फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

मुंबई के मालाड में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़ित गैस एजेंसी मालिक डर के कारण आत्महत्या करने दहाणू स्टेशन तक पहुंच गया था।

मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में फर्जी पुलिस अधिकारियों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। मालाड के एक एलपीजी एजेंसी मालिक से 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन ठगों की धमकियों से इतना डर फैल गया कि 39 वर्षीय पीड़ित घर छोड़कर दहाणू रेलवे स्टेशन पर आत्महत्या करने की सोच रहा था, जहां पुलिस ने समय रहते उसकी जान बचा ली।

पत्नी की शिकायत से खुला पूरा मामला

यह मामला तब सामने आया जब 15 दिसंबर को पीड़ित की पत्नी ने दिंडोशी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके पति अचानक घर छोड़कर चले गए हैं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह गंभीर मानसिक दबाव में था और खुद को फर्जी केस में फंसाया जाने से डर रहा था।

गणपति पंडाल से शुरू हुई ठगी की कहानी

पुलिस के मुताबिक, ठगी की शुरुआत सितंबर में हुई थी। पीड़ित ने अपने परिचित प्रवीण खेडेकर को गणपति पंडाल के लिए करीब ₹10,500 उधार दिए थे। कुछ समय बाद खेडेकर ने उससे ₹50,000 और मांगा जिसमें उसने मोबाइल ट्रांसफर एक अन्य नंबर पर करवाया।

यहीं से शुरू हुआ फर्जी पुलिस कॉल का खेल

“तुम पर मर्डर का शक है” – फर्जी जॉइंट सीपी की धमकी

पैसे ट्रांसफर करने के बाद पीड़ित को एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस बताया और कहा कि
₹10,500 की रकम सुपारी देकर हत्या कराने की एडवांस पेमेंट है।
इस धमकी से पीड़ित पूरी तरह डर गया।

“तुम्हें बचाने के लिए हत्या कर दी” – फिर मांगे 2 लाख

कुछ दिन बाद एक और कॉल आया, जिसमें ठग ने कहा कि खेडेकर को पीड़ित को बचाने के लिए मार दिया गया है, और अब इसके बदले ₹2 लाख देने होंगे
इसके बाद लगातार कॉल आने लगे। हर बार रकम बढ़ती गई —
₹50,000 से शुरू होकर ₹7 लाख तक

मुंबई पुलिस कमिश्नर बनकर मांगे 20 लाख

ठगों में से एक ने खुद को “अविनाश शिंदे” नाम का पुलिस अधिकारी बताया। बाद में तो हद तब हो गई जब एक आरोपी ने खुद को मुंबई पुलिस कमिश्नर बताते हुए तुरंत गिरफ्तारी रोकने के लिए ₹20 लाख की मांग कर डाली।

बुजुर्ग के जरिए होती थी नकद वसूली

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि जब भी वह नकद पैसे देता था, तो एक बुजुर्ग व्यक्ति सार्वजनिक गार्डन में आकर पैसे ले जाता था
जांच में पता चला कि कई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन उसी बुजुर्ग के मोबाइल से किए गए थे।

कर्ज लेकर दिए 99 लाख रुपये

डर और धमकियों के चलते पीड़ित ने

  • करीब ₹80 लाख नकद
  • और ₹19 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर
    किए। इसके लिए उसने फाइनेंस कंपनियों से कर्ज भी लिया। फिर भी उसे लगने लगा कि उसकी गिरफ्तारी तय है।

आत्महत्या के इरादे से दहाणू पहुंचा पीड़ित

15 दिसंबर को वह घर छोड़कर चला गया। पुलिस ने उसे दहाणू रेलवे स्टेशन पर पाया, जहां वह आत्महत्या करने की हिम्मत जुटा रहा था
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “वह इतना डर चुका था कि उसे मरना ही एकमात्र रास्ता लग रहा था।”

CDR जांच से तीनों आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले, जिससे

  • प्रवीण खेडेकर,
  • प्रवीण काटे
    और एक अन्य साथी का नाम सामने आया।
    तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बुजुर्ग ने दावा किया कि उसे ठगी की जानकारी नहीं थी और उसने सिर्फ अपना फोन इस्तेमाल करने दिया था।

कानूनी कार्रवाई

दिंडोशी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (उगाही) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच जारी है।


FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: पीड़ित कौन है?
A: मालाड का 39 वर्षीय एलपीजी गैस एजेंसी मालिक।

Q2: ठगों ने कितनी रकम वसूली?
A: कुल ₹99 लाख।

Q3: पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया?
A: तीन आरोपियों को।

Q4: मामला किस थाने में दर्ज है?
A: दिंडोशी पुलिस थाना।

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