मुंबई में गोरेगांव फिल्म सिटी के पास दीवार ढहने से इसकी चपेट में तीन लोग दब गए, दो की मौत एक की हालत गंभीर। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी।
इस्माईल शेख मुंबई- गोरेगांव पूर्व के फिल्म सिटी (Mumbai Film City) के पास अचानक एक दीवार गिर गई। इसकी चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है। घटना के बाद आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। बचाव अभियान जारी।
जानकारी के मुताबिक, घटना मुंबई के उपनगरीय गोरेगांव में फिल्म सिटी (Mumbai Goregaon Film City) के पास हुई है। दीवार गिरने की यह घटना शनिवार की शाम करीब 6.30 बजे की है। यहां आरे कॉलोनी रोड पर फिल्म सिटी के गेट नंबर 2 के पास दीवार गिरी। फायर ब्रिगेड अधिकारी ने बताया, कि दीवार लगभग 60 फीट लंबी और 20 फीट ऊंची थी। जिसके अचानक गिरने से मौके पर दो लोगों की दीवार के नीचे दबकर मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया है।
Mumbai: फिल्म सिटी के पास दीवार गिरी..
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस दौरान आसपास अफरा-तफरी मच गई। गोरेगांव में प्राइम फॉक्स प्रोडक्शन के पीछे फिल्म सिटी गेट नंबर 2 के पास ये दीवार गिरी। लोगों ने देखा तो तुरंत दौड़े साथ ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम को इसकी सूचना दी। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों ने रेस्क्यू शुरू कर दिया। फायर ब्रिगेड की टीम जब तक पहुंची, तब तक उन लोगों को मलबे से निकाल लिया गया था।
घटना के बाद रेस्क्यू करते फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की तस्वीर
जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल पर एंबुलेंस भी आ गई। इस दौरान घायलों में से दो को 108 एंबुलेंस के साथ आए डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। उनकी पहचान 32 वर्षीय सिंटू मंडल और 45 वर्षीय जयदेव प्रहलाद विश्वास के रूप में हुई है। वहीं घटना में घायल एक व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इसी के साथ पर्क्युसिव रेस्क्यू टूल (पीआरटी) किट की मदद से अब यह पता लगाया जा रहा है, कि कहीं मलबे में कोई और व्यक्ति तो नहीं फंसा है।
डीओ. अभय जगताप पर कब पड़ेगी एंटी करप्शन की पैनी नजर ?
कब चलेगा मनपा का बुलडोजर?
ऐसा कोई सगा नहीं जिसको मनपा के डीओ. अभय जगताप ने ठगा नहीं..
सुरेन्द्र राय मुंबई- कंदिवली मनपा आर/दक्षिण विभाग को सर्वाधिक भ्रष्टाचार वार्ड होने का तमगा दिया जाय तो अतिशयोक्ति न होगी। इस वार्ड के सभी आला अधिकारी भ्रष्टाचार के पंक में पूरी तरह डूबे हुए हैं। इन्हे किसी भी तरह का डर नही। चाहे जितनी भी खबर अखबार के माध्यम से प्रकाशित होती रहे। इनकी कानों में जूं तक नहीं रेगति। ऐसा कोई सगा नहीं जिसको डी.ओ. अभय जगताप ने ठगा नहीं की कहावत को चरितार्थ करते हुए खुद ही अवैध बांधकाम कराते है। तोड़ने की नोटिस भेजते हैं और फिर नोटिस के संदर्भ में स्पीकिंग ऑर्डर देकर गैरकानूनी निर्माण कर्ता से लाखों रुपये की रिश्वत लेकर उसे स्टे ऑर्डर लेने की सलाह देते हैं और कोर्ट में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) विधि विभाग के अधिकारी वकील मौन साध लेता है। कोर्ट में स्टे के खिलाफ नही बोलता है। जिससे तुरंत ही गैरकानूनी बांधकाम करने वाले को कोर्ट से स्टे मिल जाता है।
ऐसा कोई सगा नहीं जिसको मनपा के डीओ. अभय जगताप ने ठगा नहीं
ताज़ा मामला कांदिवली (पश्चिम) महाराष्ट्र नगर, एमजी रोड़ से लगकर शर्मा कंपाउंड का है। जहां गैरकानूनी ढंग से रिक्त भूखंड (open plot) पर दो व्यवसायिक गाले और चार मकान (room) का निर्माण बना लिया जिसके एवज में कथित रूप से लाखों की रिश्वत दी गयी। जबकि परिमंडल-7 की उपायुक्ता भाग्यश्री कापसे, सहाय्यक आयुक्त ललित तलेकर, डी.ओ.अभय जगताप ने आपस में रिश्वत के पैसे बांट लिए। दिखाने के लिए 354(A) की नोटिस भेज दी गई। फिर गैरकानूनी निर्माण करने वाले को बुलाकर कोर्ट से स्टे लेने को कहा।
शिकायत कर्ताओं की माने तो…बात बढे नही, भ्रष्टाचार का खुलासा न हो, इसके लिए सहाय्यक अभियंता को जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया। बता दें, कि मनपा अधिनियम 1888 के तहत 354(A) कि नोटिस देने के 24 घंटे के भीतर अवैध बांधकाम पर तोड़क कार्यवाही जरूरी है। लेकिन गैरकानूनी ढंग से रिक्त भूखंड (open plot) पर दो व्यवसायिक गाले और चार मकान (Room) का निर्माण कराने वाले अवैध निर्माण कर्ता को तुरंत कोर्ट से स्टे लेने की मौखिक सलाह दी, ताकि तोड़क करवाई न करनी पड़े। सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे यानी तोड़क कार्यवाही न होने से गैरकानूनी निर्माण बच जाए।
मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल, संयुक्त मनपा आयुक्त (विजलेंस), एंटी करप्शन ब्यूरो (मुंबई), से हमारी मांग है, कि आर/दक्षिण, वार्ड के सभी बड़े अधिकारियों के भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच पारदर्शी तरीके से कराकर आरोप तय कर दंडात्मक करवाई कराए अन्यथा आपकी शाख पर भी बट्टा लगेगा।
भ्रष्ट प्रभारी डिओ अभय जगताप द्वारा शासन प्रशासन को हमेशा गुमराह करने का प्रयास। 5 लाख रुपये लेनदेन की चर्चा, एंटी करप्शन विभाग।
सुरेन्द्र राय मुंबई– बृहन्मुंबई महानगरपालिका, आर/ दक्षिण (BMC R/South) विभाग के डिओ (D.O) अभय जगताप और अवैध निर्माण (Illegal construction) के ठेकेदार (Contractor) चंचल यादव के बीच चोली दामन का याराना लगता है। भ्रष्टाचार के तहत विडंबना यह है, कि प्रभारी सहायक आयुक्त ललित तलेकर भी अभय जगताप के भ्रष्ट रवैये पर अपनी चुप्पी साध ली है। जबकि महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री बन चुके एकनाथ शिंदे ने हमेशा ही भ्रष्टाचारियों (Corruption) पर लगाम लगाने की बातें कहीं है। मगर भ्रष्टाचार है कि मनपा (BMC) को कुतर-कुतर कर खाता जा रहा है। आर/दक्षिण विभाग के डिओ अभय जगताप के कारनामे जग जाहिर हो चुके हैं। उक्त डिओ अभय जगताप मनपा और राज्य सरकार द्वारा बनाए गए कानून की धज्जियां उड़ाकर दौलत कमा रहे हैं। (भ्रष्टाचार)
मनपा आर/दक्षिण विभाग के अंतर्गत इमारत व कारखाना विभाग में कार्यरत पद निर्देशित अधिकारी व कार्यकारी अभियंता (प्रभारी डिओ) अभय जगताप और अवैध बांधकाम के ठेकेदार चंचल यादव की साठगांठ से धड़ल्ले के साथ अवैध निर्माण का मामला प्रकाश में आया है। बताया जाता है, कि कांदिवली (पूर्व), वडारपाड़ा रोड नंबर 2, लोकमान्य चाल, सागर मेडिकल के सामने G+2 (तीन मंजिला) के व्यवसायिक (Commercial) गाले के अति धोखा दायक अवैध निर्माण को जिस ठेकेदार चंचल यादव द्वारा अवैध रूप से किया गया।
उस अवैध निर्माण को मनपा आर/दक्षिण के प्रभारी डिओ अभय जगताप का संरक्षण प्राप्त है। जिसमें 5 लाख रुपए के लेनदेन (आर्थिक व्यवहार) की चर्चा है। जो उक्त अवैध बांधकाम की तमाम शिकायतों के बावजूद न तोड़ा जाना प्रमाणित करता है, कि उक्त अवैध निर्माण को भ्रष्ट (Corrupt) डिओ (प्रभारी) अभय जगताप का वरदहस्त प्राप्त है। अब ऐसे में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने का दम भरने वाली एंटी करप्शन (Anti Corruption) विभाग भी कुंभकरण की नींद में सो रहा है ऐसा स्थानीय समाज सेवकों का मानना है। (भ्रष्टाचार)
कांदिवली पूर्व अवैध निर्माण की तस्वीर
अब देखना यह है, कि आर/दक्षिण विभाग के प्रभारी सहायक आयुक्त ललित तलेकर कौन सी कार्रवाई करेंगे। याद हो, कि उक्त भ्रष्ट प्रभारी डिओ अभय जगताप द्वारा शासन प्रशासन को हमेशा गुमराह करने का प्रयास करने की चर्चा है। देखना है, कि आर/दक्षिण विभाग के प्रभारी सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) कौन सी दंडात्मक कार्रवाई करते हैं। (भ्रष्टाचार)
मुंबई के बोरीवली पश्चिम स्थित प्राचीन मंडपेश्वर गुफा के विकास एवं रखरखाव संबंधित उपाय योजना पर सांसद गोपाल शेट्टी ने पुरातत्व विभाग महानिदेशक यदुबीर सिंह रावत से की चर्चा।
इस्माईल शेख मुंबई– संसद सत्र के दौरान पुरातत्व विभाग महानिदेशक यदुबीर सिंह रावत से उत्तर मुंबई के भाजपा सांसद गोपाल शेट्टी ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बोरीवली पश्चिम स्थित प्राचीन मंडपेश्वर गुफा के विकास कार्य संबंधित निवेदन पत्र दिया। साथ ही इस प्राचीन ऐतिहासिक गुफा के रखरखाव पर ठोस चर्चा की।
सांसद गोपाल शेट्टी ने जानकारी देते हुए बताया, कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक यदूबीर सिंह रावत को उन्होंने वर्तमान चल रहे मंडपेश्वर गुफा के विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही इस कार्य में आ रही अड़चनों के निराकरण की भी चर्चा की। उन्होंने कहा, कि प्राचीन मंडपेश्वर गुफा में पीने के पानी और शौचालय की समस्या है। इसकी सुविधा और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चर्चा हुई है।
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प्राचीन मंडपेश्वर गुफा का सौंदर्यकरण ..
सांसद गोपाल शेट्टी के साथ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक यदूबीर सिंह रावत की तस्वीर ..
सांसद गोपाल शेट्टी ने बताया, कि प्राचीन मंडपेश्वर गुफा के रखरखाव और देखभाल संबंधीत उपाय योजना पर भी हमें काम करने की जरूरत है। जिसके लिए हमनें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग महानिदेशक रावत जी से चर्चा की है। साथ ही उन्हें वर्तमान गुफा के सौंदर्यकरण के चल रहे कार्य की जानकारी देते हुए, इस कार्य को तीव्र गति से पूर्ण करने की विनती की गई है। गोपाल शेट्टी ने बताया, कि “महानिदेशक श्री यदूबीर सिंह रावत ने इस मुलाकात के दौरान सकारात्मक एवं प्रतिभाव उत्तर दिए हैं।”
मुंबई की ट्रैफिक पुलिस की इन दिनों चांदी ही चांदी नजर आ रही है। यहां भ्रष्टाचार की सारी हदें पार करते हुए यातायात पुलिस दिखाई पड़ रही हैं।
वी बी माणिक मुंबई- आजकल मुंबई शहर की वाहतूक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पूरे मुंबई की यातायात पूरी तरह जाम जैसी स्थिति बन गयी है। इसका कारण है ट्रैफिक का कोई नियम कानून है ही नही। इसका करण भी है। पुलिस विभाग पूरी तरह लापरवाह हो गयी है। नो पार्किंग में भी अवैध पार्किंग चलाई जा रही है। जिस पर कोई शिकायत करता है तो पुलिस उससे उल्टा प्रश्न करती है, कि तुमको क्या परेशानी है? इसके बाद नो इंट्री में भी शुल्क लेकर गाड़िया चलाई जाती है। (Mumbai Traffic police Corruption News)
