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  • मुंबई से दुबई चलेगी अंडरवाटर ट्रेन; 2 घंटे में होगा सफर पूरा

    मुंबई से दुबई चलेगी अंडरवाटर ट्रेन; 2 घंटे में होगा सफर पूरा

    Mumbai to Dubai Underwater Train: 2030 तक शुरू होगी मुंबई दुबई अंडरवाटर ट्रेन, 1000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, अधिक जानकारी: भारत से दुबई तक…

    Mumbai to Dubai Underwater Train: 2030 तक शुरू होगी मुंबई से दुबई के बीच अंडरवाटर ट्रेन, 1000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, अधिक जानकारी: भारत से दुबई तक अंडरवाटर ट्रेन चलेगी. इस ट्रेन की स्पीड 600 किमी प्रति घंटे से 1000 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है और यह मुंबई से दुबई तक का सफर सिर्फ दो घंटे में तय कर सकेगी।

    तकनीकी चुनौतियां

    यह (Mumbai-Dubai Underwater Train) प्रोजेक्ट काफी चर्चा में है, और इसे लेकर बड़े निवेश और तकनीकी चुनौतियां सामने आ रही हैं। आपने हवाई यात्रा का अनुभव तो किया होगा, लेकिन अब आप सोच रहे होंगे कि समुद्र के नीचे ट्रेन से यात्रा करना कैसा होगा? यह बात थोड़ी अजीब लग सकती है, लेकिन यह सच है।

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    हालांकि यह प्रोजेक्ट बेहद रोमांचक है, लेकिन इसमें काफी सारे निवेश की आवश्यकता होगी। अनुमान के मुताबिक, इसे पूरा करने के लिए अरबों डॉलर की जरूरत होगी। इस प्रोजेक्ट को तकनीकी और इंजीनियरिंग की कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सब कुछ सही रहा, तो इस प्रोजेक्ट को 2030 तक पूरा किया जा सकता है।

    भारत और दुबई के बीच रेल नेटवर्क

    आपको बता दें कि भारत और दुबई के बीच एक शानदार रेल नेटवर्क स्थापित किया जाएगा, जो समुद्र के नीचे लगभग 1200 मील (लगभग 2000 किलोमीटर) की दूरी तय करेगा। इस अंडरवाटर ट्रेन की मदद से यात्री समुद्र के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। यद्यपि यह परियोजना अभी भी चर्चा में है और अनुमोदन की प्रतीक्षा कर रहा है। आशा है कि यह यात्रा अगले कुछ वर्षों में शुरू हो सकेगा। यदि यह योजना सफल रही तो यात्रियों के लिए यह एक नया और रोमांचक अनुभव होगा, जिससे उनकी यात्रा और भी खास हो जाएगी। इसपर किराया क्या होगा? सरकारी दस्तावेजों में क्या होगा? व्यापार पर इसका कितना असर पड़ेगा? सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम कैसे होंगे? ऐसे बहोत सारे मुद्दों पर विचार करना अभी बाकी है।

  • मुम्बई एयरपोर्ट पर हसीना गिरफ्तार, पेट के अंदर से मिले कोकीन के 100 कैपसूल

    मुम्बई एयरपोर्ट पर हसीना गिरफ्तार, पेट के अंदर से मिले कोकीन के 100 कैपसूल

    Mumbai Airport: मुम्बई एयरपोर्ट पर DRI ने ब्राजील की महिला को 10.96 करोड़ रुपये की कोकीन के 100 कैप्सूल निगलने के आरोप में गिरफ्तार किया। भारत में ड्रग्स की तस्करी के लिए महिला ब्राजील के साओ पाउलो से आई थी।

    Mumbai Airport News: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसे पढ़कर आप दंग रह जाएंगे। दरअसल मुम्बई एयरपोर्ट देश के व्यस्त एयरपोर्ट में से एक है। जहां लाखों की संख्या में देश विदेश से लोग हर दिन आते-जाते रहते हैं। इसी भीड़ का एक खुबसूरत महिला फायदा उठाकर ड्रग्स की तस्करी करना चाहती थी। लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके पेट में छिपा लगभग 10.96 करोड़ रुपए के ड्रग्स बरामद कर लिया।

    राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने मुम्बई में ड्रग्स की तस्करी करने के आरोप में 10.96 करोड़ रुपये के कोकीन से भरा 100 कैप्सूल निगलने के मामले में ब्राजील की एक महिला को गिरफ्तार किया है। DRI ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, विदेशी महिला के खिलाफ खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई।

    कैसे हुई गिरफ्तारी?

    अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर महिला को संदेहास्पद पाया। जब महिला बार बार अपने पेट पर हाथ फिरा रही थी तो अधिकारियों ने पूछा, क्या कोई प्रोब्लम तो नही है? महिला हकलाहट में अलग-अलग जवाब दे रही थी। जबकि डीआरआइ अधिकारियों को इसकी खुफिया जानकारी पहले से मिल गई थी। उन्होंने तुरंत महिला को डॉक्टरों के हवाले किया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि महिला भारत में कोकीन तस्करी करने के लिए 100 कैप्सूल निगल ली थी।

    महिला को तुरंत एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों की टीम ने उसके पेट से 1,096 ग्राम कोकीन निकाला। ये कोकीन 100 कैप्सूल में भरी हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक, कैप्सूल में 10.96 करोड़ रुपये मूल्य का कोकीन मिला, जो अवैध रूप से बाजार में बेचा जा सकता था।

    मौत का कारण

    अधिकारियों की मानें तो महिला को भारतीय कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है। ड्रग्स के खिलाफ भारतीय अधिनियम (NDPS) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि तस्कर अपनी गतिविधियों को गुप्त रखने के लिए नए नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें जान का खतरा भी होता है। अगर सफर के दौरान समय ज्यादा हो गया तो इंसानी पेट की गर्मी कैप्सूल को पिघला सकती है और एक साथ इतनी ज्यादा मात्रा में ड्रग्स शरीर में फैलने से नशा बढ़कर उस व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। इस तरह के ड्रग्स की तस्करी पुलिस और कस्टम अधिकारियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

  • अमेरिकी वीज़ा इंटरव्यू छूट अब सिर्फ 12 महिने के लिए कर दिया गया है।

    अमेरिकी वीज़ा इंटरव्यू छूट अब सिर्फ 12 महिने के लिए कर दिया गया है।

    48 महिनों की वीज़ा इंटरव्यू छूट अमेरिकी सरकार ने अब घटाकर मात्र 12 महिने के लिए कर दिया गया है। इससे बाहर नौकरी व्यापार के लिए जानेवाले भारतीयों के लिए बड़ी दिक्कत होने वाली है।

    नई दिल्ली: संयुक्त राज्य अमेरिका ने वीज़ा इंटरव्यू छूट के लिए पात्रता विंडो, जिसे आमतौर पर ड्रॉपबॉक्स प्रक्रिया के रूप में जाना जाता है। इसे अब 48 महीने से घटाकर 12 महीने के लिए कर दिया है। इस बदलाव से हजारों नोन इमीग्रेंट वीजा धारकों पर असर पड़ने की उम्मीद है, जिनमें एच-1बी, एफ-1 और बी1/बी2 वीजा धारक भी शामिल हैं।

    जबकि भारत में अमेरिकी दूतावास ने बदलाव की पुष्टि नहीं की है, ऑनलाइन वीज़ा प्रोसेसिंग प्लेटफॉर्म एटलिस से पता चलता है, कि उसने पिछले सप्ताह अपने पात्रता मानदंड को अपडेट किया है।

    एटलिस के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया, कि “हालांकि कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बदलाव अब लागू किया जा रहा है और 12 महीने से अधिक समय से समाप्त हो चुके आवेदन अब स्वीकार नहीं किए जाएंगे।”

    वीज़ा प्रोसेसिंग पर दबाव

    पहले, यदि व्यक्ति का पिछला वीज़ा 48 महीनों के भीतर समाप्त हो जाता था, तो वह ड्रॉपबॉक्स प्रणाली का उपयोग करके अपने वीज़ा को नवीनीकृत कर सकता था। यह विस्तारित नीति कांसुलर बैकलॉग को कम करने के लिए महामारी के दौरान पेश की गई थी। नवीनतम बदलाव का मतलब है कि कई आवेदकों को अब व्यक्तिगत इंटरव्यू के लिए उपस्थित होना होगा, जिससे वीज़ा प्रणाली पर और दबाव पड़ सकता है।

    द नेशनल लॉ रिव्यू के अनुसार, इस बदलाव से नोन इमीग्रेंट वीज़ा धारकों के लिए देरी और यात्रा में बाधा उत्पन्न होने की संभावना है, जिनमें निम्नलिखित परेशानियां शामिल हैं:

    • एच-1बी – विशिष्ट क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों के लिए एक कार्य वीजा, जिसके लिए अमेरिकी नियोक्ता से नौकरी की पेशकश की आवश्यकता होती है।
    • एफ-1 – अमेरिका में शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए एक छात्र वीजा, जो परिसर में सीमित रोजगार की अनुमति देता है।
    • बी1/बी2 – व्यापार (बी1) या पर्यटन (बी2) के लिए एक अल्पकालिक वीजा, जो रोजगार की अनुमति नहीं देता है।
    • एल-1 – एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के भीतर अमेरिकी कार्यालय में स्थानांतरित होने वाले कर्मचारियों के लिए एक वीजा, जो अधिकारियों, प्रबंधकों या विशेष ज्ञान वाले श्रमिकों पर लागू होता है।
    • O-1 – विज्ञान, कला, शिक्षा, व्यवसाय या एथलेटिक्स में असाधारण क्षमता वाले व्यक्तियों के लिए वीज़ा।

    क्या बदल गया है?

    आवेदक अब ड्रॉपबॉक्स प्रक्रिया के लिए तभी अर्हता प्राप्त करते हैं, जब उनका वीज़ा पिछले 12 महीनों के भीतर समाप्त हो गया हो और उसी श्रेणी में हो। जो लोग इस आवश्यकता को पूरा नहीं करते हैं उन्हें एक व्यक्तिगत इंटरव्यू निर्धारित करना होगा, जिसके कारण ये हो सकते हैं:

    • अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों में व्यक्तिगत नियुक्तियों की मांग में वृद्धि।
    • विशेष रूप से उच्च मात्रा वाले शहरों में वीज़ा इंटरव्यू के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा करना।
    • व्यावसायिक यात्रियों और तेजी से नवीनीकरण की आवश्यकता वाले पेशेवरों के लिए संभावित व्यवधान।
    • इस बदलाव का असर अमेरिका में भारतीय छात्रों पर भी पड़ने की उम्मीद है।

    वनस्टेप ग्लोबल के मुख्य परिचालन अधिकारी सिद्धार्थ अय्यर ने जानकारी देते हुए बताया, “छात्रों (एफ-1) के लिए अमेरिकी वीजा नवीनीकरण प्रक्रिया में हालिया नीति बदलाव खासकर भारत में आवेदकों के लिए एक महत्वपूर्ण समायोजन का प्रतिनिधित्व करता है। इंटरव्यू छूट की पात्रता अब पिछले 48 महीनों से घटकर 12 महीने हो गई है, कुछ छात्रों को अपने वीजा को नवीनीकृत करते समय लंबे समय तक इंतजार और अतिरिक्त कदमों का अनुभव हो सकता है। हालांकि यह समायोजन पूर्व-महामारी नियमों की वापसी को दर्शाता है, यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय शिक्षा की मांग अधिक है।”

    उन्होंने कहा, “इस बदलाव का उद्देश्य प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है, लेकिन यह उन छात्रों के लिए चुनौतियां पैदा कर सकता है जो अद्यतन पात्रता विंडो से बाहर हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कई छात्रों के पास अभी भी नियमित प्रक्रिया के माध्यम से अपने वीजा को नवीनीकृत करने के पर्याप्त अवसर होंगे।” “जो लोग इस परिवर्तन से प्रभावित हैं, उन्हें सूचित रहना चाहिए, अपने नवीनीकरण की योजना पहले से बना लेनी चाहिए, और मार्गदर्शन के लिए अपने विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय कार्यालयों या वीज़ा सलाहकारों तक पहुँचना जारी रखना चाहिए।”

    भारत में वीज़ा अपाइंटमेंट में देरी

    भारत में वीज़ा अपॉइंटमेंट प्राप्त करना पहले से ही एक लंबी प्रक्रिया है। 2022 में B1/B2 (व्यवसाय और पर्यटन) वीज़ा इंटरव्यू के लिए प्रतीक्षा समय 999 दिनों से अधिक हो गया। हालाँकि अब इसमें सुधार हुआ है, लेकिन प्रतीक्षा समय अभी भी लंबा है:

    • दिल्ली और मुंबई: 440 दिन से अधिक
    • चेन्नई: 436 दिन
    • हैदराबाद: 429 दिन
    • कोलकाता: 415 दिन

    वीज़ा नीति में बदलाव क्यों?

    दिल्ली में एक सवाल के जवाब में, अमेरिकी दूतावास ने कहा, “अमेरिकी विदेश विभाग कार्यकारी आदेश 14161 के तहत निर्देशित सभी वीजा कार्यक्रमों की पूर्ण समीक्षा कर रहा है। इस समय हमारे पास यही सारी जानकारी है।”

    20 जनवरी, 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश 14161 का शीर्षक है “संयुक्त राज्य अमेरिका को विदेशी आतंकवादियों और अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा खतरों से बचाना।” आदेश संघीय एजेंसियों को इमीग्रेशन स्क्रीनिंग और जांच प्रक्रियाओं को मजबूत करने का निर्देश देता है। यह पिछले ट्रम्प प्रशासन की कुछ नीतियों को बहाल करता है और सुरक्षा जोखिमों के लिए वीज़ा और इमीग्रेशन नीतियों की समीक्षा की आवश्यकता है।

    इसमें शामिल है:

    • संभावित प्रवेश प्रतिबंधों के लिए उच्च जोखिम वाले देशों की पहचान करना।
    • शरणार्थी स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं को मजबूत करना।
    • सुरक्षा कमजोरियों के लिए वीज़ा कार्यक्रमों का मूल्यांकन करना।
    • अमेरिका में पहले से मौजूद विदेशी नागरिकों पर निगरानी बढ़ाना।
    • अमेरिकी समाज में आप्रवासी समावेशन को प्रोत्साहित करने के उपायों को लागू करना।
  • Mumbai Airport: बैंकॉक से मुम्बई में गांजे की तस्करी, चार गिरफ्तार

    Mumbai Airport: बैंकॉक से मुम्बई में गांजे की तस्करी, चार गिरफ्तार

    Drug Smuggling: मुम्बई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग के अधिकारियों ने 13.92 करोड़ रुपये की नशीला पदार्थ गांजा जब्त कर ड्रग्स तस्करी से जुड़े बड़े रैकेट का भांडाफोड़ किया है। इसमें 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर NDPS कानून के तहत कार्यवाही।

    Mumbai Airport: मुम्बई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (Mumbai International Airport) पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग्स तस्करी के अंतरराष्ट्रीय रैकेट का पर्दाफाश किया है। अधिकारियों ने एयर इंडिया और इंडिगो की दो अलग-अलग फ्लाइट्स के जरिए बैंकॉक से आए चार भारतीय यात्रियों के पास से 13,923 ग्राम नशीला पदार्थ गांजा जब्त किया है। इस जब्त किए गए ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्यांकन लगभग 13.92 करोड़ रुपये आंकी गई है।

    बैंकॉक की फ्लाइट मे गांजे की तस्करी

    एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) के अधिकारी शुक्रवार 7 फरवरी को मुंबई एयरपोर्ट पर नियमित ड्यूटी पर तैनात थे। इसी बीच बैंकॉक से आए दो अलग-अलग फ्लाइट के चार यात्रियों की गतिविधियां उन्हें संदिग्ध लगीं। अधिकारियों ने शक के आधार पर उनकी जांच की तो भारी मात्रा में नशे के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला गांजा बरामद हुआ।

