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  • Chembur Building Accident: 7वीं मंज़िल से गिरे 6 मज़दूर, 1 की मौत

    Chembur Building Accident: 7वीं मंज़िल से गिरे 6 मज़दूर, 1 की मौत

    Chembur Subhash Nagar में under construction building से 6 मजदूर गिरने का बड़ा हादसा। 1 की मौत, 5 घायल। Mayor Ritu Tawde ने सख्त कार्रवाई और culpable homicide का केस दर्ज करने के निर्देश दिए। Rajawadi Hospital में इलाज जारी।

    मुंबई: Chembur इलाके के Subhash Nagar में शनिवार दोपहर बड़ा construction site accident सामने आया। Under construction building की 7वीं मंज़िल पर काम करते वक्त 6 मजदूर नीचे गिर गए। इस दर्दनाक हादसे में 1 मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों का इलाज घाटकोपर स्थित Rajawadi Hospital में चल रहा है।

    Mayor Ritu Tawde ने किया मौके का दौरा

    हादसे की जानकारी मिलते ही मुंबई की महापौर Ritu Tawde तुरंत घटनास्थल पहुंचीं। उन्होंने पूरे मामले की primary investigation की जानकारी ली। बाद में वह सीधे Rajawadi Hospital पहुंचीं और घायल मजदूरों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।

    उनके साथ उपमहापौर Sanjay Ghadi और विरोधी पक्षनेता Kishori Pednekar भी मौजूद थे।

    Building Project ‘Aditya Raj’ पर उठे सवाल

    महापौर ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि यह इमारत ‘Aditya Raj’ नामक developer के माध्यम से बनाई जा रही है। प्रारंभिक जांच में safety negligence और भारी लापरवाही सामने आई है।

    उन्होंने सवाल उठाया कि जब हादसा हुआ, तब साइट पर supervising engineer कहां था? क्या मजदूरों को proper safety gear दिया गया था? क्या scaffolding और सुरक्षा इंतज़ाम standard guidelines के मुताबिक थे?

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    Mayor ने साफ कहा कि इस तरह की construction negligence बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    Culpable Homicide का केस दर्ज करने के निर्देश

    महापौर Ritu Tawde ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि लापरवाही बरतने वाले developer और contractor के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

    उन्होंने साफ तौर पर कहा कि दोषियों पर culpable homicide यानी मनुष्यवध का मामला दर्ज किया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसे हादसे न हों, इसके लिए BMC और MHADA प्राधिकरण को सख्त monitoring और safety audit करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    7वीं मंज़िल पर काम के दौरान टूटी परांची

    प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, इमारत की 7वीं मंज़िल पर काम चल रहा था। इसी दौरान परांची (scaffolding) अचानक टूट गई और 6 मजदूर नीचे गिर पड़े।

    हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि 5 घायल मजदूरों को तुरंत Rajawadi Hospital में भर्ती कराया गया।

    एक मजदूर ICU में भर्ती

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    राजावाड़ी अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, 5 घायलों में से एक की हालत बेहद गंभीर है और उसे ICU में रखा गया है। बाकी मजदूरों का इलाज जारी है।

    महापौर ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों को best medical treatment दिया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही न हो।

    Mumbai Construction Safety पर बड़ा सवाल

    यह हादसा एक बार फिर मुंबई में construction site safety, labour safety laws, और BMC action पर सवाल खड़े कर रहा है। लगातार हो रहे building accidents से मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई जा रही है।


    FAQ

    Q1. Chembur में हादसा कब हुआ?

    यह हादसा 28 फरवरी 2026 को दोपहर में हुआ।

    Q2. कितने मजदूर गिरे और कितनों की मौत हुई?

    कुल 6 मजदूर गिरे, जिनमें 1 की मौत हुई और 5 घायल हैं।

    Q3. घायलों का इलाज कहां चल रहा है?

    घायलों का इलाज घाटकोपर के Rajawadi Hospital में जारी है।

    Q4. हादसे की वजह क्या बताई जा रही है?

    प्राथमिक जांच में scaffolding टूटने और safety negligence की बात सामने आई है।

    Q5. महापौर ने क्या कार्रवाई के निर्देश दिए?

    Developer और contractor पर सख्त कार्रवाई और culpable homicide का केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • Bombay HC का बड़ा आदेश: MSRTC को देना होगा ₹50 लाख मुआवज़ा

    Bombay HC का बड़ा आदेश: MSRTC को देना होगा ₹50 लाख मुआवज़ा

    Bombay High Court ने MSRTC को आदेश दिया कि COVID-19 से ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारी की पत्नी को ₹50 लाख compensation दे। कोर्ट ने कहा – महामारी के समय “narrow view” लेकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकते।

    मुंबई: Bombay High Court ने एक अहम फैसले में Maharashtra State Road Transport Corporation (MSRTC) को निर्देश दिया है कि वह COVID-19 के दौरान ड्यूटी करते हुए संक्रमित होकर जान गंवाने वाले अपने कर्मचारी की पत्नी को ₹50 लाख का compensation अदा करे। कोर्ट ने साफ कहा कि महामारी के समय निगम ने अपनी जिम्मेदारी को लेकर “narrow view” अपनाया, जो स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    🔹 Compensation Claim खारिज करने को दी थी चुनौती

    याचिकाकर्ता सुनीता बापू जगताप ने MSRTC के जनवरी 2022 और मार्च 2023 के उन फैसलों को कोर्ट में चुनौती दी थी, जिनमें उनके मुआवज़े का दावा यह कहकर खारिज कर दिया गया था कि उनके पति “essential services” में तैनात नहीं थे और वे interstate transport के ड्राइवर भी नहीं थे।

    सुनीता जगताप के पति बापू जगताप की अप्रैल 2021 में COVID-19 से मौत हो गई थी। पत्नी का कहना था कि उनके पति ने महामारी के सबसे खतरनाक दौर में ड्यूटी की और उसी दौरान संक्रमण की चपेट में आए।

    🔹 HC का आदेश: 8 हफ्ते में भुगतान, नहीं तो 6% ब्याज

    24 फरवरी को जस्टिस मकरंद कर्णिक और जस्टिस श्रीराम मोडक की बेंच ने सुनवाई करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि MSRTC कुल ₹50 लाख में से ₹45 लाख आठ हफ्तों के भीतर अदा करे और पहले से दिए गए ₹5 लाख को adjust किया जाए।

    अगर आठ हफ्तों में भुगतान नहीं किया गया, तो 6% per annum की दर से interest भी देना होगा। कोर्ट ने कहा कि यह widow compensation का मामला है और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    🔹 कोर्ट की सख्त टिप्पणी: “Pandemic में Narrow View क्यों?”

