नाशिक के लासलगांव में तांबे के तार चोरी का आरोपी गिरफ्तार। पूछताछ में 12 वारदातों का खुलासा, कार समेत ₹4.51 लाख का माल जब्त हुआ। पुराने मामलों की जांच जारी है।
महाराष्ट्र/नाशिक: लासलगांव में तांबे के तार चोरी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को कार समेत गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, विट्ठलवाड़ी स्थित एक इलेक्ट्रिकल और हार्डवेयर दुकान का शटर तोड़कर करीब ₹3.43 लाख के तांबे के तार चोरी किए गए थे। चोरी के बाद आरोपी कार से माल लेकर निकल रहा था, लेकिन नाकेबंदी के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान खुर्शीद अब्दुल हमीद खान के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में नाशिक जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई 12 चोरी और सेंधमारी की वारदातों का कनेक्शन सामने आने का दावा किया गया है। आरोपी के पास से तांबे के तार, कार और चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार समेत कुल ₹4,51,716 का माल जब्त किया गया है।
दुकान का शटर तोड़कर चोरी किए थे तांबे के तार
पुलिस के अनुसार, लासलगांव थाना क्षेत्र के विट्ठलवाड़ी गांव में ‘लोणजाईमाता इलेक्ट्रिकल वर्क्स एंड हार्डवेयर’ दुकान को चोरों ने निशाना बनाया था। दुकान से करीब ₹3,43,216 कीमत के तांबे के तार चोरी किए गए।
चोरी के बाद आरोपी खुर्शीद अब्दुल हमीद खान इन तारों को सेंट्रो कार से लेकर निकल रहा था। आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया गया है और फिलहाल इगतपुरी में रह रहा था। पुलिस रिकॉर्ड में कार का नंबर MH 03 AM 3467 बताया गया है।
नाकेबंदी के दौरान पुलिस ने पकड़ा
19 अगस्त की तड़के विंचूर तीन पाटी इलाके में पुलिस की नाकेबंदी चल रही थी। इसी दौरान पुलिस कर्मचारियों को एक संदिग्ध कार दिखाई दी। पुलिस ने कार को रोकने की कोशिश की और उसका पीछा किया।
पुलिस के मुताबिक, पीछा किए जाने के दौरान कार डिवाइडर से टकरा गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। कार की तलाशी लेने पर उसमें तांबे के तार, बोल्ट कटर और लोहे की छड़ मिली।
जब्त सामान में करीब ₹3.43 लाख के तांबे के तार और लगभग ₹1 लाख कीमत की कार शामिल है। पुलिस के अनुसार, सभी सामान की कुल कीमत ₹4,51,716 है।
पूछताछ में 12 चोरी की वारदातों का कनेक्शन
आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस को नाशिक जिले के अलग-अलग इलाकों में हुई 12 चोरी और सेंधमारी की वारदातों के बारे में जानकारी मिलने का दावा किया गया है।
इनमें लासलगांव, सायखेड़ा, पिंपलगांव बसवंत, डिंडोरी, सिन्नर, इगतपुरी, वडनेर भैरव, सटाणा और चांदवड़ समेत कई थाना क्षेत्र शामिल बताए गए हैं।

पुलिस अब इन पुराने मामलों की FIR, चोरी हुए सामान और आरोपी के बयान का मिलान कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन वारदातों में आरोपी की सीधी भूमिका कितनी थी और उसके साथ कोई और लोग शामिल थे या नहीं।
₹1 करोड़ से ज्यादा के पुराने मामलों की जांच
पूछताछ में सामने आए पुराने मामलों को जोड़ने पर करीब ₹1 करोड़ से ज्यादा के माल से जुड़े मामलों की जांच की बात सामने आई है।
हालांकि, यहां एक बात साफ है कि ₹1 करोड़ से ज्यादा की रकम अभी बरामद नहीं हुई है। यह पुराने मामलों में चोरी हुए माल और उससे जुड़े संभावित नुकसान की जांच का हिस्सा है। फिलहाल इस कार्रवाई में पुलिस ने ₹4,51,716 का माल जब्त किया है।
अब पुलिस पुराने मामलों में चोरी हुआ माल कहां गया, उसे किसे बेचा गया और इस पूरी कड़ी में और कौन लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस को अब इन सवालों के जवाब तलाशने हैं
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच सिर्फ इस एक चोरी तक सीमित नहीं है। अब पुराने मामलों की कड़ी जोड़ने पर फोकस है।
पुलिस यह पता लगा रही है कि चोरी का सामान कहां बेचा जाता था, पुराने मामलों में भी इसी तरह के औजार या वाहन इस्तेमाल हुए थे या नहीं, आरोपी के साथ और कौन लोग थे और अलग-अलग जगहों से चोरी किया गया कितना माल बरामद किया जा सकता है।
