महाराष्ट्र के करीब 8,000 पेट्रोल पंपों पर ₹2,000 से ऊपर UPI भुगतान को लेकर विरोध तेज है। 27 सितंबर की बैठक के बाद 15 अक्टूबर से नियम बदल सकते हैं।
मुंबई: महाराष्ट्र में पेट्रोल-डीजल भराने वाले वाहन चालकों के लिए UPI भुगतान को लेकर बड़ा बदलाव सामने आ रहा है। ₹2,000 से अधिक के ईंधन भुगतान पर लागू होने वाले नए Merchant Discount Rate (MDR) के विरोध में राज्य के पेट्रोल पंप डीलर्स लामबंद हैं। करीब 8,000 पेट्रोल पंपों वाले महाराष्ट्र में इस मुद्दे पर 27 सितंबर को होने वाली बैठक के बाद आगे की कार्रवाई तय हो सकती है।
अगर शुल्क से पेट्रोल पंपों को छूट नहीं मिलती है, तो मुंबई समेत राज्य के कई हिस्सों में ₹2,000 से ऊपर के UPI भुगतान स्वीकार करना बंद करने की चेतावनी दी गई है। हालांकि, अभी पूरे महाराष्ट्र में UPI बंद करने का अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
₹2,000 तक UPI भुगतान पर क्या होगा
नए UPI ढांचे के तहत ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान पर MDR नहीं लगेगा। केंद्र सरकार के अनुसार लगभग 96 प्रतिशत P2M UPI लेनदेन नए शुल्क से प्रभावित नहीं होंगे। व्यक्ति से व्यक्ति होने वाले UPI भुगतान भी मुफ्त रहेंगे।
ईंधन क्षेत्र के लिए ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर सामान्य 0.4 प्रतिशत MDR के बजाय प्रति लेनदेन ₹5 का फ्लैट MDR निर्धारित किया गया है। यह शुल्क ग्राहक से सीधे वसूलने के लिए नहीं है, बल्कि भुगतान व्यवस्था से जुड़े पक्षों के बीच वितरित किया जाता है।
यानी महाराष्ट्र में अगर कोई ग्राहक ₹1,800 का पेट्रोल या डीजल UPI से भरवाता है, तो इस नए MDR का सवाल नहीं उठेगा। लेकिन ₹2,000 से ज्यादा के ईंधन भुगतान पर पंप डीलर के लिए अतिरिक्त लागत जुड़ सकती है।
महाराष्ट्र के पेट्रोल पंप डीलर्स क्यों नाराज हैं
Federation of All Maharashtra Petrol Dealers Association यानी FAMPEDA ने नए MDR का विरोध किया है। संगठन के अध्यक्ष अमित गुप्ता का कहना है कि पेट्रोल पंपों का डीलर मार्जिन प्रति लीटर तय होता है और डीलर्स ईंधन की बिक्री कीमत या अपना मार्जिन अपनी तरफ से नहीं बढ़ा सकते। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त लागत सीधे उनके मार्जिन को प्रभावित करेगी।
Petrol Dealers Association Pune के अध्यक्ष और FAMPEDA के उपाध्यक्ष ध्रुव रुपारेल ने भी कहा है कि पेट्रोल-डीजल की बड़ी संख्या में खरीद ₹2,000 से ऊपर होती है। इसलिए किसी भी तरह का MDR या डिजिटल भुगतान शुल्क डीलर्स के खर्च पर सीधा असर डाल सकता है।
27 सितंबर को महाराष्ट्र के लिए बड़ा फैसला
महाराष्ट्र के पेट्रोल डीलर्स की अगली महत्वपूर्ण बैठक 27 सितंबर को होगी। FAMPEDA अध्यक्ष अमित गुप्ता के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर डीलर्स संगठन जो फैसला करेंगे, उसका असर महाराष्ट्र में भी लागू होगा। इसी बैठक के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि राज्य के पेट्रोल पंप ₹2,000 से ऊपर UPI स्वीकार करना जारी रखेंगे या नहीं।
इसका मतलब यह है कि अभी से यह कहना सही नहीं होगा कि 15 अक्टूबर से पूरे महाराष्ट्र के सभी पेट्रोल पंपों पर ₹2,000 से ज्यादा का UPI भुगतान बंद हो जाएगा।
