Category: National News

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  • DMart शॉपिंग: इन वस्तुओं को खरीदने से पहले रहें सावधान

    DMart शॉपिंग: इन वस्तुओं को खरीदने से पहले रहें सावधान

    DMart में डिस्काउंट देखकर खरीदारी करने से पहले सावधान रहें। एक्सपायरी डेट, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स पर ध्यान न देने से नुकसान हो सकता है।

    डीमार्ट (DMart) आज मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए खरीदारी का सबसे लोकप्रिय सुपरमार्केट बन चुका है। यहां किराना, कपड़े, ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, दवाइयाँ, घर सजावट का सामान से लेकर छोटे-बड़े इलेक्ट्रॉनिक आइटम तक सब कुछ एक ही जगह पर मिल जाता है।

    ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए यहां पूरे साल डिस्काउंट ऑफर चलते रहते हैं। लेकिन क्या वाकई ये डिस्काउंट हमेशा फायदे का सौदा होते हैं? अगर आप भी DMart में खरीदारी करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद ज़रूरी है।

    डिस्काउंट ऑफर में छिपा रिस्क

    मध्यमवर्गीय परिवार अक्सर डिस्काउंट देखकर खरीदारी करते हैं। लेकिन कई बार ये डिस्काउंट ऑफर पुराने स्टॉक या एक्सपायरी डेट के करीब पहुँच चुके सामान पर चलते हैं। ऐसे में अगर आपने बिना देखे सामान खरीदा तो बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है।

    👉 खासकर खाद्य पदार्थ और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स खरीदते समय उनकी एक्सपायरी डेट ज़रूर चेक करें।

    कपड़े खरीदने से पहले तुलना ज़रूरी

    डीमार्ट में कपड़ों पर बड़ी छूट दी जाती है। लेकिन कई बार वही कपड़े आपको लोकल मार्केट या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर और भी कम कीमत में मिल सकते हैं।

    👉 इसलिए कपड़े खरीदने से पहले अन्य दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे अमेज़न, मिंत्रा या फ्लिपकार्ट की कीमत ज़रूर चेक करें।

    इलेक्ट्रॉनिक सामान पर न करें जल्दबाज़ी

    डीमार्ट में इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स भी उपलब्ध होते हैं। लेकिन इनकी कीमत हमेशा कम हो ऐसा ज़रूरी नहीं।
    अक्सर त्योहारों के समय अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर बेहतर डील मिल जाती है।

    👉 इसलिए फ्रिज, मिक्सर, मोबाइल एक्सेसरीज़ या छोटे गैजेट्स खरीदने से पहले उनकी ऑनलाइन कीमत ज़रूर जांचें।

    त्योहारों के समय बचत का सही तरीका

    दसरा और दिवाली जैसे त्योहारों में डीमार्ट ग्राहकों से खचाखच भरा रहता है। इस दौरान बड़े-बड़े ऑफर दिए जाते हैं।
    लेकिन याद रखें, त्योहारों पर सिर्फ डीमार्ट ही नहीं बल्कि अन्य स्टोर्स और ई-कॉमर्स साइट्स पर भी डिस्काउंट चलते हैं।

    👉 समझदारी इसी में है कि खरीदारी करने से पहले अलग-अलग जगह की कीमतें और ऑफर तुलना करके फिर फैसला लिया जाए।

    आर्थिक नुकसान से कैसे बचें?

    • हमेशा एक्सपायरी डेट देखकर ही खाद्य और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स खरीदें।
    • कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदने से पहले ऑनलाइन और ऑफलाइन कीमत की तुलना करें।
    • त्योहारों के सीजन में धैर्य रखें और ऑफर्स की जांच-पड़ताल करें।
    • सिर्फ डिस्काउंट देखकर सामान न खरीदें, ज़रूरत और क्वालिटी को प्राथमिकता दें।

    डीमार्ट में शॉपिंग करना वाकई सस्ता और सुविधाजनक है, लेकिन अगर आप सावधानी नहीं बरतेंगे तो डिस्काउंट के चक्कर में आपका आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए अगली बार जब भी डीमार्ट जाएं, तो सावधानी से खरीदारी करें और तुलना करना न भूलें।

  • मुंबई एयरपोर्ट पर हंगामा, फ्लाइट लेट होने से यात्रियों की परेशानी

    मुंबई एयरपोर्ट पर हंगामा, फ्लाइट लेट होने से यात्रियों की परेशानी

    मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मैनेजमेंट और कर्मचारियों के विवाद से फ्लाइट लेट, यात्रियों को हुई भारी असुविधा। जानें पूरी घटना।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का आंतरराष्ट्रीय विमानतळ (मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट) मंगलवार सुबह अचानक चर्चा में आ गया, जब एयरपोर्ट मैनेजमेंट और कर्मचारियों के बीच हुए विवाद ने यात्रियों को परेशान कर दिया। इस विवाद के कारण कुछ देर के लिए एयरपोर्ट का कामकाज बाधित हुआ और एक विमान का उड़ान समय पर नहीं हो सका।

    अचानक क्यों हुआ हंगामा?