अगर पूछताछ में दूसरे आरोपियों या चोरी का माल खरीदने वालों के बारे में ठोस 12जानकारी मिलती है, तो इस मामले में आगे और कार्रवाई हो सकती है।
देश के दूसरे हिस्सों में भी सामने आए तांबे की चोरी के मामले
तांबे के तार चोरी की घटनाएं सिर्फ नाशिक तक सीमित नहीं हैं। हाल के दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से copper wire, बिजली के केबल और दूसरे electrical infrastructure को निशाना बनाने के मामले सामने आए हैं।
दिल्ली-एनसीआर में पुलिस ने एक interstate copper-wire theft gang को पकड़ा था। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह से 18 चोरी के मामलों का खुलासा हुआ था। आरोपियों पर पुलिस की नजर से बचने के लिए walkie-talkie और internet dongle का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगा था।
राजस्थान में भी एक मामले में पुलिस ने बताया था कि आरोपी online search के जरिए बड़े solar plants की जानकारी जुटाकर उन्हें निशाना बनाते थे। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी में भी पुलिस ने copper और iron चोरी के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर 35 किलो तांबे का तार बरामद किया था।
तांबे की चोरी से आम लोगों को क्या नुकसान?
तांबे के तार की चोरी का नुकसान सिर्फ दुकान या गोदाम के मालिक तक सीमित नहीं रहता। जब यही तार बिजली, रेलवे, टेलीकॉम या दूसरे infrastructure में लगा हो और उसे काटकर चोरी कर लिया जाए, तो उसका असर सीधे आम लोगों पर पड़ सकता है।
भोपाल में रेलवे signal cables की चोरी के बाद चार passenger trains में 30 से 60 मिनट तक की देरी की रिपोर्ट सामने आई थी। रेलवे infrastructure में इस तरह की चोरी से operation के साथ safety का सवाल भी खड़ा होता है।
मुंबई में भी MTNL की underground copper cables की चोरी का मामला सामने आया था। इस मामले में एक MTNL कर्मचारी पर कथित तौर पर cable locations की जानकारी चोरी करने वाले गिरोह तक पहुंचाने का आरोप लगा था।
इसी तरह खेतों में लगे solar panels और नलकूपों के तार चोरी होने पर किसानों को भी सीधा नुकसान उठाना पड़ता है। तार चोरी होने के बाद मोटर या solar system बंद हो सकता है और उसे दोबारा चालू कराने में अलग से खर्च करना पड़ता है।
लासलगांव मामले में अब आगे क्या?
लासलगांव पुलिस अब आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पुराने मामलों की जांच आगे बढ़ा रही है। 12 वारदातों में आरोपी की भूमिका, चोरी हुए सामान की बरामदगी और संभावित साथियों की पहचान इस जांच का अगला हिस्सा है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद 21 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेजा गया था। अब आगे की कार्रवाई में पुलिस हिरासत की स्थिति, पुराने मामलों में बरामदगी और दूसरे आरोपियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक डॉ. डी. एस. स्वामी, अपर पुलिस अधीक्षक विमला एम. और उपविभागीय पुलिस अधिकारी के. के. पाटिल के मार्गदर्शन में टीम ने कार्रवाई की।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और पुराने 12 मामलों की कड़ी जुड़ने के बाद इस मामले में चोरी के माल की और बरामदगी या अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी सामने आ सकती है।
एक नजर में
घटना: विट्ठलवाड़ी, लासलगांव, नाशिक
चोरी: करीब ₹3,43,216 के तांबे के तार
गिरफ्तार आरोपी: खुर्शीद अब्दुल हमीद खान
बरामद सामान: तांबे के तार, सेंट्रो कार, बोल्ट कटर और लोहे की छड़
कुल जब्ती: ₹4,51,716
पुलिस पूछताछ में सामने आए मामले: 12 चोरी और सेंधमारी की वारदातें
जिन थाना क्षेत्रों का नाम सामने आया: लासलगांव, सायखेड़ा, पिंपलगांव बसवंत, डिंडोरी, सिन्नर, इगतपुरी, वडनेर भैरव, सटाणा और चांदवड़
पुराने मामलों में जांच: ₹1 करोड़ से ज्यादा के माल से जुड़े मामलों की जांच
मामले की स्थिति: पुलिस जांच जारी
