Mulund–Goregaon Construction हादसे: आपदा में अवसर? 6 करोड़ वसूली, जनता की जान पर जोखिम

मुंबई में तीन दिन के भीतर दो बड़े निर्माण हादसे—Mulund Metro Line 4 पिलर गिरने से एक की मौत और Goregaon Link Road पर ब्रिज का आयरन पिलर कार पर गिरा। 6 करोड़ पेनल्टी बनाम 5 लाख मुआवजा पर महाराष्ट्र सरकार घिरी।

मुंबई: अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। पहले मुलुंड में मेट्रो पिलर गिरने से एक व्यक्ति की मौत और अब गोरेगांव लिंक रोड पर ब्रिज का आयरन पिलर कार पर गिरने की घटना—दोनों हादसों ने शहर की सेफ्टी मॉनिटरिंग पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं—“आपदा में अवसर… 6 करोड़ वसूली, 5 लाख मुआवजा!”

📍 Mulund Metro Line 4 हादसा: एक मौत, 6 करोड़ पेनल्टी

14 फरवरी को मुंबई के मुलुंड पश्चिम में एलबीएस मार्ग पर Johnson & Johnson के पास Mumbai Metro Line 4 के निर्माणाधीन पिलर का स्लैब गिर गया।

Advertisements

ऑटो और कार मलबे की चपेट में आए। रामधन/रामधनी यादव की मौत हो गई, 3-4 लोग घायल हुए।

💰 कार्रवाई क्या हुई?

  • कॉन्ट्रैक्टर पर 5 करोड़ रुपये पेनल्टी
  • कंसल्टेंट पर 1 करोड़ रुपये पेनल्टी
  • मृतक परिवार को 5 लाख रुपये मुआवजा

यानी कुल 6 करोड़ की वसूली, लेकिन परिवार को 5 लाख।
जनता पूछ रही है—क्या किसी जान की कीमत सिर्फ 5 लाख?

Mulund-Goregaon-construction-accident-Opportunity-in-disaster-6-crore-rupees-recovered-public-lives-at-risk-news

🚧 Goregaon Link Road: बड़ा हादसा टला

तीन दिन बाद, Goregaon Link Road पर अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का भारी आयरन पिलर अचानक टूटकर चलती कार पर गिर गया।

कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई, लेकिन गनीमत रही कि सभी यात्री सुरक्षित बच गए।

स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। इस घटना ने साफ कर दिया कि निर्माण स्थलों की निगरानी और सेफ्टी प्रोटोकॉल में कहीं न कहीं बड़ी चूक हो रही है।

⚠️ महाराष्ट्र सरकार पर बढ़ता दबाव

लगातार दो घटनाओं के बाद उंगलियां सीधे तौर पर महाराष्ट्र सरकार की मॉनिटरिंग सिस्टम पर उठ रही हैं।

मुंबई जैसे महानगर में रोज लाखों लोग सड़कों से गुजरते हैं। ऐसे में—

  • क्या सेफ्टी ऑडिट नियमित हो रहा है?
  • क्या साइट सुपरविजन मजबूत है?
  • क्या जवाबदेही तय होगी?

विपक्षी दल आरोप लगा रहे हैं कि “आपदा में अवसर” की राजनीति हो रही है—पेनल्टी वसूली तो तेज, लेकिन पीड़ित परिवारों को राहत कम।

मुंबई में बड़ा घोटाला: लोखंडवाला बिल्डर और SRA इंजीनियर पर BMC की FIR, STP जमीन हड़पने का आरोप

🕯️ परिवार की मांग और बढ़ता गुस्सा

मुलुंड हादसे में जान गंवाने वाले परिवार ने अधिक मुआवजा और एक बेटी को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि 5 लाख रुपये से भविष्य सुरक्षित नहीं होगा।

मुंबई की आम बोली में लोग कह रहे हैं—
“सुरक्षा पहले क्यों नहीं? हादसे के बाद ही सख्ती क्यों?”

🔍 Construction Safety Crisis in Mumbai

Mulund Metro Accident और Goregaon Bridge Incident ने मुंबई में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स—मेट्रो, फ्लाईओवर, ब्रिज—सब पर भरोसा हिला दिया है।

अगर अभी सख्त सेफ्टी रिव्यू नहीं हुआ, तो अगली बार किसकी जान जाएगी—ये सवाल हर मुंबईकर के मन में है।


❓ FAQ

Q1. Mulund हादसा कब हुआ?
14 फरवरी दोपहर 12:20 बजे।

Q2. Goregaon हादसे में क्या हुआ?
अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का आयरन पिलर चलती कार पर गिरा, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।

Q3. Mulund हादसे में कितनी पेनल्टी लगी?
कुल 6 करोड़ रुपये।

Q4. मृतक परिवार को कितना मुआवजा मिला?
5 लाख रुपये घोषित किए गए।

Q5. क्या जांच शुरू हुई है?
प्रशासन ने जांच की बात कही है, लेकिन रिपोर्ट का इंतजार है।


Discover more from  

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisements
Scroll to Top

Discover more from  

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading