INDIA: दिल्ली में परिवार बचाओ रैली

  • इन नेताओं से पूछिए की लोकतंत्र की परिभाषा क्या है?
  • एक दूसरे के घोर विरोधी सब एक हो गए हैं।
  • INDIA गठबंधन के 28 दलों के नेताओं का मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

वी बी माणिक
नई दिल्ली-
कल पूरा विपक्षी पार्टियों के कुल 28 दलों के नेताओ ने मोदी के विरुद्ध लोकसभा चुनाव में इज्जत और परिवार बचाओ रैली निकाल कर सभी से चुनाव में मतदान करने के लिए आह्वान किया है। जिसमें मुख्य आकर्षण सुनीता केजरीवाल, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, फारूक अब्दुल्ला, लालू प्रसाद यादव, सीताराम येचुरी, शरद पवार, महबूबा मुफ्ती, अखिलेश यादव एवं अन्य नेता उपस्थित हुए सभी ने एक स्वर में अरविंद केजरीवाल को जेल से छुड़ाने के लिए आवाज उठाया। (india political news)

आप को बता दें, कि इसी रामलीला मैदान में 2012 में केजरीवाल ने अन्ना हजारे के साथ मिलकर राजनीति नहीं करने की शपथ ली थी। पर हजारे को धोखा देकर दिल्ली की सत्ता पर कब्जा कर लिया और घोटाले में जेल की यात्रा पर चले गए। वही राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि मोदी ने क्रिकेट में मैच फिक्सिंग की तरह ईडी, सीबीआई और इनकमटैक्स डिपार्टमेंट जैसे सरकारी विभागों को लगाकर चुनाव जीतने की तैयारी में लगे है। (india political news)

https://indian-fasttrack.com/2024/03/28/electoral-bond-bag
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INDIA गठबंधन..

राहुल क्या क्या बोलते है ये किसी भी जनता के समझ मे नही आता है। ईवीएम तो कांग्रेस ही लायी थी। आज उसका विरोध कर रहे हैं। संविधान समाप्त हो जाएगा बीजेपी से जनता को छुटकारा पाने का चुनाव है। सुनीता ने कहा कि केजरीवाल जेल से सरकार चलाएंगे। इस इंडिया गठबंधन में आधे से ज्यादा नेता बेल पर है और कुछ जेल में है। क्या सत्ता धारी पार्टी के नेता ही भ्रष्टाचार में लिप्त है। यहां तो हर छोटे से बड़ा नेता किसी न किसी घोटाले में लिप्त है। (india political news)

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दिल्ली के रामलीला मैदान से विरोध प्रदर्शन की तस्वीर

भाजपा नेताओं ने कहा इस गठबंधन में भ्रष्टाचारी सब एक हो गए है जो कभी एक दूसरे के घोर विरोधी थे। आज सब एक दूसरे की गोद मे बैठे है क्या केवल चुनाव जीतकर जनता को लूटने का संकल्प ले रखा है? अभी तक सीट बंटवारा नही हो सका है बात एकता की कर रहे है। जनता इनको जिताने वाली नही है। क्या करेंगे ? (india political news)

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अखिलेश यादव को बताना चाहिए कि उत्तरप्रदेश में जो जंगल राज की सरकार चला रहे थे इनके कार्यकर्ता पुलिस थानों, सरकारी कार्यालयों में दलाली करते थे। महिलाएं अपने को असुरक्षित महसूस करती थी। पुलिस शिकायत नही सुनती थी। पुलिस कर्मी थानों में बैठकर खुलेआम शराब पीते थे। इस पर कितना कंट्रोल किया था। वही मानसिकता पुलिस वालों की आज भी है। भले योगी की सरकार हो। क्योंकि अखिलेश वाली मानसिकता अभी तक गयी नही है। सारे नेता लोकतंत्र की बात करते है इन नेताओं से पूछिए की लोकतंत्र की परिभाषा क्या है? (india political news)


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