बाप-बेटे दो आंखों के डॉक्टर ने मिलकर 5 लोगों की आंखों की रौशनी छीन ली। मामला दर्ज ..

मोतियाबिंद से पीड़ित एक 67 साल के शख्स ने किया फरियाद। दो नेत्र रोग विशेषज्ञों ने उसकी सर्जरी की थी। शिकायतकर्ता ने कहा कि उनके अलावा, दिसंबर 2024 से वहां सर्जरी कराने वाले चार अन्य लोगों की आंखों की रोशनी चली गई। A father-son duo of eye doctors together took away the eyesight of 5 people. Case registered…

मुंबई: नवी मुंबई के वाशी इलाके से हैरान करने वाली खबर सामने आई है, यहां पुलिस ने नेत्र रोग विशेषज्ञ एक पिता-पुत्र को कथित तौर पर पांच वरिष्ठ नागरिकों की मोतियाबिंद सर्जरी में गड़बड़ी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज किया है। जिन लोगों की सर्जरी हुई थी, उनकी आंखों की रोशनी चली गई। A father-son duo of eye doctors together took away the eyesight of 5 people. Case registered…

संक्रमण के कारण गई आंखों की रौशनी

खबर के अनुसार, कथित तौर पर सर्जरी की प्रक्रिया के बाद मरीजों की आंखों में संक्रमण हो गया जिसके कारण उनकी आंखों की रोशनी चली गई। सिविल सर्जन की एक रिपोर्ट के आधार पर, वाशी पुलिस ने 87 साल के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ और उनके बेटे के खिलाफ पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की। A father-son duo of eye doctors together took away the eyesight of 5 people. Case registered…

पुलिस ने क्या कहा?

पुलिस के अनुसार, मोतियाबिंद से पीड़ित एक 67 साल के शख्स ने अस्पताल से संपर्क किया था और दो नेत्र रोग विशेषज्ञों ने मार्च में उसकी सर्जरी की थी। शिकायतकर्ता ने कहा कि उनके अलावा, दिसंबर 2024 से वहां सर्जरी कराने वाले चार अन्य लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है। मामला सिविल सर्जन के ध्यान में लाया गया, जिनकी हालिया रिपोर्ट ने शिकायतकर्ता के आरोपों की पुष्टि की गई। रिपोर्ट हाल ही में वाशी पुलिस को भेजी गई और मामला दर्ज किया गया।

आंखों में लगी गंभीर चोट

एक अधिकारी ने कहा कि डॉक्टरों पर जल्दबाजी और लापरवाही से सर्जरी करने का आरोप है। परिणामस्वरूप, 65 साल से अधिक आयु के एक दंपत्ति सहित पांच रोगियों की आंखों में गंभीर चोटें आईं। कथित तौर पर सर्जरी के बाद पीड़ितों को स्यूडोमोनस वायरस के कारण होने वाले गंभीर संक्रमण का पता चला। A father-son duo of eye doctors together took away the eyesight of 5 people. Case registered…

बिना लायसेंस किया इलाज

वाशी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय धूमल ने कहा, “हम जांच कर रहे हैं कि क्या डॉक्टरों को 87 साल की उम्र में सर्जरी करने की अनुमति है।” वरिष्ठ निरीक्षक ने कहा कि पुलिस ने यह भी पाया कि डॉक्टरों ने महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल के साथ अपने लाइसेंस का रिन्यूअल नहीं कराया था।

मुकदमा हुआ दर्ज

डॉक्टर्स पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 125 (ए), 125 (बी) (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कार्य) और 3 (5) (सामान्य इरादा) के साथ-साथ राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। A father-son duo of eye doctors together took away the eyesight of 5 people. Case registered…


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