    बेंच ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि MSRTC ने महामारी के दौरान अपनी जिम्मेदारी को लेकर बेहद संकीर्ण नजरिया अपनाया। कोर्ट ने कहा:

    “Pandemic के समय हालात ऐसे थे कि लोग घर से बाहर निकलने से डर रहे थे। ऐसे में जो कर्मचारी ड्यूटी कर रहे थे, वे अपनी जान जोखिम में डालकर public service निभा रहे थे।”

    कोर्ट ने यह भी माना कि भले ही मृतक सीधे interstate buses नहीं चला रहे थे, लेकिन वे ड्राइवरों और कंडक्टरों के संपर्क में आते थे, जिससे उन्हें भी समान खतरा था।

    🔹 Pandemic की भयावह स्थिति पर कोर्ट की टिप्पणी

    कोर्ट ने कहा कि वह judicial notice ले सकती है कि उस समय पूरा देश ठप था, public transport limited services के साथ चल रही थी और दवाइयों की भारी किल्लत थी।

    बेंच ने स्पष्ट किया कि सरकारों ने उस समय Disaster Management Act, 2005 और Epidemic Diseases Act, 1897 के तहत विशेष शक्तियों का इस्तेमाल किया था। ऐसे हालात में कोई भी सरकारी संस्था अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती।

    🔹 Wadala Depot में ड्यूटी और संक्रमण की कहानी

    बापू जगताप को मार्च 24 से 28, 2021 के बीच BEST Bus Depot, वडाला में ट्रैफिक सुपरविजन की ड्यूटी दी गई थी। वहां वे बस ड्राइवरों और स्टाफ के लगातार संपर्क में रहे।

    29 से 31 मार्च तक तबीयत खराब होने के कारण उन्होंने छुट्टी ली और नाशिक जिले के मनमाड लौट गए। 5 अप्रैल 2021 को उनकी COVID-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इलाज के दौरान 7 अप्रैल 2021 को येवला के सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में COVID-related pneumonia से उनका निधन हो गया।

    🔹 Widow Compensation और Employee Rights पर बड़ा संदेश

    इस फैसले को employee rights, COVID compensation policy और government liability के संदर्भ में अहम माना जा रहा है। High Court ने साफ किया कि महामारी जैसे संकट के समय ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को “essential service” की संकीर्ण परिभाषा में बांधकर उनके परिवार को मुआवज़े से वंचित नहीं किया जा सकता।

    यह निर्णय भविष्य में Pandemic Death Compensation मामलों में एक मजबूत मिसाल बन सकता है।


    ❓ FAQ Section

    1. Bombay High Court ने MSRTC को कितना मुआवज़ा देने का आदेश दिया?

    कोर्ट ने कुल ₹50 लाख compensation देने का आदेश दिया, जिसमें ₹45 लाख आठ हफ्तों में देने होंगे और ₹5 लाख पहले से दिए गए हैं।

    2. यह मामला किस वर्ष की घटना से जुड़ा है?

    यह मामला अप्रैल 2021 में COVID-19 से हुई कर्मचारी की मौत से जुड़ा है।

    3. कोर्ट ने MSRTC पर क्या टिप्पणी की?

    कोर्ट ने कहा कि निगम ने महामारी के दौरान “narrow view” अपनाया और अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की।

    4. अगर MSRTC तय समय में भुगतान नहीं करती तो क्या होगा?

    आठ हफ्तों में भुगतान न होने पर 6% per annum interest देना होगा।

    5. कर्मचारी की ड्यूटी कहाँ लगी थी?

    उन्हें मार्च 2021 में वडाला स्थित BEST Bus Depot में ट्रैफिक सुपरविजन के लिए तैनात किया गया था।

  • Dhake Colony Gate खुदाई के बाद बदहाल, 150 रहवासी परेशान

    Dhake Colony Gate खुदाई के बाद बदहाल, 150 रहवासी परेशान

    Andheri West के JP Road स्थित Dhake Colony CHS का main entry gate cabling work के बाद 25 दिनों से टूटा पड़ा है। Mud, stones और uneven patch की वजह से Ambulance access, senior citizens और school children की safety पर खतरा।

    मुंबई: Andheri West के JP Road पर स्थित Dhake Colony Co-operative Housing Society (CHS) का इकलौता concrete entry/exit gate पिछले करीब 25 दिनों से खुदाई के बाद बदहाल पड़ा है। Cabling work के लिए फरवरी की शुरुआत में गेट को खोदा गया था। काम तो कुछ ही दिनों में पूरा हो गया, लेकिन गेट का हिस्सा आज भी टूटा-फूटा और असमतल (Uneven Patch) है, जिससे करीब 150 residents की daily life प्रभावित हो रही है।

    🚧 Cabling Work के बाद अधूरा Repair

    फरवरी की शुरुआत में गेट पर heavy industrial metal sheet रखकर नीचे cabling का काम किया गया। उस दौरान गाड़ियां metal sheet के ऊपर से आसानी से अंदर-बाहर हो रही थीं। Residents को उम्मीद थी कि काम खत्म होते ही पुरानी smooth concrete surface बहाल कर दी जाएगी।

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    लेकिन metal sheet हटने के बाद भी गेट पर पड़े tiles, blocks, मिट्टी, पत्थर और ईंटें वैसे ही पड़ी हैं। Patch अभी तक concreted नहीं हुआ है और entry पूरी तरह uneven बनी हुई है।

    🏢 150 Residents पर असर

    Dhake Colony CHS में पांच इमारतें हैं और लगभग 150 लोग यहां रहते हैं। Society का यह main gate ही vehicles और pedestrians के लिए एकमात्र बड़ा प्रवेश-द्वार है। बगल में एक छोटा gate है, लेकिन वह सिर्फ पैदल चलने वालों के लिए है, गाड़ियों के लिए नहीं।

    🗣️ “अंदर आने के लिए Skilled Driver चाहिए” – Anand Shirali

    सोसाइटी के चेयरमैन Anand Shirali ने कहा:

    “यह patch सीधे हमारे gate पर है। गाड़ी अंदर लाने के लिए बेहद skilled driver होना चाहिए। काम कम से कम पंद्रह दिन पहले खत्म हो चुका है, लेकिन gate अभी भी खुदा हुआ है। Mud, stones और bricks की वजह से surface पूरी तरह uneven है। अगर किसी को Ambulance या Fire Brigade की जरूरत पड़े तो अंदर आना लगभग नामुमकिन होगा। कॉलोनी में एक doctor हैं जिनकी बड़ी car है, वे emergency के लिए अपनी गाड़ी colony के बाहर road पर पार्क करते हैं। अभी turning radius भी बहुत tight हो गया है, manoeuvre करना मुश्किल है।”

    Residents का कहना है कि संबंधित phone numbers और X (Twitter) handles पर शिकायत करने के बावजूद कोई response नहीं मिला।

    🐦 Tweet Heat: सोशल मीडिया पर गुहार

    X पर Shira Lee ने @mybmc को टैग करते हुए लिखा:

    “Main arterial JP Road Dhake Colony CHS gate entry 20 दिन पहले खोदी गई और अब तक repair नहीं हुई। Cars अंदर-बाहर लाना मुश्किल है। Society में कई senior citizens हैं जिन्हें ambulance की जरूरत पड़ सकती है। Bus Route No. 425 भी प्रभावित है। K West Ward – HELP!”