    सुबह जैसे ही विमान उड़ान के लिए तैयार था, तभी एयरपोर्ट प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच टकराव हो गया। मामूली विवाद धीरे-धीरे बढ़ गया और कामकाज ठप्प हो गया। विमान के यात्रियों को सीटों पर इंतजार करना पड़ा और उन्हें जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इस वजह से माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया।

    यात्रियों को जानकारी न देने की शिकायत

    घटना के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों को हुई। कई यात्रियों ने शिकायत की कि उन्हें फ्लाइट लेट होने की वजह या अन्य जरूरी जानकारी समय पर नहीं दी गई। कई लोग जरूरी मीटिंग, मेडिकल अपॉइंटमेंट और ट्रांजिट फ्लाइट मिस होने की चिंता में परेशान नजर आए।

    एक यात्री ने कहा – “अगर हमें सही समय पर जानकारी दी जाती, तो हम अपना अगला शेड्यूल एडजस्ट कर सकते थे। लेकिन यहां घंटों बैठने के बावजूद कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा था।”

    कामगार संघटना का बयान

    कामगार संघटना के पदाधिकारी सुहास माटे ने बताया कि, एयरपोर्ट मैनेजमेंट और कर्मचारियों के बीच संवादहीनता के कारण यह स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि बातचीत के बाद समस्या का समाधान कर लिया गया है और अब एयरपोर्ट पर कामकाज सामान्य रूप से शुरू हो गया है।

    विवाद का समाधान और स्थिति नियंत्रण में

    कुछ घंटों की चर्चा और मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि अब फ्लाइट ऑपरेशन सामान्य हो गया है और यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा पर कोई असर नहीं पड़ा है।

    एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुरक्षा और भरोसा

    मुंबई एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में से एक है। यहां रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं यात्रियों के लिए चिंता का विषय हैं। हालांकि, अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस तरह की स्थिति न बने इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

    विशेषज्ञों की राय

    एविएशन क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थान पर कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच तालमेल जरूरी है। अगर ऐसे विवाद समय पर हल न हों तो यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

    यात्रियों की उम्मीदें

    यात्रियों का कहना है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी को पारदर्शिता के साथ यात्रियों को तुरंत अपडेट देना चाहिए। टेक्नोलॉजी के इस दौर में मोबाइल अलर्ट और ईमेल अपडेट से यात्रियों को तुरंत सूचना दी जा सकती है।

    मुंबई एयरपोर्ट पर हुआ यह विवाद भले ही कुछ घंटों में सुलझ गया हो, लेकिन इसने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। आने वाले समय में यात्रियों को बेहतर सेवा और पारदर्शिता मिले, यही सबसे बड़ी उम्मीद है।

  • मुंबई में ईद की छुट्टी अब 8 सितंबर को मनाई जाएगी

    मुंबई में ईद की छुट्टी अब 8 सितंबर को मनाई जाएगी

    महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई और उपनगरों में ईद-ए-मिलाद की छुट्टी 5 सितंबर से बदलकर 8 सितंबर कर दी है। यह निर्णय गणेश विसर्जन और मुस्लिम समुदाय की सहमति से लिया गया।

    📍 सरकार का बड़ा ऐलान

    महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को घोषणा कर दी कि मुंबई शहर और उपनगरों में ईद-ए-मिलाद की सार्वजनिक छुट्टी अब 5 सितंबर के बजाय 8 सितंबर को होगी। राज्य के अन्य जिलों में पहले से घोषित 5 सितंबर की छुट्टी यथावत रहेगी। हालांकि मुस्लिम समुदाय के उलेमाओं ने फातिहा और कुरानखानी का इंतेज़ाम 5 सितंबर को ही करने का फैसला किया है। शहर भर में मुस्लिम समुदाय 4 सितंबर की शाम से ही ईद ए मिलाद की तैयारी करने वाले है। Eid holiday in Mumbai will now be celebrated on 8 September

    🤝 बदलाव क्यों किया गया?

    इस वर्ष अनंत चतुर्दशी (6 सितंबर) और गणेश विसर्जन का आयोजन बड़े पैमाने पर होने वाला है। ऐसे में ट्रैफिक व्यवस्था और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए मुस्लिम समुदाय ने अपनी ईद-ए-मिलाद का जुलूस 8 सितंबर को निकालने का निर्णय लिया है। Eid holiday in Mumbai will now be celebrated on 8 September

    सरकार ने इस सहमति को स्वीकार करते हुए छुट्टी की तारीख बदल दी। Eid holiday in Mumbai will now be celebrated on 8 September

    🕌 मुस्लिम समुदाय की पहल

    • मुस्लिम समाज ने गणेश भक्तों और जुलूस में शामिल लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए खुद तारीख बदलने का प्रस्ताव रखा।
    • यह कदम धार्मिक एकता और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करता है।
    • इसी वजह से सरकार ने भी तुरंत नोटिफिकेशन जारी कर इस बदलाव को लागू कर दिया।

    हालांकि इसके लिए राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेसी विधायक असलम शेख और कई उलेमाओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चिट्ठी लिखी थी। इसके बाद सरकार ने 5 सितंबर की जगह 8 सितंबर को ईद ए मिलाद की छुट्टी घोषित कर दी। Eid holiday in Mumbai will now be celebrated on 8 September

    🏛️ सरकारी आदेश क्या कहता है?