    दो अलग-अलग फ्लाइट से आए थे यात्री

    पहली जांच में एयर इंडिया (Air INDIA) की फ्लाइट A353 से मुम्बई आए प्रवीण सिंह और सूरज उपाध्याय की तलाशी के दौरान प्रवीण सिंह के बैग से 4,015 ग्राम और सूरज उपाध्याय के बैग से 2,859 ग्राम नशीला गांजा मिला। इसके बाद इंडिगो (indigo) की फ्लाइट 6E-1052 से आए दो बाकी यात्रियों शिवम बलिंद्र यादव और मयंक बलराम दीक्षित को रोका गया। जांच के दौरान शिवम के बैग से 3,004 ग्राम और मयंक के बैग से 4,045 ग्राम गांजा बरामद किया गया।

    NDPS कानून के तहत कार्यवाही

    मुम्बई एयरपोर्ट पर बैंकॉक से आए चारो आरोपी प्रवीण सिंह, सूरज उपाध्याय, शिवम बलिंद्र यादव और मयंक बलराम दीक्षित के खिलाफ मादक पदार्थ निषेध अधिनियम (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। आज उन्हें कोर्ट में पेश किया गया जहां आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। मुंबई एयरपोर्ट पर हालही के महीनों में ज्यादातर ड्रग्स तस्करी के कई मामले सामने आए हैं। कस्टम विभाग लगातार सतर्कता बरत रही है और इस तरह की तस्करी को रोकने के लिए कड़े से कड़े कदम उठाने पर विचार कर रही है।

  • छोटा राजन हो गया कोर्ट से बरी, बिल्डर पर गोलीबारी

    छोटा राजन हो गया कोर्ट से बरी, बिल्डर पर गोलीबारी

    महाराष्ट्र संगठित अपराध अधिनियम (मकोका) की विशेष अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन राजेंद्र सदाशिव निकालजे उर्फ छोटा राजन को अंधेरी के एक बिल्डर पर 2008 में की गई गोलीबारी के मामले में बरी कर दिया है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – महाराष्ट्र संगठित अपराध अधिनियम (मकोका) की विशेष अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन राजेंद्र सदाशिव निकालजे उर्फ छोटा राजन को अंधेरी के एक बिल्डर पर 2008 में की गई गोलीबारी के मामले में बरी कर दिया है। इस मामले में गिरफ्तार राजन के चार कथित सहयोगी पहले ही मुकदमे का सामना कर चुके हैं। इनमें 22 वर्षीय कमर रशीद उर्फ ​​मोनू उर्फ ​​मुन्ना अब्दुल रशीद सिद्दीकी, 34 वर्षीय परवेज अख्तर तजमुल हुसैन सिद्दीकी, 34 वर्षीय अनीस अनवर उल हक खान और 30 वर्षीय असगर राजाबली खान के नाम दर्ज हैं। सुनवाई के दौरान 2010 में, उनमें से तीन को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी, जबकि चौथा आरोपी असगर खान को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था।

    गोलीबारी के मामले में बिल्डर के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें राजन के सहयोगियों को नामजद किया गया था और उन पर भारतीय शस्त्र अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत हत्या के प्रयास सहित विभिन्न आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान, मुंबई अपराध शाखा (मुंबई क्राईम ब्रांच) ने पाया कि गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी छोटा राजन के नेतृत्व वाले एक संगठित अपराध सिंडिकेट के सदस्य थे, जिसके बाद उन्होंने मामले में मकोका के प्रावधानों को लागू किया।

    कहां से हुआ गिरफ्तार?

    केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जिसने छोटा राजन के खिलाफ सभी मामलों को अपने हाथ में लिया था। सीबीआई ने अक्टूबर 2015 में इंडोनेशिया के बाली से भारत में प्रत्यर्पित किए जाने के बाद गैंगस्टर के खिलाफ एक पूरक आरोप पत्र (supplementary charge sheet) दायर किया था।

    प्रदीप शर्मा का करीबी

    राजन के वकील ने तर्क देते हुए कोर्ट में कहा कि उसे मामले में झूठा फंसाया गया था और दावा किया कि कथित अपराध से उसे जोड़ने के लिए कोई प्रथम दृष्टया सबूत नहीं था। उन्होंने आगे दावा किया कि शिकायतकर्ता पुलिस का एक मुखबिर था और पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा का करीबी दोस्त था, जिसने गैंगस्टर को कई बार निशाना बनाया था। विशेष सत्र न्यायाधीश एएम पाटिल ने शुक्रवार को आदेश का क्रियाशील भाग जारी किया।

    क्या है मामला?

    मकोका मामले में विशेष अदालत ने सुनवाई के दौरान आरोपी राजेंद्र सदाशिव निकलजे उर्फ ​​छोटा राजन को धारा 307 के साथ 120(बी) के तहत दंडनीय अपराधों से बरी कर दिया। वैकल्पिक रूप से धारा 307 के साथ 34 आईपीसी के साथ आर्म्स एक्ट के साथ 3, 25, 27 के साथ एमसीओसी अधिनियम, 1999 की धारा 3(1)(ii), 3(2), 3(4) के तहत मामला दर्ज था।

    सरकारी वकील ने क्या कहा?

