मुंबई में कचरा जमा होने वाले 286 स्थानों की पहचान हुई है। बीएमसी ने 102 स्थान हटाए और सीसीटीवी निगरानी, निर्माण मलबे के निपटारे व सार्वजनिक शौचालयों में सुधार के निर्देश दिए।
मुंबई: शहर में कचरा जमा होने वाले 286 स्थानों की पहचान की गई है, जिनमें से 102 स्थानों को हटाया जा चुका है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने अब इन जगहों पर दोबारा कचरा जमा होने से रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही निर्माण मलबे के निपटारे, सूखे कचरे के केंद्रों के आधुनिकीकरण और सार्वजनिक शौचालयों की सुविधाओं में सुधार पर भी जोर दिया गया है।
अतिरिक्त नगर आयुक्त (पश्चिमी उपनगर) डॉ. विपिन शर्मा ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को वरली स्थित बीएमसी के कमांड सेंटर में आयोजित ठोस कचरा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश दिए। बैठक में सह आयुक्त, उप आयुक्त, सहायक आयुक्त और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
डॉ. शर्मा ने कहा कि कचरा संग्रह और परिवहन के लिए महानगरपालिका ने व्यवस्था विकसित की है। इसका वार्ड स्तर पर प्रभावी इस्तेमाल कर शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को सफाई से जुड़े कामों में तेजी लाने और जल्द बदलाव दिखाने के निर्देश दिए।
कचरा जमा होने वाले स्थानों पर सीसीटीवी से निगरानी
बीएमसी ने कचरा जमा होने वाले संभावित स्थानों की पहचान कर उनका नक्शा तैयार करने और सीसीटीवी के जरिए नियमित निगरानी रखने को कहा है। संबंधित वार्ड अधिकारियों को इन जगहों पर बार-बार कचरा जमा होने के कारणों का पता लगाकर स्थायी समाधान निकालना होगा।
साफ किए गए स्थानों पर दोबारा कचरा जमा न हो, इसके लिए नियमित निरीक्षण किया जाएगा। बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ जुर्माना सहित नियमानुसार कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस मुहिम का उद्देश्य शहर में खुले स्थानों पर कचरा जमा होने की समस्या को नियंत्रित करना है।
निर्माण मलबे के निपटारे पर सख्ती
मुंबई में निर्माण और तोड़फोड़ से प्रतिदिन 8,500 मीट्रिक टन से अधिक मलबा निकलता है। इसके प्रसंस्करण के लिए दो परियोजनाओं की कुल क्षमता 1,200 मीट्रिक टन प्रतिदिन है। इस स्थिति को देखते हुए मलबे के संग्रह, परिवहन और निपटारे की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है।

बीएमसी ने निर्माण स्थलों पर मलबे का वर्गीकरण करने, अधिकृत व्यवस्था से उसका परिवहन सुनिश्चित करने और उचित तरीके से निपटारा करने के निर्देश दिए हैं। मलबा ले जाने वाले वाहनों की डिजिटल प्रणाली से निगरानी रखने और निर्माण परियोजनाओं का जरूरी पंजीकरण सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सूखे कचरे के 46 केंद्र चालू
मुंबई में सूखे कचरे को अलग करने के लिए कुल 55 केंद्र हैं, जिनमें से 46 चालू हैं। इन केंद्रों में प्रतिदिन करीब 137.32 मीट्रिक टन सूखा कचरा जमा होता है।
बीएमसी ने इन केंद्रों का आधुनिकीकरण करने, कचरे की छंटाई बेहतर बनाने और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को प्रभावी करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, कचरे को संभालने की व्यवस्था और रिकॉर्ड की सटीकता की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
पांच केंद्रों को आधुनिक सामग्री पुनर्प्राप्ति केंद्रों में बदलने की योजना भी सामने आई है। इसके लिए राइट्स लिमिटेड को तकनीकी सलाहकार बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। प्रस्ताव में सलाहकार की नियुक्ति के लिए करीब 92.57 लाख रुपये और केंद्रों के विकास के लिए लगभग 23.38 करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च का उल्लेख किया गया है।
सार्वजनिक शौचालयों की सुविधाएं सुधरेंगी
बीएमसी ने सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, पानी की आपूर्ति, बिजली और नल की व्यवस्था तथा जरूरी मरम्मत पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को शौचालयों का निरीक्षण कर कमियों को दूर करने और मरम्मत व नवीनीकरण के काम तेजी से पूरा कराने को कहा गया है।
नए और आधुनिक सार्वजनिक शौचालयों के प्रस्तावित कामों की भी नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि नागरिकों को साफ-सुथरी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन
मुंबई की सफाई व्यवस्था को लेकर बंबई उच्च न्यायालय ने महानगरपालिका से वार्ड स्तर पर उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी थी। 8 अक्टूबर को सामने आई जानकारी के अनुसार, अदालत ने कचरा फेंकने और खुले स्थानों पर गंदगी रोकने के उपायों का विवरण मांगा था। अदालत ने यह भी कहा था कि कुछ प्रमुख इलाकों की सफाई से पूरे शहर को साफ नहीं माना जा सकता।
डॉ. शर्मा ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करने के लिए महानगरपालिका प्रशासन प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को आपसी तालमेल से काम करने, लंबित उपायों की समीक्षा करने और तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े के निर्देशों के तहत डॉ. विपिन शर्मा के मार्गदर्शन और उप नगर आयुक्त किरण दिघावकर की निगरानी में शहर की सफाई और ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने के उपाय किए जा रहे हैं। अब अभियान के तहत कचरा जमा होने वाले स्थानों की निगरानी, निर्माण मलबे के उचित निपटारे और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार पर कार्रवाई की जाएगी।
