मुंबई के आजाद मैदान में बांधकाम मजदूरों का आंदोलन, दिवाली से पहले 10 हजार रुपये बोनस राशि, बंद योजनाएं शुरू करने और लंबित मामलों के निपटारे की मांग।
मुंबई: मुंबई के आजाद मैदान में बांधकाम मजदूर संगठन समिति ने दिवाली से पहले राज्य के प्रत्येक पंजीकृत बांधकाम मजदूर को 10 हजार रुपये बोनस राशि देने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया है। मजदूरों की मांग है कि महाराष्ट्र सरकार इस संबंध में जल्द फैसला ले, बंद पड़ी योजनाओं का कामकाज शुरू करे और लंबित मामलों का निपटारा करे।
संगठन का कहना है कि मजदूरों को आर्थिक राहत देने के लिए वर्ष 2021 में मुंबई उच्च न्यायालय में दिए गए आदेश के बावजूद सरकार ने अब तक बोनस राशि पर फैसला नहीं लिया है। इसी मुद्दे पर सरकार के खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला भी दायर किए जाने की जानकारी दी गई है।
अदालत के आदेश के बावजूद अनुग्रह राशि का इंतजार
बांधकाम मजदूर संगठन समिति के अनुसार, वर्ष 2021 में मुंबई उच्च न्यायालय में रिट याचिका क्रमांक 1027/2021 के तहत सभी पंजीकृत बांधकाम मजदूरों को 10 हजार रुपये देने के संबंध में निर्णय लेने का मुद्दा उठाया गया था। संगठन का दावा है कि अदालत ने बोनस देने के बारे में छह महीने के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया था।
मजदूर संगठन का आरोप है कि तय समय में निर्णय नहीं लिया गया और कई साल बीतने के बाद भी सरकार की ओर से इस संबंध में कार्रवाई नहीं हुई। इसी के विरोध में कोल्हापुर खंडपीठ में अदालत की अवमानना का मामला दायर किया गया है।
राज्य के 18 लाख से अधिक पंजीकृत मजदूरों का मुद्दा
महाराष्ट्र में 18 लाख से अधिक बांधकाम मजदूर पंजीकृत होने की जानकारी दी गई है। संगठन का कहना है कि राज्य में सूखे जैसी परिस्थितियों के बीच मजदूरों को भी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में दिवाली से पहले प्रत्येक पंजीकृत मजदूर को 10 हजार रुपये की बोनस देना जरूरी है।
मजदूरों की मांग है कि सरकार इस सहायता को लेकर जल्द निर्णय करे, ताकि त्योहार से पहले परिवारों को आर्थिक मदद मिल सके। संगठन ने स्पष्ट किया है कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
13 जुलाई से बंद योजनाओं का काम शुरू करने की मांग
आंदोलन के दौरान बांधकाम मजदूरों की विभिन्न सरकारी योजनाओं का कामकाज दोबारा शुरू करने की मांग भी उठाई गई है। संगठन के अनुसार, महाराष्ट्र में 13 जुलाई से इन योजनाओं से संबंधित काम बंद है, जिससे मजदूरों को योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा राज्य में लंबित 36 लाख मामलों को मंजूरी देने की मांग भी आंदोलन का हिस्सा है।
शंकर पुजारी सहित कई नेताओं ने संभाली आंदोलन की कमान
मुंबई के आजाद मैदान में चल रहे इस आंदोलन का नेतृत्व कॉमरेड शंकर पुजारी, हिंदुराव गायकवाड़, धनश्री शकुंतला, इलाही शेख, गणेश वाहुळ, मनोज वाघमारे और शरद झेंडे ने किया। आंदोलन में बांधकाम मजदूरों की आर्थिक सहायता, सरकारी योजनाओं को फिर से शुरू करने और लंबित मामलों पर कार्रवाई की मांग उठाई गई।
संगठन की प्रमुख मांग है कि महाराष्ट्र सरकार दिवाली से पहले 10 हजार रुपये की बोनस राशि देने पर फैसला करे और मजदूरों से जुड़ी बंद योजनाओं को दोबारा शुरू करे। फिलहाल, सरकार की ओर से इन मांगों पर निर्णय और संबंधित न्यायालयीन आदेशों के अनुपालन की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
