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  • BMC ने लगाया ₹50 लाख जुर्माना, Goregaon-Mulund Flyover में देरी पर सख्ती

    BMC ने लगाया ₹50 लाख जुर्माना, Goregaon-Mulund Flyover में देरी पर सख्ती

    मुंबई के Goregaon-Mulund Link Road (GMLR) प्रोजेक्ट में देरी पर BMC ने ठेकेदार पर ₹50 लाख का जुर्माना लगाया। 31 मई 2026 तक फ्लाईओवर खोलने का लक्ष्य, जानिए पूरी अपडेट।

    मुंबई: शहर को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने वाले अहम Goregaon-Mulund Link Road (GMLR) प्रोजेक्ट पर अब बीएमसी ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने फ्लाईओवर निर्माण में देरी करने पर ठेकेदार पर ₹50 लाख का जुर्माना लगाया है। यह फ्लाईओवर दिंडोशी कोर्ट से Dadasaheb Phalke Film City तक बनाया जा रहा है।

    🔎 निरीक्षण के बाद एक्शन मोड में BMC

    BMC के अतिरिक्त नगर आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) Abhijit Bangar ने साइट का दौरा कर काम की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ निर्देश दिए कि हर हाल में फ्लाईओवर को 31 मई 2026 तक, यानी मॉनसून से पहले, ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाए।

    उन्होंने ठेकेदार को अतिरिक्त मजदूर और मशीनरी लगाने का आदेश दिया ताकि बाकी बचा काम समय पर पूरा हो सके।

    🏗️ GMLR प्रोजेक्ट का फेज 3(a) क्या है?

    GMLR प्रोजेक्ट को चार चरणों में बनाया जा रहा है।
    Phase 3(a) में शामिल हैं:

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    • 1.26 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड फ्लाईओवर
    • रोटरी जंक्शन
    • एक्सेस रैंप

    अब तक:

    • 31 पिलर पूरे
    • 30 में से 20 स्पैन पूरे
    • करीब 75% काम पूरा

    अब डेक स्लैब कास्टिंग और एक्सेस रैंप का काम तेजी से किया जाएगा।

    🚰 अड़चन बन रहे पाइपलाइन और ट्रांसफॉर्मर

    फ्लाईओवर की लाइनिंग में कई यूटिलिटी बाधाएं सामने आई हैं। इनमें शामिल हैं:

    • पानी की पाइपलाइन
    • सीवेज लाइन
    • Adani Power के ट्रांसफॉर्मर

    BMC ने संबंधित विभागों को तुरंत इन्हें शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं ताकि काम में और देरी न हो।

    🚇 डबल टनल प्रोजेक्ट की भी तैयारी तेज

    फ्लाईओवर के साथ-साथ ट्विन टनल का काम भी तेजी से चल रहा है।
    Abhijit Bangar ने फिल्म सिटी में टनल के ‘लॉन्चिंग शाफ्ट’ का भी निरीक्षण किया।

    • दो अत्याधुनिक Tunnel Boring Machines (TBM) तैनात होंगी
    • 10 मार्च से पहली TBM को शाफ्ट में उतारने की तैयारी

    यह टनल मुंबई के वेस्टर्न और ईस्टर्न सबर्ब्स के बीच कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएगी।

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    🚦 मुंबई ट्रैफिक के लिए क्यों अहम है GMLR?

    Goregaon-Mulund Link Road बनने के बाद:

    • वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तक सीधा कनेक्शन
    • ट्रैफिक जाम में भारी कमी
    • सफर का समय कम
    • मॉनसून में सुरक्षित और तेज कनेक्टिविटी

    BMC अधिकारियों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट मुंबई के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए गेम चेंजर साबित होगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. BMC ने ठेकेदार पर कितना जुर्माना लगाया है?
    👉 ₹50 लाख का जुर्माना लगाया गया है।

    Q2. फ्लाईओवर कब तक चालू होने की उम्मीद है?
    👉 31 मई 2026 तक ट्रैफिक के लिए खोलने का लक्ष्य है।

    Q3. GMLR प्रोजेक्ट का फायदा क्या होगा?
    👉 वेस्टर्न और ईस्टर्न सबर्ब्स के बीच सफर तेज और आसान होगा।

    Q4. टनल प्रोजेक्ट कब शुरू होगा?
    👉 पहली TBM को 10 मार्च तक लॉन्चिंग शाफ्ट में उतारने की तैयारी है।

  • मुंबई में दिखा Ramadan 2026 का चाँद, आज से शुरू तरावीह की नमाज़ें

    मुंबई में दिखा Ramadan 2026 का चाँद, आज से शुरू तरावीह की नमाज़ें

    18 फरवरी 2026 को मुंबई में रमजान का चाँद दिखते ही मस्जिदों में तरावीह की तैयारी शुरू हो गई। जानिए Ramadan 2026 की तारीख, महत्व, सेहरी-इफ्तार टाइमिंग, फजीलत और जरूरी जानकारी।

    मुंबई: 18 फरवरी 2026 की शाम मुंबई में रमजान का चाँद दिखाई देने के साथ ही पवित्र माह की आधिकारिक शुरुआत हो गई। चाँद दिखने की पुष्टि के बाद शहर की प्रमुख मस्जिदों में तरावीह की नमाज़ की तैयारियां तेज हो गईं। मुस्लिम समुदाय में खुशी और आध्यात्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला।

    🌙 मुंबई में दिखा रमजान 2026 का चाँद

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    मुंबई में 18 फरवरी की शाम आसमान साफ रहने के कारण कई इलाकों में चाँद दिखाई दिया। दक्षिण मुंबई की ऐतिहासिक हाजी अली दरगाह और मीनारा मस्जिद के आसपास बड़ी संख्या में लोग चाँद देखने के लिए इकट्ठा हुए।

    चाँद दिखने के साथ ही ऐलान किया गया कि 19 फरवरी 2026 से रमजान का पहला रोज़ा रखा जाएगा। मस्जिदों में इशा की नमाज़ के बाद तरावीह अदा की गई।

    🕌 मस्जिदों में शुरू हुई तरावीह की तैयारियां

    मुंबई के भायखला, नागपाड़ा, बांद्रा, मलाड, कुर्ला और गोरेगांव समेत कई इलाकों की मस्जिदों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। रमजान के पहले दिन से ही कुरआन शरीफ की तिलावत के साथ 20 रकअत तरावीह पढ़ी जाएगी।

    प्रशासन ने भी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और ट्रैफिक की विशेष व्यवस्था की है।

    📅 Ramadan 2026: कब से कब तक?

