मुंबई के मालाड ईस्ट में पुलिस ने एक युवक को बिना लाइसेंस देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी पुणे का रहने वाला है। पुलिस ने उस पर महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
मुंबई: मालाड ईस्ट के कुरार इलाके में पुलिस ने तलाशी अभियान के दौरान एक 30 वर्षीय युवक को बिना लाइसेंस वाली देसी पिस्टल (कट्टा) और एक जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान फैसल शेख के रूप में हुई है, जो पुणे का रहने वाला बताया जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना 3 दिसंबर 2025 की है। कुरार पुलिस की टीम शांति नगर स्लम, पिंप्रिपाड़ा इलाके में नियमित पेट्रोलिंग पर थी। उसी दौरान संदिग्ध हरकत और तेज चाल में चलते देख पुलिस ने फैसल शेख को रोका।
मुंबई के मालाड़ पश्चिम, मालवनी में नागरी आरोग्य प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ। सहपालकमंत्री मंगल प्रभात लोढा ने केंद्र को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम रखने का प्रस्ताव दिया।
मुंबई: मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में निर्मित नए नागरी आरोग्य प्रशिक्षण केंद्र का आज उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित मुंबई उपनगर जिल्हे के सहपालकमंत्री एवं कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने घोषणा करते हुए कहा कि इस केंद्र को भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम पर रखा जाना चाहिए और इसके लिए प्रशासनिक प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
यह उद्घाटन डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर महापरिनिर्वाण दिवस पर होने से कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया।
🏥 इस केंद्र से कौन लाभान्वित होगा?
इस नए हेल्थ सेंटर का उद्देश्य मालाड, मालवनी और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लगभग 3.5 लाख से अधिक लोगों को प्राथमिक और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी सेठ जी.एस. मेडिकल कॉलेज और केईएम अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों द्वारा संभाली जाएगी।
🎤 मंच पर उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ
कार्यक्रम में कई नामी लोग मौजूद रहे जिनमें शामिल हैं:
स्थानीय विधायक अस्लम शेख
उपआयुक्त (परिमंडल 4) डॉ. भाग्यश्री कापसे
उपआयुक्त (आरोग्य) शरद उघडे
अधिष्ठाता डॉ. संगीता रावत
सहायक आयुक्त कुंदन वळवी
🏗 संरचना और सुविधाएँ
यह भवन 5 मंजिलों में बना है, जिसमें से 3 मंज़िलें सिर्फ कम्युनिटी हेल्थ सर्विसेज़ के लिए निर्धारित हैं।
इस केंद्र में उपलब्ध होंगी:
✔ सामान्य चिकित्सा ✔ महिला स्वास्थ्य सेवा ✔ त्वचा रोग उपचार ✔ दंत चिकित्सा ✔ टीबी उपचार ✔ विशेष OPD सेवा
⏳ सेवा समय: सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक
प्रतिदिन 250–300 मरीजों को संभालने की क्षमता बनाई गई है।
🧪 मेडिकल सिस्टम और भविष्य की योजनाएँ
केंद्र में जल्द ही लागू होंगे:
हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफ़ॉर्मेशन सिस्टम (HMIS)
शोध केंद्र
सार्वजनिक स्वास्थ्य संग्रहालय
शिक्षण सभागार
टीकाकरण सुविधा
भविष्य में यहां विशेष चिकित्सा शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और मेडिकल सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे।
❓ FAQ SECTION
