Jhansi News: मुंबई की बोरीवली कोर्ट में पेपर सप्लाई का ऑर्डर दिलाने के नाम पर कारोबारी से 51 लाख की कथित ठगी, पांच पर FIR।
झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक कारोबारी से मुंबई की बोरीवली मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेपर सप्लाई का बड़ा ऑर्डर दिलाने के नाम पर 51.62 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि खुद को कोर्ट का परचेज अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने कारोबारी से करीब 17 हजार पेपर की सप्लाई कराई और भुगतान के बदले फर्जी चेक दिए। पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
झांसी के कोतवाली क्षेत्र में सराय जामा मस्जिद के पास रहने वाले कारोबारी मोहम्मद इरशाद की मोहम्मद एंटरप्राइजेज नाम से फर्म है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 24 अप्रैल को उनके पास एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को मुंबई की बोरीवली मजिस्ट्रेट कोर्ट का परचेज अधिकारी बताया। उसने कोर्ट के लिए बड़ी मात्रा में पेपर की जरूरत होने की बात कही और जेम पोर्टल के जरिए खरीदारी की जानकारी दी।
बड़े ऑर्डर का झांसा देकर कराई पेपर की सप्लाई
शिकायत के मुताबिक, कारोबारी ने कम दरों का हवाला देते हुए सीधे सप्लाई करने में रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद कथित आरोपी ने उनसे कोटेशन मंगवाया और उसे मंजूर होने की जानकारी दी। इसके बाद पेपर सप्लाई का ऑर्डर देने की बात कही गई।
आरोप है कि इसके बाद कारोबारी को एक परिचित वेंडर से तत्काल माल उपलब्ध कराने के लिए संपर्क कराया गया। कारोबारी ने इस भरोसे पर करीब 51.62 लाख रुपये की लागत से लगभग 17 हजार पेपर खरीदकर सप्लाई कर दिए।
भुगतान के नाम पर दिए गए चेक नहीं हुए क्लियर
मामले में आरोप है कि रौनक एंटरप्राइजेज के पार्टनर द्रिवेंद्र पाठक के कहने पर आफरीन हुसैन सैयद के खाते में 33.36 लाख रुपये का भुगतान कराया गया। वेंडर की ओर से माल भेजे जाने की पुष्टि भी की गई और कथित तौर पर निराला मदन ने माल प्राप्त होने की जानकारी दी।
हालांकि, बिल के एवज में कारोबारी को केवल 3.65 लाख रुपये का भुगतान किया गया। शेष रकम मांगने पर कथित आरोपी पक्ष ने 14.63 लाख रुपये और 17.65 लाख रुपये के दो चेक दिए।
शिकायतकर्ता के अनुसार, इन चेकों पर एसीजेएम, बोरीवली के परचेज अधिकारी की मुहर भी लगी हुई थी। लेकिन बैंक में जमा करने के बाद चेकों का भुगतान नहीं हो सका।
बैंक औपचारिकताओं के नाम पर लगातार टालमटोल
चेक बाउंस होने के बाद कारोबारी ने भुगतान के लिए संपर्क किया। आरोप है कि निराला मदन ने अकाउंट ऑफिसर महेश चौहान का हवाला देते हुए बैंक से जुड़ी औपचारिकताओं का बहाना बनाया और भुगतान को लगातार टालता रहा।
काफी समय बाद 3 जुलाई को 58.36 लाख रुपये के भुगतान का एक और चेक देने की बात कही गई। शिकायत के मुताबिक, यह चेक भी भुन नहीं सका।
जांच में सामने आया कथित आरोपी का दूसरा नाम
शिकायतकर्ता के मुताबिक, जब उन्होंने मामले की जानकारी जुटाई तो उन्हें पता चला कि निराला मदन नाम से संपर्क करने वाले व्यक्ति का वास्तविक नाम पुनीत वेदप्रकाश बगड़िया है। इसके बाद कारोबारी को कथित ठगी का एहसास हुआ।
आरोप है कि जब कारोबारी ने अपने रुपये वापस मांगे तो माल वापस लेने के नाम पर भी उन्हें कथित तौर पर टालमटोल का सामना करना पड़ा।
पांच लोगों के खिलाफ FIR, पुलिस कर रही जांच
पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने द्रिवेंद्र पाठक, निराला मदन उर्फ पुनीत वेदप्रकाश बगड़िया, आफरीन हुसैन सैयद, महेश चौहान समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
कोतवाली थाना प्रभारी राजेश कुमार के मुताबिक, कारोबारी के साथ व्यापारिक लेनदेन के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत मिली है। मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस मामले में आरोपों की जांच कर रही है। आरोपियों की भूमिका, भुगतान से जुड़े बैंक खातों और कथित फर्जी दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