    इस्लामी कैलेंडर के अनुसार रमजान चाँद के दिखने पर निर्भर करता है। इस वर्ष भारत में 19 फरवरी 2026 से रोज़े शुरू होकर लगभग 30 दिन तक चलने की संभावना है। ईद-उल-फितर का त्योहार 20 या 21 मार्च 2026 को मनाया जा सकता है (चाँद पर निर्भर)।

    ✨ रमजान का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

    रमजान इस्लाम का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इसी महीने में पवित्र कुरआन शरीफ नाज़िल हुआ था। रोज़ा रखना इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है।

    रोज़ा सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि आत्मसंयम, सब्र, इबादत और इंसानियत का पैगाम है। इस महीने में:

    • पांच वक्त की नमाज़ का खास महत्व
    • तरावीह की विशेष नमाज़
    • जकात और सदका देना
    • शबे-कद्र की इबादत

    🕰️ मुंबई में सेहरी और इफ्तार टाइमिंग (अनुमानित)

    मुंबई में रमजान 2026 के दौरान शुरुआती दिनों में:

    • सेहरी खत्म: सुबह लगभग 5:45 बजे
    • इफ्तार: शाम लगभग 6:50 बजे

    (सटीक समय स्थानीय मस्जिदों के कैलेंडर के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।)

    🍽️ रमजान में क्या है खास?

    मुंबई के मोहम्मद अली रोड पर रमजान के दौरान रौनक देखते ही बनती है। इफ्तार में खजूर, फल, शरबत, समोसा, हलीम और बिरयानी की खास डिमांड रहती है।

    रात के समय बाजारों में देर तक खरीदारी चलती है, जिससे स्थानीय व्यापारियों को भी अच्छा कारोबार मिलता है।

    👮 प्रशासन और सुरक्षा इंतजाम

    भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है। ट्रैफिक मैनेजमेंट और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अलर्ट पर हैं।


    ❓ FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. मुंबई में रमजान 2026 का पहला रोज़ा कब है?

    19 फरवरी 2026 को पहला रोज़ा रखा जाएगा।

    Q2. तरावीह की नमाज़ कब से शुरू होती है?

    चाँद दिखने की रात इशा की नमाज़ के बाद तरावीह शुरू होती है।

    Q3. रमजान कितने दिन का होता है?

    29 या 30 दिन का, चाँद पर निर्भर।

    Q4. ईद-उल-फितर कब होगी?

    20 या 21 मार्च 2026 को संभावित, चाँद दिखने पर निर्भर।

  • Mulund–Goregaon Construction हादसे: आपदा में अवसर? 6 करोड़ वसूली, जनता की जान पर जोखिम

    Mulund–Goregaon Construction हादसे: आपदा में अवसर? 6 करोड़ वसूली, जनता की जान पर जोखिम

    मुंबई में तीन दिन के भीतर दो बड़े निर्माण हादसे—Mulund Metro Line 4 पिलर गिरने से एक की मौत और Goregaon Link Road पर ब्रिज का आयरन पिलर कार पर गिरा। 6 करोड़ पेनल्टी बनाम 5 लाख मुआवजा पर महाराष्ट्र सरकार घिरी।

    मुंबई: अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। पहले मुलुंड में मेट्रो पिलर गिरने से एक व्यक्ति की मौत और अब गोरेगांव लिंक रोड पर ब्रिज का आयरन पिलर कार पर गिरने की घटना—दोनों हादसों ने शहर की सेफ्टी मॉनिटरिंग पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं—“आपदा में अवसर… 6 करोड़ वसूली, 5 लाख मुआवजा!”

    📍 Mulund Metro Line 4 हादसा: एक मौत, 6 करोड़ पेनल्टी

    14 फरवरी को मुंबई के मुलुंड पश्चिम में एलबीएस मार्ग पर Johnson & Johnson के पास Mumbai Metro Line 4 के निर्माणाधीन पिलर का स्लैब गिर गया।

    ऑटो और कार मलबे की चपेट में आए। रामधन/रामधनी यादव की मौत हो गई, 3-4 लोग घायल हुए।

    💰 कार्रवाई क्या हुई?

    • कॉन्ट्रैक्टर पर 5 करोड़ रुपये पेनल्टी
    • कंसल्टेंट पर 1 करोड़ रुपये पेनल्टी
    • मृतक परिवार को 5 लाख रुपये मुआवजा

    यानी कुल 6 करोड़ की वसूली, लेकिन परिवार को 5 लाख।
    जनता पूछ रही है—क्या किसी जान की कीमत सिर्फ 5 लाख?

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    🚧 Goregaon Link Road: बड़ा हादसा टला

    तीन दिन बाद, Goregaon Link Road पर अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का भारी आयरन पिलर अचानक टूटकर चलती कार पर गिर गया।

    कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई, लेकिन गनीमत रही कि सभी यात्री सुरक्षित बच गए।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। इस घटना ने साफ कर दिया कि निर्माण स्थलों की निगरानी और सेफ्टी प्रोटोकॉल में कहीं न कहीं बड़ी चूक हो रही है।

    ⚠️ महाराष्ट्र सरकार पर बढ़ता दबाव

    लगातार दो घटनाओं के बाद उंगलियां सीधे तौर पर महाराष्ट्र सरकार की मॉनिटरिंग सिस्टम पर उठ रही हैं।

    मुंबई जैसे महानगर में रोज लाखों लोग सड़कों से गुजरते हैं। ऐसे में—

    • क्या सेफ्टी ऑडिट नियमित हो रहा है?
    • क्या साइट सुपरविजन मजबूत है?
    • क्या जवाबदेही तय होगी?

