मुंबई में 38°C तक पहुंचेगा तापमान, 12 अक्टूबर तक लू और उमस की चेतावनी

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मुंबई और कोकण में 12 अक्टूबर तक गर्मी का असर रहेगा। सांताक्रूज में 9 अक्टूबर को 38°C तापमान का अनुमान, जानें जिलेवार अलर्ट और सावधानियां।

मुंबई: मुंबई और कोकण क्षेत्र में गर्मी का असर बढ़ने के बीच मौसम विभाग ने 12 अक्टूबर तक मौसम पर सतर्क नजर रखने की चेतावनी दी है। सांताक्रूज मौसम केंद्र के पूर्वानुमान में 9 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 38°C तक पहुंचने का अनुमान जताया गया था। दक्षिण कोकण के कुछ स्थानों पर लू, जबकि उत्तर कोकण में गर्म और उमस भरे मौसम की संभावना है।

महाराष्ट्र से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बाद राज्य के कई हिस्सों में तापमान बढ़ने का दौर देखा जा रहा है। हालांकि, मुंबई के लिए जारी स्थानीय पूर्वानुमान और पूरे कोकण क्षेत्र की चेतावनी में अंतर है। इसलिए हर जिले में एक जैसी गर्मी या लू की स्थिति अलग अलग है।

मुंबई में अगले चार दिनों का तापमान

सांताक्रूज मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, मुंबई में अगले कुछ दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना थी।

9 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 38°C और न्यूनतम 26°C रहने का अनुमान था। 10 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 36°C, 11 अक्टूबर को 35°C और 12 अक्टूबर को 34°C रहने का पूर्वानुमान है। इन दिनों न्यूनतम तापमान क्रमशः 26°C, 25°C और 24°C रहने की संभावना जताई गई।

मुंबई और कोकण में कहां कैसी स्थिति?

मौसम संबंधी उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दक्षिण कोकण के कुछ स्थानों पर लू चलने की संभावना जताई गई है। उत्तर कोकण के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने का अनुमान है।

मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के लिए स्थानीय पूर्वानुमान को अलग-अलग है। किसी जिले में गर्म और उमस भरे मौसम की चेतावनी जारी होने का मतलब यह नहीं है कि वहां हर जगह लू घोषित की गई है।

रत्नागिरी में 8 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 38.7°C दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई थी। यह आंकड़ा कोकण में बढ़ती गर्मी को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

मुंबई में तापमान बढ़ने की संभावित वजह

मौसम विशेषज्ञों ने प्रतिचक्रवाती परिसंचरण और समुद्री हवा के देर से पहुंचने को मुंबई में तापमान बढ़ने की संभावित वजहों में शामिल किया है। आमतौर पर समुद्र से आने वाली हवा शहर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करती है। इसके प्रभाव में देरी होने पर दिन के समय गर्मी अधिक महसूस हो सकती है।

महाराष्ट्र से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी 8 अक्टूबर को पूरी होने की घोषणा की गई थी। मुंबई और पुणे समेत कुछ इलाकों से मानसून इससे पहले ही लौट चुका था। मानसून की वापसी के बाद मौसम में बदलाव के बीच तापमान और स्थानीय परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी है।

वायु गुणवत्ता पर भी नजर रखना जरूरी

मुंबई में 8 अक्टूबर को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 120 दर्ज किया गया था, जो मध्यम श्रेणी में आता है। उस दिन वर्ली में AQI 163, देवनार में 154, कोलाबा में 151 और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में 130 दर्ज किया गया था।

ये पिछले दिन के आंकड़े हैं, वर्तमान वायु गुणवत्ता के नहीं। गर्मी और प्रदूषण को एक-दूसरे का सीधा कारण नहीं माना जा सकता, लेकिन मौसम की बदलती परिस्थितियों के बीच ताजा AQI की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।

गर्मी से बचने के लिए क्या सावधानी रखें?

तेज धूप और उमस के दौरान शरीर में पानी की कमी और गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। खुले में काम करने वाले मजदूरों, डिलीवरी कर्मचारियों, यातायात पुलिसकर्मियों, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

  • नियमित रूप से पानी पिएं और शरीर में पानी की कमी न होने दें।
  • दोपहर के सबसे गर्म समय में अनावश्यक रूप से धूप में रहने से बचें।
  • बाहर निकलते समय हल्के कपड़े, टोपी या छाते का इस्तेमाल करें।
  • खुले में काम करने के दौरान बीच-बीच में छाया में आराम करें।
  • चक्कर, बेहोशी, भ्रम या गंभीर कमजोरी होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

12 अक्टूबर तक मौसम अपडेट पर नजर रखें

मुंबई और कोकण में मौसम की स्थिति जिले और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है। 12 अक्टूबर तक चेतावनी की अवधि के दौरान मौसम विभाग के नए बुलेटिन की जांच करना जरूरी है। चेतावनी की अवधि समाप्त होने का अर्थ यह नहीं है कि उसी दिन तापमान सामान्य हो जाएगा।

ताजा जानकारी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुंबई केंद्र की वेबसाइट https://mausam.imd.gov.in/mumbaiums/ पर स्थानीय पूर्वानुमान और चेतावनियां देखी जा सकती हैं।

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