मुंबई में पहले ही दी जा चुकी है चेतावनी
मुंबई में स्थिति थोड़ी ज्यादा स्पष्ट है। Petrol Dealers Association, Mumbai के अध्यक्ष चेतन मोदी ने RBI और वित्त मंत्रालय से पेट्रोल पंपों को नए MDR से पूरी तरह छूट देने की मांग की है। राहत नहीं मिलने पर मुंबई के पेट्रोल पंपों पर 15 अक्टूबर से ₹2,000 से ऊपर के UPI भुगतान बंद करने की चेतावनी दी गई है।
मुंबई के डीलर्स का एक विकल्प यह भी है कि यदि Oil Marketing Companies यानी तेल कंपनियां MDR का खर्च खुद उठाने के लिए तैयार होती हैं, तो डीलर्स अपना विरोध वापस लेने पर विचार कर सकते हैं।
मुंबई पेट्रोल डीलर्स के अनुसार पेट्रोल पंपों पर डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल पहले ही काफी बढ़ चुका है। ऐसे में अचानक बड़े UPI भुगतान रोकने से ग्राहकों और पंप संचालकों दोनों के लिए भुगतान व्यवस्था में बदलाव आएगा।
ट्रक और व्यावसायिक वाहनों के लिए भी चिंता
महाराष्ट्र State Vahan Chalak Malak Pratinidhi Mahasangh के अध्यक्ष बाबा शिंदे ने बड़े UPI भुगतान बंद होने की स्थिति में ट्रक ड्राइवरों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया है।
बड़े वाहनों में ईंधन भराने के लिए ₹2,000 से अधिक का भुगतान सामान्य है। यदि ऐसे भुगतान पर UPI उपलब्ध नहीं रहता है, तो ड्राइवरों को नकद या उपलब्ध अन्य भुगतान माध्यमों पर निर्भर रहना पड़ सकता है। बाबा शिंदे ने नकदी रखने से जुड़े सुरक्षा जोखिमों की भी चिंता जताई है।
सरकार की तरफ से क्या रुख है
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 20 सितंबर को UPI शुल्क को लेकर कहा कि डिजिटल भुगतान से व्यापार और लेनदेन की पारदर्शिता बढ़ी है। उन्होंने व्यापारियों और पेट्रोल पंप संचालकों से मामूली शुल्क का विरोध नहीं करने की अपील की। फडणवीस के अनुसार UPI व्यवस्था से कारोबार को फायदा हुआ है और नए शुल्क का उद्देश्य भुगतान व्यवस्था की लागत को पूरा करना है।
वहीं केंद्र सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नया MDR सभी UPI भुगतान पर लागू नहीं होगा। ₹2,000 तक के P2M भुगतान और P2P लेनदेन मुफ्त रहेंगे। ईंधन जैसे आवश्यक और कम मार्जिन वाले क्षेत्र के लिए ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर ₹5 का फ्लैट MDR रखा गया है।
15 अक्टूबर से महाराष्ट्र में क्या बदल सकता है
फिलहाल तीन बातें सबसे महत्वपूर्ण हैं। पहली, ₹2,000 तक के पेट्रोल-डीजल भुगतान पर UPI जारी रहेगा। दूसरी, ₹2,000 से अधिक के ईंधन भुगतान पर ₹5 MDR की व्यवस्था लागू होने वाली है। तीसरी, महाराष्ट्र के पेट्रोल पंप डीलर्स का राज्यव्यापी रुख 27 सितंबर की बैठक के बाद स्पष्ट होगा।
मुंबई के डीलर्स ने 15 अक्टूबर से बड़े UPI भुगतान रोकने की चेतावनी पहले ही दे दी है, जबकि महाराष्ट्र के स्तर पर अंतिम सामूहिक फैसला अभी बाकी है। इसलिए फिलहाल ग्राहकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि 27 सितंबर के बाद डीलर्स संगठन क्या निर्णय लेते हैं और क्या उससे पहले MDR में पेट्रोल पंपों को कोई छूट मिलती है।
