Malad Acid Attack: मुंबई में एक 34 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी पत्नी के चेहरे पर एसिड फेंककर उसे बुरी तरह झुलसा दिया। घटना मालाड़ पश्चिम, मालवनी इलाके की है। (Malad Acid Attack: Acid thrown on wife’s face when she protested against affair)
इस्माईल शेख मुंबई- मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके में एक्सट्रा मैरिटल अफेयर (Extramarital Affair) का विरोध करने पर 34 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर एसिड फेंक दिया। इस घटना में पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो गई है। 27 वर्षीय पीड़िता की शिकायत पर उसके पति के खिलाफ मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। (Malad Acid Attack: Acid thrown on wife’s face when she protested against affair)
Malad Acid Attack 5 साल पहले की थी लव मैरिज
मिली जानकारी के मुताबिक, मालवनी इलाके में रहने वाले 34 वर्षीय शब्बीर खान (Shabbir Khan) ने अपने अफेयर का पर्दाफाश होने पर अपनी पत्नी के चेहरे पर तेजाब फेंक दिया। घायल महिला कूपर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जुझ रही है। पीड़ित गंभीर रूप से जल चुकी है और उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारी यह भी प्राप्त हो रही है कि पीड़ित महिला के साथ आरोपी की लव मैरेज हुई थी। 5 साल पहले की थी लव मैरिज। (Malad Acid Attack: Acid thrown on wife’s face when she protested against affair)
पुलिस को बुलाया तो की मार पीट और पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की..
Mumbai- A 26-year-old pregnant mother expressed her gratitude for the commendable work of the polic
इस्माईल शेख मुंबई- घरेलू हिंसा के मामले में मालवनी पुलिस की सूझ बूझ 26 वर्षीय जरीना बेगम के लिए छुटकारा पाने का सबब साबित हो गया। 4 महिने की एक बच्ची को गोद में लिए प्रेगनेंट जरीना अपने मायके जाना चाहती थी। जबकि पति सुफियान और सास मिलकर जरीना को कमरे में बंद कर बाहर से ताला मार दिया करते थे। लगातार मार-पीट से तंग आकर जरीना की मां उसे अपने साथ अपने गांव प्रयागराज लेजाने आई थी। इस हंगामे के बीच पुलिस को बुलाया तो सुफियान ने जरीना के मां को मारा और सुफियान की मां ने पुलिस के साथ की धक्का-मुक्की। सूचना मिलते ही डिटेक्शन की टीम ने लाठी डंडे के साथ जरीना और उसके परिवार को पुलिस स्टेशन ले आई और क़ानूनी अंदाज में समझाया। तब जाकर मामला शांत हुआ और जरीना अपने और बच्चे के कुछ कपड़े साथ लेकर अपनी मां के साथ मायके चली गई। साथ ही मालवनी पुलिस का आभार व्यक्त किया। (Mumbai- A 26-year-old pregnant mother expressed her gratitude for the commendable work of the police)
क्या है मामला?
मामला, मालवनी गेट नंबर 8, म्हाडा कॉलोनी का है। यहां रूम नंबर 51 के रहने वाले सुफियान का पिछले वर्ष 2023 में जरीना के साथ शादी हुई थी। जैसे ही जरीना को लड़की हुई तब से सुफियान और उसका परिवार मार-पीट करना शुरू कर दिया। यहां तक की अपनी प्रेग्नेंसी के लिए जरीना को अकेले अपने गांव जाना पड़ा। अपने गहने बेचकर अस्पताल का खर्च गहन करना पड़ा। बाद में जरीना को लगा कि मामला शांत हो गया होगा। वापस आई तो एक बार फिर प्रेगनेंट हो गई और इतनी पिटाई कर दी गई की जरीना मरते-मरते बची। मालवनी पुलिस में इसको लेकर 14 अगस्त 2024 को शिकायत की गई है। (Mumbai- A 26-year-old pregnant mother expressed her gratitude for the commendable work of the police)
लड़की अगर नहीं रहना चाहती तो उसे रोका नही जा सकता ..
