Tag: Mumbai Crime

  • मालाड के होटल रूम में मिला छुपा कैमरा, कपल ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    मालाड के होटल रूम में मिला छुपा कैमरा, कपल ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    मुंबई के मालाड ईस्ट स्थित एक होटल के कमरे में इलेक्ट्रिक सॉकेट के अंदर छुपा कैमरा मिलने से हड़कंप मच गया। कपल की शिकायत पर दिंडोशी पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है।

    मुंबई: मालाड ईस्ट इलाके में एक होटल के कमरे में छुपा कैमरा मिलने से मेहमानों की सुरक्षा और निजता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक युवा कपल ने इलेक्ट्रिक सॉकेट के अंदर लगे मिनी स्पाई कैमरे को देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। दिंडोशी पुलिस ने डिवाइस जब्त कर फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं और मामले की गहन पड़ताल शुरू कर दी है।

    मालाड ईस्ट के होटल में चौंकाने वाली घटना

    यह घटना दफ्तरी रोड, मालाड ईस्ट स्थित प्रगति शॉपिंग सेंटर की तीसरी मंज़िल पर मौजूद A1 होटल की है। शिकायतकर्ता 21 वर्षीय युवती अपने मंगेतर के साथ 27 दिसंबर की रात करीब 9:40 बजे होटल में चेक-इन कर रूम नंबर A-3 में ठहरी थी।

    अगली सुबह करीब 9 बजे, युवती की नज़र कमरे के दरवाज़े के पास एक ऐसे इलेक्ट्रिक सॉकेट पर पड़ी, जो इस्तेमाल में नहीं था। वहां से एक पतली वायर बाहर निकली हुई दिखाई दी।

    इलेक्ट्रिक प्लग के अंदर छुपा था मिनी कैमरा

    सॉकेट की बारीकी से जांच करने पर कपल को उसके अंदर मिनी स्पाई कैमरा छुपा हुआ मिला। यह देखते ही दोनों घबरा गए और तुरंत 103 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।

    दिंडोशी पुलिस मौके पर पहुंची और कैमरे को जब्त कर लिया।

    होटल मालिक और स्टाफ पर गंभीर आरोप

    पुलिस अधिकारी के मुताबिक, युवती ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि
    होटल मालिक, मैनेजर और अन्य संबंधित लोगों ने जानबूझकर कैमरा लगाया, ताकि होटल में ठहरने वाले मेहमानों की बिना अनुमति गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग की जा सके।

    आईटी एक्ट और बीएनएस के तहत केस दर्ज

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
    जब्त किए गए कैमरे को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

    फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस यह जांच कर रही है कि

    • क्या होटल के अन्य कमरों में भी ऐसे कैमरे लगे हैं?
    • क्या पहले भी मेहमानों की रिकॉर्डिंग की गई है?

    होटल मैनेजमेंट से संपर्क नहीं

    मामले पर होटल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन होटल स्टाफ ने मैनेजर का संपर्क नंबर देने से इनकार कर दिया।

    स्पाई कैमरा कैसे पहचानें? (Safety Tips)

    साइबर और सुरक्षा विशेषज्ञ दीप मेहता (Ernst & Young LLP) ने कुछ आसान उपाय बताए हैं:

    • 📱 फोन कॉल टेस्ट: संदिग्ध जगह के पास कॉल करें, अगर आवाज़ में रुकावट आए तो डिवाइस हो सकता है
    • 📻 FM रेडियो: फोन का FM रेडियो चालू कर सॉकेट, बाथरूम या दीवारों के पास रखें
    • 🔍 बग डिटेक्टर डिवाइस: अक्सर यात्रा करने वालों को पोर्टेबल डिटेक्टर साथ रखना चाहिए
    • इलेक्ट्रिक टेस्टर: सॉकेट के पास लगाने से नकली या डमी फिटिंग का पता चलता है

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई?
    मालाड ईस्ट, दफ्तरी रोड स्थित A1 होटल में।

    Q2. कैमरा कहां छुपाया गया था?
    कमरे के दरवाज़े के पास एक अनयूज्ड इलेक्ट्रिक सॉकेट के अंदर।

    Q3. पुलिस ने कौन-सी कार्रवाई की?
    कैमरा जब्त कर फॉरेंसिक जांच भेजा गया और केस दर्ज किया गया।

    Q4. क्या कोई गिरफ्तारी हुई है?
    फिलहाल नहीं, जांच जारी है।

    Q5. होटल में ठहरते समय क्या सावधानी रखें?
    कमरे के सॉकेट, बाथरूम, दीवारों और लाइट फिटिंग की जांच ज़रूर करें।

  • मालाड में एक्टिवा चोर गिरफ्तार, 5 स्कूटर बरामद; 4 चोरी के मामले सुलझे

    मालाड में एक्टिवा चोर गिरफ्तार, 5 स्कूटर बरामद; 4 चोरी के मामले सुलझे

    मुंबई के मालाड और आसपास के इलाकों में एक्टिवा चोरी करने वाले आरोपी को मालाड पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी से 5 स्कूटर बरामद कर कुल 4 वाहन चोरी के मामले सुलझाए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें।

    मुंबई: मालाड और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर मालाड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से कुल 5 होंडा एक्टिवा स्कूटर बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 3.5 लाख रुपये बताई जा रही है। इस गिरफ्तारी से मालाड, जोगेश्वरी और विनोबा भावे नगर पुलिस थानों में दर्ज 4 मोटरसाइकिल चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है।

    कैसे हुआ चोरी का मामला दर्ज?

    दिनांक 20 दिसंबर 2025 को मालाड पश्चिम स्थित न्यू लिंक रोड पर क्लाउड नाइन हॉस्पिटल के सामने गली से एक होंडा एक्टिवा स्कूटर चोरी हो गया था। इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर मालाड पुलिस थाने में गु.र.क्र. 929/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303(2) में मामला दर्ज किया गया था।

    CCTV फुटेज से खुली चोरी की परतें

    मामले की जांच के दौरान मालाड पुलिस के गुन्हे प्रकटीकरण पथक ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे 40 से 50 CCTV कैमरों की बारीकी से जांच की। फुटेज खंगालने पर सामने आया कि अलग-अलग जगहों से एक्टिवा चोरी करने वाला आरोपी एक ही व्यक्ति है।
    CCTV में आरोपी स्कूटर लेकर मालवणी की दिशा में जाते हुए दिखाई दिया, जिससे पुलिस को अहम सुराग मिला।

    दो दिन-रात की मेहनत के बाद आरोपी दबोचा

    पुलिस उपनिरीक्षक तुषार सुखदेवे और गुन्हे प्रकटीकरण पथक ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर लगातार दो दिन तक निगरानी रखी। आखिरकार आरोपी को उसके रहने वाले इलाके से हिरासत में लिया गया।
    पूछताछ के दौरान आरोपी ने पिछले 5 से 6 महीनों में मालाड, जोगेश्वरी और वी.बी. नगर इलाके से कई मोटरसाइकिल चोरी करने की कबूलनामा किया।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान

    गिरफ्तार आरोपी का नाम:

    • सुरेंद्र बोम्मा (उम्र 18 साल 3 महीने)
    • पता: रूम नं. 1, कर्मभूमि सोसायटी, राठोड़ी गांव, शंकर मंदिर के सामने, मालवणी, मालाड (पश्चिम), मुंबई

    कम उम्र में लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम देना पुलिस के लिए भी चौंकाने वाला रहा।

    सुलझाए गए चोरी के मामले

    इस गिरफ्तारी से कुल 4 वाहन चोरी के मामले सुलझाए गए हैं:

    मालाड पुलिस थाना

    1. गु.र.क्र. 929/2025 – धारा 303(2)
    2. गु.र.क्र. 293/2025 – धारा 303(2)

    विनोबा भावे नगर पुलिस थाना

    1. गु.र.क्र. 815/2025 – धारा 303(2)

    जोगेश्वरी पुलिस थाना

    1. गु.र.क्र. 504/2025 – धारा 303(2)

    आरोपी से बरामद की गई स्कूटर

    पुलिस ने आरोपी के पास से कुल 5 होंडा एक्टिवा स्कूटर जब्त की हैं:

    1. MH-48-AV-2569 (सिल्वर) – ₹70,000
    2. MH-02-DH-4545 (सफेद) – ₹70,000
    3. MH-31-EB-7240 (ग्रे) – ₹70,000
    4. MH-47-S-6328 (ग्रे) – ₹70,000
    5. MH-03-CC-1916 (सफेद) – ₹70,000

    👉 कुल कीमत: ₹3,50,000

    वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रादेशिक विभाग के अपर पुलिस आयुक्त शशि कुमार मीना, पुलिस उप आयुक्त संदीप जाधव, सहायक पुलिस आयुक्त प्रकाश बागल के मार्गदर्शन में की गई।
    मालाड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चव्हाण और पुलिस निरीक्षक (गुन्हे) संजय बेडवाल के निर्देशन में यह सफल ऑपरेशन अंजाम दिया गया।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आरोपी कितनी गाड़ियों की चोरी में शामिल था?
    आरोपी ने 5 से ज्यादा मोटरसाइकिल चोरी करने की बात कबूल की है, जिनमें से 4 मामले सुलझाए गए हैं।

    Q2. पुलिस ने कितनी स्कूटर बरामद की हैं?
    कुल 5 होंडा एक्टिवा स्कूटर बरामद की गई हैं।

    Q3. आरोपी की उम्र क्या है?
    आरोपी की उम्र 18 साल 3 महीने है।

    Q4. चोरी किन इलाकों में हुई थी?
    मालाड, जोगेश्वरी और विनोबा भावे नगर इलाकों में चोरी की घटनाएं हुई थीं।

  • फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    मुंबई के मालाड में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़ित गैस एजेंसी मालिक डर के कारण आत्महत्या करने दहाणू स्टेशन तक पहुंच गया था।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में फर्जी पुलिस अधिकारियों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। मालाड के एक एलपीजी एजेंसी मालिक से 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन ठगों की धमकियों से इतना डर फैल गया कि 39 वर्षीय पीड़ित घर छोड़कर दहाणू रेलवे स्टेशन पर आत्महत्या करने की सोच रहा था, जहां पुलिस ने समय रहते उसकी जान बचा ली।

    पत्नी की शिकायत से खुला पूरा मामला

    यह मामला तब सामने आया जब 15 दिसंबर को पीड़ित की पत्नी ने दिंडोशी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके पति अचानक घर छोड़कर चले गए हैं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह गंभीर मानसिक दबाव में था और खुद को फर्जी केस में फंसाया जाने से डर रहा था।

    गणपति पंडाल से शुरू हुई ठगी की कहानी

    पुलिस के मुताबिक, ठगी की शुरुआत सितंबर में हुई थी। पीड़ित ने अपने परिचित प्रवीण खेडेकर को गणपति पंडाल के लिए करीब ₹10,500 उधार दिए थे। कुछ समय बाद खेडेकर ने उससे ₹50,000 और मांगा जिसमें उसने मोबाइल ट्रांसफर एक अन्य नंबर पर करवाया।

    यहीं से शुरू हुआ फर्जी पुलिस कॉल का खेल

    “तुम पर मर्डर का शक है” – फर्जी जॉइंट सीपी की धमकी

    पैसे ट्रांसफर करने के बाद पीड़ित को एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस बताया और कहा कि
    ₹10,500 की रकम सुपारी देकर हत्या कराने की एडवांस पेमेंट है।
    इस धमकी से पीड़ित पूरी तरह डर गया।

    “तुम्हें बचाने के लिए हत्या कर दी” – फिर मांगे 2 लाख

    कुछ दिन बाद एक और कॉल आया, जिसमें ठग ने कहा कि खेडेकर को पीड़ित को बचाने के लिए मार दिया गया है, और अब इसके बदले ₹2 लाख देने होंगे
    इसके बाद लगातार कॉल आने लगे। हर बार रकम बढ़ती गई —
    ₹50,000 से शुरू होकर ₹7 लाख तक

    मुंबई पुलिस कमिश्नर बनकर मांगे 20 लाख

    ठगों में से एक ने खुद को “अविनाश शिंदे” नाम का पुलिस अधिकारी बताया। बाद में तो हद तब हो गई जब एक आरोपी ने खुद को मुंबई पुलिस कमिश्नर बताते हुए तुरंत गिरफ्तारी रोकने के लिए ₹20 लाख की मांग कर डाली।

    बुजुर्ग के जरिए होती थी नकद वसूली

    पीड़ित ने पुलिस को बताया कि जब भी वह नकद पैसे देता था, तो एक बुजुर्ग व्यक्ति सार्वजनिक गार्डन में आकर पैसे ले जाता था
    जांच में पता चला कि कई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन उसी बुजुर्ग के मोबाइल से किए गए थे।

    कर्ज लेकर दिए 99 लाख रुपये

    डर और धमकियों के चलते पीड़ित ने

    • करीब ₹80 लाख नकद
    • और ₹19 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर
      किए। इसके लिए उसने फाइनेंस कंपनियों से कर्ज भी लिया। फिर भी उसे लगने लगा कि उसकी गिरफ्तारी तय है।

    आत्महत्या के इरादे से दहाणू पहुंचा पीड़ित

    15 दिसंबर को वह घर छोड़कर चला गया। पुलिस ने उसे दहाणू रेलवे स्टेशन पर पाया, जहां वह आत्महत्या करने की हिम्मत जुटा रहा था
    एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “वह इतना डर चुका था कि उसे मरना ही एकमात्र रास्ता लग रहा था।”

    CDR जांच से तीनों आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले, जिससे

    • प्रवीण खेडेकर,
    • प्रवीण काटे
      और एक अन्य साथी का नाम सामने आया।
      तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बुजुर्ग ने दावा किया कि उसे ठगी की जानकारी नहीं थी और उसने सिर्फ अपना फोन इस्तेमाल करने दिया था।

    कानूनी कार्रवाई

    दिंडोशी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (उगाही) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच जारी है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: पीड़ित कौन है?
    A: मालाड का 39 वर्षीय एलपीजी गैस एजेंसी मालिक।

    Q2: ठगों ने कितनी रकम वसूली?
    A: कुल ₹99 लाख।

    Q3: पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया?
    A: तीन आरोपियों को।

    Q4: मामला किस थाने में दर्ज है?
    A: दिंडोशी पुलिस थाना।

  • Nude Video Blackmailing: मुंबई में चार उभरते अभिनेता गिरफ्तार

    Nude Video Blackmailing: मुंबई में चार उभरते अभिनेता गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड में चार aspiring actors ने एक कारोबारी को उसका Nude Video वायरल करने की धमकी देकर 6 लाख रुपये ऐंठने की कोशिश की। पुलिस ने जाल बिछाकर सभी को गिरफ्तार किया।

    मुंबई: मायानगरी मुंबई शहर में ब्लैकमेलिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां चार उभरते कलाकारों (aspiring actors) ने एक कारोबारी को उसके न्यूड वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर लाखों रुपये वसूलने की कोशिश की। पीड़ित की शिकायत पर मालाड पुलिस ने गोराई इलाके में जाल बिछाकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब पूरे रैकेट की गहराई से जांच कर रही है।

    🚨 क्या है Nude Video का पूरा मामला?

    मालाड पुलिस के मुताबिक,

    • पीड़ित कारोबारी की उम्र 37 साल है
    • सोमवार को उसे अचानक उसके न्यूड वीडियो भेजे गए
    • साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई

    आरोपियों ने पहले
    👉 9 लाख रुपये की मांग की
    बाद में रकम घटाकर
    👉 6 लाख रुपये कर दी

    घबराए कारोबारी ने पैसे देने के बजाय सीधे पुलिस से संपर्क किया।

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    👥 कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

    पुलिस ने जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम हैं:

    • अनमोल राज अरोड़ा
    • लकी संतोष वर्मा
    • हिमांशु योगेश कुमार
    • दीपाली विनोद सिंह

    पुलिस के अनुसार, ये सभी
    👉 फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में काम पाने की कोशिश कर रहे aspiring actors हैं।

    🎥 कैसे रिकॉर्ड हुआ न्यूड वीडियो?

    जांच में सामने आया कि:

    • आरोपी अनमोल अरोड़ा पीड़ित का परिचित था
    • दोनों साथ में पार्टी किया करते थे
    • इसी दौरान अनमोल ने चुपचाप न्यूड वीडियो रिकॉर्ड कर लिया

    बाद में उसी वीडियो का इस्तेमाल कर
    👉 कारोबारी को ब्लैकमेल किया गया।

    🚔 पुलिस ने कैसे पकड़ा आरोपियों को?

    मालाड पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद
    👉 पीड़ित को निर्देश दिया कि वह आरोपियों को
    👉 गोराई इलाके में पैसे लेने के लिए बुलाए

    जैसे ही चारों आरोपी तय जगह पर पहुंचे,
    👉 पुलिस ने जाल बिछाकर सभी को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

    ⚖️ किन धाराओं में केस दर्ज?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS)
    • आईटी एक्ट (Information Technology Act)

    के तहत
    👉 ब्लैकमेलिंग
    👉 जबरन वसूली
    👉 साइबर अपराध
    जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    🔍 आगे की जांच जारी

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि:

    • क्या आरोपियों ने पहले भी किसी और को ब्लैकमेल किया है?
    • वीडियो कहां-कहां शेयर किया गया?
    • क्या इसमें कोई और भी शामिल है?

    डिजिटल सबूतों और मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

    ⚠️ पुलिस की अपील

    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि
    👉 निजी पलों के वीडियो/फोटो को लेकर सतर्क रहें
    👉 ब्लैकमेलिंग की स्थिति में डरें नहीं
    👉 तुरंत पुलिस से संपर्क करें


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. यह मामला कहां का है?
    👉 मुंबई के मालाड इलाके का।

    Q2. कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
    👉 चार आरोपी।

    Q3. कितनी रकम की मांग की गई थी?
    👉 पहले 9 लाख, बाद में 6 लाख रुपये।

    Q4. आरोपी कौन हैं?
    👉 सभी उभरते अभिनेता (aspiring actors) हैं।

  • Borivali के ज्वेलर से ₹1.60 करोड़ की ठगी, नकली गोल्ड बार देकर आरोपी फरार

    Borivali के ज्वेलर से ₹1.60 करोड़ की ठगी, नकली गोल्ड बार देकर आरोपी फरार

    मुंबई के Borivali में एक ज्वेलर से नकली सोने की ईंटें देकर ₹1.60 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। एलटी मार्ग पुलिस ने हैदराबाद के ज्वेलर समेत दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में रहने वाले एक ज्वेलर के साथ ₹1.60 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नकली गोल्ड बार देकर असली सोना हड़पने वाले दो आरोपी फिलहाल फरार हैं। एलटी मार्ग पुलिस ने धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

    💎 Borivali के ज्वेलर के साथ कैसे हुई ठगी?

    पीड़ित ज्वेलर का नाम अजय धरमजी वाया है, जो बोरीवली में “कृषा आर्ट” नाम से ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग का कारोबार करते हैं।
    अजय लंबे समय से सुरेश वैष्णव नाम के सप्लायर से सोना खरीदते थे, जो हैदराबाद का रहने वाला बताया जा रहा है।

    🤝 भरोसे का खेल और नई पहचान

    पिछले साल अक्टूबर महीने में सुरेश वैष्णव ने अजय वाया की पहचान रामलाल गुर्जर से करवाई।
    गुर्जर ने सस्ते और फायदे वाले गोल्ड डील्स का लालच दिया।

    शुरुआत में:

    • एक लेन-देन सही तरीके से हुआ
    • असली गोल्ड बार दिए गए
    • भरोसा मजबूत हो गया

    इसी भरोसे के चलते आगे बड़ा सौदा किया गया।

    📦 21 अक्टूबर का सौदा, फिर 25 दिसंबर की ठगी

    • 21 अक्टूबर को अजय ने
      👉 1.8 किलो सोने के मंगलसूत्र रामलाल को भेजे
      👉 बदले में असली गोल्ड बार मिले
    • लेकिन 25 दिसंबर को
      👉 अजय ने 2,045 ग्राम सोने के गहने, कीमत करीब ₹1.60 करोड़,
      👉 सुरेश वैष्णव के जरिए होटल में एक्सचेंज के लिए भेजे

    होटल में वैष्णव ने दो गोल्ड बार दिए,
    लेकिन जांच में वे पूरी तरह नकली निकले।

    📵 ठगी का खुलासा और आरोपियों का फरार होना

    जैसे ही अजय वाया को ठगी का एहसास हुआ,
    उन्होंने सुरेश वैष्णव और रामलाल गुर्जर से संपर्क करने की कोशिश की।

    लेकिन:

    • दोनों के मोबाइल फोन बंद थे
    • दोनों गायब हो चुके थे

    इसके बाद अजय ने तुरंत एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

    👮 पुलिस की कार्रवाई और जांच

    एलटी मार्ग पुलिस ने

    • धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज किया है
    • दोनों आरोपी फरार हैं
    • पुलिस यह भी जांच कर रही है कि
      👉 कहीं इसी तरह से अन्य ज्वेलर्स को भी निशाना तो नहीं बनाया गया

    ⚠️ ज्वेलर्स कारोबारियों के लिए चेतावनी

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक,
    इस तरह के मामलों में आरोपी पहले

    • छोटी और सही डील करते हैं
    • भरोसा जीतते हैं
    • फिर बड़ी रकम या सोने पर हाथ साफ करते हैं

    ज्वेलर्स को लेन-देन के दौरान
    👉 सोने की तुरंत जांच
    👉 लिखित समझौते
    👉 भरोसेमंद चैनल का ही इस्तेमाल
    करने की सलाह दी गई है।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. ठगी की रकम कितनी है?
    👉 करीब ₹1.60 करोड़ (2,045 ग्राम सोना)।

    Q2. आरोपी कौन हैं?
    👉 सुरेश वैष्णव (ज्वेलर/सप्लायर) और रामलाल गुर्जर।

    Q3. मामला कहां दर्ज हुआ है?
    👉 एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन, मुंबई।

    Q4. क्या आरोपी पकड़े गए हैं?
    👉 नहीं, दोनों फिलहाल फरार हैं।

  • मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड (वेस्ट) में खुदाई के दौरान सोना मिलने का झांसा देकर 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले इंटर-स्टेट गैंग को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया। गुजरात और पालघर से आरोपियों की धरपकड़, 15.45 लाख रुपये बरामद।

    मुंबई: जमीन की खुदाई के दौरान सोने के आभूषण मिलने का झांसा देकर मालाड इलाके में 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर इंटर-स्टेट गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। मुंबई पुलिस ने गुजरात और पालघर से इस गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है। मामले में अब तक 15.45 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। यह ठगी नवंबर के अंत से दिसंबर की शुरुआत के बीच की गई थी।

    Inter-state-gang-arrested-for-fake-gold-fraud-worth-Rs-25-lakh-in-Malad-news

    खुदाई में सोना मिलने का झांसा देकर ठगी

    पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता दिनेश मेहता (51), जो मालाड (वेस्ट) के सोमवारी बाजार स्थित अंकुर बिल्डिंग में रहते हैं, उनसे मुख्य आरोपी बाबूलाल भालाराम वाघेला (55) ने संपर्क साधा।
    आरोपी ने खुद को राजस्थान से जुड़ा बताते हुए राजस्थानी भाषा में बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया। उसने दावा किया कि नासिक में एक मंदिर के पीछे खुदाई के दौरान करीब 900 ग्राम सोने के आभूषण मिले हैं

    नमूना दिखाकर बनाया विश्वास

    आरोपी ने या तो आभूषण बेचने में मदद करने या सीधे बेचने का प्रस्ताव दिया। भरोसा दिलाने के लिए उसने कुछ पीले धातु के मोती नमूने के तौर पर दिए, जो जांच में असली सोना निकले। इसी भरोसे में आकर दिनेश मेहता ने 25 लाख रुपये नकद दे दिए और आभूषण अपने पास ले लिए।

    जौहरी की जांच में निकला नकली सोना

    कुछ समय बाद जब इन आभूषणों को जौहरी को दिखाया गया, तो वे पूरी तरह नकली पाए गए। ठगी का अहसास होते ही शिकायतकर्ता ने मालाड पुलिस से संपर्क किया।
    इसके बाद 5 दिसंबर 2025 को मालाड पुलिस स्टेशन में क्राइम रजिस्टर नंबर 883/25 के तहत मामला दर्ज किया गया।

    कानूनी धाराएं और जांच

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है।
    जांच के दौरान क्राइम डिटेक्शन टीम ने मालाड और कांदिवली (ईस्ट) सहित कई इलाकों के 100 से ज्यादा सरकारी और निजी CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।

    CCTV, कॉल डिटेल और चाल-ढाल से पहचान

    हालांकि CCTV फुटेज साफ नहीं थी, लेकिन पुलिस ने

    • शरीर की बनावट
    • चलने की चाल (gait analysis)
    • कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल डंप डेटा

    के आधार पर आरोपियों की पहचान की। लगातार तीन दिनों की मेहनत के बाद पुलिस को सफलता मिली।

    गुजरात और विरार से गिरफ्तारियां

    जांच में कुल पांच आरोपियों की पहचान हुई।

    • मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला को कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से गिरफ्तार किया गया।
    • उसके घर की तलाशी में 15.45 लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।
    • उसकी पत्नी कोकुबाई वाघेला (50) की भूमिका सामने आने पर उन्हें BNS की धारा 35(3) के तहत नोटिस दिया गया है।

    इसके बाद विरार (ईस्ट) से तीन अन्य आरोपी—
    मंगलाराम वागरी, केसराराम वागरी और भवरलाल वागरी—को गिरफ्तार किया गया।

    राजस्थान से जुड़े, पेशे से फोटो फ्रेम बनाने वाले आरोपी

    पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी मूल रूप से राजस्थान के जालोर जिले के रहने वाले हैं और अलग-अलग राज्यों में घूम-घूमकर ऐसी ठगी करते हैं।
    गिरफ्तार आरोपी पेशे से फोटो फ्रेम बनाने का काम करते हैं। मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला के खिलाफ गुजरात के कालोल तालुका और साबरमती पुलिस स्टेशन में पहले से भी ठगी के मामले दर्ज हैं।

    एक आरोपी फरार, तलाश जारी

    इस केस में गोविंद (उम्र करीब 30 वर्ष) नाम का एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
    बरामद रकम के अलावा बाकी पैसे और अन्य संपत्ति की रिकवरी की प्रक्रिया जारी है।

    पुलिस अधिकारियों की भूमिका

    इस पूरे मामले की जांच एपीआई अभिजीत काले और दीपक रैवाडे कर रहे हैं, जो वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण के मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. ठगी की रकम कितनी थी?
    25 लाख रुपये नकद।

    Q2. अब तक कितनी रकम बरामद हुई है?
    15.45 लाख रुपये।

    Q3. मुख्य आरोपी कहां से गिरफ्तार हुआ?
    कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से।

    Q4. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    चार आरोपी गिरफ्तार, एक फरार।

    Q5. कौन-सी धाराओं में केस दर्ज है?
    BNS की धारा 316(2), 318(4) और 3(5)।

  • Malad में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, विदेशियों को बैन दवाइयां बेचने वाले 5 गिरफ्तार

    Malad में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, विदेशियों को बैन दवाइयां बेचने वाले 5 गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड स्थित चिनचोली बंदर में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस ने छापा मारकर पाँच लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपी विदेशों में बैन दवाओं की सप्लाई का झांसा देकर भारी रकम वसूल रहे थे। पुलिस ने IT Act, BNS और टेलीग्राफ एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    मुंबई: मालाड इलाके में बांगुर नगर पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी एक अवैध कॉल सेंटर चलाकर अमेरिका सहित कई देशों के ग्राहकों को बैन दवाइयां भेजने का दावा करते थे और उनसे भारी रकम वसूलते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IT Act और नई दंड संहिता (BNS) की कई धाराओं में केस दर्ज किया है।

    Malad में चल रहा था अवैध कॉल सेंटर, विदेशी ग्राहकों को बनाया जा रहा था निशाना

    मुंबई के चिंचोली बंदर, मालाड स्थित एक ऑफिस में यह फर्जी कॉल सेंटर ऑपरेट किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपी खुद को विदेशी ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर विदेशी ग्राहकों से संपर्क करते थे।

    वे ग्राहक को कहते थे कि उनके लिए ऐसी दवाइयां उपलब्ध हैं जो आमतौर पर बैन हैं या ऑनलाइन बेचना गैरकानूनी है। इसी बहाने उनसे डॉलर में भुगतान भी ले लिया जाता था।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

    पुलिस के अनुसार पकड़े गए पाँच आरोपी—

    • अयूब शेख (30)
    • फैजान भलीम (27)
    • फारुख शेख (29)
    • मोइन अहमद शेख (32)
    • ज़ीशान नासिर अंसारी (22)

    ये सभी मिलकर लंबे समय से ये फर्जीवाड़ा चला रहे थे।
    ये सभी मिलकर अमेरिका सहित कई देशों के लोगों को फंसाकर लाखों की ठगी कर रहे थे।

    कैसे करते थे ठगी? पुलिस ने खोला पूरा खेल

    • संदिग्ध वेबसाइट या डेटा के जरिए विदेशी ग्राहकों तक पहुँच बनाना
    • खुद को इंटरनेशनल ऑनलाइन फार्मेसी का अधिकारी बताना
    • मेडिकल कंसल्टेशन का झांसा देना
    • “बैन मेडिसिन उपलब्ध” कहकर ऑनलाइन पेमेंट वसूलना
    • पैसे लेने के बाद उत्पाद न भेजना

    यह पूरा नेटवर्क फार्मा से जुड़े अवैध कारोबार + साइबर फ्रॉड का कॉम्बिनेशन था।

    कौन-कौन सी धाराओं में केस दर्ज?

    बांगुर नगर पुलिस ने मामला दर्ज किया है—

    • BNS की धाराएँ 318(4), 319(2), 3(5)
    • IT Act 2000 की धाराएँ 66(A), 66(D), 75
    • Indian Telegraph Act की धारा 20

    पाँचों आरोपियों को 15 दिसंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

    मालाड और मुंबई में बढ़ते साइबर फ्रॉड को लेकर पुलिस अलर्ट

    इस तरह के कॉल सेंटर लगातार मुंबई के कई इलाकों में पकड़े जा रहे हैं। विदेशी ग्राहकों को निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि—

    • वे दवाओं की कीमत ज़्यादा चुकाते हैं
    • वे शिकायत भारत में दर्ज नहीं करा पाते
    • वेरिफिकेशन की प्रक्रिया मुश्किल होती है

    पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े और लोगों की तलाश कर रही है।


    FAQ सेक्शन

    1. क्या गिरफ्तार कॉल सेंटर वास्तव में दवाइयां सप्लाई करता था?

    नहीं, आरोपी सिर्फ भुगतान लेते थे और बाद में उत्पाद नहीं भेजते थे। यह पूरा रैकेट फर्जीवाड़ा था।

    2. क्या ग्राहकों को किसी तरह की मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन की सुविधा दी जाती थी?

    वे खुद को इंटरनेशनल फार्मेसी बताकर नकली कंसल्टेशन की बात करते थे, जो पूरी तरह अवैध था।

    3. क्या इस रैकेट में और लोग शामिल हो सकते हैं?

    पुलिस के अनुसार यह एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है, जिसकी जाँच जारी है।

    4. क्या विदेशी ग्राहक भारत में केस दर्ज कर सकते हैं?

    तकनीकी रूप से हाँ, लेकिन शिकायत प्रक्रिया जटिल होने के कारण अक्सर ठगी की रिपोर्ट नहीं होती।

  • मालाड ईस्ट में युवक गिरफ्तार, देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद

    मालाड ईस्ट में युवक गिरफ्तार, देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद

    मुंबई के मालाड ईस्ट में पुलिस ने एक युवक को बिना लाइसेंस देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी पुणे का रहने वाला है। पुलिस ने उस पर महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

    मुंबई: मालाड ईस्ट के कुरार इलाके में पुलिस ने तलाशी अभियान के दौरान एक 30 वर्षीय युवक को बिना लाइसेंस वाली देसी पिस्टल (कट्टा) और एक जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान फैसल शेख के रूप में हुई है, जो पुणे का रहने वाला बताया जा रहा है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना 3 दिसंबर 2025 की है। कुरार पुलिस की टीम शांति नगर स्लम, पिंप्रिपाड़ा इलाके में नियमित पेट्रोलिंग पर थी। उसी दौरान संदिग्ध हरकत और तेज चाल में चलते देख पुलिस ने फैसल शेख को रोका।

    जांच के दौरान उसके पास से एक देसी कट्टा और एक लाइव कारतूस मिला, जिसकी कीमत पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार लगभग ₹15,500 बताई जा रही है।

    🔹 पुलिस की कार्रवाई

    आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर थाने लाया गया और उसके खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि:

    • हथियार उसे कहां से मिला?
    • क्या वह हथियार बेचने आया था या किसी वारदात की तैयारी में था?
    • क्या आरोपी किसी गैंग या अपराधी गिरोह से जुड़ा है?

    पुलिस अधिकारी का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।


    🔹 FAQ सेक्शन

    Q. आरोपी कहां पकड़ा गया?
    ➡ मालाड ईस्ट के शांति नगर स्लम, पिंप्रिपाड़ा में पुलिस पेट्रोलिंग के दौरान।

    Q. आरोपी के पास क्या मिला?
    ➡ एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस।

    Q. आरोपी पर कौन सा केस दर्ज हुआ?
    ➡ महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है।

    Q. क्या आरोपी किसी गैंग से जुड़ा है?
    ➡ इसकी जांच पुलिस कर रही है, अभी पुष्टि नहीं हुई है।

  • Mumbai: तीन फर्जी पुलिस गिरफ्तार, 2 करोड़ 24 लाख का सोना बरामद

    Mumbai: तीन फर्जी पुलिस गिरफ्तार, 2 करोड़ 24 लाख का सोना बरामद

    मुंबई के मुलुंड में 71 वर्षीय बुजुर्ग से फर्जी पुलिस बनकर 2 करोड़ 24 लाख का सोना ठगने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार। CCTV और तकनीकी जांच से 24 घंटे में पूरा सोना बरामद।

    मुंबई: मुलुंड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन ऐसे ठगों को गिरफ्तार किया है जो खुद को पुलिस अधिकारी बताकर एक 71 वर्षीय बुजुर्ग से ₹2,24,000 के सोने के गहने ठगकर फरार हो गए थे। पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई के चलते घटना के 24 घंटे के भीतर पूरा चोरी किया गया सोना बरामद कर लिया है

    🔍 घटना कैसे हुई?

    यह घटना 2 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक पीड़ित बुजुर्ग जटाशंकर डोसा रोड, मुलुंड वेस्ट के पास स्थित अतिथि होटल के पास अपने व्यक्तिगत काम से आए थे। इसी दौरान तीन अज्ञात लोग उनके पास पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताया।

    उन्होंने बुजुर्ग को “सुरक्षा जांच” के नाम पर गले की चेन और दो सोने की अंगूठियां हटाने को कहा और मौका देखकर वहां से फरार हो गए।

    🎥 CCTV फुटेज ने खोला राज

    शिकायत दर्ज होने के बाद मुलुंड पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले। जांच में एक संदिग्ध की गतिविधि कैमरे में कैद मिली, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान की और जानकारी के लिए मरिन ड्राइव पुलिस स्टेशन से संपर्क किया, जहां आरोपी पहले भी ऐसी वारदात में पकड़ा जा चुका था।

    🚓 तकनीकी जांच और कमाल की तेजी में तीनों सलाखों के पीछे

    • सबसे पहले पुलिस की टीम मीरा रोड (ईस्ट) पहुंची, जहां पहला आरोपी तौफीक मोफिद सिद्दीकी (41) पकड़ा गया।
    • पूछताछ में उसने बताया कि चोरी किए गए गहने उसके साथी के पास हैं जो वसई (ईस्ट) में है।
    • पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस का इस्तेमाल करते हुए उसी रात दूसरे आरोपी सिमोन गैब्रियल गोंसाल्वेस (63) को गिरफ्तार किया।
    • इसके बाद टीम कुर्ला (ईस्ट) पहुंची और तीसरे आरोपी मोहम्मद शरीफ मुनिर अहमद सिद्दीकी (52) को भी हिरासत में लिया।

    पुलिस ने तीनों से 100% चोरी किया गया सोना बरामद कर लिया है।

    ⚖ कानूनी कार्रवाई

    तीनों आरोपियों पर धारा 318(4), 204 और 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट ने उन्हें 6 दिसंबर 2025 तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

    🏷 मुख्य आरोपी और उनके पते:

    आरोपी का नामउम्रक्षेत्र
    तौफीक मोफिद सिद्दीकी41मीरा रोड (ईस्ट)
    सिमोन गैब्रियल गोंसाल्वेस63वसई (ईस्ट)
    मोहम्मद शरीफ मुनिर अहमद सिद्दीकी52कुर्ला (ईस्ट)

    ❓ FAQ SECTION

    Q1. क्या आरोपी पहले भी अपराध में शामिल थे?
    हाँ, एक आरोपी पर पहले भी मेरिन ड्राइव पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है।

    Q2. क्या पूरा चोरी किया गया सोना वापस मिल गया?
    हाँ, पुलिस ने 24 घंटे में पूरा ₹2,24,000 का सोना बरामद कर लिया।

    Q3. क्या पीड़ित सुरक्षित हैं?
    हाँ, पीड़ित पूरी तरह सुरक्षित हैं और पुलिस आगे की जांच कर रही है।

    Q4. आरोपियों को कितने दिन की कस्टडी मिली है?
    कोर्ट ने तीनों को 6 दिसंबर 2025 तक पुलिस कस्टडी में भेजा है।

  • दादर में युवती को दीदी कहकर रोका, दिखाया पोर्न, अब पुलिस कर रही है उसकी तलाश

    दादर में युवती को दीदी कहकर रोका, दिखाया पोर्न, अब पुलिस कर रही है उसकी तलाश

    मुंबई के दादर ईस्ट में रात के समय घर लौट रही 21 वर्षीय युवती को एक अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल पर पोर्न वीडियो दिखाकर परेशान किया। युवती के शोर मचाने पर आरोपी भागा। मामला माटुंगा पुलिस स्टेशन में दर्ज, CCTV के जरिए तलाश जारी।

    मुंबई; दादर ईस्ट में एक 21 वर्षीय युवती के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकत का मामला सामने आया है। युवती देर रात काम से घर लौट रही थी, तभी एक अज्ञात व्यक्ति ने उसका रास्ता रोककर मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाया और उसके चिल्लाने पर मौके से फरार हो गया। युवती ने घर पहुंचकर परिवार को घटना की जानकारी दी और शिकायत के बाद मातुंगा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    घटना कैसे हुई?

    यह घटना 2 दिसंबर की रात करीब 11:45 बजे दादर ईस्ट के लखमशी नापू रोड, हिंदू कॉलोनी लेन नंबर 2 के पास हुई।
    FIR के अनुसार, पीड़िता मालाड के एक स्टूडियो में काम करती है और उस रात वह लोकल ट्रेन से दादर स्टेशन उतरी थी।

    जैसे ही वह पैदल अपने घर की ओर जाने लगी, पीछे से आया एक अनजान व्यक्ति पहले उसके पास आया और फिर आगे बढ़कर रास्ता रोककर बोला — “दीदी…”

    युवती के रुकते ही उसने अपना मोबाइल उसकी तरफ बढ़ाया, जिस पर पोर्न वीडियो चल रहा था।

    युवती के चिल्लाते ही आरोपी अंधेरे में गायब

    मोबाइल पर आपत्तिजनक वीडियो देखते ही युवती घबरा गई और जोर से चीखने लगी।
    शोर सुनते ही आरोपी तुरंत भाग गया। युवती ने पीछा करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

    FIR दर्ज, अब CCTV के जरिए तलाश

    पीड़िता ने घर पहुंचकर परिवार को बताया, जिसके बाद पूरा परिवार माटुंगा पुलिस स्टेशन पहुंचा।
    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) धारा 75(1)(iii) के तहत मामला दर्ज किया है।

    पुलिस अब आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपी की पहचान की जा सके।


    FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)


    प्रश्न 1: यह घटना किस इलाके में हुई?

    ➡️ दादर ईस्ट, हिंदू कॉलोनी क्षेत्र में।

    प्रश्न 2: आरोपी की तलाश कैसे की जा रही है?

    ➡️ पुलिस वहां लगे CCTV कैमरों की जांच कर रही है।

    प्रश्न 3: आरोपी पर कौन सी धारा लगाई गई है?

    ➡️ आरोपी पर BNS धारा 75(1)(iii) के तहत केस दर्ज हुआ है।

    प्रश्न 4: क्या युवती को किसी तरह की शारीरिक चोट पहुंची?

    ➡️ नहीं, लेकिन घटना से मानसिक रूप से पीड़िता सदमे में है।