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  • Mumbai: गोरेगांव फिल्मसिटी Anupamaa के सेट पर लगी आग, करोड़ों का सामान जलकर हुआ खाक

    Mumbai: गोरेगांव फिल्मसिटी Anupamaa के सेट पर लगी आग, करोड़ों का सामान जलकर हुआ खाक

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    मुंबई के गोरेगांव फिल्मसिटी में सोमवार तडके आग लगने से अफरा तफरी मच गई है। यहां अचानक आग लगने से टीवी सीरियल के फेमस शो अनुपमा का पूरा सेट जलकर खाक हो गया है। किसी के हताहत होने की जानकारी नही ..

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व के फिल्मसिटी में टीवी के फेमस शो ‘अनुपमा’ (Anupamaa) के सेट पर अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया है। सेट पर अचानक आग लगने से करोड़ों रुपये का सामान जलकर राख हो गया है। घटना सुबह करीब 5 बजे की बताई जा रही है। सेट पर मौजूद लोगों ने धुआं उठते देखकर सीधे फायर ब्रिगेड को बुला लिया था। Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    बड़ी दुर्घटना टली

    अधिकारियों ने बताया कि सुबह 6.10 बजे गोरेगांव (पूर्व) इलाके में स्थित दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी (फिल्म सिटी) में मराठी बिग बॉस के सेट के पीछे बने अनुपमा के सेट पर आग लगी। आग की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड की लगभग चार गाड़ियां और पानी के टैंकर मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान युद्धस्तर पर शुरू किया। सुबह होने की वजह से सेट पर शूटिंग नहीं चल रही थी, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई।

    बीएमसी ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMc) गोरेगांव पी दक्षिण विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, मौके पर एक सहायक संभागीय अग्निशमन अधिकारी और तीन स्टेशन अधिकारियों के अलावा स्थानीय पुलिस और बीएमसी की टीमें मौजूद हैं। ये सभी आग लगने के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    राहत की खबर क्या है?

    ‘अनुपमा’ (Anupamaa) के सेट पर हुए इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ है। सेट पर मौजूद सभी कलाकार और क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं। घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया है।

    आग कैसे लगी?

    बता दें कि प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर आग लगने के कारण का पता लगा रही है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि शायद शॉर्ट सर्किट की वजह से सेट में आग लगी है। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही इसकी पुष्टी हो पाएगी। वहीं, इस घटना को लेकर ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने भी जानकारी दी। Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    वर्कर्स एसोसिएशन ने क्या कहा?

    इस घटना को लेकर ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन अपने एक आधिकारिक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया, कि “मुंबई की फिल्म सिटी में आज सुबह 5 बजे ‘अनुपमा’ शो के सेट पर भयंकर आग लग गई। सुबह 7 बजे शूटिंग शुरू होनी थी। लेकिन उससे ठीक दो घंटे पहले ही आग ने पूरा सेट तबाह कर दिया। उस वक्त शूटिंग की तैयारियां चल रही थीं। कई कर्मचारी और क्रू मेंबर उस समय सेट पर मौजूद थे।” Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

  • बृहन्मुंबई महानगर पालिका के निर्वाचन क्षेत्र और जनसंख्या के साथ BMC वार्डो की पूरी जानकारी।

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के निर्वाचन क्षेत्र और जनसंख्या के साथ BMC वार्डो की पूरी जानकारी।

    BMC में हर निर्वाचन वॉर्ड की औसतन आबादी करीब 55,000 होती है। विभाजन के समय इलाके की भौगोलिक स्थिति, सामाजिक संरचना और सुविधा के अनुसार सीमाएं तय की जाती हैं। राज्य में वार्डो को बढ़ाने और घटाने को लेकर कोर्ट मे केस चला। लेकिन चुनाव मे देरी के चलते फैसला कर दिया गया।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी BMC चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। आपको बता दें कि BMC भारत की सबसे बड़ी नगरपालिका है। BMC का काम शहर की साफ-सफाई, पानी, सड़क, कचरा प्रबंधन, लाइसेंस, अस्पताल, स्कूल और नागरिक सेवाओं का संचालन करना है। इसके लिए शहर को अलग-अलग हिस्सों में बाँटा गया है जिन्हें “वॉर्ड” कहा जाता है। Complete information of BMC wards along with constituencies and population of Brihanmumbai Municipal Corporation.

    BMC की शुरुआत कैसी रही ?

    BMC की स्थापना साल 1873 में हुई। शुरुआत में यह सिर्फ दक्षिण मुंबई तक ही सीमित थी। उस समय मुंबई एक छोटा-सा इलाका हुआ करता था और बहुत सीमित जनता इसके तहत आती थी। लेकिन जैसे-जैसे शहर का विस्तार हुआ, वैसे-वैसे BMC की सीमाएं भी बढ़ती गईं। 1950 के दशक में मुंबई के उपनगरों को भी BMC के अंतर्गत शामिल किया गया। पहले सायन से लेकर अंधेरी और फिर 1956 में दहिसर और मुलुंड जैसे उपनगर भी इसके दायरे में ले लिया गया।

    प्रशासनिक वार्ड का मतलब क्या है?

    पूरे मुंबई शहर को प्रशासनिक रूप से 24 वॉर्डों में बांटा गया है। इन्हें अंग्रेजी अक्षरों के नाम पर A से T के बीच सांकेतिक नाम दिए गए हैं। हर वॉर्ड में BMC का एक कार्यालय स्थापित किया गया है जिसे “वॉर्ड ऑफिस” कहा जाता है। हर एक वार्ड में एक सहायक आयुक्त की नियुक्ति की गई है। जिसके अधीन इलाके में पानी, सफाई, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य नागरिक सुविधाओं की जवाबदेही होती है। इन 24 वॉर्डों को 7 बड़े ज़ोन में बांटा गया है, जैसे दक्षिण मुंबई, मध्य मुंबई, पूर्व उपनगर, पश्चिम उपनगर आदि के रूप में बांटकर इनमें मनपा उपायुक्त की नियुक्ति की गई है। Complete information of BMC wards along with constituencies and population of Brihanmumbai Municipal Corporation.

    निर्वाचन वॉर्ड किसे कहते हैं?

    प्रशासनिक वॉर्ड को छोटे-छोटे हिस्सों में बाँटा गया है जिसे चुनावी भाषा में “निर्वाचन वॉर्ड” कहा जाता है। इनमें चुनावी मतदान के जरिए जनप्रतिनिधि चूने जाते हैं जो नगरसेवक के रुप में अपने सरकारी फंड का इस्तेमाल कर जनता के मुलभुत जरुरतों पर खर्च करते हैं और प्रशासनिक तौर पर अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं। शुरुआत में इनकी संख्या 170 हुआ करती थी। लेकिन 1991 की जनगणना के बाद बढ़ती आबादी को देखते हुए इनकी संख्या 221 कर दी गई। फिर 2002 में इसे बढ़ाकर 227 कर दी गई। यानि, मुंबई में 227 चुनावी निर्वाचन क्षेत्र हैं, जिनसे 227 नगरसेवक चुने जाते हैं।

    वॉर्डों की संख्या में सरकारी हस्तक्षेप

    साल 2022 में महाराष्ट्र की तत्कालीन महा विकास आघाड़ी सरकार ने BMC के वॉर्डों की संख्या बढ़ाकर 236 कर दी थी। इसके पीछे कारण था, बढ़ती आबादी को बेहतर प्रतिनिधित्व देना। इसलिए शहर, पूर्व उपनगर और पश्चिम उपनगर में तीन-तीन नए वॉर्ड जोड़े गए थे। लेकिन, वर्तमान महायुति सरकार ने यह फैसला पलट दिया और वॉर्डों की संख्या फिर से 227 कर दी।

    कोर्ट ने कर दिया फैसला

    इस मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। लेकिन कोर्ट ने वर्तमान सरकार के फैसले को सही ठहराया और 236 वॉर्ड का प्रस्ताव खारिज कर दिया। अब इस साल होने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव 227 निर्वाचन वॉर्ड के हिसाब से ही होने जा रहे हैं।

    जनसंख्या तय करती है वार्डों की संख्या

    हर दस साल में जनगणना के बाद वॉर्डों का फिर से विभाजन (Delimitation) किया जाता है। इसका मकसद होता है कि हर वॉर्ड में लगभग समान जनसंख्या हो। BMC में हर निर्वाचन वॉर्ड की औसतन आबादी करीब 55,000 होती है। डिलिमिटेशन के समय इलाके की भौगोलिक स्थिति, सामाजिक संरचना और सुविधा के अनुसार सीमाएं तय की जाती हैं। Complete information of BMC wards along with constituencies and population of Brihanmumbai Municipal Corporation.

    आरक्षण की व्यवस्था कैसी होती है?

    BMC के वॉर्ड में चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए सरकारी मापदंडों का भी पूरा खयाल किया जाता है। इसमें आरक्षण की भी व्यवस्था होती है। कुल सीटों में से 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाती हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी समुदायों के लिए भी आरक्षण तय किया जाता है। हर चुनाव से पहले यह आरक्षण घुमाव पद्धति से तय होता है।

    मुंबई के 24 प्रशासनिक वॉर्ड कौन-कौन से हैं?