आप को यह भी बता दें कि एक ही परिवार के दो बहनों के लड़का और लड़की के बीच शादी हुई थी। सब कुछ अच्छा चल रहा था। लेकिन लड़की के जन्म होते ही परिवार में खटास पैदा हो गई। लगातार हो रहे मार पीट से अपनी लड़की को बचाने के लिए जरीना की मां मुंबई आई तो उसे अपने पहचान वाले के घर रूकना पड़ा और जरीना के ससुराल वालों से बात की तो कहने लगे अपना दहेज का पूरा सामान लेकर जाओ और मामला हमेशा हमेशा के लिए खत्म करो नहीं तो जरीना को जाने नहीं देंगे। इसी बीच सुफियान ने अपनी 4 महिने की बच्ची को अकेले कमरे में डाल कर बाहर से ताला लगा दिया। जबकि जरीना कह रही थी कि मुझे सिर्फ इस वक्त के लिए अपने मायके जाने दो मैं दो-दो बच्चों को लेकर अकेले कैसे गुजारा कर सकती हूँ। इसी बीच फिर से मार-पीट हुई तो पुलिस कंट्रोल से मदद मांगी गई। पुलिस आई तो सुफियान की मां पुलिसकर्मियों से भी धक्कामुक्की करने लगी। इसकी सूचना पाकर डिटेक्शन की टीम लाठी डंडे के साथ पहुची तब जाकर मामला शांत हुआ और पुलिस ने ताला खुलवा कर बच्ची को मां के हवाले किया और सभी लोगों को थाने ले आई। (Mumbai- A 26-year-old pregnant mother expressed her gratitude for the commendable work of the police)
जरीना ने दिया मालवनी पुलिस को सूचना पत्र . .
पति द्वारा दिए दो बच्चों का मैं क्या करूँ?
मालवनी पुलिस थाने में आने के बाद भी सुफियान और उसका परिवार काफ़ी हंगामा करने लगा। पुलिस ने जब डाटते हुए कानूनी प्रक्रिया को समझाया तब जाकर सुफियान और उसका परिवार शांत हुआ। इसके बाद जरीना पुलिस को अपने साथ ले गई और अपने और अपने बच्चे के जरूरत के सामान और कपड़े बैग में भरकर वापस पुलिस थाने आई और पुलिस को एक लिखित सूचना पत्र देकर अपने मायके के लिए रवाना हो गई। जबकि जरीना को अपने ससुराल से निकलना आसान नहीं था। लेकिन मालवनी पुलिस की मदद से वह सुरक्षित अपने मायके के लिए रवाना हो गई। इसके लिए जरीना ने मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चिमाजी आढ़ाव और उनके स्टाफ का आभार व्यक्त किया। जरीना का कहना है कि सुफियान का अब मुझसे दिल भर चूका है। वह लड़के की चाह में दूसरी शादी करना चाहता है। इसिलिए वह मुझे मायके जाने से पहले शादी को खत्म करने की बात कर रहा है। लेकिन सुफियान ने जो मेरी कोख में दो बच्चे दिए हैं उनकों लेकर मैं क्या करूँ? (Mumbai- A 26-year-old pregnant mother expressed her gratitude for the commendable work of the police)
Mumbai Building Collapse: मुंबई में एक निर्माणधीन इमारत का हिस्सा गिरने से तीन मजदूरौं की मौत और के ई घायल हो गए है।
इस्माइल शेख मुंबई- मालनपुर के निर्माणाधीन 23 मंजिल की एक इमारत का हिस्सा गिरने पर तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि इस घटना में तीन अन्य मजदूर घायल हो गए। यह हादसा मुंबई के एक बड़े बिल्डर की साइट पर हुआ। (Mumbai Building Collapse)
मुंबई में एक बार फिर बड़ा हादसा हुआ। एक निर्माणधीन बिल्डिंग के गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य जख्मी हुए हैं। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। (Mumbai Building Collapse)
क्या है जानकारी?
