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  • मुंबई में मोबाइल का IMEI नंबर बदलने वाला गिरोह पकड़ा गया, क्राइम ब्रांच ने दो को किया गिरफ्तार

    मुंबई में मोबाइल का IMEI नंबर बदलने वाला गिरोह पकड़ा गया, क्राइम ब्रांच ने दो को किया गिरफ्तार

    मुंबई क्राइम ब्रांच ने पवई इलाके से दो लोगों को गिरफ्तार किया, जो मोबाइल फोन का IMEI नंबर बदलने का गैरकानूनी काम कर रहे थे। पुलिस ने मौके से संदिग्ध मोबाइल जब्त किए और मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई: पवई इलाके में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को एक मोबाइल शॉप में छापामारी कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग मोबाइल फोन का IMEI नंबर बदलने का गैरकानूनी काम कर रहे थे।

    पकड़े गए आरोपियों के नाम हैं –

    • रामप्रसाद सरगुन राजभर (37)
    • गुलाम रसूल राशिद खान, जो पवई में मोबाइल शॉप चलाता है और टेक्नीशियन भी है।

    क्राइम ब्रांच यूनिट 6 को जब पुख्ता सूचना मिली, तो उन्होंने छापा मारकर इस धंधे का खुलासा किया।

    📱 IMEI नंबर क्या होता है और क्यों है ज़रूरी?

    IMEI (International Mobile Equipment Identity) एक 15 अंकों का यूनिक नंबर होता है, जो हर मोबाइल फोन की पहचान बताता है।

    • इससे फोन का असली मालिक और लोकेशन ट्रैक करना आसान होता है।
    • चोरी हुए या गुम फोन को ट्रेस करने में पुलिस को IMEI बहुत मदद करता है।
      👉 लेकिन जब इसका नंबर बदल दिया जाता है, तो मोबाइल की पहचान बदल जाती है और अपराधियों को पकड़ना मुश्किल हो जाता है।

    🔍 कैसे पकड़ा गया गिरोह?

    क्राइम ब्रांच यूनिट 6 (चेंबूर) की टीम को खबर मिली थी कि पवई के एक मोबाइल शॉप में संदिग्ध तरीके से IMEI नंबर बदला जा रहा है।

    • पुलिस ने छापा मारते समय पाया कि आरोपी “App Unlock Tool” (गूगल क्रोम के जरिए) इस्तेमाल कर रहे थे।
    • इस सॉफ्टवेयर की मदद से मोबाइल का असली IMEI बदलकर नया नंबर डाला जा रहा था।

    👮 पुलिस की कार्रवाई

    • छापे में कई संदिग्ध और फर्जी सेकेंड-हैंड मोबाइल बरामद हुए।
    • पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया।
    • उन्हें भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita – BNS) की संबंधित धाराओं में बुक किया गया।
    • मेडिकल टेस्ट के बाद उन्हें मुंबई कोर्ट में पेश किया गया।

    📌 पुलिस अधिकारियों की भूमिका

    यह पूरी कार्रवाई पुलिस इंस्पेक्टर भारत घोणे (यूनिट 6, चेंबूर) की देखरेख में हुई।
    आगे की जांच का जिम्मा पुलिस इंस्पेक्टर सुशांत सावंत की टीम को सौंपा गया है।

    ⚖️ कानून और IMEI छेड़छाड़ का अपराध

    भारत में मोबाइल का IMEI नंबर बदलना या छेड़छाड़ करना एक गंभीर अपराध है।

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत इस पर सख्त सज़ा और जुर्माना हो सकता है।
    • मोबाइल कंपनियों और पुलिस दोनों के लिए यह अपराध ट्रैकिंग सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है।

    🌐 मुंबई में बढ़ते साइबर क्राइम केस

    मुंबई जैसे बड़े शहर में मोबाइल और साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहे हैं।

    • IMEI नंबर बदलने वाले ऐसे गैंग चोरी हुए फोन, ब्लैक मार्केट और धोखाधड़ी में शामिल होते हैं।
    • कई बार इन मोबाइल का इस्तेमाल बड़े क्राइम (फ्रॉड, स्मगलिंग, ड्रग्स नेटवर्क) में किया जाता है।
      👉 इसीलिए पुलिस लगातार इस तरह के नेटवर्क पर नज़र बनाए हुए है।

    📊 मोबाइल यूज़र्स के लिए चेतावनी

    • सेकेंड हैंड फोन खरीदते वक्त हमेशा IMEI नंबर चेक करें।
    • IMEI चेक करने के लिए *#06# डायल करें।
    • नकली, ब्लैकलिस्टेड या बदले हुए IMEI वाले फोन पर नेटवर्क सर्विस बंद हो सकती है।
    • ऐसे फोन खरीदने पर कानूनी पचड़े में फंसने का खतरा रहता है।

    📱 IMEI नंबर कैसे चेक करें?

    (हर मोबाइल यूज़र के लिए ज़रूरी जानकारी)

    • अपने मोबाइल पर *#06# डायल करें 👉 IMEI नंबर स्क्रीन पर दिखेगा।
    • फोन की सेटिंग्स → अबाउट फोन → IMEI में भी यह नंबर मिलता है।
    • मोबाइल के डिब्बे और बिल पर भी IMEI प्रिंट होता है।
    • कभी भी सेकेंड-हैंड मोबाइल खरीदते समय IMEI ज़रूर मिलाएं।

    ⚖️ IMEI छेड़छाड़ पर क्या सज़ा है?

    भारत में IMEI नंबर बदलना या छेड़छाड़ करना है गंभीर अपराध

    • 📌 भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज होता है।
    • ⛔ अपराध साबित होने पर जेल + भारी जुर्माना हो सकता है।
    • 🚔 IMEI बदलने वाले फोन का इस्तेमाल ब्लैकलिस्ट हो जाता है।

    🚨 मुंबई पुलिस की चेतावनी

    • नकली या बदले हुए IMEI वाले मोबाइल का इस्तेमाल न करें।
    • सेकेंड-हैंड मोबाइल खरीदने से पहले IMEI ऑनलाइन चेक करें।
    • संदिग्ध मोबाइल की तुरंत पुलिस या सर्विस प्रोवाइडर को जानकारी दें।
  • Mumbai: 4 साल की बच्ची से यौन शोषण का आरोप, महिला स्टाफ गिरफ्तार | POCSO Act केस दर्ज

    Mumbai: 4 साल की बच्ची से यौन शोषण का आरोप, महिला स्टाफ गिरफ्तार | POCSO Act केस दर्ज

    मुंबई के एक नामी स्कूल में 4 साल की बच्ची के साथ कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है। शिकायत पर पुलिस ने एक महिला स्टाफ को गिरफ्तार किया और अन्य स्टाफ से पूछताछ जारी है। जानें पूरी खबर विस्तार से।

    मुंबई: गोरेगांव इलाके में स्थित एक नामी स्कूल से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि इसी स्कूल में पढ़ने वाली 4 साल की मासूम बच्ची के साथ कथित रूप से यौन शोषण किया गया। इस मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक महिला स्टाफ को गिरफ्तार किया है।

    घटना कैसे हुई?

    जानकारी के मुताबिक, सोमवार को बच्ची की दादी उसे रोज़ की तरह स्कूल छोड़कर गई थीं। बच्ची जब घर लौटी तो उसने दर्द की शिकायत की। परिवार को शक हुआ और उन्होंने बच्ची की मेडिकल जांच कराई। जांच में मिली जानकारी के बाद बच्ची के परिजनों ने स्कूल प्रशासन को इसकी जानकारी दी और फिर पुलिस से संपर्क किया।

    पुलिस की कार्रवाई

    गोरेगांव पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले में POCSO Act (Protection of Children from Sexual Offences) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। प्राथमिक जांच के बाद एक महिला स्टाफ को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी यह साफ नहीं है कि वास्तव में इस महिला स्टाफ की भूमिका कितनी है।

    अन्य स्टाफ से पूछताछ

    इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने स्कूल की तीन अन्य महिला असिस्टेंट स्टाफ को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए हर एंगल से जांच की जा रही है।

    परिवार का गुस्सा और सवाल

    बच्ची के परिवार का कहना है कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद स्कूल प्रशासन की प्रतिक्रिया धीमी रही। परिजनों का आरोप है कि अगर प्रशासन तुरंत और सख्ती से कदम उठाता तो शायद स्थिति और साफ हो पाती। अब परिवार न्याय की मांग कर रहा है।

    समाज में बढ़ती चिंता

    इस घटना ने एक बार फिर से बच्चों की सुरक्षा और स्कूलों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर यह माना जाता है कि स्कूल बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित जगह होती है। लेकिन जब ऐसे मामले सामने आते हैं तो माता-पिता का भरोसा डगमगाने लगता है।

    कानून क्या कहता है?

    भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े मामलों के लिए POCSO Act, 2012 बनाया गया है। इसके तहत 18 साल से कम उम्र के किसी भी बच्चे के साथ हुए यौन अपराध को गंभीरता से लिया जाता है और दोषियों को सख्त सज़ा का प्रावधान है।

    मुंबई पुलिस का बयान

    मुंबई पुलिस ने कहा है कि फिलहाल जांच जारी है और किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं। पुलिस ने माता-पिता और आम लोगों से अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा के मामले में जागरूक रहें और किसी भी तरह की गड़बड़ी दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

    परिजनों के लिए जरूरी सुझाव

    • 1. बच्चों से बातचीत करें – छोटे बच्चों को भी सही और गलत छूने की समझ सिखानी चाहिए।
    • 2. स्कूल प्रशासन पर निगरानी रखें – बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और CCTV कैमरों की स्थिति पर नजर रखें।
    • 3. बच्चों की बात को हल्के में न लें – अगर बच्चा किसी तकलीफ या दर्द की शिकायत करे, तो तुरंत जांच करवाएं।
    • 4. लीगल हेल्प लें – किसी भी संदिग्ध मामले में तुरंत पुलिस और वकील से संपर्क करें।
  • मुंबई में फर्जी पुलिस बनकर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार | नकली पुलिस आईडी और सोने की चेन बरामद

    मुंबई में फर्जी पुलिस बनकर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार | नकली पुलिस आईडी और सोने की चेन बरामद

    मुंबई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो पुलिस बनकर लोगों से पैसे और गहने ठगते थे। आरोपियों के पास से नकली दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और 2 लाख की सोने की चेन बरामद हुई। जानें पूरी डिटेल।

    मुंबई: कांदीवली पश्चिम के चारकोप इलाके में पुलिस ने ऐसे दो लोगों को पकड़ा है, जो खुद को पुलिसवाला बताकर लोगों से पैसे और गहने ऐंठते थे। दोनों आरोपियों की पहचान जाहिद जावेद अली जाफरी (42) और काबुल नौशाद अली (58) के तौर पर हुई है।

    पुलिस का जाल और गिरफ्तारी

    चारकोप पुलिस स्टेशन को खबर मिली थी कि इलाके में दो लोग पुलिस की वर्दी और नकली आईडी दिखाकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने जाल बिछाया और दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

    पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने नकली दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और करीब ₹2 लाख की सोने की चेन बरामद की है।

    कैसे करते थे ठगी?

    पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी पहले खुद को पुलिस बताते और लोगों को डराते थे। फिर झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे पैसे और गहने वसूलते थे।

    मुंबई और गुजरात में भी सक्रिय

    पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने मुंबई के कई इलाकों जैसे महिम, दादर, दहिसर, धारावी, सांताक्रुज़, अंधेरी, विले पार्ले, गोरेगांव और नेहरू नगर में इस तरह की ठगी की है। यही नहीं, वे गुजरात के सूरत और बर्दोली में भी सक्रिय थे।

    पहले से दर्ज हैं 25 मामले

    पुलिस के मुताबिक, इन दोनों आरोपियों पर पहले से ही 25 ठगी और चोरी के केस दर्ज हैं। ये एक संगठित गैंग का हिस्सा हैं, जो महाराष्ट्र और गुजरात में इसी तरह की वारदातों को अंजाम देता था।

    पुलिस की अपील

    मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के झांसे में न आएं और अगर कोई पुलिस बनकर पैसे मांगता है तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।

  • पालघर में पुलिस ने डकैती की साजिश नाकाम की, 11 आरोपी हथियारों के साथ गिरफ्तार

    पालघर में पुलिस ने डकैती की साजिश नाकाम की, 11 आरोपी हथियारों के साथ गिरफ्तार

    पालघर पुलिस ने वसई के राम रहीम नगर में होने वाली डकैती की साजिश नाकाम कर दी। 11 आरोपी हथियारों के साथ पकड़े गए, जिनमें कई पर हत्या और लूट के गंभीर मामले दर्ज हैं।

    पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक डकैती की साजिश नाकाम कर दी। जानकारी के मुताबिक, करीब 10 बदमाश वसई के राम रहीम नगर (एवरशाइन सिटी) में एक बंगले को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे थे।

    पुलिस ने समय रहते छापा मारकर 11 आरोपियों को हथियारों समेत गिरफ्तार कर लिया।

    👮‍♂️ अपराधियों का लंबा रिकॉर्ड

    पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, पकड़े गए कई आरोपी हत्याकांड, हत्या की कोशिश, लूट, डकैती और नशे से जुड़े मामलों में पहले से वांछित हैं। ये मामले मुंबई, ठाणे और पालघर जिलों में दर्ज हैं।

    पुलिस ने आरोपियों से जब्त किया:

    • एक देसी रिवॉल्वर
    • 4 जिंदा कारतूस
    • चॉपर
    • चाकू, कैंची और हथौड़ा
    • मिर्च पाउडर