    विपक्षी दल आरोप लगा रहे हैं कि “आपदा में अवसर” की राजनीति हो रही है—पेनल्टी वसूली तो तेज, लेकिन पीड़ित परिवारों को राहत कम।

    🕯️ परिवार की मांग और बढ़ता गुस्सा

    मुलुंड हादसे में जान गंवाने वाले परिवार ने अधिक मुआवजा और एक बेटी को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि 5 लाख रुपये से भविष्य सुरक्षित नहीं होगा।

    मुंबई की आम बोली में लोग कह रहे हैं—
    “सुरक्षा पहले क्यों नहीं? हादसे के बाद ही सख्ती क्यों?”

    🔍 Construction Safety Crisis in Mumbai

    Mulund Metro Accident और Goregaon Bridge Incident ने मुंबई में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स—मेट्रो, फ्लाईओवर, ब्रिज—सब पर भरोसा हिला दिया है।

    अगर अभी सख्त सेफ्टी रिव्यू नहीं हुआ, तो अगली बार किसकी जान जाएगी—ये सवाल हर मुंबईकर के मन में है।


    ❓ FAQ

    Q1. Mulund हादसा कब हुआ?
    14 फरवरी दोपहर 12:20 बजे।

    Q2. Goregaon हादसे में क्या हुआ?
    अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का आयरन पिलर चलती कार पर गिरा, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।

    Q3. Mulund हादसे में कितनी पेनल्टी लगी?
    कुल 6 करोड़ रुपये।

    Q4. मृतक परिवार को कितना मुआवजा मिला?
    5 लाख रुपये घोषित किए गए।

    Q5. क्या जांच शुरू हुई है?
    प्रशासन ने जांच की बात कही है, लेकिन रिपोर्ट का इंतजार है।

  • Goregaon Link Road पर बड़ा हादसा टला: अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का Iron Pillar कार पर गिरा, कोई घायल नहीं

    Goregaon Link Road पर बड़ा हादसा टला: अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का Iron Pillar कार पर गिरा, कोई घायल नहीं

    मुंबई के Goregaon Link Road पर अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का आयरन पिलर चलती कार पर गिरा। बड़ा हादसा टला, सभी यात्री सुरक्षित। इससे पहले Mulund में Metro Line 4 पिलर हादसे में एक की मौत। पढ़ें पूरी खबर।

    मुंबई: एक बार फिर अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। Goregaon Link Road पर बन रहे एक ब्रिज का लोहे का पिलर अचानक टूटकर एक चलती कार पर गिर गया। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन गनीमत रही कि उसमें सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। इस घटना के बाद शहर में निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग और सेफ्टी प्रोटोकॉल को लेकर चिंता बढ़ गई है।

    🚧 Goregaon Link Road पर कैसे हुआ हादसा?

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, Goregaon Link Road पर अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का एक भारी आयरन पिलर अचानक ढह गया और नीचे से गुजर रही कार पर आ गिरा। हादसा इतना अचानक था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन कार में बैठे लोग समय रहते बाहर निकल गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी।

    ⚠️ तीन दिन पहले Mulund में Metro Line 4 हादसा

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    इस घटना से ठीक तीन दिन पहले Mulund West में Lal Bahadur Shastri Marg (LBS Road) पर Mumbai Metro Line 4 के निर्माणाधीन पिलर का हिस्सा गिर गया था।

    यह हादसा दोपहर करीब 12:20 बजे Johnson & Johnson फैक्ट्री के पास हुआ। गिरा हुआ सीमेंट स्लैब एक ऑटो और कार पर आ गिरा। इस हादसे में 3 से 4 लोग घायल हुए थे, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई।

    🕯️ मृतक रामधनी यादव के परिवार की मांग

    Mulund हादसे में जान गंवाने वाले रामधनी यादव के परिवार ने मुआवजे को लेकर नाराज़गी जताई है। परिजनों ने शव लेने से इनकार करते हुए मांग की है कि सरकार उचित आर्थिक सहायता और उनकी एक बेटी को सरकारी नौकरी दे।

    परिवार का कहना है कि घोषित राहत पैकेज उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

    🔍 निर्माण कार्यों पर उठे गंभीर सवाल

    लगातार हो रहे ब्रिज और मेट्रो निर्माण हादसों ने मुंबई में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की सेफ्टी स्टैंडर्ड पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

    • क्या साइट पर सेफ्टी ऑडिट नियमित हो रहा है?
    • क्या मजदूरों और राहगीरों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं?
    • क्या मॉनिटरिंग एजेंसियां अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं?

    Goregaon और Mulund की घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है।


    ❓ FAQ Section

    1️⃣ Goregaon Link Road पर क्या हुआ?

    अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का एक आयरन पिलर चलती कार पर गिर गया। कोई घायल नहीं हुआ।

    2️⃣ क्या इस हादसे में कोई जानमाल का नुकसान हुआ?

    कार को भारी नुकसान हुआ, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित बच गए।

    3️⃣ Mulund Metro Line 4 हादसे में क्या हुआ था?

    Metro Line 4 के निर्माणाधीन पिलर का स्लैब गिरने से एक व्यक्ति की मौत और 3-4 लोग घायल हुए थे।

    4️⃣ परिवार क्या मांग कर रहा है?

    मृतक के परिवार ने मुआवजा बढ़ाने और एक बेटी को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

  • Aligarh Muslim University में 27 नॉन-टीचिंग पदों पर भर्ती 2026, सैलरी ₹2.18 लाख तक – ऐसे करें अप्लाई

    Aligarh Muslim University में 27 नॉन-टीचिंग पदों पर भर्ती 2026, सैलरी ₹2.18 लाख तक – ऐसे करें अप्लाई

    AMU Non Teaching Vacancy 2026 के तहत Librarian, Registrar, Principal समेत 27 पदों पर भर्ती निकली है। सैलरी ₹56,100 से ₹2,18,200 तक। ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख 04 मार्च 2026। जानें योग्यता, फीस, चयन प्रक्रिया और पूरा आवेदन तरीका।

    नई दिल्ली: देश की प्रतिष्ठित सेंट्रल यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) ने नॉन-टीचिंग स्टाफ के 27 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। अगर आपके पास मास्टर्स डिग्री और संबंधित अनुभव है तो यह मौका हाथ से न जाने दें। यहां सैलरी ₹56,100 से लेकर ₹2,18,200 प्रति माह तक मिलेगी। ऑनलाइन आवेदन 04 मार्च 2026 तक और हार्ड कॉपी 19 मार्च 2026 तक भेजनी होगी।

    📌 AMU Non Teaching Recruitment 2026: मुख्य हाइलाइट्स

    • संस्थान: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (NAAC A+ ग्रेड)
    • कुल पद: 27
    • पोस्ट नाम: Librarian, Deputy Registrar, Assistant Registrar, Principal, Medical Superintendent आदि
    • जॉब लोकेशन: अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
    • सैलरी: ₹56,100 – ₹2,18,200 (7th Pay Commission के अनुसार)
    • ऑनलाइन लास्ट डेट: 04 मार्च 2026
    • हार्ड कॉपी लास्ट डेट: 19 मार्च 2026

    📝 कौन-कौन से पदों पर निकली है भर्ती?

    पद का नामकुल वैकेंसीपे लेवल
    Librarian1AL-14 (₹1,44,200 – ₹2,18,200)
    Deputy Librarian1AL-12
    Assistant Librarian7AL-10
    Deputy Registrar4Level 12
    Deputy Finance Officer2Level 12
    Internal Audit Officer1Level 12
    Assistant Registrar3Level 10
    School Principal5Level 12
    Director Physical Education2AL-10
    Medical Superintendent1Level 12

    नोट: 1 Assistant Librarian पद PwBD (Hearing Handicapped) के लिए आरक्षित है।

    🎓 योग्यता क्या चाहिए?

    ✔ Librarian

    • Library Science में 55% के साथ मास्टर्स
    • Ph.D अनिवार्य
    • 10 साल का अनुभव

    ✔ Assistant / Deputy Registrar

    • 55% के साथ मास्टर्स डिग्री
    • 5 से 9 साल का प्रशासनिक अनुभव
    • CA/CS/ICWA भी मान्य

    ✔ Principal (स्कूल)

    • मास्टर्स + B.Ed
    • 12 साल का शिक्षण अनुभव
    • उम्र 35 से 50 वर्ष

    ✔ Medical Superintendent

    • PG Medical Degree
    • 10 साल का प्रोफेसर लेवल अनुभव

    💰 कितनी मिलेगी सैलरी? (In-Hand Salary Details)

    AMU में 7th Pay Commission के अनुसार वेतन दिया जाएगा।

    • Level 10: लगभग ₹75,000 इन-हैंड
    • Level 12: लगभग ₹1,10,000 इन-हैंड
    • AL-14: ₹2 लाख+ सैलरी

    साथ में मिलेगा:

    • DA (महंगाई भत्ता)
    • HRA
    • NPS पेंशन
    • LTC सुविधा
    • मेडिकल बेनिफिट
    • कैंपस में आवास सुविधा

    🧾 चयन प्रक्रिया कैसे होगी?

    1️⃣ लिखित परीक्षा (जरूरत पड़ने पर)

    अगर आवेदन ज्यादा आए तो 100 नंबर की स्क्रीनिंग टेस्ट होगी।

    2️⃣ इंटरव्यू

    शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।

    3️⃣ डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

    मूल प्रमाण पत्र दिखाना जरूरी।

    🖥️ ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन – Step by Step

    1. AMU Careers Portal पर जाएं
    2. नया अकाउंट बनाएं
    3. अलग-अलग पोस्ट के लिए अलग फॉर्म भरें
    4. ₹500 आवेदन शुल्क ऑनलाइन जमा करें (PwBD मुक्त)
    5. सभी डॉक्यूमेंट अपलोड करें
    6. 04 मार्च 2026 से पहले सबमिट करें
    7. प्रिंट निकालकर 19 मार्च 2026 तक स्पीड पोस्ट से भेजें

    पता: Selection Committee Section (Non-Teaching), Registrar’s Office, AMU, Aligarh – 202001

    📅 महत्वपूर्ण तिथियां

    इवेंटतारीख
    नोटिफिकेशन जारी19 जनवरी 2026
    ऑनलाइन अंतिम तिथि04 मार्च 2026
    हार्ड कॉपी अंतिम तिथि19 मार्च 2026

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. AMU Non Teaching Vacancy 2026 की आखिरी तारीख क्या है?
    👉 ऑनलाइन आवेदन 04 मार्च 2026 तक और हार्ड कॉपी 19 मार्च 2026 तक।

    Q2. आवेदन फीस कितनी है?
    👉 ₹500 प्रति आवेदन (PwBD उम्मीदवारों के लिए निशुल्क)।

    Q3. क्या इंटरव्यू होगा?
    👉 हां, शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों का इंटरव्यू होगा।

    Q4. क्या यह सेंट्रल गवर्नमेंट जॉब है?
    👉 हां, AMU एक Central University है, इसलिए वेतन और सुविधाएं केंद्र सरकार के अनुसार मिलेंगी।

  • Mumbai Crime: MHADA अधिकारी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस, ठाणे में मां ने तीन बेटियों को जहर दिया

    Mumbai Crime: MHADA अधिकारी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस, ठाणे में मां ने तीन बेटियों को जहर दिया

    मुंबई के कांदिवली में MHADA अधिकारी पर पत्नी की आत्महत्या के मामले में FIR दर्ज। वहीं ठाणे में घरेलू विवाद से परेशान मां ने तीन नाबालिग बेटियों को जहर देकर मार डाला। पढ़ें पूरी क्राइम रिपोर्ट।

    मुंबई: मुंबई और ठाणे से सामने आई दो दिल दहला देने वाली घटनाओं ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया है। कांदिवली में एक वरिष्ठ MHADA अधिकारी पर पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ है, जबकि ठाणे जिले में एक मां ने घरेलू कलह से परेशान होकर अपनी तीन मासूम बेटियों को जहर देकर मार डाला। पुलिस दोनों मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है।

    कांदिवली में महिला की आत्महत्या, MHADA अधिकारी पति पर FIR

    राज्य की हाउसिंग एजेंसी महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) के डिप्टी रजिस्ट्रार के खिलाफ उनकी पत्नी की कथित आत्महत्या के मामले में केस दर्ज किया गया है।

    यह घटना मुंबई के कांदिवली ईस्ट स्थित लोखंडवाला इलाके की है। 42 वर्षीय महिला ने शनिवार शाम अपने फ्लैट में कथित तौर पर जान दे दी। मामले की जांच समता नगर पुलिस स्टेशन कर रही है।

    भाई की शिकायत पर मामला दर्ज, सास भी नामजद

    पुलिस के मुताबिक, मृतका के भाई की शिकायत पर पति और सास यमाबाई काटरे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत FIR दर्ज की गई है।

    भाई का आरोप है कि महिला को दहेज को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

    घटना से पहले डॉक्टर को किया था फोन

    पुलिस अधिकारी के अनुसार, घटना वाले दिन महिला ने अपने फैमिली डॉक्टर को फोन कर बताया था कि परिवार के सदस्य उसे परेशान कर रहे हैं। इसके बाद कॉल कट गया।

    डॉक्टर ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं हो सकी तो उन्होंने महिला के मायके वालों को सूचना दी। पुणे से पहुंचे परिजनों ने फ्लैट पर पहुंचकर देखा कि महिला ने आत्महत्या कर ली थी।

    ठाणे में मां ने तीन बेटियों को जहर देकर मारा

    इसी बीच, महाराष्ट्र के मुंबई से सटे ठाणे जिले से एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। 27 वर्षीय महिला को अपनी तीन नाबालिग बेटियों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

    यह घटना शाहपुर तालुका के आसनोली गांव की है, जहां आरोपी महिला ने कथित तौर पर “फ्राइड चावल” में कीटनाशक मिलाकर अपनी 5, 8 और 10 साल की बेटियों को खिला दिया।

    अस्पताल में मौत, पोस्टमार्टम में जहर की पुष्टि

    बच्चियों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर दो बच्चियों को मुंबई और एक को नाशिक के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 24 और 25 जुलाई को उनकी मौत हो गई।

    शुरुआत में खिनावली पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि होने के बाद हत्या का केस दर्ज कर मां को तड़के 2 बजे गिरफ्तार कर लिया गया।

    घरेलू विवाद और आर्थिक तंगी बनी वजह?

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला घरेलू समस्याओं से जूझ रही थी। पति के शराब पीने की आदत और अलगाव के बाद वह तीनों बेटियों की परवरिश अकेले कर रही थी।

    प्राथमिक जांच में माना जा रहा है कि मानसिक तनाव और आर्थिक दबाव ने उसे यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर किया।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. कांदिवली आत्महत्या मामले में किस पर केस दर्ज हुआ है?

    MHADA के डिप्टी रजिस्ट्रार और उनकी मां के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ है।

    Q2. किस धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है?

    भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत।

    Q3. ठाणे में मां ने क्या किया?

    आरोप है कि मां ने अपनी तीन बेटियों को जहर देकर मार डाला।

    Q4. बच्चियों की मौत कैसे हुई?

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि हुई है।

    Q5. क्या दोनों मामलों की जांच जारी है?

    हां, पुलिस दोनों मामलों की विस्तृत जांच कर रही है।

  • RTE 25% Admission 2026: मुंबई में 17 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू, 5,939 सीटें उपलब्ध

    RTE 25% Admission 2026: मुंबई में 17 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू, 5,939 सीटें उपलब्ध

    BMC RTE Admission 2026-27 प्रक्रिया 17 फरवरी से शुरू। मुंबई की 323 स्कूलों में 5,939 सीटें। RTE 25% ऑनलाइन फॉर्म, eligibility, last date 10 मार्च, जरूरी दस्तावेज और पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (bmc) ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए RTE 25% एडमिशन प्रक्रिया 17 फरवरी 2026 से शुरू करने का ऐलान किया है। इस बार मुंबई क्षेत्र की 323 स्कूलों में कुल 5,939 सीटें उपलब्ध हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और आखिरी तारीख 10 मार्च 2026 रखी गई है।

    क्या है RTE 25% एडमिशन स्कीम?

    RTE यानी “बालकांचा मोफत व सक्तीच्या शिक्षणाचा अधिकार अधिनियम 2009” के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी और बिना अनुदानित स्कूलों में 25% सीटें आरक्षित दी जाती हैं। इन बच्चों को आठवीं कक्षा तक मुफ्त शिक्षा दी जाती है।

    यह योजना खास तौर पर उन परिवारों के लिए राहत लेकर आती है जो महंगे प्राइवेट स्कूलों की फीस नहीं भर सकते।

    मुंबई में कितनी स्कूलों में कितनी सीटें?

    BMC क्षेत्र में इस साल:

    • महाराष्ट्र राज्य बोर्ड की 252 स्कूलों में – 4,558 सीटें
    • अन्य बोर्ड (CBSE/ICSE आदि) की 71 स्कूलों में – 1,381 सीटें
    • कुल स्कूल – 323
    • कुल उपलब्ध सीटें – 5,939

    यह आंकड़ा मुंबई के पैरेंट्स के लिए बड़ा मौका है।

    आवेदन की तारीख और वेबसाइट

    RTE 25% ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया:

    • शुरूआत: 17 फरवरी 2026
    • आखिरी तारीख: 10 मार्च 2026
    • ऑफिशियल वेबसाइट: https://student.maharashtra.gov.in

    माता-पिता को तय समय सीमा के अंदर फॉर्म भरना अनिवार्य है।

    किन क्लास में मिलेगा एडमिशन?

    RTE के तहत एडमिशन:

    • पहली कक्षा (Class 1)
    • पूर्व-प्राथमिक (Pre-Primary)

    इच्छुक पालकों को पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा।

    जरूरी दस्तावेज क्या-क्या लगेंगे?

    ऑनलाइन आवेदन करते समय जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करना अनिवार्य है। साथ ही प्रवेश के समय मूल और सत्यापित कॉपी तैयार रखनी होगी।

    संभावित जरूरी दस्तावेज:

    • जन्म प्रमाण पत्र
    • निवास प्रमाण पत्र
    • आय प्रमाण पत्र
    • आधार कार्ड
    • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
    • पासपोर्ट साइज फोटो

    1 किलोमीटर के दायरे में ही दिखेंगी स्कूलें

    RTE पोर्टल पर पालकों को उनके घर से 1 किलोमीटर या उससे कम दूरी वाली स्कूलें दिखाई देंगी। इसलिए आवेदन करते समय सही पता भरना बेहद जरूरी है।

    10 स्कूलों का चयन सोच-समझकर करें

    ऑनलाइन फॉर्म भरते समय:

    • अधिकतम 10 स्कूलों का विकल्प चुन सकते हैं
    • पहले से RTE के तहत एडमिशन ले चुके बच्चे दोबारा आवेदन नहीं कर सकते
    • आवेदन प्रक्रिया के बाद ऑनलाइन लॉटरी (सोडत) की तारीख घोषित की जाएगी

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. RTE 25% एडमिशन 2026 की आखिरी तारीख क्या है?

    10 मार्च 2026 आवेदन की अंतिम तारीख है।

    Q2. आवेदन कहां करना होगा?

    ऑफिशियल वेबसाइट https://student.maharashtra.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

    Q3. कितनी सीटें उपलब्ध हैं?

    मुंबई में कुल 5,939 सीटें उपलब्ध हैं।

    Q4. क्या सभी निजी स्कूल इसमें शामिल हैं?

    केवल स्वयं अर्थसहाय्यित और बिना अनुदानित (अल्पसंख्यक स्कूल छोड़कर) स्कूल शामिल हैं।

    Q5. क्या दोबारा RTE से एडमिशन मिल सकता है?

    नहीं। पहले से RTE के तहत एडमिशन लेने वाले बच्चे दोबारा आवेदन नहीं कर सकते।

  • मालवणी के अंबूजवाड़ी झोपड़पट्टी को तोड़ने का प्रशासनिक नोटिस, रहिवासियों में दहशत

    मालवणी के अंबूजवाड़ी झोपड़पट्टी को तोड़ने का प्रशासनिक नोटिस, रहिवासियों में दहशत

    मुंबई के मालवणी अंबूजवाड़ी इलाके में झोपड़पट्टियों को तोड़ने का महाराष्ट्र शासन का नोटिस जारी। रहिवासियों में हड़कंप, पुनर्वसन और बेघर होने की चिंता तेज। पढ़ें पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।

    मुंबई: मुंबई शहर के पश्चिमी उपनगर में स्थित मालवणी के अंबूजवाड़ी इलाके में इन दिनों माहौल काफी तनावपूर्ण है। महाराष्ट्र शासन की ओर से कथित तौर पर झोपड़पट्टियों को लेकर तोड़फोड़ (डेमोलिशन) का नोटिस जारी होने के बाद हजारों रहिवासियों की नींद उड़ गई है। नोटिस की खबर फैलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई परिवारों को डर है कि कहीं अचानक बुलडोजर न पहुंच जाए और सालों की मेहनत से बसाया आशियाना पलभर में मलबा न बन जाए।

    क्या है पूरा मामला?

    अंबूजवाड़ी, जो लंबे समय से घनी आबादी वाला झोपड़पट्टी क्षेत्र माना जाता है, वहां के रहिवासियों को हाल ही में प्रशासन की ओर से नोटिस मिलने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पिछले 15-20 साल से यहां रह रहे हैं। कई के पास बिजली-पानी के कनेक्शन, राशन कार्ड और वोटर आईडी भी हैं।

    रहिवासियों का दावा है कि बिना ठोस पुनर्वसन योजना बताए तोड़फोड़ की कार्रवाई की बात की जा रही है। इसी वजह से लोगों में असमंजस और गुस्सा दोनों है।

    बेघर होने का डर, बच्चों की पढ़ाई पर संकट

    इलाके की महिलाओं और बुजुर्गों से बात करने पर साफ झलकता है कि सबसे ज्यादा चिंता “अब जाएंगे तो जाएंगे कहां?” की है।

    • कई बच्चे पास के स्कूलों में पढ़ते हैं
    • ज्यादातर पुरुष दिहाड़ी मजदूरी, ऑटो ड्राइविंग या छोटे कामधंधों से जुड़े हैं
    • महिलाएं घरों में काम करती हैं

    अगर अचानक झोपड़ियां तोड़ी जाती हैं, तो इन परिवारों की रोज़ी-रोटी, बच्चों की पढ़ाई और इलाज सब पर असर पड़ेगा। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर भी “मालवणी झोपड़पट्टी डेमोलिशन” और “अंबूजवाड़ी पुनर्वसन” जैसे कीवर्ड तेजी से सर्च किए जा रहे हैं।

    क्या मिलेगा पुनर्वसन? रहिवासियों का बड़ा सवाल

    महाराष्ट्र में झोपड़पट्टी पुनर्वसन के लिए Slum Rehabilitation Authority (SRA) जैसी व्यवस्था मौजूद है। नियमों के तहत पात्र झोपड़पट्टीवासियों को वैकल्पिक घर देने का प्रावधान होता है, लेकिन हर केस में पात्रता, कट-ऑफ तारीख और दस्तावेज अहम भूमिका निभाते हैं।

    अंबूजवाड़ी के कई लोगों का कहना है कि उन्हें अभी तक यह साफ नहीं बताया गया कि:

    • कौन पात्र माना जाएगा?
    • पुनर्वसन कहां होगा?
    • अस्थायी शिफ्टिंग की व्यवस्था क्या है?

    इसी अनिश्चितता ने पूरे इलाके में बेचैनी बढ़ा दी है।

    प्रशासन की संभावित कार्रवाई को लेकर सस्पेंस

    सूत्रों के अनुसार, यह जमीन सरकारी या आरक्षित श्रेणी में आ सकती है, जिसके चलते अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित हो सकती है। हालांकि, आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

    स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर कार्रवाई करनी है तो पहले सर्वे, सुनवाई और पुनर्वसन की स्पष्ट योजना घोषित की जानी चाहिए। “मानवीय दृष्टिकोण” अपनाने की मांग लगातार उठ रही है।

    राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज

    मुंबई में जब भी झोपड़पट्टी हटाने का मुद्दा उठता है, तो वह केवल प्रशासनिक मामला नहीं रह जाता, बल्कि राजनीतिक रूप भी ले लेता है। मालवणी जैसे संवेदनशील और घनी आबादी वाले क्षेत्र में तोड़फोड़ की आशंका ने स्थानीय नेताओं की सक्रियता भी बढ़ा दी है।

    कुछ सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि:

    • बिना वैकल्पिक व्यवस्था के कोई बुलडोजर न चले
    • सभी रहिवासियों की सूची सार्वजनिक की जाए
    • महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था की जाए

    सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा मुद्दा

    “Malvani demolition notice”, “Ambujwadi slum Mumbai”, “Malvani slum rehabilitation” जैसे सर्च टर्म गूगल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं। स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप्स में नोटिस की कॉपियां और वीडियो शेयर हो रहे हैं। लोगों में भ्रम भी है और डर भी।

    आगे क्या?

    फिलहाल रहिवासी प्रशासन से औपचारिक बैठक और लिखित आश्वासन की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर पुनर्वसन योजना स्पष्ट और पारदर्शी हो, तो वे सहयोग करने को तैयार हैं। लेकिन अचानक की गई कार्रवाई उन्हें मंजूर नहीं।

    मुंबई जैसे महानगर में झोपड़पट्टी का मुद्दा केवल अवैध कब्जे का सवाल नहीं, बल्कि लाखों लोगों के जीवन और आजीविका से जुड़ा विषय है। अब निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या मालवणी अंबूजवाड़ी में झोपड़पट्टियां तोड़ी जाएंगी?
    अभी नोटिस जारी होने की खबर है, लेकिन अंतिम कार्रवाई को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान आना बाकी है।

    Q2. क्या रहिवासियों को पुनर्वसन मिलेगा?
    यदि वे पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, तो SRA या अन्य सरकारी योजना के तहत पुनर्वसन मिल सकता है।

    Q3. कितने परिवार प्रभावित हो सकते हैं?
    स्थानीय अनुमान के मुताबिक बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हो सकते हैं, हालांकि सटीक आंकड़ा स्पष्ट नहीं है।

    Q4. क्या कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है?
    हाँ, यदि रहिवासी चाहें तो कानूनी विकल्पों का सहारा ले सकते हैं।

  • Mulund Metro Slab Collapse: मुलुंड में मेट्रो स्लैब गिरा, UP के सरपंच की मौत

    Mulund Metro Slab Collapse: मुलुंड में मेट्रो स्लैब गिरा, UP के सरपंच की मौत

    Mulund Metro Slab Collapse News – मुंबई के मुलुंड वेस्ट में Metro Line 4 के निर्माण के दौरान कंक्रीट स्लैब गिरने से यूपी के सरपंच रामधनी यादव की मौत, कई घायल। जानिए पूरा हादसा, MMRDA का बयान और राजनीतिक प्रतिक्रिया।

    मुंबई: Mulund West में 14 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 12:15 बजे Metro Line 4 के निर्माण कार्य के दौरान एक भारी कंक्रीट स्लैब (पैरापेट का हिस्सा) अचानक नीचे गिर गया। यह स्लैब सीधे एक चलती ऑटो रिक्शा और पास की कार पर आ गिरा। इस दर्दनाक हादसे में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के सरपंच रामधनी यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3-4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना LBS रोड पर जॉन्सन एंड जॉन्सन कंपनी के पास, पियर नंबर P196 के नजदीक हुई।

    📌 घटना कहां और कैसे हुई?

    14 फरवरी की दोपहर, जब रोज की तरह LBS रोड पर ट्रैफिक चल रहा था, उसी दौरान ऊपर चल रहे मेट्रो के काम से अचानक सीमेंट का बड़ा ब्लॉक टूटकर नीचे गिर गया।

    यह हादसा Mumbai के Mulund West इलाके में, मुलुंड फायर स्टेशन के पास राजीव (मिलन) स्ट्रीट के पास हुआ। Metro Line 4 (Green Line) का निर्माण कार्य जारी था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, “तेज आवाज आई और देखते ही देखते रिक्शा पूरी तरह दब गई।”

    👤 कौन थे मृतक सरपंच?

    हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के सरपंच रामधनी यादव के रूप में हुई है।

    वे अपने साथी और पूर्व सरपंच महेंद्र यादव के साथ मुंबई घूमने आए थे। मुलुंड में उनके दोस्त की गन्ने के रस की दुकान है। वहीं से वे कलवा में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए रिक्शा से निकल रहे थे।

    लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। दोपहर साढ़े बारह बजे के करीब मेट्रो का सीमेंट स्लैब उनके ऊपर आ गिरा और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    🏥 कितने लोग घायल?

    हादसे में 3 से 4 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
    घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है।

    🏗️ MMRDA का क्या कहना है?

    Mumbai Metropolitan Region Development Authority (MMRDA) ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है:

    “Metro Line 4 के निर्माण के दौरान यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। हमने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। हादसे की जांच के लिए अलग टीम गठित की गई है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”

    फिलहाल तकनीकी कारणों की जांच की जा रही है — क्या यह लापरवाही थी? क्या सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हुआ?

    🗣️Mulund घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज

    Varsha Gaikwad ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

    उन्होंने सवाल उठाया:

    • क्या मुंबईकरों की जान इतनी सस्ती हो गई है?
    • क्या सुरक्षा नियम सिर्फ कागजों में ही हैं?
    • क्या तेजी से काम पूरा करने के चक्कर में गुणवत्ता से समझौता हो रहा है?

    उन्होंने कहा कि हर बार जांच का ऐलान होता है, लेकिन जिम्मेदारी कौन लेता है?

    ⚠️ मेट्रो निर्माण में सुरक्षा पर सवाल?

    मुंबई में इस समय कई जगहों पर मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है।
    लेकिन इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आने से आम लोगों में डर का माहौल है।

    🔎 बड़ी बातें एक नजर में

    • 📅 तारीख: 14 फरवरी 2026
    • 📍 स्थान: मुलुंड वेस्ट, LBS रोड
    • 🚧 प्रोजेक्ट: Metro Line 4 (Green Line)
    • 💀 मृतक: यूपी के सरपंच रामधनी यादव
    • 🤕 घायल: 3-4 लोग
    • 🏢 जांच: MMRDA द्वारा शुरू

    ❓ FAQ – Mulund Metro Slab Collapse

    Q1: मुलुंड मेट्रो हादसा कब हुआ?
    14 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 12:15 बजे।

    Q2: हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
    एक व्यक्ति (सरपंच रामधनी यादव) की मौके पर मौत हुई।

    Q3: यह हादसा किस मेट्रो लाइन के दौरान हुआ?
    Metro Line 4 (Green Line) के निर्माण के दौरान।

    Q4: MMRDA ने क्या कार्रवाई की है?
    जांच टीम गठित की गई है और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

  • Borivali West: IC Colony के 25 फीट गहरे कुएं में मिला सड़ा-गला शव, लापता युवक जनक की पहचान

    Borivali West: IC Colony के 25 फीट गहरे कुएं में मिला सड़ा-गला शव, लापता युवक जनक की पहचान

    मुंबई के बोरीवली वेस्ट स्थित IC Colony में 25 फीट गहरे कुएं से सड़ा-गला शव बरामद। मृतक की पहचान गणपत पाटिल नगर निवासी जनक के रूप में हुई। पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम के IC Colony इलाके में 13 फरवरी को एक 20-25 फीट गहरे कुएं से सड़ा-गला शव मिला। मृतक की पहचान गणपत पाटिल नगर निवासी जनक के रूप में हुई है, जो दो दिन से लापता बताया जा रहा था। बदबू आने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस को आशंका है कि युवक का पैर फिसलने से कुएं में गिरने से हादसा हुआ हो सकता है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    📍Borivali IC Colony में फैली बदबू से खुला मामला

    मुंबई के पश्चिमी उपनगर IC Colony में शुक्रवार दोपहर अचानक इलाके में तेज बदबू फैलने लगी। स्थानीय निवासियों ने आसपास तलाश की तो बदबू एक पुराने कुएं की दिशा से आती महसूस हुई।

    इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

    🚨 25 फीट गहरे कुएं से निकाला गया शव

    पुलिस के अनुसार, कुआं करीब 20 से 25 फीट गहरा है। मौके पर पहुंची टीम ने स्थानीय मदद से शव को बाहर निकाला। शव काफी हद तक डीकंपोज्ड (सड़ा-गला) अवस्था में था, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि मौत दो दिन पहले हुई होगी।

    👤 मृतक की पहचान जनक के रूप में

    पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान जनक नाम के युवक के रूप में हुई है, जो गणपत पाटिल नगर का निवासी था।

    परिवार ने उसे दो दिन पहले से लापता बताया था। फिलहाल पुलिस के पास मृतक का केवल पहला नाम ‘जनक’ उपलब्ध है, बाकी विवरण की पुष्टि की जा रही है।

    🕵️ पुलिस का बयान: हादसे की आशंका

    एमएचबी पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर हरीश गावली के मुताबिक, शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि युवक का पैर फिसलने से वह कुएं में गिर गया होगा। हालांकि, असली कारण का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।

    पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ (ADR) का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।

    🏥 पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

    शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत की सटीक वजह सामने आ सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कुएं के आसपास सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त थे या नहीं।


    ❓ FAQ Section

    Q1. शव कहां मिला?

    IC Colony, बोरीवली वेस्ट के एक 25 फीट गहरे कुएं में।

    Q2. शव कब मिला?

    13 फरवरी की दोपहर को।

    Q3. मृतक कौन था?

    जनक नाम का युवक, जो गणपत पाटिल नगर का निवासी था।

    Q4. पुलिस क्या मान रही है?

    शुरुआती जांच में हादसे की आशंका जताई गई है।

    Q5. आगे क्या कार्रवाई होगी?

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच की जाएगी।