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  • Malad Extortion Case: Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ की फिरौती मांगने वाला दिल्ली का व्यापारी गिरफ्तार

    Malad Extortion Case: Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ की फिरौती मांगने वाला दिल्ली का व्यापारी गिरफ्तार

    मुंबई के Malad में शेयर बाजार के एक व्यापारी से Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में Delhi के businessman Kailash Agarwal को Malad Police ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए VPN का इस्तेमाल किया था।

    मुंबई: Malad इलाके में Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। Malad Police ने इस मामले में दिल्ली के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो खुद को कुख्यात Bishnoi Gang का सदस्य बताकर एक शेयर बाजार के कारोबारी को लगातार धमकियां दे रहा था।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान Kailash Agarwal के रूप में हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पीड़ित का रिश्तेदार ही है और उसने business losses की वजह से यह साजिश रची थी।

    बार-बार कॉल कर मांगे 5 करोड़ रुपये

    पुलिस के अनुसार आरोपी कई दिनों से Malad में रहने वाले share market businessman को फोन कर रहा था। वह खुद को Bishnoi Gang से जुड़ा हुआ बताकर कारोबारी को धमकी देता था कि अगर ₹5 करोड़ की फिरौती नहीं दी गई तो उसे जान से मार दिया जाएगा।

    लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर पीड़ित कारोबारी ने आखिरकार Malad Police Station में शिकायत दर्ज कराई।

    लोकेशन छिपाने के लिए VPN का इस्तेमाल

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बहुत चालाकी से काम कर रहा था। वह हर बार फोन कॉल और मैसेज भेजते समय VPN system का इस्तेमाल करता था ताकि उसकी असली लोकेशन छिपी रहे।

    लेकिन पुलिस की technical investigation के जरिए आखिरकार उस VPN नेटवर्क को ट्रेस कर लिया गया।

    दिल्ली से किया गया आरोपी को गिरफ्तार

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी दिल्ली में मौजूद है। इसके बाद Malad Police Station के PSI Bachav और उनकी टीम तुरंत दिल्ली रवाना हुई।

    करीब एक हफ्ते की लगातार जांच और तकनीकी ट्रैकिंग के बाद पुलिस ने आरोपी Kailash Agarwal को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।

    आरोपी खुद भी बड़ा व्यापारी निकला

    पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। DCP Zone 11, Mumbai Police Sandeep Jadhav के अनुसार आरोपी खुद भी दिल्ली का एक बड़ा व्यापारी है और पीड़ित व्यक्ति का रिश्तेदार भी है।

    पुलिस के मुताबिक कारोबार में भारी आर्थिक नुकसान होने के कारण उसने यह पूरी साजिश रची थी।

    Bishnoi Gang के नाम से फैलाया डर

    पुलिस का कहना है कि आरोपी ने जानबूझकर Bishnoi Gang का नाम लेकर डर का माहौल बनाने की कोशिश की ताकि पीड़ित व्यक्ति जल्दी पैसे दे दे।

    उसने ₹5 करोड़ की बड़ी रकम वसूलने के लिए तकनीक और गैंगस्टर के डर का इस्तेमाल किया

    पुलिस कर रही है आगे की जांच

    अब Malad Police यह भी जांच कर रही है कि आरोपी का वास्तव में Bishnoi Gang से कोई संबंध है या नहीं

    इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस साजिश में और कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं

    पुलिस का कहना है कि अगर पीड़ित ने समय पर शिकायत नहीं की होती, तो आरोपी बड़ी रकम वसूलने में सफल हो सकता था।


    FAQ

    1. Malad में क्या मामला सामने आया है?

    Malad में एक व्यक्ति ने खुद को Bishnoi Gang का सदस्य बताकर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने की कोशिश की।

    2. आरोपी कौन है?

    आरोपी का नाम Kailash Agarwal है और वह दिल्ली का रहने वाला व्यापारी है।

    3. आरोपी ने अपनी लोकेशन कैसे छिपाई?

    आरोपी ने फोन कॉल और मैसेज करते समय VPN system का इस्तेमाल किया था।

    4. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?

    पुलिस ने आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया।

    5. आरोपी ने यह अपराध क्यों किया?

    पुलिस के अनुसार business losses और आर्थिक परेशानी के कारण उसने यह साजिश रची।

  • Malad Deep Sea Fire: मछली पकड़ने वाली ‘Sea Princess’ नाव में आग, एक खलाशी गंभीर रूप से जख्मी

    Malad Deep Sea Fire: मछली पकड़ने वाली ‘Sea Princess’ नाव में आग, एक खलाशी गंभीर रूप से जख्मी

    Malad Bhati Koliwada की Fishing Boat Sea Princess में deep sea fishing के दौरान stove या gas blast से भीषण आग लग गई। हादसे में एक खलाशी घायल हुआ और करीब 40 लाख रुपये का नुकसान बताया जा रहा है।

    मुंबई: मालाड इलाके से एक बड़ी खबर सामने आई है। भाटी कोळीवाड़ा के मछुआरों की Bhati Machhimar Sarvodaya Sahakari Society की महिला सदस्य Reshma Mozes Dhake की Sea Princess नाम की Fishing Boat में उस समय आग लग गई जब नाव गहरे समुद्र में Deep Sea Fishing कर रही थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक नाव में मौजूद stove या gas blast होने से अचानक आग भड़क गई।

    गैस या स्टोव ब्लास्ट से लगी आग

    प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक नाव पर खाना बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले stove या gas cylinder से अचानक भड़का उठने के बाद आग तेजी से फैल गई। समुद्र के बीचों-बीच आग लगने से नाव पर मौजूद मछुआरों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि बाकी खलाशी किसी तरह सुरक्षित रहे।

    एक खलाशी घायल, शताब्दी अस्पताल में भर्ती

    इस हादसे में नाव पर काम कर रहे एक खलाशी के दोनों पैरों और एक हाथ में चोट आई है। उसे तुरंत किनारे लाकर Kandivali के Shatabdi Hospital में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।