    🚓 पुलिस का जाल और गिरफ्तारी

    यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच सेल-2, वसई और वालिव, माणिकपुर और अचोले पुलिस की टीम ने मिलकर की। पुलिस ने सूचना के आधार पर फैब्रिकेशन शॉप के पास ट्रैप बिछाया और सभी आरोपियों को दबोच लिया।

    🏧 लातूर में एटीएम गैंग पकड़ा गया

    इसी दौरान लातूर जिले में पुलिस ने एटीएम लूट करने वाले इंटरस्टेट गैंग के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया।

    • आरोपियों ने उदगीर इलाके में गैस कटर से एटीएम तोड़कर कैश चुराया था।
    • पुलिस ने गैस कटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, नकली नंबर प्लेट, एक लाख रुपये नकद और हथियार जब्त किए।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजस्थान, हरियाणा और भोपाल के रहने वाले अपराधियों के रूप में हुई है। पुलिस को शक है कि यह गैंग कई राज्यों में वारदात कर चुका है।

    🔫 मुंबई में हफ्ता वसूली का आरोपी पकड़ा गया

    मुंबई के बांद्रा इलाके में पुलिस ने 25 वर्षीय हिस्ट्रीशीटर को रिवॉल्वर और दो जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं।

    लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से साफ है कि महाराष्ट्र पुलिस अपराधियों को किसी भी कीमत पर ढील देने के मूड में नहीं है। पालघर, लातूर और मुंबई में हुई गिरफ्तारियां पुलिस की तत्परता को दिखाती हैं।

  • मुंबई नेवी नगर से राइफल चोरी: अग्निवीर और उसका भाई तेलंगाना से गिरफ्तार

    मुंबई नेवी नगर से राइफल चोरी: अग्निवीर और उसका भाई तेलंगाना से गिरफ्तार

    मुंबई के नेवी नगर से INSAS राइफल और 40 कारतूस चोरी करने वाले अग्निवीर और उसके भाई को तेलंगाना से पकड़ा गया। पुलिस ने हथियार बरामद कर जांच शुरू की।

    मुंबई, 10 सितंबर 2025 – मुंबई के हाई सिक्योरिटी ज़ोन नेवी नगर से राइफल और 40 कारतूस चोरी करने के आरोप में पुलिस ने दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। उनमें से एक भारतीय नौसेना का अग्निवीर है।

    क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने मंगलवार देर रात तेलंगाना के आसिफाबाद ज़िले से दोनों भाइयों को पकड़कर हिरासत में लिया है। आरोपियों की पहचान राकेश रमेश दुब्बुला (22) और उसके बड़े भाई उमेश रमेश दुब्बुला (25) के रूप में हुई है।

    कैसे हुई चोरी?

    • यह वारदात शनिवार रात (6 सितंबर) को हुई।
    • आरोपी राकेश दुब्बुला नौसेना की वर्दी पहनकर नेवी नगर के एक रिहायशी इलाके में तैनात जवान के पास पहुँचा और खुद को ड्यूटी पर आया हुआ बताया।
    • गफलत में जवान ने अपनी INSAS राइफल और दो मैगज़ीन (20-20 कारतूस वाली) उसे सौंप दीं।
    • राकेश ने हथियार और कारतूस एक बैग में रखे और दीवार के उस पार फेंक दिया, जहाँ उसका भाई उमेश इंतज़ार कर रहा था।
    • इसके बाद दोनों भाई भागकर मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पहुँचे और ट्रेन से सीधे तेलंगाना चले गए।

    पुलिस ने कैसे पकड़ा?

    • पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले और उनकी पहचान की।
    • इसके बाद CIU की टीम ने आसिफाबाद जिले में छापा मारकर दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया।
    • तलाशी में चोरी की गई राइफल, 40 जिंदा कारतूस, और एक खाली मैगज़ीन बरामद हुई।

    आरोपी का बैकग्राउंड

    • राकेश दुब्बुला – 12वीं पास, वर्तमान में नौसेना में अग्निवीर (सीमैन) के रूप में तैनात।
    • उमेश दुब्बुला – पढ़ाई बीच में छोड़ी, बेरोजगार।
    • पुलिस जांच में सामने आया कि राकेश को नेवी क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की अच्छी जानकारी थी, इसलिए उसने इस घटना को अंजाम दिया।

    जांच और आगे की कार्रवाई

    मुंबई पुलिस दोनों आरोपियों को अब मुंबई ला रही है, जहाँ उनसे आगे की पूछताछ होगी।
    अभी तक चोरी की मंशा (मोटिव) साफ नहीं हुई है। पुलिस को शक है कि मामला किसी निजी लालच या हथियार बेचने की कोशिश से जुड़ा हो सकता है।

  • जोगेश्वरी में टैंकर की टक्कर से 63 वर्षीय महिला की मौत

    जोगेश्वरी में टैंकर की टक्कर से 63 वर्षीय महिला की मौत

    मुंबई के जोगेश्वरी में पानी के टैंकर की टक्कर से 63 वर्षीय महिला की मौत, भतीजा घायल। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।

    मुंबई; शहर में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार दोपहर जोगेश्वरी (पूर्व) इलाके में एक दर्दनाक दुर्घटना हुई, जिसमें पानी के टैंकर ने स्कूटर को टक्कर मार दी। इस हादसे में 63 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि उसका भतीजा मामूली रूप से घायल हो गया।

    हादसा कैसे हुआ?

    यह घटना सोमवार दोपहर करीब 1 बजे जोगेश्वरी (पूर्व) के एक स्कूल गेट के पास हुई। स्कूटर चला रहा आदित्य जाधव (19) अपनी बुआ आशा दत्ताराम जाधव (63) को घर छोड़ने जा रहा था। तभी अचानक पीछे से आ रहे पानी के टैंकर ने स्कूटर को बाईं ओर से टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी जोरदार थी कि आशा जाधव सड़क पर गिर गईं। हादसे में टैंकर का अगला पहिया उनके हाथ पर चढ़ गया और उन्हें गंभीर चोटें आईं।

    मृतका कहां की रहने वाली थीं?

    पुलिस के अनुसार, मृतका आशा जाधव अपने बेटे सूरज (21) के साथ यशवंत नगर, जोगेश्वरी (पूर्व) में रहती थीं। सोमवार को वे अपने भतीजे आदित्य के घर एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। कार्यक्रम खत्म होने के बाद आदित्य उन्हें स्कूटर से घर छोड़ने जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया।

    टैंकर चालक पर लापरवाही का आरोप

    पीड़ित आदित्य जाधव ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि टैंकर चालक फोन पर बात कर रहा था और सड़क पर ध्यान नहीं दे रहा था। इसी लापरवाही की वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ।

    आशा जाधव को तुरंत पास के ट्रॉमा हॉस्पिटल, जोगेश्वरी ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस की कार्रवाई

    हादसे की जानकारी मिलते ही जोगेश्वरी पुलिस मौके पर पहुंची। टैंकर चालक अंगद कुमार को हिरासत में लिया गया और उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया।

    सीनियर इंस्पेक्टर इकबाल शिकलगर ने बताया कि “चालक को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद थाने से रिहा कर दिया गया है।”

    स्थानीय लोगों की नाराज़गी

    घटना के बाद इलाके के लोगों ने आक्रोश जताया। उनका कहना है कि जोगेश्वरी इलाके में पानी के टैंकर अक्सर तेज रफ्तार और लापरवाही से चलते हैं। कई बार शिकायतें करने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा।

    सड़क सुरक्षा पर सवाल

    यह हादसा एक बार फिर मुंबई में सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है।

    • क्या भारी वाहन चालकों पर सख्त निगरानी हो रही है?
    • क्या मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है?

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन और सीसीटीवी मॉनिटरिंग ज़रूरी है।

    जोगेश्वरी हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। 63 वर्षीय आशा जाधव की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। वहीं, पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

  • Mumbai: रिक्शा चालक के घर को लगा दी आग

    Mumbai: रिक्शा चालक के घर को लगा दी आग

    मुंबई के विक्रोली में बैनर विरोध करने वाले रिक्शा चालक के घर अज्ञात लोगों ने आग लगाई। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस जांच में जुटी।

    मुंबई: आर्थिक राजधानी मुंबई के विक्रोली इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार तड़के कुछ अज्ञात लोगों ने एक रिक्शा चालक के घर को आग लगा दी। वजह बनी इलाके में अनधिकृत रूप से लगाए गए बैनरों का विरोध। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और परिवार ने समय रहते आग पर काबू पा लिया।

    घटना कहाँ और कब हुई?

    यह घटना मंगलवार सुबह करीब 4 बजे विक्रोली के पार्कसाइट इलाके के वर्षानगर में हुई। इलाके में स्थित एक चौराहे पर एक महापुरुष के सम्मान में लोहे का बोर्ड लगाया गया था। लेकिन हाल के दिनों में कुछ लोगों ने इस बोर्ड पर बिना अनुमति के त्योहारी बैनर लगाना शुरू कर दिया।

    रिक्शा चालक ने जताया विरोध

    स्थानीय रिक्शा चालक ने जब अवैध रूप से लगाए गए बैनरों को देखा, तो उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी और इन्हें हटाने की मांग की। इसी बीच, कुछ युवकों ने उसके साथ बहस शुरू कर दी। पुलिस के हस्तक्षेप से विवाद उस समय शांत हो गया।

    लेकिन विवाद खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद रिक्शा चालक के घर पर हमला हो गया।

    आगजनी की घटना

    सुबह लगभग चार बजे अज्ञात लोगों ने रिक्शा चालक के घर में आग लगाने की कोशिश की। घर में मौजूद परिवार के सदस्यों ने किसी तरह आग बुझाई और बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।

    पुलिस में शिकायत दर्ज

    रिक्शा चालक ने तुरंत पार्कसाइट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीद गवाहों की मदद से पूरे मामले की जांच कर रही है।

    बैनर विवाद की पृष्ठभूमि

    कुछ साल पहले इस इलाके में एक चौराहे का नाम एक महापुरुष के नाम पर रखा गया था। सम्मान के तौर पर वहाँ लोहे का बोर्ड लगाया गया था। लेकिन धीरे-धीरे यह बोर्ड त्योहारों और आयोजनों के लिए बैनर लगाने का स्थान बन गया।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध बैनरों से जगह की सुंदरता बिगड़ती है और कई बार यह सड़क पर बाधा भी बनते हैं। इसी के खिलाफ रिक्शा चालक ने आवाज उठाई थी।

    नागरिकों की प्रतिक्रिया

    घटना के बाद इलाके के लोगों में गुस्सा और नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में अवैध बैनरबाजी एक गंभीर समस्या है। यदि कोई नागरिक इसके खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे धमकियों और हमलों का सामना करना पड़ता है।

    एक निवासी ने कहा – “यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं है। बैनरबाजी पूरे शहर की समस्या है। प्रशासन को कड़ा कदम उठाना चाहिए।”

    पुलिस की कार्रवाई

    पार्कसाइट पुलिस स्टेशन ने कहा है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू हो चुकी है। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

    मुंबई में अवैध बैनरबाजी की समस्या

    मुंबई में हर त्यौहार, राजनीतिक कार्यक्रम या सामाजिक आयोजन के दौरान अवैध बैनर और पोस्टर लगाए जाते हैं। नगर निगम और पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कड़ी सजा का प्रावधान नहीं होगा, तब तक अवैध बैनरबाजी और इस तरह की घटनाएं रुकना मुश्किल है।

    विक्रोली में हुई यह घटना सिर्फ एक आगजनी का मामला नहीं है, बल्कि यह नागरिक अधिकारों और कानून व्यवस्था से जुड़ा सवाल भी है। सवाल यह है कि आखिर कोई व्यक्ति शहर में अवैध कामों के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे सुरक्षा कौन देगा?

    फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को कानून के कटघरे में लाया जाएगा।

  • मुंबई कांदिवली में प्रॉपर्टी विवाद से खूनी संघर्ष

    मुंबई कांदिवली में प्रॉपर्टी विवाद से खूनी संघर्ष

    कांदिवली पश्चिम में प्रॉपर्टी विवाद पर यादव और चव्हाण परिवार में हिंसक झड़प। बैट, हॉकी स्टिक और काठियों से हुई मारपीट में एक वृद्ध की मौत, आठ लोग गंभीर रूप से घायल।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के लालजीपाड़ा इलाके में 5 सितंबर को हुए प्रॉपर्टी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। यादव और चव्हाण परिवार के बीच लंबे समय से चल रहा जमीन का झगड़ा अचानक मारपीट में बदल गया। दोनों तरफ से बैट, हॉकी स्टिक, लाठियां और यहां तक कि पत्थरों का इस्तेमाल किया गया। इस घटना में 65 वर्षीय वृद्ध राम लखन यादव की मौत हो गई, जबकि आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    🏚️ प्रॉपर्टी विवाद से बिगड़ा माहौल

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यादव और चव्हाण परिवार के बीच पिछले कई महीनों से जमीन पर कब्जे का विवाद चल रहा था। लगातार झगड़ों और कहासुनी के बाद शनिवार को हालात बेकाबू हो गए।

    • लालजीपाड़ा क्षेत्र में दोनों परिवारों के बीच अचानक भिड़ंत हुई।
    • देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया।
    • हथियार के तौर पर हॉकी स्टिक, बैट, लाठियां, ईंट और पत्थरों का इस्तेमाल किया गया।

    यह झगड़ा इतना खतरनाक हो गया कि इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    🩸 आठ लोग घायल, एक वृद्ध की मौत

    हिंसक झड़प में करीब आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सभी को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    • इलाज के दौरान 65 वर्षीय राम लखन यादव की मौत हो गई।
    • बाकी घायलों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
    • परिजनों का कहना है कि झगड़ा अचानक इतना बड़ा हो जाएगा, इसकी उम्मीद नहीं थी।

