Mumbai Coastal Road North: BMC ने बोरिवली कनेक्टर पर 30 निर्माण हटाए। जानें पैकेज F, गोराई-दहिसर इंटरचेंज और ट्रैफिक पर संभावित असर।
मुंबई: बोरिवली में मुंबई कोस्टल रोड (उत्तर) परियोजना के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने 9 अक्टूबर 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए बोरिवली कनेक्टर के पश्चिमी हिस्से में 30 निर्माण हटा दिए। यह कार्रवाई गोराई इंटरचेंज से दहिसर इंटरचेंज तक बनने वाले पैकेज F के तहत परियोजना की मार्गरेखा से प्रभावित निर्माणों पर की गई। हालांकि, इन निर्माणों की प्रकृति, प्रभावित परिवारों की संख्या और पुनर्वास को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
BMC के आर उत्तर विभाग ने उप आयुक्त (परिमंडल-7) के मार्गदर्शन और सहायक आयुक्त (आर उत्तर) के नेतृत्व में यह कार्रवाई की। मौके पर महानगरपालिका के 5 इंजीनियर और 20 कर्मचारी तैनात थे। निर्माण हटाने के लिए 2 पोकलेन मशीन, 2 JCB और 3 डंपर का इस्तेमाल किया गया। MHB Colony Police Station के कर्मचारी भी मौके पर मौजूद थे।

गोराई से दहिसर तक बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर
मुंबई कोस्टल रोड (उत्तर) परियोजना का उद्देश्य पश्चिमी उपनगरों में सड़क संपर्क बेहतर करना और मुंबई के अलग-अलग हिस्सों के बीच यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना है। परियोजना को सात पैकेज में बांटा गया है। इनमें पैकेज F में गोराई इंटरचेंज से दहिसर इंटरचेंज तक एलिवेटेड रोड का निर्माण शामिल है।
इस कॉरिडोर में बोरिवली कनेक्टर और दहिसर इंटरचेंज महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। परियोजना पूरी होने पर गोराई, बोरिवली और दहिसर क्षेत्र के सड़क संपर्क को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कब तक पूरा होगा मुंबई कोस्टल रोड उत्तर?
14 जून 2026 को सामने आई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई कोस्टल रोड के उत्तरी हिस्से को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य बताया था। यह पूरे उत्तरी कॉरिडोर का घोषित लक्ष्य है।

परियोजना का उद्देश्य वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (WEH), लिंकिंग रोड और एस.वी. रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद करना है। हालांकि, वास्तविक राहत इस बात पर भी निर्भर करेगी कि इंटरचेंज, एंट्री-एग्जिट और आसपास की सड़कों को किस तरह जोड़ा जाता है।
बोरिवली में ट्रैफिक को लेकर क्या बदलाव होगा?
30 निर्माण हटाए जाने के बाद बोरिवली में ट्रैफिक कम होने या किसी सड़क के तत्काल खुलने की पुष्टि नहीं हुई है। यह कार्रवाई परियोजना की मार्गरेखा से प्रभावित निर्माणों को हटाने के लिए की गई है।
इसी बीच, 9 अक्टूबर को गोरेगांव पश्चिम में कोस्टल रोड उत्तर के पैकेज B के निर्माण से जुड़ा अलग ट्रैफिक प्रतिबंध भी सामने आया। वसारी हिल जंक्शन से MTNL जंक्शन की दिशा में एक स्लिप रोड पर 9 नवंबर 2026 तक प्रतिबंध की जानकारी दी गई थी।
11 मई 2026 को सामने आई परियोजना संबंधी जानकारी में कोस्टल रोड उत्तर के एंट्री-एग्जिट पॉइंट पर जाम कम करने के लिए कई प्रमुख मार्गों के कनेक्शन और अलाइनमेंट में बदलाव की योजना का भी उल्लेख किया गया था। इससे स्पष्ट है कि कॉरिडोर का लाभ केवल मुख्य सड़क बनाने से नहीं, बल्कि उसके आसपास के ट्रैफिक नेटवर्क को सही तरीके से जोड़ने से भी जुड़ा है।
बोरिवली के दूसरे सड़क प्रोजेक्ट से भी बेहतर संपर्क की उम्मीद
9 अक्टूबर 2026 को बोरिवली में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और लिंक रोड को जोड़ने वाले 341.59 करोड़ रुपये के नए केबल-स्टेड ब्रिज के निर्माण की भी जानकारी सामने आई। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य दत्तपाड़ा रोड के व्यस्त जंक्शनों पर यातायात का दबाव कम करना और स्थानीय सड़क संपर्क बेहतर बनाना है।
यह ब्रिज और मुंबई कोस्टल रोड उत्तर अलग परियोजनाएं हैं, लेकिन दोनों का व्यापक उद्देश्य बोरिवली क्षेत्र में सड़क संपर्क सुधारना है। इनके पूरा होने के बाद यात्रियों को कितना लाभ मिलेगा, यह वास्तविक कनेक्टिविटी, इंटरचेंज और ट्रैफिक प्रबंधन पर निर्भर करेगा।
30 निर्माण हटाए गए, लेकिन प्रभावित लोगों की स्थिति स्पष्ट नहीं
BMC ने यह नहीं बताया कि हटाए गए 30 निर्माणों में कितने मकान, दुकानें या अन्य प्रतिष्ठान थे। प्रभावित परिवारों या कारोबारियों की संख्या, कानूनी नोटिस, मुआवजे और पुनर्वास के संबंध में भी स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है।
फिलहाल, 9 अक्टूबर की कार्रवाई मुंबई कोस्टल रोड उत्तर परियोजना के लिए रास्ता तैयार करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। परियोजना के आगे बढ़ने के साथ बोरिवली, गोराई और दहिसर के बीच सड़क संपर्क में बदलाव की उम्मीद है, लेकिन ट्रैफिक पर वास्तविक असर और प्रभावित लोगों की स्थिति से जुड़े सवालों के जवाब संबंधित विभागों की आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
