गोरेगांव लिफ्ट हादसा: एक युवक घर लौटा तो दूसरे की हालत गंभीर

गोरेगांव लिफ्ट हादसे में घायल दो युवकों में से एक विग्नेश की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है, जबकि दूसरा युवक रुद्र घर पर रिकवरी कर रहा है। परिवार FIR पर सवाल उठा रहा है और सोसायटी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।

मुंबई: गोरेगांव में हुए लिफ्ट हादसे ने दो परिवारों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक विग्नेश अभी भी अंधेरी के कोकिलाबेन अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है, जबकि दूसरा युवक रुद्र सुसविरकर अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर पर इलाज करवा रहा है। इस बीच विग्नेश के परिवार ने FIR को लेकर नाराजगी जताते हुए सोसायटी के जिम्मेदार पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।

विग्नेश की हालत अब भी चिंताजनक

सूत्रों के अनुसार, हादसे में गंभीर रूप से घायल विग्नेश की हालत में फिलहाल कोई खास सुधार नहीं हुआ है। वह अंधेरी स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में इलाजरत है।
हालांकि डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर से हटा दिया है, लेकिन अब तक उसकी न्यूरोलॉजिकल स्थिति में कोई सकारात्मक बदलाव देखने को नहीं मिला है।

परिजनों की चिंता: आंखें खुलती हैं, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं

विग्नेश के मामा योगेश महात्रे ने बताया,
“वेंटिलेटर हट गया है, लेकिन शरीर में कोई मूवमेंट नहीं है। वह कभी-कभी आंखें खोलता है, लेकिन आवाज देने पर या सामने खड़े परिजनों को पहचानने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देता।”

डॉक्टरों का कहना है कि विग्नेश के ठीक होने की संभावना है, लेकिन यह प्रक्रिया लंबी और बेहद खर्चीली हो सकती है।

इलाज का खर्च 13 लाख के पार, परिवार आर्थिक संकट में

भावनात्मक दर्द के साथ-साथ परिवार पर भारी आर्थिक बोझ भी बढ़ता जा रहा है।
अब तक इलाज पर ₹13 लाख से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। रिश्तेदारों और दोस्तों की मदद से करीब ₹3.5 लाख जुटाए गए हैं, लेकिन आगे का खर्च परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

परिजन अब

  • ट्रस्ट
  • एनजीओ
  • राजनीतिक प्रतिनिधियों
    से मदद की गुहार लगा रहे हैं। साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष में भी आवेदन किया गया है।

FIR पर सवाल, सोसायटी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

विग्नेश के परिवार ने दर्ज FIR पर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि इस हादसे की जिम्मेदारी सिर्फ लिफ्ट ठेकेदार की नहीं, बल्कि सोसायटी के पदाधिकारियों की भी बनती है।

योगेश महात्रे का आरोप है कि

  • लिफ्ट की सर्विस के बाद जरूरी निरीक्षण नहीं किया गया
  • बिना जांच के सर्विस डॉक्यूमेंट्स पर हस्ताक्षर कर दिए गए

उन्होंने कहा,
“अगर सोसायटी के जिम्मेदार लोगों ने ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाई होती, तो यह हादसा टल सकता था।”

परिवार ने संकेत दिए हैं कि वे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और जरूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे, ताकि सोसायटी पदाधिकारियों को भी FIR में आरोपी बनाया जाए।

रुद्र की हालत में सुधार, घर पर जारी इलाज

इस हादसे में घायल दूसरे युवक रुद्र सुसविरकर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वह अब घर पर रिकवरी कर रहा है।

उसके पिता अनिल सुसविरकर ने बताया,
“हमने घर पर अस्पताल जैसा बेड किराए पर लिया है। उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।”

डॉक्टरों ने रुद्र की टूटी हड्डियों को स्क्रू लगाकर फिक्स किया है। हड्डियां ठीक होने के बाद एक और सर्जरी कर स्क्रू निकाले जाएंगे।

लिफ्ट सेफ्टी पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर मुंबई की हाउसिंग सोसायटियों में

  • लिफ्ट मेंटेनेंस
  • नियमित जांच
  • जवाबदेही
    जैसे मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: गोरेगांव लिफ्ट हादसे में कितने युवक घायल हुए थे?
👉 दो युवक घायल हुए थे।

Q2: विग्नेश की वर्तमान हालत कैसी है?
👉 हालत गंभीर है, न्यूरोलॉजिकल रिस्पॉन्स नहीं है।

Q3: इलाज का खर्च कितना हो चुका है?
👉 ₹13 लाख से अधिक।

Q4: परिवार किस पर कार्रवाई की मांग कर रहा है?
👉 लिफ्ट ठेकेदार के साथ-साथ सोसायटी पदाधिकारियों पर।

Q5: रुद्र की हालत कैसी है?
👉 हालत में सुधार है, घर पर इलाज चल रहा है।


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