    Coast Guard और पुलिस को दी गई सूचना

    जैसे ही घटना की जानकारी मिली, तुरंत Indian Coast Guard, Fisheries Department और Yellow Gate Police को इसकी सूचना दी गई। समुद्र में आग लगने जैसी घटनाओं को देखते हुए संबंधित एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    नाव मालिक को करीब 40 लाख रुपये का नुकसान

    इस आग में नाव मालिक Reshma Dhake को लगभग 40 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। मछली पकड़ने के उपकरण और नाव का बड़ा हिस्सा आग में जलकर खराब हो गया।

    मुख्यमंत्री सहायता निधि से मदद की मांग

    हादसे के बाद Maharashtra Machhimar Kruti Samiti ने राज्य सरकार से मांग की है कि नाव मालिक Reshma Dhake को हुए भारी आर्थिक नुकसान को देखते हुए Chief Minister Relief Fund (CM Relief Fund) से आर्थिक मदद दी जाए।


    FAQ

    1. मालाड में Fishing Boat Fire कहां हुई?

    यह हादसा मुंबई के Malad के Bhati Koliwada इलाके से समुद्र में मछली पकड़ने गई नाव पर हुआ।

    2. किस नाव में आग लगी?

    Sea Princess नाम की Fishing Boat में आग लगी, जो Reshma Mozes Dhake की है।

    3. आग लगने की वजह क्या बताई जा रही है?

    शुरुआती जानकारी के अनुसार stove या gas blast की वजह से आग लगी।

    4. हादसे में कितने लोग घायल हुए?

    इस हादसे में एक खलाशी घायल हुआ है, जिसके दोनों पैरों और एक हाथ में चोट आई है।

    5. घायल खलाशी का इलाज कहां चल रहा है?

    उसे Kandivali के Shatabdi Hospital में भर्ती कराया गया है।

  • Malad Kurar Police Station में ACB की बड़ी कार्रवाई, ₹6.34 लाख कैश बरामद

    Malad Kurar Police Station में ACB की बड़ी कार्रवाई, ₹6.34 लाख कैश बरामद

    मालाड के कुरार पुलिस स्टेशन में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की बड़ी कार्रवाई। ₹1 लाख की रिश्वत लेते सीनियर इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार, केबिन से ₹6.34 लाख कैश बरामद। कोर्ट ने 23 फरवरी तक कस्टडी दी।

    मुंबई: मालाड इलाके में करप्शन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Anti-Corruption Bureau (ACB) ने कुरार पुलिस स्टेशन में छापा मारकर दो पुलिस अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सीनियर इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर ने ₹1 लाख की रिश्वत ली। छापेमारी के दौरान पुलिस स्टेशन के केबिन से ₹6.34 लाख कैश भी बरामद किया गया।

    📍 Kurar Police Station में ट्रैप ऑपरेशन

    यह पूरी कार्रवाई मालाड स्थित Kurar Police Station में हुई। ACB टीम ने शिकायत मिलने के बाद ट्रैप लगाया।

    जैसे ही आरोपियों ने शिकायतकर्ता से ₹1 लाख की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने तुरंत दोनों को पकड़ लिया। मौके पर ही गिरफ्तारी की गई, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

    👮 कौन हैं गिरफ्तार अधिकारी?

    गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में:

    • Sanjeev Tawade – सीनियर इंस्पेक्टर
    • Dnyaneshwar Junne – सब-इंस्पेक्टर

    बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता से किसी मामले में मदद के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। ACB ने शिकायत की पुष्टि के बाद पूरी प्लानिंग के साथ कार्रवाई की।

    💰 केबिन से मिला ₹6.34 लाख कैश

    गिरफ्तारी के बाद ACB ने पुलिस स्टेशन के केबिन की तलाशी ली। इस दौरान एक छिपी जगह से ₹6.34 लाख नकद बरामद हुआ।

    सूत्रों के मुताबिक, यह रकम कथित तौर पर अन्य लेन-देन से जुड़ी हो सकती है। फिलहाल ACB इस एंगल से भी जांच कर रही है कि यह पैसा किन मामलों से संबंधित है।

    ⚖️ कोर्ट ने 23 फरवरी तक दी कस्टडी

    दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 23 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। ACB अब बैंक अकाउंट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।

    मामले को लेकर पुलिस विभाग में भी आंतरिक जांच की संभावना जताई जा रही है।

    🔎 मुंबई में करप्शन पर सख्त एक्शन

    महाराष्ट्र ACB पिछले कुछ महीनों से लगातार रिश्वतखोरी के मामलों में कार्रवाई कर रही है। मालाड की यह घटना मुंबई पुलिस सिस्टम पर भी सवाल खड़े करती है।

    ACB अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी।


    ❓ FAQ

    Q1. ACB ने कितनी रकम बरामद की?
    👉 कुल ₹6.34 लाख नकद बरामद किए गए।

    Q2. किस पुलिस स्टेशन में कार्रवाई हुई?
    👉 मालाड के कुरार पुलिस स्टेशन में।

    Q3. रिश्वत की रकम कितनी थी?
    👉 ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए आरोपी पकड़े गए।

    Q4. आरोपियों को कब तक कस्टडी मिली है?
    👉 23 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

  • Sanjay Gandhi National Park Encroachers Notice 2026: दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 28 फरवरी

    Sanjay Gandhi National Park Encroachers Notice 2026: दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 28 फरवरी

    मुंबई के Sanjay Gandhi National Park (SGNP) में रहने वाले अतिक्रमणधारकों के लिए हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुनर्वसन प्रक्रिया तेज। 16,478 लोगों की प्राथमिक सूची जारी, 17 से 28 फरवरी 2026 तक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य।

    मुंबई: Sanjay Gandhi National Park (बोरीवली) क्षेत्र में रहने वाले अतिक्रमणधारकों के लिए वन विभाग ने बड़ी और अहम सूचना जारी की है। मा. उच्च न्यायालय, मुंबई के आदेश (जनहित याचिका क्र. 305/1995) के तहत पुनर्वसन प्रक्रिया को अंतिम चरण में लाया जा रहा है। अब सर्वे के आधार पर बनी प्राथमिक सूची के अनुसार दस्तावेज जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।

    📌 क्या है पूरा मामला? | Bombay High Court Order Update

    Bombay High Court के 07 मई 1997 के आदेश के अनुसार SGNP क्षेत्र में बचे हुए अतिक्रमणों का सर्वे कर पुनर्वसन की प्रक्रिया लागू की जानी है। इसी आदेश के पालन में सरकार ने अधिकृत एजेंसी M/s. Grant Thornton Bharat LLP के माध्यम से सर्वे कराया।

    इस सर्वे में कुल 16,478 अतिक्रमणधारकों की प्राथमिक सूची तैयार की गई है।


    📝 16,478 लोगों की प्राथमिक सूची जारी | Check Name Online

    Sanjay-Gandhi-National-Park-Encroachers-Notice-2026-Last-date-for-submission-of-documents-is-February-28-news

    वन विभाग ने यह प्राथमिक सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट
    👉 www.mahaforest.gov.in
    पर प्रकाशित कर दी है।

    साथ ही यह सूची SGNP बोरीवली के वन कार्यालयों और संबंधित पुनर्वसन कक्षों के नोटिस बोर्ड पर भी उपलब्ध है।

    अगर आपका नाम लिस्ट में है या नहीं है, लेकिन आप वन क्षेत्र में रह रहे हैं — तो यह आखिरी मौका है दस्तावेज जमा करने का।


    📂 कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं? | Required Documents for SGNP Rehabilitation

    पात्रता तय करने के लिए नीचे दिए गए दस्तावेज अनिवार्य हैं:

    1. 01 जुलाई 1995 की वोटर लिस्ट में नाम (फोटो कॉपी)
    2. पहले जमा किए गए ₹7,000 की रसीद (यदि लागू हो)
    3. वन विभाग द्वारा दिया गया झोपड़ी नंबर
    4. 01.07.1995 से 01.01.2011 तक वोटर लिस्ट में नाम का प्रमाण
    5. वोटर आईडी कार्ड
    6. आधार कार्ड / राशन कार्ड / अन्य पहचान पत्र

    👉 बिना दस्तावेज के पुनर्वसन पात्रता तय नहीं होगी।

    मुंबई के Sanjay Gandhi National Park क्षेत्र में वन विभाग द्वारा जारी पुनर्वसन नोटिस के अनुसार जिन-जिन अतिक्रमित नगरों/पाड़ों (Encroached Areas) को शामिल किया गया है, उनकी पूरी विस्तृत सूची नीचे दी जा रही है। यह जानकारी उन सभी रहिवासियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो पात्रता तय करने के लिए दस्तावेज जमा करने वाले हैं।


    📍 1️⃣ बोरीवली मुख्य प्रवेशद्वार क्षेत्र (SGNP Main Gate Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    पुनर्वसन कक्ष, जुने वनपरिक्षेत्र कार्यालय, मुख्य प्रवेशद्वार, SGNP बोरीवली

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • चिचपाडा
    • नवापाडा
    • रावणपाडा
    • केल्डाईपाडा
    • तुमणीपाडा
    • मलेपाडा
    • तलेपाडा
    • चुनापाडा
    • डॅमपाडा
    • धारखाडी
    • केतकी पाडा
    • केशव नगर
    • पांडे कम्पाउंड
    • अन्य आसपास के अतिक्रमित क्षेत्र

    📍 2️⃣ गौतम नगर – दामू नगर बेल्ट (Gautam Nagar Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    गौतमनगर संरक्षण कुटी, दामूनगर नाले के पास, लहुगड रोड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • दामू नगर
    • भीमनगर
    • सातारा कॅम्प
    • गांधी नगर
    • पाताचे पानी
    • आकारची भट्टी
    • देवी पाडा
    • चुनापाडा (इस बेल्ट का हिस्सा)
    • लहूगड
    • गौतम नगर
    • रामगड

    📍 3️⃣ अप्पापाडा – आनंदनगर क्षेत्र (Appapada Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    अप्पापाडा संरक्षण कुटी, आनंदनगर बस स्टॉप रोड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • क्रांती नगर
    • फुले नगर
    • आदिवासी नगर
    • कटिंग नं. 10
    • आंबेडकर नगर

    📍 4️⃣ मालाड – संजयनगर (पठाण वाडी) वन परिमंडल क्षेत्र

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    वन परिमंडल कार्यालय, संजयनगर (पठाण वाडी), मालाड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • जाम ऋषी नगर
    • पिंपरी पाडा
    • मावळे नगर / मोचीपाडा
    • बंजारी पाडा
    • संजयनगर / आंबा पाडा
    • वायशेत पाडा
    • मातंग गड
    • कलमाचा फोंडा
    • निंबोणी पाडा
    • बारीक पायरी / भाटूकली पाडा 1 व 2
    • डुक्कर भुजी पाडा

    📍 5️⃣ मुलुंड पश्चिम – खिंडीपाडा वन क्षेत्र

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    वन परिमंडल अधिकारी कार्यालय, खिंडीपाडा दरगाह रोड, मुलुंड पश्चिम

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • खिंडीपाडा
    • हनुमान पाडा
    • पंचशील नगर
    • राहुल नगर
    • शंकर टेकडी
    • पळस पाडा
    • घाटी पाडा
    • गणेश नगर
    • उलटन पाडा
    • साईबांगोड़ा रोड क्षेत्र

    ⚠️ जरूरी सूचना

    • ऊपर दिए गए सभी क्षेत्र SGNP वन सीमा (Forest Land) के अंतर्गत आते हैं।
    • इन सभी इलाकों के रहिवासियों को 17 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है।
    • केवल निर्धारित समय में दस्तावेज जमा करने वालों की ही पात्रता/अपात्रता तय की जाएगी।
    Sanjay-Gandhi-National-Park-Encroachers-Notice-2026-Last-date-for-submission-of-documents-is-February-28-news-1

    ⚠️ अंतिम चेतावनी | Last Chance for SGNP Encroachers

    वन विभाग ने साफ कर दिया है कि निर्धारित समय में दस्तावेज जमा करने वालों की ही पात्रता तय की जाएगी।
    यह मौका चूकने पर पुनर्वसन का दावा कमजोर हो सकता है।

    उपसंचालक (दक्षिण) किरण पाटील द्वारा 13 फरवरी 2026 को यह नोटिस जारी किया गया है।


    ❓ FAQ

    Q1. क्या सभी अतिक्रमित पाड़ों के नाम जारी कर दिए गए हैं?

    हाँ, वन विभाग द्वारा नोटिस में उल्लेखित सभी क्षेत्र ऊपर सूचीबद्ध हैं।

    Q2. अगर मेरा इलाका इस लिस्ट में है तो क्या करना होगा?

    निर्धारित केंद्र पर आवश्यक दस्तावेज जमा करना होगा।

    Q3. क्या अलग-अलग इलाकों के लिए अलग केंद्र बनाए गए हैं?

    हाँ, बोरीवली, गौतम नगर, अप्पापाडा, मालाड और मुलुंड के लिए अलग पुनर्वसन कक्ष निर्धारित हैं।

    Q4. SGNP में दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख क्या है?

    👉 28 फरवरी 2026।

    Q5. क्या जिनका नाम लिस्ट में नहीं है वे भी आवेदन कर सकते हैं?

    👉 हां, यदि वे वन क्षेत्र में रह रहे हैं तो दस्तावेज जमा कर सकते हैं।

    Q6. सूची कहां चेक करें?

    👉 www.mahaforest.gov.in और SGNP वन कार्यालयों में।

    Q7. कौन सा कोर्ट ऑर्डर लागू है?

    👉 बॉम्बे हाई कोर्ट, जनहित याचिका क्र. 305/1995।

  • मालाड में अवैध निर्माण पर चला BMC का बुलडोजर, 70 से ज्यादा ढांचे ध्वस्त

    मालाड में अवैध निर्माण पर चला BMC का बुलडोजर, 70 से ज्यादा ढांचे ध्वस्त

    मालाड के पी/उत्तर वार्ड में चुनाव के बाद BMC ने अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई की। मार्वे रोड और मालाड लिंक रोड पर 70 से ज्यादा अवैध ढांचे बुलडोजर से गिराए गए।

    मुंबई: बीएमसी चुनाव खत्म होते ही बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। मालाड के पी/उत्तर प्रभाग में शुक्रवार को मनपा ने सीधे बुलडोजर चलाकर बड़ी तोड़क कार्रवाई की। मार्वे रोड और मालाड लिंक रोड इलाके में करीब 70 से ज्यादा अवैध निर्माणों को जमींदोज किया गया। यह कार्रवाई प्रभाग प्रशासन की ओर से आगे भी जारी रहने के संकेत दिए गए हैं।

    🏙️ कहां-कहां हुई कार्रवाई?

    पी/उत्तर प्रभाग में यह तोड़क अभियान दो प्रमुख इलाकों में चलाया गया:

    • मार्वे रोड – साईकृपा नगर परिसर
    • मालाड लिंक रोड – वळ्नई (वलनई) इलाका

    दोनों ही जगहों पर चुनावी व्यस्तता का फायदा उठाकर अवैध निर्माण खड़े किए गए थे।

    👮‍♂️ किसके नेतृत्व में चली कार्रवाई?

    यह पूरी कार्रवाई की गई:

    • सहायक मनपा आयुक्त – कुंदन वळवी
    • झोन क्रमांक 4 की उपायुक्त – भाग्यश्री कापसे

    के नेतृत्व में। प्रभाग अधिकारी के आदेश पर मनपा की दो स्वतंत्र तोड़क टीमें मैदान में उतारी गईं।

    🔨 पहली टीम: मार्वे रोड पर 40 अवैध निर्माण ध्वस्त

    पहली तोड़क टीम:

    • सहायक अभियंता – राजेश सोनवणे
    • उपअभियंता – सुहास घोलप

    के नेतृत्व में साईकृपा नगर, मार्वे रोड इलाके में:

    • करीब 40 अवैध निर्माणों को पूरी तरह गिराया गया

    🧱 दूसरी टीम: मालाड लिंक रोड पर 30 ढांचे हटाए

    दूसरी टीम:

    • सहायक अभियंता – विजय मानकर
    • उपअभियंता – प्रशांत तावडे

    के नेतृत्व में वळ्नई परिसर, मालाड लिंक रोड पर:

    • लगभग 30 अवैध निर्माणों को निष्कासित किया गया

    🚧 चुनावी व्यस्तता का उठाया गया था फायदा

    मनपा अधिकारियों के मुताबिक:

    • चुनाव के दौरान प्रशासनिक व्यस्तता का फायदा उठाकर
    • बिना अनुमति और नियमों के
    • झोपड़ीनुमा और पक्के अवैध ढांचे खड़े कर दिए गए थे

    इन्हीं पर अब सीधी कार्रवाई की जा रही है।

    🚜 भारी बंदोबस्त में चला बुलडोजर

    इस संयुक्त तोड़क अभियान में शामिल थे:

    • 4 JCB मशीनें
    • 30 से ज्यादा मजदूर
    • 10 से अधिक मनपा अधिकारी-कर्मचारी

    किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए:

    • पूरे इलाके में कड़ा पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था

    🗣️ BMC का सख्त संदेश

    झोन 4 की उपायुक्त भाग्यश्री कापसे ने साफ कहा:

    “पी/उत्तर वार्ड में किसी भी हालत में अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।”


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. यह कार्रवाई किस इलाके में हुई?
    ➡️ मालाड के पी/उत्तर प्रभाग में, मार्वे रोड और मालाड लिंक रोड पर।

    Q2. कितने अवैध निर्माण हटाए गए?
    ➡️ करीब 70 से ज्यादा अवैध ढांचे।

    Q3. कार्रवाई किसके आदेश पर हुई?
    ➡️ सहायक मनपा आयुक्त कुंदन वळवी के आदेश पर।

    Q4. क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?
    ➡️ हां, मनपा ने साफ किया है कि कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

    Q5. क्या पुलिस बंदोबस्त था?
    ➡️ हां, पूरे इलाके में कड़ा पुलिस बंदोबस्त रखा गया था।

  • एरंगल मेला 2026: मालाड में BEST चलाएगा 57 अतिरिक्त बसें, जानें रूट और समय

    एरंगल मेला 2026: मालाड में BEST चलाएगा 57 अतिरिक्त बसें, जानें रूट और समय

    एरंगल मेला 2026 को देखते हुए BEST ने मालाड और आसपास के इलाकों में 57 अतिरिक्त बसें चलाने का ऐलान किया है। बस रूट, समय और पूरी जानकारी पढ़ें।

    मुंबई: मालाड (पश्चिम) में हर साल लगने वाले एरंगल मेले 2026 को लेकर BEST प्रशासन ने खास तैयारियां की हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए BEST ने मालाड और आसपास के इलाकों में कुल 57 अतिरिक्त बसें चलाने की घोषणा की है। ये बस सेवाएं सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक चलेंगी, जिससे एरंगल गांव और सेंट बोनावेंचर चर्च जाने वाले भक्तों को यात्रा में कोई परेशानी न हो।

    Erangal-Fair-2026-BEST-to-run-57-additional-buses-in-Malad-know-routes-and-timings-news
    मेले की फाइल तस्वीर

    ✝️ एरंगल मेला 2026 क्या है?

    एरंगल मेला हर साल जनवरी के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। यह धार्मिक मेला मालाड (पश्चिम) स्थित एरंगल गांव में सेंट बोनावेंचर चर्च में आयोजित होता है। इस मौके पर बड़ी संख्या में ईस्ट इंडियन समुदाय के लोग और अन्य श्रद्धालु मुंबई के अलग-अलग गांवों और इलाकों से यहां पहुंचते हैं।

    करीब पांच सौ साल पुराना यह चर्च पुर्तगाली काल में बना था और आज भी मुंबई के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है।

    🚌 57 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था

    BEST प्रशासन के अनुसार, इस साल एरंगल मेले के लिए पूरे दिन में 57 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। इन बसों का मकसद भारी भीड़ को संभालना और यात्रियों को सुरक्षित व सुविधाजनक सफर देना है।

    बस सेवाएं सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध रहेंगी।

    🛣️ कौन-कौन से रूट पर चलेंगी स्पेशल बसें?

    BEST की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इन रूट्स पर विशेष बस सेवाएं रहेंगी:

    🚍 रूट नंबर 271

    • मालाड स्टेशन (पश्चिम) – एरंगल गांव
    • मढ जेट्टी – एरंगल गांव

    🚍 रूट नंबर A-269

    • बोरीवली स्टेशन (पश्चिम) – मढ जेट्टी

    यात्रियों की संख्या को देखते हुए इन रूट्स पर जरूरत के हिसाब से बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाएगी।

    🚉 मालाड स्टेशन से खास सुविधा

    BEST अधिकारियों ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु लोकल ट्रेन से मालाड स्टेशन (पश्चिम) पहुंचते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मालाड स्टेशन से एरंगल गांव, मढ जेट्टी और मढ चौपाटी तक अतिरिक्त बस ट्रिप्स चलाई जाएंगी।

    👮‍♂️ अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती

    भीड़ और ट्रैफिक को संभालने के लिए BEST ने पास के डिपो से अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया है। इनमें शामिल हैं:

    • मगठाणे
    • पोईंसूर
    • दिंडोशी
    • गोरेगांव
    • ओशिवारा

    यहां से बस इंस्पेक्टर और ट्रैफिक अधिकारी अस्थायी रूप से तैनात रहेंगे।

    ⛪ सेंट बोनावेंचर चर्च का महत्व

    सेंट बोनावेंचर चर्च लगभग पांच शताब्दी पुराना है और पत्थर व चूने से बना है। चर्च में संगमरमर की पट्टिका लगी है, जिस पर इसका इतिहास दर्ज है। मेले से पहले नौ दिनों तक नवना (Novena) प्रार्थनाएं होती हैं, जिसके बाद मुख्य पर्व मनाया जाता है।

    मुंबई के अन्य इलाकों से आने वाले श्रद्धालु वर्सोवा से मढ जेट्टी तक फेरी लेकर भी चर्च पहुंच सकते हैं।

    🗣️ BEST की अपील

    BEST प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे एरंगल मेले के दौरान निजी वाहनों के बजाय इन अतिरिक्त बस सेवाओं का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें, ताकि ट्रैफिक कम रहे और यात्रा सुरक्षित बनी रहे।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. एरंगल मेला 2026 कब है?
    ➡️ जनवरी के दूसरे रविवार को।

    Q2. BEST कितनी अतिरिक्त बसें चला रहा है?
    ➡️ कुल 57 अतिरिक्त बसें।

    Q3. बस सेवाएं किस समय तक रहेंगी?
    ➡️ सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक।

    Q4. कौन से रूट सबसे अहम हैं?
    ➡️ रूट 271 (मालाड स्टेशन–एरंगल) और A-269 (बोरीवली–मढ जेट्टी)।

    Q5. चर्च तक पहुंचने का दूसरा तरीका क्या है?
    ➡️ वर्सोवा से मढ जेट्टी तक फेरी सेवा।

  • मालवनी में नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न, महिला डॉक्टर गिरफ्तार

    मालवनी में नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न, महिला डॉक्टर गिरफ्तार