मुंबई ट्रेफिक पुलिस महाराष्ट्र (Maharashtra) के भाजपा एकनाथ शिंदे गठबंधन की सरकार (Government) में भ्रष्टाचार (Corruption) की चरम सीमा पर पहुँच गए हैं। क्या लोगों को कानून व्यवस्था (Law and order) से महरूम कराना एक सरकारी कर्मचारी (Public Servant) को शोभा देता है। वो भी किस लिए? काली कमाई (Black money) के लिए। जिसपर नजर पड़ी तो आप अंदर भी हो जाओगे। इसके बाद अगर कोई गाड़ी वाला भूल से साइड पार्किंग (Parking) करके खड़ा रहता है, तो उससे लंबे चौड़े डिमांड किये जाते है। अगर गाड़ी मालिक या चालक पैसे देने से मना करता है, तो उसके साथ बदतमीजी भी अच्छे पैमाने पर की जाती है। फिर उसपर फर्जी केस बनाया जाता है। उसका लाइसेंस गाड़ी का पेपर लेकर उसको ट्रैफिक चौकी में बुलाकर उसकी अच्छी खात्री की जाती है। ये कौन सा नियम है? कौन सा कानून है? इस विषय पर अधिकारी कब ध्यान देंगे? कब ऐसे पुलिस वालों पर कार्रवाई करेंगे? (Mumbai Traffic police Corruption News) अजब तेरा जलवा, गजब तेरी छाया। पुलिस वालों की जेब मे माया ही माया। ये कब सुधरेंगे ये तो सरकार ही बताएगी। (Mumbai Traffic police Corruption News)
इस्माईल शेख मुंबई- Mumbai Tunnal: देश की आर्थिक राजधानी के साथ-साथ सभी को बराबरी का दर्जा दिलाने वाली मुंबई अब और भी बदल रही है। मुंबई की घनी बढ़ती आबादी के कारण शहर और उसके उपनगरों की परिवहन व्यवस्था में भी काफी परिवर्तन हो रहे हैं। परिणामस्वरूप, यात्रियों के लिए उपनगरों में पूर्व और पश्चिम के बीच यात्रा करना कठिन हो गया। समाधान के तौर पर मुंबई को सात सुरंगों के जरिए पूर्व-पश्चिम से जोड़ा जा रहा है और मेट्रो का जाल भी बिछाया जा रहा है। मुंबई को कभी फ्लाईओवरों का शहर कहा जाता था। अब इसे सुरंगों के शहर के नाम से जाना जाएगा।
मुंबई बनने जा रहा है अब सुरंगों का शहर
मुंबई महानगरीय क्षेत्र में प्रस्तावित ‘मरीन ड्राइव टू बांद्रा-वर्ली सी-लिंक’ तटीय सड़क (Coastal Road) मुंबई में यातायात की भीड़ को कम करने के लिए महत्वपूर्ण होगी। इसके साथ ही महत्वाकांक्षी परियोजना ‘शिवाडी-न्हावा शेवा ट्रांस हार्बर लिंक’ भी जोर-शोर से चल रही है। यह लिंक रोड मुंबई को रायगढ़ जिले से सीधे जोड़ता है।
कोलाबा से सिप्ज़ मेट्रो 3, जिस पर एमएमआरसीएल (MMRCL) द्वारा काम किया जा रहा है, पूरी तरह से भूमिगत है। इस रूट पर 26 स्टेशन भूमिगत और एक स्टेशन जमीन के ऊपर है। एमआरडीए द्वारा निर्माणाधीन लगभग 3.4 किमी लंबे मुंबई मेट्रो रूट 7ए परियोजना के मार्ग के तहत 2.49 किमी लंबी डबल सुरंग के लिए टी62 टनल बोरिंग मशीन की मदद से प्रारंभिक सुरंग निर्माण कार्य 1 सितंबर, 2023 से शुरू हो गया है।
गिरगांव से ब्रीच कैंडी पार्क भारत के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी टनल बोरिंग मशीन का प्रयोग कुल लंबाई 10.58 किमी अनुमानित लागत 12,721 करोड़ रुपये
बीकेसी से शिलफाटा भारत की पहली समुद्री सुरंग. जिसमें खाड़ी के नीचे 7 किमी लंबी सुरंग भी शामिल है कुल लंबाई 21 किमी अनुमानित लागत 6,400 करोड़
ऑरेंज गेट से मरीन ड्राइव तक तटीय सड़क को सुरंग से जोड़ा जाएगा. दक्षिण मुंबई में ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलेगा। कुल लंबाई 3.5 किमी अनुमानित लागत 6,327 करोड़
तुर्भे से जुईनगर होते हुए खारघर सायन-पनवेल राजमार्ग पर यातायात की भीड़ कम हो जाएगी। कुल लंबाई 2.4 किमी अनुमानित लागत 2,195 करोड़
ऐरोली से कटाई नाका केवल नवी मुंबई-डोंबिवली यात्रा 15 मिनट में. 12.30 किमी एलिवेटेड रूट कुल लंबाई 1.69 किमी अनुमानित लागत 1,441 करोड़
टिकुजिनी वाडी से मगाथाने ठाणे से बोरीवली की दूरी 15 मिनट में पहुंचा जा सकता है। कुल लंबाई 11.84 किमी अनुमानित लागत 14,000 करोड़ रुपये
फिल्म सिटी से मुलुंड खिंडीपाड़ा एक से डेढ़ घंटे का सफर यह 15 मिनट में पूरा हो जाएगा। लंबाई 12.20 किमी खर्च 8,137 करोड़
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शहर की परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण करना, निवासियों का पुनर्वास करना महंगा हो गया है। संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान मुंबई में पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी के लिए एक बड़ी बाधा है। इसके लिए आवश्यक पर्यावरण विभाग के परमिट कानून की कसौटी पर समस्याग्रस्त साबित होता है। ऐसी कठिनाइयों को दूर करने के लिए भूमिगत सुरंगों के माध्यम से परिवहन प्रणाली का निर्माण एक सस्ता विकल्प है।
मुंबई मे मिला 13 करोड़ रुपए के कोकीन से भरा बैग। कस्टम विभाग ने एक विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। बता दें कि कोकीन को एक बैग में बड़े ही शातिर तरीके से छिपाकर लाया जा रहा था।
इस्माईल शेख मुंबई- छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने 1.3 किलो कोकीन जब्त की है। इस कोकीन की अनुमानित कीमत 12.98 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। इस सिलसिले में कस्टम विभाग ने एक विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। बता दें कि कोकीन को एक बैग में छिपाकर लाया जा रहा था। गौरतलब है, कि मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने इसी साल जनवरी में भी 28 करोड़ रुपए की कोकीन जब्त की थी।
Indian fasttrack newsमुंबई एयरपोर्ट की ताजा तस्वीर
13 करोड़ रुपए के कोकीन..
उस दौरान भी आरोपी एक बैग में छिपाकर कोकीन की तस्करी कर रहे थे। वह कोकीन अदीस अबाबा से भारत लाई गई थी। उस वक्त कस्टम विभाग ने एक भारतीय यात्री को गिरफ्तार किया था। आरोपी व्यक्ति नैनीताल का निवासी था और उसे किसी महिला ने सोशल मीडिया के जरिए कोकीन भारत लाने के लिए तैयार किया था।
वहीं ताजा खबरों के मुताबिक, दिल्ली एयरपोर्ट पर महिला यात्री के पास से 18 जिंदा कारतूस मिले हैं। इसके बाद से ही हड़कंप मचा हुआ है। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उस वक्त अचानक हड़कंप मच गया, जब एक महिला से कस्टम विभाग ने कारतूस बरामद किया गया। महिला से 18 जिंदा पर 4 इस्तेमाल किए गए कारतूस बरामद किए गए हैं। महिला का कहना है कि हथियार का लाइसेंस है और वह दिल्ली से मुंबई जा रही है। वहीं पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुंबई के मालाड पश्चिम मालवणी पुलिस ने नकली नोटों के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पैसों की लेनदेन करने वालों के लिए यह खास खबर है।
FAKE CURRENCY NOTES IN MUMBAI
इस्माईल शेख मुंबई- FAKE CURRENCY NOTES से सावधान रहे मुंबईकर बाजार में आज भी नकली नोट का चलन जारी है। नकली नोट बनाकर बाजार में पेश करने वालों की नजर में आज भी मुंबई शहर पसंदीदा बनी हुई है। जबकि ज्यादातर लोग इसे ध्यान से परखर ही लेनदेन करते हैं। लेकिन जब भी किसी के हाथ यह नकली नोट लग जाता है उसका सीधे तौर पर उतने ही पैसों का नुकसान हो जाता है।
ना वह उस नोट को कहीं चला पाता और ना ही किसी को बता पाता है। क्योंकि नकली नोट होना ही भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत गुनाह के हम पात्र हो जाते हैं। ऐसे में सीधे तौर पर आम नागरिक को नुकसान सहना पड़ता है। यह जानकारी फिर से इसलिए दोहराई जा रही है, क्योंकि हाल ही में मलाड पश्चिम के मालवानी पुलिस थाने ने एक शख्स को 500 रुपये के कुल आठ नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया है। इसकी पड़ताल में और भी कई खुलासे हुए जिसको लेकर पुलिस अधिकारियों ने लगभग 7 लाख 27 हज़ार रुपयों का माल जब्त कर लिया है।
मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चिमाजी आढ़ाव ने बताया, कि पुलिस उप निरीक्षक हसन मूलानी को विश्वसनीय सूत्रों के आधार पर एक गुप्त सूचना मिली थी, की पुलिस थाना अंतर्गत मालवानी के एक नंबर, गणेश मंदिर के पास कोई व्यक्ति नकली नोटों का सैंपल लेकर बाजार में वितरित करने के लिए आने वाला है। पुलिस में जाल बिछाकर उसे धर दबोचा।
₹500 की फोटो
पुलिस उप निरीक्षक हसन मूलानी ने जांच के हवाले से बताया, कि जब हम घटनास्थल पर पुलिस का पहरा दे रहे थे। उस वक्त संदेहास्पद व्यक्ति अपने साथ एक छोटे से बच्चे को भी लेकर आया हुआ था और काली थैली में कुछ सामान लेकर एक जगह पर रुका हुआ था। लगातार यहां से वहां घूम कर किसी का इंतजार करता हुआ दिखाई पड़ रहा था। पुलिस ने अपने सरकारी पंचों के साथ जब गहनता से उस पर निगाह डाली तो सूत्रों से प्राप्त जानकारी के हूबहू उस व्यक्ति की पहचान नजर आई। तुरंत मालवानी पुलिस ने अपने साथ ले गए सरकारी पंचों के साथ उसे घेराबंदी मे करते हुए अपने ताबे में लिया और गवाहों के समक्ष जब उसकी झढ़ती ली गई, तो उसके पास से 500 रूपये के कुल 8 नोट नकली प्राप्त हुए हैं। जो हूबहू भारतीय चलन नोटों के बराबर प्रतीत हो रहे हैं।
तुरंत उसे पुलिस थाने में लाकर पूछताछ की गई तो 32 वर्षीय आरोपी उमेश जय किशन कुमार ने बताया, कि वह एक कारोबारी है और कांदिवली पश्चिम के जनकल्याण नगर के पास, भूमि पार्क के एक इमारत में रहता है। जो घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर है। पुलिस ने तुरंत गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक 748/23 में भारतीय दंड संहिता की धारा 489 (ब) और 489 (क) के तहत उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से बरामद 500 रुपये के 8 नकली नोट और भारतीय चलन के असली 3000 रुपयों के साथ मोबाइल फोन जब्त किया गया।
जांच के लिए जब पुलिस उसके फ़्लैट पर पहुंची तो वहां एक लैपटॉप, एप्पल कंपनी का आईपैड और दो पेनड्राइव, 4 मोबाइल, कोरा बॉन्ड पेपर, माइक्रो मेमोरी कार्ड, उसके रहते घर के पार्किंग स्लॉट में खड़ी उसकी निजी महिंद्रा एसयूवी 500 वाहन क्रमांक एचआर 26 सीएन 0597 और इस गाड़ी के भीतर रखा हुआ प्रिंटर सभी को पुलिस ने अपराध के तहत जप्त कर लिया है। इस पूरे कार्रवाई के बीच पुलिस द्वारा जब्त सामानों का बाजार मूल्यांकन 7 लाख 27 हज़ार रुपये आंकें जा सकते हैं।
इस पूरे कार्यवाही की निगरानी उत्तर प्रादेशिक विभाग के मुंबई अप्पर पुलिस आयुक्त राजीव जैन, मुंबई पुलिस परिमंडल 11 के उपायुक्त अजय कुमार बंसल, सहायक पुलिस आयुक्त मालवणी डिवीजन शैलेंद्र धीवार कर रहे थे। मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चिमाजी आढ़ाव साहब मामले के हर पहलू से जुड़े पल-पल की जानकारियां आला अधिकारियों की इजाजत के साथ पुलिस निरीक्षक शेलके, क्राइम डिटेक्शन अधिकारी हसन मूलानी को निर्देशित कर रहे थे।
पूरे अपराध का खुलासा करने में मालवनी पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस उपनिरीक्षक माणिक मोरे, पुलिस सिपाही पाटिल, पुलिस सिपाही वत्रे, पाटिल, महिला पुलिस सिपाही गोसावी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जिसकी आला सभी अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस विभाग में भी गुड वर्क के लिए शाबाशी दी जाती है। फिलहाल नकली नोटों से बाजार को सुरक्षित करने में मालवानी पुलिस ने अपनी अच्छी भूमिका निभाई है।