मुंबई में यह हादसा नवजीवन बिल्डिंग, हाजीबापु रोड, गोविंद नगर मालाड पूर्व के न्यू लाइफ एसआरए प्रोजेक्ट साइट पर हुआ है। सूचना पर फायर ब्रिगेड और पुलिस मौके पर पहुंची और घायल मजदूरों को रेस्क्यू किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसा 20 मंजिल पर हुआ। जिस इमारत का हिस्सा गिरा वह कुल 23 मंजिल की है। जानकारी के मुताबिक घायलों का इलाज मालाड के एम डब्लु देसाई अस्पताल में चल रहा है। (Mumbai Building Collapse)
कई अपराधिक मामलों के आरोपी परिवार जाकिर डॉटकाम एन्ड फैमली फिर एक बार मालवनी में दहशत फैलाने का काम कर रही है। प्लॉट नंबर 16 में देर रात हुई भीड़ इकट्ठा। बाप और बेटों ने बीच सड़क पर सबके सामने किया महिला पर हमला। पुलिस ने किया एक और मुकदमा दर्ज। (Mumbai Malad Malvani Jakir.com News)
इस्माईल शेख मुंबई– मालाड़ (पश्चिम), मालवनी, प्लॉट नंबर 3, बीएमसी कॉलोनी, अब्दुल हमीद रोड़, रुम नंबर 583 मैं हफ्ता वसूली का कार्यालय चलाने वाले जाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम और उसके दो बेटे अमीर अली सय्यद, उमेर सय्यद का यहां से दहशत खत्म होने का नाम नही ले रहा है। मालवनी पुलिस ने हफ्ता वसूली, ज़बरन मकान-दुकान कब्जा जैसे जघन्य अपराधों के खिलाफ मामला तो दर्ज किया। लेकिन फरारी काट कर अग्रिम जमानत पाने के बाद से इनका मनोबल और बढ़ गया है। (Woman attacked in the middle of the road at 2 o’clock in the night, several cases registered against father and sons )
जाकिर डॉटकाम का अंडरवर्ल्ड कनेक्शन।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक आप को, यह भी बता दें, कि अंडरवर्ल्ड के लिए हफ्ता वसूली में मकोका के तहत गिरफ्तार दाऊद इब्राहीम के करीबी छोटा शकील के रिश्तेदार सलीम फ्रुट और अमजद रेडकर के लिए ये लोग काम किया करते थे। इनकी दहशत के कारण पीड़ित पुलिस तक नहीं पहुंच पाते थे। लेकिन समय ने ऐसा पाला बदला कि लगातार इन बाप और बेटों के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हो गये। (Woman attacked in the middle of the road at 2 o’clock in the night, several cases registered against father and sons )
जमानत पर रिहा हुआ।
लगभग 3 महिनों के फरारी कांटने के बाद कोर्ट ने शर्तों के आधार पर जमानत तो दे दी। लेकिन इन बदमाश बाप और बेटों की अपराधिक प्रवृत्ति खत्म होने का नाम नही ले रही है। हाल ही में इन बाप और बेटों ने देर रात एक 40 वर्षीय महिला को बीच सड़क पर अश्लील गालियां देते हुए हमला कर दिया। जिसके बाद महिला की शिकायत पर मालवनी पुलिस ने गु.र.क्र. 1169/2024 में भारतीय न्याय संहिता 2023 के विभिन्न धाराओं के तहत एक और मामला दर्ज कर लिया है। (Woman attacked in the middle of the road at 2 o’clock in the night, several cases registered against father and sons )
क्या हुआ था उस रात ?
घटना 14 अगस्त देर रात 2 बजे के आसपास की है। जिस समय 40 वर्षीय पीड़ित महिला आसमा जावेद खान अपने रिश्तेदार की अचानक तबियत बिगड़ने के कारण उसका हालचाल लेकर वापस अपने घर लौट रही थी। ठिक उसी समय प्लॉट नंबर 16 पर बदमाश जाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम और उसके दो बदमाश बेटे अमीर अली सय्यद, उमेर सय्यद अपने घर के पास भीड़ इकट्ठा कर लोगों को धमकाते हुए दहशत निर्माण कर रहे थे। इस बीच पीड़ित महिला भी वहां भीड़ होने के कारण रुक गई। (Woman attacked in the middle of the road at 2 o’clock in the night, several cases registered against father and sons )
जाकिर ने क्या किया महिला के साथ?
इतने में ज़ाकिर लोगों को गालियां देते हुए वहां से निकलने को कह रहा था। गाली बर्दाश्त नही होने के कारण पीड़ित महिला ने ज़ाकिर से सवाल कर दिया कि ‘तुम लोगों का तो ये रोज का हो गया है। गल्ली के लोगों को तुम परेशान क्यों करते हो?’ महिला का बस इतना कहना था, कि जाकिर महिला के तरफ लपक कर उसके सीने को धकेलते हुए महिला को पीटना शुरू कर दिया। इसी वक्त उमेर पीड़ित को अश्लील गालियां देते हुए महिला को बीच सड़क पर नंगा करके पिटाई करने की धमकी देने लगा, वहीं आमिर पीड़ित को जान से मारने की धमकी दे रहा था। इसी वक्त जाकिर ने छाती पर ऐसा जोरदार धक्का दिया की पीड़ित महिला जमीन पर गीर पड़ी। पीड़ित महिला अपनी कमजोरी और शर्म के मारे वहां से तुरंत निकल गई। पर जाते जाते उसने घटना स्थल की विडियो बना ली। (Woman attacked in the middle of the road at 2 o’clock in the night, several cases registered against father and sons )
घबरा गया परिवार..
जब घर जाकर पति को बताया, तो पूरा परिवार घबरा गया। कारण ज़ाकिर और उसके परिवार की दहशत यहां आम है। परिवार ने किसी भी तरह की शिकायत को नही करते हुए शांत होने के लिए महिला पर दबाव बनाया। परिवार वालों का कहना था कि पुलिस में शिकायत के बाद जमानत लेकर जाकिर और उसका परिवार हमें और नुकसान पहुंचा सकता है। लेकिन पीड़ित महिला सरेआम शर्मसार हो चुकी थी। वो लोगों के बीच उस रात की घटना का पात्र होने से परेशान होकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का दृढ़ निश्चय कर पुलिस थाने पहुची और अपनी आप बीती सुनाई। मालवनी पुलिस थाने के पुलिस उपनिरीक्षक दिपक हिंडे ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 74, 115(2), 352, 351(3), 79, 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की तहकीकात पुलिस निरीक्षक गोकुल निंबा जगताप कर रहे हैं। (Woman attacked in the middle of the road at 2 o’clock in the night, several cases registered against father and sons )
जाकिर का पिछला रिकॉर्ड ..
बता दें, कि जाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम और उसके दो बेटे अमीर अली सय्यद, उमेर सय्यद 39 वर्षीय सलीम गौस शेख के पास से 11 लाख 14 हज़ार 500 रूपये हफ्ता वसूल कर चुके हैं। वहीं दुसरे मामले में 37 वर्षीय फरियादी युनूस सोहेल शेख से हर महीने 30 हजार रुपये हफ्ता वसूली के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जिसमें अबतक आरोपियों ने कुल 9 लाख एक हजार 499 रुपये वसूल किए थे। युनूस के गले पर धारदार चौपर और कोयता लगाकर हफ्ता वसूली की गई थी। इसके साथ ही और अन्य मामलों मे ये बाप और बेटे फरार चल रहे थे। बाद में कोर्ट से शर्तों के आधार पर जमानत प्राप्त करने के बाद यह परिवार वापस आकर फिर से यहां दहशतगर्दी का माहौल तैयार करने का काम चर रहे हैं। पुलिस को इन बदमाशों के खिलाफ सख्ती से पेश आते हुए बाप और बेटों को सलाखों के पीछे धकेल देना चाहिए। ऐसा यहां के नागरिकों का कहना है। (Woman attacked in the middle of the road at 2 o’clock in the night, several cases registered against father and sons )
‘द मॉल’ की टेरेस पर बिना नक्शा पास कराए ही गैरकानूनी रूप से बना ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ नामक बार & रेस्टोरेंट
कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति,
‘द डिजर्ट लाउंज’ बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण को बचाने हेतु स्वयं डीएमसी (DMC) है जिम्मेदार:आनंद नेरूरकर (दुय्यमअभियंता)
सुरेंद्र राजभर मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के जिम्मेदार अधिकारी चाहे जितनी ऊंची कुर्सी पर बैठे हों सबका लक्ष्य अपने निर्धारित ओहदे का निजी लाभ के लिए अपने पद का दुरुपयोग कर काली कमाई कर अपना घर भरना होता है। ऐसे भ्रष्ट (Corrupt) और रिश्वतखोर (Bribable) अधिकारियों (Officer’s) को कानून का कोई भय नहीं होता। क्योंकि ऊपर से ऊपर तक काली कमाई (Black Money Income) का हिस्सा पहुंचता है। भ्रष्टाचार..
फिर इनके भ्रष्टाचार की जांच (investigation of Corruption) कराने की जरूरत ही क्या? सोने के अंडे देने वाली मुर्गी को ये हलाल नहीं करेंगे, ताकि कल वह फिर कोई गैरकानूनी (illegal) तरीके से निर्माण (construction) करें और काली कमाई कराए। बेशक यही होता है बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) वार्डों (Ward) में ज्यादे शिकायत हुई तो नोटिस (NOTICE) दे दो। बस हो गयो काम की इति। एक ऐसा ही मामला पी/नॉर्थ, वार्ड (P/North Ward) मालाड (पश्चिम) रेल्वे स्टेशन के पास स्थित ‘ द मॉल ‘ (The Mall) के चौथे महले की टेरेस पर ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) नामक बार & रेस्टोरेंट का गैरकानूनी निर्माण बिना नक्शा (build without map) पास कराए (Approval) ही बनाया गया है। जो भ्रष्टाचार (Corruption) और सत्ता (Power) के बीच अटूट और अंतरंग संबंध स्थापित करती नजर आ रही है।
BMC प्रशासन का भ्रष्टाचार DMC जिम्मेदार..
‘ द मॉल ‘ (The Mall) के टेरेस पर ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण का मतलब है करोड़ों का लेनदेन! बेशक बिना बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के सक्षम और जिम्मेदार अधिकारियों (Officer’s) की अनुमति, सहमति के 3,000 (तीन हजार) वर्गफीट के अंतर्गत ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ बार & रेस्टोरेंट का गैरकानूनी निर्माण हो ही नहीं सकता !
Indian fasttrack newsमलाड बीएमसी किए the mall में कार्रवाई की तस्वीर
बता दें, कि दुय्यम अभियंता आनंद नेरूरकर के अनुसार बिना नक्शा पास कराए ही ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण को लेकर जो भी तोड़क कार्रवाई हुई है। वह सिर्फ कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति की गई है। क्योंकि हुसैन मकरानी के उक्त गैरकानूनी बार & रेस्टोरेंट के निर्माण को बचाने हेतु स्वयं डीएमसी (Deputy Municipal Commissioner) जिम्मेदार हैं। इतना कहकर अभियंता आनंद नेरूरकर ने अपनी वाणी को विराम दिया। बताया जा रहा है, कि ‘द मॉल ‘ की टेरेस पर बिना नक्शा पास कराए ही गैरकानूनी तरीके से बनाए गए ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) नामक बार & रेस्टोरेंट में एक कच्चे दीवाल का बांधकाम कर नई पार्टिशन डाली गई ताकि पी/नॉर्थ वार्ड तोड़क कार्रवाई कर इसकी खानापूर्ति कर सके।
ऐसे में पी/नॉर्थ, वार्ड की तरफ से बस हो गयो काम की इति! वहीं रिश्वत की आंच में अपनी नैतिकता की जांच को भुला बैठे है सहाय्यक आयुक्त किरण दीघावकर और डीओ राजन प्रभु ! क्या अवैध ढंग से दौलत कमाने के लिए कुख्यात हो चुके हैं पी/नॉर्थ, वार्ड के सक्षम और जिम्मेदार अधिकारी? जो यह सवाल आज भी यक्ष प्रश्न (Questions) की तरह मुंह बाए खड़ा है? ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ नामक बार & रेस्टोरेंट पर दिखावे के तौर पर की गई कार्रवाई की हमें घोर निन्दा (blasphemy) करनी चाहिए।
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इसके लिए एक निश्चित दंड विधान (penal law) बनाने की आवश्यकता है ताकि भ्रष्टाचार (Corruption) पर लगाम लगाया जा सके। मालाड (पश्चिम) स्थित ‘ द मॉल ‘ (the mall) की टेरेस पर बिना नक्शा पास कराए ही गैरकानूनी रूप से बनाए गए ‘ द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) नामक बार & रेस्टोरेंट पर राज्य सरकार और बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त (BMC Commissioner) इकबाल सिंह चहल उक्त मामले पर संज्ञान लेकर बिना नक्शा पास कराए ही बनाए गए ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ नामक बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण करने वालों के खिलाफ शिकायत मिलते ही जांच कराएं और फिर कानून (Law) के हवाले कर दें। आशा है, कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका भ्रष्टाचार (BMC Corruption) पर जीरो टॉलरेंस (Zero tolerance) की नीति अपनाएगी।
क्या इन्हें जीने का अधिकार नहीं है? ऐसा पूछा जा रहा है। मुंबई के अबोजवाड़ी झोपड़ा धारकों पर भरी बरसात में प्रशासन का कहर टूट पड़ा है। लगभग 250 झोपड़ाधारक हुए बेघर।
इस्माईल शेख मुंबई- मलाड पश्चिम मालवणी अंबोजवाड़ी का इलाका झोपड़पट्टी के लिए हमेशा से ही जाना जाता रहा है। यहां सरकार ने कुछ लोगों को शिफ्टिंग दिया हुआ है। तो वहीं कुछ भू माफियाओं ने जगह कब्जा कर वहां झोपड़े बनाकर लोगों को बेच दिए। अब उन झोपड़ों को प्रशासन खाली करने के लिए जद्दोजहद कर रही है। लेकिन भरी बरसात में लोगों को बेघर कर देना प्रशासन के लिए मुसीबत साबित हो गया है।
लोगों ने पूछा तो कहा गया, कि “कार्रवाई का हमें आदेश मिला है।” जब देश का कानून भी इसकी इजाजत नहीं देता, तो इन्हें आदेश किसने दिया। कानून के खिलाफ जाकर लोगों का घर तोड़ना यहां पर क्रूरता दिखाई पड़ रही है। फिलहाल यह जांच का विषय बना हुआ है। प्रशासन द्वारा कलेक्टर की जगह बता कर लगभग 250 घर तोड़ दिए हैं।
Indian fasttrack newsबेघर होने के बाद झोपड़ा धारक की तस्वीर
आपको जानकारी देते हुए बता की महाराष्ट्र की राज्य सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर इस तरह की तोड़क कार्यवाही पर अंकुश लगाने के लिए अध्यादेश जारी किया हुआ है, कि बरसाती मौसम में किसी को बेघर न किया जाय और हाईकोर्ट का भी ऐसे मामलों पर कानूनी प्रक्रिया को कुछ समय तक के लिए रोक देने को कहा गया है जबकि बरसाती मौसम में किसी को बेघर करना अन्याय पूर्वक कृत्य माना गया है।
तो क्या मालवणी अंभुजवाडी के झोपड़े को तोड़ने वाले कर्मचारी एवं अधिकारी क्या देश के कानून से बढ़कर हैं और कौन है जो इन्हें ऐसे आदेश जारी कर दिया है। जो गरीबों का घर तोड़ने के लिए इन सरकारी कर्मचारियों को मजबूर किया गया हो। फिलहाल इन सारे मुद्दों को स्थानीय विधायक एवं पूर्व राज्य मंत्री असलम शेख ने लोकसभा के मानसून सत्र में महाराष्ट्र सरकार के समक्ष सवाल उठाया है।
क्या इन्हें जीने का अधिकार नहीं है?
कांग्रेसी विधायक असलम शेख द्वारा पूछे गए सवालों को सुनने के बाद राज्य के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच किए जाने का आश्वासन दिया है। जांच तो चलता ही रहेगा मगर जिन लोगों का आशियाना भरी बरसात में तोड़ दिया गया उन मजबूर बेसहारा लोगों का क्या? जो आज भी अपने टूटे-फूटे सामानों को इकट्ठा कर वहीं बरसात में भीगते हुए दिन गुजारने के लिए मजबूर हैं। इनके घर तो तोड़ दिए गये। अब इनके स्वास्थ्य का क्या ? जो परिवार और बच्चों के साथ बरसात में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। क्या गरीब सिर्फ लोगों के अत्याचार सहने के लिए पैदा हुए है? ऐसा पूछा जा रहा है। क्या इन्हें जीने का अधिकार नहीं है?