    विशेष अदालत के सरकारी वकील प्रदीप घरात ने कहा कि छोटा राजन खिलाफ दर्ज 71 मामलों में से उसे सात मामलों में दोषी ठहराया गया है और करीब चार मामले अभी भी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि कई मामले सबूतों के अभाव में बंद कर दिए गए हैं। राजन को 25 अक्टूबर, 2015 को इंडोनेशिया के बाली हवाई अड्डे पर वहां की पुलिस ने गिरफ्तार किया और भारत वापस भेज दिया था। उसके वापस भेजे जाने के बाद, केंद्र सरकार ने नवंबर 2015 में एक अधिसूचना जारी कर छोटा राजन से संबंधित सभी मामलों को सीबीआई को सौंप दिया।

  • 1 जनवरी से नही चलेगा WhatsApp, Facebook और Instagram, देखें लिस्ट

    1 जनवरी से नही चलेगा WhatsApp, Facebook और Instagram, देखें लिस्ट

    1 जनवरी के बाद से Meta सिस्टम में सिक्यूरिटी फ्यूचर में सुरक्षा को लेकर 20 से भी ज्यादा Android स्मार्टफोन में WhatsApp, Facebook और Instagram की सुविधा बंद होने वाला है। कौनसे मोबाइल फोन पर इसका असर देखा जाएगा? इसपर हम आज चर्चा करने जा रहे हैं।

    टेक्नोलॉजी न्यूज़ डेस्क
    1 जनवरी 2025
    से कुछ एन्ड्रोएड स्मार्ट्फ़ोन्स में Meta सिस्टम काम करना बंद हो जाएगा। अब आप अपने पूराने Android Smartphones से न तो WhatsApp मैसेज भेज पाएंगे और न ही वाट्सऐप मैसेज रिसीव कर पाएंगे। कंपनी ने इन स्मार्टफोन के लिए सपोर्ट बंद करने का फैसला किया है।

    WhatsApp के पूरी दुनिया में 295 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं। Meta का इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म दुनिया में सबसे ज्यादा यूज किया जाता है। कंपनी इसके लिए लगातार नए फीचर्स और सिक्योरिटी अपडेट्स जारी करती रही है। जल्द ही, वाट्सऐप कई पुराने स्मार्टफोन में काम नहीं करेगी। अगर, आप भी इन स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको अपने फोन को अपग्रेड करने की जरूरत है। Meta का यह मैसेजिंग प्लेटफॉर्म 31 दिसंबर 2024 के बाद से करीब 20 से ज्यादा स्मार्टफोन में काम नहीं करेगा। आइए, जानते हैं इन स्मार्टफोन के बारे में…

    1 जनवरी मैसेज होगा बंद

    1 जनवरी से यूजर्स इन स्मार्टफोन में न तो वाट्सऐप के जरिए मैसेज भेज सकेंगे और न हीं रिसीव कर पाएंगे। वाट्सऐप ज्यादातर पुराने Android स्मार्टफोन में काम नहीं करेगा। ये स्मार्टफोन आज से 10 साल पहले लॉन्च हुए थे। वाट्सऐप ने 2013 में लॉन्च हुए Android Kitkat और उसके पहले के एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम (Android Operating System) के लिए अपना सपोर्ट बंद करने का फैसला किया है। इस ऑपरेटिंग सिस्टम वाले स्मार्टफोन में 31 दिसंबर तक ही वाट्सऐप काम करेगा।

    इसे भी पढ़े- कांदिवली में रहस्यमयी शक्तियों के जरिए पैसों की बरसात

    Facebook और Instagram पर भी होगा असर

    वाट्सऐप के अलावा Meta के अन्य प्लेटफॉर्म्स जैसे कि Facebook और Instagram भी इन स्मार्टफोन में काम करना बंद कर देगा। मेटा ने यह फैसला डिवाइस की सिक्योरिटी को लेकर किया है। नई टेक्नोलॉजी आने के बाद पुरानी टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करने की जरूरत होती है। पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम में जरूरी सिक्योरिटी कैपेबिलिटीज नहीं रहती है, जिसकी वजह से उन्हें हैक करना आसान हो जाता है। ऐसे में यूजर्स को नए स्मार्टफोन में अपग्रेड करने की जरूरत होगी। हालांकि, Android KitKat पर काम करने वाले स्मार्टफोन की संख्यां बेहद कम है। ऐसे में इसका असर ज्यादातर वाट्सऐप यूजर्स पर नहीं पड़ेगा।

    कौनसे स्मार्ट फोन में सपोर्ट नहीं करेंगे ?

    Meta सिस्टम अप्ग्रेडेशन के कारण कुछ पूराने मोडल के स्मार्ट फोन पर जो सुविधा बंद होने वाली है। उनकी लिस्ट नीचे दी जा रही है।

    • Samsung: Galaxy S3, Galaxy Note 2, Galaxy Ace 3, Galaxy S4 Mini
    • Motorola: Moto G (1st Gen), Razr HD, Moto E 2014
    • HTC: One X, One X+, Desire 500, Desire 601
    • LG: Optimus G, Nexus 4, G2 Mini, L90
    • Sony: Xperia Z, Xperia SP, Xperia T, Xperia V 
  • ‘शतरंज का अंत…’, रूस के क्रैमनिक ने क्यों कहा ?

    ‘शतरंज का अंत…’, रूस के क्रैमनिक ने क्यों कहा ?

    चीन के डिंग लिरेन को मात देकर 18 साल के भारतीय ग्रैंडमास्टर नए वर्ल्ड चेस चैंपियन बने. उनकी इस जीत के पूर्व वर्ल्ड चैंपियन व्लादिमीर क्रैमनिक ने ‘शतरंज का अंत’ पोस्ट शेयर किया।

    न्यूज़ डेस्क
    Spot News
    – चीन के डिंग लिरेन को मात देकर 18 साल के भारतीय ग्रैंडमास्टर नए वर्ल्ड चेस चैंपियन बने। 18 साल की उम्र में यह खिताब जीतकर डी गुकेश दुनिया के सबसे कम उम्र में वर्ल्ड चैंपियन बनने वाले चेस प्लेयर बन गए। वहीं, विश्वनाथन आनंद के बाद डी गुकेश वर्ल्ड चेस चैंपियन बनने वाले दूसरे भारतीय भी हैं। गुकेश की इस जीत के पूर्व वर्ल्ड चैंपियन व्लादिमीर क्रैमनिक ने ‘शतरंज का अंत’ नाम से पोस्ट शेयर किया।

    चीन के चैम्पियन को बताया बचकाना

    पूर्व विश्व चैंपियन व्लादिमीर क्रैमनिक भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश (D Gukesh) और चीन के डिंग लिरेन के बीच विश्व चैंपियनशिप मैच के दौरान शतरंज की गुणवत्ता से निराश थे और उन्होंने इसे ‘शतरंज का अंत’ करार दिया। गुकेश गुरूवार को तनावपूर्ण मुकाबले की 14वीं और आखिरी बाजी में गत चैंपियन लिरेन को हराकर 18 साल की उम्र में खिताब जीतकर सबसे कम उम्र के विश्व शतरंज चैंपियन बन गए। मैच के बाद क्रैमनिक ने खेल की गुणवत्ता पर अपनी निराशा व्यक्त की और लिरेन की एक गंभीर गलती को ‘बचकाना’ बताया।

    ‘दुखद. शतरंज का अंत’

    अपनी प्रतिक्रिया में क्रैमनिक ने सोशल मीडिया ट्वीटर अकाउंट यानी ‘एक्स’ पर लिखा, ‘कोई टिप्पणी नहीं। दुखद. शतरंज का अंत हो गया है, जैसा कि हम जानते हैं।’ एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘अभी तक किसी विश्व कप खिताब का फैसला इतनी बचकानी एक चाल की गलती से नहीं हुआ है।’ क्रैमनिक ने चैंपियनशिप में छठी बाजी के बाद भी खेल के स्तर की आलोचना की थी और इसे ‘कमजोर’ बताया था। उन्होंने कहा, ‘सच कहूं तो मैं आज के खेल (छठी बाजी) से बहुत निराश हूं। यहां तक कि पांचवीं बाजी भी बहुत उच्च स्तर की नहीं थी। लेकिन आज – एक पेशेवर के लिए – दोनों खिलाड़ियों का खेल वाकई बहुत कमजोर था। यह बहुत निराशाजनक स्तर है।’

    2000 में बने थे वर्ल्ड चैंपियन

    रूस के 49 वर्षीय क्रैमनिक 2000 से 2006 तक क्लासिकल विश्व शतरंज चैंपियन थे। क्रैमनिक ने 2000 में दिग्गज गैरी कास्पारोव को हराया और क्लासिकल विश्व शतरंज चैंपियन बने। 2007 में व्लादिमीर को हराकर दिग्गज चेस प्लेयर विश्वनाथन आनंद ने इतिहास रचा और भारतीय चेस हिस्ट्री में वर्ल्ड चैंपियन बनने वाले पहले खिलाड़ी बने। 2012 तक विश्वनाथन आननद अपने टाइटल को डिफेंड करने में कामयाब रहे। 2013 में वर्तमान चेस दिग्गज मैगनस कार्लसन ने यह खिताब अपने नाम किया। अब गुकेश चीनी लिरेन को हराकर नए वर्ल्ड चेस चैंपियन बन गए हैं।

  • भारत का GDP ग्रोथ रेट घटने के कारण क्या है?

    भारत का GDP ग्रोथ रेट घटने के कारण क्या है?

    भारत की GDP ग्रोथ रेट दो साल में सबसे नीचे 5.4% पर आ गई है। यह पिछले अनुमानों क्रमशः 6.9 फीसदी और 5 फीसदी से कम है। राहुल गांधी ने इसके लिए सरकारी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। कहा, कि स्थिति में सुधार के लिए बिना समय गंवाए एक नई सोच और बिज़नेसेस के लिए एक नई डील की भारत को ज़रूरत है। (What is the reason for the decline in India’s GDP growth rate?)

    उन्होंने कहा, बात साफ है, कि भारतीय अर्थव्यवस्था तब तक तरक्की नहीं कर सकती, जब तक इसका फ़ायदा सिर्फ़ गिने-चुने अरबपतियों को मिल रहा हो और किसान, मज़दूर, मध्यमवर्ग और ग़रीब तरह-तरह की आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हों। (What is the reason for the decline in India’s GDP growth rate?)