    यह मुद्दा अब Social Media पर भी उठने लगा है, लेकिन ground level पर अभी तक repair शुरू नहीं हुआ।

    ⚠️ Injury का खतरा: Residents की नाराजगी

    👴 Senior Citizens और बच्चों पर Risk

    सोसाइटी निवासी Shailesh Bhat ने कहा:

    “यह unattended work बिल्कुल unacceptable है। Senior citizens और छोटे बच्चे accident के सबसे ज्यादा खतरे में हैं। High probability है कि कोई भी गिर सकता है। इसे तुरंत repair किया जाना चाहिए।”

    🛵 Exam से पहले Scooter Slip

    एक और resident Nilesh Sawant ने बताया:

    “कुछ दिन पहले मैं सुबह 7:15 बजे अपनी 11 साल की बेटी को scooter से school छोड़ने जा रहा था। उसके exams थे। Uneven patch पर scooter डगमगाई और हम दोनों गिर गए। Thankfully, हमें गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन हम हिल गए थे। यह बेहद dangerous है और urgent attention की जरूरत है।”

    🚶‍♀️ Walking भी मुश्किल

    Resident Ramila Gala ने कहा:

    “हम 25 दिनों से इस stretch के concreted और smooth होने का इंतजार कर रहे हैं। Senior citizens अब बाहर निकलने से डरते हैं। हाल ही में मेरे घर मेहमान आए थे, उनमें से एक का पैर इस uneven stretch पर मुड़ गया। समझ नहीं आता कि इतना समय क्यों लग रहा है।”

    🚑 Emergency Access पर बड़ा सवाल

    Residents का सबसे बड़ा डर Emergency Access को लेकर है। Ambulance, Fire Brigade या Medical Emergency की स्थिति में main gate की खराब हालत बड़ी समस्या बन सकती है। Colony में रहने वाले doctor भी अपनी बड़ी car बाहर park कर रहे हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत निकल सकें।

    📊 Local Infrastructure Issue या Negligence?

    JP Road Andheri West का यह हिस्सा एक busy arterial road है। ऐसे में Entry Gate Repair Delay से न सिर्फ Society Residents बल्कि आसपास के traffic flow पर भी असर पड़ रहा है। Bus Route No. 425 का संचालन भी प्रभावित बताया जा रहा है।

    यह मामला अब Mumbai Civic Issue, Road Repair Delay, और Public Safety Concern के तौर पर देखा जा रहा है।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. Dhake Colony Gate कब खोदा गया था?
    ➡️ फरवरी की शुरुआत में cabling work के लिए।

    Q2. काम कब पूरा हुआ?
    ➡️ Residents के मुताबिक करीब 15–20 दिन पहले काम पूरा हो चुका है।

    Q3. कितने लोग प्रभावित हैं?
    ➡️ लगभग 150 residents (5 buildings)।

    Q4. सबसे बड़ी समस्या क्या है?
    ➡️ Uneven Patch के कारण vehicle entry मुश्किल, senior citizens और बच्चों के लिए injury risk, और ambulance access में बाधा।

    Q5. क्या BMC या Ward Office ने जवाब दिया?
    ➡️ Residents के अनुसार शिकायतों पर अभी तक कोई response नहीं मिला।

  • गोरेगांव BMC मीटिंग में हड़कंप! 30+ मुद्दों पर चर्चा, वृद्धाश्रम निर्माण जल्द पूरा करने का आदेश

    गोरेगांव BMC मीटिंग में हड़कंप! 30+ मुद्दों पर चर्चा, वृद्धाश्रम निर्माण जल्द पूरा करने का आदेश

    मुंबई नॉर्थ वेस्ट के सांसद रवींद्र वायकर ने पी दक्षिण Bmc बैठक में घास बाजार गोरेगांव पूर्व के वृद्धाश्रम निर्माण को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। पानी, ट्रैफिक और आरे सड़क कार्य पर भी बड़ी चर्चा।

    मुंबई: गोरेगांव में पी दक्षिण BMC कार्यालय में हुई हाई-लेवल मीटिंग में 30 से ज्यादा ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हुई। मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा क्षेत्र के सांसद रवींद्र वायकर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि गोरेगांव पूर्व के घास बाजार स्थित वृद्धाश्रम निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। बैठक में पानी, ट्रैफिक जाम, आरे कॉलोनी सड़क और अन्य लंबित विकास कार्यों पर भी गंभीर मंथन हुआ।

    घास बाजार वृद्धाश्रम निर्माण पर सख्त निर्देश

    सांसद वायकर ने स्पष्ट कहा कि गोरेगांव पूर्व के घास बाजार में रिजर्व जमीन पर बन रहे वृद्धाश्रम का काम तेजी से पूरा किया जाए।

    उन्होंने संबंधित अधिकारियों और तत्कालीन सहायक आयुक्त पाटणे के साथ मौके पर जाकर निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया।

    पूर्व नगरसेवक साधना माने द्वारा इस वृद्धाश्रम का प्रस्ताव दिया गया था, जिसके बाद बीएमसी ने 11 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार कर निर्माण कार्य शुरू किया।

    पी दक्षिण BMC में संयुक्त बैठक

    गोरेगांव विधानसभा क्षेत्र के लंबित मुद्दों को लेकर पी दक्षिण bmc (गोरेगांव) कार्यालय में संयुक्त बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में उपायुक्त भाग्यश्री कापसे, सहायक आयुक्त अनिरुद्ध कुलकर्णी, आरे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिपुरकर, गोरेगांव, दिंडोशी, वनराई और बांगुरनगर पुलिस स्टेशनों के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मौजूद थे।

    इसके अलावा ट्रैफिक शाखा, आरे पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट, अग्निशमन विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए।

    पानी और ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या

    बैठक में 30 से ज्यादा मुद्दों पर चर्चा की गई।

    जीवन ज्योत सोसायटी, अरुणा सोसायटी, निरलॉन, कृष्णा सोसायटी, वसंत गैलेक्सी, ओबेरॉय सोसायटी, बेस्ट नगर, अंकुर सोसायटी समेत कई इलाकों के निवासियों ने पानी की कमी और ट्रैफिक जाम की समस्या उठाई।