Q. क्या यह केंद्र आम लोगों के लिए मुफ्त सेवा देगा? हाँ, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ सरकारी दरों पर और कई सेवाएँ मुफ्त उपलब्ध रहेंगी।
Q. क्या यह केंद्र भविष्य में अस्पताल के रूप में बदल सकता है? हाँ, अधिकारियों के अनुसार चरणबद्ध विकास योजना अंतर्गत विस्तार संभव है।
Q. रोज कितने मरीजों को इलाज मिलेगा? इस केंद्र में प्रतिदिन लगभग 300 मरीजों को सेवा देने की क्षमता है।
Q. इस केंद्र का नाम कब बदलेगा? सहपालकमंत्री की घोषणा के अनुसार प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
मालाड–मालवनी के सार्वजनिक मैदान पर बनाए जा रहे अवैध टर्फ पर प्रशासन ने तत्काल रोक लगा दी है। यह फैसला स्थानीय नागरिकों, संस्थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लंबे संघर्ष और आंदोलन के बाद आया।
मुंबई: मालाड़ पश्चिम के मालवनी गेट नंबर 8 स्थित में बस डेपो के पास, म्हाडा के सार्वजनिक खेल मैदान पर बन रहे अनधिकृत टर्फ को लेकर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के संयुक्त आंदोलन को बड़ी सफलता मिली है। लगातार विरोध, शिकायतों और प्रशासनिक स्तर पर किए गए दबाव के बाद टर्फ निर्माण के कार्य को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। नागरिकों ने घोषणा की है कि मैदान पूरी तरह बच्चों, खिलाड़ियों और जनता के लिए खुला होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
🔹 प्रदर्शन के बाद रोक — आंदोलन बना निर्णायक
मालाड–मालवनी के खुले सार्वजनिक मैदान पर कुछ लोगों द्वारा चुपचाप टर्फ निर्माण शुरू किया गया था, जिसकी जानकारी मिलते ही नागरिकों ने विरोध दर्ज कराया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, म्हाडा, बीएमसी और सभी संबंधित विभागों को लिखित शिकायत देना शुरू किया और नियमित फ़ॉलोअप लिया। इसी फ़ॉलोअप के बाद सरकार ने विवादित टर्फ निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी किया।
🔹 धमकियों के बावजूद संघर्ष जारी रखा
सामाजिक कार्यकर्ताओं को आंदोलन रोकने के लिए कथित तौर पर झूठे फौजदारी मामलों में फंसाने की धमकियाँ भी दी गईं, लेकिन आंदोलनकारियों ने पीछे हटने से इंकार कर दिया। उनके साहस और नेतृत्व से स्थानीय युवाओं का मनोबल बढ़ा और आंदोलन व्यापक हो गया।
🔹 राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन
आंदोलन की ताकत लोगों के एकजुट होने से और बढ़ी। मुख्य रूप से— सामाजिक कार्यकर्ताओं ने म्हाडा कार्यालय और पुलिस स्टेशन में जाकर मजबूती से आपत्ति दर्ज की। संगठनों और नागरिकों के दबाव के बाद प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ा।
🔹 म्हाडा का सख्त संदेश — ‘एक ईंट भी रखी तो कार्रवाई’
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में मैदान पर एक ईंट भी रखी गई तो एमआरटीपी कानून लागू करके तुरंत कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इसी बीच नागरिकों ने स्पष्ट कहा है कि— 📌 मैदान पूरी तरह बच्चों और खिलाड़ियों के लिए वापस खुलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1: मालवनी में टर्फ किस वजह से विवाद में था? टर्फ सार्वजनिक खेल मैदान पर बिना अनुमति और बिना नोटिस के बनाया जा रहा था, इसलिए स्थानीय लोगों ने उसे अवैध बताया।
Q2: टर्फ निर्माण पर रोक क्यों लगाई गई? नागरिकों व सामाजिक संगठनों के विरोध, शिकायतों और आंदोलन के बाद प्रशासन ने कार्य रोकने का आदेश दिया।