    इन तथ्यों पर एक नज़र डालिए, देखिए स्थिति कितनी चिंताजनक है:

    • खुदरा महंगाई दर बढ़कर 14 महीने के उच्चतम स्तर 6.21% पर पहुंच गई है। पिछले साल अक्टूबर की तुलना में इस वर्ष आलू और प्याज़ की क़ीमत लगभग 50% बढ़ गई है।
    • रुपया 84.50 के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
    • बेरोज़गारी पहले ही 45 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है।
    • पिछले 5 सालों में मज़दूरों, कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों की आमदनी या तो ठहर गई है या काफी कम हो गई है।
    • आमदनी कम होने से मांग में भी कमी आई है। 10 लाख से कम क़ीमत वाले कारों की बिक्री में हिस्सेदारी घटकर 50% से कम हो गई है, जो 2018-19 में 80% थी।
    • सस्ते घरों की कुल बिक्री में हिस्सेदारी घटकर क़रीब 22% रह गई है, जो पिछले साल 38% थी। FMCG प्रोडक्ट्स की मांग पहले से ही कम होती जा रही है।
    • कॉरपोरेट टैक्स का हिस्सा पिछले 10 सालों में 7% कम हुआ है, जबकि इनकम टैक्स 11% बढ़ा है।
    • नोटबंदी और GST की मार से अर्थव्यवस्था में मैन्युफैक्चरिंग का हिस्सा घटकर 50 वर्षों में सबसे कम सिर्फ़ 13% रह गया है। ऐसे में नई नौकरियों के अवसर कैसे बनेंगे?

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    राहुल गांधी ने भारत सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा, कि भारत की अर्थव्यवस्था के सुधार के लिए एक नई सोच चाहिए और बिज़नेसेस के लिए एक नई डील उसका अहम भाग है। सबको समान रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, तभी हमारी अर्थव्यवस्था का पहिया आगे बढ़ेगा।

    अर्थव्यवस्था का बुरा हाल, जनता का हाल बेहाल – इस स्थिति में सुधार के लिए बिना समय गंवाए एक नई सोच और बिज़नेसेस के लिए एक नई डील की ज़रूरत है।

    S&P ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 में जीडीपी ग्रोथ रेट 6.8 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। रेटिंग एजेंसी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027-28 में जीडीपी ग्रोथ रेट 5 फीसदी रहेगी। (What is the reason for the decline in India’s GDP growth rate?)

  • The charm of the Copa del Rey vs Cacereño and Atlético in Prince Felipe

    The charm of the Copa del Rey vs Cacereño and Atlético in Prince Felipe

    A historical clash between a Cacereño in his prime and an Atletico who arrives fully formed and with the final dieciseisavos in view is accepted by Prince Felipe.
    The second round of the Copa del Rey features an exciting matchup between the Atlético de Madrid, a giant of Spanish football that is having its best season, and CP Cacereño, a team that plays in the Segunda RFEF. This Wednesday, starting at 19:00, the Estadio Príncipe Felipe will host a party that will be laden with illusion and passion from the locals, with the responsibility of the rojiblancos to advance to the final dieciseisavos.

    In a sweet moment, Cacereño

    El CP Cacereño arrives at this party in an exceptional state. The team led by Julio Cobos maintains their good play after defeating the Gimnástica Segoviana in the previous round in an emotional match that was decided in the preliminary round (2-1). The Verdiblancos have won four straight league titles, which has helped them solidify their playoff spots in Group 5 of the Second RFEF.

    The magic of the Copa del Rey vs Cacereño and Atlético in Prince Felipe
    In the Príncipe Felipe, the Cacereño players celebrate their victory, demonstrating the team’s unity in the duel against the Atletico Madrid. Source: Social Relations of the Cacereño Police Club

    In his final commitment, the Cacereño defeated the Illescas 2-0 at the Príncipe Felipe Stadium, demonstrating defensive unity and attacking effectiveness. With notable players like Deco and Christian, the team will try to put up a fight against an Atlético that no one can trust. With a passion for repeating historical gestures in the copero tournament, the stadium will be packed.

    Regarding his potential one, Cobos will use his usual 4-3-3 formation, which includes Izan Rodriguez in the porter; Navas, Barrio, Crespo, and Joserra in defense; Deco, Clausí, and Pepe Bernal in the middle of the field; and an offensive trio consisting of Fran Viñuela, Álvaro Salinas, and Marcos Carrillo.

    A Complete Atletico de Madrid

    Following a run of seven consecutive victories in every competition, Diego Simeone’s team faces this party. The rojiblancos are able to consolidate their position in the upper portion of the table by defeating Valladolid 0–5 in La Liga. Additionally, thanks to a double from Julián Álvarez, they ended their match against Vic with a solid 0–2 record in this edition of the Copa del Rey.

    The magic of the Copa del Rey vs Cacereño and Atlético in Prince Felipe
    Nov. 30, Valladolid, Spain: During the La Liga match between Real Valladolid CF and Atletico de Madrid at Jose Zorrilla on November 30, 2024, in Valladolid, Spain, Rodrigo De Paul of Atletico de Madrid celebrates with teammates after his team scores their third goal.

    Simeone emphasized in the prensa rueda the significance of maintaining a competitive level against an opponent who frequently commits major acts at home. Sin la presencia de Griezmann, el técnico argentino dará minutos a jugadores menos habituales, pero alineará un equipo que garantice seriedad y calidad.

    Juan Musso in the porter’s position, Azpilicueta, Le Normand, Witsel, and Reinildo in the defense, Lino, Javi Serrano, Koke, and Simeone in the middle, and a delantera made up of Correa and Sorloth may make up the once-predicted Atlético (4-4-2).