    स्थानीय लोगों ने कहा कि रोजाना की ट्रैफिक समस्या और जल आपूर्ति की अनियमितता से जीवन प्रभावित हो रहा है।

    आरे कॉलोनी सड़क का फेज-1 पूरा

    आरे के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि आरे कॉलोनी की अंदरूनी सड़क का फेज-1 का काम पूरा हो चुका है।

    फेज-2 का काम फिलहाल जारी है और इसे अप्रैल तक पूरा करने का आश्वासन दिया गया।

    यह परियोजना इलाके के ट्रैफिक दबाव को कम करने में अहम मानी जा रही है।

    सिद्धार्थ हॉस्पिटल और टोपीवाला मार्केट पर भी निर्देश

    सांसद वायकर ने सहायक आयुक्त को निर्देश दिए कि सिद्धार्थ हॉस्पिटल और टोपीवाला मार्केट के लंबित कार्यों को लेकर जल्द ही संबंधित अधिकारियों के साथ अलग से बैठक आयोजित की जाए और प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा किया जाए।

    विकास कार्यों पर फोकस, जनता को राहत का भरोसा

    इस बैठक को गोरेगांव के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें स्थानीय बुनियादी समस्याओं से लेकर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स तक पर चर्चा हुई।

    सांसद ने साफ कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए और विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बैठक कहां आयोजित की गई थी?
    पी दक्षिण बीएमसी कार्यालय, गोरेगांव में।

    Q2. मुख्य मुद्दा क्या था?
    घास बाजार स्थित वृद्धाश्रम निर्माण कार्य को जल्द पूरा करना।

    Q3. कितनी लागत का प्रोजेक्ट है?
    करीब 11 करोड़ रुपये का।

    Q4. आरे कॉलोनी सड़क का क्या अपडेट है?
    फेज-1 पूरा हो चुका है, फेज-2 अप्रैल तक पूरा होने की उम्मीद है।

    Q5. किन समस्याओं पर चर्चा हुई?
    पानी की कमी, ट्रैफिक जाम, हॉस्पिटल और मार्केट के लंबित कार्य।

  • मुंबई में कॉलेज के नाम को लेकर बवाल! गुजराती बोर्ड को लेकर ठाकरे गुट की चेतावनी

    मुंबई में कॉलेज के नाम को लेकर बवाल! गुजराती बोर्ड को लेकर ठाकरे गुट की चेतावनी

    कांदिवली के बालभारती कॉलेज के गुजराती साइनबोर्ड पर बवाल। मराठी अनिवार्य नियम की अनदेखी का आरोप, युवा सेना ने प्रशासन को दी सीधी चेतावनी। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में एक कॉलेज के नाम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांदिवली (पश्चिम) स्थित बालभारती कॉलेज ऑफ कॉमर्स का नामफलक पूरी तरह गुजराती भाषा में होने का मामला सामने आते ही राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में हलचल मच गई है। मराठी भाषा अनिवार्य होने के बावजूद कॉलेज ने अब तक मराठी में साइनबोर्ड नहीं लगाया, जिस पर ठाकरे गुट की युवा सेना ने आक्रामक रुख अपनाया है।

    क्या है पूरा साइनबोर्ड विवाद?

    राज्य सरकार के नियम के अनुसार महाराष्ट्र में सभी शैक्षणिक और व्यावसायिक संस्थानों को सबसे पहले मराठी भाषा में नामफलक लगाना अनिवार्य है।

    इसके बावजूद कांदिवली (पश्चिम) के इस कॉलेज का बोर्ड पूरी तरह गुजराती में लिखा हुआ है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह मराठी भाषा कानून (Marathi Language Law Maharashtra) का सीधा उल्लंघन है।

    मुंबई विश्वविद्यालय के आदेश का हवाला

    ठाकरे गुट की युवा सेना का कहना है कि मुंबई विद्यापीठ के परिपत्र क्र. संलग्नता/आय सी सी/(2021-22)/2022 के अनुसार महाविद्यालयों के नाम मराठी में होना अनिवार्य है।

    सवाल यह उठ रहा है कि जब विश्वविद्यालय का स्पष्ट आदेश है, तो फिर कॉलेज प्रशासन ने अब तक मराठी नामफलक क्यों नहीं लगाया?

    युवा सेना की आक्रामक एंट्री

    मामले ने तूल पकड़ा तो युवा सेना के पदाधिकारी सीधे कॉलेज पहुंच गए।

    युवा सेना के सिनेेट सदस्य प्रदीप सावंत, शशिकांत झोरे, पूर्व सिनेेट सदस्य राजन कोळंबेकर और कार्यकारिणी सदस्य अभिषेक शिर्के ने कॉलेज के प्राचार्य से मुलाकात की और तुरंत मराठी में साइनबोर्ड लगाने की मांग की।

    उनका कहना था कि “राज्य में मराठी भाषा को प्राथमिकता देना कानूनन अनिवार्य है। संस्थान का यह रवैया अस्वीकार्य है।”

    Mumbai-college-name-row-Thackeray-faction-issues-warning-regarding-Gujarati-board-news

    विश्वविद्यालय प्रशासन से भी मुलाकात

    युवा सेना के प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. अजय भामरे (प्र-कुलगुरु) और डॉ. प्रसाद कारंडे (कुलसचिव) से भी मुलाकात की।

    उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि संबंधित कॉलेज को तत्काल मराठी नामफलक लगाने का निर्देश दिया जाए और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।

    स्थानीय नागरिकों में नाराज़गी

    कांदिवली इलाके के कई स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जब राज्य सरकार ने स्पष्ट कानून बनाया है, तो उसका पालन हर संस्था को करना चाहिए।

    सिर्फ गुजराती भाषा में बोर्ड रखना कानून का खुला उल्लंघन बताया जा रहा है।

    कॉलेज प्रशासन का क्या कहना है?

    सूत्रों के मुताबिक कॉलेज प्रशासन ने जल्द ही मराठी में नामफलक लगाने को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। हालांकि, अभी तक जमीनी स्तर पर कोई बदलाव दिखाई नहीं दिया है।

    युवा सेना ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत मराठी साइनबोर्ड नहीं लगाया गया, तो तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।

    मराठी भाषा कानून क्या कहता है?

    महाराष्ट्र शासन के नियमों के अनुसार:

    • सभी स्कूल, कॉलेज और संस्थानों को सबसे पहले मराठी भाषा में नामफलक लगाना अनिवार्य है।
    • मराठी को प्राथमिकता देना कानूनी रूप से बाध्यकारी है।
    • उल्लंघन की स्थिति में प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है।

    इसी आधार पर इस पूरे विवाद ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. विवाद किस कॉलेज को लेकर है?
    कांदिवली (पश्चिम) स्थित बालभारती कॉलेज ऑफ कॉमर्स।

    Q2. विवाद की वजह क्या है?
    कॉलेज का नामफलक पूरी तरह गुजराती भाषा में है, जबकि मराठी अनिवार्य है।

    Q3. किस संगठन ने विरोध किया?
    ठाकरे गुट की युवा सेना ने विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की।

    Q4. विश्वविद्यालय का क्या आदेश है?
    मुंबई विश्वविद्यालय के परिपत्र के अनुसार कॉलेज का नाम मराठी में होना चाहिए।

    Q5. आगे क्या हो सकता है?
    अगर मराठी नामफलक नहीं लगाया गया तो आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

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    मुंबई: मुंबई में होली का त्योहार आते ही “होळी रे होळी, पुरणाची पोळी” की गूंज सुनाई देने लगती है। लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। होली 2026 के मौके पर मुंबईकरों के लिए एक खास इंतज़ाम किया गया है, जहां पारंपरिक पुरणपोळी सीधे घर तक पहुंचेगी। यह पहल बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के आर्थिक सहयोग से चल रहे महिला बचत गटों द्वारा की जा रही है, जिसने शहर में हलचल मचा दी है।

    The-big-reveal-of-Gharpoch-Puranpoli-for-Holi-The-special-festival-begins-in-Mumbai-in-2026-bmc

    क्या है ‘पुरणपोळी महोत्सव 2026’?

    होली के अवसर पर 26 फरवरी 2026 से 1 मार्च 2026 तक ‘पुरणपोळी महोत्सव 2026’ आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान मुंबई के नागरिक https://shgeshop.com वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

    ऑनलाइन ऑर्डर कन्फर्म होने के बाद 3 मार्च 2026 (मंगलवार) यानी होली के दिन पुरणपोळी की घरपोच डिलीवरी की जाएगी।

    महिला बचत गटों की बड़ी पहल

    मुंबई की जरूरतमंद और होनहार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए महानगरपालिका द्वारा महिला बचत गटों को आर्थिक सहायता दी जाती है।

    इन समूहों को सिर्फ नियमित काम तक सीमित न रखते हुए, बिज़नेस आधारित और इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स से जोड़ने की कोशिश लगातार की जा रही है। यही वजह है कि त्योहारों के समय ऐसे खास फूड फेस्टिवल आयोजित किए जा रहे हैं।

    पिछले आयोजनों को मिला था जबरदस्त रिस्पॉन्स

    गौरतलब है कि पिछले साल गुढीपाडवा के मौके पर भी पुरणपोळी महोत्सव आयोजित किया गया था, जिसे मुंबईकरों ने हाथोंहाथ लिया।

    इसके बाद सार्वजनिक गणेशोत्सव 2025 के दौरान महिला बचत गटों द्वारा ‘मोदक महोत्सव 2025’ भी आयोजित किया गया था, जिसे शानदार प्रतिक्रिया मिली थी।

    इसी सफलता को देखते हुए इस साल फिर से होली पर यह महोत्सव आयोजित किया गया है।

    होली पर क्यों बढ़ती है पुरणपोळी की डिमांड?

    होली के दिन महाराष्ट्र में पुरणपोळी की खास परंपरा है। हर घर में इसे बनाने की परंपरा रही है, लेकिन भागदौड़ भरी जिंदगी में कई परिवारों के लिए इसे बनाना आसान नहीं होता।

    बढ़ती मांग को देखते हुए महिला बचत गटों ने यह पहल की है ताकि लोगों को पारंपरिक स्वाद भी मिले और महिलाओं को रोजगार भी।

    कैसे करें ऑनलाइन बुकिंग?

    • वेबसाइट: https://shgeshop.com
    • बुकिंग तारीख: 26 फरवरी 2026 से 1 मार्च 2026
    • डिलीवरी डेट: 3 मार्च 2026 (होली के दिन)
    • डिलीवरी: घरपोच

    संचालक (नियोजन) डॉ. डॉ. प्राची जांभेकर ने जानकारी देते हुए बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद संबंधित ग्राहकों को होली के दिन सीधे घर पर पुरणपोळी उपलब्ध कराई जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. पुरणपोळी महोत्सव 2026 कब तक चलेगा?
    26 फरवरी 2026 से 1 मार्च 2026 तक ऑनलाइन बुकिंग की जा सकती है।

    Q2. डिलीवरी कब होगी?
    3 मार्च 2026, होली के दिन घरपोच डिलीवरी होगी।

    Q3. बुकिंग कहां से करें?
    https://shgeshop.com वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा।

    Q4. यह पहल किसकी है?
    बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा आर्थिक सहयोग प्राप्त महिला बचत गटों की पहल है।

    Q5. क्या पहले भी ऐसा आयोजन हुआ है?
    हां, गुढीपाडवा और गणेशोत्सव 2025 में भी सफल आयोजन हो चुके हैं।

  • BMC Budget 2026-27: 25 फरवरी को पेश हुआ बीएमसी का बजट, शिक्षा विभाग का प्रस्ताव पहले हुआ पेश

    BMC Budget 2026-27: 25 फरवरी को पेश हुआ बीएमसी का बजट, शिक्षा विभाग का प्रस्ताव पहले हुआ पेश

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 25 फरवरी 2026 को पेश किया गया। शिक्षा विभाग का बजट सुबह 11 बजे और मुख्य बजट दोपहर 2 बजे स्थायी समिति में प्रस्तुत किया गया।

    मुंबई: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका मानी जाने वाली Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 25 फरवरी 2026 को पेश किया। बजट प्रस्तुति को लेकर मनपा मुख्यालय में दिनभर महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं।

    सुबह 11 बजे शिक्षा विभाग का बजट पेश

    सबसे पहले अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्व उपनगर) Dr. Avinash Dhakane ने शिक्षा विभाग का बजट अनुमान 25 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे शिक्षा समिति सभागृह, दूसरे मंजिल, मुख्य इमारत, मनपा मुख्यालय में पेश किया।

    उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के शिक्षा विभाग के ‘ई’ बजट अनुमान को शिक्षा समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।

    शिक्षा समिति अध्यक्ष को सौंपा गया प्रस्ताव

    डॉ. अविनाश ढाकणे ने यह बजट प्रस्ताव शिक्षा समिति की अध्यक्ष Rajeshree Shirwadkar को सौंपा।

    इस दौरान शिक्षा समिति के सदस्य, उप आयुक्त (शिक्षण) Dr. Prachi Jambecker, महानगरपालिका सचिव Manjiri Deshpande सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

    दोपहर 2 बजे स्थायी समिति में मुख्य बजट पेश

    इसके बाद महानगरपालिका आयुक्त Bhushan Gagrani ने 25 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजे स्थायी समिति सभागृह, पहली मंजिल, मुख्य इमारत, मनपा मुख्यालय में वर्ष 2026-27 का संपूर्ण बजट स्थायी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।

    मुंबईकरों के लिए यह बजट महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें बुनियादी सुविधाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी सप्लाई, सड़क, स्वच्छता और विकास परियोजनाओं के लिए प्रावधान शामिल हैं।

    दोपहर 3:30 बजे मीडिया से संवाद

    महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी ने बजट पेश करने के बाद दोपहर 3:30 बजे आयुक्त सभागृह, दूसरे मंजिल, मनपा मुख्यालय, महापालिका मार्ग, मुंबई-400001 में मीडिया से संवाद किया।

    इस दौरान उन्होंने बजट के मुख्य बिंदुओं और आगामी वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं पर जानकारी दी।

    क्यों अहम है BMC Budget 2026-27?

    मुंबई महानगरपालिका का बजट देश में सबसे बड़े नगर निकाय बजट में गिना जाता है। हर साल की तरह इस बार भी शिक्षा, जल आपूर्ति, बुनियादी ढांचा और नागरिक सुविधाओं को लेकर अहम घोषणाओं की उम्मीद की जा रही है।

    मुंबईकरों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले साल में शहर के विकास और सुविधाओं को लेकर क्या नई योजनाएं लागू होंगी।


    FAQ

    Q1: BMC का बजट कब पेश किया गया?
    25 फरवरी 2026 को।

    Q2: शिक्षा विभाग का बजट किसने पेश किया?
    अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त डॉ. अविनाश ढाकणे ने।

    Q3: मुख्य बजट किसके द्वारा पेश किया गया?
    महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी ने स्थायी समिति में पेश किया।

    Q4: मीडिया से संवाद कब हुआ?
    25 फरवरी 2026 को दोपहर 3:30 बजे।

    Q5: यह बजट क्यों महत्वपूर्ण है?
    क्योंकि इसमें शिक्षा, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए वित्तीय प्रावधान तय किए जाते हैं।

  • मुंबई में पर्यावरण बचाने और पानी संकट के लिए ‘वैधानिक समिति’ बनाने की मांग

    मुंबई में पर्यावरण बचाने और पानी संकट के लिए ‘वैधानिक समिति’ बनाने की मांग

    वार्ड 54 के नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने मुंबई में बढ़ते प्रदूषण, जंगल कटाई और पानी की किल्लत को देखते हुए BMC से पर्यावरण और जल प्रबंधन के लिए वैधानिक समिति बनाने की मांग की है।

    मुंबई: शहर में बढ़ते प्रदूषण, अनियंत्रित जंगल कटाई और जल संकट को लेकर अब राजनीतिक स्तर पर भी गंभीर पहल शुरू हो गई है। वार्ड क्रमांक 54 के नगरसेवक Ankit Sunil Prabhu ने 17 फरवरी 2026 को Brihanmumbai Municipal Corporation के सचिव और महापौर को पत्र लिखकर पर्यावरण संरक्षण के लिए एक ‘वैधानिक समिति’ गठित करने की मांग की है।

    पर्यावरण संतुलन के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत

    नगरसेवक अंकित प्रभू ने अपने पत्र में कहा है कि मुंबई में बढ़ता वायु प्रदूषण, पेड़ों की कटाई और जलवायु परिवर्तन की वजह से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता जा रहा है।

    उन्होंने जोर देकर कहा कि अब केवल औपचारिक योजनाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रशासन को आक्रामक और सुनियोजित कदम उठाने होंगे ताकि मुंबई को प्रदूषणमुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।

    प्रशासनिक विभागों में समन्वय की कमी

    अंकित प्रभू ने यह भी बताया कि महानगरपालिका के अलग-अलग विभाग पर्यावरण से जुड़े काम तो कर रहे हैं, लेकिन उनमें आपसी तालमेल और नियोजन की भारी कमी है।

    प्रस्तावित ‘वैधानिक समिति’ में प्रशासनिक अधिकारी, लोकप्रतिनिधि और पर्यावरण विशेषज्ञों को शामिल किया जाए, ताकि सभी विभाग मिलकर रणनीतिक और दीर्घकालिक फैसले ले सकें।

    उनका मानना है कि इस समिति के माध्यम से मुंबई के कार्यक्षेत्र में पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए प्रभावी नीति बनाई जा सकती है।

    मुंबई में गहराता पानी संकट

    नगरसेवक प्रभू ने तेजी से बढ़ती आबादी और उससे पैदा हो रही पानी की गंभीर किल्लत का मुद्दा भी उठाया है।

    उन्होंने कहा कि केवल नए जल स्रोत खोजने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि उपलब्ध पानी का वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन जरूरी है।

    मुंबई में हर साल गर्मियों के दौरान पानी संकट एक बड़ा मुद्दा बन जाता है, जिसे देखते हुए उन्होंने दीर्घकालिक जल प्रबंधन नीति की मांग की है।


    बर्बाद हुए पानी के पुन: उपयोग पर जोर

    अपने प्रस्ताव में अंकित प्रभू ने खास तौर पर मल-निस्सारण और बर्बाद हुए पानी (सीवेज जल) के वैज्ञानिक शोधन और पुन: उपयोग पर जोर दिया है।

    उनका कहना है कि यदि बर्बाद हुए पानी का शुद्धिकरण कर उसका पुन: उपयोग किया जाए, तो पीने के पानी की काफी बचत की जा सकती है। इससे भविष्य में पानी किल्लत की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    प्रशासन से सकारात्मक निर्णय की अपील

    नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने प्रशासन से अपील की है कि उनके इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किया जाए और मुंबई को अधिक रहने योग्य, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त शहर बनाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं।

    उन्होंने कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।


    FAQ

    Q1: किसने वैधानिक समिति बनाने की मांग की है?
    वार्ड 54 के नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने यह मांग की है।

    Q2: यह मांग किस संस्था से की गई है?
    यह मांग बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सचिव और महापौर को पत्र लिखकर की गई है।

    Q3: समिति बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    मुंबई में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और जल संकट के समाधान के लिए समन्वित नीति बनाना।

    Q4: पानी संकट को लेकर क्या सुझाव दिया गया है?
    सांडपानी के वैज्ञानिक शोधन और पुन: उपयोग पर जोर देने का सुझाव दिया गया है, ताकि पीने के पानी की बचत हो सके।

    Q5: यह प्रस्ताव कब दिया गया?
    17 फरवरी 2026 को पत्र के माध्यम से प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

  • 6 साल के रचित ने बॉडीबिल्डिंग स्टेज पर मचाया धमाल, पिता का अधूरा सपना किया पूरा

    6 साल के रचित ने बॉडीबिल्डिंग स्टेज पर मचाया धमाल, पिता का अधूरा सपना किया पूरा

    मुंबई के 6 वर्षीय रचित पंचाल ने Junior Mumbai Shree 2026 में 55 किलो कैटेगरी और अंडर-23 ग्रुप में हिस्सा लेकर सबको चौंका दिया। पिता उमेश पंचाल के एक्सीडेंट के बाद बेटे ने उनका अधूरा बॉडीबिल्डिंग सपना पूरा किया।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने फिटनेस इंडस्ट्री, बॉडीबिल्डिंग जगत और सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। सिर्फ 6 साल के रचित पंचाल ने Junior Mumbai Shree 2026 में हिस्सा लेकर 30 से ज्यादा एडल्ट बॉडीबिल्डर्स के बीच स्टेज पर जबरदस्त आत्मविश्वास दिखाया। 55 किलो वेट कैटेगरी और अंडर-23 एज ग्रुप में एंट्री लेकर रचित ने साबित कर दिया कि जज़्बा उम्र नहीं देखता।

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    Junior Mumbai Shree 2026 में 6 साल का चैंपियन

    Junior Mumbai Shree 2026 का आयोजन मलाड ईस्ट में जय भवानी जिम और Greater Bombay Bodybuilding Association द्वारा किया गया था। इसी मंच पर रचित पंचाल ने अपनी दमदार फिजीक, कट्स और ऑन-स्टेज कॉन्फिडेंस से सबको हैरान कर दिया।

    करीब 30 से ज्यादा सीनियर बॉडीबिल्डर्स के बीच एक 6 साल का बच्चा बिना डरे स्टेज पर खड़ा था — ये नज़ारा देखने लायक था।

    पिता का अधूरा सपना, बेटे ने किया पूरा

    रचित के लिए ये सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि उनके पिता Umesh Madhusudan Panchal का अधूरा सपना था।

    परेल निवासी उमेश पंचाल खुद बॉडीबिल्डिंग में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। 9 मार्च 2024 को उन्हें Mumbai Shree Bodybuilding Competition में हिस्सा लेना था, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था।

    सड़क हादसे ने बदल दी जिंदगी

    • 9 मार्च 2024 को उमेश को मुंबई श्री प्रतियोगिता में उतरना था।
    • उससे दो दिन पहले, 7 मार्च 2024 को, अंधेरी स्थित अपने ऑफिस से वसई क्लाइंट मीटिंग के लिए बाइक से जाते वक्त उनका एक्सीडेंट हो गया।
    • हादसे में उनके बाएं पैर (टिबिया) में गंभीर चोट आई।
    • उन्हें दो सर्जरी करानी पड़ी — पहली मार्च 2024 में और दूसरी सितंबर 2024 में।
    • करीब 8 महीने तक वे बिस्तर पर रहे और लंबी रिकवरी से गुजरे।

    जिस मंच पर उमेश उतरने वाले थे, उसी मंच पर अब उनका 6 साल का बेटा खड़ा था।

    अप्रैल 2025 से शुरू हुई नई कहानी

    अप्रैल 2025 में गिरगांव में हुई एक बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में जब रचित पहली बार स्टेज पर उतरे, तो उनके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू थे।

    मां सोनल और पिता उमेश ने उस पल को अपनी जिंदगी का सबसे भावुक और गर्वभरा लम्हा बताया।

    स्कूल स्टूडेंट, लेकिन फिटनेस में प्रोफेशनल

    रचित पंचाल St Joseph’s High School, Wadala में सीनियर केजी के छात्र हैं। स्कूल यूनिफॉर्म में स्पीच देने वाला यही बच्चा जब जिम में ट्रेनिंग करता है तो प्रोफेशनल एथलीट जैसा दिखता है।

    रोजाना जिम ट्रेनिंग और मल्टी-स्पोर्ट एक्टिविटी

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    • रचित अपने पिता के साथ जिम में ट्रेनिंग करते हैं।
    • साइक्लिंग और रनिंग में भी एक्टिव रहते हैं।
    • उनकी ट्रेनिंग कराते हैं विशाल परब, जिन्होंने पहले उनके पिता को भी ट्रेन किया था।

    ये कहानी सिर्फ बॉडीबिल्डिंग की नहीं, बल्कि फैमिली सपोर्ट, डेडिकेशन और मुंबई स्पिरिट की मिसाल है।

    क्यों वायरल हो रही है ये खबर?

    • 6 साल का बॉडीबिल्डर
    • पिता के एक्सीडेंट के बाद बेटे का कमबैक
    • Junior Mumbai Shree 2026 में एडल्ट्स के बीच मुकाबला
    • सोशल मीडिया पर वायरल फिटनेस स्टोरी
    • मुंबई की इंस्पिरेशनल न्यूज़

    ये स्टोरी गूगल पर तेजी से सर्च हो रही है — “6 year old bodybuilder Mumbai”, “Rachit Panchal bodybuilding”, “Junior Mumbai Shree 2026 news” जैसे कीवर्ड ट्रेंड में हैं।


    FAQ

    Q1: रचित पंचाल की उम्र कितनी है?
    रचित की उम्र 6 साल है और वे सीनियर केजी के छात्र हैं।

    Q2: उन्होंने किस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया?
    उन्होंने Junior Mumbai Shree 2026 में 55 किलो कैटेगरी और अंडर-23 ग्रुप में हिस्सा लिया।

    Q3: उनके पिता के साथ क्या हुआ था?
    मार्च 2024 में बाइक एक्सीडेंट में उनके पिता उमेश पंचाल के पैर (टिबिया) में गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद उन्हें दो सर्जरी करानी पड़ी।

    Q4: रचित की ट्रेनिंग कौन कराता है?
    उन्हें विशाल परब ट्रेन करते हैं, जो पहले उनके पिता के कोच भी रह चुके हैं।

    Q5: यह खबर क्यों खास है?
    क्योंकि 6 साल के बच्चे ने एडल्ट बॉडीबिल्डर्स के बीच स्टेज पर उतरकर पिता का अधूरा सपना पूरा किया।

  • Holi Special Trains 2026: मुंबई से UP-बिहार के लिए 30 स्पेशल ट्रेनें, पूरी लिस्ट और डेट्स देखें

