Tag: Mumbai Crime

  • मुंबई में बड़ा ड्रग्स ऑपरेशन: बोरीवली से 50 लाख की हेरोइन बरामद, दो गिरफ्तार

    मुंबई में बड़ा ड्रग्स ऑपरेशन: बोरीवली से 50 लाख की हेरोइन बरामद, दो गिरफ्तार

    मुंबई की एंटी नारकोटिक्स सेल ने बोरीवली में कार्रवाई कर 50 लाख की हेरोइन और 5 लाख नकद जब्त किया। दो आरोपी गिरफ्तार, दूसरा केस भी उजागर — पति-पत्नी से 2.4 करोड़ की हेरोइन बरामद।

    मुंबई: नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) की कांदिवली यूनिट ने बोरीवली में छापेमारी कर दो ड्रग पेडलर्स को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से ₹50 लाख की हेरोइन और ₹5 लाख नकद बरामद किया। इसके अलावा एक और अलग ऑपरेशन में पुलिस ने पति-पत्नी की जोड़ी से 2.4 करोड़ की हेरोइन बरामद की है। दोनों मामलों में आरोपी पुलिस कस्टडी में हैं और नेटवर्क की जांच जारी है।

    🔍 बोरीवली में ANC की बड़ी कार्रवाई

    सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर ANC कांदिवली यूनिट ने बोरीवली में जाल बिछाया और दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान:

    Major-drug-operation-in-Mumbai-Heroin-worth-Rs-50-lakh-recovered-from-Borivali-two-arrested-1
    • उच्च गुणवत्ता की हेरोइन (₹50 लाख अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य)
    • ₹5 लाख नकद
    • मोबाइल डेटा और नेटवर्क से जुड़े सुराग

    बरामद किए गए।

    दोनों आरोपी नवी मुंबई के कलंबोली और पनवेल के रहने वाले हैं।

    ⚖️ NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज

    गिरफ्तार आरोपियों को NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस कस्टडी दी गई है।
    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि:

    • यह ड्रग किसे सप्लाई होना था?
    • इनका नेटवर्क कितना बड़ा है?
    • स्रोत विदेश से है या लोकल सिंडिकेट से?

    🚨 दूसरा मामला: पति-पत्नी से 2.4 करोड़ की हेरोइन जब्त

    इसी ऑपरेशन के अगले ही दिन ANC ने एक और बड़ी सफलता हासिल की। बोरीवली ईस्ट के राष्ट्रीय उद्यान मेट्रो स्टेशन के पास से एक दंपत्ति को ड्रग तस्करी के आरोप में पकड़ा गया।

    • उनके पास से 511 ग्राम हेरोइन बरामद की गई
    • अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग ₹2.4 करोड़
    • दो मोबाइल फोन और डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए

    पुलिस के अनुसार, यह दंपत्ति ड्रग नेटवर्क में “बंटी और बबली” नाम से मशहूर था।

    🚓 पुलिस की जांच आगे

    पुलिस अब दोनों मामलों को जोड़कर यह जांच कर रही है कि:

    • क्या दोनों कार्रवाई एक ही नेटवर्क का हिस्सा हैं?
    • क्या इसके पीछे किसी बड़े सिंडिकेट या अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हाथ है?
    • क्या मुंबई में बढ़ते नाइटलाइफ और ऑनलाइन डिलीवरी सिस्टम ने अवैध सप्लाई को आसान बनाया है?

    FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    प्रश्नजवाब
    1. क्या गिरफ्तार आरोपियों के पहले भी केस हैं?पुलिस के अनुसार, इसका पता मोबाइल डाटा और नेटवर्क जांच के बाद ही चलेगा।
    2. क्या यह इंटरनेशनल ड्रग्स चैन का हिस्सा है?शुरुआती जांच में इंटरनेशनल लिंक की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
    3. आगे कार्रवाई क्या होगी?कोर्ट की अनुमति से पुलिस कस्टडी बढ़ाकर सप्लाई चैन की पूरी जानकारी जुटाई जाएगी।
  • मलाड वेस्ट में इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर से छेड़छाड़, सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने पर आरोपी गिरफ्तार

    मलाड वेस्ट में इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर से छेड़छाड़, सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने पर आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई के मलाड वेस्ट में रात के समय टहल रही 20 वर्षीय इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर से छेड़छाड़। पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच जारी।

    मुंबई: देर रात टहल रही मलाड वेस्ट की एक 20 वर्षीय इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर के साथ छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। घटना 26 नवंबर की रात करीब 9:45 बजे हुई, जब एक युवक ने उसके साथ बदसलूकी की और मौके से फरार हो गया। पीड़िता को पुलिस कंट्रोल रूम से तत्काल मदद नहीं मिल पाई, जिसके बाद उसने इंस्टाग्राम पर पूरी घटना पोस्ट की। पोस्ट वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    घटना कैसे हुई?

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता फोन पर बात करते हुए एस.वी. रोड पर रैडिसन होटल ब्रिज के पास टहल रही थी। तभी अचानक पीछे से एक युवक आया, उसे पकड़कर छेड़छाड़ की और सड़क पार कर भाग गया। पीड़िता ने मदद के लिए चीखा, लेकिन कोई भी राहगीर उसकी सहायता के लिए आगे नहीं आया।

    पुलिस हेल्पलाइन नंबर क्यों नहीं लगे?

    पीड़िता ने घटना के तुरंत बाद 100 और महिला सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल किया, लेकिन कॉल कनेक्ट नहीं हो पाया। परेशान होकर उसने अपनी मां को फोन किया, जो मौके पर पहुंचीं और उसे घर ले गईं।

    अगले दिन पीड़िता ने पूरी घटना इंस्टाग्राम पर विस्तृत रूप से बताया और Mumbai Police और बाकी काफी सारे लोगों को टैग किया।

    सोशल मीडिया पोस्ट के बाद तेज हुई कार्रवाई

    जैसे ही पोस्ट वायरल हुई, मुंबई पुलिस हरकत में आ गई। यह मामला गोरगांव पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने के कारण वहां FIR दर्ज की गई। जांच ACP प्रकाश बागल और DCP संदीप यादव की देखरेख में शुरू हुई। जिसमें मालाड़, गोरेगांव और बांगूरनगर पुलिस की तीन टीम तैयार की गई जिसका नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सूर्यकांत खरात को सौंपा गया।

    • तीन पुलिस टीम बनाई गईं
    • होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए
    • तकनीकी जांच के जरिए पहचान हुई

    हालांकि घटना स्थल के पास सीसीटीवी नहीं था, मगर होटल रैडिसन की फुटेज ने जांच में अहम भूमिका निभाई।

    आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी

    पुलिस ने 24 वर्षीय आरोपी कुलदीप कन्नौजिया को गिरफ्तार किया है। वह उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का रहने वाला है और मलाड–गोरगांव के बीच उधोग नगर में स्थित एक प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करता था।

    पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया।

    पीड़िता की पोस्ट ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    पीड़िता ने अपनी पोस्ट में लिखा:

    “मुंबई को सुरक्षित शहर कहा जाता है, लेकिन सड़क के बीच एक आदमी ने ये हरकत की और कोई भी मदद के लिए नहीं आया। हेल्पलाइन नंबर भी काम नहीं कर रहे थे।”

    इस बयान ने सोशल मीडिया पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है।


    FAQ सेक्शन

    प्रश्नउत्तर
    घटना कब हुई?26 नवंबर की रात करीब 9:45 बजे।
    पीड़िता कौन है?20 वर्षीय इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर, नाम गोपनीय रखा गया है।
    आरोपी को गिरफ्तार किया गया है?हाँ, पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है।
    पुलिस ऐक्शन कब हुआ?सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने के तुरंत बाद।
    क्या हेल्पलाइन नंबर काम नहीं कर रहे थे?पीड़िता के अनुसार, उस समय कॉल कनेक्ट नहीं हुआ।
  • बोरिवली में शटर तोड़कर चोरी, शातिर चोर गिरफ्तार

    बोरिवली में शटर तोड़कर चोरी, शातिर चोर गिरफ्तार

    मुंबई के बोरिवली इलाके में दुकान का शटर तोड़कर चोरी करने वाले दो शातिर आरोपी गिरफ्तार। पुलिस ने चोरी हुए तांबे की केबल और घटना में इस्तेमाल रिक्शा बरामद किया है।

    मुंबई: बोरिवली पूर्व में बोरवेल सामग्री की दुकान का शटर तोड़कर चोरी करने वाले दो पेशेवर चोरों को कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने रात में दुकान का ताला तोड़कर करीब 75,000 रुपये की तांबे की केबल चोरी की थी। दोनों आरोपी पहले भी कई चोरी के मामलों में वांछित थे। पुलिस ने चोरी का माल और इस्तेमाल की गई रिक्शा भी बरामद कर ली है।

    🔍 मामला क्या था?

    यह घटना बोरिवली (पूर्व) के कस्तूरबा रोड स्थित साई प्रसाद बिल्डिंग में स्थित बोरवेल सामग्री की दुकान में हुई। दुकान मालिक के मुताबिक 15 नवंबर की शाम 6 बजे से 16 नवंबर की दोपहर 12 बजे के बीच किसी ने दुकान का शटर तोड़कर पॉलीकॅब कंपनी की तांबे की केबल चोरी कर ली थी।

    मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी के जरिए जांच शुरू की। फुटेज में रात करीब 4 बजे दो लोगों को रिक्शा में आते हुए और चोरी करते हुए देखा गया।

    👮 कैसे पकड़े गए आरोपी?

    तफ्तीश के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि यह चोरी शातिर चोर सनोजकुमार चंदूप्रसाद हरिजन उर्फ रामू (27) और उसके साथी सोनू दुबे ने की है।

    इसके बाद पुलिस ने भाईंदर पूर्व के आज़ाद नगर झोपड़पट्टी में सर्च ऑपरेशन चलाकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

    💼 बरामद सामान

    पुलिस ने आरोपियों के पास से:

    • चोरी की तांबे की केबल (₹75,000 मूल्य)
    • घटना में इस्तेमाल रिक्शा (MH 47 C 2473)

    पहचान के आधार पर जब्त की है।

    📁 आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड

    मुख्य आरोपी रामू पहले भी कई चोरी और घरफोड़ियों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ नवघर और मीरा रोड पुलिस थानों में कई मामले दर्ज हैं।

    🎯 पुलिस कार्रवाई और टीम

    यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई। ऑपरेशन में पीएसआई धीरज वायकोस और पुलिस उपनिरीक्षक अनिकेत शिंदे समेत कई अधिकारियों ने हिस्सा लिया।


    ❓ FAQ

    प्रश्नउत्तर
    चोरी कब हुई?15 से 16 नवंबर की रात के बीच।
    चोरी क्या हुई थी?तांबे की केबल जिसकी कीमत लगभग ₹75,000 थी।
    कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?दो आरोपी गिरफ्तार किए गए।
    क्या चोरी का माल मिला?हां, चोरी का माल और रिक्शा बरामद हो चुका है।
    क्या आरोपी पहले से अपराधी थे?हां, मुख्य आरोपी पर पहले से कई मामले दर्ज हैं।
  • DRI ने 11 करोड़ की गोल्ड स्मगलिंग में ‘अन्ना’ को पकड़ा

    DRI ने 11 करोड़ की गोल्ड स्मगलिंग में ‘अन्ना’ को पकड़ा

    मुंबई एयरपोर्ट से जुड़े 11 करोड़ रुपये के सोने की तस्करी केस में DRI ने अंबरनाथ के पुजारी वीरन मुनुस्वामी उर्फ अन्ना को गिरफ्तार किया है। अन्ना पर आरोप है कि वह गोल्ड खरीदकर ब्लैक मार्केट में बेचता था और पैसे हवाला के जरिए भेजता था।

    मुंबई: छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पकड़े गए ₹11 करोड़ की गोल्ड स्मगलिंग केस में DRI ने अब एक बड़े खिलाड़ी वीरन मुनुस्वामी उर्फ अन्ना को गिरफ्तार किया है। अन्ना पर आरोप है कि वह विदेश से आने वाले तस्करों से सोना लेकर उसे ब्लैक मार्केट में बेचता था। इस केस में इससे पहले 6 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं जिनमें एयरपोर्ट स्टाफ भी शामिल थे।

    📍 Background: मामला कब और कैसे शुरू हुआ?

    यह पूरा केस पिछले साल दिसंबर में शुरू हुआ जब कस्टम विभाग ने एयरपोर्ट से 12.5 किलो सोना बरामद किया था। यह सोना कैप्सूल के रूप में काले वेलवेट बैग्स में छिपाया गया था।

    जिन 6 आरोपियों को पहले पकड़ा गया था, उनके नाम:

    • अनिल चव्हाण (29)
    • रोहन चव्हाण (20)
    • विवेक रेवले (36)
    • अरशद शेख (26)
    • अनस पटेल (26)
    • अरबाज तांबोली (21)

    इनमें से तीन आरोपी विदेश से गोल्ड लेकर आते थे और तीन एयरपोर्ट के अंदर काम करके उसे बाहर निकालते थे।

    🧾 अन्ना कैसे फंसा?

    📱 मोबाइल रिकॉर्डिंग और कॉल डिटेल्स ने खोला राज़

    DRI को आरोपी अरशद शेख के फोन से कुछ ऑडियो क्लिप्स और कॉल रिकॉर्डिंग्स मिलीं। इनमें एक व्यक्ति, जिसे “अन्ना” कहा जा रहा था, को सोना डिलीवर करने की बात हो रही थी।

    कॉल डिटेल्स में देखा गया कि:

    • अन्ना बार-बार तस्करों से संपर्क में था
    • वह कई बार एयरपोर्ट के पास मौजूद पाया गया
    • उसने अपने कॉल और विज़िट का कोई सही कारण नहीं बताया

    💰 ब्लैक मार्केट में बिकता था सोना

    जांच में पता चला कि अन्ना सोना खरीदकर ब्लैक मार्केट में बेचता था और वहां से मिलने वाली रकम को हवाला चैनल्स के जरिए विदेश भेजा जाता था।

    इसी वजह से DRI ने उसे “सिंडिकेट का की-प्लेयर” बताया है।


    ❓ FAQ सेक्शन

    प्रश्नजवाब
    अन्ना कौन है?अन्ना यानी वीरन मुनुस्वामी, अंबरनाथ का निवासी और इस गोल्ड तस्करी गिरोह का मुख्य खरीदार बताया जा रहा है।
    कितना सोना बरामद हुआ?अब तक लगभग 13 किलो सोना, जिसकी कीमत लगभग ₹11 करोड़ बताई जा रही है।
    कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?अब तक 7 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें एयरपोर्ट स्टाफ भी शामिल हैं।
    सोना विदेश से कैसे लाया जा रहा था?सोना पाउडर के रूप में कैप्सूल में भरकर यात्रियों द्वारा एयरपोर्ट पर लाया जा रहा था।
  • जन्मदिन पर दोस्त बने दुश्मन: युवक पर पेट्रोल डालकर लगाई आग, 5 पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज

    जन्मदिन पर दोस्त बने दुश्मन: युवक पर पेट्रोल डालकर लगाई आग, 5 पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज

    मुंबई में एक युवक के जन्मदिन पर उसके ही दोस्तों ने पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जलाने की कोशिश की। आग मे गंभीर झुलस चुके युवक का इलाज जारी, पांच आरोपी नामजद।

    अहमद शेख
    मुंबई: सांताक्रूज़ पूर्व में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जन्मदिन मनाने के बहाने दोस्तों ने 21 वर्षीय युवक को बुलाकर उस पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की। गंभीर रूप से झुलसे युवक का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि पुलिस ने सभी पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।

    केक काटते ही हमला शुरू

    पीड़ित अबुल रहमान मकसूद आलम खान, बीएएफ के दूसरे वर्ष का छात्र है। 24 नवंबर की रात उसके दोस्त अयाज़ मलिक ने आधी रात को केक कटिंग का प्लान बताया। खुशी-खुशी अबुल कोहिनूर फेज-3 सोसायटी के विंग 26 पर पहुंच गया।

    अचानक जैसे ही उसने जन्मदिन का केक काटने के लिए चाकू उठाया, उसके ही पांच दोस्तों —
    अयाज़ मलिक, अशरफ मलिक, कासिम चौधरी, हुसैफा खान और शरीफ शेख — ने उस पर हमला शुरू कर दिया।

    वे उसे पत्थर मारने लगे। इसी दौरान अयाज़ और अशरफ बोतल में लाया गया पेट्रोल उस पर उड़ेलने लगे।

    लाइटर से लगाई आग, दौड़कर बचाई जान

    अबुल गंध सूंघते ही चिल्लाते हुए भागने लगा, पर तभी अयाज़ ने लाइटर जलाकर आग लगा दी।

    कुछ ही सेकंड में उसके कपड़े धधकने लगे।
    वह जान बचाने के लिए पास की बिल्डिंग की ओर दौड़ा।

    गेट पर मौजूद गार्ड से पानी लेकर खुद पर डाला, फिर पास के नल पर जाकर आग बुझाई।

    अस्पताल में भर्ती, शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर जलन

    अबुल के चेहरे, कानों, बालों, छाती, दोनों हाथों और दाएँ हाथ पर गहरी जलन है।
    आरोपियों में से हुसैफा उसे खुद अस्पताल भी लेकर गया।

    पुलिस ने दर्ज किया Attempt to Murder का केस

    वाकोला पुलिस के मुताबिक—

    “आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है। हम घटना के असली कारण की जांच कर रहे हैं।”


    FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1️⃣ घटना कहां हुई?
    कोहिनूर फेज-3 सोसायटी, वाकोला, मुंबई में।

    2️⃣ पीड़ित कौन है?
    अबुल रहमान मकसूद आलम खान, 21 वर्ष, BAF छात्र।

    3️⃣ कितने आरोपी हैं?
    पांच नामजद आरोपी: अयाज़, अशरफ, कासिम, हुसैफ़ा और शरीफ।

    4️⃣ क्या मामला दर्ज हो गया है?
    हाँ, हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया गया है।

    5️⃣ क्या पीड़ित की हालत खतरे से बाहर है?
    उसे गंभीर जलन है, इलाज जारी है।

  • 5 साल की बच्ची चुराकर 1 लाख 80 हजार में बेचने का खुलासा, 6 गिरफ्तार

    5 साल की बच्ची चुराकर 1 लाख 80 हजार में बेचने का खुलासा, 6 गिरफ्तार

    मुंबई के वाकोला पुलिस ने अपहृत 5 वर्षीय बच्ची को पनवेल से बरामद कर लिया। बच्ची को ₹1.80 लाख में बेच दिया गया था। मामले में छह आरोपी गिरफ्तार।

    मुंबई: वाकोला पुलिस ने शनिवार को चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए 5 साल की अपहृत बच्ची को पनवेल से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में एक ऑटो चालक, बच्ची के मामा-मामी समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बच्ची को ₹1.80 लाख में बेच दिया गया था।

    शिकायत के बाद दो दिनों तक चली खोज

    पुलिस के अनुसार, शनिवार दोपहर 12:30 बजे बच्ची की मां ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी बेटी अचानक लापता हो गई है। चूंकि मामला एक नाबालिग बच्ची के अपहरण का था, इसलिए इसे गंभीर अपराध मानते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की गई।

    पुलिस ने 48 घंटे तक लगातार सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और गुप्त सूत्रों की मदद से ऑटो रिक्शा की पहचान की, जिसमें बच्ची को आखिरी बार देखा गया था।

    पहला सुराग: ऑटो चालक की गिरफ्तारी

    जांच में पता चला कि संदिग्ध ऑटो चालक पनवेल के आसपास चलता है। गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने सोमवार को लतीफ अब्दुल मजीद शेख (52) को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि बच्ची के अपहरण में उसके मामा लॉरेंस निकोलस फर्नांडिस (42) और मामी मंगल दगडू जाधव (38) शामिल थे।

    बच्ची को पहले ₹90,000 और फिर ₹1.80 लाख में बेचा गया

    पुलिस के अनुसार—

    • पहले बच्ची को करण मारुति सानस को ₹90,000 में बेचा गया।
    • बाद में सानस ने बच्ची को दो महिलाओं — वृंदा विनेह चव्हाण (60) और अंजली कोरगांवकर (57) को ₹1.80 लाख में बेच दिया।

    पनवेल से बच्ची बरामद

    पुलिस टीम ने जब पनवेल स्थित घर में तलाशी ली, तो बच्ची सही सलामत मिली। मंगलवार को बच्ची को उसकी मां के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस का बयान

    पुलिस अधिकारी ने बताया—

    “मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। हम अपहरण और बच्ची को बेचने की वजह की जांच कर रहे हैं।”


    FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. बच्ची का अपहरण कब हुआ था?

    शनिवार को बच्ची लापता हुई और दो दिनों की जांच के बाद उसे बरामद किया गया।

    2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?

    कुल छह आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।

    3. क्या अपहरण में बच्ची के परिवार वाले शामिल थे?

    हाँ, बच्ची का मामा और मामी भी इस मामले में शामिल थे।

    4. बच्ची कहाँ से बरामद हुई?

    पुलिस ने उसे पनवेल से बरामद किया।

    5. बच्ची को कितने में बेचा गया था?

    पहले ₹90,000 और बाद में ₹1.80 लाख में।

  • गोरेगांव किशोरी आत्महत्या केस — एक्स बॉयफ्रेंड की धमकी पर FIR

    गोरेगांव किशोरी आत्महत्या केस — एक्स बॉयफ्रेंड की धमकी पर FIR

    मुंबई के गोरेगांव में 17 वर्षीय लड़की ने अपने एक्स बॉयफ्रेंड द्वारा पैसे न देने पर उसकी मॉर्फ्ड तस्वीरें वायरल करने की धमकी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने आरोपी पर BNS की धारा 108 के तहत सुसाइड के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है।

    मुंबई: गोरेगांव पश्चिम इलाके में एक 17 साल की किशोरी ने बुधवार को आत्महत्या कर ली। पुलिस जांच में सामने आया कि उसके एक्स बॉयफ्रेंड ने पैसे न देने पर उसकी मॉर्फ्ड (एडिटेड) इंटिमेट तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करने की धमकी दी थी। भावनात्मक शोषण और एक्सटॉर्शन से परेशान किशोरी ने घर पर फांसी लगाकर जान दे दी। गोरेगांव पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 108 के तहत सुसाइड के लिए उकसाने की FIR दर्ज की है और आरोपी युवक की तलाश जारी है।

    🔹 मामला कैसे शुरू हुआ — रिलेशनशिप से ब्लैकमेलिंग तक

    पुलिस के मुताबिक नाबालिग लड़की उसी इलाके के आरोपी युवक के साथ रिलेशनशिप में थी।
    अगस्त में दोनों चेन्नई भाग गए, लेकिन परिवार ने लड़की को ढूंढकर वापस घर ले आया और लड़के से सारे कॉन्टैक्ट खत्म करने को कहा।

    कुछ समय बाद आरोप है कि लड़के ने लड़की की मॉर्फ्ड तस्वीरें बनाईं और पैसे मांगने लगा।
    पैसे न देने पर तस्वीरें वायरल करने की धमकी देता था।

    🔹 चोरी करके दिए पैसे — लेकिन दहशत खत्म नहीं हुई

    ब्लैकमेलिंग के डर से पीड़ित किशोरी घर से पैसे चुराकर आरोपी को दे चुकी थी।
    15 नवंबर को जब पिता ने पैसे गायब देखे, तो गोरगांव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई।

    उस समय लड़के के खिलाफ सिर्फ नॉन-कॉग्निजेबल (NC) दर्ज हुआ और पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ दिया।
    लेकिन इसके बाद भी किशोरी मानसिक रूप से परेशान रहती थी और घरवालों से बात नहीं कर रही थी।

    🔹 3 दिन बाद दुखद घटना — घर में फांसी

    अधिकारियों के अनुसार बुधवार को जब घर में कोई नहीं था, किशोरी ने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी।
    परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और केस दर्ज किया गया।

    🔹 कानूनी कार्रवाई — आत्महत्या के लिए उकसाने की FIR

    गोरेगांव पुलिस के एक अधिकारी ने बताया:

    👉 आरोपी पर BNS की धारा 108 — आत्महत्या के लिए उकसाना के तहत FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की गई है।
    👉 आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।


    FAQ — गोरगांव किशोरी मामले पर सवाल-जवाब

    प्रश्नउत्तर
    लड़की ने आत्महत्या क्यों की?एक्स बॉयफ्रेंड के ब्लैकमेल और मॉर्फ्ड तस्वीरें वायरल करने की धमकी से परेशान होकर।
    आरोपी पर किस धारा में केस दर्ज हुआ है?BNS धारा 108 — आत्महत्या के लिए उकसाना।
    क्या आरोपी पकड़ा गया है?अभी फरार है, पुलिस तलाश कर रही है।
    क्या पीड़ित के परिवार ने पहले शिकायत की थी?हां, 15 नवंबर को, लेकिन तब सिर्फ NC दर्ज हुआ था।
    क्या पुलिस इस मामले में साइबर क्राइम यूनिट से मदद लेगी?जांच टीम के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर साइबर टीम को जोड़ा जाएगा।
  • मालाड वेस्ट में हिट एंड रन में बाइक सवार की मौत

    मालाड वेस्ट में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार नारायण सिंह को टक्कर मारकर फरार हो गया। घायल को अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज से पहले ही उनकी मौत हो गई।

    मुंबई: मालाड वेस्ट में बुधवार सुबह एक हिट-एंड-रन हादसे में बाइक सवार की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रक ने न्यू लिंक रोड पर टक्कर मारी और घबराकर चालक मौके से भाग निकला। पुलिस के अनुसार मृतक 32 वर्षीय नारायण सिंह मलवनी में पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते थे और अंधेरी ईस्ट में बिल्डिंग वॉटर सप्लाई का काम करते थे। हादसे के बाद बांगुर नगर पुलिस ने ट्रक ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

    📍 हादसा कैसे हुआ — पुलिस की प्रारंभिक जानकारी

    19 नवंबर की सुबह नारायण सिंह अपनी मोटरसाइकिल से न्यू लिंक रोड से अंधेरी की ओर जा रहे थे।
    टॉयोटा सिग्नल के पास अचानक तेज रफ्तार ट्रक उनकी बाइक से टकरा गई।
    टक्कर इतनी जोरदार थी कि सिंह सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।
    हादसे के बाद ट्रक चालक रुकने के बजाय मौके से फरार हो गया।

    🏥 हादसे के बाद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जान नही बच सकी

    तुरंत सूचना मिलने पर पुलिस ने उन्हें तुरंत ट्रॉमा केयर अस्पताल पहुंचाया और घर पर खबर दी।
    पत्नी दक्षा सिंह तुरंत अस्पताल पहुंचीं, लेकिन डॉक्टरों ने सुबह करीब 10:30 बजे नारायण सिंह को मृत घोषित कर दिया।
    परिवार अब सदमे में है — वह दो छोटे बच्चों और पत्नी का सहारा थे।

    👮 केस दर्ज, आरोपी ट्रक ड्राइवर की तलाश जारी

    बांगुर नगर पुलिस ने

    • लापरवाही से वाहन चलाने
    • मौत का कारण बनने
    • और मदद किए बिना फरार होने
      के आरोपों में मामला दर्ज किया है।
      पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और ट्रक की पहचान के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।

    ❓ FAQ — पूछे जाने वाले सामान्य सवाल

    सवालजवाब
    हादसा किस दिन हुआ?19 नवंबर, बुधवार की सुबह।
    हादसा कहाँ हुआ?मालाड वेस्ट, न्यू लिंक रोड, टॉयोटा सिग्नल के पास।
    मृतक कौन थे?नारायण सिंह, जो मलवनी में परिवार के साथ रहते थे।
    दुर्घटना कैसे हुई?तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को टक्कर मारी और ड्राइवर फरार हो गया।
    केस किस थाने में दर्ज है?बांगुर नगर पुलिस स्टेशन में।
    क्या आरोपी ड्राइवर गिरफ्तार हुआ?पुलिस फुटेज के आधार पर उसकी तलाश कर रही है।
  • गोरेगांव में ऑटो ड्राइवर का फोन उड़ाने वाले दो चोर गिरफ्तार

    गोरेगांव में ऑटो ड्राइवर का फोन उड़ाने वाले दो चोर गिरफ्तार

    मुंबई के गोरेगांव में ऑटो रिक्शा ड्राइवर का मोबाइल चोरी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी स्टीयरिंग पर बंधा फोन झटके में उड़ाकर फरार होते थे। दोनों पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

    मुंबई: गोरेगांव इलाके में ऑटो रिक्शा ड्राइवर के स्टीयरिंग पर बंधा मोबाइल फोन चोरी करने वाले दो कुख्यात चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम सोहेल खान और संदीप मोहिते बताए गए हैं, जो गोरेगांव लिंक रोड़ स्थित भगत सिंह नगर झोपड़पट्टी के रहने वाले हैं। आधी रात हुई चोरी की वारदात के बाद बांगुर नगर पुलिस की टीम ने कुछ ही घंटों में दोनों को पकड़ लिया।

    वारदात कैसे हुई: रात 12:30 बजे रिक्शा में बैठे ड्राइवर का फोन उड़ाया

    44 वर्षीय ऑटो ड्राइवर मनोज साव लिंक रोड पर यात्रियों का इंतज़ार कर रहे थे। उनका फोन स्टीयरिंग पर रबर बैंड से बंधा हुआ था ताकि वे नेविगेशन आसानी से देख सकें।
    इसी दौरान आरोपी वहां आए और झटके में मोबाइल (कीमत ₹6,000) उड़ाकर फरार हो गए। ड्राइवर ने तुरंत पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई।

    जांच में खुलासा: दोनों आरोपी बेरोजगार, इलाके में कई चोरी की वारदातों में शामिल

    पुलिस की जांच में सबसे पहले सोहेल खान पकड़ा गया। उससे पूछताछ में संदीप मोहिते का नाम सामने आया।
    दोनों से कुल दो चोरी के मोबाइल फोन (कुल कीमत ₹11,000) बरामद हुए। पुलिस को शक है कि वे इसी तरह की कई चोरियों में शामिल रहे हैं।

    संदीप मोहिते का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड

    संदीप मोहिते पर

    • 22 पुराने मामले दर्ज हैं
    • बांगुर नगर, गोरेगांव और कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में चोरी और गैरकानूनी गतिविधियों के केस
    • पहले भी DCP संदीप जाधव ने उसे शहर की सीमा में दाखिल होने से प्रतिबंधित किया था
      सोहेल खान पर भी 2 पुराने केस दर्ज हैं।

    पुलिस का कहना है कि दोनों चोरी को अपना “नियमित धंधा” बना चुके थे और रिक्शा ड्राइवरों के स्टीयरिंग पर लगे फोन उनकी खास टारगेट लिस्ट में थे।


    FAQ सेक्शन

    1. चोरी की घटना कब और कहां हुई थी?

    वारदात आधी रात करीब 12:30 बजे गोरेगांव लिंक रोड पर भगत सिंह नगर के पास हुई।

    2. गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और कहां के रहने वाले हैं?

    सोहेल खान और संदीप मोहिते, दोनों भगत सिंह नगर झोपड़पट्टी इलाके के निवासी हैं।

    3. आरोपियों से क्या बरामद हुआ?

    पुलिस ने दोनों के पास से दो चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी कीमत करीब ₹11,000 है।

    4. क्या आरोपियों का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड है?

    हाँ, संदीप मोहिते पर 22 पुराने केस और सोहेल खान पर 2 पुराने केस दर्ज हैं।

  • मुंबई में 100 से ज़्यादा चोरी करने वाला कुख्यात चोर गिरफ्तार

    मुंबई में 100 से ज़्यादा चोरी करने वाला कुख्यात चोर गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस ने 100 से ज़्यादा दुकानों में सेंधमारी करने वाले कुख्यात चोर मोनू उर्फ़ आज़न खान को गिरफ्तार किया। मेडिकल स्टोर, हार्डवेयर व मिठाई दुकानों को निशाना बनाने वाला यह आरोपी सिर्फ़ कैश चुराता था। पढ़ें पूरी खबर।

    मुंबई लंबे समय से फरार चल रहे 38 वर्षीय अजान खान उर्फ़ मोनू को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जो शहर में 100 से ज़्यादा दुकानों में सेंधमारी कर चुका है। यह आरोपी सिर्फ़ नकदी चुराता था और चोरी के तुरंत बाद ड्रग्स और फिज़ूलखर्ची में पैसे उड़ा देता था। पुलिस की 10 दिन की निगरानी के बाद उसे मलवानी इलाके से रंगे हाथों पकड़ा गया।

    मोनू का अनोखा चोरी करने का तरीका

    पुलिस के मुताबिक, मोनू की चोरी करने की शैली बाकी चोरों से अलग थी।
    वह सिर्फ़ उन दुकानों को निशाना बनाता था जहां नकदी मिलने की संभावना अधिक हो—जैसे मेडिकल स्टोर, हार्डवेयर शॉप, मिठाई की दुकानें, किराना स्टोर व छोटी दुकानें
    खास बात यह थी कि वह ज्वेलरी, मोबाइल फोन या कोई कीमती सामान नहीं चुराता था
    चोरी में हाथ लगते ही वह पूरा पैसा ड्रग्स और पार्टी में खर्च कर देता था और फिर दो दिन तक गायब रहता था।

    कई इलाकों की पुलिस कर रही थी तलाश

    मोनू मलवानी क्षेत्र में रहता था, लेकिन परिवार के साथ नहीं रहता था।
    मुंबई के कांदिवली, मालाड और बांगुर नगर में उसने कई चोरी की वारदातें की थीं।
    कई पुलिस टीमें एक साल से उसकी तलाश में थीं, लेकिन वह हर बार बच निकलता था।

    10 दिन तक पुलिस ने की लगातार निगरानी

    DCP संदीप जाधव और ACP नीता पाडवी के मार्गदर्शन में
    सीनियर इंस्पेक्टर करण सोनकवडे,
    असिस्टेंट इंस्पेक्टर हेमंत गीते
    और सब-इंस्पेक्टर नितिन साटम की टीम ने आरोपी पर करीब 10 दिन तक लगातार नज़र रखी।

    CCTV फुटेज में सामने आया कि वह हर रात लगभग 2.30 बजे मार्वे रोड, स्थित मालवनी कब्रिस्तान के पास वाले सिग्नल से गुजरता है
    पुलिस टीम उसकी रूटीन मूवमेंट का पीछा करते हुए शनिवार की रात उसे पकड़ने में सफल रही।

    रंगे हाथों गिरफ्तार, चोरी की बाइक भी बरामद

    शनिवार देर रात पुलिस ने उसे एक दुकान का शटर उठाते समय रंगे हाथों पकड़ लिया।
    जांच में पता चला कि जिस बाइक से वह घूमता था वह भी मटुंगा इलाके से चोरी की गई थी
    अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है और चोरी की रकम व सामान की बरामदगी की कोशिशें जारी हैं।

    कई मामलों का खुलासा

    कांदिवली पुलिस के मुताबिक, मोनू की गिरफ्तारी के बाद अब तक
    10 चोरी के मामले सुलझाए जा चुके हैं,
    जिनमें छह मामले कांदिवली के, जबकि बाकी मालाड और बांगुर नगर के हैं।
    पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी मामले खुल सकते हैं।


    FAQ सेक्शन

    1. मोनू कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?

    मोनू उर्फ़ आज़न खान पर मुंबई में 100 से ज़्यादा दुकानों में चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने उसे मलवानी इलाके से रंगे हाथों पकड़ा।

    2. वह किस तरह की दुकानों को निशाना बनाता था?

    वह सिर्फ़ मेडिकल स्टोर, हार्डवेयर दुकानें, मिठाई और किराना दुकानों में सेंध लगाता था और सिर्फ़ नकदी चुराता था।

    3. पुलिस ने उसे कैसे पकड़ा?

    करीब 10 दिन की निगरानी और CCTV फुटेज की मदद से उसकी हर रात की मूवमेंट ट्रैक की गई। अंत में उसे शटर उठाते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया।

    4. क्या चोरी का सामान बरामद हुआ है?

    पुलिस ने उसकी चोरी की बाइक बरामद की है, और बाकी चोरी की रकम व सामान की तलाश जारी है।

    5. आरोपी पर अब तक कितने केस दर्ज हैं?

    कांदिवली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के साथ 10 चोरी के केस सुलझा लिए हैं, और संख्या बढ़ सकती है।