    • मुंबई को 24 प्रशासनिक वॉर्डों में बाँटा गया है।
    • इनमें A वॉर्ड में कोलाबा और फोर्ट जैसे इलाके आते हैं।
    • B वॉर्ड में मांडवी और मस्जिद बंदर
    • C वॉर्ड में मरीन लाइन्स और चंदनवाडी
    • D वॉर्ड में गिरगांव और ग्रांट रोड
    • E वॉर्ड में भायखळा और नागपाडा शामिल हैं।
    • F वॉर्ड (उत्तर और दक्षिण) में माटुंगा, सायन, परेल और शिवड़ी जैसे इलाके आते हैं।
    • G वॉर्ड (उत्तर और दक्षिण) में दादर, वरळी, महिम, प्रभादेवी
    • H वॉर्ड में सांताक्रूज, खार,
    • K वॉर्ड में अंधेरी, वर्सोवा
    • L वॉर्ड में कुर्ला और चेंबूर,
    • M वॉर्ड में गोवंडी और टिळक नगर
    • N वॉर्ड में घाटकोपर
    • P वॉर्ड में (उत्तर और दक्षिण) मलाड, गोरेगांव
    • R वॉर्ड में (दक्षिण और मध्य) बोरिवली, कांदिवली
    • S वॉर्ड में भांडुप
    • T वॉर्ड में विक्रोली और आसपास के इलाके आते हैं।

    मुंबई एक विशाल महानगर है और इसे सुचारु रूप से चलाने के लिए BMC का वॉर्ड सिस्टम बेहद ज़रूरी है। हर वॉर्ड में एक निर्वाचित नगरसेवक होता है जो जनता की समस्याएं उठाता है और स्थानीय विकास कार्यों को सुनिश्चित करता है। समय के साथ जैसे शहर की आबादी और सीमाएं बढ़ीं, वैसे ही वॉर्डों की संख्या और संरचना में भी बदलाव आया। इसलिए एक जागरूक नागरिक के रूप में यह जानना ज़रूरी है, कि आपका वॉर्ड कौन-सा है? वहां के नगरसेवक कौन हैं? और कैसे वॉर्ड की सीमाएं तय की जाती हैं?

  • Mumbai: तीन बांग्लादेशी नागरिकों को तीन महीने की कैद, प्रति व्यक्ति 500 रुपये जुर्माने की सजा

    Mumbai: तीन बांग्लादेशी नागरिकों को तीन महीने की कैद, प्रति व्यक्ति 500 रुपये जुर्माने की सजा

    मुंबई स्थित फोर्ट के मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मलाड ईस्ट में अवैध रूप से रहने के आरोप में तीन बांग्लादेशी नागरिकों को दोषी करार देते हुए तीन महीने की कैद और प्रति व्यक्ति 500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने उन्हें भारत से निर्वासित करने का आदेश भी दिया है।

    मुंबई: फोर्ट के मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मलाड ईस्ट में अवैध रूप से रहने के आरोप में तीन बांग्लादेशी नागरिकों को दोषी करार देते हुए तीन महीने की कैद और प्रति आरोपी 500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने उन्हें भारत से निर्वासित करने का आदेश भी दिया है।

    कहां पकड़े गए थे?

    मिली जानकारी के मुताबिक, 9 जनवरी को मालाड़ पूर्व के कुरार पुलिस स्टेशन की हद में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर टाइम्स ऑफ इंडिया ब्रिज के नीचे से पुलिस की टीम ने एक बांग्लादेशी पुरुष को पकड़ा गया था। इसके बाद 7 मार्च को मलाड ईस्ट के कुरार गांव में स्थित ओमकार एसआरए बिल्डिंग के गेट के बाहर दो महिलाओं को पकड़ा गया।

    नहीं थे वैध दस्तावेज

    पुलिस जांच के मुताबिक, पकड़े गए बांगलादेशियों के पास भारत में रहने के कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। पूछताछ के दौरान वे दस्तावेज प्रस्तुत करने में असफल रहे। इसके चलते उन्हें अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया और अदालत में पेश किया गया।

    आरोपियों के नाम

    दोषियों की पहचान शुभम सरदार, मेहरुन सरदार और अल्पना सरदार के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार, ये सभी लोग मुंबई में छोटे-मोटे काम कर अपना जीवन यापन कर रहे थे।

    अबतक 33 गिरफ्तार

    कोर्ट के फैसले के अनुसार, तीनों आरोपियों को तीन महीने जेल में रहने के बाद भारत से बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा। मुंबई पुलिस का कहना है कि मुंबई पुलिस परिमंडल-12 अंतर्गत जनवरी 2025 से अब तक अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ 27 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 33 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष भी मुंबई में ऐसे हजारों मामले दर्ज किए गए थे, जो अवैध घुसपैठ और अवैध निवास से संबंधित थे।

  • बकरी पालन की आड़ में ड्रग्स की फैक्ट्री, 24 करोड़ रुपये का माल जब्त

    बकरी पालन की आड़ में ड्रग्स की फैक्ट्री, 24 करोड़ रुपये का माल जब्त

    मुंबई की RCF पुलिस ने एक गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बकरी के फार्म हाउस में MD ड्रग्स बना रहा था। पुलिस ने बताया कि गिरोह के लोग काफी चालाक थे इसलिए उन्होंने फार्म हाउस पर बकरी भी पाल रखी थी।

