मुंबई में बीएमसी स्कूलों में पटाखामुक्त दिवाली के लिए जागरूकता अभियान चलाएगी। जानें प्रतियोगिताओं, हाईकोर्ट के निर्देशों और प्रदूषण की स्थिति के बारे में।
मुंबई: दिवाली पर पटाखों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का शिक्षा विभाग स्कूलों में जागरूकता अभियान चला रहा है। इसके तहत विद्यार्थियों के लिए वीडियो, पोस्टर, बैनर और नारा प्रतियोगिताओं के साथ जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ नाटक और सामूहिक शपथ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह अभियान ऐसे समय में चलाया जा रहा है, जब मुंबई में सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे फोड़ने को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश दिए हैं।
23 अक्टूबर 2026 को बीएमसी प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, ‘पटाखामुक्त-प्रदूषणमुक्त पर्यावरण’ अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण के दुष्परिणाम और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना है। इसके जरिए बच्चों को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
स्कूलों में होंगी वीडियो और पोस्टर प्रतियोगिताएं
अभियान के तहत विद्यार्थी पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण, स्वास्थ्य पर उनके असर और बिना पटाखों के त्योहार मनाने के महत्व पर छोटे वीडियो बनाएंगे। पोस्टर और बैनर प्रतियोगिताओं में ‘पटाखे नहीं, साफ हवा चाहिए’ और ‘प्रदूषणमुक्त त्योहार, सेहतमंद जीवन’ जैसे संदेशों को शामिल किया जाएगा।

इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण, ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर नारा लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। विद्यार्थियों को अपनी रचनाओं के जरिए अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों तक भी जागरूकता का संदेश पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
रैली, नुक्कड़ नाटक और सामूहिक शपथ
बीएमसी के शिक्षा विभाग की योजना के तहत स्कूल परिसरों और आसपास के इलाकों में जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी। विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और पटाखामुक्त त्योहार मनाने की सामूहिक शपथ भी दिलाई जाएगी।
पटाखों से होने वाले नुकसान को समझाने के लिए नुक्कड़ नाटक, भाषण, निबंध लेखन और वक्तृत्व प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा। स्कूलों की नियमित प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी का संदेश दिया जाएगा।
इस अभियान में अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण होगी। विद्यार्थियों की ओर से तैयार वीडियो, पोस्टर और नारों के जरिए परिवारों तथा आसपास के लोगों को प्रदूषण कम करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे फोड़ने को लेकर हाईकोर्ट के निर्देश
मुंबई में पटाखों के इस्तेमाल को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों पर नियमों के पालन पर जोर दिया है। 15 अक्टूबर 2026 को सामने आए घटनाक्रम में अदालत ने अपने 22 सितंबर के आदेश को पूरे साल और सभी त्योहारों पर लागू बताया। सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथों पर पटाखे फोड़ने पर रोक के पालन को लेकर प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं।

22 और 23 अक्टूबर को सामने आई जानकारी के अनुसार, अदालत ने बीएमसी, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मुंबई पुलिस से नियमों के पालन तथा नागरिकों तक सार्वजनिक सूचना पहुंचाने के संबंध में सवाल किए। पुलिस स्तर पर निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाने को कहा गया। 23 अक्टूबर तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 26 अक्टूबर को इस मामले में अगली महत्वपूर्ण तारीख निर्धारित थी।
मुंबई पुलिस ने अलग से 6 अक्टूबर से 4 दिसंबर 2026 तक सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे फोड़ने और तेज लेजर रोशनी के इस्तेमाल पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया था। यह पुलिस का अलग आदेश है। सार्वजनिक स्थानों पर लागू रोक को पटाखों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं कहा जा सकता।
मुंबई में प्रदूषण भी चिंता का विषय
मुंबई में अक्टूबर के दौरान हवा की गुणवत्ता भी चिंता का विषय बनी हुई है। 22 अक्टूबर को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 102 दर्ज किया गया था, जो भारत के वायु गुणवत्ता सूचकांक पैमाने पर मध्यम श्रेणी में आता है। महीने के दौरान कई दिन हवा की गुणवत्ता खराब रहने की जानकारी भी सामने आई है।
शहर में प्रदूषण के कारणों में वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और दूसरे कण शामिल हैं। ऐसे में पटाखों से होने वाले अतिरिक्त धुएं और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के प्रयासों को व्यापक पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में देखा जा रहा है।

पटाखों से निकलने वाला धुआं बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। तेज आवाज से भी संवेदनशील लोगों को दिक्कत हो सकती है। हालांकि, मुंबई में वायु प्रदूषण के सभी कारणों को केवल पटाखों से जोड़ना सही नहीं होगा।
अभियान की समयसीमा और भागीदारी की जानकारी का इंतजार
बीएमसी की ओर से जारी जानकारी में प्रतियोगिताओं के आयोजन और जागरूकता गतिविधियों की रूपरेखा दी गई है, लेकिन कितने स्कूलों और विद्यार्थियों को इसमें शामिल किया जाएगा, प्रतियोगिताओं की अंतिम तारीख क्या होगी और परिणाम कब घोषित किए जाएंगे, इसका विस्तृत ब्योरा आना अभी बाकी है।
बीएमसी के शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और नागरिकों से पर्यावरण के अनुकूल तथा सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने में सहयोग करने की अपील की है। अभियान के जरिए संदेश दिया जा रहा है कि दिवाली की खुशियां मनाते समय साफ हवा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है।