    👮 पुलिस की कार्रवाई और जांच

    घटना की जानकारी मिलते ही कांदिवली पुलिस मौके पर पहुंची।

    • दोनों परिवारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
    • पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
    • बाकी आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।

    पुलिस का कहना है कि यह झगड़ा पूरी तरह से प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

    😨 इलाके में फैली दहशत

    इस घटना के बाद लालजीपाड़ा और आसपास के इलाकों में भय का माहौल है। स्थानीय लोग काफी डरे हुए हैं।

    • कई लोगों ने पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
    • नागरिकों का कहना है कि इलाके में इस तरह की हिंसा से बच्चों और बुजुर्गों में डर पैदा हो गया है।
    • लोग चाहते हैं कि आरोपी जल्द से जल्द पकड़े जाएं ताकि माहौल सामान्य हो सके।

    🔍 विशेषज्ञों की राय

    कानून विशेषज्ञों का मानना है कि प्रॉपर्टी विवाद से जुड़े मामले अक्सर हिंसक हो जाते हैं।

    • अगर समय रहते इन झगड़ों को मध्यस्थता के जरिए सुलझाया जाए तो बड़े हादसे रोके जा सकते हैं।
    • मुंबई जैसे महानगर में प्रॉपर्टी और जमीन को लेकर विवाद बढ़ते जा रहे हैं।
    • पुलिस और प्रशासन को ऐसे मामलों में जल्दी हस्तक्षेप करना चाहिए।

    📊 बड़ी तस्वीर

    मुंबई में जगह-जगह प्रॉपर्टी विवाद के मामले सामने आते रहते हैं।

    • बढ़ती जनसंख्या और जमीन की कमी इसका मुख्य कारण है।
    • कागजी गड़बड़ी और पुराने मुकदमों की वजह से अक्सर ऐसे विवाद बढ़ते हैं।
    • कांदिवली का यह मामला सिर्फ एक उदाहरण है कि कैसे एक प्रॉपर्टी विवाद जानलेवा बन सकता है।

    कांदिवली पश्चिम की यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि इस बात का संकेत है कि मुंबई में प्रॉपर्टी को लेकर तनाव कितना गंभीर रूप ले सकता है
    अब देखना यह होगा कि पुलिस फरार आरोपियों को कब तक पकड़ती है और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलता है।

  • बांद्रा टर्मिनस पर नकली पुलिसकर्मी ने व्यापारी से 10.30 लाख लूटे

    बांद्रा टर्मिनस पर नकली पुलिसकर्मी ने व्यापारी से 10.30 लाख लूटे

    मुंबई के बांद्रा टर्मिनस पर नकली पुलिसकर्मी बनकर दो युवकों ने व्यापारी से ₹10.30 लाख ठग लिए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus

    मुंबई: बांद्रा टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर सोमवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। मलाड निवासी व्यापारी विकास गुप्ता को दो व्यक्तियों ने नकली रेलवे पुलिसकर्मी बनकर ₹10.30 लाख से ठग लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान नीलेश कालसुलकर (45) और प्रवीण शुक्ला (32) के रूप में की है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus

    व्यापारी के साथ धोखाधड़ी कैसे हुई?

    विकास गुप्ता, जो कपड़ों का व्यापारी है, सोमवार को गुजरात व्यापारिक यात्रा पर जा रहे थे। बांद्रा टर्मिनस पर ट्रेन का इंतजार करते समय दो व्यक्ति उनके पास आए और खुद को रेलवे पुलिसकर्मी बताया।

    • उन्होंने व्यापारी से गंतव्य पूछकर उसका बैग चेक करने की मांग की।
    • बैग में कैश देखकर उन्होंने गुप्ता से पैसों का सबूत मांगा।
    • गुप्ता तत्काल कोई दस्तावेज़ नहीं दिखा सके और घबरा गए।
    • इसी मौके का फायदा उठाकर दोनों नकली पुलिसकर्मियों ने ₹10.30 लाख जब्त कर लिए और चेतावनी दी कि अब यह पैसा वापस नहीं मिलेगा।

    घटना के तुरंत बाद गुप्ता को धोखाधड़ी का एहसास हुआ और उन्होंने बांद्रा रेलवे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus

    पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

    रेलवे पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
    एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया –
    “हमने आरोपियों को नकली पुलिसकर्मी बनकर धोखाधड़ी करने और ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस अपराध में क्या असली रेलवे पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।”

    CCTV फुटेज से नए राज़

    सूत्रों ने संकेत दिया है कि इस मामले में कुछ वरिष्ठ रेलवे पुलिस अधिकारियों की भी भूमिका हो सकती है।

    • बांद्रा टर्मिनस और खार रोड रेलवे स्टेशन की CCTV फुटेज में एक महिला पुलिसकर्मी और अन्य स्टाफ बैग लेकर जाते दिखे।
    • यह फुटेज अब जांच का हिस्सा बन गया है।
    • जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इस गैंग में अंदरूनी पुलिसकर्मी शामिल तो नहीं।

    यात्रियों के लिए चेतावनी

    पिछले कुछ दिनों में वसई और मुंबई सेंट्रल में भी ऐसे ही मामले सामने आए हैं, जहां यात्रियों से नकली पुलिसकर्मी बनकर ठगी की गई।
    रेलवे पुलिस ने यात्रियों को आगाह किया है कि

    • किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को पैसे या बैग न दिखाएं।
    • असली पुलिसकर्मी हमेशा अपनी आईडी कार्ड और यूनिफॉर्म में रहते हैं।
    • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रेलवे हेल्पलाइन या स्टेशन पुलिस को जानकारी दें।

    बढ़ता खतरा और जांच

    यह घटना रेलवे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है।

    • नकली पुलिसकर्मी आसानी से यात्रियों को शिकार बना रहे हैं।
    • यात्रियों का भरोसा तोड़कर वे लाखों रुपये हड़प रहे हैं।
    • इस मामले में अब यह जांचना बाकी है कि क्या यह संगठित गिरोह है और क्या इसमें रेलवे पुलिस का कोई अंदरूनी हाथ है।

    बांद्रा टर्मिनस की यह घटना यात्रियों के लिए एक चेतावनी है कि यात्रा के दौरान सतर्क रहें और नकली पुलिसकर्मियों से सावधान रहें। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और राज़ खुल सकते हैं। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus

  • Mumbai: ऑनलाइन गेमिंग में कर्ज़ को लेकर बिश्नोई गैंग की धमकी

    Mumbai: ऑनलाइन गेमिंग में कर्ज़ को लेकर बिश्नोई गैंग की धमकी

    मुंबई में ऑनलाइन गेमिंग में कर्ज़ से डूबे युवक ने बॉस को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर फिरौती धमकी दी। पुलिस ने जांच में चौंकाने वाला सच उजागर किया। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming

    मुंबई: ऑनलाइन गेमिंग का नशा और कर्ज़ ने एक युवक को अपराध की राह पर धकेल दिया। मामला मुंबई के गोरेगांव पुलिस स्टेशन का है, जहां एक बिजनेसमैन को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी भरा कॉल आया। कॉलर ने दावा किया कि बिजनेसमैन पर ₹25 लाख नकद और 1 किलो सोने की सुपारी दी गई है। जान बचाने के लिए उससे और ज्यादा फिरौती मांगी गई। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming

    धमकी का खौफ और पुलिस की चालाकी

    कॉलर ने कहा – “हम जानते हैं आप जुहू में रहते हो, आपका ऑफिस गोरेगांव में है और फैक्ट्री वसई में। ऊपर से ऑर्डर आया है, आपकी दोनों बेटियों पर भी नज़र है। शूटर भेज दिए गए हैं।”
    बिजनेसमैन घबराकर बोला कि वह पैसा देने को तैयार है और रकम गोरेगांव पुलिस स्टेशन पहुंचाने की बात कही। लेकिन जैसे ही पुलिस स्टेशन का नाम आया, कॉलर ने फ़ौरन फोन काट दिया। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming

    जांच में निकला चौंकाने वाला सच

    मुंबई पुलिस उपायुक्त संदीप जाधव और सीनियर इंस्पेक्टर सूर्यकांत खरात ने टीम बनाकर नंबर ट्रेस किया। जांच में सामने आया कि धमकी देने वाला कोई गैंगस्टर नहीं बल्कि बिजनेसमैन का ही कर्मचारी तेजस सेलार (26) है। तेजस ने ऑनलाइन गेमिंग में ₹3 लाख हारे और कर्ज़ चुकाने के लिए यह प्लान बनाया। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming

    फर्जी आईडी से सिम कार्ड और बॉस की रूटीन का फायदा

    पुलिस ने बताया कि तेजस ने किसी और के नाम से नया सिम लिया और अपने मालिक की पूरी दिनचर्या का इस्तेमाल करके डराने की साजिश रचीवह जानता था कि बॉस के ऑफिस, फैक्ट्री और घर कहां हैं। इस वजह से धमकी असली लग रही थी। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming

    तेजस को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है। फिलहाल पुलिस उससे ऑनलाइन गेमिंग नेटवर्क और सिम कार्ड सप्लायर के बारे में पूछताछ कर रही है। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming