महिला के इरादे ना भांप सका युवक: एप पर दोस्ती, मेट्रो स्टेशन पर बुलाकर ले गई घर, फिर शख्स को मिला ऐसा दर्द

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डेटिंग एप के जरिए दोस्ती कर युवक को घर बुलाकर 2.15 लाख रुपये की उगाही का आरोप, दिल्ली के छावला में चार गिरफ्तार, 70,500 रुपये बरामद।

दिल्ली: छावला इलाके में डेटिंग एप के जरिए दोस्ती कर एक 44 वर्षीय व्यक्ति को कथित तौर पर हनी ट्रैप में फंसाकर 2.15 लाख रुपये की उगाही करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला पहले उसे ढांसा मेट्रो स्टेशन बुलाकर नजफगढ़ स्थित एक घर ले गई, जहां दो महिलाएं और एक पुरुष मौजूद थे। इसके बाद दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देकर उससे नकदी और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए रकम ली गई। छावला थाना पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 70,500 रुपये बरामद किए हैं।

14 सितंबर को मथुरा निवासी चंद्रभान सिंह ने छावला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। जानकारी के अनुसार वह फरीदाबाद में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करते हैं। चंद्रभान की पहचान QuackQuack एप के जरिए एक महिला से हुई थी। बातचीत के बाद महिला ने उन्हें ढांसा मेट्रो स्टेशन मिलने के लिए बुलाया। वहां से वह उन्हें नजफगढ़ के एक मकान में ले गई।

घर पहुंचने के बाद दो महिलाएं और एक पुरुष वहां मौजूद मिले। आरोप है कि इसी दौरान गिरोह के एक सदस्य ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर चंद्रभान को दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद उनसे पैसे देने के लिए दबाव बनाया गया।

22 हजार रुपये नकद और 1.93 लाख रुपये ऑनलाइन लिए

पुलिस के अनुसार, पीड़ित से कुल 2.15 लाख रुपये लिए गए। इसमें 22 हजार रुपये नकद थे, जबकि 1.93 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई ट्रांजैक्शन के जरिए लिए गए। यानी रकम लेने के लिए आरोपियों ने नकदी के साथ डिजिटल भुगतान का भी इस्तेमाल किया।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने लेनदेन से जुड़े बैंक खातों और अन्य उपलब्ध जानकारियों की जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपियों की पहचान सामने आई और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

चार आरोपी गिरफ्तार, 70,500 रुपये बरामद

पुलिस ने इस मामले में गन्नौर, सोनीपत निवासी मनदीप, गाजियाबाद निवासी प्रीति, नजफगढ़ निवासी कमलेश और रितु को गिरफ्तार किया है। मनदीप की उम्र 38 वर्ष, प्रीति की 32 वर्ष, कमलेश की 42 वर्ष और रितु की 40 वर्ष बताई गई है।

पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 70,500 रुपये बरामद किए गए हैं। बाकी रकम से जुड़े अलग-अलग बैंक खातों को होल्ड कराया गया है। पुलिस अब इन खातों में हुए लेनदेन की जांच के साथ बाकी रकम की रिकवरी की कोशिश कर रही है।

मनदीप और कमलेश के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज

जांच में पुलिस ने मनदीप और कमलेश के पुराने आपराधिक मामलों का भी उल्लेख किया है। पुलिस के अनुसार मनदीप के खिलाफ सोनीपत और दिल्ली में पहले के मामले दर्ज हैं, जबकि कमलेश के खिलाफ द्वारका नॉर्थ थाने में 2023 का मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इन पुराने मामलों की प्रकृति और मौजूदा मामले से उनका संबंध जांच का विषय है।

डेटिंग एप से शुरू होकर धमकी तक पहुंचा मामला

इस मामले में घटनाक्रम एक सामान्य ऑनलाइन संपर्क से शुरू हुआ, लेकिन कुछ ही समय में यह कथित वित्तीय उगाही में बदल गया। महिला से एप पर दोस्ती होने के बाद पीड़ित को पहले सार्वजनिक स्थान यानी ढांसा मेट्रो स्टेशन बुलाया गया और वहां से निजी मकान तक ले जाया गया। घर में अन्य लोगों की मौजूदगी के बाद कथित तौर पर पुलिस और दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी दी गई।

यही तरीका इस मामले को सामान्य ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से अलग बनाता है। इसमें ऑनलाइन पहचान और बातचीत के बाद आमने-सामने की मुलाकात और फिर कथित धमकी के जरिए पैसे लेने का आरोप है।

दिल्ली में पहले भी सामने आया था डेटिंग एप हनी ट्रैप

दिल्ली में मई 2026 में भी डेटिंग एप से जुड़े एक अलग हनी ट्रैप और उगाही के मामले का खुलासा हुआ था। उस मामले में fake Tinder/QuackQuack महिला प्रोफाइल के जरिए पुरुषों से संपर्क कर मुलाकात के लिए बुलाने और बाद में पुलिस कार्रवाई या आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलने का आरोप सामने आया था।

मौजूदा छावला मामले को उस पुराने मामले से सीधे जोड़ने का कोई आधार अभी सामने नहीं आया है। हालांकि दोनों मामलों में डेटिंग एप के जरिए संपर्क, आमने-सामने मुलाकात और पुलिस या आपराधिक मामले के नाम पर कथित दबाव बनाने जैसी समानताएं जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।

अगर डेटिंग एप की मुलाकात के बाद धमकी मिले तो क्या करें?

ऐसे मामलों में किसी व्यक्ति द्वारा पुलिस अधिकारी होने का दावा करना अपने आप में उसकी पहचान का प्रमाण नहीं है। यदि कोई व्यक्ति आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगता है, तो घबराकर तुरंत भुगतान करने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना और उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण है।

यदि पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर हो चुके हैं, तो वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की सूचना तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर दी जा सकती है। National Cyber Crime Reporting Portal के जरिए भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी, यूपीआई आईडी, मोबाइल नंबर, चैट, कॉल डिटेल से संबंधित उपलब्ध जानकारी और स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखना जांच में उपयोगी हो सकता है।

मामले की जांच जारी

छावला थाना पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित उगाही में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं, क्या किसी अन्य व्यक्ति को इसी तरीके से निशाना बनाया गया और 2.15 लाख रुपये में से शेष रकम का कितना हिस्सा बरामद किया जा सकता है। बैंक खातों को होल्ड कराने के बाद वित्तीय लेनदेन की जांच भी आगे बढ़ाई जा रही है।

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