Q3: क्या यह मामला अब पूरी तरह खत्म हो गया है? प्रशासन ने रोक तो लगाई है, लेकिन नागरिकों का कहना है कि मैदान पूरी तरह बच्चों और खिलाड़ियों के लिए खुलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
Q4: टर्फ शुरू करने वालों पर कोई कानूनी कार्रवाई होगी? प्रशासन के अनुसार, यदि अब मैदान पर कोई निर्माण कार्य शुरू हुआ तो एमआरटीपी कानून के तहत तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
मालाड पूर्व — शिवधाम संकुल में सड़क, स्ट्रीट लाइट, सीर्वेज लाइन और भटकते कुत्तों जैसी नागरिक समस्याओं को लेकर MLA सुनील प्रभु ने स्थल निरीक्षण किया। मरम्मत और सुधार कार्यों के लिए नगरपालिका अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुंबई: मालाड (पूर्व) के प्रभाग क्रमांक 44 स्थित शिवधाम संकुल में नागरिकों की बढ़ती समस्याओं को लेकर स्थानीय विधायक सुनील प्रभु ने मंगलवार दोपहर मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मलनिस्सारण लाइन, सड़कों के कंक्रीटीकरण, स्ट्रीट लाइट, भटकते कुत्तों और फायर ब्रिगेड के पीछे बने कबूतरखाने सहित कई मुद्दों पर नागरिकों से चर्चा की और तुरंत समाधान के निर्देश दिए।
🔹 सड़क और सीवरेज की खराब स्थिति पर MLA का फोकस
निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि शिवधाम संकुल के कई अंदरूनी रास्ते टूटे हुए हैं और बरसात के बाद से स्थिति और बिगड़ गई है। सीवरेज लाइन की सफाई और मरम्मत पर भी नागरिकों ने शिकायत की।
स्ट्रीट लाइट बंद होने से रात में अंधेरा और सुरक्षा संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं। जब तक सड़क का काम पूरा नहीं होता तब तक MLA ने निर्देश दिया कि ✔ दो बड़े हॉलोजन लाइट तुरंत लगाई जाएं।
🔹 बैरिकेड्स हटाने के निर्देश — नागरिकों को आराम
ओबेरॉय मॉल के सामने लगे बैरिकेड्स के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ रही थी। नागरिकों ने यह मुद्दा उठाया तो MLA ने संबंधित अधिकारियों को आज के आज बैरिकेड्स हटाने का आदेश दिया।
🔹 म्हाडा पार्क की बदहाल स्थिति पर चर्चा
संकुल में म्हाडा के अंतर्गत बने उद्यान की देखभाल न होने पर नागरिकों ने नाराज़गी जताई। सुनील प्रभु ने आश्वासन दिया कि 👉 म्हाडा प्रशासन से बात कर उद्यान का नवीनीकरण जल्द करवाया जाएगा।
इस निरीक्षण के दौरान शिवसेना के कई स्थानीय पदाधिकारी और संकुल की विभिन्न हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधि मौजूद थे — शाखा प्रमुख सुभाष धनुका, उपशाखाप्रमुख शैलेश जाधव, अशोक दैने, युवासेना उपशाखाधिकारी आर्यन जाधव, मंगेश चव्हाण, शिवधाम सेवा मंडल के अध्यक्ष रविंद बोभाटे, सचिव जितेंद्र पराडकर ऐसे ही विभिन्न गृहनिर्माण सोसायटी के पदाधिकारी संतोष नाझरे, रामचंद्र म्हापणकर, अरुण वाघ, कुंदन गोस्वामी, सुरेश गोसवी, अनंत ठाकरे, सुनील मोरे, प्रथमेश वेंगुर्लेकर समेत बड़ी संख्या में नागरिक भी शामिल थे।
❓ FAQ — शिवधाम संकुल नागरिक समस्या दौरे पर
प्रश्न
उत्तर
दौरा किसने किया?
स्थानीय MLA सुनील प्रभु ने।
मुख्य समस्याएं क्या थीं?
टूटी सड़कें, बंद स्ट्रीट लाइट, सीवेज लाइन, भटके कुत्ते, बैरिकेड्स और पार्क की स्थिति।
क्या अधिकारियों को निर्देश दिए गए?
हां, तुरंत मरम्मत और कार्रवाई शुरू करने को कहा गया।
बैरिकेड हटाने की मांग पर क्या आदेश दिया गया?
आज ही हटाने और नागरिकों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने के निर्देश।
म्हाडा पार्क को लेकर क्या निर्णय लिया गया?
नवीनीकरण के लिए म्हाडा के साथ फॉलो-अप करने का आश्वासन।
मालाड पूर्व के रहेजा कॉम्प्लेक्स में स्थित विजय सालसकर उद्यान का नवीनीकरण तेज़ी से पूरा हो रहा है। विधायक सुनील प्रभू ने निरीक्षण कर जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया।
मुंबई: मालाड पूर्व में रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास स्थित स्वर्गीय विजय सालसकर उद्यानअब नई चमक के साथ तैयार हो रहा है। स्थानीय नागरिकों की लंबे समय से चल रही मांग और विधायक सुनील प्रभू के लगातार प्रयासों के बाद उद्यान का नवीनीकरण अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। बुधवार को विधायक प्रभू ने मौके पर जाकर काम की प्रगति का निरीक्षण किया और भरोसा दिलाया कि यह उद्यान जल्द ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
⭐ उद्यान की स्थिति और नवीनीकरण का सारांश
मालाड पूर्व के वॉर्ड 36 में स्थित यह उद्यान कई सालों से जर्जर अवस्था में था। न मॉर्निंग वॉक के लिए पर्याप्त जगह, न बच्चों के खेलने की कोई सुविधा—स्थानीय लोग लगातार परेशान थे। विधायक सुनील प्रभू ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) से बजट मंजूरी के लिए लगातार फॉलो-अप किया और अब 6,500 वर्गमीटर के इस उद्यान को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।
🏞️ उद्यान में क्या-क्या बदलेगा? — नवीनीकरण की प्रमुख बातें
1️⃣ 6500 वर्ग मीटर में आधुनिक सुविधाओं की नई लिस्ट
विजय सालसकर उद्यान को पूरी तरह से रीडिज़ाइन किया जा रहा है, जिसमें नागरिकों की हर उम्र को ध्यान में रखा गया है।
✔ लिटिल किड्स प्ले ज़ोन
बच्चों के लिए सुरक्षित रॉक क्लाइम्बिंग गेम
नई प्ले-स्ट्रक्चर और ओपन एरिया
✔ फिटनेस कॉर्नर
आधुनिक व्यायाम उपकरण
ओपन जिम जैसा अनुभव देने वाली मशीनें
✔ वॉकिंग ट्रैक
मॉर्निंग वॉकर्स के लिए मजबूत और चौड़ा वॉकवे
एंटी-स्किड सरफेस
✔ सीनियर सिटिजन कॉर्नर
आरामदायक आसन व्यवस्था
शांत बैठने और मिलने-जुलने की जगह
✔ व्यूइंग गैलरी
कॉलोनी को देखते हुए डिजाइन की गई गैलरी
परिवारों और बच्चों के लिए आकर्षण
✔ हरियाली और साफ-सुथरापन
पूरे उद्यान में नई प्राकृतिक घास
उद्यान की दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग्स और रंगरंगोटी
मुंबई के मालाड में दिवाली की रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब एक नवजात बच्ची को फुटपाथ पर छोड़ दिया गया। राहगीर ने उसकी रोने की आवाज़ सुनकर पुलिस को खबर दी। बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वह फिलहाल सुरक्षित है।
मुंबई: दिवाली की रात जब पूरा मुंबई शहर रौशनी से जगमगा रहा था, तब मालाड में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। एक नवजात बच्ची को फुटपाथ पर एक पार्क की बगल में बस के पास छोड़ दिया गया। गनीमत रही कि एक राहगीर ने उसकी हल्की सी रोने की आवाज़ सुन ली और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे सुरक्षित बताया।
👶 फुटपाथ पर छोड़ी गई नवजात बच्ची
मालाड वेस्ट के बैक रोड, बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के पास ये घटना शनिवार देर रात करीब 11 बजे की है। पुलिस के मुताबिक बच्ची महज एक या दो दिन की लग रही थी और कपड़े में लिपटी हुई थी। उसके शरीर पर चींटियों के काटने के निशान थे, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसे कुछ घंटों पहले ही वहां छोड़ा गया था।
🚓 राहगीर ने दिखाई इंसानियत, पुलिस ने दी त्वरित मदद
पुलिस के अनुसार, पास से गुजर रहे एक शख्स ने जब मासूम की रोने की आवाज़ सुनी, तो तुरंत बांगुर नगर पुलिस स्टेशन में सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित थाने लेकर आई। महिला पुलिसकर्मियों ने उसे साफ कपड़ों में लपेटकर अस्पताल पहुंचाया।
बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया, “अगर उस राहगीर ने कुछ मिनट देर कर दी होती, तो शायद बच्ची की जान बचाना मुश्किल हो जाता। यह एक चमत्कार जैसा था कि उसकी आवाज़ किसी इंसान तक पहुंच गई।”
🏥 शताब्दी अस्पताल में इलाज, बच्ची फिलहाल सुरक्षित
बच्ची को तत्काल शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची फिलहाल स्वस्थ है और अस्पताल के बच्चों के वार्ड में उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने कहा कि बच्ची में किसी गंभीर चोट के निशान नहीं हैं, और उसका स्वास्थ्य सामान्य हो रहा है।
पुलिस ने इस मामले में अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक रविंद्र अव्हाड ने बताया, “हमने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है और इलाके के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि पता चल सके कि बच्ची को वहां कौन लेकर आया था।”
💓 लोगों ने दिखाई अपनापन, कई ने अपनाने की जताई इच्छा
घटना के बाद कई लोगों ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जाहिर की है। सोशल मीडिया पर भी राहगीर और पुलिस की इस इंसानियत की जमकर सराहना हो रही है। एक यूज़र ने लिखा, “दिवाली की रात अगर किसी ने सच्ची रौशनी फैलाई है, तो वो इस मासूम को बचाने वाले हैं।”
🙏 मानवता की मिसाल बनी मुंबई
मुंबई अक्सर अपनी तेज़ रफ्तार ज़िंदगी के लिए जानी जाती है, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि इस शहर में इंसानियत अब भी जिंदा है। इस राहगीर और पुलिस टीम की सूझबूझ ने एक मासूम को नया जीवन दिया।
❓ FAQ सेक्शन:
Q1. मालाड में नवजात बच्ची कहां मिली? ➡ बच्ची मालाड वेस्ट के बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के पास फुटपाथ पर एक पार्क की बगल में मिली।
Q2. क्या बच्ची सुरक्षित है? ➡ हां, बच्ची को शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वह पूरी तरह सुरक्षित है।
Q3. पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है? ➡ पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है और CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
Q4. क्या बच्ची को गोद लेने की प्रक्रिया शुरू हुई है? ➡ कई लोग बच्ची को गोद लेने की इच्छा जता चुके हैं, लेकिन फिलहाल वह अस्पताल की निगरानी में है।
मुंबई के मालाड इलाके में 14 वर्षीय बच्चे ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने ADR दर्ज किया और परिवार व दोस्तों से पूछताछ जारी है। मौत की वजह साफ नहीं।
मुंबई: मालाड (Malad) इलाके में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। सिर्फ 14 साल का स्कूली बच्चा अपने घर में फांसी के फंदे से लटका हुआ पाया गया। परिजनों ने जब बच्चे को देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मॉलाड पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
आत्महत्या की वजह अब तक साफ नहीं
पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि आखिर बच्चे ने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया। पुलिस ने मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है और उसकी चैट्स व कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है।
परिजनों और दोस्तों से पूछताछ जारी
मॉलाड पुलिस ने इस घटना को फिलहाल Accidental Death Report (ADR) के तहत दर्ज किया है। पुलिस बच्चे के दोस्तों और परिवार से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उसने हाल ही में किसी परेशानी या तनाव के बारे में बात तो नहीं की थी।
इस घटना के बाद पूरे मॉलाड इलाके में गम और सनसनी का माहौल है। पड़ोसी और जानने वाले स्तब्ध हैं कि इतनी छोटी उम्र में बच्चा ऐसा कदम कैसे उठा सकता है।
बच्चों में बढ़ता तनाव और समाज की जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में बच्चों पर पढ़ाई का दबाव, सोशल मीडिया का असर और अकेलापन उन्हें मानसिक रूप से कमजोर बना रहा है। माता-पिता और स्कूलों को चाहिए कि वे बच्चों से लगातार संवाद करें और उनकी परेशानियों को गंभीरता से लें।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मामलों में अफवाहें फैलाने से बचें और परिवार को भावनात्मक सहयोग दें। साथ ही, बच्चों में अगर कोई असामान्य बदलाव दिखे तो तुरंत काउंसलिंग कराएं।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1: मॉलाड में आत्महत्या करने वाले बच्चे की उम्र कितनी थी? Ans: बच्चा सिर्फ 14 साल का था और स्कूल में पढ़ाई कर रहा था।
Q2: क्या बच्चे ने कोई सुसाइड नोट छोड़ा है? Ans: नहीं, पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
Q3: पुलिस ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं? Ans: पुलिस ने Accidental Death Report दर्ज की है और मोबाइल फोन व दोस्तों-परिवार से पूछताछ कर रही है।
Q4: इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या किया जा सकता है? Ans: बच्चों से संवाद, मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान और काउंसलिंग से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
Q5: यह घटना कब और कहां हुई? Ans: यह घटना मंगलवार को मुंबई के मॉलाड इलाके में हुई।
मुंबई का पी/नॉर्थ वार्ड (P/North Ward) 46.67 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसके पूर्व में संजय गांधी नेशनल पार्क और पश्चिम में मढ़-मनोरी के मैंग्रोव जंगल हैं। इसमें मलाड, मालवनी, माढ़ और अक्सा जैसे प्रमुख इलाके आते हैं। यह मुंबई का सबसे ज्यादा आबादी वाला वार्ड है। 13 वर्ष पहले यानी 2011 की जनगणना के अनुसार यहां करीब 10 लाख लोगों की आबादी रिकार्ड की गई थी। इतनी घनी आबादी के बीच हर डिग्री तापमान का बढ़ना लाखों लोगों को प्रभावित करता है। Mumbai’s P/North ward: The crisis of rising temperatures and decreasing greenery
🌳 हरियाली के बावजूद बढ़ता तापमान
मानचित्र पर यह इलाका हरा-भरा दिखता है, लेकिन हकीकत अलग है।
2015 से 2024 के बीच तापमान 5°C से ज्यादा बढ़ा
42.24°C (2015) से बढ़कर 50°C (2024) तक पहुंच गया
सबसे ज्यादा असर झोपड़पट्टी और घनी आबादी वाले इलाकों में
कंक्रीट, डामर और टिन की छतों ने प्राकृतिक ठंडक देने वाले पेड़ों और खुली जमीन की जगह ले ली
🔥 सबसे ज्यादा खतरे में कौन हैं?
पी/नॉर्थ वार्ड की अनौपचारिक बस्तियां (झोपड़पट्टियां) इस संकट का सबसे बड़ा शिकार हैं।
26% घरों की छतें एस्बेस्टस और टिन की, जो तेजी से गर्म होती हैं
25% घरों में अब भी पारंपरिक ईंधन (लकड़ी आदि) से खाना बनता है
केवल 25% लोग ही अपने घरों के मालिक, बाकी किरायेदार हैं
स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली और साफ पानी तक सीमित पहुंच
मुंबई: मलाड़ पश्चिम के मनोरी आईलैंड में प्रस्तावित समुद्र के पानी को मीठा करने के प्रोजेक्ट की लागत इस बार पिछले आंकड़ो की तुलना लगभग डेढ़ गुना बढ़ गई है। पहले इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 1920 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़ कर 3000-3200 करोड़ रुपये हो गई है। यह जानकारी देते हुए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के एडिशनल कमिश्नर अभिजीत बंगार ने बताया कि पिछली बार टेंडर को लेकर विवाद होने पर उसे रद्द कर दिया गया था। 25 मई को दोबारा टेंडर जारी किया गया, जिसके लिए अब तक 21 कंपनियों ने रुचि दिखाई है। इनमें एक कंपनी स्पेन और एक मध्य पूर्वी देश से है। Mumbai: A project to sweeten sea water will be built in Malad, 21 companies have sent proposals
भ्रष्टाचार का आरोप
बता दें कि पिछली बार टेंडर में 5 कंपनियों ने टेंडर भरा था, हालांकि बाद में सिर्फ एक कंपनी रह गई। कांग्रेस ने इस टेंडर में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, जिसके बाद बीएमसी ने टेंडर रद्द कर दिया। नए टेंडर की लागत 3000 से 3200 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो पिछली अनुमानित लागत 1920 करोड़ रुपये से डेढ़ गुना अधिक है। Mumbai: A project to sweeten sea water will be built in Malad, 21 companies have sent proposals
कैसे होगा प्रोजेक्ट?
बृहन्मुंबई महानगर पालिका के एडिशनल कमिश्नर अभिजीत बंगार ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत टनल बनाई जाएंगी। इसमें दो समुद्र से पानी खींचने के लिए और एक अवशेष जल (नमकीन पानी) को निकालने के लिए बनाई जाएगी। अधिकारी ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत समुद्र के गहरे हिस्से लगभग 2-3 किलोमीटर दूर से पानी खींचा जाएगा, जिससे प्रदूषण होने का खतरा नही होगा। यहां बिजली की जगह ग्रीन एनर्जी का उपयोग किया जाएगा। Mumbai: A project to sweeten sea water will be built in Malad, 21 companies have sent proposals
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि प्रोजेक्ट को दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में खारे पानी को शुद्ध करने पर 200 एमएलडी पीने योग्य पानी प्रतिदिन प्राप्त होगा। दूसरे चरण में प्रतिदिन 200 एमएलडी पानी प्राप्त होगा। यानी दोनों चरणों के शुरू होने पर मुंबई को प्रतिदिन 400 एमएलडी पानी मिलेगा। Mumbai: A project to sweeten sea water will be built in Malad, 21 companies have sent proposals
मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शैलेन्द्र नगरकर ने बताया, कि एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मार्वे बिच के साईबाबा मंदिर के पास छापेमारी की और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर नकली नोट बना रहे थे। संदिग्धों को 4 जून, 2025 तक पुलिस हिरासत में रखा गया है, क्योंकि उनके संचालन की सीमा और बड़े जालसाजी नेटवर्क से संभावित संबंधों की जांच जारी है। Mumbai: Two Telangana nationals arrested with fake Rs 500 notes and printing material in Malad’s Malvani
कैसे की छापामारी?
जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक डॉ. दिपक हिंडे ने बताया कि आरोपी कहीं बाहर से एक नीली कार में यहां आए हुए थे। गुप्त सूचना मिली थी कि मार्वे रोड़ स्थित मार्वे बिच के नजदीक साईबाबा मंदिर के पास काफी समया से एक नीली रंग की कार रुकी हुई है जिनके पास भारतीय चलन के नकली नोट मौजूद है। इस सूचना को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने के बाद आदेश पाकर हमने मौके पर छापामारी की जहां से दो संदिग्धों को 500 रुपये के बनावटी नोट और नकली नोट बनाने के उपकरण और सामग्री सहित हिरासत में लिया। इसके साथ ही जिस कार से वो लोग आए हुए थे उसे भी जब्त कर लिया गया है। Mumbai: Two Telangana nationals arrested with fake Rs 500 notes and printing material in Malad’s Malvani
गिरफ्तार आरोपियों के बारे में भी आप को जानकारी देते चलें, कि गिरफ्तार 46 वर्षीय संपत सामवय्या एंजपल्ली, तेलंगाना के गांधीनगर, तालुका धनपुर (मुलगू), जिला जयशंकर (भूपालंपली) का रहने वाला है। और दूसरा 30 वर्षीय आरोपी रहिमपाशा याकूब शेख, धनपुर, तालुका धनपुर (मुलगू), जिला वारंगली का रहने वाला है। दोनों ही पेशे से बेरोजगार हैं। Mumbai: Two Telangana nationals arrested with fake Rs 500 notes and printing material in Malad’s Malvani