    • मुंबई शहर और उपनगरों के सरकारी कार्यालय 5 सितंबर को सामान्य रूप से खुले रहेंगे।
    • केवल 8 सितंबर को ईद-ए-मिलाद की छुट्टी लागू होगी।
    • महाराष्ट्र के अन्य जिलों में पहले घोषित 5 सितंबर की छुट्टी ही मान्य होगी।

    🙏 गणेशोत्सव और ईद एक साथ

    मुंबई में हर साल की तरह इस बार भी गणेशोत्सव बेहद धूमधाम से मनाया जा रहा है।

    • अनंत चतुर्दशी 6 सितंबर को है, जिस दिन लाखों गणेश मूर्तियों का विसर्जन होगा।
    • विसर्जन यात्रा और ईद-ए-मिलाद का जुलूस एक साथ होने से कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक पर दबाव बढ़ सकता था।
    • ऐसे में मुस्लिम समाज ने आगे आकर जुलूस की तारीख आगे बढ़ाई, जिसे सभी ने सराहा।

    🌍 सौहार्द और भाईचारे की मिसाल

    मुंबई हमेशा से गंगा-जमुनी तहज़ीब के लिए जानी जाती है।

    • गणेशोत्सव और ईद जैसे पर्वों का एक ही समय पर आना चुनौती बन सकता था, लेकिन दोनों समुदायों ने मिलकर इसे शांति और आपसी सम्मान के साथ हल कर दिया।
    • यह कदम बताता है कि मुंबई की पहचान सिर्फ आर्थिक राजधानी ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक एकता भी है।

    📊 छुट्टियों का कैलेंडर कैसे बदलेगा?

    • मुंबई और उपनगर → ईद-ए-मिलाद की छुट्टी 8 सितंबर को
    • महाराष्ट्र के अन्य जिले → ईद-ए-मिलाद की छुट्टी 5 सितंबर को
    • सरकारी दफ्तर (मुंबई) → 5 सितंबर को खुले रहेंगे, 8 सितंबर को बंद रहेंगे

    ✅ इसका असर आम लोगों पर

    • स्कूल-कॉलेज: मुंबई में 5 सितंबर को छुट्टी नहीं, बल्कि 8 सितंबर को छुट्टी रहेगी।
    • ऑफिस कर्मचारी: सरकारी आदेश के मुताबिक प्राइवेट और सरकारी दफ्तर 8 सितंबर को बंद रहेंगे।
    • धार्मिक जुलूस: गणेश विसर्जन और ईद की जुलूस अब अलग-अलग दिन होने से ट्रैफिक व्यवस्था आसान होगी।

    मुंबई में ईद-ए-मिलाद की छुट्टी 5 सितंबर से बदलकर 8 सितंबर कर दी गई है।
    यह बदलाव धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए किया गया है, ताकि गणेश विसर्जन और ईद की जुलूस में किसी तरह की परेशानी न हो। Eid holiday in Mumbai will now be celebrated on 8 September

    👉 यह फैसला बताता है कि मुंबई की ताकत उसकी सांप्रदायिक एकता और भाईचारे में है।

  • GST रेट कटौती: रोज़मर्रा के सामान से गाड़ियां तक सस्ती

    GST रेट कटौती: रोज़मर्रा के सामान से गाड़ियां तक सस्ती

    GST Council ने टैक्स ढांचा बदलकर चार स्लैब को घटाकर दो कर दिया। अब रोज़मर्रा के सामान, खाने-पीने की चीजें, इंश्योरेंस, गाड़ियां, सीमेंट और दवाइयां होंगी सस्ती। नया नियम 22 सितंबर से लागू होगा।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: देश की सबसे बड़ी टैक्स सुधार बैठक में GST Council ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब तक चार स्लैब (5%, 12%, 18% और 28%) थे, जिन्हें घटाकर केवल दो स्लैब – 5% और 18% कर दिया गया है। इसके अलावा कुछ लग्ज़री और सिगरेट-तंबाकू जैसे उत्पादों पर 40% टैक्स लगाया जाएगा। GST rate cut: Everything from everyday items to vehicles becomes cheaper

    🥘 रोज़मर्रा की खाने-पीने की चीजें होंगी सस्ती

    • पनीर, सभी प्रकार की भारतीय रोटियां और पराठे अब बिल्कुल टैक्स फ्री (0%) होंगे।
    • मक्खन, घी, कॉर्न फ्लेक्स, नमकीन, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, कॉफ़ी, जूस, आइसक्रीम, बिस्किट जैसी चीज़ों पर अब 5% GST लगेगा (पहले 18% था)।
    • 20 लीटर पैक्ड पानी, जैम-जैली, ड्राई फ्रूट्स और कन्फेक्शनरी आइटम्स भी 5% स्लैब में आ गए हैं।

