जड़ें देश के कई अन्य राज्यों तक फैली हो सकती हैं।

    1000 बांग्लादेशियों को भेजा वापस

    पिछले तीन महीनों में मुंबई पुलिस करीब 1000 बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेज चुकी है, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। मुंबई पुलिस इस तरह के मामलों की जांच पर तेजी से काम कर रही है। अल्ताफ की गिरफ्तारी के बाद से पुलिस को फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह से जुड़े और भी नामों के प्रकाश में आने की उम्मीद है।

  • मुंबई से 2.9 करोड़ रुपए के हिरा और सोना लेकर उदयपुर का डिलीवरी बॉय फरार

    मुंबई से 2.9 करोड़ रुपए के हिरा और सोना लेकर उदयपुर का डिलीवरी बॉय फरार

    कालबादेवी के जवेरी बाजार में हडकंप मच गया है। कई दुकानदारों के हिरे और सोने के गहने लेकर राजस्थान का डिलीवरी बॉय फरार हो चुका था। आखिरकार मुंबई पुलिस ने उसे उदयपुर से चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया है।

    मुंबई: कालबादेवी के जवेरी बाजार से 2.9 करोड़ रुपए के हिरे और सोने के गहने चोरी के मामले में मुंबई पुलिस ने उदयपुर के रहने वाले 24 वर्षीय मेहुल गर्ग को गिरफ्तार किया है। आरोप है, कि तीन दिन पहले ही उसने डिलीवरी बॉय के रुप में काम ज्वाइन किया था। एक साथ बड़ी डिलीवरी का जिम्मा पाते ही सोने के गहने चोरी कर राजस्थान के लिए फरार हो गया। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    पुलिस ने क्या कहा?

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मेहुल गर्ग को 2 अगस्त को जय अंबे कूरियर सर्विसेज में डिलीवरी बॉय के रूप में काम पर रखा गया था। काम के तहत उसे दक्षिण मुंबई के जवेरी बाजार स्थित कई ज्वेलरी की दुकानों से गहनों के पार्सल उठाकर ग्राहकों तक पहुंचाने का काम सौंपा गया था।

    17 बैगों में भरा था सोना

    पुलिस के अनुसार, गर्ग को अपने मालिक की व्हाट्सऐप ग्रुप में पोस्ट की गई पार्सल डिटेल्स देखकर पता चला कि उसे सोने और हीरे के गहनों से भरे 17 बैग कलेक्ट करने हैं। इसकी जानकारी मिलते ही वह लालच में आ गया और उसने चोरी कर फरार होने की योजना बनाई।

    मालिक को दिया झांसा

    5 अगस्त को गर्ग ने सभी पार्सल दुकानों से उठाए और शाम 7:10 बजे अपने 29 वर्षीय मालिक साहिल कोठारी को फोन कर बताया कि उसका बैग भर चुका है और मोबाइल में सिर्फ 5% चार्जिंग बची है, जो कभी भी बंद हो सकती है। इसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया और वह मुंबई से भाग गया। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    मालिक ने क्यों किया भरोसा?

    यहां यह भी सवाल उठता है कि मालिक ने इतने बड़े डील के लिए मेहुल पर क्यों भरोसा किया क्यों, कि वह तीन दिन पहले ही काम पर लगा था। इस पर पुलिस जांच में पता चला कि मेहुल गर्ग पहले भी साल 2023 से 2024 मार्च तक कोठारी के साथ काम कर चुका है। लेकिन वह उस समय नौकरी छोड़कर राजस्थान के उदयपुर में अपने गांव लौट गया था। इस वजह से उसपर पहले से भरोसा बना हुआ था। गांव जाने के कुछ दिनों बाद से ही वह लगातार कोठारी को कॉल कर फिर से नौकरी मांग रहा था। लेकिन कोठारी उसे मना करता रहा, क्योंकि फर्म में पहले से चार कर्मचारी थे। इसी बीच 2 अगस्त को एक कर्मचारी ने कुछ कारणवश नौकरी छोड़ दी, जिसके बाद कोठारी ने गर्ग को वापस से काम पर रख लिया।

    उदयपुर से गिरफ्तार

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 7 अगस्त को चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। कोठारी ने खुद जांच किया और जानकारी इकट्ठा कर पुलिस को बताया। जानकारी मिलते ही पार्सल लेकर फरार आरोपी को पुलिस ने उदयपुर स्थित उसके घर से धर दबोचा, जहां उसने चोरी के गहने छुपा रखे थे। पुलिस ने उसके खिलाफ विश्वासघात का मुकदमा दर्ज कर गुरुवार को अंधेरी कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे पुलिस कस्टडी में मामले की और अधिक तहकीकात के लिए भेज दिया गया है। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

  • बैंक में अब चेक क्लियरिंग के लिए इंतेज़ार करने की जरूरत नहीं, आरबीआई ने पेश किया नया सिस्टम

    बैंक में अब चेक क्लियरिंग के लिए इंतेज़ार करने की जरूरत नहीं, आरबीआई ने पेश किया नया सिस्टम

    भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से बुधवार को चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) को कंटीन्यूअस क्लिरिंग एंड सेटलमेंट ऑन रियलाइजेशन में परिवर्तित करने का ऐलान कर दिया है। इसके पहले चेक क्लियरिंग को लेकर लगभग 2 दिनों का समय लगता था पर अब कुछ ही घंटों में चेक क्लियर हो जाएगा।

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से बुधवार को चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) को कंटीन्यूअस क्लिरिंग एंड सेटलमेंट ऑन रियलाइजेशन में परिवर्तित करने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले के बाद से बैंक में चेक क्लियर होने की अवधि अब दो दिन से घटकर केवल कुछ ही घंटे रह जाएंगे।

    दो चरणों में होगा लागू

    केंद्रीय बैंक आरबीआई की ओर से यह कदम चेक क्लियरिंग सिस्टम को तेज करने के लिए किया जा रहा है। आरबीआई की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि नए सिस्टम को दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहला फेस 4 अक्टूबर, 2025 से 3 जनवरी, 2026 तक के लिए लागू होगा, जबकि दूसरा फेस 3 जनवरी के बाद से लागू होगा। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new system

    सुबह 10 से 4 तक का होगा समय

    आरबीआई ने नए सिस्टम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा, कि इसमें एक सिंगल प्रेजेंटेशन सेशन होगा, जिसमें चेक को सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक पेश करना होगा। इसके तहत चेक प्राप्त करने वाली बैंक को चेक को स्कैन करके क्लिरिंग हाउस को भेजना होगा। इसके बाद क्लिरिंग हाउस की उस चेक की इमेज को राशि अदा करने वाले बैंक के पास भेजे दिया जाएगा। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new system

    10 से 7 तक होगा कंफर्मेशन

    कंफर्मेशन सेशन सुबह 10 बजे से लेक शाम के 7 बज तक होगा। इसमें पैसे अदा करने वाले बैंक को उस चेक पर सकारात्मक या नकारात्मक कंफर्मेशन देना होगा। इसमें खास बात यह है कि हर चेक का एक ‘आइटम एक्सपायरी टाइम’ होगा, इसी समय के बीच पैसा अदा करनेवाली बैंक को कंफर्मेशन देनी आवश्यक है। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new system

    क्या होगा आइटम एक्सपायरी टाइम ?

    आरबीआई ने अपनी जानकारी में बताया कि कंटीन्यूअस क्लिरिंग एंड सेटलमेंट ऑन रियलाइजेशन के पहले चरण में सभी बैंक के लिए चेक के क्लियर करने का ‘आइटम एक्सपायरी टाइम’ शाम सात बजे निर्धारित किया गया है। दूसरे चरण में यह घटकर तीन घंटे का रह जाएगा। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new system

    बैंक को मिलेगा सिर्फ 3 घंटे का समय

    इसका मतलब यह है कि बैंक को चेक पेश होने के तीन घंटे के अंदर क्लियर करना होगा। सीटीएस के आने के बाद चेक के प्रेजेंटेशन की कोई एंट्री नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, आरबीआई ने वित्तीय क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जिम्मेदार और नैतिक सक्षमता के लिए एक ढांचा (फ्रीएआई) विकसित करने के लिए एक समिति की रिपोर्ट पेश की। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new system

    रिपोर्ट मे क्या कहा गया है?

    रिपोर्ट में वित्तीय क्षेत्र में एआई के उपयोग का मार्गदर्शन करने के लिए एक रूपरेखा तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य संबंधित जोखिमों से सुरक्षा करते हुए इसकी क्षमता का दोहन करना है। इसमें समिति ने एआई के इस्तेमाल के लिए 7 सूत्रीय विकसित किया है, जिसमें 6 रणनीतिक स्तंभों के तहत 26 सुझाव दिए गए हैं। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new syste

  • मुंबई में हरियाणा के 5 शार्प शूटर गिरफ्तार साथ में कई हथियार बरामद

    मुंबई में हरियाणा के 5 शार्प शूटर गिरफ्तार साथ में कई हथियार बरामद

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सन्नी नरेशकुमार, रवि अंग्रेज, राहुल पृथ्वीसिंह, अनुज कुलदीप कुमार और आदित्य योगेश कौशिक के रूप में हुई है। मुंबई क्राइम ब्रांच को मिली खूफिया जानकारी के आधार पर हुई धरपकड़..

    मुंबई: कॉटन ग्रीन रेलवे स्टेशन के पास से मुंबई क्राइम ब्रांच की हफ्ता वसूली विरोधी सेल ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से हथियार भी बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार सभी आरोपी शूटर बताए जा रहे हैं। अब तक की जांच में पता चला है कि ये सभी लोग हरियाणा से मुंबई आए हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच के पुलिस अधिकारी आरोपियों के पास से 50 जिंदा कारतूस और 4 पिस्तौल भी बरामद कर इस बात का पता लगाने में जुटी है कि ये लोग क्या किसी बड़ी योजना को अंजाम देने के लिए मुंबई आए थे? 5 sharp shooters from Haryana arrested in Mumbai and many weapons recovered

    किसने भेजा हत्यारों को मुंबई?

    घटना स्थल कालाचौकी पुलिस स्टेशन अंतर्गत होने की वजह से मुंबई क्राईम ब्रांच की टीम ने उन्हें पुलिस स्टेशन लेजाकर मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सन्नी नरेशकुमार, रवि अंग्रेज, राहुल पृथ्वीसिंह, अनुज कुलदीप कुमार और आदित्य योगेश कौशिक के रूप में हुई है। मुंबई क्राइम ब्रांच को मिली खूफिया जानकारी के आधार पर यह धरपकड़ हुई। पुलिस अब इन गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ये पता लगाने की कोशिश कर रही है, कि आखिर इन्हें मुंबई में हथियार लेकर किसने भेजा था और उनका इरादा क्या था?

    हरियाणा पुलिस भेजेगी रिकार्ड

    पुलिस को शक है कि ये किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के इरादे से मुंबई आए हुए थे। इनके पास से मिले हथियार और जिंदा कारतूस इसी बात की गवाही दे रहे हैं। पुलिस अब इन लोगों की क्राइम रिकार्ड का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है। हरियाणा पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है। 5 sharp shooters from Haryana arrested in Mumbai and many weapons recovered

    हो सकता है बड़ा खुलासा

    मुंबई क्राइम ब्रांच ने जब इन्हें मौके से पकड़ा तब अधिकारी ने पूछा, “क्या तुम्हारे पास जो पिस्तौल और कारतूस बरामद किया गया उसका लाइसेंस है?” तब गिरफ्तार आरोपियों ने कहा, “नहीं।” पूछा गया, कि “अगर लाइसेंस नहीं है, तो तुम हथियार किस काम से और कहां से लाए हो?” पूछने पर एक आरोपी ने बताया कि वह इसे बेचने के लिए लाया था।हालांकि, किसको बेचने के लिए लाया गया था? वो बता नही रहे हैं। इनके बयान तो सुन रहे हैं लेकिन अपने स्तर पर मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी जांच पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस को शक है कि कहीं किसी बड़ी योजना को अंजाम देने के लिए मुंबई आए हों?

    मुंबई के कालाचौकी पुलिस स्टेशन में गिरफ्तार इन सभी पांचो आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। 5 sharp shooters from Haryana arrested in Mumbai and many weapons recovered

  • पाकिस्तानी कनेक्शन में 2 आतंकी गिरफ्तार

    पाकिस्तानी कनेक्शन में 2 आतंकी गिरफ्तार

    एंटी टेररिस्ट स्क्वाड यानी एटीएस ने यूपी के अमरोहा और महाराष्ट्र के ठाणे जिले से अजमल अली और उसामा माज को गिरफ्तार किया है। दोनों ‘Reviving Islam’ नामक सोशल मीडिया ग्रुप से जुड़े थे इस ग्रुप के 3 एडमिन सहित 400 पाकिस्तानी सदस्य बताए जा रहे हैं।

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई:
    एंटी टेररिस्ट स्क्वाड यानी ATS ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। यूपी के अमरोहा और महाराष्ट्र के ठाणे जिले से अजमल अली और उसामा माज नामक दो युवकों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि ये दोनों ‘Reviving Islam‘ नामक एक सोशल मीडिया ग्रुप से जुड़े थे, जिसमें 400 से ज्यादा पाकिस्तानी मेंबरों में 3 एडमिन शामिल हैं। इस ग्रुप के जरिए दोनों युवक राष्ट्र विरोधी बातें और गैर-मुस्लिमों के खिलाफ कट्टरपंथी सोच फैलाते थे।

    एटीएस कर रही है जांच

    एटीएस की जांच में पता चला है कि ये युवक पाकिस्तान के नागरिकों से सोशल मीडिया के जरिए लगातार कॉन्टैक्ट में थे। इस ग्रुप में चुनी हुई सरकार को गिराने और देश में शरिया कानून लागू करने जैसी बातें होती थीं। फिलहाल, एटीएस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

    महाराष्ट्र के ठाणे में बड़ी कार्रवाई

    इससे पहले एटीएस ने 2 जून को ठाणे के पडघा और बोरीवली में बड़े पैमाने पर छापेमारी की थी। ATS ने मुंबई, ठाणे, भिवंडी और अन्य जिलों में 15 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई प्रतिबंधित संगठन सिमी (SIMI) के पूर्व पदाधिकारी और ISIS महाराष्ट्र मॉड्यूल केस के मेन एक्यूज्ड साकिब नाचन के ठिकानों समेत उसके कॉन्टैक्ट में रहे कई अन्य संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। छापेमारी सिर्फ साकिब नाचन तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके कॉन्टैक्ट में रहे या उससे जुड़े अन्य संदिग्धों पर भी एजेंसी की नजर है।

    तिहाड़ जेल में कैद

    नाचन कुख्यात आतंकी अबू सुलेमान, अबू सुल्तान और मोहम्मद भाई जैसे दहशतगर्दों के सीधे कॉन्टैक्ट में था। रिपोर्ट के मुताबिक, नाचन ने ही अन्य सदस्यों को बाकी आतंकियों को शपथ दिलाई और साजिश को अंजाम देने की योजना बनाई थी। फिलहाल, साकिब नाचन तिहाड़ जेल में कैद है।