    मुंबई: चेंबूर की RCF पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिन लोगों ने बकरी पालन के फार्म हाउस को ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री में तब्दील किया हुआ था। इस गैंग ने फार्म हाउस के मालिक से बकरियां और मुर्गे पालने के नाम पर 2 कमरा किराए पर लिया। जिसके बदले गैंग के लोगों ने मालिक को एक लाख रुपये प्रति माह किराया भी दिया। यहीं पर MD ड्रग्स बनाने का पूरा सेटअप तैयार किया गया था। मुंबई पुलिस ने बताया कि यह गिरोह बेहद चालाक है। Drugs factory in the guise of goat rearing, goods worth Rs 24 crore seized

    2 महीने से पुलिस कर रही थी जांच

    मुंबई पुलिस के ईस्ट रीजन के एडिशनल कमिश्नर महेश पाटिल ने कहा कि यह मामला तब शुरू हुआ जब पुलिस ने इसी साल मार्च महीने में 45 ग्राम MD ड्रग्स जब्त कर एक शख्स को गिरफ्तार किया था। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने 4 और ड्रग्स पेडलर्स को मुंबई और नवी मुंबई से गिरफ्तार किया और उनके पास से 6. 689 किलो MD ड्रग्स बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में 13 करोड़ 37 लाख 60 हजार रुपये की कीमत बताई जा रही है।

    फार्म हाउस के बारे में कैसे पता चला ?

    महेश पाटिल ने बताया कि जब जांच आगे बढ़ी तो हमें पता चला कि आरोपी रायगढ़ जिले के कर्जत में एक फार्म हाउस भाड़े पर लेकर उसमें ड्रग्स की फैक्ट्री चला रहे हैं। इसके बाद DCP नवनाथ ढवले ने सीनियर इंस्पेक्टर महादेव कुम्भार, पुलिस इंस्पेक्टर समशेर तड़वी, सहायक पुलिस निरीक्षक मैत्रानंद खंदारे और पुलिस सबइंस्पेक्टर सुशांत सालवी के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई और कर्जत के किकवी इलाके में स्थित सावली फार्म हाउस में छापेमारी की। Drugs factory in the guise of goat rearing, goods worth Rs 24 crore seized

    दुर्गंध का कैसे किया उपाय?

    छापेमारी के लिए टीम जब फार्म हाउस पहुंची तो देखा कि वहां ड्रग्स फैक्ट्री का पूरा सेटअप तैयार किया गया था। उन्होंने बताया कि आरोपी इतने शातिर थे कि ड्रग्स से निकलने वाले दुर्गंध का पता आसपास के लोगों को न लगे इसका भी उन लोगों ने पूरा इतंजाम किया हुआ था। पाटिल ने आगे बताया कि आरोपियों ने फार्म हाउस को भाड़े पर बकरी पालन करने के नाम से लिया था और बकरी के शौच की दुर्गंध MD की फैक्ट्री से निकलने वाले केमिकल की बदबू से कुछ हद तक दब जाती है, जिससे लोगों को यह नहीं पता चल पाता कि यहां किसी केमिकल बनाने की फैक्ट्री चल रही है। Drugs factory in the guise of goat rearing, goods worth Rs 24 crore seized

    बन सकता था 150 किलो ड्रग्स

    एडिशनल कमिश्नर ने आगे बताया कि फैक्ट्री से एक शख्स को गिरफ्तार किया गया और छापेमारी के दौरान वहां से ड्रग्स बनाने के मैटेरियल के साथ-साथ 5.525 किलो MD ड्रग्स बरामद किया गया। पुलिस ने आगे बताया कि छापेमारी के दौरान जो रॉ मटेरियल मिला, उसकी कीमत तकरीबन एक करोड़ रुपये है। अगर उससे ड्रग्स बनाया जाता तो कम से कम 150 किलो MD ड्रग्स बन सकता था, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीबन 300 करोड़ रुपये हो सकता था। Drugs factory in the guise of goat rearing, goods worth Rs 24 crore seized

    पिछले 3 महिनों से चल रही थी फैक्ट्री

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पिछले 3 महीने से इस फार्म हाउस में ड्रग्स बना रहे थे। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे एक सप्ताह में 25 किलोग्राम ड्रग्स बना लेते थे। पुलिस मामले में जांच कर रही है, कि इतनी भारी मात्रा में ड्रग्स कहां-कहां गया होगा और इस गैंग में कितने लोग हो सकते हैं? इसके अलावा पुलिस इस ड्रग्स के माध्यम से कमाए गए पैसों का मनी ट्रेल भी खंगाल रही है।

    24 करोड़ रुपये का माल जब्त

    इस मामले में अब तक 24,47,10,000 रुपये मूल्य का एमडी (मेफेड्रोन) जिसका वजन 12.664 किलो और लगभग 1,00,00,000/- रुपये बहुमूल्य मादक पदार्थों के उत्पादन के लिए आवश्यक कच्चा माल और इलेक्ट्रॉनिक संयंत्र सामग्री जब्त की गई है। इसके साथ ही कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मादक पदार्थ बेचने वाले 5 आरोपी है और निर्माण गिरोह से 1 शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों के बारे में पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि वे सावली फार्म हाउस, किकवी, कर्जत और रायगढ़ में बकरी पालन का धंधा बताकर ड्रग्स बना रहे थे। Drugs factory in the guise of goat rearing, goods worth Rs 24 crore seized

  • अब इंतजार खत्म हुआ! महाराष्ट्र का ये खास सड़क आखिरकार यातायात के लिए खुल गया, 40 मिनट का सफर अब सिर्फ 15 मिनट में होगा पूरा।

    अब इंतजार खत्म हुआ! महाराष्ट्र का ये खास सड़क आखिरकार यातायात के लिए खुल गया, 40 मिनट का सफर अब सिर्फ 15 मिनट में होगा पूरा।

    महाराष्ट्र में एक महत्वपूर्ण घाट मार्ग आम यात्रियों के लिए खोल दिया गया है, जिससे यात्रियों की यात्रा अब तेज गति से हो पाएगी। कोंकण में एक महत्वपूर्ण घाट की सड़क पर एक सुरंग का रिपेयरिंग चल रहा था जो अब यातायात के लिए खोल दिया गया है। Now the wait is over! This special road of Maharashtra has finally opened for traffic, a 40-minute journey will now be completed in just 15 minutes.

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    पिछले कुछ सालों में पूरे महाराष्ट्र भर में विभिन्न सड़क को लेकर विकास परियोजनाएं पूरी हुई हैं। ठीक इसी तरह अब मुंबई से कोंकण जाने वाले यात्रियों के लिए भी खुशी की खबर है। अब कोंकण के एक महत्वपूर्ण सुरंग के चालू होने से लोगों के समय में बचत होगी। Now the wait is over! This special road of Maharashtra has finally opened for traffic, a 40-minute journey will now be completed in just 15 minutes.

    इसका मतलब यह है कि कोंकण में एक महत्वपूर्ण घाट मार्ग आखिरकार यातायात के लिए खोल दिया गया है। इससे यात्रियों की यात्रा में समय और पैसों की बचत होगी। इसके साथ ही मुंबई से कोंकण और कोंकण से मुंबई की यात्रा तेज गति से संभव हो सकेगी।

    मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई-गोवा राजमार्ग पर कशेड़ी घाट पर दूसरी सुरंग का काम पूरा हो गया है और इस सुरंग को यातायात के लिए खोल दिया गया है। Now the wait is over! This special road of Maharashtra has finally opened for traffic, a 40-minute journey will now be completed in just 15 minutes.

    15 मई 2025 को इस सुरंग में बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई और उसी दिन से यह दूसरी सुरंग आम यात्रियों के लिए खोल दी गई है। उम्मीद है कि इससे अब मुंबई से कोंकण और आगे गोवा तक यात्रा में तेजी आएगी।

    कशेड़ी का सुरंग

    आपको बता दें कि कशेड़ी घाट में सुरंग दो किलोमीटर लंबी है। साथ ही, इस सुरंग को जोड़ने वाली सड़कों सहित पूरा मार्ग लगभग नौ किलोमीटर लंबा है। दरअसल, कशेड़ी घाट की सुरंगों में आंतरिक रिसाव था।

    इसलिए पिछले कुछ दिनों से इन सुरंगों की मरम्मत का काम चल रहा था। इस कार्य को 15 मई 2025 तक, यानि मानसून सीजन शुरू होने से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। Now the wait is over! This special road of Maharashtra has finally opened for traffic, a 40-minute journey will now be completed in just 15 minutes.

    तदनुसार, यह कार्य 15 मई, 2025 से पहले पूरा कर लिया गया है और दोनों सुरंगें अब यातायात के लिए खोल दी गई है। अब ये दोनों सुरंगें पूरी क्षमता से यातायात के लिए खुल गई हैं, क्योंकि अब मुंबई की ओर जाने वाली सुरंग की तरह ही रत्नागिरी की ओर जाने वाली सुरंग में भी बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी गई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार इस सुरंग के दोनों ओर 200 स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी तथा इसके लिए आवश्यक मशीनरी भी उपलब्ध करा दी गई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें से अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं। Now the wait is over! This special road of Maharashtra has finally opened for traffic, a 40-minute journey will now be completed in just 15 minutes.

    इसलिए कहा जा रहा है कि आने वाले समय में मुंबई से कोंकण के साथ-साथ गोवा और गोवा से मुंबई का सफर भी तेज हो जाएगा। दावा किया जा रहा है कि चूंकि इन सुरंगों को पूरी क्षमता के साथ आम जनता के लिए खोल दिया गया है, इसलिए यात्रियों की 40 से 45 मिनट की यात्रा अब सिर्फ पंद्रह से बीस मिनट में पूरी हो जाएगी।

  • हैदराबाद और मुंबई के 13 स्थानों पर ईडी की रेड, सरकारी अधिकारियों की अब खैर नहीं

    हैदराबाद और मुंबई के 13 स्थानों पर ईडी की रेड, सरकारी अधिकारियों की अब खैर नहीं

    Hyderabad Mumbai ED Raid: ईडी ने हैदराबाद मुंबई और के 13 ठिकानों पर छापामारी करते हुए अबतक 32 करोड़ रुपए से अधिक के बेहिसाब संपत्ति जब्त की है। वसई विरार शहर महानगरपालिका के डिप्टी डायरेक्टर वाई.एस. रेड्डी के कई ठिकानों पर रेड हुई है।

    मुंबई/हैदराबाद: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को वसई विरार शहर महानगर पालिका से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के घरों में रेड कर करोड़ों रुपये के अचल संपत्तियों का खुलासा किया है। डिपार्टमेंट ने कथित अवैध भूमि विकास और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की चल रही जांच के तहत मुंबई और हैदराबाद के 13 ठिकानों पर छापेमारी के बाद 32 करोड़ रुपए से अधिक की बेहिसाब संपत्ति जब्त की है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत 14 और 15 मई को की गई छापेमारी में 9.04 करोड़ रुपए नकद और लगभग 23.25 करोड़ रुपए मूल्य के हीरे जड़ित आभूषण और सोना बरामद किया गया है। कालाबाजारी के खिलाफ काफी सारे ऐसे दस्तावेज अधिकारियों के हाथ लगे हैं जिससे इनके अपराधों को साबित करना अधिकारियों के लिए आसान बन गया है।

    डिप्टी डायरेक्टर के घर छापा

    जब्त की गई संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा 8.6 करोड़ रुपये नकद और 23.25 करोड़ रुपए मूल्य के आभूषण और सोना वसई विरार शहर महानगर पालिका (vvcmc) के नगर नियोजन डिप्टी डायरेक्टर वाई.एस. रेड्डी के मुंबई और हैदराबाद स्थित आवासों से बरामद किया गया है। जांचकर्ताओं ने ऐसे डॉक्यूमेंट्स भी बरामद किए हैं जिनसे वसई विरार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण घोटाले का खुलासा हो सकता है, जिसे कथित तौर पर वीवीएमसी अधिकारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया था।

    मिठाई, मावा, पनीर व दूध में मिलावट है या नहीं, 2 मिनट में करें पहचान, अपनाए ये तरीके

    सरकारी मंजूरी का गैरफायदा

    यह मामला वसई विरार शहर महानगरपालिका के अधिकार क्षेत्र में सरकारी और निजी जमीन पर 2009 से रेसिडेंशियल और कमर्शियल गालों के अवैध निर्माण से संबंधित है। ईडी के अनुसार, महानगर पालिका ने विकास योजना के तहत एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और एक डंपिंग ग्राउंड को मंजूरी दी थी। समय के साथ, यहां 41 अवैध इमारतें बन गईं। ईडी का कहना है कि इमारतों का निर्माण इस बात को ध्यान में रखते हुए किया गया था कि उन्हें आखिर में विकास कार्य के लिए ध्वस्त कर दिया जाएगा। बिल्डरों ने आम जनता को गुमराह किया और धोखाधड़ी करते हुए करोड़ों अरबों रुपये का हेराफेरी कर डाली।

    सभी इमारतें हुई ध्वस्त

    ईडी की जांच में नगरपालिका के दो अधिकारियों सीताराम गुप्ता और अरुण गुप्ता के अलावा अन्य लोगों का नाम भी शामिल है। उनका आरोप है कि इमारतों का निर्माण भ्रष्ट महानगर पालिका के अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ था, जिन्होंने अवैध निर्माण के लिए मंजूरी दी थी। केंद्र सरकार के अधिकारियों ने महानगर पालिका के टाउन प्लानिंग के उप निदेशक वाई एस रेड्डी के प्रॉपर्टी को भी जब्त कर लिया है और हीरे के आभूषण और बुलियन के साथ 8.6 करोड़ रुपए जब्त किया। पिछले साल 8 जुलाई को बॉम्बे हाईकोर्ट ने 41 अवैध इमारतों को गिराने का आदेश दिया था। जब निवासियों ने रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तो शीर्ष अदालत ने इनकार कर दिया और 20 फरवरी को सभी इमारतों को गिरा दिया गया।

  • मुंबई में ड्रोन उड़ाने को लेकर 23 साल का अंकित गिरफ्तार

    मुंबई में ड्रोन उड़ाने को लेकर 23 साल का अंकित गिरफ्तार

    भारत पाकिस्तान के बीच तनाव के दरम्यान जहां देश भर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, वहीं मुंबई के पवई इलाके में अचानक ड्रोन दिखा तो लोग घबरा गए।

    मुंबई: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के चलते सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन और पटाखों पर बैन लगा दिया गया है। लेकिन पवई इलाके के साकी विहार रोड पर एक ड्रोन उड़ते हुए देखा गया। लोगों ने जब देखा तो घबरा गए। तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। बता दें कि पाकिस्तान ने भारत के कई हिस्सों पर ड्रोन से हमले किए हैं।

    बता दें कि स्थानीय लोगों ने आसमान में उड़ते ड्रोन को देखा तो अपनी सुरक्षा को लेकर घबरा गए। तुरंत इसकी सूचना मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को दी। मौके पर पुलिस पहुंची और जांच शुरू की।

    आरोपी युवक की पहचान

    वहीं जांच के बाद पुलिस ने पाया कि यह ड्रोन 23 साल के अंकित ठाकुर का है। हैदराबाद का रहने वाला अंकित ने पुलिस को बताया कि यह ड्रोन एक साल पहले खरीदा था और वह इसे रिपेयर करवा कर टेस्टिंग के लिए उड़ा रहा था। लेकिन ड्रोन अचानक बहुत ऊंचाई पर उड़ गया, जिसके कारण आसपास के लोगों को संदिग्ध लगा और उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

    अपराध दर्ज

    पवई पुलिस ने इस मामले की जांच की और अंकित ठाकुर के खिलाफ बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाने को लेकर केस दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, मुंबई पुलिस ने 4 अप्रैल को एक महीने के लिए ड्रोन, माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट, हॉट एयर बैलून और पैराग्लाइडिंग जैसी चीजों पर रोक लगा दी थी। इसी कारण बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना गैरकानूनी है।

    सुरक्षा कड़े उपाय

    भारत-पाकिस्तान के बढ़ते तनाव के बीच मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था को और भी कड़ा कर दिया गया है। सुरक्षा कारणों से, ड्रोन उड़ाने और पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह से पाबंदी है। बिना परमिशन के ड्रोन उड़ाना गंभीर अपराध माना जाता है और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है।

    ड्रोन का लाइसेंस

    अंकित के पास जो ड्रोन था, उसका लाइसेंस भी नहीं था। सुरक्षा नियमों के अनुसार, ड्रोन उड़ाने के लिए संबंधित अधिकारियों से परमिशन लेनी होती है और नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त सजा का प्रावधान है। इस घटना से यह भी साफ हुआ कि सुरक्षा के मद्देनजर सभी नागरिकों को नियमों का पालन करना आवश्यक है और बिना अनुमति इस तरह की कोई भी गतिविधि गंभीर अपराध हो सकता है।

  • Mumbai: बोरीवली में बुलडोजर ऐक्शन, BMC ने तोड़ा अवैध शादी का हॉल

    Mumbai: बोरीवली में बुलडोजर ऐक्शन, BMC ने तोड़ा अवैध शादी का हॉल

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    बोरीवली पश्चिम के एक्सर गांव में मैंग्रोव की झाडियों को नष्ट करके बनाए गए अवैध शादी हॉल (wedding hall) पर BMC ने कार्रवाई करते हुए पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। क्षेत्र के आरटीआइ कार्यकर्ता, समाजसेवक और शिकायतकर्ताओं ने इस कार्रवाई का स्वागत किया। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

    मुंबई: बोरीवली (पश्चिम) से एक बड़ी खबर सामने आई है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के आर-मध्य और आर-दक्षिण विभाग ने बोरीवली पश्चिम के एक्सर गांव में बड़ी कार्रवाई की है। मनपा ने सीआरजेड क्षेत्र में बने अवैध वेडिंग बैंक्वेट हॉल को तोड़ दिया है। ये हॉल, मैंग्रोव (mangrove) की झाडियों को नुकसान पहुंचाकर बनाया गया था। इस तोड़क कार्यवाही के बाद क्षेत्र के समाजसेवक एवं आरटीआइ कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक कार्यवाही का स्वागत किया है। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

    पिछले दो सालों से क्या हो रहा था ?

    आप को बता दें कि पिछले दो सालों से इन अवैध निर्माणों को हटाने की मांग हो रही थी। मनपा द्वारा नोटिस जारी करने के बाद इस अवैध निर्माण के मालिकों ने कोर्ट से स्टे ले लिया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान स्टे हटते ही नए ज़ोनल डीएमसी संजय कुरहाडे के निगरानी में अवैध बैंक्वेट हॉल पर बुलडोजर चला कर ध्वस्त कर दिया गया। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

    मैंग्रोवस पर कानूनी सुरक्षा

    एक वन अधिकारी ने बताया कि एक्सर गांव के मैंग्रोव ‘नोटिफाइड’ नहीं हैं। इसका मतलब है कि उन्हें कानूनी सुरक्षा नहीं मिली हुई थी। इसलिए उन्हें अवैध निर्माणकर्ताओं द्वारा आसानी से नष्ट कर दिया गया और उन पर कब्जा कर लिया गया। तोड़फोड़ के समय पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मौजूद थी। वहीं समाजसेवकों और आरटीआइ कार्यकर्ताओं ने नए ज़ोनल डीएमसी संजय कुरहाडे को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने राजनेताओं के समर्थन वाली विरोधी लॉबी के दबाव के बावजूद तोड़क कार्यवाही सुनिश्चित की और कानून व्यवस्था को बरकरार रखा। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

  • पाकिस्तानी हमले के बाद मुंबई में ड्रोन का खतरा, सहार एयरपोर्ट से मिली सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    पाकिस्तानी हमले के बाद मुंबई में ड्रोन का खतरा, सहार एयरपोर्ट से मिली सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    मुंबई के साकीनाका में एयरपोर्ट के पास एक अज्ञात ड्रोन दिखा। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। ड्रोन की तलाश जारी, हालांकि अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए समुद्र किनारे गश्त बढ़ा दी गई है। मछुआरों को भी अलर्ट कर दिया गया है।

    मुंबई: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चल रहा है। दोनों देशों के बीच बमबारी और ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं। इसी बीच मुंबई के अंधेरी में एक अज्ञात ड्रोन दिखने से लोगों में हडकंप मच गया है। अज्ञात ड्रोन साकीनाका स्थित मुंबई एयरपोर्ट के आस-पास मंडरा रहा था। जिसकी सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। मुंबई पुलिस ड्रोन को ढूंढ रही है। सहार एयरपोर्ट ने मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को इस बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने इलाके में तलाशी शुरू कर दी। लेकिन पुलिस को अभी तक कोई भी शक वाली चीज नहीं मिली है।

    मुंबई के साकीनाका पुलिस स्टेशन के पास हजरत जय्यब जलाल (गैबन शाह दर्गा) मस्जिद है। वहां एक प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड ने ड्रोन देखने की जानकारी दी। उसने बताया कि ड्रोन कुछ देर बाद पास की झुग्गी बस्ती में चला गया।

    पुलिस ने चलाया सर्च अभियान

    सहार एयरपोर्ट ने शुक्रवार सुबह 5 बजे मुंबई पुलिस के मेन कंट्रोल रूम को यह खबर दी। इसके बाद साकीनाका पुलिस को तुरंत अलर्ट कर दिया गया। पुलिस ने फोन करने वाले से बात की और उसे ड्रोन की फोटो या वीडियो लेने को कहा। साथ ही, पुलिस ने इलाके में ड्रोन को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया। ड्रोन खासकर झुग्गी बस्ती वाले इलाके में दिखा था। पुलिस को ड्रोन के बारे में तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। दो पुलिस सब-इंस्पेक्टर अपनी टीम के साथ इलाके में छानबीन कर रहे हैं।

    पुलिस को कुछ नही मिला

    साकीनाका के कुछ लोगों ने पुलिस को ड्रोन जैसी चीज दिखने की खबर दी। लेकिन पुलिस ने जब तलाशी ली तो वहां कुछ नहीं मिला। साकीनाका इलाका एयरपोर्ट के पास है। इसलिए इसे बहुत ही संवेदनशील माना जाता है। यहां हमेशा पुलिस और सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) के जवान तैनात रहते हैं। उन्होंने भी ड्रोन दिखने की बात को नकार दिया। फिर भी मुंबई पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नही देने की अपील की है।

    समुद्र किनारे बढ़ाई गई गश्त

    मुंबई के समुद्र किनारे के इलाकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मुंबई पुलिस और इंडियन कोस्ट गार्ड मिलकर समुद्र किनारे, बंदरगाहों, गोदी और समुद्र रास्तों पर गश्त कर रहे हैं। संवेदनशील इलाकों में CCTV कैमरे और ड्रोन से नजर रखी जा रही है। गश्त भी बढ़ा दी गई है। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए मुंबई पुलिस ने ‘सागर कवच’ नाम से एक बड़ा तटरक्षक अभियान शुरू किया है।

    मछुआरों को दी गई चेतावनी

    ‘सागर कवच’ अभियान के तहत समुद्र में गश्त बढ़ा दी गई है। मछुआरों को सतर्क रहने और नावों की गतिविधियों पर ध्यान रखने को कहा गया है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी समुद्र के रास्ते शहर में न घुस पाए। इसलिए मछुआरों की नावों के आने-जाने के रास्तों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। ये सभी उपाय सुरक्षा को ध्यान में रखकर किए जा रहे हैं।

    समुद्र का रास्ते पर खतरा

    आपको याद होगा कि 26/11 के हमले में आतंकी समुद्र के रास्ते ही मुंबई में आए थे। इसलिए लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि के बारे में तुरंत पुलिस या सुरक्षा एजेंसी को बताने की अपील की गई है। पुलिस का कहना है कि किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें।