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  • मुंबई NDPS केस: 115 किलो गांजा रखने वाले दो आरोपियों को 15 साल की सजा, दो सप्लायर बरी

    मुंबई NDPS केस: 115 किलो गांजा रखने वाले दो आरोपियों को 15 साल की सजा, दो सप्लायर बरी

    मुंबई की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 115 किलो गांजा रखने के मामले में दो आरोपियों को 15 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई। गांजे की कीमत ₹28.75 लाख बताई गई। दो सप्लायरों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।

    मुंबई: एक विशेष एनडीपीएस (NDPS) अदालत ने 115 किलो गांजा रखने के मामले में दो आरोपियों को 15 साल की कठोर कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। जब्त गांजे की कीमत करीब ₹28.75 लाख बताई गई है।
    दोषी पाए गए आरोपियों के नाम इस्माइल शेख (पवई) और इमरान अंसारी (मुम्ब्रा) हैं, जिन्हें पुलिस ने जनवरी 2022 में घाटकोपर बस डिपो के पास से गिरफ्तार किया था।
    अदालत ने दो अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।

    🚨 पुलिस को मिली थी गांजा डिलीवरी की गुप्त जानकारी

    कांदिवली यूनिट की एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) को 23 जनवरी 2022 को सूचना मिली कि दो व्यक्ति घाटकोपर बस डिपो के पास गांजा बेचने पहुंचने वाले हैं।
    सूत्रों ने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर और आरोपियों का पूरा विवरण भी दिया था। इसके बाद पुलिस ने मौके पर जाल बिछाया।

    🚗 घाटकोपर बस स्टॉप पर कार से मिली 115 किलो गांजा

    पुलिस ने होंडा एकॉर्ड कार को रोका और तलाशी में 115 किलो गांजा बरामद किया।
    पकड़े गए आरोपियों इस्माइल शेख और इमरान अंसारी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
    पुलिस के अनुसार, बरामद माल की बाजार कीमत लगभग ₹28.75 लाख है।

    🔬 फॉरेंसिक जांच में गांजा की पुष्टि

    बरामद किए गए पदार्थ का नमूना फॉरेंसिक लैब भेजा गया, जहां रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि यह पदार्थ गांजा (कैनाबिस) ही था।
    पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि यह खेप अल्ताफ शेख (अंधेरी निवासी) ने सप्लाई की थी।

    ⚖️ दो सप्लायरों को सबूतों के अभाव में मिली राहत

    पुलिस ने अल्ताफ शेख और चक्रपाणि गौड़ा (ओडिशा निवासी) को अक्टूबर 2022 में गुजरात से गिरफ्तार किया था।
    हालांकि, अदालत में अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ ठोस सबूत पेश नहीं कर सका।
    नतीजतन, विशेष एनडीपीएस अदालत ने दोनों को बरी कर दिया।

    👨‍⚖️ कोर्ट ने कहा – “समाज में नशे के कारोबार पर कड़ी सजा जरूरी”

    अदालत ने अपने आदेश में कहा कि नशे के व्यापार में लिप्त अपराधियों को सख्त सजा देना समाज और युवाओं के भविष्य के लिए आवश्यक है।
    इस्माइल शेख और इमरान अंसारी को अदालत ने 15 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है।

    📊 केस से जुड़ी अहम जानकारी:

    • 📍 स्थान: घाटकोपर, मुंबई
    • 📅 गिरफ्तारी की तारीख: 23 जनवरी 2022
    • ⚖️ कोर्ट: विशेष एनडीपीएस कोर्ट, मुंबई
    • 🚓 जब्त गांजा: 115 किलो
    • 💰 कीमत: ₹28.75 लाख
    • 👨‍⚖️ सजा: 15 साल की कैद (2 आरोपी)
    • 🙅‍♂️ बरी: 2 सप्लायर

    FAQ सेक्शन

    Q1. एनडीपीएस केस में कौन-कौन दोषी पाए गए?
    👉 इस्माइल शेख (पवई) और इमरान अंसारी (मुम्ब्रा) को दोषी करार दिया गया है।
    Q2. पुलिस ने कितनी मात्रा में गांजा जब्त किया था?
    👉 कुल 115 किलो गांजा, जिसकी कीमत लगभग ₹28.75 लाख बताई गई।
    Q3. सप्लायरों का क्या हुआ?
    👉 अल्ताफ शेख और ओडिशा के चक्रपाणि गौड़ा सबूतों के अभाव में बरी कर दिए गए।
    Q4. गिरफ्तारी कब हुई थी?
    👉 23 जनवरी 2022 को घाटकोपर बस डिपो के पास से दोनों आरोपी गिरफ्तार किए गए थे।
    Q5. अदालत ने क्या सजा सुनाई?
    👉 दोनों दोषियों को 15 साल की कठोर कैद और जुर्माने की सजा दी गई है।

  • BEST बस में जेबकतरा गिरफ्तार, 10 चोरी के मामलों से जुड़ा निकला आरोपी

    BEST बस में जेबकतरा गिरफ्तार, 10 चोरी के मामलों से जुड़ा निकला आरोपी

    मुंबई की सामता नगर पुलिस ने एक शातिर जेबकतरे को गिरफ्तार किया है जो BEST बसों में सफर करने वाले यात्रियों से कीमती सामान चुरा लेता था। आरोपी सुरेश पवार अब तक 10 से ज्यादा चोरी के मामलों में शामिल रहा है।

    मुंबई: कांदीवली पूर्व के सामता नगर पुलिस ने एक ऐसे आदतन जेबकतरे को गिरफ्तार किया है जो भीड़भाड़ वाली BEST बसों में यात्रियों से कीमती जेवर और नकदी चुराता था।
    गिरफ्तार आरोपी का नाम सुरेश पवार (50) है, जो मालाड के अप्पापाड़ा इलाके का रहने वाला है।
    पुलिस के मुताबिक, आरोपी अब तक 10 से ज्यादा चोरी के मामलों में शामिल रहा है।

    🚌 BEST बस में चोरी की वारदात

    यह ताज़ा मामला 9 नवंबर 2025 का है, जब गुलफशा शेख (26) नाम की महिला BEST बस नंबर A-478 से गोरेगांव से विक्रोली डिपो की ओर जा रही थीं।
    दोपहर करीब 12:30 बजे भीड़भाड़ के दौरान किसी ने उनका हैंडबैग चोरी कर लिया।
    बैग में दो सोने के मंगलसूत्र, चांदी के गहने और करीब ₹1.05 लाख नकद रखे थे।

    पीड़िता ने तुरंत सामता नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एक स्पेशल टीम बनाई गई।

    🎥 CCTV से पकड़ में आया आरोपी

    API योगेश राऊत और PSI राहुल वलुंजकर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने CCTV फुटेज और टेक्निकल एनालिसिस की मदद से आरोपी को ट्रेस किया।
    तफ्तीश में सामने आया कि आरोपी सुरेश पवार अक्सर भीड़भाड़ वाली बसों में सफर करता था और मौके का फायदा उठाकर यात्रियों का सामान चुरा लेता था।
    पुलिस ने आरोपी को मालाड के अप्पापाड़ा इलाके से गिरफ्तार किया।

    🕵️‍♂️ 10 से अधिक मामलों से जुड़ा हुआ निकला आरोपी

    पुलिस जांच में पता चला कि सुरेश पवार एक आदतन अपराधी (habitual offender) है।
    वह पिछले कई वर्षों से मुंबई के अलग-अलग इलाकों में बसों में जेबकटी करता आ रहा था।
    पुलिस ने बताया कि उसकी गिरफ्तारी से कम से कम 10 पुराने चोरी के मामले सुलझ गए हैं।

    🚨 पुलिस की अपील — बस में सफर करते वक्त सावधान रहें

    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे BEST बसों या भीड़भाड़ वाले इलाकों में सफर करते वक्त अपने बैग और मोबाइल पर नज़र रखें।
    किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर तुरंत ड्राइवर, कंडक्टर या पुलिस को सूचना दें।


    FAQ सेक्शन

    Q1. आरोपी कौन है और कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
    आरोपी का नाम सुरेश पवार (50) है, जिसे पुलिस ने मालाड के अप्पापाड़ा इलाके से गिरफ्तार किया।
    Q2. आरोपी पर कितने केस दर्ज हैं?
    पुलिस के मुताबिक, सुरेश पवार पर अब तक 10 से अधिक चोरी के मामले दर्ज हैं।
    Q3. ताज़ा वारदात कहाँ हुई थी?
    चोरी की यह वारदात BEST बस नंबर A-478 में हुई, जो गोरेगांव से विखरोली डिपो जा रही थी।
    Q4. पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा?
    CCTV फुटेज और टेक्निकल एनालिसिस की मदद से पुलिस ने आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर उसे गिरफ्तार किया।
    Q5. पुलिस ने नागरिकों को क्या सलाह दी है?
    पुलिस ने कहा है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें।

  • मुंबई: दोस्त को खुश करने के लिए चुरा लिया आइसक्रीम का ठेला, दोनों गिरफ्तार

    मुंबई: दोस्त को खुश करने के लिए चुरा लिया आइसक्रीम का ठेला, दोनों गिरफ्तार

    मुंबई के गोरेगांव में दो दोस्तों ने आइसक्रीम विक्रेता से झगड़े के बाद उसका ठेला चोरी कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 60 हजार रुपये का ठेला बरामद कर लिया है।

    मुंबई: गोरेगांव इलाके में एक अजीबो-गरीब चोरी का मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपने दोस्त को खुश करने के लिए आइसक्रीम का ठेला चुरा लिया।
    मामला वनराई पुलिस स्टेशन (Vanrai Police Station) क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर ठेला बरामद कर लिया है।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी अरविंद यादव (34) और रामदुलारे मोरिया (35) को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया गया।

    🤝 दोस्ती निभाने के लिए किया ‘ठेला चोरी’ का कारनामा

    पुलिस जांच में सामने आया कि अरविंद यादव की एक आइसक्रीम विक्रेता से किसी बात पर बहस हो गई थी। नाराज़ होकर उसने अपने दोस्त रामदुलारे मोरिया से कहा —

    “जो इस वेंडर को परेशान करेगा, वही मुझे सबसे ज़्यादा खुश करेगा।”

    दोस्त की यह बात सुनकर मोरिया ने उसी रात ठेला चुराने की योजना बना ली।
    वह गोरेगांव ईस्ट रेलवे स्टेशन के पास से आइसक्रीम का ठेला उठाकर मृणाल ताई गोरे फ्लाईओवर के नीचे छोड़कर फरार हो गया।

    🍦 ठेलेवाले ने दर्ज कराई शिकायत

    पीड़ित विक्रेता शंकरलाल दलीचंद गदरी (20), जो गोरेगांव ईस्ट के रामनगर, घसबाज़ार इलाके का निवासी है, रोज़ाना जयकोच जंक्शन पर आइसक्रीम बेचता है।
    वह हर रात अपने ठेले को चेन लगाकर वहीं छोड़ देता था। लेकिन 5 नवंबर को जब वह वापस पहुंचा, तो ठेला गायब मिला।

    दो दिनों तक खुद तलाश करने के बाद उसने वनराई पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
    पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर चोरी किए गए ठेले को ट्रेस किया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।


    🚓 पुलिस ने की तेज़ कार्रवाई, ठेला बरामद

    पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपियों ने ठेला चुराने के बाद उसे फ्लाईओवर के नीचे छोड़ दिया था।
    पुलिस ने वहां से ठेला बरामद कर लिया, जिसकी कीमत लगभग ₹60,000 बताई जा रही है।
    पुलिस के अनुसार,

    “दोनों ने कबूल किया कि उनका मकसद चोरी नहीं बल्कि विक्रेता को परेशान करना था।”


    ⚖️ कानूनी कार्रवाई और जांच जारी

    दोनों आरोपियों पर BNS (भारतीय न्याय संहिता) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
    वनराई पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कहीं दोनों आरोपी पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल तो नहीं थे।


    FAQ सेक्शन

    Q1. मामला कहां का है?
    👉 यह घटना मुंबई के गोरेगांव इलाके के वनराई पुलिस स्टेशन क्षेत्र की है।
    Q2. आरोपियों के नाम क्या हैं?
    👉 आरोपियों के नाम अरविंद यादव (34) और रामदुलारे मोरिया (35) हैं।
    Q3. उन्होंने आइसक्रीम का ठेला क्यों चुराया?
    👉 अपने दोस्त को खुश करने के लिए, क्योंकि उसका आइसक्रीम वाले से झगड़ा हुआ था।
    Q4. क्या पुलिस ने ठेला बरामद कर लिया है?
    👉 हां, पुलिस ने ठेला मृणाल ताई गोरे फ्लाईओवर के नीचे से बरामद किया है।
    Q5. दोनों पर क्या कार्रवाई की गई है?
    👉 दोनों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

  • दहिसर का रिटायर्ड पुलिस अधिकारी पासपोर्ट फर्जीवाड़े में गिरफ्तार

    दहिसर का रिटायर्ड पुलिस अधिकारी पासपोर्ट फर्जीवाड़े में गिरफ्तार

    मुंबई के दहिसर पुलिस स्टेशन में दर्ज पासपोर्ट फर्जीवाड़े के मामले में एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट की मंजूरी दी।

    मुंबई: दहिसर पुलिस ने एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी संजय जगताप को पासपोर्ट से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। दहिसर पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले मे गिरफ्तार आरोपी पर यह आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति से पासपोर्ट प्रक्रिया में मदद का झांसा देकर धोखाधड़ी की।

    शिकायत के अनुसार, आरोपी ने बिना उचित दस्तावेजों की जांच किए पासपोर्ट आवेदन को स्वीकृत कर दिया। बाद में जब जांच हुई तो जमा किए गए दस्तावेज फर्जी पाए गए, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई।

    📜 एफआईआर में गंभीर धाराएं

    जांच के बाद 26 मार्च 2025 को आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
    यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 465, 467, 468, 471, 120(B) के तहत दर्ज हुआ है।
    इसके अलावा, पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 12 भी इसमें जोड़ी गई है।

    👮‍♂️ रिटायर्ड पुलिसकर्मी का नाम आया सामने

    जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी हेड कॉन्स्टेबल संजय जगताप थे, जो उस समय दहिसर पुलिस स्टेशन में तैनात थे।
    बाद में उनकी मालाड पुलिस स्टेशन में बदली हो गई।
    महत्वपूर्ण बात यह है कि जगताप 31 अक्टूबर 2025 को सेवानिवृत्त हुए, और सेवानिवृत्ति के कुछ ही दिनों बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

    ⚖️ जमानत याचिका खारिज, पुलिस हिरासत में भेजा गया

    आरोपी ने गिरफ्तारी से पहले हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए आवेदन दिया था, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
    इसके बाद 4 नवंबर 2025 को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और अदालत में पेश किया।
    कोर्ट ने आरोपी को पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

    📍 पुलिस कर रही है आगे की जांच

    मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और पासपोर्ट प्राधिकरण मिलकर यह जांच कर रहे हैं कि क्या इस घोटाले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
    साथ ही, पासपोर्ट जारी करने में इस्तेमाल किए गए फर्जी दस्तावेजों की तकनीकी जांच भी की जा रही है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. यह मामला कब दर्ज किया गया था?
    👉 यह मामला 26 मार्च 2025 को दहिसर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया।
    Q2. आरोपी कौन है?
    👉 सेवानिवृत्त पुलिस हेड कॉन्स्टेबल संजय जगताप, जो पहले दहिसर थाने में तैनात थे।
    Q3. किस आधार पर गिरफ्तारी हुई?
    👉 आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट आवेदन मंजूर किया था।
    Q4. कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
    👉 कोर्ट ने आरोपी को 6 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है।
    Q5. क्या आरोपी को जमानत मिली?
    👉 नहीं, उनकी अग्रिम जमानत याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी।

  • मालाड में 7 साल के बच्चे को कार से कुचला, महिला की गिरफ्तारी को लेकर उठे सवाल

    मालाड में 7 साल के बच्चे को कार से कुचला, महिला की गिरफ्तारी को लेकर उठे सवाल

    मालाड वेस्ट के इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में 7 साल के बच्चे को कार से कुचलने के मामले में पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि सिर्फ नोटिस देकर छोड़ दिया। वकील और सामाजिक कार्यकर्ता अभा सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामला गैर-जमानती अपराध के तहत आता है।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहाँ एक सात वर्षीय बच्चा अपनी सोसाइटी के अंदर खेलते समय एक महिला की कार की चपेट में आ गया। बच्चे का पैर बुरी तरह टूट गया। पुलिस ने आरोपी महिला श्वेता शेट्टी-राठौड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, लेकिन गिरफ्तारी के बजाय सिर्फ नोटिस जारी किया। इस पर सामाजिक कार्यकर्ता और एडवोकेट अभा सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि मामला गैर-जमानती अपराध के अंतर्गत आता है।

    मालाड वेस्ट की इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में हादसा

    यह हादसा 19 अक्टूबर को मालाड वेस्ट स्थित इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में हुआ। सात साल का अन्वय मजूमदार अपने भाई और दोस्तों के साथ सोसाइटी के परिसर में खेल रहा था, जब आरोपी महिला श्वेता शेट्टी-राठौड़ ने अपनी कार तेज गति से परिसर में चलाई और अन्वय के पैर पर चढ़ा दी।
    CCTV फुटेज में घटना साफ कैद हुई है। बच्चे की मां महुआ मजूमदार (45) ने पुलिस को बताया कि शाम करीब 5:30 बजे उनके दूसरे बेटे ने इंटरकॉम से कॉल कर कहा – “माँ, अन्वय का पैर कुचल गया।”

    बच्चे की हालत गंभीर, सर्जरी जरूरी

    घटना के बाद अन्वय को तुरंत एवर्शाइन नगर के एक नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे कोकिलाबेन अस्पताल, अंधेरी रेफर कर दिया। जांच में पता चला कि बच्चे के टखने और पिंडली की हड्डी टूट गई है और सर्जरी करनी पड़ी।
    डॉक्टरों के अनुसार, चोटें गंभीर हैं लेकिन बच्चे की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।

    पुलिस की कार्रवाई पर सवाल – क्यों नहीं की गई गिरफ्तारी?

    बांगुर नगर पुलिस ने शुरुआत में आरोपी के खिलाफ रैश ड्राइविंग (धारा 281 BNS) और जीवन को खतरे में डालने (125b BNS) के तहत मामला दर्ज किया। बाद में इसमें धारा 110 BNS (attempt to commit culpable homicide) जोड़ी गई, जो गैर-जमानती अपराध है।
    इसके बावजूद पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार करने के बजाय सिर्फ नोटिस जारी कर छोड़ दिया

    इस पर एडवोकेट अभा सिंह ने कहा —

    “धारा 110 BNS के तहत अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती है। जब सीसीटीवी फुटेज में सबूत साफ हैं, तो पुलिस को आरोपी को गिरफ्तार करने का पूरा अधिकार था। सिर्फ नोटिस देकर छोड़ना कानूनी रूप से उचित नहीं है।”

    आरोपी महिला कौन है?

    आरोपी श्वेता शेट्टी-राठौड़ एक एचआर कंसल्टेंट हैं और इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी के सचिव संजय राठौड़ की पत्नी हैं। पुलिस के अनुसार, वह घटना के समय अपनी कार चला रही थीं जब यह दुर्घटना हुई।

    एफआईआर में दर्ज धाराएं

    मजूमदार परिवार की शिकायत पर पुलिस ने इन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:

    • धारा 281 (लापरवाह ड्राइविंग)
    • धारा 125(b) (दूसरों के जीवन को खतरे में डालना)
    • धारा 110 (गैर-जमानती अपराध – हत्या के प्रयास जैसा अपराध)
    • मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184, 134(a), 134(b) — (खतरनाक ड्राइविंग, मदद न देना, घटना की रिपोर्ट न करना)

    कानूनी नजरिया – अभा सिंह का बयान

    अभा सिंह ने स्पष्ट किया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110 के तहत यदि किसी व्यक्ति के कार्य से मृत्यु की संभावना होती है, तो यह अपराध ‘culpable homicide not amounting to murder’ की श्रेणी में आता है।
    उन्होंने कहा —

    “इस मामले में बच्चा बहुत छोटा था और उसकी जान को गंभीर खतरा हुआ। सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना दिख रही है, इसलिए आरोपी की गिरफ्तारी बनती है।”

    पुलिस की सफाई

    बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक रविंद्र अव्हाड ने बताया कि जांच अभी जारी है और सभी साक्ष्यों को देखने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल आरोपी महिला से पूछताछ चल रही है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

    Q1. यह घटना कहाँ हुई थी?
    A1. यह हादसा मालाड वेस्ट के इंटरफेस हाइट्स सोसाइटी में हुआ।
    Q2. आरोपी महिला कौन हैं?
    A2. आरोपी श्वेता शेट्टी-राठौड़, जो सोसाइटी सचिव की पत्नी और एक HR कंसल्टेंट हैं।
    Q3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    A3. पुलिस ने एफआईआर दर्ज की लेकिन गिरफ्तारी के बजाय आरोपी को नोटिस देकर छोड़ दिया।
    Q4. बच्चा अभी कहाँ इलाज करवा रहा है?
    A4. बच्चा कोकिलाबेन अस्पताल, अंधेरी में भर्ती है और उसकी सर्जरी हो चुकी है।
    Q5. क्या आरोपी पर गैर-जमानती धारा लगी है?
    A5. हाँ, धारा 110 BNS गैर-जमानती अपराध के अंतर्गत आती है, लेकिन गिरफ्तारी नहीं की गई।

  • पवई से अंधेरी तक: जब ‘एक अकेले बंदूकधारी’ ने मुंबई को बना दिया बंधक — एक बार फिर शहर सहमा

    पवई से अंधेरी तक: जब ‘एक अकेले बंदूकधारी’ ने मुंबई को बना दिया बंधक — एक बार फिर शहर सहमा

    मुंबई के पवई में 17 बच्चों और 2 बड़ों को बंधक बनाने की घटना ने शहर को झकझोर दिया। आरोपी रोहित आर्या पुलिस कार्रवाई में मारा गया। यह घटना मुंबई में पहले हुए अंधेरी और बस हाईजैक जैसे बंधक मामलों की याद दिलाती है।

    मुंबई: पवई इलाके के आर.ए. स्टूडियो में गुरुवार को 17 बच्चों और दो बड़ों को एक व्यक्ति ने बंधक बना लिया।
    करीब दो घंटे तक चली दहशत भरी स्थिति के बाद मुंबई पुलिस ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
    आरोपी की पहचान 50 वर्षीय रोहित आर्या के रूप में हुई, जो पुलिस कार्रवाई में गोली लगने से मारा गया।
    यह घटना शहर में पहले हो चुके अंधेरी (2010) और BEST बस हाईजैक (2008) जैसे मामलों की याद दिलाती है, जब अकेले हमलावरों ने पूरे मुंबई को दहशत में डाल दिया था।

    🎬 ऑडिशन बना डर का मंच

    घटना की शुरुआत दोपहर करीब 1:30 बजे हुई जब पवई पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति ने बच्चों को ऑडिशन के बहाने स्टूडियो में बंद कर लिया है।
    बच्चों की उम्र 10 से 12 साल के बीच थी और वे पिछले दो दिनों से एक वेब सीरीज़ के लिए ऑडिशन देने आए थे।
    पुलिस ने तुरंत टीम भेजी और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

    एक अधिकारी ने बताया —

    “यह हाल के वर्षों में शायद पहला ऐसा मामला है जिसमें इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को बंधक बनाया गया।”

    🚔 मुंबई पुलिस का सटीक ऑपरेशन

    फायर ब्रिगेड और क्विक रेस्पॉन्स टीम ने मिलकर सभी 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
    पुलिस ने रोहित आर्या से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन जब स्थिति काबू से बाहर होती दिखी, तब टीम ने कार्रवाई की।
    ऑपरेशन के दौरान आरोपी को गोली लगी और उसकी मौत हो गई।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार —

    “होस्टेज सिचुएशन में सबसे ज़रूरी होता है जान बचाना और नुकसान कम से कम करना।”

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    💣 अंधेरी और 2008 की घटनाओं की गूंज

    यह पहली बार नहीं है जब मुंबई किसी एक अकेले गनमैन के सामने झुकी हो।

    • मार्च 2010: सेवानिवृत्त कस्टम अधिकारी हर्ष मारोलिया ने अपनी 14 वर्षीय पड़ोसी हिमानी को बंधक बनाकर मार डाला।
    • नवंबर 2008: बिहार के रहने वाले राहुल राज ने अंधेरी से एक BEST डबल डेकर बस हाईजैक कर ली थी।
      उसने यात्रियों को बंधक बनाकर कहा था कि वह राज ठाकरे को मारने आया है।
      बाद में पुलिस ने उसे मार गिराया।

    इन दोनों मामलों ने यह साबित किया कि मुंबई जैसे बड़े शहर भी कभी-कभी अकेले हमलावरों की सनक से हिल जाते हैं।

    👮‍♀️ शैलनी शर्मा – वो पुलिस अधिकारी जो होस्टेज नेगोशिएशन में माहिर हैं

    मुंबई पुलिस की असिस्टेंट कमिश्नर शैलनी शर्मा, जिन्होंने लंदन में होस्टेज क्राइसिस ट्रेनिंग ली थी, उन्होंनें बताया कि

    “हर ऐसी स्थिति में बातचीत सबसे अहम होती है।
    जब बातचीत से समाधान नहीं निकलता, तब एक्शन टीम को तय करना पड़ता है कि कब और कैसे हस्तक्षेप किया जाए।”

    उन्होंने 2010 के अंधेरी मामले में भी हस्तक्षेप की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने उनके पहुंचने से पहले फ्लैट पर धावा बोल दिया था।
    बाद के वर्षों में उन्होंने दो आत्महत्या के मामलों (2013 और 2017) में महिलाओं को समझाकर जान बचाई।

    🏙️ मुंबई की सच्चाई — सुरक्षित लेकिन संवेदनशील

    पवई की यह घटना फिर दिखाती है कि मुंबई पुलिस कितनी सतर्क और तेज़ है, लेकिन साथ ही यह भी कि
    मानसिक दबाव या निजी गुस्से से उपजी हिंसा कितनी खतरनाक हो सकती है।
    शहर की भीड़ और भागदौड़ के बीच यह याद दिलाता है कि एक गलत कदम कई जिंदगियों को खतरे में डाल सकता है।


    FAQ सेक्शन:

    Q1: मुंबई पवई स्टूडियो में क्या हुआ था?
    👉 एक व्यक्ति ने 17 बच्चों और दो बड़ों को स्टूडियो में बंधक बना लिया था।

    Q2: क्या सभी बच्चे सुरक्षित हैं?
    👉 हाँ, मुंबई पुलिस ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    Q3: आरोपी का क्या हुआ?
    👉 आरोपी रोहित आर्या पुलिस कार्रवाई के दौरान गोली लगने से मारा गया।

    Q4: क्या मुंबई में पहले भी ऐसे मामले हुए हैं?
    👉 हाँ, 2008 में BEST बस हाईजैक और 2010 में अंधेरी में बंधक मामला सामने आया था।

    Q5: इस ऑपरेशन में कौन से अधिकारी शामिल थे?
    👉 मुंबई पुलिस, फायर ब्रिगेड और एक्सपर्ट नेगोशिएटर की टीम, जिनमें एसीपी शैलनी शर्मा का भी ज़िक्र आया।

  • मुंबई के KEM हॉस्पिटल में डॉक्टर पर गर्लफ्रेंड के भाई और दोस्तों ने किया चाकू से हमला, जानिए पूरा मामला

    मुंबई के KEM हॉस्पिटल में डॉक्टर पर गर्लफ्रेंड के भाई और दोस्तों ने किया चाकू से हमला, जानिए पूरा मामला

    मुंबई के KEM हॉस्पिटल में एक डॉक्टर पर गर्लफ्रेंड के भाई और उसके दोस्तों ने चाकू से हमला कर दिया। डॉक्टर के मना करने पर गुस्से में तीनों ने हॉस्पिटल के बाहर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है।

    मुंबई: KEM हॉस्पिटल के एक 26 वर्षीय डॉक्टर पर उसकी गर्लफ्रेंड के भाई और उसके दोस्तों ने चाकू से हमला कर दिया।
    घटना बुधवार रात की है जब डॉक्टर हॉस्पिटल के बाहर था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने डॉक्टर से अपनी बहन के साथ घर चलने की ज़िद की थी, लेकिन डॉक्टर ने मना कर दिया। इसी बात पर झगड़ा बढ़ गया और तीनों ने डॉक्टर पर हमला कर दिया।

    इस मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) का मामला दर्ज कर लिया है और तीनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

    👨‍⚕️ MBBS डॉक्टर जो विदेश से लौटकर कर रहा था सेवा

    जानकारी के मुताबिक पीड़ित डॉक्टर नालासोपारा में अपने परिवार के साथ रहता है। उसने 2023 में विदेश से MBBS की पढ़ाई पूरी की थी और कुछ महीने पहले ही KEM हॉस्पिटल में हाउस ऑफिसर के तौर पर नौकरी जॉइन की थी।
    वहीं हॉस्पिटल में काम के दौरान उसकी मुलाकात एक 23 वर्षीय परफ्यूज़निस्ट (Perfusionist) से हुई, जिससे वह रिलेशनशिप में आ गया था।

    🔪 गर्लफ्रेंड के भाई ने बुलाया घर, मना करने पर हमला

    बुधवार को लड़की का भाई डॉक्टर से मिलने आया और उसे अपने शिवड़ी (Sewri) स्थित घर चलने के लिए कहा।
    जब डॉक्टर ने व्यस्तता का हवाला देकर जाने से मना किया, तो आरोपी भड़क गया।
    पुलिस के अनुसार, थोड़ी देर बाद आरोपी अपने दो दोस्तों के साथ लौटा और हॉस्पिटल के बाहर डॉक्टर को घेरकर पहले मारपीट की और फिर चाकू से वार कर दिया।

    डॉक्टर को तुरंत KEM हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहां फिलहाल उसकी हालत स्थिर (Stable) बताई जा रही है।

    👮‍♂️ पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी फरार

    घटना की जानकारी मिलते ही अग्रिपाड़ा पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और **तीनों आरोपियों पर हत्या का प्रयास, 324 जान से मारने की कोशिश और साझी साज़िश के तहत मामला दर्ज कर लिया।

    पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
    CCTV फुटेज और हॉस्पिटल के गार्ड्स के बयान दर्ज कर जांच की जा रही है।


    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ):

    Q1. यह घटना कहां हुई?
    यह घटना मुंबई के प्रसिद्ध KEM हॉस्पिटल के बाहर हुई।

    Q2. डॉक्टर पर हमला क्यों किया गया?
    डॉक्टर ने अपनी गर्लफ्रेंड के भाई के साथ उसके घर चलने से मना किया था, जिसके बाद गुस्से में आरोपी ने हमला कर दिया।

    Q3. कितने लोग शामिल थे?
    हमले में लड़की का भाई और उसके दो दोस्त शामिल थे।

    Q4. डॉक्टर की हालत कैसी है?
    डॉक्टर की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और वह KEM हॉस्पिटल में इलाज करा रहा है।

    Q5. क्या आरोपी पकड़े गए हैं?
    अभी तक नहीं, पुलिस ने मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

  • मालाड में फुटपाथ पर मिली नवजात बच्ची, राहगीर ने बचाई जान

    मालाड में फुटपाथ पर मिली नवजात बच्ची, राहगीर ने बचाई जान

    मुंबई के मालाड में दिवाली की रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब एक नवजात बच्ची को फुटपाथ पर छोड़ दिया गया। राहगीर ने उसकी रोने की आवाज़ सुनकर पुलिस को खबर दी। बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वह फिलहाल सुरक्षित है।

    मुंबई: दिवाली की रात जब पूरा मुंबई शहर रौशनी से जगमगा रहा था, तब मालाड में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। एक नवजात बच्ची को फुटपाथ पर एक पार्क की बगल में बस के पास छोड़ दिया गया। गनीमत रही कि एक राहगीर ने उसकी हल्की सी रोने की आवाज़ सुन ली और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे सुरक्षित बताया।

    👶 फुटपाथ पर छोड़ी गई नवजात बच्ची

    मालाड वेस्ट के बैक रोड, बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के पास ये घटना शनिवार देर रात करीब 11 बजे की है। पुलिस के मुताबिक बच्ची महज एक या दो दिन की लग रही थी और कपड़े में लिपटी हुई थी। उसके शरीर पर चींटियों के काटने के निशान थे, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसे कुछ घंटों पहले ही वहां छोड़ा गया था।

    🚓 राहगीर ने दिखाई इंसानियत, पुलिस ने दी त्वरित मदद

    पुलिस के अनुसार, पास से गुजर रहे एक शख्स ने जब मासूम की रोने की आवाज़ सुनी, तो तुरंत बांगुर नगर पुलिस स्टेशन में सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित थाने लेकर आई। महिला पुलिसकर्मियों ने उसे साफ कपड़ों में लपेटकर अस्पताल पहुंचाया।

    बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया, “अगर उस राहगीर ने कुछ मिनट देर कर दी होती, तो शायद बच्ची की जान बचाना मुश्किल हो जाता। यह एक चमत्कार जैसा था कि उसकी आवाज़ किसी इंसान तक पहुंच गई।”

    🏥 शताब्दी अस्पताल में इलाज, बच्ची फिलहाल सुरक्षित

    बच्ची को तत्काल शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची फिलहाल स्वस्थ है और अस्पताल के बच्चों के वार्ड में उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने कहा कि बच्ची में किसी गंभीर चोट के निशान नहीं हैं, और उसका स्वास्थ्य सामान्य हो रहा है।

    📹 CCTV से होगी आरोपी की पहचान

    पुलिस ने इस मामले में अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक रविंद्र अव्हाड ने बताया, “हमने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है और इलाके के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि पता चल सके कि बच्ची को वहां कौन लेकर आया था।”

    💓 लोगों ने दिखाई अपनापन, कई ने अपनाने की जताई इच्छा

    घटना के बाद कई लोगों ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जाहिर की है। सोशल मीडिया पर भी राहगीर और पुलिस की इस इंसानियत की जमकर सराहना हो रही है। एक यूज़र ने लिखा, “दिवाली की रात अगर किसी ने सच्ची रौशनी फैलाई है, तो वो इस मासूम को बचाने वाले हैं।”

    🙏 मानवता की मिसाल बनी मुंबई

    मुंबई अक्सर अपनी तेज़ रफ्तार ज़िंदगी के लिए जानी जाती है, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि इस शहर में इंसानियत अब भी जिंदा है। इस राहगीर और पुलिस टीम की सूझबूझ ने एक मासूम को नया जीवन दिया।


    FAQ सेक्शन:

    Q1. मालाड में नवजात बच्ची कहां मिली?
    ➡ बच्ची मालाड वेस्ट के बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के पास फुटपाथ पर एक पार्क की बगल में मिली।

    Q2. क्या बच्ची सुरक्षित है?
    ➡ हां, बच्ची को शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वह पूरी तरह सुरक्षित है।

    Q3. पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
    ➡ पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है और CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

    Q4. क्या बच्ची को गोद लेने की प्रक्रिया शुरू हुई है?
    ➡ कई लोग बच्ची को गोद लेने की इच्छा जता चुके हैं, लेकिन फिलहाल वह अस्पताल की निगरानी में है।

  • मुंबई के घाटकोपर में ज्वेलरी शॉप पर दिनदहाड़े लूट — चाकू और बंदूक लेकर घुसे तीन बदमाश, दुकानदार घायल

    मुंबई के घाटकोपर में ज्वेलरी शॉप पर दिनदहाड़े लूट — चाकू और बंदूक लेकर घुसे तीन बदमाश, दुकानदार घायल

    मुंबई के घाटकोपर इलाके में दिनदहाड़े एक ज्वेलरी शॉप में लूट की वारदात हुई। दो बदमाश बंदूक और चाकू लेकर दुकान में घुसे, दुकानदार को घायल कर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

    मुंबई: घाटकोपर (पश्चिम) इलाके में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब दो हथियारबंद बदमाश Darshan Jewellers नाम की दुकान में घुस आए। एक बदमाश के हाथ में बंदूक थी, जबकि दूसरा चॉपर (चाकू जैसी धारदार हथियार) लेकर आया था। दोनों ने दुकान के अंदर घुसते ही लूटपाट शुरू कर दी।

    दुकान के मालिक ने जब विरोध किया तो बदमाशों ने उनके गले पर चॉपर से वार कर दिया। घायल दुकानदार को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, दुकानदार की हालत फिलहाल स्थिर है।

    🔫 बदमाशों ने बंदूक और चॉपर से किया हमला

    घटना सुबह करीब 10:30 बजे की है जब दुकान के मालिक सफाई कर रहे थे। तभी दो युवक अचानक दुकान में घुस आए। एक ने गले पर चॉपर रख दिया जबकि दूसरा ट्रे में रखे सोने-चांदी के गहने उठाने लगा। दुकानदार ने जब विरोध किया तो हमला कर दिया गया।

    लूटपाट के दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग जुटने लगे। अफरा-तफरी के बीच बदमाश कुछ ट्रे दुकान के अंदर और कुछ बाहर गिराकर मौके से भाग गए।

    🏍️ तीसरा साथी बाहर खड़ा था पहरे पर

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, दो आरोपी बाइक पर आए थे जबकि तीसरा साथी दुकान के बाहर निगरानी कर रहा था। जैसे ही लोगों ने पीछा किया, दो आरोपी बाइक पर बैठकर फरार हो गए और तीसरा पैदल भाग गया।

    👮‍♂️ पुलिस ने दर्ज किया मामला, कई टीमें जांच में जुटीं

    डीसीपी राकेश ओला (ज़ोन-7) ने बताया कि यह एक सुनियोजित robbery case है। एफआईआर दर्ज कर ली गई है और क्राइम ब्रांच की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।

    पुलिस दुकान के बाहर लगे CCTV फुटेज और आसपास के कैमरों की जांच कर रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

    🕵️ जांच जारी, मालिक के होश में आने के बाद होगी पूरी जानकारी

    पुलिस ने बताया कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितनी मात्रा में गहने चोरी हुए हैं, क्योंकि दुकानदार अस्पताल में भर्ती हैं और जांच पूरी नहीं हो पाई है। जैसे ही वे बयान देंगे, चोरी की पूरी डिटेल सामने आ जाएगी।


    ❓FAQ सेक्शन

    Q1. लूट की घटना कहां हुई?
    👉 यह वारदात मुंबई के घाटकोपर (पश्चिम) में ‘Darshan Jewellers’ नाम की दुकान पर हुई।

    Q2. क्या किसी को चोट लगी है?
    👉 हां, दुकानदार को गले पर चॉपर से चोट आई है, लेकिन हालत स्थिर बताई जा रही है।

    Q3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    👉 पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और क्राइम ब्रांच की टीमें जांच में जुटी हैं।

    Q4. क्या CCTV फुटेज मिला है?
    👉 हां, पुलिस ने आसपास के सभी CCTV कैमरे खंगालने शुरू कर दिए हैं।

  • मुंबई में डेटिंग ऐप घोटाला: लड़की ने बार में बुलाकर ₹24,000 का बिल फंसाया, सोशल मीडिया बोला — ‘भाई, न्यूज़ नहीं पढ़ते क्या?’

    मुंबई में डेटिंग ऐप घोटाला: लड़की ने बार में बुलाकर ₹24,000 का बिल फंसाया, सोशल मीडिया बोला — ‘भाई, न्यूज़ नहीं पढ़ते क्या?’

    मुंबई के एक शख्स को डेटिंग ऐप Aisle पर मिली लड़की ने बार में बुलाकर ₹24,000 का बिल थमा दिया। युवक ने Reddit पर पूरी कहानी बताई तो सोशल मीडिया ने चेतावनी दी — ये स्कैम थाणे में आम है!

    मुंबई: ऑनलाइन डेटिंग के शौकीन एक युवक के साथ बड़ा डेटिंग स्कैम हुआ। युवक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर अपना अनुभव साझा किया और बताया कि कैसे एक लड़की ने उसे बार में बुलाकर ठग लिया।
    यह घटना थाणे के उपवन लेक के पास हुई, जहां मुलाकात के बाद युवक से करीब ₹10,000 वसूले गए।

    📱 Aisle ऐप पर हुई मुलाकात, और शुरू हुई कहानी

    रेडिट पोस्ट के मुताबिक, युवक की मुलाकात उस लड़की से डेटिंग ऐप Aisle पर हुई थी। दोनों की बातचीत के बाद लड़की ने उपवन लेक के पास मिलने का सुझाव दिया।
    युवक ने लिखा, “मैं करीब एक घंटे तक उसका इंतज़ार करता रहा। फिर वो आई और बोली चलो पास के बार में बैठते हैं।”

    वो दोनों पास के एक Paablo Baar & Lounch नाम के बार में गए। वहाँ माहौल थोड़ा अजीब था — कुछ लोग, तेज़ म्यूज़िक और डिम लाइट्स।

    🍸 ब्लू लेबल के चार पैग और ₹24,000 का झटका

    युवक ने बताया कि लड़की ने बिना हिचकिचाए प्रीमियम Blue Label Whisky ऑर्डर करनी शुरू कर दी।
    “मैंने सिर्फ एक बीयर और बाद में वोडका ली, लेकिन उसने चार पैग मंगा लिए,” उसने लिखा।

    जब बिल आया तो होश उड़ गए — ₹24,000 का बिल और ₹2,000 सर्विस चार्ज!
    युवक के पास सिर्फ ₹2,000 ही थे, बाकी राशि उसने दबाव में आकर ₹10,000 तक दी क्योंकि बार में मौजूद वेटर “काफी डराने वाले लग रहे थे।”

    🚶‍♀️ लड़की ने ‘डरी’ बोलकर ली विदाई और गायब हो गई

    पैसे देने के बाद लड़की ने बहाना बनाया कि वो डर गई है और थोड़ी देर में निकल जाएगी।
    फिर उसने थोड़ी दूरी पर जाकर एक ऑटो बुलाया और गायब हो गई।
    इसके बाद उसने संपर्क भी बंद कर दिया।

    युवक ने Reddit पर लड़की और बिल की ब्लर की हुई तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा —

    “दोस्तों, माफ करना, मुझे खुद ठगे जाने का अनुभव हुआ ताकि बाकी लोग सतर्क रहें।”

    🌐 सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया

    इस घटना ने इंटरनेट पर चर्चा छेड़ दी।
    कई लोगों ने लिखा कि ऐसा “बार स्कैम” थाणे में पिछले 3-4 सालों से चल रहा है।

    एक यूजर ने कमेंट किया —

    “भाई, न्यूज़ और Reddit नहीं पढ़ते क्या? ये स्कैम बहुत कॉमन है।”

    दूसरे ने लिखा —

    “मुझे भी वही लड़की मिली थी, Manpada बुला रही थी ड्रिंक्स के बहाने। मैंने मना कर दिया।”

    तीसरे ने चेताया —

    “अगर कोई लड़की थाणे में बार मिलने को कहे तो दो बार सोचो। वहाँ ऐसे कई फर्जी बार हैं।”

    ⚠️ डेटिंग ऐप यूज़र्स के लिए चेतावनी

    • पहली मुलाकात में कभी बार या महंगे रेस्टोरेंट में न जाएं।
    • हमेशा पब्लिक जगह पर मिलें, जैसे कैफ़े या पार्क।
    • किसी के कहने पर पेय या ऑर्डर में भाग न लें।
    • शक हो तो तुरंत लोकल पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।

    FAQ सेक्शन

    Q1: क्या ये डेटिंग स्कैम मुंबई में नया है?
    A: नहीं, ये पिछले 3-4 सालों से थाणे और आसपास के बार में देखा जा रहा है।

    Q2: स्कैम कैसे होता है?
    A: लड़की डेटिंग ऐप पर भरोसा दिलाकर बार में बुलाती है, प्रीमियम ड्रिंक्स ऑर्डर करती है और फिर बिल में फंसा देती है।

    Q3: इससे बचने का तरीका क्या है?
    A: अजनबी से पहली बार मिलने पर कैफ़े या ओपन पब्लिक जगह चुनें।

    Q4: क्या पुलिस में शिकायत की जा सकती है?
    A: हाँ, साइबर क्राइम सेल या लोकल पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है।