    🧴 घरेलू और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स

    • टूथपेस्ट, टूथब्रश, शैम्पू, साबुन, टैल्कम पाउडर और हेयर ऑयल पर टैक्स 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
    • किचनवेयर, टेबल-चेयर, साइकिल, छाता और घरेलू बर्तन भी 5% स्लैब में आ गए हैं।

    🏥 स्वास्थ्य सेवाओं और दवाओं पर राहत

    • सभी लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियां अब टैक्स फ्री होंगी।
    • 33 ज़रूरी और जीवन रक्षक दवाइयां (कैंसर की दवाइयां भी शामिल) को 0% GST में लाया गया है।
    • डायग्नोस्टिक किट, मेडिकल उपकरण, चश्मे और ग्लूकोमीटर जैसे प्रोडक्ट्स पर टैक्स 12% से घटकर 5% हो गया है।

    🚗 ऑटोमोबाइल सेक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स

    • पेट्रोल और डीज़ल की छोटी गाड़ियां (1200 cc तक पेट्रोल और 1500 cc तक डीज़ल) अब 18% स्लैब में होंगी (पहले 28%)।
    • मोटरसाइकिल 350cc तक, टीवी, एसी, डिशवॉशर, वॉशिंग मशीन भी 18% स्लैब में आ गए हैं।
    • इलेक्ट्रिक गाड़ियां (EVs) पहले की तरह 5% GST में रहेंगी।
    • बड़ी गाड़ियां, 350 cc से ऊपर की बाइक, यॉट और प्राइवेट एयरक्राफ्ट पर 40% टैक्स लगेगा।

    🏗️ रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर

    • सीमेंट पर टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
    • स्टील और निर्माण सामग्री पर भी दरें घटाई गई हैं।
    • इससे हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की लागत घटेगी और घर खरीदना आसान होगा।

    🌾 किसानों और कृषि उपकरणों के लिए राहत

    • खाद्य प्रसंस्करण मशीनें, चारा मशीन, सॉयल हार्वेस्टिंग मशीनें अब 5% स्लैब में।
    • प्राकृतिक मेंथॉल, बायो पेस्टिसाइड्स और ग्रेनाइट ब्लॉक्स पर टैक्स 12% से घटकर 5%

    🚬 तंबाकू और पान मसाला पर सख़्ती

    • पान मसाला, गुटखा, सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स 28% + 40% सेस लगेगा।
    • शुगर वाली कोल्ड ड्रिंक और एनर्जी ड्रिंक भी 40% टैक्स के दायरे में आएंगे।

    🗓️ नई दरें कब से लागू होंगी?

    नई जीएसटी दरें 22 सितंबर 2025 से, नवरात्रि के पहले दिन से लागू होंगी। GST rate cut: Everything from everyday items to vehicles becomes cheaper

  • जरांगे पाटील आंदोलन में महिला पत्रकारों से बदसलूकी, मीडिया बॉयकॉट की चेतावनी

    जरांगे पाटील आंदोलन में महिला पत्रकारों से बदसलूकी, मीडिया बॉयकॉट की चेतावनी

    मुंबई प्रेस क्लब और टीवीजेए ने जरांगे पाटील समर्थकों पर महिला पत्रकारों से बदसलूकी का आरोप लगाया, कार्रवाई नहीं हुई तो मीडिया बॉयकॉट की चेतावनी। Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

    मुंबई | मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच मुंबई प्रेस क्लब और टीवी जर्नलिस्ट एसोसिएशन (TVJA) ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि आज़ाद मैदान पर मनोज जरांगे पाटील के आंदोलन के दौरान महिला पत्रकारों के साथ लगातार बदसलूकी और छेड़छाड़ की घटनाएं हो रही हैं। इन घटनाओं से नाराज़ मीडिया संगठनों ने जरांगे पाटील को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि अगर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो मीडिया संस्थान आंदोलन की कवरेज का बॉयकॉट कर सकते हैं। Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

    📌 प्रेस क्लब और टीवीजेए का कड़ा बयान

    मुंबई प्रेस क्लब ने अपने आधिकारिक बयान में कहा,
    “हम महिला पत्रकारों और मीडिया पेशेवरों के साथ हो रही बदसलूकी, धमकी और अपमानजनक व्यवहार की कड़ी निंदा करते हैं। प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।” Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

    टीवी जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने भी जरांगे पाटील को लिखे पत्र में गहरी नाराज़गी जताते हुए कहा कि रिपोर्टरों और कैमरामैन को लगातार अपशब्द, धक्कामुक्की और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

    📌 जरांगे पाटील का रुख और विवादित बयान

    टीवीजेए के अध्यक्ष उदय जाधव ने बताया कि जब संगठन ने यह शिकायत जरांगे पाटील के सामने रखी तो उनका जवाब बेहद चौंकाने वाला था।
    जरांगे पाटील ने कहा, “आप लोग यहां मेहमान हैं, कुछ दिन एडजस्ट कर लीजिए।”

    इस बयान पर पत्रकार संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और सवाल उठाया कि आखिर महिला पत्रकारों को “एडजस्ट” क्यों करना चाहिए, जब आंदोलन में शामिल लोग ही उनकी सुरक्षा और सम्मान को चुनौती दे रहे हैं। Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

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    आंदोलन की ताज़ा तस्वीर

    📌 आंदोलन की पृष्ठभूमि

    मनोज जरांगे पाटील पिछले कई महीनों से मराठा समाज को ओबीसी कोटा दिलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका प्रमुख आग्रह है कि मराठवाड़ा क्षेत्र के सभी मराठाओं को “कुनबी” दर्जा दिया जाए ताकि उन्हें ओबीसी आरक्षण का लाभ मिल सके।

    जरांगे पाटील ने राज्य सरकार से मांग की है कि हैदराबाद और सतारा गैजेट्स में दर्ज मराठाओं को तुरंत कुनबी प्रमाणपत्र जारी किया जाए। साथ ही उन्होंने औंध और बॉम्बे गैजेट्स में दर्ज नामों को भी इस श्रेणी में शामिल करने की बात कही है।

    📌 मीडिया का अल्टीमेटम

    पत्रकार संगठनों ने साफ कहा है कि अगर जरांगे पाटील और उनकी टीम ने आंदोलन स्थल पर अनुशासन नहीं बनाए रखा और पत्रकारों, खासकर महिला रिपोर्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की, तो मजबूरन मीडिया संस्थान कवरेज से पीछे हट जाएंगे।

    मुंबई प्रेस क्लब ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा है कि “प्रेस की आज़ादी और महिला पत्रकारों की सुरक्षा पर कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

  • ₹500 नोट को लेकर RBI का बड़ा अपडेट, जानें नया नियम

    ₹500 नोट को लेकर RBI का बड़ा अपडेट, जानें नया नियम

    आरबीआई ने ₹500 के नोट को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। नोट बंद होने की अफवाह गलत है, नए नियम और गाइडलाइंस जानना सभी के लिए जरूरी है।

    मुंबई: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और आम बातचीत में यह चर्चा तेजी से चल रही है कि ₹500 के नोट बंद होने वाले हैं। कई लोग तो अब ₹500 के नोट लेने से भी कतराने लगे हैं। लेकिन इन सब अफवाहों पर अब रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने साफ-साफ बयान दिया है। RBI’s big update on ₹ 500 note, know the new rule

    🚫 ₹500 नोट बंद नहीं होंगे

    आरबीआई ने कहा है कि ₹500 का नोट चलन में बना रहेगा और इसे लेकर किसी भी तरह की बंदी की अफवाह पूरी तरह गलत है। कुछ समय पहले ₹2000 के नोट चलन से बाहर कर दिए गए थे, जिसके बाद से ही बाजार में ₹500 के नोट की सबसे ज्यादा मांग है। चूंकि एटीएम और बैंकों से ₹500 के नोट की उपलब्धता कम हो रही है, इस वजह से लोगों ने कयास लगाना शुरू कर दिया था कि यह भी जल्द बंद हो जाएगा। लेकिन आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि ₹500 के नोट को बंद करने की कोई योजना नहीं है।

    🏦 बैंक से नोट बदलने का नियम

    आरबीआई ने यह भी कहा है कि अगर किसी व्यक्ति को एटीएम से या लेन-देन के दौरान फटा हुआ, गंदा या कट हुआ ₹500 का नोट मिलता है, तो वह इसे सीधे अपने बैंक में जाकर बदल सकता है। बैंक की जिम्मेदारी होगी कि ग्राहक को खराब नोट के बदले सही और फिट नोट उपलब्ध कराए। RBI’s big update on ₹ 500 note, know the new rule

    🔍 ₹500 नोट की पहचान कैसे करें?

    बाजार में नकली नोट की घटनाओं को देखते हुए आरबीआई ने ₹500 नोट पहचानने के लिए कुछ गाइडलाइंस भी जारी की हैं।

    1. दाहिनी तरफ अशोक स्तंभ का प्रतीक साफ नजर आना चाहिए।
    2. नोट पर स्वच्छ भारत अभियान का लोगो और स्लोगन मौजूद होता है।
    3. पीछे की तरफ लाल किले की आकृति और छपाई का साल लिखा होता है।
    4. नोट पर छूने पर उभरी हुई छपाई महसूस होनी चाहिए।
    5. सिक्योरिटी थ्रेड में रंग बदलने का असर नजर आता है।

    🚮 कौन से नोट माने जाएंगे “अनफिट”?

    आरबीआई के अनुसार कुछ नोट ऐसे होते हैं जिन्हें “अनफिट” माना जाता है और जिन्हें बदलवाना जरूरी है:

    • अगर नोट बहुत ज्यादा गंदा है या उस पर मिट्टी जम गई है।
    • अगर नोट का रंग फीका पड़ गया है।
    • अगर नोट किनारे से 20% तक फटा हुआ है।
    • अगर नोट पर इंक फैल गई है और पहचान मुश्किल है।

    ऐसे नोट बैंक में आसानी से बदलवाए जा सकते हैं।

    🤔 लोग क्यों कर रहे थे अफवाहों पर भरोसा?

    दरअसल, ₹2000 का नोट बंद होने के बाद से ही लोग आशंकित हो गए थे कि ₹500 का नोट भी जल्द बंद हो जाएगा। खासकर मुंबई और आसपास के इलाकों में कई दुकानदार ग्राहकों से ₹500 का नोट लेने से बचने लगे। इसका असर यह हुआ कि आम जनता में डर और भ्रम की स्थिति बन गई। इसी वजह से आरबीआई को आधिकारिक बयान जारी करना पड़ा। RBI’s big update on ₹ 500 note, know the new rule

    ✅ निष्कर्ष

    • ₹500 के नोट बंद नहीं होंगे।
    • खराब या फटे नोट बैंक में बदल सकते हैं।
    • नकली नोट की पहचान के लिए आरबीआई की गाइडलाइन को समझना जरूरी है।
    • अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक जानकारी पर ध्यान दें।

    मुंबई जैसे बड़े शहर में जहां रोज़ाना करोड़ों का लेन-देन होता है, वहां ₹500 का नोट सबसे बड़ा सहारा है। ऐसे में आरबीआई का यह बयान आम जनता और व्यापारियों के लिए राहत की खबर है। RBI’s big update on ₹ 500 note, know the new rule

  • मराठा आरक्षण आंदोलन से मुंबई कारोबारियों को भारी नुकसान

    मराठा आरक्षण आंदोलन से मुंबई कारोबारियों को भारी नुकसान

    मराठा आरक्षण आंदोलन से दक्षिण मुंबई में यातायात ठप हो गया है। कारोबारियों का कहना है कि भीड़ और अफरा-तफरी से व्यापार पर गहरा असर पड़ा है, सरकार से हस्तक्षेप की मांग।

    मुंबई: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का असर अब व्यापारियों और कारोबार पर गहराई से दिखाई देने लगा है। दक्षिण मुंबई के आज़ाद मैदान में मनोज जरांगे के नेतृत्व में हो रहे आंदोलन के कारण सड़कों पर भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम ने कारोबारी गतिविधियों को ठप कर दिया है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन (FRTWA) के अध्यक्ष वीरन शाह ने कहा कि “आज़ाद मैदान के आसपास का इलाका पूरी तरह से अव्यवस्थित हो चुका है। सड़कों पर जाम, पुलिस की नाकाबंदी और बढ़ती भीड़ के चलते कारोबारियों को भारी नुकसान हो रहा है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक रही तो व्यापार पर गहरा संकट खड़ा हो सकता है।” Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    आंदोलन से शहर की रफ्तार थमी

    पिछले दो दिनों से मुंबई लगातार बारिश और मराठा आंदोलन की वजह से जाम की मार झेल रही है। खासकर CST, फोर्ट, मरीन लाइन्स और कोलाबा जैसे इलाकों में ट्रैफिक जाम और दुकानों पर कम ग्राहकों की आवक ने कारोबारियों को चिंता में डाल दिया है। छोटे व्यापारियों का कहना है कि भीड़ और अव्यवस्था के कारण लोग खरीदारी के लिए बाजार तक नहीं पहुँच पा रहे हैं। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    व्यापारियों का सरकार से निवेदन

    FRTWA समेत कई व्यापारी संगठनों ने सरकार से अपील की है कि स्थिति को सामान्य करने के लिए तुरंत हस्तक्षेप किया जाए। उनका कहना है कि आंदोलनकारियों की मांगें जायज़ हो सकती हैं लेकिन इस दौरान दैनिक जीवन और आर्थिक गतिविधियों को ठप होने से रोकना भी ज़रूरी है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    वीरन शाह ने साफ कहा कि “हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि आंदोलन को संवाद और चर्चा के ज़रिए हल किया जाए। व्यापारी और आम जनता रोज़ाना लाखों का नुकसान झेल रही है। सिर्फ यातायात ही नहीं बल्कि होटलों, रेस्टोरेंट्स और रिटेल दुकानों की बिक्री भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।” Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या

    आज़ाद मैदान और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के आसपास रोज़ाना हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो रहे हैं। इससे न सिर्फ ट्रैफिक ठप हो रहा है बल्कि सुरक्षा कारणों से कई दुकानों को बंद रखने की नौबत भी आ गई है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    प्रदर्शनकारियों ने यहां डेरा जमा लिया है और कई लोग सड़क किनारे खाना बना रहे हैं। इससे इलाके का सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    पुलिस और प्रशासन की चुनौती

    मुंबई पुलिस और BMC के लिए भीड़ को नियंत्रित करना और व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस लगातार ट्रैफिक डायवर्ट कर रही है लेकिन इसके बावजूद दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, स्कूल-कॉलेज के छात्रों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    आंदोलन और आर्थिक नुकसान

    व्यापारियों का कहना है कि इस आंदोलन से रोज़ाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। कई व्यापारी संगठनों ने अंदेशा जताया है कि अगर आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज़ हुआ तो दक्षिण मुंबई की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    नतीजा

    मराठा आरक्षण आंदोलन जहां एक तरफ समुदाय के अधिकारों की लड़ाई है, वहीं दूसरी ओर इसका असर मुंबई के आम नागरिकों और व्यापार पर भी साफ देखा जा रहा है। सरकार के सामने अब दोहरी चुनौती है—एक तरफ आंदोलनकारियों की मांगों को पूरा करना और दूसरी ओर शहर की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को सुचारू बनाए रखना। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

  • साइबर सुरक्षा: सीईआरटी-इन का फ्री बॉट रिमूवल टूल डाउनलोड करें

    साइबर सुरक्षा: सीईआरटी-इन का फ्री बॉट रिमूवल टूल डाउनलोड करें

    भारत सरकार का सीईआरटी-इन नागरिकों को साइबर सुरक्षा के लिए “फ्री बॉट रिमूवल टूल” डाउनलोड करने की सलाह दे रहा है। जानें कैसे बचे मालवेयर और बॉटनेट से। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    आज के डिजिटल दौर में हर कोई इंटरनेट और स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। हैकर्स अक्सर बॉटनेट (Botnet) और मालवेयर (Malware) के जरिए लोगों के मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिवाइस पर हमला करते हैं। ऐसे हमलों से न केवल आपकी पर्सनल जानकारी चोरी हो सकती है, बल्कि बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड और डिजिटल पेमेंट से जुड़ी जानकारियां भी खतरे में पड़ जाती हैं। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    इसी खतरे को देखते हुए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत काम करने वाली सीईआरटी-इन (CERT-In) यानी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने आम जनता के लिए खास पहल की है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    सीईआरटी-इन का “फ्री बॉट रिमूवल टूल”

    सीईआरटी-इन ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने डिवाइस को सुरक्षित रखने के लिए सरकार की आधिकारिक वेबसाइट https://www.csk.gov.in से “फ्री बॉट रिमूवल टूल” डाउनलोड करें। यह टूल खास तौर पर ऐसे सॉफ़्टवेयर और प्रोग्राम को पहचानता है जो आपके डिवाइस को संक्रमित कर सकते हैं। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    इस टूल की मदद से –

    • आपके कंप्यूटर या मोबाइल में मौजूद हानिकारक बॉटनेट को हटाया जा सकता है।
    • डिवाइस की सिक्योरिटी को मजबूत बनाया जा सकता है।
    • ऑनलाइन लेन-देन और पर्सनल डाटा को चोरी होने से बचाया जा सकता है।

    बॉटनेट और मालवेयर क्या हैं?

    बॉटनेट ऐसे संक्रमित डिवाइसों का नेटवर्क होता है जिसे साइबर अपराधी कंट्रोल करते हैं। एक बार डिवाइस संक्रमित हो जाए, तो उसे रिमोटली इस्तेमाल कर स्पैम ईमेल भेजने, ऑनलाइन धोखाधड़ी करने या बड़े स्तर पर साइबर अटैक करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
    मालवेयर यानी हानिकारक सॉफ़्टवेयर आपके डिवाइस में घुसकर आपकी जानकारी चुरा सकता है या सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    कैसे बचें साइबर हमलों से?

    सीईआरटी-इन और दूरसंचार विभाग ने नागरिकों को कुछ आसान साइबर सुरक्षा टिप्स भी दिए हैं:

    1. फ्री बॉट रिमूवल टूल ज़रूर डाउनलोड करें।
    2. अपने मोबाइल और कंप्यूटर में हमेशा एंटीवायरस अपडेट रखें।
    3. अनजान लिंक या संदिग्ध ईमेल पर क्लिक करने से बचें।
    4. डिजिटल पेमेंट और बैंकिंग ऐप्स में हमेशा टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें।
    5. समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें और स्ट्रॉन्ग पासवर्ड रखें।

    क्यों है जरूरी यह टूल?

    मुंबई जैसे बड़े शहरों में रोज़ हजारों लोग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं। साइबर फ्रॉड के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में कई मामलों में देखा गया कि लोगों के डिवाइस पर मालवेयर अटैक हुआ और उनकी बैंक अकाउंट डिटेल्स चोरी हो गईं। ऐसे में यह टूल हर नागरिक के लिए बेहद जरूरी है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    नतीजा

    भारत सरकार की यह पहल आम नागरिकों को साइबर अपराधियों से सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि हर कोई इस फ्री बॉट रिमूवल टूल को डाउनलोड कर लेता है और बुनियादी सावधानियां बरतता है, तो न केवल व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित रहेगा बल्कि देश की साइबर सुरक्षा भी मजबूत होगी। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

  • रूसी तेल से भारत को सिर्फ 2.5 अरब डॉलर का फायदा

    रूसी तेल से भारत को सिर्फ 2.5 अरब डॉलर का फायदा

    CLSA रिपोर्ट के अनुसार भारत को रूसी तेल से केवल 2.5 अरब डॉलर का वार्षिक लाभ हुआ। आयात बंद करने पर तेल \$100 तक जा सकता है।

    नई दिल्ली: रूस से आयातित सस्ते तेल को लेकर भारत की “बड़ी कमाई” की जो बातें कही जा रही थीं, वो अब गलत साबित हो रही हैं। ब्रोकरेज हाउस CLSA की रिपोर्ट के अनुसार, भारत को रूसी तेल आयात से सालाना फायदा सिर्फ 2.5 अरब डॉलर (लगभग 0.6% GDP) का हुआ है, जबकि मीडिया में अनुमान 10 से 25 अरब डॉलर तक लगाए जा रहे थे।