    मुंबई के मालवनी इलाके में 12 साल की बच्ची से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में महिला डॉक्टर गिरफ्तार, POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज, जांच जारी।

    मुंबई: मालवनी (मालाड पश्चिम) इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला डॉक्टर पर 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। शिकायत के बाद मालवनी पुलिस ने 44 वर्षीय महिला डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट समेत भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। दिंडोशी स्थित विशेष POCSO कोर्ट ने आरोपी को पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

    क्लिनिक में इलाज के दौरान हुआ कथित उत्पीड़न

    पुलिस के अनुसार, पीड़ित बच्ची मालवनी इलाके में अपने परिवार के साथ रहती है और स्कूल में पढ़ती है। बुधवार सुबह करीब 10.30 बजे वह होंठ पर बने दर्दनाक छाले के इलाज के लिए पास ही स्थित एक क्लिनिक में गई थी। क्लिनिक उसी महिला डॉक्टर द्वारा संचालित बताया जा रहा है।

    आरोप है कि जांच के दौरान डॉक्टर ने बच्ची को बेड पर लेटने को कहा और फिर अनुचित शारीरिक हरकतें कीं। बच्ची के अनुसार, डॉक्टर ने उसकी मर्यादा भंग करने की कोशिश की, जिससे वह बुरी तरह डर गई।

    डरी-सहमी बच्ची ने घर जाकर बताया सच

    घटना के तुरंत बाद बच्ची क्लिनिक से बाहर निकली और सीधे घर पहुंचकर अपने माता-पिता को पूरी बात बताई। बेटी की आपबीती सुनकर परिवार सदमे में आ गया। बिना देर किए परिजन मालवनी पुलिस स्टेशन पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

    POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज, डॉक्टर गिरफ्तार

    बच्ची के बयान के आधार पर पुलिस ने महिला डॉक्टर के खिलाफ

    • भारतीय न्याय संहिता
    • POCSO एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act)

    की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। आरोपी को गिरफ्तार कर गुरुवार को दिंडोशी की विशेष POCSO अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने पुलिस हिरासत को मंजूरी दे दी।

    इलाके में आक्रोश, पुलिस कर रही गहन जांच

    इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में नाराजगी का माहौल है। स्थानीय लोग बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि

    • क्या आरोपी डॉक्टर के खिलाफ पहले भी कोई शिकायत थी
    • क्लिनिक में नियमों का पालन हो रहा था या नहीं
    • कहीं और पीड़ित तो सामने नहीं आएंगे

    फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां की है?
    ➡️ मुंबई के मालवणी (मालाड पश्चिम) इलाके की।

    Q2. पीड़िता की उम्र क्या है?
    ➡️ 12 साल।

    Q3. आरोपी कौन है?
    ➡️ 44 वर्षीय महिला डॉक्टर।

    Q4. किन धाराओं में केस दर्ज हुआ है?
    ➡️ भारतीय न्याय संहिता और POCSO एक्ट।

    Q5. आरोपी फिलहाल कहां है?
    ➡️ पुलिस हिरासत में, जांच जारी है।

  • फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    मुंबई के मालाड में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़ित गैस एजेंसी मालिक डर के कारण आत्महत्या करने दहाणू स्टेशन तक पहुंच गया था।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में फर्जी पुलिस अधिकारियों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। मालाड के एक एलपीजी एजेंसी मालिक से 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन ठगों की धमकियों से इतना डर फैल गया कि 39 वर्षीय पीड़ित घर छोड़कर दहाणू रेलवे स्टेशन पर आत्महत्या करने की सोच रहा था, जहां पुलिस ने समय रहते उसकी जान बचा ली।

    पत्नी की शिकायत से खुला पूरा मामला

    यह मामला तब सामने आया जब 15 दिसंबर को पीड़ित की पत्नी ने दिंडोशी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके पति अचानक घर छोड़कर चले गए हैं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह गंभीर मानसिक दबाव में था और खुद को फर्जी केस में फंसाया जाने से डर रहा था।

    गणपति पंडाल से शुरू हुई ठगी की कहानी

    पुलिस के मुताबिक, ठगी की शुरुआत सितंबर में हुई थी। पीड़ित ने अपने परिचित प्रवीण खेडेकर को गणपति पंडाल के लिए करीब ₹10,500 उधार दिए थे। कुछ समय बाद खेडेकर ने उससे ₹50,000 और मांगा जिसमें उसने मोबाइल ट्रांसफर एक अन्य नंबर पर करवाया।

    यहीं से शुरू हुआ फर्जी पुलिस कॉल का खेल

    “तुम पर मर्डर का शक है” – फर्जी जॉइंट सीपी की धमकी

    पैसे ट्रांसफर करने के बाद पीड़ित को एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस बताया और कहा कि
    ₹10,500 की रकम सुपारी देकर हत्या कराने की एडवांस पेमेंट है।
    इस धमकी से पीड़ित पूरी तरह डर गया।

    “तुम्हें बचाने के लिए हत्या कर दी” – फिर मांगे 2 लाख

    कुछ दिन बाद एक और कॉल आया, जिसमें ठग ने कहा कि खेडेकर को पीड़ित को बचाने के लिए मार दिया गया है, और अब इसके बदले ₹2 लाख देने होंगे
    इसके बाद लगातार कॉल आने लगे। हर बार रकम बढ़ती गई —
    ₹50,000 से शुरू होकर ₹7 लाख तक

    मुंबई पुलिस कमिश्नर बनकर मांगे 20 लाख

    ठगों में से एक ने खुद को “अविनाश शिंदे” नाम का पुलिस अधिकारी बताया। बाद में तो हद तब हो गई जब एक आरोपी ने खुद को मुंबई पुलिस कमिश्नर बताते हुए तुरंत गिरफ्तारी रोकने के लिए ₹20 लाख की मांग कर डाली।

    बुजुर्ग के जरिए होती थी नकद वसूली

    पीड़ित ने पुलिस को बताया कि जब भी वह नकद पैसे देता था, तो एक बुजुर्ग व्यक्ति सार्वजनिक गार्डन में आकर पैसे ले जाता था
    जांच में पता चला कि कई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन उसी बुजुर्ग के मोबाइल से किए गए थे।

    कर्ज लेकर दिए 99 लाख रुपये

    डर और धमकियों के चलते पीड़ित ने

    • करीब ₹80 लाख नकद
    • और ₹19 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर
      किए। इसके लिए उसने फाइनेंस कंपनियों से कर्ज भी लिया। फिर भी उसे लगने लगा कि उसकी गिरफ्तारी तय है।

    आत्महत्या के इरादे से दहाणू पहुंचा पीड़ित

    15 दिसंबर को वह घर छोड़कर चला गया। पुलिस ने उसे दहाणू रेलवे स्टेशन पर पाया, जहां वह आत्महत्या करने की हिम्मत जुटा रहा था
    एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “वह इतना डर चुका था कि उसे मरना ही एकमात्र रास्ता लग रहा था।”

    CDR जांच से तीनों आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले, जिससे

    • प्रवीण खेडेकर,
    • प्रवीण काटे
      और एक अन्य साथी का नाम सामने आया।
      तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बुजुर्ग ने दावा किया कि उसे ठगी की जानकारी नहीं थी और उसने सिर्फ अपना फोन इस्तेमाल करने दिया था।

    कानूनी कार्रवाई

    दिंडोशी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (उगाही) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच जारी है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: पीड़ित कौन है?
    A: मालाड का 39 वर्षीय एलपीजी गैस एजेंसी मालिक।

    Q2: ठगों ने कितनी रकम वसूली?
    A: कुल ₹99 लाख।

    Q3: पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया?
    A: तीन आरोपियों को।

    Q4: मामला किस थाने में दर्ज है?
    A: दिंडोशी पुलिस थाना।

  • 2025 में खरीदा कार लेकिन 2023 का कैसे मिला चालान? मुंबई के ई-चालान सिस्टम पर सवाल

    2025 में खरीदा कार लेकिन 2023 का कैसे मिला चालान? मुंबई के ई-चालान सिस्टम पर सवाल

    मुंबई के कांदीवली निवासी को 2025 में खरीदी कार पर 2023 का हेलमेट चालान मिला। इस अजीब मामले ने ट्रैफिक पुलिस के ई-चालान सिस्टम की बड़ी खामियों को उजागर किया।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई शहर में ई-चालान सिस्टम की एक चौंकाने वाली गलती सामने आई है। कांदीवली के रहने वाले एक स्कूल प्रिंसिपल को ऐसी कार पर हेलमेट न पहनने का चालान भेजा गया, जो उन्होंने चालान काटने के करीब दो साल बाद शो रूम से नई कार खरीदी की थी। मामला सामने आने के बाद अब ट्रैफिक पुलिस के डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    कार खरीदी 2025 में, चालान आया 2023 का

    कांदीवली निवासी राजेश यादव, जो पेशे से स्कूल प्रिंसिपल हैं, ने बताया कि उनके परिवार ने महिंद्रा XUV कार 14 फरवरी 2025 को खरीदी थी। लेकिन अक्टूबर 2025 में उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ई-चालान का मैसेज आया, जिसमें 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

    जब उन्होंने चालान की जानकारी खोली, तो हैरान रह गए। चालान की तारीख थी 5 जून 2023, यानी उस वक्त उनकी कार अस्तित्व में ही नहीं थी।

    Why-did-I-buy-a-car-in-2025-but-get-an-invoice-for-2023-Questions-about-Mumbai-e-challan-system-kandivali

    हेलमेट चालान और फोटो में दिखी बाइक

    राजेश यादव ने बताया कि चालान में लिखा था कि हेलमेट नहीं पहनने का अपराध किया गया है। उन्होंने मज़ाकिया लहजे में कहा,
    “एक पल के लिए मुझे लगा कि शायद अब कार चलाने वालों को भी हेलमेट पहनना पड़ेगा।”

    लेकिन जब उन्होंने चालान के साथ अटैच की गई तस्वीर देखी, तो उसमें साफ तौर पर दो लोगों की बाइक नजर आ रही थी, जिनमें से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। तस्वीर में दिख रहा वाहन उनकी कार से बिल्कुल अलग था।

    स्पीडिंग चालान सही थे, लेकिन ये मामला अलग

    यादव ने बताया कि अगस्त 2025 में वह अपनी मां को कोस्टल रोड के रास्ते बॉम्बे हॉस्पिटल ले जा रहे थे। उस दौरान उन्हें ओवरस्पीडिंग के दो चालान मिले थे, जिन्हें उन्होंने बिना किसी विवाद के तुरंत भर दिया।

    लेकिन अक्टूबर में आया यह हेलमेट चालान न सिर्फ गलत था, बल्कि कार के रजिस्ट्रेशन से पहले का था, इसलिए उन्होंने इसे भरने से इनकार कर दिया।

    ट्रैफिक विभाग ने माना “मानवीय गलती”

    ट्रैफिक विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह चालान असल में एक दोपहिया वाहन चालक के खिलाफ जारी किया गया था।
    वाहन नंबर में समानता होने की वजह से यह चालान गलती से राजेश यादव के मोबाइल नंबर पर चला गया।

    अधिकारी के मुताबिक,
    “यह मानवीय त्रुटि है। वाहन मालिक MTP ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कर चालान रद्द करवा सकता है।”

    ई-चालान सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

    इस घटना के बाद नागरिकों का कहना है कि कम से कम चालान भेजने से पहले यह तो जांच होनी चाहिए कि वाहन दोपहिया है या चारपहिया। बिना बुनियादी जांच के भेजे जा रहे चालान आम लोगों को मानसिक परेशानी और समय की बर्बादी का कारण बन रहे हैं।

    Timeline: पूरा मामला एक नज़र में

    • 📅 कथित अपराध की तारीख: 5 जून 2023
    • 🚗 कार खरीदने की तारीख: 14 फरवरी 2025
    • 📲 चालान मिलने की तारीख: 21 अक्टूबर 2025

    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1: क्या कार पर हेलमेट चालान लगाया जा सकता है?
    👉 नहीं, हेलमेट चालान केवल दोपहिया वाहनों पर लागू होता है।

    Q2: इस मामले में गलती किसकी थी?
    👉 ट्रैफिक विभाग के अनुसार, यह मानवीय गलती और नंबर मैचिंग की वजह से हुआ।

    Q3: गलत चालान मिलने पर क्या करें?
    👉 MTP ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कर चालान रद्द कराया जा सकता है।

    Q4: क्या चालान भरना जरूरी है?
    👉 नहीं, अगर चालान गलत है तो पहले स्पष्टीकरण लें।

  • मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड (वेस्ट) में खुदाई के दौरान सोना मिलने का झांसा देकर 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले इंटर-स्टेट गैंग को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया। गुजरात और पालघर से आरोपियों की धरपकड़, 15.45 लाख रुपये बरामद।

    मुंबई: जमीन की खुदाई के दौरान सोने के आभूषण मिलने का झांसा देकर मालाड इलाके में 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर इंटर-स्टेट गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। मुंबई पुलिस ने गुजरात और पालघर से इस गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है। मामले में अब तक 15.45 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। यह ठगी नवंबर के अंत से दिसंबर की शुरुआत के बीच की गई थी।

    Inter-state-gang-arrested-for-fake-gold-fraud-worth-Rs-25-lakh-in-Malad-news

    खुदाई में सोना मिलने का झांसा देकर ठगी

    पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता दिनेश मेहता (51), जो मालाड (वेस्ट) के सोमवारी बाजार स्थित अंकुर बिल्डिंग में रहते हैं, उनसे मुख्य आरोपी बाबूलाल भालाराम वाघेला (55) ने संपर्क साधा।
    आरोपी ने खुद को राजस्थान से जुड़ा बताते हुए राजस्थानी भाषा में बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया। उसने दावा किया कि नासिक में एक मंदिर के पीछे खुदाई के दौरान करीब 900 ग्राम सोने के आभूषण मिले हैं

    नमूना दिखाकर बनाया विश्वास

    आरोपी ने या तो आभूषण बेचने में मदद करने या सीधे बेचने का प्रस्ताव दिया। भरोसा दिलाने के लिए उसने कुछ पीले धातु के मोती नमूने के तौर पर दिए, जो जांच में असली सोना निकले। इसी भरोसे में आकर दिनेश मेहता ने 25 लाख रुपये नकद दे दिए और आभूषण अपने पास ले लिए।

    जौहरी की जांच में निकला नकली सोना

    कुछ समय बाद जब इन आभूषणों को जौहरी को दिखाया गया, तो वे पूरी तरह नकली पाए गए। ठगी का अहसास होते ही शिकायतकर्ता ने मालाड पुलिस से संपर्क किया।
    इसके बाद 5 दिसंबर 2025 को मालाड पुलिस स्टेशन में क्राइम रजिस्टर नंबर 883/25 के तहत मामला दर्ज किया गया।

    कानूनी धाराएं और जांच

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है।
    जांच के दौरान क्राइम डिटेक्शन टीम ने मालाड और कांदिवली (ईस्ट) सहित कई इलाकों के 100 से ज्यादा सरकारी और निजी CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।

    CCTV, कॉल डिटेल और चाल-ढाल से पहचान

    हालांकि CCTV फुटेज साफ नहीं थी, लेकिन पुलिस ने

    • शरीर की बनावट
    • चलने की चाल (gait analysis)
    • कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल डंप डेटा

    के आधार पर आरोपियों की पहचान की। लगातार तीन दिनों की मेहनत के बाद पुलिस को सफलता मिली।

    गुजरात और विरार से गिरफ्तारियां

    जांच में कुल पांच आरोपियों की पहचान हुई।

    • मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला को कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से गिरफ्तार किया गया।
    • उसके घर की तलाशी में 15.45 लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।
    • उसकी पत्नी कोकुबाई वाघेला (50) की भूमिका सामने आने पर उन्हें BNS की धारा 35(3) के तहत नोटिस दिया गया है।

    इसके बाद विरार (ईस्ट) से तीन अन्य आरोपी—
    मंगलाराम वागरी, केसराराम वागरी और भवरलाल वागरी—को गिरफ्तार किया गया।

    राजस्थान से जुड़े, पेशे से फोटो फ्रेम बनाने वाले आरोपी

    पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी मूल रूप से राजस्थान के जालोर जिले के रहने वाले हैं और अलग-अलग राज्यों में घूम-घूमकर ऐसी ठगी करते हैं।
    गिरफ्तार आरोपी पेशे से फोटो फ्रेम बनाने का काम करते हैं। मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला के खिलाफ गुजरात के कालोल तालुका और साबरमती पुलिस स्टेशन में पहले से भी ठगी के मामले दर्ज हैं।

    एक आरोपी फरार, तलाश जारी

    इस केस में गोविंद (उम्र करीब 30 वर्ष) नाम का एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
    बरामद रकम के अलावा बाकी पैसे और अन्य संपत्ति की रिकवरी की प्रक्रिया जारी है।

    पुलिस अधिकारियों की भूमिका

    इस पूरे मामले की जांच एपीआई अभिजीत काले और दीपक रैवाडे कर रहे हैं, जो वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण के मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. ठगी की रकम कितनी थी?
    25 लाख रुपये नकद।

    Q2. अब तक कितनी रकम बरामद हुई है?
    15.45 लाख रुपये।

    Q3. मुख्य आरोपी कहां से गिरफ्तार हुआ?
    कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से।

    Q4. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    चार आरोपी गिरफ्तार, एक फरार।

    Q5. कौन-सी धाराओं में केस दर्ज है?
    BNS की धारा 316(2), 318(4) और 3(5)।