    The two teams, Real Madrid and Barcelona, have faced off on two occasions in the Copa del Rey in the past, specifically during the 1982–83 season. At that point, the Atlético won 4-2 in the end at Vicente Calderón, while the team in the Príncipe Felipe finished 1-1.

    Due to a ban that prevented him from playing in his stadium, the Atletico played as a local in the Principal Felipe in 1992, against the Deportivo (1-2).

    Where can I find the encounter?

    The party will be held in the Estadio Príncipe Felipe on this Wednesday, December 5, at 19:00. can be followed both openly and directly through the RTVE Play platform and Teledeporte.

    With three categories of difference between the two teams, the Cacereño will look to surprise an Atlético who arrives in top form. The Copa del Rey is always the ideal setting for games, and the extreme athletes who are drawn in by their desire have the chance to continue playing. At the same time, if one want to maintain the spirit of victory, one cannot allow mistakes. Will the Cacereño be able to cope with the hazaña or will the Atlético be able to affect his jerarquía?

  • IPL T20: इस खिलाड़ी ने अचानक बढ़ा ली अपनी सैलरी, बल्लेबाजी में मचाया तहलका

    IPL T20: इस खिलाड़ी ने अचानक बढ़ा ली अपनी सैलरी, बल्लेबाजी में मचाया तहलका

    इस समय दुनियाभर में हो रहे क्रिकेट टी20 मुकाबले में खेल रहे क्रिकेट खिलाड़ियों पर आईपीएल टीमों की कड़ी नजर बनी हुई है, इन्हीं खिलाड़ियों पर नीलामी के दिनों में बोली लगाई जाएगी। फिलहाल इनमें किसे सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है आइये देखते हैं।

    SPORTS न्यूज़ डेस्क
    IPL 2025 AUCTION-
     इस समय भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों की सीरीज खेली जा रही है। ( INDIA VS SOUTH AFRICA T20 CRICKET MATCH) सीरीज के दो मैच हो चुके हैं, जिसमें दोनों टीमों ने एक एक मैच पर जीत हासिल कर ली है। अभी दो मैच बाकी हैं। इस बीच आईपीएल टीमों की नजर इस सीरीज पर लगी हुई है। जो खिलाड़ी सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करेगा, जाहिर है कि उसकी डिमांड आईपीएल के ऑक्शन में जबरदस्त रहेगी। ऐसा भारत और साउथ अफ्रीका दोनों टीमों के खिलाड़ियों के लिए है। इस बीच दूसरे टी20 मुकाबले में साउथ अफ्रीका के गेंदबाज गेराल्ड कोट्जिया ने ऐसा प्रदर्शन कर दिया है कि वे कई आईपीएल टीमों की विशलिस्ट में शुमार हो गए हैं। 

    साउथ अफ्रीका के गेराल्ड कोट्जिया वैसे तो तेज गेंदबाज हैं। लेकिन गेराल्ड अक्सर अपनी बल्लेबाजी से भी चौंका देते हैं। पिछले साल वे आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए खेल रहे थे। तब एमआई (MI) ने उन्हें पांच करोड़ रुपये में खरीद कर अपने पाले में कर लिया था। उनका बेस प्राइज केवल दो करोड़ रुपये ही था। लेकिन ऑक्शन में कई टीमें उन्हें अपने साथ करना चाहती थी, इसलिए उनकी कीमत बढ़ती चली गई और आखिरी पांच करोड़ रुपये की बोली के साथ मुंबई इंडियंस ने उन्हें अपने साथ कर लिया। उनका प्रदर्शन अपनी टीम के लिए मिलाजुला रहा था। लेकिन अगले आईपीएल से पहले उन्हें रिलीज कर दिया गया। अब वे फिर से ऑक्शन में आएंगे। 

    9 गेंदों पर 19 रन 

    टीम इंडिया के खिलाफ खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में गेराल्ड कोट्जिया ने अपनी टीम को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। साउथ अफ्रीका के 7 बल्लेबाज केवल 86 रन पर आउट हो गए थे। तब जीत दूर दिखाई दे रहा था। हालांकि एक छोर पर ट्रिस्टन स्टब्स खेल रहे थे। लेकिन टीम को जीता पाना उनके अकेले के बस की बात नहीं थी। उसी समय कोट्जिया ने शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने केवल 9 गेंदों में 19 रन की तूफानी पारी खेली। इसमें दो चौके और एक छक्का शामिल था। उन्होंने 211 के स्ट्राइक रेट से रन बनाकर अपनी टीम को जीत हासिल करवाया।

    आईपीएल टीमों की नजर

    टीमों को आईपीएल में ऐसे खिलाड़ी की तलाश रहती है, जो गेंदबाजी के साथ साथ जरूरत पड़े तो आखिरी के ओवर में आकर बल्लेबाजी से भी मैच का नक्श पटल दें। ऐसा ही कुछ गेराल्ड कोट्जिया ने किया और अब वे आईपीएल टीम खरीददारों के निशाने पर आ गए हैं। इस बार भी वे दो करोड़ रुपये के बेस प्राइज पर ही नीलामी में आने वाले हैं और हो सकता है कि काफी महंगे दामों पर खरीदे जाएं। अब बचे हुए दो मैचों में वे अपनी टीम के लिए कैसा प्रदर्शन करते हैं, इस पर जरूर आईपीएल टीमों की नजर रहेगी।