    आयात बंद हुआ तो तेल \$100 तक जा सकता है

    रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर भारत रूसी तेल का आयात बंद करता है, तो वैश्विक बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच सकती हैं। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है और यहाँ की मांग को पूरा करने के लिए सीमित विकल्प ही उपलब्ध हैं।

    रूस से आयात 1% से बढ़कर 40%

    यूक्रेन युद्ध के बाद रूस ने तेल पर भारी डिस्काउंट देना शुरू किया। पश्चिमी देशों ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया तो भारत और चीन ने आयात तेजी से बढ़ा दिया। भारत का रूसी तेल आयात 2021 से पहले 1% से भी कम था, जो अब कुल आयात का लगभग 36–40% हो गया है।

    भारत हर दिन लगभग 5.4 मिलियन बैरल तेल आयात करता है, जिसमें से 1.8 मिलियन बैरल रूस से आता है। इसके बाद इराक (20%), सऊदी अरब (14%), यूएई (9%) और अमेरिका (4%) भारत के बड़े सप्लायर हैं।

    असली डिस्काउंट कम हो गया

    CLSA का कहना है कि भले ही रूस का “हेडलाइन डिस्काउंट” बहुत बड़ा लगता है, लेकिन असल में भारत को मिला फायदा बेहद सीमित है।

    • FY24 में औसत डिस्काउंट \$8.5 प्रति बैरल था।
    • FY25 में यह घटकर \$3-5 प्रति बैरल रह गया।
    • हाल के महीनों में तो डिस्काउंट और घटकर सिर्फ \$1.5 प्रति बैरल तक आ गया है।

    यानी कुल मिलाकर वार्षिक फायदा अब 1 अरब डॉलर तक सीमित हो सकता है।

    रिफाइनिंग और गुणवत्ता की चुनौती

    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रूसी तेल की गुणवत्ता कम होती है। इसलिए रिफाइनरियों को इसके साथ उच्च गुणवत्ता वाला महंगा तेल भी मिलाना पड़ता है। यही वजह है कि भारत के आयात डेटा में कोई बड़ा लाभ साफ तौर पर नहीं दिख रहा।

    राजनीतिक मुद्दा भी बना रूसी तेल

    भारत ने साफ किया है कि वह किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं कर रहा क्योंकि रूसी तेल पर सीधे प्रतिबंध नहीं हैं। अमेरिका और यूरोप ने केवल कुछ शर्तों के साथ मूल्य सीमा तय की है। भारत ने हमेशा कहा है कि ऊर्जा सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है और वह अपनी जरूरतों के हिसाब से निर्णय लेगा।

    वैश्विक महंगाई पर असर

    CLSA ने माना कि भारत का रूसी तेल आयात न केवल उसकी अर्थव्यवस्था को सस्ते ऊर्जा विकल्प देता है बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भी तेल की कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद करता है। अगर भारत आयात रोक दे, तो आपूर्ति में कमी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महंगाई और भी बढ़ सकती है।

  • HC का झटका: मराठा आरक्षण नेता मनोज जरांगे अब मुंबई में बिना परमिशन प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे

    HC का झटका: मराठा आरक्षण नेता मनोज जरांगे अब मुंबई में बिना परमिशन प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने गणेशोत्सव को देखते हुए मनोज जरांगे को बिना अनुमति प्रदर्शन से रोका। अब सिर्फ तय जगह पर ही हो सकेगा आंदोलन।

    मुंबई। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। अदालत ने साफ कहा कि अब जरांगे बिना परमिशन के मुंबई में आंदोलन या प्रदर्शन नहीं कर सकते। कोर्ट ने ये आदेश इसलिए दिया क्योंकि गणेशोत्सव के दौरान पुलिस पहले से ही शहर की सुरक्षा और भीड़ कंट्रोल में व्यस्त रहेगी।

    हाईकोर्ट की बेंच ने ये भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना सबका हक है, लेकिन ये सिर्फ निर्धारित जगहों पर और सरकार की इजाजत लेकर ही किया जा सकता है। जरांगे और उनके समर्थकों को सरकार चाहे तो नवी मुंबई के खारघर में वैकल्पिक जगह भी दे सकती है, ताकि मुंबई की लाइफ और ट्रैफिक पर असर न पड़े।

    जरांगे ने हाल ही में सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि अगर मराठा समाज को OBC कोटे में 10% आरक्षण नहीं मिला, तो वह 29 अगस्त से मुंबई में अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे। इसी को लेकर अदालत में एमी फाउंडेशन ने जनहित याचिका दायर की थी।

    राज्य सरकार ने भी कोर्ट में कहा कि वे शांतिपूर्ण आंदोलन का विरोध नहीं करते, लेकिन गणेशोत्सव जैसे बड़े त्योहार में भीड़ और ट्रैफिक की वजह से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसी कारण कोर्ट ने परमिशन की शर्त रखी।

    अब अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी और जरांगे को इस मामले में जवाब दाखिल करना होगा।