    Holi Special Trains 2026: मुंबई से UP-बिहार के लिए 30 स्पेशल ट्रेनें, पूरी लिस्ट और डेट्स देखें

    Holi Special Trains 2026: होली पर मुंबई से यूपी-बिहार जाने वालों के लिए बड़ी खबर। लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सुल्तानपुर, वाराणसी, रक्सौल, सहरसा और धनबाद के लिए 30 स्पेशल ट्रेनें। जानें ट्रेन नंबर, तारीख, स्टॉपेज और बुकिंग डिटेल।

    मुंबई: होली 2026 पर यूपी, बिहार और झारखंड जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। त्योहार के दौरान बढ़ती भीड़ और वेटिंग लिस्ट को देखते हुए रेलवे ने 30 अतिरिक्त Holi Special Trains चलाने का फैसला किया है। इनमें से 8 स्पेशल ट्रेनें लोकमान्य तिलक टर्मिनस मुंबई से सुल्तानपुर और वाराणसी के बीच चलेंगी, जबकि 22 ट्रेनें रक्सौल, सहरसा और धनबाद रूट पर पहले से चल रही सेवाओं का विस्तार हैं।

    रेलवे का यह स्पेशल प्लान खासतौर पर पूर्वांचल, बिहार और झारखंड के यात्रियों को राहत देने के लिए तैयार किया गया है।

    🚉 मुंबई से सुल्तानपुर के लिए Holi Special Train

    मुंबई से सुल्तानपुर के बीच चार होली स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं:

    • ट्रेन नंबर 04211 (Holi Special)
      📅 27.02.2026 और 03.03.2026
      🕑 दोपहर 14:35 बजे मुंबई से रवाना
      🕚 अगले दिन रात 23:00 बजे सुल्तानपुर पहुंचेगी
    • वापसी ट्रेन नंबर 04212
      📅 26.02.2026 और 02.03.2026
      🕓 सुबह 04:00 बजे सुल्तानपुर से प्रस्थान
      🕛 अगले दिन दोपहर 12:20 बजे मुंबई पहुंचेगी

    इन ट्रेनों में 16 एसी थ्री-टियर इकोनॉमी कोच और 2 जनरेटर वैन लगाए गए हैं।

    🚆 मुंबई से वाराणसी के लिए Holi Special Train

    वाराणसी जाने वालों के लिए भी चार स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं:

    • ट्रेन नंबर 04225
      📅 26.02.2026 और 02.03.2026
      🕑 दोपहर 14:35 बजे मुंबई से रवाना
      🕒 तीसरे दिन सुबह 02:05 बजे वाराणसी पहुंचेगी
    • वापसी ट्रेन नंबर 04226
      📅 25.02.2026 और 01.03.2026
      🕐 सुबह 01:35 बजे वाराणसी से प्रस्थान
      🕛 अगले दिन दोपहर 12:20 बजे मुंबई पहुंचेगी

    वाराणसी वाली ट्रेनों में सुल्तानपुर और जौनपुर सिटी स्टेशन भी शामिल हैं।

    📍 प्रमुख स्टॉपेज की पूरी लिस्ट

    इन Holi Special Trains के प्रमुख ठहराव इस प्रकार हैं:
    ठाणे, कल्याण, नासिक रोड, चालीसगांव, पचोरा, भुसावल, खंडवा, इटारसी जंक्शन, रानी कमलापति, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, ओराई, कानपुर सेंट्रल और लखनऊ।

    🚆 मुंबई से रक्सौल (बिहार) के लिए स्पेशल ट्रेन

    • ट्रेन नंबर 05558 (हर गुरुवार)
      📅 12.03.2026 से 02.04.2026 तक विस्तारित
    • वापसी ट्रेन नंबर 05557
      📅 10.03.2026 से 31.03.2026 तक

    👉 कुल 8 स्पेशल सेवाएं
    👉 कोच संरचना:
    1 फर्स्ट कम एसी टू-टियर
    2 एसी टू-टियर
    6 एसी थ्री-टियर
    7 स्लीपर क्लास
    4 जनरल सेकंड क्लास
    1 सेकंड सीटिंग कम गार्ड ब्रेक वैन
    1 जनरेटर कार

    🚆 मुंबई से सहरसा के लिए स्पेशल ट्रेन

    • ट्रेन नंबर 05586 (हर रविवार)
      📅 08.03.2026 से 29.03.2026 तक
    • वापसी ट्रेन नंबर 05585
      📅 06.03.2026 से 27.03.2026 तक

    👉 कुल 8 स्पेशल सेवाएं
    👉 कोच:
    2 एसी टू-टियर
    6 एसी थ्री-टियर
    2 एसी थ्री-टियर इकोनॉमी
    6 स्लीपर क्लास
    4 जनरल सेकंड क्लास
    1 सेकंड सीटिंग कम गार्ड ब्रेक वैन
    1 जनरेटर कार

    🚆 मुंबई से धनबाद के लिए स्पेशल ट्रेन

    • ट्रेन नंबर 03380 (हर गुरुवार)
      📅 12.03.2026 से 26.03.2026 तक
    • वापसी ट्रेन नंबर 03379
      📅 10.03.2026 से 24.03.2026 तक

    👉 कुल 6 स्पेशल सेवाएं
    👉 कोच:
    2 एसी टू-टियर
    2 एसी थ्री-टियर
    6 एसी थ्री-टियर इकोनॉमी
    6 स्लीपर क्लास
    4 जनरल सेकंड क्लास
    1 सेकंड सीटिंग कम गार्ड ब्रेक वैन
    1 जनरेटर कार

    🎫 Holi Special Train 2026: बुकिंग कब से शुरू?

    • ट्रेन नंबर 05558, 05586 और 03380 की बुकिंग 20.02.2026 से शुरू
    • एसी स्पेशल ट्रेन नंबर 04211 और 04225 की बुकिंग 22.02.2026 से खुलेगी

    रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे समय पर टिकट बुक करें और Holi Special Trains का लाभ उठाएं।


    ❓ FAQ – Holi Special Train 2026

    Q1. होली पर मुंबई से यूपी-बिहार के लिए कितनी स्पेशल ट्रेनें चल रही हैं?
    👉 कुल 30 अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन सेवाएं।

    Q2. कौन-कौन से प्रमुख रूट शामिल हैं?
    👉 सुल्तानपुर, वाराणसी, रक्सौल, सहरसा और धनबाद।

    Q3. बुकिंग कब से शुरू हुई है?
    👉 20 फरवरी और 22 फरवरी 2026 से अलग-अलग ट्रेनों की बुकिंग शुरू।

    Q4. क्या स्टॉपेज में कोई बदलाव हुआ है?
    👉 नहीं, समय और ठहराव में कोई बदलाव नहीं किया गया है।